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IPL में फाइनल वेन्यू पर अनिश्चितता, 2 टीमों को BCCI ने दी डेडलाइन

मुंबई  IPL 2026 को लेकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के सामने अपने घरेलू मैदान को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. शीर्ष सूत्रों के अनुसार, BCCI ने दोनों फ्रेंचाइजियों को 27 जनवरी तक यह जानकारी देने को कहा है कि वे अपने घरेलू मैच किन शहरों में खेलना चाहती हैं. RCB की पहली पसंद हमेशा से बेंगलुरु का एम चिन्नास्वामी स्टेडियम रही है, लेकिन राज्य सरकार के कुछ नए नियम अब फ्रेंचाइजी के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, स्टेडियम के बाहर की सड़क की जिम्मेदारी, वहां फायर ब्रिगेड की तैनाती और DJ की अनुमति ना मिलने जैसी शर्तें RCB को मंजूर नहीं हैं. RCB का मानना है कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियां फ्रेंचाइजी पर डाल रही है, जो कि सही नहीं है. इसी वजह से अब RCB, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के साथ मिलकर राज्य सरकार से बातचीत करेगी और फिर IPL गवर्निंग काउंसिल को अपना फैसला बताएगी. वहीं दूसरी ओर, राजस्थान रॉयल्स को जयपुर में IPL मैच ना मिलने का खतरा मंडरा रहा है. राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में लंबे समय से चुनाव नहीं हुए हैं, जिसके चलते जयपुर का वेन्यू BCCI के रडार पर है. सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक अनिश्चितता के कारण जयपुर को IPL मैचों से वंचित किया जा सकता है. अगर हालात नहीं सुधरे, तो राजस्थान रॉयल्स को अपने घरेलू मुकाबलों के लिए वैकल्पिक शहर तलाशने पड़ सकते हैं. अब देखना होगा कि 27 जनवरी की डेडलाइन से पहले दोनों फ्रेंचाइजी क्या फैसला लेती हैं.  

रायपुर में आईपीएल आयोजन की पहल: मुख्यमंत्री साय को आरसीबी का विशेष आमंत्रण

रायपुर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को टीम का आधिकारिक जर्सी भेंट कर रायपुर में प्रस्तावित आईपीएल मैच के आयोजन के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर आरसीबी के वाइस प्रेसिडेंट राजेश मेनन तथा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के संयुक्त सचिव प्रभतेज सिंह भाटिया उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों से युवाओं में खेल के प्रति उत्साह बढ़ेगा, खेल अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और राज्य को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रस्ताव रायपुर को एक उभरते हुए स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

BCCI ने दिया बड़ा बयान: मुस्ताफिजुर रहमान आईपीएल में खेलेंगे, बांग्लादेश को लेकर विरोध गलत

नई दिल्ली भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते राजनयिक तनाव के बावजूद तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान के इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए खेलने की संभावना बनी हुई है। मुस्ताफिजुर इस मिनी ऑक्शन में बिकने वाले इकलौते बांग्लादेशी खिलाड़ी रहे, जिन्हें KKR ने 9.20 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर खरीदा है। हालांकि, बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक अस्थिरता और हिंसक घटनाओं के कारण सोशल मीडिया पर केकेआर और बीसीसीआई की काफी आलोचना हो रही है और कुछ राजनीतिक नेताओं ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों को लीग से बाहर करने की मांग भी की है। इस विवाद पर भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की नीति अपनाई है। बीसीसीआई का कहना है कि वह सरकार के निर्देशों के बिना किसी भी खिलाड़ी पर प्रतिबंध नहीं लगाएगा। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए इनसाइड स्पोर्ट से कहा, "स्थिति संवेदनशील है। हम लगातार सरकार के संपर्क में हैं। फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है जिससे बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर बैन लगाया जाए। मुस्ताफिजुर आईपीएल खेलेंगे। बांग्लादेश कोई दुश्मन देश नहीं है"। बोर्ड वर्तमान में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ बांग्लादेशी खिलाड़ियों के वीजा संबंधी बातचीत भी कर रहा है। हालांकि, मुस्ताफिजुर की आईपीएल में पूरी उपलब्धता अभी भी कई कारकों पर निर्भर करेगी। अप्रैल में बांग्लादेश को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज खेलनी है और यदि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने एनओसी (NOC) देने से इनकार कर दिया, तो वह कई मैचों से बाहर रह सकते हैं। वीजा को लेकर बीसीसीआई अधिकारी ने कहा है कि, "मुस्ताफिजुर रहमान टी20 वर्ल्ड कप के लिए वीजा अप्लाई करेंगे, जिसे IPL के लिए बढ़ाया जाएगा। वीजा कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। बीसीबी की तरफ से भी एनओसी को लेकर कोई नकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं"। वर्तमान में बीसीसीआई पूरी तरह से भारत सरकार के अगले आदेश की प्रतीक्षा कर रहा है।

क्रिकेट और विवाद: उज्जैन संतों ने IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ियों के खेलने पर जताई आपत्ति

उज्जैन  बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और दो हिन्दुओं की हत्या पर भारत में भी बांग्लादेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। देश के कई शहरों में हिंदूवादी संगठन लगातार बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन कर उसे सबक सिखाने।  इधर, IPL 2026 के लिए खरीदे गए एकमात्र बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान का के विरोध में उज्जैन के साधु-संत भी मैदान में उतर गए हैं। रहमान को KKR ने 9.2 करोड़ की बोली लगाकर खरीदा है। सड़कों में विरोध की चेतावनी दरअसल, बांग्लादेश के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के बीच उज्जैन में साधु-संत भी अब मुखर हो गए हैं। उन्होंने भी बांग्लादेश के खिलाफ मोर्चा खोलकर आगामी IPL टूर्नामेंट में किसी भी बांग्लादेशी खिलाड़ी को नहीं खिलाने की चेतावनी दी है। संतों ने कहा की हमारे एक राज्य से भी छोटा देश हमें आंख दिखा रहा है। क्रिकेट के नाम पर हम उनकी झोली भरे ये नहीं चलेगा। जैसे पहले पाकिस्तान टीम का विरोध करते हुए बाला साहेब ठाकरे ने पिच खोदकर मैच रुकवाया था। वैसा ही इस बार नागा साधु संतो की टोली करेगी। संतो ने कहा की किसी भी बांग्लादेशी खिलाडी को खिलाया तो संत सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे। और मैच के दौरान हंगामा करेंगे। पिच उखाड़कर फेकेंगे ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के गादीपति महावीर नाथ ने कहा- बांग्लादेश के खिलाड़ी आईपीएल खेलने आए तो साधु समाज अब पिच उखाड़ने का काम करेगा। मैच के दौरान हंगामा करेंगे, हम अपनी भाषा में समझायेंगे। आईपीएल में करोड़ों रुपए देकर बांग्लादेश के खिलाडी को खरीदा जा रहा है। इनका बहिष्कार हो, उनको यहां से भगाया जाए। जिस तरह से पाकिस्तान के मैच के दौरान बाला साहेब ठाकरे ने पिच उखाड़ी थी उसी तरह हम नागा साधु भी एकत्रित होकर पिच उखाड़कर हंगामा करेंगे और खेलने नहीं देंगे। पीएम से एक्शन लेने की मांग रामादल अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रामेश्वर दास ने कहा बांग्लादेश हमारे एक राज्य से भी छोटा है, जहां हिन्दुओं को जलाया जा रहा है। पीएम को एक्शन लेना चाहिए। सरेआम उपद्रव कर रहे है। हिन्दुस्तान में क्रिकेटर की कमी है क्या, ऐसा करेंगे तो इनकी टीम खत्म करना चाहिए। महंत विशाल दास ने कहा कि देश के उद्योगपति भारत के खिलाड़ियों को प्रमोट करने की जगह बांग्लादेश के खिलाड़ियों को खिला रहे है। ऐसे लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। आईपीएल में बांग्लादेश के खिलाड़ियों को खरीद रहे है। अखिल भारतीय संत समिति उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो इनको खिला रहे। बांग्लादेश के साथ कोई मैच नहीं खेला जाना चाहिए।  

गलियों के क्रिकेट से IPL की चमक तक: 22 वर्षीय अक्षत रघुवंशी को LSG ने खरीदा

अशोकनगर   कभी अशोकनगर जैसे छोटे से शहर की गलियों के मैदानों में क्रिकेट का हुनर दिखाने वाला 22 वर्षीय अक्षत रघुवंशी अब विश्व की सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट लीग IPL में जौहर दिखाएगा. उसे मंगलवार को हुई आईपीएल नीलामी में लखनऊ सुपर जॉइंट्स टीम के प्रबंधकों ने 2 करोड़ 20 लाख रुपए देकर अपनी टीम में शामिल किया है. मंगलवार शाम जैसे ही यह सूचना शहर में आई तो खुशी की लहर दौड़ गई. घर के बाहर हुई आतिशबाजी आईपीएल नीलामी में खिलाड़ी अक्षय का नाम आने के बाद अक्षत के घर पहुंच कर सैकड़ों लोगों ने उनके माता-पिता और परिवार के लोगों को शुभकामनाएं दीं. इसी दौरान सेन तिराहे पर स्थित उनके मकान के बाहर सैकड़ों लोगों का जमावड़ा लग गया. घर के बाहर जमकर आतिशबाजी हुई और लोगों ने उनके माता-पिता और परिजनों को मिठाई खिलाते हुए खुशियां मनाईं. शाहबाजपुर के छोटे किसान का बेटा है अक्षत मूल रूप से अशोकनगर जिले के शाहबाजपुर गांव के किसान केपी रघुवंशी का 22 वर्षीय बेटा अक्षत रघुवंशी बीते कुछ वर्षों से क्रिकेट में नए पायदान चढ़ रहा है. अपनी प्रारंभिक शिक्षा अशोकनगर में ही लेने के बाद अक्षत को उसके पिता ने क्रिकेट में रुचि देखते हुए इंदौर की एक क्रिकेट अकादमी में प्रवेश दिलाया था. इसके बाद अक्षत ने पलट कर नहीं देखा. कई प्रतिष्ठित क्रिकेट टीमों की ओर से खेलते हुए अक्षत ने बीते वर्षों में जब रणजी ट्रॉफी को मध्य प्रदेश की टीम ने जीता, तो इस प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश की ओर से खेलते हुए अक्षत ने अहम भूमिका निभाई थी.  यहां तक पहुंचने वाला अशोकनगर का पहला खिलाड़ी अक्षत इसके बाद उसे मध्य प्रदेश की क्रिकेट टीम में अंडर 24 का कप्तान बनाया गया. हाल ही में हुई एक डोमेस्टिक लीग में अक्षत का प्रदर्शन शानदार रहा. जिससे उसने हर किसी का ध्यान खींचा. यही वजह रही कि जब आगामी आईपीएल लीग के लिए खिलाड़ियों की नीलामी हुई तो उसे 2.20 करोड़ जैसी बड़ी रकम चुकाकर लखनऊ सुपर जॉइंट्स ने अपनी टीम में शामिल कर लिया. अक्षत की इस सफलता पर उसके परिजनों को शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा हुआ है. यह पहली बार है कि क्रिकेट में अशोकनगर का कोई खिलाड़ी इस मुकाम तक पहुंचा है. बचपन से ही था क्रिकेट का शौक अक्षत के पिता केपी रघुवंशी ने बताया कि, ''हमारे बेटे को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था. वह हमेशा ही हमसे क्रिकेट के बारे में ही बात करता था. हमारा सपना है कि वह इंडिया क्रिकेट टीम में खेले.'' वहीं, अक्षत की मां अनुसूइया रघुवंशी ने भी बताया कि, "अक्षत को जब पता चला की उसे लखनऊ की टीम ने खरीद लिया है तो सबसे पहले उसने हमसे फोन पर बात की. हमें बेहद खुशी है कि हमारा बेटा इस मुकाम तक पहुंचा है. जल्द ही हम उसे इंडिया क्रिकेट टीम में खेलते हुए देखना चाहते हैं.'' वहीं, अक्षत के पिता केपी रघुवंशी के मित्रों से उसने वीडियो कॉल पर भी बात की.

एमपी के खिलाड़ी IPL में दिखाएंगे दम, जानिए 14 खिलाड़ियों का बेस प्राइस और बोली का मौका

दुबई  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन के लिए मिनी ऑक्शन आज दोपहर 2.30 बजे से अबू धाबी में शुरू होगा। इसमें मध्यप्रदेश के 14 प्लेयर्स पर बोली लगेगी। इसमें सबसे ज्यादा नजर व्यंकटेश अय्यर पर रहेगी। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 19वां सीजन के लिए मिनी ऑक्शन आज (16 दिसंबर) को होने वाला है। यह ऑक्शन अबू धाबी में दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगा। इसमें मध्यप्रदेश के 14 खिलाड़ियों पर बोली लगेगी। इनमें कई बड़े नाम मैदान में अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं। सबसे ज्यादा नजरें इंदौर के ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर पर होंगी। पिछली बार उन्हें केकेआर ने 23.75 करोड़ रुपए में खरीदा था। इस बार यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम उन्हें किस कीमत पर खरीदती है। 10 टीमों के पास है 237.55 करोड़ रुपए का पर्स     ऑक्शन में कुल 350 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। वहीं, केवल 77 खिलाड़ियों को ही टीमों में शामिल किया जाएगा। सभी 10 आईपीएल टीमों के पास 237.55 करोड़ रुपए का पर्स है। इस बार 40 खिलाड़ियों की बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए है। वहीं, 227 खिलाड़ियों की बेस प्राइस 30 लाख रुपए रखी गई है। 23.75 करोड़ रुपए का खिलाड़ी फिर से नीलामी में वेंकटेश अय्यर को पिछले आईपीएल में केकेआर ने 23.75 करोड़ रुपए में खरीदा था। इस बार उनका बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए है। पिछले पांच सालों तक अय्यर केकेआर का हिस्सा रहे थे। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन भी शानदार रहा है। वेंकटेश अय्यर: इंदौर के ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर पांच वर्षों तक कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़े रहने के बाद एक बार फिर नीलामी में उतरेंगे। इस बार उनका बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए रखा गया है। पिछले ऑक्शन में केकेआर ने उन्हें 23.75 करोड़ रुपए में खरीदा था और वह उस नीलामी के तीसरे सबसे महंगे खिलाड़ी रहे थे। फिलहाल वेंकटेश सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कुमार कार्तिकेय: मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेल चुके स्पिन गेंदबाज कुमार कार्तिकेय भी ऑक्शन लिस्ट में हैं। उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपए तय किया गया है। एमपीएल 2025 में रीवा जैगुआर की ओर से खेलते हुए उन्होंने 7 मैचों में 10 विकेट लिए थे। वह फिलहाल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खेल रहे हैं। कुलदीप सेन: रीवा के तेज गेंदबाज कुलदीप सेन को एक बार फिर नीलामी सूची में शामिल किया गया है। पिछली बार पंजाब किंग्स ने उन्हें उनके बेस प्राइस पर खरीदा था, हालांकि उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला और इस साल टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया। इस बार कुलदीप का बेस प्राइस 75 लाख रुपए है। कुलवंत खेजरोलिया: तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया अब तक पांच आईपीएल टीमों के लिए खेल चुके हैं। पिछले सीजन में वह गुजरात टाइटंस का हिस्सा थे, लेकिन टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया। आईपीएल 2025 में उन्होंने एक मैच में एक विकेट लिया था। एमपीएल 2025 में इंदौर पिंक पैंथर्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 5 मैचों में 5 विकेट लिए। उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपए है। अभिषेक पाठक: एमपीएल 2025 में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज अभिषेक पाठक का नाम भी नीलामी सूची में है। बुंदेलखंड बुल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 6 मैचों में 266 रन बनाए। टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 25 छक्के लगाने के साथ उनका स्ट्राइक रेट 246 रहा। उन्होंने 48 गेंदों में 133 रन की शतकीय पारी भी खेली। घरेलू टी20 क्रिकेट में अभिषेक ने 35 मैचों में 482 रन बनाए हैं। उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपए तय किया गया है। ऋषभ चौहान: एमपीएल 2025 में 192.5 स्ट्राइक रेट के साथ दूसरे सबसे तेज रन बनाने वाले बल्लेबाज ऋषभ चौहान भी ऑक्शन लिस्ट में हैं। ग्वालियर चीताज के लिए खेलते हुए उन्होंने 6 मैचों में 252 रन बनाए और मध्यप्रदेश में दूसरे सबसे ज्यादा 19 छक्के लगाए। घरेलू क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। बेस प्राइस 30 लाख रुपए। मंगेश यादव: एमपीएल 2025 में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज मंगेश यादव ने अपनी तेज गेंदबाजी से सबका ध्यान खींचा। ग्वालियर चीताज के लिए खेलते हुए उन्होंने 6 मैचों में 14 विकेट लिए। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें पहली बार मध्यप्रदेश की घरेलू टीम और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में जगह मिली। मंगेश का बेस प्राइस 30 लाख रुपए है। ऋतिक टाडा: ऑलराउंडर ऋतिक टाडा ने एमपीएल 2025 में 6 मैचों में 173 रन बनाए, जबकि पूरे टूर्नामेंट में उनका स्ट्राइक रेट 216 रहा। एमपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें घरेलू टीम में जगह मिली और अब वह आईपीएल नीलामी सूची में शामिल हैं। अक्षत रघुवंशी: अशोकनगर के बल्लेबाज अक्षत रघुवंशी ने एमपीएल 2025 में शानदार प्रदर्शन किया। इंदौर पिंक पैंथर्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने 4 मैचों में 239 रन बनाए और टूर्नामेंट में शतक लगाने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल रहे। पिछली नीलामी में उन पर बोली नहीं लगी थी। इस बार उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपए रखा गया है। सागर सोलंकी: रीवा जैगुआर के लिए खेलने वाले ऑलराउंडर सागर सोलंकी ने एमपीएल 2025 में 7 मैचों में 146 रन बनाने के साथ गेंदबाजी में 4 विकेट भी लिए। उनके ऑलराउंड प्रदर्शन ने उन्हें ऑक्शन लिस्ट में जगह दिलाई। सौम्य पांडे: स्पिनर सौम्य पांडे को एक बार फिर आईपीएल नीलामी सूची में शामिल किया गया है। एमपीएल 2025 में उन्होंने 6 मैचों में 6 विकेट लिए। वह भारत की अंडर-19 वर्ल्ड कप 2024 टीम का हिस्सा रहे हैं, जहां उन्होंने 7 मैचों में 18 विकेट लिए थे। हालांकि पिछले ऑक्शन में उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला था। इस बार उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपए है। शिवांग कुमार: भोपाल लेपर्ड के लिए खेलने वाले ऑलराउंडर शिवांग कुमार ने एमपीएल 2025 में 7 मैचों में 120 रन और 5 विकेट लिए, जिसमें 42 गेंदों पर 91 रन की विस्फोटक पारी भी शामिल है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अब तक उन्होंने 4 विकेट लिए हैं। उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपए रखा गया है। शिवम शुक्ला: लेग स्पिनर शिवम शुक्ला को एमपीएल और घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के चलते आईपीएल 2026 ऑक्शन की सूची में जगह मिली है। एमपीएल 2025 में उन्होंने 7 … Read more

IPL में बड़ा धमाका: धोनी के संन्यास की चर्चा, संजू-जडेजा टीम बदल सकते हैं

 मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के लिए मिनी ऑक्शन 15 दिसंबर को आयोजित किया जा सकता है. इस ऑक्शन से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच होने वाली संभावित ट्रेड डील की चर्चा जोरों पर है. रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन ट्रेड होकर सीएसके में शामिल हो सकते हैं. इसके बदले सीएसके से रवींद्र जडेजा और सैम करन रॉयल्स में जा सकते हैं. पांच बार की चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स संजू सैमसन को अपना अगला कप्तान देख रही है, जो इस ट्रेड डील के पीछे की मुख्य वजह है. यह भी माना जा रहा है कि महेंद्र सिंह धोनी का ये आखिरी आईपीएल सीजन होगा. उसके बाद संजू सीएसके के विकेटकीपर की भी भूमिका संभालेंगे. पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ का मानना है कि चेन्नई सुपर किंग्स सिर्फ विकेटकीपर के तौर पर संजू सैमसन को नहीं ला रही, बल्कि टीम उन्हें भविष्य के कप्तान के रूप में देख रही है. उन्होंने कहा कि जिस तरह रवींद्र जडेजा को ट्रेड के जरिए राजस्थान रॉयल्स में भेजा जा सकता है, वह संकेत दे रहा है कि सीएसके संजू को कप्तानी सौंपने की तैयारी कर रही है. कैफ ने यहां तक कहा कि धोनी आईपीएल 2026 के बीच में ही संन्यास ले ले सकते हैं और संजू को तुरंत बागडोर सौंपी जा सकती है. यानी ऋतुराज गायकवाड़ से कप्तानी ली जा सकती है इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के लिए मिनी ऑक्शन से पहले रवींद्र जडेजा और संजू सैमसन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है. कहा जा रहा है कि राजस्थान रॉयल्स (RR) अपने कप्तान संजू को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के स्टार ऑलराउंडर्स जडेजा और सैम करन के बदले ट्रेड कर सकती है. हालांकि ये सिर्फ अभी अफवाह है और आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है. खिलाड़ियों के ट्रेड के लिए विंडो आईपीएल 2025 की समाप्ति के एक महीने बाद ही खुल गई थी. आईपीएल के मिनी ऑक्शन से एक हफ्ते पहले तक यह विंडो ओपन रहेगी. फिर मिनी ऑक्शन के बाद यह विंडो दोबारा खोली जाएगी और आईपीएल 2026 की शुरुआत से एक महीने पहले बंद होगी. आईपीएल में ट्रेडिंग विंडो साल 2009 में शुरू हुई थी. हर ट्रेड के लिए आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल की मंजूरी जरूरी होती है. आईपीएल में ट्रेड दो प्रकार के होते हैं. पहला है वन-वे ट्रेड, जिसमें एक खिलाड़ी टीम A से टीम B में सिर्फ पैसों के बदले जाता है. इस ट्रेड में टीम B जहां खिलाड़ी को खरीदती है, वहीं टीम A को पूरी रकम मिलती है. टीम A को कोई खिलाड़ी वापस नहीं मिलता. उदाहरण के लिए मुंबई इंडियंस (MI) ने हार्दिक पंड्या को 15 करोड़ रुपये में गुजरात टाइटन्स (GT) से अपनी टीम में लिया था. लेकिन गुजरात को मुंबई की ओर से कोई खिलाड़ी वापस नहीं मिला. धोनी बीच में ही टीम छोड़ देंगे: कैफ मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'दोनों (धोनी और जडेजा) 2008 से आईपीएल खेल रहे हैं. जब से जडेजा सीएसके में गए हैं, वो इस टीम से बने हुए हैं. अगर यह ट्रेड सफल रहा, तो यह धोनी का आखिरी सीजन होगा. यह भी संभावना है कि धोनी बीच में ही टीम छोड़ दें. अगर संजू टीम में शामिल हो जाते हैं, तो वह मैनेजमेंट और धोनी के साथ सहज हो जाएंगे. ऐसे में धोनी संजू को टीम की कमान संभालने के लिए कह सकते हैं. वो जडेजा को छोड़ रहे हैं, जो सालों से उनके लिए मैच विनर रहे हैं. लेकिन उन्हें एक भविष्य के कप्तान की जरूरत है.' मोहम्मद कैफ आगे कहते हैं, 'उन्होंने जडेजा को भी कप्तान बनाया था, लेकिन वह चीजों को मैनेज नहीं कर पाए. उन्हें नेतृत्व करना पसंद नहीं था.  बीच सीजन में उन्होंने कहा कि वह कप्तानी छोड़ रहे हैं. सभी खिलाड़ी आईपीएल में कप्तानी नहीं कर सकते. दीर्घकालिक योजना को ध्यान में रखते हुए धोनी जडेजा की जगह एक ऐसे खिलाड़ी को लाना चाहते हैं, जो कप्तानी संभाल सके.' महेंद्र सिंह धोनी की इच्छा चेन्नई में अपना आखिरी आईपीएल मैच खेलने की है. धोनी ने आईपीएल 2021 में ये बात कही थी. फिर धोनी ने 2022, 2023, 2024, 2025 सीजन में भी भाग लिया. अब वो अगले सीजन की तैयारी में जुटने वाले हैं. सामान्य स्थितियों में सीएसके कभी जडेजा को नहीं छोड़ती. लेकिन जडेजा भी अब करियर के आखिरी चरण में पहुंच रहे हैं. सीएसके को अब अगले 5-6 सालों के लिए टीम तैयार करनी है. दूसरा है टू-वे ट्रेड, जिसमें फ्रेंचाइजी टीम्स आपस में खिलाड़ी बदलती हैं. अगर दोनों खिलाड़ियों की कीमत अलग-अलग है, तो रकम में जितना अंतर होता है, उतनी रकम एक टीम दूसरी टीम को देती है. यानी खिलाड़ियों की अदला-बदली तो होती ही है, साथ ही कैश एडजस्टमेंट भी होता है. क्या खिलाड़ी की सहमति जरूरी है? किसी भी खिलाड़ी को उसकी मर्जी के बिना ट्रेड नहीं किया जा सकता. इसके लिए खिलाड़ी की लिखित सहमति लेना अनिवार्य है. उदाहरण के लिए हार्दिक पंड्या ने खुद मुंबई इंडियंस में लौटने की इच्छा जताई थी, उसके बाद ही ट्रेड की प्रक्रिया शुरू हुई थी. अगर फ्रेंचाइजी टीम खिलाड़ी को छोड़ना नहीं चाहती, तो भी ट्रेड नहीं हो सकता. जडेजा को क्यों बैन किया गया था? साल 2010 में रवींद्र जडेजा ने राजस्थान रॉयल्स के साथ नया कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया और मुंबई इंडियंस से सीधे बातचीत शुरू कर दी थी. यह आईपीएल में ट्रेड नियमों का उल्लंघन था, इसलिए उन्हें 1 सीजन के लिए सस्पेंड किया गया था. यानी खिलाड़ी तभी ट्रेड के लिए दूसरी टीम से बातचीत कर सकता है, जब उसकी टीम तैयार हो. ट्रांसफर फीस क्या होती है? ट्रांसफर फीस वह अतिरिक्त रकम है, जो एक फ्रेंचाइजी टीम किसी खिलाड़ी को खरीदने के दौरान दूसरी फ्रेंचाइजी टीम को देती है. यह प्लेयर प्राइस से अलग होती है. यह राशि ऑक्शन पर्स पर असर नहीं डालती. यह दोनों टीमों की आपसी सहमति से तय होती है. इसकी जानकारी सिर्फ आईपीएल और संबंधित फ्रेंचाइजी टीम्स को रहती है. खिलाड़ी को ट्रांसफर फीस में हिस्सा मिलता है? खिलाड़ी को ट्रांसफर फीस का 50 प्रतिशत तक मिल सकता है, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं होती है. यह खिलाड़ी और टीम के … Read more

फीकी पड़ी क्रिकेट की सबसे बड़ी लीग! IPL को दो साल में ब्रांड वैल्यू में ₹16,400 करोड़ का झटका

 मुंबई  भारतीय क्रिकेट का सबसे लोकप्रिय टूर्नामेंट इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) अब फिर से अपने हाई वैल्यू से नीचे आ गया है. D&P एडवाइजरी की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में आईपीएल का इकोसिस्टम वैल्यू 76,100 करोड़ (लगभग $8.8 बिलियन) तक गिर गया है. यह गिरावट पिछले दो सालों में लगातार दूसरे साल हुई है. 2023 में आईपीएल का वैल्यू 92,500 करोड़ था, जबकि 2024 में यह 82,700 करोड़ तक आ गया था. रिपोर्ट में बताया गया है कि इस गिरावट के मुख्य कारण ऑनलाइन गेमिंग पर रोक और मीडिया राइट्स में मर्जर हैं. इसके अलावा एडवर्टाइजमेंट बाजार में धीमी ग्रोथ और खिलाड़ियों की बढ़ती फीस ने फ्रेंचाइजी के प्रॉफिट पर दबाव डाला है. मीडिया राइट्स में कम कॉम्पिटिशन 2024 में डिज्नी स्टार और वायकॉम18 का मर्जर हुआ, जिसके बाद अब टीवी और डिजिटल प्रसारण का काम मुख्य रूप से एक ही चैनल JioStar के हाथ में है. पहले जहां मीडिया अधिकारों की नीलामी में कई कंपनियां भाग लेती थीं और कीमतें ऊंची होती थीं, अब कॉम्पिटिशन कम होने के कारण मीडिया राइट्स की वैल्यू घट गई है. यही वजह है कि आईपीएल का कुल इकोसिस्टम वैल्यू भी गिर गई है.  ऑनलाइन गेमिंग पर रोक से नुकसान 2025 में लागू हुई प्रमोशन और रेकुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट ने रियल मनी गेमिंग और उनके एडवर्टाइजमेंटों पर रोक लगा दी. इससे आईपीएल को लगभग 1,500–2,000 करोड़ का सलाना एडवर्टाइजमेंट और स्पॉन्सरशिप का नुकसान हुआ. पहले फैंटेसी और गेमिंग कंपनियां फ्रंट-ऑफ-शर्ट स्पॉन्सरशिप और डिजिटल एडवर्टाइजमेंटों में बड़ी रकम देती थीं. अब उनकी अनुपस्थिति से एडवर्टाइजमेंट दरें कम हुईं और ब्रांड वैल्यू भी घट गया. फ्रेंचाइजी के लाभ पर दबाव आईपीएल में खिलाड़ियों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि स्पॉन्सरशिप और ब्रांड डील्स स्थिर बनी हुई हैं. इससे फ्रेंचाइजी की लाभप्रदता पर दबाव बढ़ा है. महंगे खिलाड़ियों के कारण टीमें अपने खर्चों को कवर करने में मुश्किल महसूस कर रही हैं. ऐसे में टूर्नामेंट की कुल आर्थिक शक्ति और निवेशकों का उत्साह कम हुआ है. दर्शकों में कम हुई रुचि  दुनिया भर में कई क्रिकेट लीग्स के चलते दर्शकों का ध्यान विभाजित हो गया है. IPL के मैचों के बीच दूसरी लीग्स और टूर्नामेंट्स का दबाव भी बढ़ गया है. हालांकि 2025 में IPL ने एक अरब से अधिक दर्शक आकर्षित किए, डिजिटल दर्शक पहली बार टीवी दर्शकों से ज्यादा हुए, लेकिन ग्लोबल क्रिकेट थकान के कारण कुछ हद तक दर्शकों की उत्सुकता घट रही है. नई विकास रणनीति क्या हो सकती है? D&P एडवाइजरी के मैनेजिंग पार्टनर संतोष एन का कहना है कि आईपीएल और WPL दोनों लीग्स की बुनियादी ताकतें मजबूत हैं. अगले विकास चरण के लिए जरूरी है कि लीग वोलाटाइल सेक्टर्स जैसे गेमिंग पर निर्भरता कम करे और नए फील्ड में स्पॉन्सरशिप बढ़ाए, जैसे ऑटो, फिनटेक, हेल्थकेयर और ईस्पोर्ट्स. साथ ही ग्लोबल स्ट्रीमिंग कंपनियों जैसे नेटफ्लिक्स, अमेजन और एप्पल को शामिल करके मीडिया राइट्स में कॉम्पिटिशन बढ़ाना होगा.  WPL की बात करें तो 2025 में इसकी वैल्यू भी 5.6% घटकर ₹1,275 करोड़ हो गई. बावजूद इसके WPL के 2025 संस्करण में टीवी रेटिंग 150% और डिजिटल व्यूअरशिप 70% बढ़ी, स्टेडियम लगभग पूरे भरे रहे और मैचों के दौरान ट्रेवल एक्टिविटी भी बढ़ी. IPL 2025 की कुल वैल्यू कितनी है? IPL 2025 के कुल इकोसिस्टम की वैल्यू 76,100 करोड़ ($8.8 बिलियन) है, जो पिछले दो सालों में लगातार गिरावट दिखाता है. IPL की वैल्यू गिरने के मुख्य कारण क्या हैं? ब्रांड वैल्यू गिरने का मुख्य कारण हैं डिजनी स्टार और वायकॉम18 का मीडिया मर्जर, ऑनलाइन गेमिंग विज्ञापनों पर रोक, खिलाड़ियों की बढ़ती लागत और धीमी विज्ञापन वृद्धि. ऑनलाइन गेमिंग पर रोक का IPL पर क्या असर पड़ा? रियल मनी गेमिंग और उसके विज्ञापनों पर रोक से IPL को लगभग 1,500–2,000 करोड़ का सालाना विज्ञापन और स्पॉन्सरशिप नुकसान हुआ. क्या दर्शकों की रुचि IPL से कम हो रही है? 2025 में IPL ने 1 अरब से अधिक दर्शक आकर्षित किए, लेकिन ग्लोबल क्रिकेट लीग्स और टूर्नामेंट्स के चलते दर्शकों की क्षमता कुछ हद तक घट रही है. IPL के भविष्य में मूल्य बढ़ाने के लिए क्या किया जा सकता है? लीग को नई स्पॉन्सरशिप क्षेत्रों में विस्तार करना चाहिए जैसे ऑटो, फिनटेक, हेल्थकेयर, ईस्पोर्ट्स और ग्लोबल स्ट्रीमिंग पार्टनर्स को शामिल करके मीडिया राइट्स में प्रतिस्पर्धा बढ़ानी चाहिए.  

IPL देखना जेब पर भारी, टिकट रेट में 40% GST से लगी महंगाई की मार

मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मैच देखने के लिए फैन्स को अब ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ेगे. कहने का मतलब ये है कि आईपीएल के टिकट्स अब पहले की तुलना में और महंगे हो जाएंगे. 3 सितंबर (बुधवार) को जीएसटी काउंसिल ने फैसला लिया कि आईपीएल और इसी तरह के बड़े खेल आयोजनों के टिकट्स पर अब 40 प्रतिशत जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लगाया जाएगा.  पहले आईपीएल टिकट्स पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता था. अब आईपीएल टिकटों को उच्चतम टैक्स स्लैब (40 प्रतिशत) में शामिल कर दिया गया है, जिसमें कैसिनो, रेस क्लब और लग्जरी प्रोडक्ट्स भी शामिल हैं. इस फैसले के बाद आईपीएल टिकटों की कीमत में सीधा असर दिखेगा. पहले 500 रुपये का आईपीएल टिकट जीएसटी जोड़ने पर 640 रुपये में मिलता था. अब ये 700 रुपये में मिलेगा. यानी 60 रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे. उसी तरह 1000 का टिकट अब 1400 पड़ेगा. पहले ये 1,280 रुपये में मिलता था. यानी 120 रुपये ज्यादा देने होंगे. वहीं 2000 के टिकट की कुल कीमत अब 2800 होगी. पहले जीएसटी जोड़ने पर ये 2,560 रुपये में मिलता था. यानी 2000 के टिकट पर 240 रुपये और खर्च करने पड़ेंगे. इंटरनेशनल मैचों के टिकट्स पर कितना GST? खास बात यह है कि इंटरनेशनल और अन्य क्रिकेट मैचों के टिकट पर पहले की तरह ही 18 प्रतिशत जीएसटी लागू रहेगा. केवल आईपीएल और प्रीमियम लीग्स को 40 प्रतिशत टैक्स स्लैब में रखा गया है. सरकार का कहना है कि यह कदम रेवेन्यू अलाइनमेंट और अनावश्यक लग्जरी खर्च पर टैक्स बढ़ाने के लिए उठाया गया है. इस फैसले के बाद स्टेडियम में जाकर आईपीएल मैच देखना तो महंगा हो ही गया है. बता दें कि दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग इंडियन प्रीमियर लीग के अब तक 18 सीजन हो चुके हैं. पिछले सीजन का खिताब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने जीता था. तब उसने फाइनल में पंजाब किंग्स (PBKS) को 6 रनों से पराजित किया था. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और मुंबई इंडियंस (MI) आईपीएल की सबसे सफल टीम्स हैं. दोनों टीम्स पांच-पांच आईपीएल खिताब जीत चुकीं हैं.

IPL 2025 टिकट घोटाले पर गिरी गाज, हैदराबाद क्रिकेट बॉडी के अध्यक्ष जगन मोहन राव गिरफ्तार

हैदराबाद  हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) के अध्यक्ष ए. जगन मोहन राव को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 सीजन से जुड़े टिकट घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने गिरफ्तार किया. राव के साथ HCA के चार अन्य वरिष्ठ अधिकारी- कोषाध्यक्ष सी. श्रीनिवास राव, CEO सुनील कांते, महासचिव राजेंद्र यादव और उनकी पत्नी जी. कविता  को तेलंगाना CID ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. ये गिरफ्तारियां नि:शुल्क मैच टिकटों के वितरण से जुड़ी जालसाजी, वित्तीय गड़बड़ी और दबाव डालने की गतिविधियों के आरोपों के बाद हुईं. तेलंगाना क्रिकेट एसोसिएशन (TCA) के महासचिव धरम गुराव रेड्डी द्वारा 9 जून को दर्ज कराई गई शिकायत के बाद यह मामला दर्ज किया गया. इस शिकायत के आधार पर सीआईडी ​​ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिनमें धारा 465 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करना), 403 (संपत्ति का बेईमानी से गबन), 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) , 420 (धोखाधड़ी), साथ ही धारा 34 (साझा इरादे से कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) शामिल हैं. आरोप है कि राव ने एचसीए चुनाव लड़ने के लिए एक जाली दस्तावेज पेश किया था. एचसीए द्वारा आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) पर निर्धारित सीमा से ज्यादा कॉम्प्लिमेंट्री टिकट देने के लिए दबाव डालने के प्रयासों से जुड़े और भी आरोप सामने आए हैं. एसआरएच, एचसीए और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते के अनुसार, एचसीए को 3,900 कॉम्प्लिमेंट्री टिकट मिलने चाहिए , जो स्टेडियम की क्षमता के 10% के बराबर है. हालांकि एचसीए अधिकारियों ने कथित तौर पर अतिरिक्त 10% की मांग की, जिसे एसआरएच ने अस्वीकार कर दिया. फ्रेंचाइजी ने यह भी आरोप लगाया कि राव ने 27 मार्च को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ एसआरएच के मैच से कुछ घंटे पहले कॉर्पोरेट बॉक्स पर ताला लगा दिया और 20 अतिरिक्त कॉम्प्लिमेंट्री टिकटों की मांग की. एसआरएच ने दावा किया कि इस कार्रवाई ने एचसीए और बीसीसीआई के साथ हुए त्रिपक्षीय समझौते का उल्लंघन किया है, जिसके तहत एसोसिएशन का आवंटन स्पष्ट रूप से 3,900 पास तक सीमित है. बैठक के बाद एचसीए और एसआरएच के बीच पहले ही 3,900 कॉम्प्लिमेंट्री पास आवंटित करने पर सहमति बन गई थी. इसके बावजूद, एसआरएच ने बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई और एचसीए पर बार-बार ब्लैकमेलिंग करने का आरोप लगाया. हालांकि एचसीए ने इन आरोपों से इनकार किया है. तनाव इतना बढ़ गया कि SRH ने धमकी दी कि अगर HCA टिकट कोटे को लेकर दबाव डालता रहा, तो वे अपने घरेलू मैच किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट कर देंगे. हालात को शांत करने के लिए HCA के सचिव आर. देवराज ने SRH के प्रतिनिधि किरण, सरवनन और रोहित सुरेश के साथ राजीव गांधी स्टेडियम में बैठक की ताकि कोई हल निकाला जा सके. चर्चा के दौरान एसआरएच ने एसआरएच, एचसीए और बीसीसीआई के बीच मौजूदा त्रिपक्षीय समझौते का सख्ती से पालन करने का प्रस्ताव रखा. HCA और SRH ने एक संयुक्त बयान में कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्टेडियम की उपलब्ध कुल क्षमता का 10%, सभी सेक्शन में उसी के अनुसार आवंटित किया जाए जैसा कि समझौते में तय है. इसके जवाब में HCA ने प्रस्ताव रखा कि हर श्रेणी में पास का मौजूदा आवंटन पहले जैसी ही व्यवस्था के अनुसार जारी रखा जाए, जैसा कि पिछले कई वर्षों से होता आया है. SRH के CEO षणमुगम से बात करने के बाद यह तय हुआ कि HCA को मिलने वाले 3,900 मुफ्त टिकट उसी तरह मिलेंगे, जैसे पहले होते आए हैं.HCA ने SRH को भरोसा दिया है कि आगे भी वे पूरी तरह से पेशेवर तरीके से सहयोग करेंगे. संयुक्त बयान में कहा गया, 'एचसीए और एसआरएच राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दर्शकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए सौहार्दपूर्ण ढंग से मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.'