samacharsecretary.com

बिहार कैबिनेट विस्तार से पहले अटकलें तेज: मैथिली ठाकुर पर BJP लगा सकती है बड़ा दांव

रांची बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा (JDU) और जदयू (JDU) मंत्रियों के नाम पर मंथन कर रही है। बात करें भाजपा की तो वह इस बार युवा, महिलाएं और सामाजिक रूप से प्रभावशाली वर्गों को कैबिनेट में बड़ा प्रतिनिधित्व देने की तैयारी में है। इसी रणनीति के तहत मैथिली ठाकुर, श्रेयसी सिंह समेत कई नए चेहरों के नाम लगातार सुर्खियों में हैं। दरभंगा के अलीनगर से जीतकर आईं 25 वर्षीय लोकगायिका और BJP MLA मैथिली ठाकुर नई कैबिनेट के सबसे चर्चित नामों में शामिल हो गई हैं। पहली बार चुनाव लड़कर उन्होंने RJD उम्मीदवार विनोद मिश्रा को 11,730 वोटों से हराया और 2025 के चुनाव में सबसे युवा विधायकों में जगह बनाई। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उनकी बढ़ती लोकप्रियता, सांस्कृतिक पहचान और युवाओं में गहरी पकड़ को देखते हुए यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि वे कला-संस्कृति, युवा मामलों या सामाजिक न्याय जैसे अहम विभागों की दावेदार हो सकती हैं। शपथ ग्रहण में साफ होगा कैबिनेट का चेहरा नीतीश कुमार अपनी 10वीं पारी के रूप में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। नए मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होंगे, इसका खुलासा शपथ ग्रहण समारोह में होगा, लेकिन मौजूदा संकेत बताते हैं कि बिहार की नई राजनीति में मैथिली ठाकुर की एंट्री प्रभावशाली साबित हो सकती है।

अलीनगर से आगे निकलीं मैथिली ठाकुर, शुरुआती गिनती में मजबूत बढ़त

अलीनगर बिहार में विधानसभा की कुल 243 सीटों के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह आठ बजे से मतगणना जारी है। पोस्टल बैलेट के बाद अब ईवीएम की गिनती चल रही है। रुझानों में NDA ने बढ़त बनाई हुई है जबकि महागठबंधन पीछे चल रहा हैं। वही दरभंगा की हाई प्रोफाइल सीट अलीनगर पर सबकी नजरें टिकी हुई है। यहां से बीजेपी ने प्रसिद्ध लोकगायिका मैथिली ठाकुर को मैदान में उतारा है जबकि RJD ने उम्मीदवार विनोद मिश्रा को यहां से टिकट दी थी। वहीं शुरुआती रुझानों मेें मैथिली ठाकुर को बढ़त मिलती दिखाई दे रही। 6 राउंड के बाद भी मैथिली आगे बता दें कि अलीनगर सीट पर कांटे का मुकाबला चल रहा है। 6 राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है और मैथिली ठाकुर 8544 से ज्यादा वोट से आगे चल रही हैं। मैथिली को 6 राउंड के बाद  22236  वोट मिले हैं। वहीं बिनोद मिश्रा को 13692 वोट मिले हैं।  निर्वाचन आयोग के दोपहर 12 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, राजग (NDA) 243 सीट में से 186 सीट पर आगे था जबकि महागठबंधन लगभग 46 सीट पर ही बढ़त बनाए हुए था। छह और 11 नवंबर को दो चरणों में हुए चुनाव में 7.45 करोड़ मतदाताओं ने 2,616 उम्मीदवारों का भाग्य तय किया था। राजग में जनता दल-यूनाइटेड (JDU), भारतीय जनता पार्टी (BJP), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) शामिल हैं। वहीं, महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, वाम दल, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) शामिल हैं। दोनों गठबंधनों की ओर से मैदान में उतरे प्रमुख उम्मीदवारों में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, राजद के तेजस्वी यादव और बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार शामिल हैं।  

मिथिला पाग अपमान मामले में RJD ने खेला इमोशनल कार्ड, सोशल मीडिया पर उड़ा हलचल

पटना  बीजेपी की अलीनगर उम्मीदवार लोक गायिका मैथिली ठाकुर की सभा में मिथिला पाग के अपमान का मुद्दा भुनाने की सियासत जारी है। इसमें राजद ने डायरेक्ट एंट्री मार ली है। पाग को मिथिला का स्वाभिमान, संस्कार और गौरव बताते हुए बीजेपी विधायक केतकी सिंह और कैंडिडेट मैथिली ठाकुर पर निशाना साधा है। पाग में मखाना खाने का मैथिली ठाकुर का वीडियो भी वायरल हो रहा है। राजद ने सोसल मीडिया पर मिथिला संस्कृति का मामला मैथिली भाषा में उछाला है। कहा है कि पाग सिर पर धारण करने वाला वस्त्र मात्र नहीं बल्कि मिथिला के सम्मान, संस्कार और अस्मिता का प्रतीक है। जिसे पाग पहनाया जाता है, पूरा समाज उसे सम्मान और स्वीकृति प्रदान करता है। इसकी अहमियत किसी राजा के मुकुट से कम नहीं है। ऐसे में कोई पाग को किसी व्यक्ति से कमतर बताकर फेंक देता है तो यह पूरी संस्कृति का अपमान करता है। इससे संस्कृति और परंपरा की आत्मा को ठेस पहुंचती है। पाग का मान बनाए रखिए। दरअसल यूपी के बांसडीह की बीजेपी विधायक केतकी सिंह मैथिली ठाकुर के प्रचार अभियान में दरभंगा पहुंची। वहां एक सभा में लोगों को संबोधित करते हुए पाग को टेबल पर फेंक दिया और मैथिली ठाकुर को मिथिला का असली सम्मान बताया। इसका वीडियो वायरल हुआ तो सियासी घमासान मच गया। बाद में भाजपा विधायक ने माफी मांग ली लेकिन राजद इस मुद्दे को छोड़ने को तैयार नहीं है। आरजेडी ने सोशल मीडिया पर केतकी सिंह का वीडियो शेयर कर मैथिल भावना कैश करने की कोशिश की है। राजद के ट्वीट पर प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। केतकी सिंह न पाग को हाथ में उठाकर पूछा कि यह क्या तो जवाब आया कि मिथिला का सम्मान है। इस पर उन्होंने कहा कि यह पाग नहीं बल्कि यह(मैथिली ठाकुर) मिथिला का सम्मान है। उन्होंने बेपरवाही से पाग को टेबल पर फेंक दिया। वहां मौजूद किसी भाजपाई ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद केतकी सिंह ने माफी मांग ली।  

BJP में एंट्री के बाद मैथिली ठाकुर के चुनावी मैदान में उतरने के संकेत, इस सीट से मिल सकता है टिकट

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में नए चेहरे जुड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है. इसी कड़ी में मंगलवार को लोकगायिका मैथिली ठाकुर बीजेपी में शामिल होने जा रही हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उन्हें दरभंगा की अलीनगर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है. सूत्र बताते हैं कि अलीनगर सीट से मौजूदा विधायक मिश्रीलाल यादव का टिकट कटना लगभग तय है, और पार्टी इस सीट पर युवा और लोकप्रिय चेहरा लाने के मूड में है. मैथिली ठाकुर के सोशल मीडिया पर बड़े फैन बेस और मिथिला क्षेत्र में लोकप्रियता को देखते हुए बीजेपी उन्हें अपने प्रचार अभियान का चेहरा भी बना सकती है. अगर मैथिली ठाकुर को टिकट मिलता है, तो यह पहली बार होगा जब बिहार की लोक-संस्कृति से जुड़ी कोई प्रसिद्ध गायिका सीधे राजनीतिक मैदान में उतरेंगी. हाल ही में विनोद तावड़े से की थी मुलाकात मैथिली ने हाल ही में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और संगठन महासचिव विनोद तावड़े से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके पार्टी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं. क्या बोलीं मैथिली? मैथिली ने कहा भी था कि बीजेपी नेताओं के साथ आधे घंटे तक बात हुई. बातचीत सकारात्मक रही है. उन्होंने यह भी कहा कि हम एनडीए के समर्थन में हैं और हमेशा से बीजेपी मेरी प्राथमिकता रही है. मैथिली ने कहा था कि दिल्ली में काम के लिए रहती हूं. मेरी आत्मा बिहार से जुड़ी है. बिहार रहकर लोगों की सेवा करना चाहती हूं, विकास में योगदान देना चाहती हूं. चुनाव लड़ने के लिए तैयार मैथिली ठाकुर बता दें, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने 5 अक्टूबर को अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर मैथिली ठाकुर के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा था कि वर्ष 1995 में लालू राज आने पर जो परिवार बिहार छोड़ गए थे, उस परिवार की बिटिया मैथिली ठाकुर अब बदलते बिहार की रफ्तार देखकर वापस आना चाहती हैं. दरभंगा की रहने वाली मैथिली ठाकुर लोक संगीत और मिथिला संस्कृति के लिए जानी जाती हैं और सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है. इसी साल मैथिली ठाकुर 25 की हुई हैं.  कौन हैं मैथिली ठाकुर? मैथिली बिहार की फेमस सिंगर हैं. वो दरभंगा की रहने वाली हैं. मैथिली लोक संगीत के लिए वो जानी जाती हैं. विदेश में भी मैथिली कॉन्सर्ट करती हैं. 25 साल की सिंगर मिथिला संस्कृति के लिए फेमस हैं. बचपन से मैथिली को गाने का शौक है. वो प्लेबैक सिंगर हैं. क्लासिकल म्यूजिक में उनकी ट्रेनिंग हुई है. मैथिली ने कई भाषाओं में गाने गाए हैं. उनके पिता रमेश ठाकुर और मां भारती ठाकुर मैथिली म्यूजिशियन हैं. दोनों बतौर म्यूजिक टीचर काम करते हैं. मैथिली के दो भाई हैं. वो भी संगीत की दुनिया में अपना करियर बना रहे हैं. सभी बच्चों को उनके दादा और पिता ने संगीत की तालीम दी है. तीनों भाई बहनों को हिंदुस्तानी क्लासिक म्यूजिक के अलावा हारमोनियम और तबला बजाने की भी ट्रेनिंग दी गई है. 

मैथिली ठाकुर का राजनीतिक रुख साफ? BJP नेताओं से मुलाकात के बाद जताई चुनावी मंशा

जबलपुर   बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। चुनावों के लिए कौन सी पार्टी किस दावेदार के साथ उतरेगी ये तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे ही एक दावे की चर्चा लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर को लेकर भी चल रही है। दावा किया जा रहा है कि मैथिली ठाकुर 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। मैथिली की बीजेपी के नेताओं से मुलाकात के बाद इस तरह की चर्चा होने लगी है। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उनके पिता भी साथ में थे।   मैथिली बोलीं- देखते हैं क्या होता है वहीं, जबलपुर पहुंची भक्ति गायिका मैथिली ठाकुर ने अपने चुनाव लड़ने की खबरों पर कहा, "मैं भी टीवी पर ये सब देख रही हूं। हाल ही में मैं बिहार गई थी और मुझे नित्यानंद राय और विनोद तावड़े से मिलने का मौका मिला। हमने बिहार के भविष्य पर चर्चा की। अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। देखते हैं क्या होता है। मैं अपने गांव के निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहूंगी, क्योंकि मुझे उससे लगाव है" बिहार चुनाव में वह किसे समर्थन दे रही हैं, इस पर उन्होंने कहा, "मैं अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। मैं देश के विकास में हर संभव योगदान देने के लिए पूरी ताकत से खड़ी हूं"    ये है मामला दरअसल, विनोद तावड़े ने बीते रविवार को अपने एक्स हैंडल से तस्वीरें शेयर कर लिखा था, "वर्ष 1995 में बिहार में लालू राज आने पर जो परिवार बिहार छोड़कर चले गए, उस परिवार की बिटिया सुप्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर जी बदलते बिहार की रफ्तार को देखकर फिर से बिहार आना चाहती हैं। आज गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय जी और मैंने उनसे आग्रह किया कि बिहार की जनता के लिए और बिहार के विकास के लिए उनका योगदान बिहार का सामान्य आदमी अपेक्षित करता है और वे उनकी अपेक्षाओं को पूरा करें। बिहार की बिटिया मैथिली ठाकुर जी को अनंत शुभकामनाएं!" 

मैथिली ठाकुर की राजनीतिक संभावनाएँ: BJP नेता विनोद तावड़े से की मुलाकात

पटना बिहार को लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर को लेकर चर्चा है कि वे 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। यह चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि उन्होंने बीजेपी के नेताओं से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान उनके पिता भी साथ में थे। विनोद तावड़े और नित्यानंद राय के साथ जब से उनकी तस्वीर सामने आई है चुनाव लड़ने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। दरअसल, विनोद तावड़े ने बीते रविवार को अपने एक्स हैंडल से तस्वीरें शेयर कर लिखा कि वर्ष 1995 में बिहार में लालू राज आने पर जो परिवार बिहार छोड़कर चले गए, उस परिवार की बिटिया सुप्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर जी बदलते बिहार की रफ्तार को देखकर फिर से बिहार आना चाहती हैं। आज गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय जी और मैंने उनसे आग्रह किया कि बिहार की जनता के लिए और बिहार के विकास के लिए उनका योगदान बिहार का सामान्य आदमी अपेक्षित करता है और वे उनकी अपेक्षाओं को पूरा करें। बिहार की बिटिया मैथिली ठाकुर जी को अनंत शुभकामनाएं! मैथिली ठाकुर ने क्या कहा? विनोद तावड़े के इस पोस्ट से संकेत मिल रहा है कि मैथिली चुनाव लड़ सकती हैं। मैथिली ठाकुर ने भी एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है, "जो लोग बिहार के लिए बड़े सपने देखते हैं, उनके साथ हर बातचीत मुझे दूर दृष्टि और सेवा की शक्ति की याद दिलाती है। हृदय से सम्मानित और आभारी हूं. श्री नित्यानंद राय जी एवं श्री विनोद श्रीधर तावड़े जी।" कौन हैं मैथिली ठाकुर? मैथिली ठाकुर मधुबनी के बेनीपट्टी की रहने वाली हैं। चुनाव आयोग द्वारा मैथिली ठाकुर को बिहार का 'स्टेट आइकॉन' भी नियुक्त किया गया था। भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत में प्रशिक्षित मैथिली ठाकुर को 2021 के लिए बिहार के लोक संगीत में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी के उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार के लिए चुना गया था। मैथिली ठाकुर अपने दो भाइयों के साथ लोक, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, हारमोनियम और तबला में अपने दादा और पिता द्वारा प्रशिक्षित की गई हैं।