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सीएम से शिकायत करेंगे, तब भी गाड़ी नहीं छोड़ूंगा — अवैध गिट्टी कार्रवाई पर खनिज अधिकारी का सख्त रुख

सूरजपुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर से अवैध जीरा गिट्टी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान भाजपा पार्षद और खनिज विभाग के अधिकारी के बीच विवाद सामने आया है. मानपुर इलाके में बिना वैध दस्तावेज के जीरा गिट्टी का परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर को खनिज विभाग की टीम ने जब्त किया. इस दौरान भाजपा पार्षद ने कार्रवाई न करते हुए जब्ती कार्रवाई न करने की मांग की. लेकिन अधिकारी के न मानने पर पार्षद ने विधायक और जिला अध्यक्ष से फोन पर बात कराई जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में भाजपा पार्षद को खनिज अधिकारी की विधायक से फोन पर बात कराते हुए देखा जा सकता है. वहीं खनिज अधिकारी को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि, “मैं गाड़ी छोड़ नहीं सकता, केवल इतना कर सकता हूं कि जो गाड़ी एक महीने में छूटती है, उसे 15 दिन में छोड़ दिया जाए.” इसके साथ ही अधिकारी ने यह भी कहा कि “सीएम से भी शिकायत कर लीजिए, लेकिन गाड़ी नहीं छोड़ूंगा.

इंदौर जैसी घटना न दोहराई जाए: रायपुर में एक्टिव हुए जनप्रतिनिधि, खारून सफाई का तैयार हुआ मास्टर प्लान

रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को स्वच्छता और सुनियोजित विकास के मामले में इंदौर की तर्ज पर विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। रायपुर पश्चिम विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत, महापौर मीनल चौबे और निगम आयुक्त विश्वदीप ने रविवार सुबह लगातार 5 घंटे फील्ड पर रहकर शहर की ड्रेनेज व्यवस्था और डंपिंग यार्ड का निरीक्षण किया। विधायक मूणत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी ठोस कार्ययोजना बनाई जाए जिससे शहर के नालों का एक बूंद गंदा पानी भी खारून नदी में न मिले। निरीक्षण दल सबसे पहले सरोना डंपिंग यार्ड पहुंचा। यहां पोकलेन मशीनों के जरिए कचरा हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है और लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र साफ किया जा चुका है। विधायक और महापौर ने अधिकारियों को शेष कार्य जल्द पूरा करने और सरोना क्षेत्र की रिक्त शासकीय भूमियों का तत्काल सीमांकन करने के निर्देश दिए। इन भूमियों पर जनहित की नई परियोजनाएं शुरू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। नालों का गंदा पानी बनेगा निगम की कमाई का जरिया चिंगरी और पीहर नाला के निरीक्षण के दौरान विधायक राजेश मूणत ने एक महत्वपूर्ण विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि इन नालों की ऐसी सुव्यवस्थित सफाई हो कि पानी ओवरफ्लो न हो और सीधे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) पहुंचे। •      ट्रीटमेंट के बाद सप्लाई: एसटीपी में उपचारित होने वाले पानी (Raw Water) को औद्योगिक समूहों को बेचा जाएगा। •        होगी आय: इससे नगर निगम के लिए राजस्व का एक नया और स्थायी स्रोत विकसित होगा। ‘इंदौर जैसी घटना न हो’- महापौर की हिदायत महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि रायपुर में इंदौर जैसी (स्वच्छता या अव्यवस्था संबंधी) कोई भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। उन्होंने चंदनीडीह स्थित 75 एमएलडी एसटीपी और स्काडा सिस्टम कंट्रोल रूम का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खारून नदी की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह सुनिश्चित करें कि नालों का गंदा पानी नदी में मिलने के बजाय सीधे प्लांट तक पहुँचे। निरीक्षण दल में ये रहे शामिल इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान जोन 8 के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ठाकुर, पार्षद महेंद्र औसर, अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता पी. राजेश नायडू, इमरान खान, जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल सहित स्वच्छ भारत मिशन और स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारी उपस्थित थे।

सीवान में हड़कंप: जनप्रतिनिधियों से 10 लाख की रंगदारी, धमकी भरे कॉल से खलबली

सीवान सीवान जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां जेडीयू की सांसद विजय लक्ष्मी देवी और बड़हरिया के विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल को अज्ञात बदमाशों ने 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी है। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है और मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। सांसद विजय लक्ष्मी देवी को फोन कर मांगी रंगदारी सूत्रों के अनुसार, जेडीयू सांसद के प्रतिनिधि मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव ने मैरवा थाना में एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 3 दिसंबर की रात 10:38 बजे और 10:40 बजे सांसद के निजी मोबाइल नंबर पर अज्ञात युवक की कॉल आई, जिसमें उनसे 10 लाख रुपये की मांग की गई। रंगदारी नहीं देने पर बदमाश ने उन्हें हत्या की धमकी भी दी। सांसद प्रतिनिधि ने पुलिस से सांसद की सुरक्षा बढ़ाने और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल को भी धमकी इसी दौरान, बड़हरिया के जेडीयू विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल को भी बदमाशों ने कॉल कर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। विधायक ने तुरंत मामले की जानकारी जिला एसपी को दी और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शुरू की जांच, मोबाइल नंबर भेजा गया ट्रेसिंग के लिए थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि बदमाशों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर को जांच के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए छानबीन में जुट गई है और दर्ज की गई प्राथमिकी को न्यायालय में भेज दिया गया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री की बेटी श्रेयसी सिंह को मिली मंत्री पद की जिम्मेदारी

जमुई बिहार विधानसभा चुनाव में जमुई जिले की चार में से तीन सीटें एनडीए के खाते में गईं। चकाई से पिछली बार निर्दलीय जीतकर मंत्री बने सुमित सिंह इस बार चुनाव हार गए। ऐसे में एनडीए ने जमुई से मंत्री पद बरकरार रखते हुए भाजपा की ओर से श्रेयसी सिंह पर भरोसा जताया। राजपूत नेता होने के साथ-साथ महिला और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग चैंपियन होना उनके चयन का बड़ा कारण माना जा रहा है। जदयू की ओर से लेशी सिंह को शामिल किया गया है, जबकि भाजपा ने श्रेयसी सिंह को मंत्रिमंडल में जगह दी है। जमुई विधानसभा क्षेत्र-241 से प्रचंड बहुमत की जीत दर्ज करने वाली गोल्ड मेडलिस्ट और अर्जुन अवॉर्ड विजेता श्रेयसी सिंह ने एनडीए सरकार में भाजपा कोटे से मंत्री पद की शपथ ली। उनकी मौजूदगी ने पटना के गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में खास आकर्षण बना दिया। खेल जगत में देश का नाम रोशन कर चुकीं श्रेयसी सिंह राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनकी ऐतिहासिक जीत को जमुई के लोगों ने गर्व का क्षण बताया है। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद श्रेयसी ने कहा कि वह जमुई सहित पूरे बिहार के विकास को प्राथमिकता देंगी और क्षेत्र की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगी। श्रेयसी के मंत्रिमंडल में शामिल होने से समर्थकों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। जमुई मुख्यालय स्थित कचहरी चौक पर एनडीए कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जताई। लोगों को भरोसा है कि उनके नेतृत्व में शिक्षा, खेल और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े क्षेत्रों में नई शुरुआत देखने को मिलेगी।

कांग्रेस में मचा घमासान: जीतू पटवारी पर विधायक का तीखा वार, बोले—सनातनी कांग्रेस को कब्रिस्तान छोड़ देंगे

भोपाल मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के महाकाल दर्शन और राज्योत्सव पर की गई टिप्पणी पर राजनीति गरमा गई है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने उन पर पलटवार करते हुए कहा कि जीतू पटवारी को महाकाल के दर्शन पर आपत्ति है। यही हेलीकॉप्टर हज पर जाता तो उस पर फूल बरसाते। विधायक रामेश्वर शर्मा ने जीतू पटवारी पर जुबानी प्रहार करते हुए कहा, ‘जीतू पटवारी को यह सताने लगा है कि मध्यप्रदेश उत्सव क्यों मना रहा है? प्रदेश के हर जिले में उत्सव क्यों मन रहें है ड्रोन क्यों उड़ रहे है लाखो लोग उत्सव में क्यों शामिल हो रहे है। यही हेलीकॉप्टर हज जाते तो जीतू पटवारी पुष्प वर्षा कर रहे होते। मरती हुई कांग्रेस अभी भी महाकाल की महिमा नहीं समझ पा रही। महाकाल की यात्रा पर तुम्हें खर्च दिखता है हज यात्रा जाने में आनंद दिखता है। कांग्रेस की यही दृष्टि गलत है। उनकी इसी कुदृष्टि की वजह से सनातनी और हिंदुस्तानी कांग्रेस को कब्रिस्तान छोड़कर आएंगे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘राहुल, सोनिया या प्रियंका समेत चाहे कोई भी हों, उनसे कहना चाहूंगा कि संघ का विरोध करने वाले इनके पूर्वज जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा, राजीव गांधी से पूछ लो, तुम्हारे पुरखों ने 3-3 प्रतिबंध लगाया। तो भी संघ का बाल भी बांका नहीं कर पाए। आज संघ शताब्दी वर्ष मना रहा है। हिन्दुस्तान का जयघोष कर रहा है, कह रहा है कि हिन्दुस्तान दुनिया का विश्वगुरु बनने जा रहा है। खड़गे फालतू के सपने देखना बंद करें। आरएसएस की भावना का सम्मान करना सीखो। अपने नेताओं से आतंकवादियों की जय बोलने की प्रेरणा मत लो। संघ जैसे राष्ट्रवादियों पर प्रतिबंध लगाने की बात करो।’

RJD के दो विधायकों ने दिया इस्तीफा, बिहार चुनाव से पहले BJP को मजबूत बढ़त

पटना अगले माह होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के दो विधायकों– संगीता कुमारी और चेतन आनंद ने शुक्रवार को विधानमंडल से इस्तीफा दे दिया। दोनों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी की गयी अधिसूचना में कहा गया है कि संगीता कुमारी (मोहनिया) और चेतन आनंद (शिवहर) के इस्तीफे के बाद दोनों सीट रिक्त हो गई हैं। दोनों विधायक तत्काल प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं हो सके। इस वर्ष की शुरुआत में जब जनता दल यूनाइटेड (जदयू) दोबारा भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हुआ था, तब से संगीता कुमारी और चेतन आनंद विधानसभा की कार्यवाही के दौरान लगातार सत्तापक्ष की बेंचों पर बैठते नजर आ रहे थे। इसके बाद राजद ने दोनों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की थी, जो फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव के समक्ष लंबित है। बता दें कि राज्य में दो चरणों में चुनाव होंगे, पहला चरण छह नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। इससे पहले कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम और भभुआ से राजद विधायक भारत बिंद ने भी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था।  

टिकट बंटवारे में बदलाव, BJP इन वर्तमान विधायकों को सकती है अलविदा

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनाव समिति की लगातार दो दिन बैठक हुई, जिसमें चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, बढ़िया प्रदर्शन न करने वाले या विवादों में घिरे मौजूदा विधायकों के टिकट पर कैंची चलना तय माना जा रहा है। उन विधायकों को टिकट नहीं देने की चर्चाएं जोरों पर है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री एवं बिहार चुनाव के लिए पार्टी प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने की। बैठक में उनके कैबिनेट सहयोगी एवं चुनावों के सह-प्रभारी सीआर पाटिल और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े भी मौजूद थे। बिहार विधानसभा चुनाव में नए चेहरों को मिलेगा मौका भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि चर्चा ‘‘हमारी बची हुई मौजूदा सीटों के साथ-साथ पिछली बार हारी हुई सीटों'' पर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा था कि ‘‘जिन उम्मीदवारों का प्रदर्शन अच्छा रहा है और जिनका कोई मजबूत विरोधी नहीं है, उन्हें दूसरी बार मौका दिया जा सकता है, लेकिन बाकी को नए चेहरों से बदलना पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक,  कमजोर प्रदर्शन करने वाले या विवादों में घिरे 20 से अधिक विधायकों का टिकट काटा जा सकता है। बताया जा रहा है कि रामनगर से भागीरथी देवी, छपरा से विधायक डॉ. सीएन गुप्ता, लोरिया के विनय बिहारी , आरा से अमरेंद्र प्रताप सिंह, नरकटियागंज की रश्मि वर्मा, अलीपुर के मिश्रा लाल यादव जैसे कुछ अन्य विधायकों के टिकटें कटना तय माना जा रहा है। ऐसे में प्रदेश के कई राजनीतिक दिग्गजों के भविष्य पर सवालिया निशान लगता नजर आ रहा है! पार्टी द्वारा विधायकों के प्रदर्शन को लेकर भी सर्वे करवाया गया। जिन विधायकों को लेकर लोगों ने अच्छा फीडबैक दिया है, पार्टी उनको ही दोबारा मौका देने का फैसला किया है। वहीं कमजोर प्रदर्शन वाले विधायकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। आज होगा चुनाव की तारीखों का ऐलान बता दें कि पार्टी ने 2020 के चुनावों में 110 सीट पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 75 पर जीत हासिल की थी, और अन्य दलों के दलबदल और उपचुनावों में जीत के कारण पिछले कुछ वर्षों में इसकी ताकत बढ़ी है। जानकारी हो कि निर्वाचन आयोग सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करेगा। निर्वाचन आयोग शाम चार बजे संवाददाता सम्मेलन करेगा। बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

डॉ. संजीव कुमार का बड़ा फैसला: जदयू छोड़ राजद में शामिल, एनडीए को टक्कर

 खगड़िया विधानसभा चुनाव 2025 से दल बदल का खेल जारी है। एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जनार्दन यादव जनसुराज में शामिल हो गए थे। आज जनता दल यूनाइटेड के विधायक डॉ. संजीव कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल का दामन थाम लिया। वह पिछले कुछ महीनों से अपनी पार्टी से नाराज चल रहे थे। राजद के खगड़िया जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि गोगरी स्थित भगवान उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में डॉ. संजीव पार्टी में विधिवत शामिल हो गए। जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव ने बताया कि डॉ. संजीव अपने हजारों समर्थकों के साथ राजद की सदस्यता ग्रहण की। उनके आने से पार्टी को काफी मजबूती मिलगी। इधर, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डॉ. संजीव का एनडीए से मोहभंग होना पहले से तय था। एनडीए द्वारा आयोजित विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलनों से उनकी लगातार गैरमौजूदगी विशेषकर 27 सितंबर को परबत्ता सम्मेलन और 25 सितंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम से दूरी इस बदलाव के साफ संकेत थे। डॉ. संजीव कुमार अपनी बेबाकी और मुद्दों पर स्पष्ट राय रखने के लिए जाने जाते हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा होते हुए भी उन्होंने कई बार किसानों के हक, जमीन विवाद और निर्माण परियोजनाओं में गड़बड़ियों को लेकर अपनी ही सरकार की आलोचना की है। राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो डॉ. संजीव पूर्व मंत्री और पांच बार के विधायक डॉ. आरएन सिंह के पुत्र हैं, जिनकी पहचान जदयू के मजबूत स्तंभ के तौर पर थी। ऐसे में अगर डॉ. संजीव राजद में शामिल होते हैं, तो यह जदयू के लिए बड़ा झटका होगा और राजद के लिए परबत्ता तथा खगड़िया जिले में नई राजनीतिक संभावनाओं के द्वार खोल देगा।

डॉ. संजीव के बाद जदयू में उठी सियासी हलचल, एक और MLA पर शक

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले बिहार में राजनीति का बड़ा 'खेला' शुक्रवार को हो रहा है। कई 'पूर्व' और 'दिग्गज' पार्टियां बदल चुके हैं, लेकिन चुनावी साल में किसी चर्चित मौजूदा विधायक का पार्टी-बदल पहली बार हो रहा है। खगड़िया के परबत्ता से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड के विधायक डॉ. संजीव कुमार 'आखिरकार' राष्ट्रीय जनता दल में जा रहे हैं। आखिरकार इसलिए, क्योंकि वह फरवरी 2024 से अब तक कभी भी जा सकते थे, लेकिन अब जा रहे हैं। फरवरी 2024 में बिहार विधानसभा के फ्लोर टेस्ट के समय से कई विधायक जदयू छोड़ने वाले थे, लेकिन डॉ. संजीव के बाद अब उनमें से एक और MLA को लेकर पार्टी अपना मन मजबूत कर चुकी है। फ्लोर टेस्ट के समय हुए 'खेला' का प्रभाव आज तक बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले अब जो हो रहा है, उसकी नींव 11 फरवरी 2024 को पड़ गई थी। 12 फरवरी को फ्लोर टेस्ट होने से एक दिन पहले मंत्री विजय चौधरी के आवास पर जदयू विधायकों की मीटिंग में छह विधायक नहीं पहुंचे थे- पूर्णिया के रूपौली से बीमा भारती, पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर से धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह, सीतामढ़ी के सुरसंड से दिलीप राय, शेखपुरा के बरबीघा से सुदर्शन कुमार, खगड़िया के परबत्ता से डॉ. संजीव कुमार, पूर्वी चंपारण के केसरिया से शालिनी मिश्रा। तब मंत्री विजय चौधरी ने कहा था कि सभी संपर्क में हैं और जरूरी कारणों से नहीं आए हैं। लेकिन, इस दौरान राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की देखरेख में तेजस्वी यादव के लिए खेला हो रहा था। फ्लोर टेस्ट में इसी खेला के कारण राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नंबर 128 से घटकर 125 रहा था। 'अमर उजाला' ने तब सबसे पहले हॉर्स ट्रेडिंग की जानकारी सामने लायी थी। इस साल आर्थिक अपराध इकाई की जांच इस दिशा में आगे बढ़ चुकी है, हालांकि कुछ फाइनल नहीं सामने आया है। जहां तक फ्लोर टेस्ट का सवाल है तो उसका नुकसान ज्यादा विपक्षी महागठबंधन को ही हुआ था। नीतीश कुमार सरकार के फ्लोर टेस्ट के समय अंत में डॉ. संजीव कुमार विधानसभा पहुंच गए थे, लेकिन तब यह माना गया था कि वह राष्ट्रीय जनता दल के गेम-प्लान में शामिल थे। जब लाइव खबरों के जरिए यह पता चलने लगा कि राजद-कांग्रेस के ही कई विधायक टूटकर सत्ता पक्ष में खड़े हो गए हैं तो सरकार गिरने की आशंका नहीं, तब सत्ता पक्ष के कई गायब विधायक आननफानन में विधानसभा पहुंचे थे। उनमें डॉ. संजीव कुमार भी थे। इसके बाद लोकसभा चुनाव के समय भी डॉ. संजीव खगड़िया से राजग प्रत्याशी के खिलाफ लगातार मुखर रहे थे। खुद को लोकसभा प्रत्याशी तक बता दिया था। अब वह अंतत: राजद में औपचारिक रूप से जा रहे हैं। परबत्ता सीट पर उन्होंने राजद के दिगंबर प्रसाद तिवारी को 952 मतों से हराया था। डॉ. संजीव को राजद इसी सीट से प्रत्याशी बनाएगा। पार्टी में भी उन्हें पद दिए जाने की बात चल रही है। कौन पहले छोड़ गए, कौन टिकेंगे, किनपर खतरा है अब पूर्णिया से रूपौली की तत्कालीन विधायक बीमा भारती तो लोकसभा चुनाव के पहले जदयू छोड़ गईं। पूर्णिया से राजद के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़कर हारीं। फिर रूपौली के उप चुनाव में राजद के टिकट पर उतरीं तो तीसरे नंबर पर रह गईं। पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर से धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू सिंह राजद के कुछ नेताओं से सटे नजर आए थे, लेकिन बिहार चुनाव से पहले उन्होंने लालू प्रसाद की पार्टी के कई नेताओं को जदयू में लाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। शेखपुरा के बरबीघा से सुदर्शन कुमार ने पिछले दिनों सीएम नीतीश कुमार से मिलकर इस सीट को अपने लिए सुरक्षित कर लिया है। पूर्वी चंपारण के केसरिया से शालिनी मिश्रा फ्लोर टेस्ट के समय निजी काम से दिल्ली में थीं, यह उसी समय पार्टी नेतृत्व ने स्वीकार कर लिया था। वह लगातार पार्टी की तरफ से सक्रिय हैं। अब सीतामढ़ी के सुरसंड से दिलीप राय को लेकर संशय है। सीतामढ़ी में जदयू उन्हें पार्टी से बाहर मान चुका है। उन्हें पार्टी के औपचारिक कार्यक्रमों से दूर रखा जा रहा है। इंतजार इसी बात का हो रहा है कि कब वह छोड़कर जाएं।

चित्रकूट में नौकरानी की मौत का मामला गहराया, पूर्व कांग्रेस नेता की पत्नी पर संगीन आरोप

 सतना चित्रकूट में कांग्रेस के पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के निवास पर काम करने वाली 24 साल की नौकरानी सुमन की आत्महत्या मामले में पुलिस ने पूर्व विधायक की पत्नी अर्चना चतुर्वेदी पर केस दर्ज किया है। पुलिस ने इस केस में अहम खुलासे किए हैं। मृतका के प्रेमी अरविंद उर्फ रज्जू यादव को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। वहीं पूर्व विधायक की पत्नी अर्चना चतुर्वेदी पर शस्त्र अधिनियम के तहत लापरवाही का केस दर्ज किया गया है। 29 जुलाई को नौकरानी सुमन ने पूर्व कांग्रेस विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के घर में मौजूद लाइसेंसी रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। जांच में पता चला कि यह हथियार अर्चना चतुर्वेदी के नाम पर है और उसे घर में असुरक्षित तरीके से रखा गया था। इस लापरवाही के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सुमन का प्रेम संबंध अरविंद उर्फ रज्जू यादव से था। अरविंद उर्फ रज्जू यादव दास हनुमान गोशाला में काम करता था। वह उत्तर प्रदेश के बांदा जिले का रहने वाला है। दोनों की नजदीकियां सब्जी दुकान के पास बैठने के दौरान बढ़ीं, जहां सुमन का परिवार दुकान लगाता था। जब सुमन की मां को इस रिश्ते की भनक लगी, तो उन्होंने उसकी शादी कटनी निवासी एक युवक से तय कर दी। इसके बाद सुमन और अरविंद के बीच तनाव गहराता गया। अरविंद लगातार सुमन से संपर्क करने की कोशिश करता रहा और उसे दो बार मोबाइल फोन देकर बातचीत के लिए दबाव बनाया। 28 जुलाई को सुमन की मां ने अरविंद का दिया दूसरा मोबाइल भी जब्त कर लिया। इसके बाद घर में विवाद हुआ और सुमन पर सामाजिक और भावनात्मक दबाव काफी बढ़ गया। मां की सख्ती, प्रेमी का दबाव और तय विवाह की उलझनों के बीच मानसिक तनाव में सुमन ने अगले दिन खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर चित्रकूट पुलिस ने अरविंद की भूमिका की पुष्टि की है। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा-108 और 107 के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने एक ओर प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है, तो दूसरी ओर पूर्व विधायक की पत्नी पर लापरवाही से शस्त्र रखने को लेकर मामला दर्ज कर अलग से जांच कर रही है। पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान युवती सुमन और पूर्व विधायक के घर के कई सदस्यों के फिंगर प्रिंट की जांच कराई थी। गौर करने वाली बात यह कि मृतका की मां ने पुलिस से कहा था कि सुमन को दो माह पूर्व दिमागी बुखार आया था जिससे वह परेशान थी।