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स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के संकल्प को साकार करने की ओर बढ़ रहा है म.प्र. : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सम्पूर्ण राष्ट्र और मध्यप्रदेश स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के संकल्प को साकार करने की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के मध्यप्रदेश प्रवास के संदर्भ में सोशल मीडिया के माध्यम से दिए संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 17 सितम्बर बुधवार को प्रधानमंत्री धार जिले में पीएम मित्रा पार्क की आधारशिला रखेंगे। यह देश का अपने तरह का पहला पीएम मित्रा पार्क है। यह अवसर हमारे लिए सौभाग्यशाली है। मध्यप्रदेश में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा भी मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी धार जिले के ग्राम भैंसोला में 17 सितम्बर को स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ करेंगे। अभियान के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य और पोषण के उद्देश्य से शिविर लगाए जाएंगे। स्वैच्छिक रक्तदान को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्यव्यापी स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एनीमिया, क्षय रोग की स्क्रीनिंग और जांच भी की जाएगी। माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए प्रसव पूर्व जांच और पोषण परामर्श भी दिया जाएगा। किशोरियों के लिए माहवारी स्वच्छता और पोषण पर प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित होंगे। यह पखवाड़ा प्रधानमंत्री के स्वस्थ समाज, सशक्त राष्ट्र के संकल्प को साकार करने का महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित भारत 2047 के मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। हम निरंतर स्वस्थ समाज की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। महिलाओं का स्वास्थ्य और सशक्तिकरण प्रगति का आधार है। प्रधानमंत्री मोदी अपने जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश पधार रहे हैं। वे सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ करेंगे और प्रदेशवासियों को संबोधित कर मार्गदर्शन देंगे।  

पूर्णिया को बड़ी सौगात! प्रधानमंत्री मोदी ने एयरपोर्ट टर्मिनल का शुभारंभ कर शुरू की विकास योजनाओं की उड़ान

पूर्णिया बिहार में आने वाले कुछ सप्ताह में विधानसभा के चुनाव के लिए चुनाव आयोग तारीखों का ऐलान कर सकता है. चुनाव के तारीखों के ऐलान के पहले राजनीतिक दल जमकर मैदान में पसीना बहा रहा हैं. रैलियों से लेकर जनसभाओं का आयोजन किया जा रहा है. चुनावी वादों का भी ऐलान किया जा रहा है. सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के पूर्णिया पहुंचे. यहां उन्होंने नए सिविल एन्क्लेव के अस्थायी टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया है. यह नया टर्मिनल एयरपोर्ट की सुविधाओं और क्षमता में इजाफा करेगा और इलाके के विकास और इंटरकनेक्टिविटी में मदद करेगा.  पूर्णिया एयरपोर्ट बिहार का चौथा कमर्शियल बन गया है. इस एयरपोर्ट के शुभारंभ से सीमांचल क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा. आस-पास के जिलों के लोगों को हवाई सेवा का लाभ मिलेगा.  पटना, गया और दरभंगा के बाद पूर्णिया बिहार का चौथा एयरपोर्ट बन गया है, जहां से अब लोग देश के दूसरे हिस्सों में उड़ान भर सकेंगे. पूर्णिया एयरपोर्ट से फिलहाल कोलकाता और अहमदाबाद के लिए डायरेक्ट फ्लाइट मिलेगी. इंडिगो एयरलाइन की कोलकाता के लिए फ्लाइट हफ्ते में तीन दिन मिलेगी.  एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू भी साथ मौजूद रहे. विकास और रोजगार सृजन को मिलेगी नई गति प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़ान' के तहत देश के छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। पूर्णिया एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से बिहार के सीमांचल और कोसी क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक परिद्दश्य बदलेगा। पूर्णिया एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन न केवल सीमांचल क्षेत्र की दशकों पुरानी मांग को पूरा करेगा, बल्कि बिहार की हवाई कनेक्टिविटी को एक नई ऊँचाई भी देगा। इससे जहां स्थानीय लोगों की सुविधा बढ़ेगी, वहीं प्रदेश के विकास और रोजगार सृजन को भी नई गति मिलेगी। इस विमान सेवा का लाभ पूर्णिया प्रमंडल समेत आसपास के करीब एक दर्जन जिलों को मिलेगा।   पूर्णिया में अब बिहार का चौथा एयरपोर्ट पटना, गया, दरभंगा के बाद पूर्णिया अब बिहार का चौथा एयरपोर्ट है जहां से कामर्शियल फ्लाइट की सेवा शुरू हुई। इंडिगो एयरलाइन्स अहमदाबाद और पूर्णिया के बीच सप्ताह में तीन दिन उड़ानें भरेगा जिससे गुजरात जैसे प्रमुख औद्योगिक शहर से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। पूर्णिया पूर्वी बिहार का सबसे महत्वपूर्ण शहर है और इसके आसपास के शहरों सहरसा, मधेपुरा , सुपौल, अररिया, कटिहार, भागलपुर, नवगछिया, फारबिसगंज के अलावा नेपाल और बंगाल के कई शहरों से इसका सम्पर्क है। छात्रों और उद्यमियों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेंगे बेहतर अवसर  पूर्णिया हवाई अड्डे के नवनिर्मित अंतरिम टर्मिनल भवन के शुरू होने से इस क्षेत्र में हवाई सेवाओं का विस्तार होगा। यह टर्मिनल आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है और इसकी नई इमारत बनाने के बाद यात्री प्रबंधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। अब विमानो कि आवाजाही शुरू होने और उनकी संख्या में वृद्धि के साथ यात्रियों को दिल्ली, पटना और अन्य बड़े शहरों के लिए सीधी और नियमित हवाई सेवाएं मिलने लगेंगी। पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, सुपौल और सहरसा जैसे जिलों के लोग अब हवाई सेवाओं का लाभ अपने नजदीकी शहर से उठा सकेंगे। अभी तक इस क्षेत्र के यात्रियों को पटना या बागडोगरा तक जाना पड़ता था, लेकिन इस टर्मिनल के शुरू होने से यात्रियों के समय और लागत दोनों की बचत होगी। पूर्णिया और आसपास का इलाका व्यापार, शिक्षा और कृषि की द्दष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। हवाई संपर्क बढ़ने से यहां निवेश, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यहां के छात्रों और उद्यमियों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। 

बिहार की राजनीति में बड़े नेताओं का ताबड़तोड़ दौरा, क्या है पार्टी की रणनीति?

पटना   बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अब किसी भी वक्त चुनाव आयोग तारीखों का ऐलान कर सकता है. इसे देखते हुए बीजेपी पूरी ताकत झोंक रही है. पार्टी हर हाल में इस चुनाव में जीत दर्ज करने में जुट गई है. इसी कड़ी में 13 सितंबर को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 17 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार का दौरा करेंगे. इन दौरों को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. पीएम मोदी के दौरे की तैयारियों का जायजा लेने सम्राट चौधरी 10 सितंबर को पूर्णिया पहुंचे थे. माना जा रहा है कि इसी सप्ताह एनडीए में सीट बंटवारे का भी अंतिम निर्णय हो सकता है. सीएम नीतीश से मुलाकात कर सकते हैं बीजेपी प्रेसिडेंट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 13 सितंबर को पटना पहुंचेंगे. यहां वे बिहार बीजेपी कोर कमेटी की बैठक में हिस्सा लेंगे. इस बैठक में विधानसभा चुनाव की तैयारियों और रणनीति का गहराई से आकलन किया जाएगा. इस दौरे पर उनकी मुलाकात सीएम नीतीश से भी हो सकती है. दोनों नेताओं के बीच सीट शेयरिंग को लेकर अंतिम रूपरेखा पर चर्चा होने की संभावना है. नड्डा का यह दौरा बीजेपी और जेडीयू के बीच गठबंधन की मजबूती को और पुख्ता करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है. पीएम मोदी का दौरा बिहार बीजेपी के लिए अहम नड्डा के दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 सितंबर को बिहार आएंगे. यह चुनावी साल में उनका सातवां दौरा होगा. पीएम मोदी अपने हर दौरे पर बिहार को नई परियोजनाओं की सौगात देते रहे हैं और इस बार भी उनके द्वारा करोड़ों रुपये की योजनाओं का ऐलान किए जाने की संभावना है. मोदी की मौजूदगी एनडीए कार्यकर्ताओं में जोश भरने और चुनावी माहौल को बीजेपी के पक्ष में मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगी.

मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए काशी पहुंचे पीएम मोदी  

राज्यपाल व सीएम योगी ने काशी में किया प्रधानमंत्री का स्वागत  मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए काशी पहुंचे पीएम मोदी   जीएसटी में सुधार के बाद पहली बार वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री का भाजपा कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत कर जताया आभार  जीएसटी और धन्यवाद लिखी हुई तख्ती लेकर रास्ते में खड़े रहे भाजपा कार्यकर्ता  भाजपा कार्यकर्ताओं ने शंखनाद और हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ पीएम पर पुष्पवर्षा भी की  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाथ हिलाकर काशीवासियों का किया अभिवादन वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को 'अपनी काशी' पहुंचे। वे यहां मॉरीशस के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए आए हैं। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचने पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। एयरपोर्ट से पीएम हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन पहुंचे। यहां से ताज होटल के लिए निकले प्रधानमंत्री के काफिले का भाजपा कार्यकर्ताओं व आमजन ने शंखनाद, हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। पीएम मोदी ने भी हाथ हिलाकर काशीवासियों का अभिवादन किया। रास्ते में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए कलाकारों ने भी उनका स्वागत किया। वहीं द्विपक्षीय वार्ता के लिए मॉरीशस के प्रधानमंत्री बुधवार को ही प्रतिनिधिमंडल के साथ वाराणसी पहुंच गए थे।  काशीवासियों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरे रास्ते में किया स्वागत पुलिस लाइन से निकलते ही भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और काशीवासियों ने अपने सांसद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोरदार स्वागत किया। बटुकों ने शंखनाद, भाजपा कार्यकर्ता और लोगों ने ढोल- नगाड़ों के बीच उनका स्वागत किया। हर- हर महादेव के जयकारे से काशी गूंजती रही। जीएसटी में सुधार के बाद पहली बार वाराणसी पहुंचे प्रधानमत्री का आभार जताने के लिए रास्ते में जीएसटी और धन्यवाद लिखी तख्ती लेकर भाजपा कार्यकर्ता खड़े रहे। प्रधानमंत्री द्विपक्षीय वार्ता के बाद काशी से निकल जाएंगे।  सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच किया गया स्वागत प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पूरे रास्ते को सजाया गया था। छह स्थानों पर भाजपा पदाधिकारियों और जनप्रतिधियों ने मंच बनाकर प्रधानमंत्री पर गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर स्वागत किया। पुलिस लाइन से ताज होटल तक रोड शो जैसा मंजर देखने को मिला। जहां सड़क के दोनों ओर बड़ी तादाद में खड़े काशीवासियों ने मोदी पर पुष्प वर्षा भी की। प्रधानमंत्री ने भी हाथ हिलाकर अपने काशीवासियों का अभिवादन स्वीकार किया। कचहरी,अम्बेडकर चौराहा समेत कई स्थानों पर लोकनृत्य समेत अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम से प्रधानमंत्री का जोरदार स्वागत हुआ। बुधवार को ही काशी पहुंचे थे मॉरीशस के पीएम  मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम बुधवार को ही काशी पहुंच गए थे। काशीवासियों ने अपनी परंपरा के अनुरूप मॉरीशस के प्रधानमंत्री और उनके प्रतिनिधिमंडल का भी भव्य स्वागत किया था । मॉरीशस के प्रधानमंत्री गुरुवार की शाम क्रूज़ से गंगा आरती देखेंगे। फिर 12 सितंबर की सुबह बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन करेंगे। इसके बाद वे अयोध्या रवाना होंगे। अध्यात्म व आधुनिकता के संगम 'नई काशी' में पीएम का स्वागत  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने 'एक्स' अकाउंट पर पोस्ट भी किया। सीएम योगी ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का अध्यात्म व आधुनिकता के संगम उनकी 'नई काशी' में हार्दिक स्वागत व अभिनंदन।

कृषि उद्योग समागम नवंबर में सीहोर में, कार्यक्रम के लिए गठित हुई समिति

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कृषि विकास एवं किसानों को आधुनिक तकनीकों से सीधे जोड़ने के दृष्टिकोण को क्रियान्वित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य शासन द्वारा इस वर्ष 'कृषि उद्योग समागम-2025 (एग्रीकल्चर इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव) का आयोजन नवंबर माह में सीहोर में किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन वृहद स्तर पर कई विभागों की सहभागिता से किया जाएगा। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन द्वारा समिति गठित की गई है। समिति के अध्यक्ष सचिव, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग होंगे। आयुक्त सह संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विभाग को सदस्य एवं आयुक्त सह संचालक, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग को सदस्य सचिव बनाया गया है। सदस्यों में आयुक्त, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, आयुक्त औद्योगिकी नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, आयुक्त सहकारिता, आयुक्त जनसंपर्क, संचालक मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास, संचालक पशुपालन एवं डेयरी, संचालक कृषि0 अभियांत्रिकी, प्रबंध संचालक मण्डी बोर्ड, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य कृषि उद्योग विकास निगम और मिशन संचालक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन शामिल हैं।  

मोदी का संदेश: पार्टी के साथियों से सीखना जरूरी; GST स्लैब बदलाव पर जताया धन्यवाद

 नई दिल्ली भाजपा सांसदों की दो दिवसीय कार्यशाला रविवार को संसद परिसर में शुरू हुई। उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले इस कार्यशाला का शुभारंभ हुआ, जिसमें पीएम मोदी सहित भाजपा के सभी सांसद शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी का अनोखा अंदाज एक बार फिर देखने को मिला। वह बैठक में एक साधारण सांसद की तरह सबसे पीछे बैठे नजर आए। अब उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। साधारण सांसद की तरह दिखे पीएम मोदी  सुबह शुरू हुई इस कार्यशाला में भाजपा सांसदों ने पीएम मोदी को जीएसटी सुधारों के लिए बधाई दी। इसके बाद सभी सांसदों को उपराष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी जानकारी दी गई। इस दौरान पीएम मोदी सबसे पीछे की पंक्ति में एक आम सांसद की तरह बैठे दिखे। गोरखपुर सांसद रवि किशन ने इसकी तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की और लिखा कि सांसदों की कार्यशाला में आखिरी पंक्ति में बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। यही है भाजपा की ताकत। यहां हर कोई कार्यकर्ता है। इससे पहले, जीएसटी में ऐतिहासिक सुधारों के लिए भाजपा सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन और सम्मान किया। इस मौके पर जगदंबिका पाल ने जीएसटी सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने जीएसटी को लेकर एक बड़ा फैसला लिया, जो अंतरराष्ट्रीय टैरिफ के दबाव का विकल्प है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले विपक्ष जीएसटी को 'गब्बर सिंह टैक्स' कहता था, और अब वे इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। पूरा देश उनकी सच्चाई जानता है। दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य बता दें कि इस दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य विधायी कौशल, शासन रणनीतियों और राजनीतिक संचार पर ध्यान देना है। नेताओं ने केंद्र सरकार के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने और विपक्ष का मुकाबला करने के तरीकों पर चर्चा की। रविवार को सांसद पूरे दिन की कार्यशाला में शामिल हुए। सोमवार को भी तीन घंटे का एक और सत्र निर्धारित है। 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव बता दें कि उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होगा। पीएम मोदी उपराष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले, सोमवार को भाजपा और उसके सहयोगी दलों के सांसदों के लिए रात्रिभोज का आयोजन भी कर रहे हैं। गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और विपक्ष के उम्मीदवार, सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला है। हालांकि, संख्या बल के आधार पर राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

PM के जन्मदिन पर सेवा सप्ताह की शुरुआत, हरियाणा के CM ने की तैयारी बैठक

चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को पूरे देश में अलग-अलग कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। इसी कड़ी में हरियाणा में भी 17 सितंबर से सेवा पखवाड़ा शुरू होगा, जो 2 अक्टूबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसको लेकर आज चंडीगढ़ में अहम बैठक बुलाई है। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा और तैयारी को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री का जन्मदिन सेवा भाव के साथ मनाना गर्व की बात है। मुख्यमंत्री नायब सैनी पहले ही साफ कर चुके हैं कि इस सेवा पखवाड़े को लेकर प्रदेश में पूरी तैयारी चल रही है। शहरों और सरकारी अस्पतालों की सफाई व्यवस्था को लेकर कई बैठकों का आयोजन हो चुका है। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं और RWA से भी अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रदेश के अस्पतालों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत की जाएगी, जिससे सरकारी अस्पतालों को निजी अस्पतालों के बराबर बनाया जा सके। हरियाणा में PM के जन्मदिन पर सेवा पखवाड़े की शुरुआत सेवा पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य न सिर्फ सफाई व्यवस्था को मजबूत करना है बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई ऊंचाई देना है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस दौरान MRI, डिजिटल एक्स-रे, डायलिसिस जैसी सुविधाएं सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएंगी। 17 सितंबर को आधुनिक अस्पतालों के पहले चरण का उद्घाटन किया जाएगा। इसके अलावा, हरियाणा सरकार इस सेवा पखवाड़े के दौरान राज्य के शहरों की स्वच्छता रैंकिंग भी तय करेगी, जैसे कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर करती है। इससे नगर निकायों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा बैठक में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं ने विपक्ष की राजनीति को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार गरीबों और देश के विकास के लिए ठोस योजनाएं बनी हैं। विपक्ष केवल झूठ की राजनीति कर रहा है।

भारत तैयार बढ़ाने के लिए रूसी तेल की खरीद, पुतिन का आकर्षक ऑफर

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर बीते 27 अगस्त को 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाकर इसे 50% कर दिया है और ये अतिरिक्त टैरिफ जुर्माने के तौर पर लागू किया गया है, जिसके पीछे वजह है भारत की रूसी तेल की खरीद. जी हां, ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल और हथियारों की खरीद बढ़ाकर यूक्रेन के साथ युद्ध में उसकी आर्थिक मदद करने का आरोप लगाते हुए टैरिफ बम फोड़ा है. हालांकि, अमेरिका को उम्मीद थी कि उसके इस कदम से भारत दबाव में आ जाएगा, लेकिन ट्रंप का दांव उल्टा पड़ा है और रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की ओर से की जा रही अतिरिक्त छूट की पेशकश के चलते भारत तेल की खरीद बढ़ाने की तैयारी में है.  ट्रंप का भारत पर दबाव नहीं आया काम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूसी क्रूड ऑयल की खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए हाई टैरिफ की उनकी कोशिश उल्टी पड़ती नजर आ रही है. रिपोर्ट की मानें, तो अमेरिका के किसी भी दबाव में आने के बजाय भारत और पहले से भी ज्यादा रूसी तेल खरीदने के लिए तैयार है और इस बीच रूस की ओर से भारत को तेल पर भारी छूट का ऑफर भी दिया जा रहा है. ब्लूमबर्ग के अनुसार, सितंबर के अंत और अक्टूबर में भारत को रूसी यूराल क्रूड की आपूर्ति ब्रेंट क्रूड से 3 से 4 डॉलर प्रति बैरल कम पर की जाने का ऑफर है. कुछ हफ्त पहले, यह अंतर 2.50 डॉलर था. ये खबर ट्रंप के टैरिफ अटैक के बाद चीन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की हालिया बैठक के बाद हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद सामने आई है. गौरतलब है कि रूसी तेल का भारत अकेला खरीदार नहीं है, बल्कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी वाला चीन लंबे समय से रूसी तेल का सबसे बड़ा आयातक बना हुआ है. हालांकि, भारत की बात करें, तो यूक्रेन युद्ध के बाद भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद बढ़ाई गई और ये तेजी से बढ़ी है.  अमेरिकी टैरिफ के बाद बढ़ी तेल खरीद अमेरिका के 50% टैरिफ के बावजूद भारत ने अपने रणनीतिक हितों को प्राथमिकता देते हुए रूस के साथ संबंध मजबूत बनाए हुए हैं और इसका नजारा दुनिया ने एससीओ की बैठक के दौरान देखा. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप का एक्स्ट्रा टैरिफ लागू होने के बाद यानी 27 अगस्त से 1 सितंबर के बीच भारत में सरकारी और प्राइवेट रिफाइनरियों ने 11.4 मिलियन बैरल रूसी तेल का आयात किया है. वहीं ऐसा अनुमान भी जताया जा रहा है कि रूस से ऑफर की जा रही छूट के चलते अगले महीने भारत में रूसी तेल के आयात में 10-20% या 1,50,000 से 3,00,000 बैरल प्रतिदिन की अतिरिक्त वृद्धि देखने को मिल सकती है.  रूसी तेल से भारत को अरबों की बचत अमेरिका ने भारत पर तमाम आरोप लगाते हुए टैरिफ को डबल किया है, तो वहीं भारत सरकार की ओर से लगातार साफ किया गया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के साथ कोई समझौता करने के मूड में नहीं है. बीते दिनों विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कहा था कि रूस के साथ भारत का ऑयल ट्रेड तेल की वैश्विक कीमतों को स्थिर रखता है. भारत ने जोर देकर अमेरिकी आरोपों के खिलाफ अपना पक्ष रखा है और दो टूक कहा है कि उसका तेल व्यापार किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं करता और प्रतिबंधों में कच्चे तेल का आयात शामिल नहीं है.  अगर फायदे की बात करें, तो साल 2022 से भारत का रूसी तेल का आयात 1 फीसदी से बढ़कर करीब 40 फीसदी पर पहुंच चुका है. कई एनालिसिस से स्पष्ट हुआ है कि किफायती रूसी तेल की वजह से भारतीय रिफाइनरियों को अप्रैल 2022 और जून 2025 के बीच कम से कम 17 अरब डॉलर की बचत हुई है. बीते दिनों रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने एक इंटरव्यू में अमेरिकी टैरिफ को अनुचित करार देते हुए कहा था कि भारत की प्राथमिकता अपने 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है, तेल का व्यापार व्यावसायिक आधार पर होता है और अगर सौदा सही है, तो भारतीय कंपनियां सबसे अच्छे विकल्प से तेल खरीदेंगी.'

ट्रंप को आई अक्ल? PM मोदी के कदम और US एंबेसी की पोस्ट ने बढ़ाई हलचल

नई दिल्ली चीन में SCO शिखर सम्मेलन के बैनर तले जब दुनिया की तीन महाशक्तियां मिल रही हैं तो इसका प्रभाव अमेरिका तक देखने को मिल रहा है. भारत, चीन और रूस के राष्ट्राध्यक्षों पीएम मोदी, राष्ट्रपति जिनपिंग और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात के बीच भारत में अमेरिकी दूतावास की ओर से एक बेहद अहम पोस्ट किया गया है. इस ट्वीट की टाइमिंग और इसका कंटेट भारत-अमेरिका संबंधों के लिए निर्णायक है.  भारत में अमेरिकी दूतावास की ओर से किए गए इस पोस्ट में कहा गया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है, जो 21वीं सदी का एक निर्णायक रिश्ता है. अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि यह हमारे दोनों देशों के लोगों के बीच की स्थायी मित्रता ही है जो इस यात्रा को ऊर्जा प्रदान करती है.  इस पोस्ट में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का एक बयान भी है. इसमें उन्होंने कहा है कि भारत और अमेरिका के लोगों के बीच गहरी दोस्ती हमारे संबंधों का आधार है.  भारत में अमेरिकी दूतावास का ये ट्वीट तब आया है जब सोमवार सुबह ही चीन में पीएम मोदी, राष्ट्रपति जिनपिंग और राष्ट्रपति पुतिन की गर्मजोशी भरी मुलाकात हुई है. ये मुलाकात तब हो रही है जब ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी का हैवी टैरिफ लगाया है और ट्रंप के सलाहकार और रणनीतिकार भारत के खिलाफ सख्त बयान दे रहे हैं.  चीन के तियानजिन में पीएम मोदी, राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात की चर्चा दुनिया की राजनीति और कूटनीति को प्रभावित करने वाले हर देश की राजधानियों में हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (1 सितंबर 2025) सुबह को SCO के संबोधन में कहा कि ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को आउटडेटेड फ्रेमवर्क्स में कैद रखना भावी पीढ़ियों के प्रति घोर अन्याय है. उन्हें दुनिया को बदलाव को स्वीकार करने का संदेश देते हुए कहा कि नई पीढ़ी के बहुरंगी सपनों को हम पुराने जमाने की ब्लैक-एंड व्हाइट स्क्रीन पर नहीं दिखा सकते. इसके लिए स्क्रीन बदलनी होगी.  प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में रिफॉर्म्स का आह्वान करते हुए कहा कि इसकी 80वीं वर्षगांठ पर हम इसकी शुरुआत कर सकते हैं.  SCO में प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से भी गर्मजोशी भरी मुलाकात की. पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन एक ही कार में बैठकर मीटिंग वैन्यू तक पहुंचे. इसके बाद अमेरिकी दूतावास से ये ट्ववीट आया है. अमेरिकी दूतावास ने इस ट्वीट में भारत के साथ व्यापारिक साझीदारी की दुहाई दी है. इस पोस्ट में भारत में अमेरिकी दूतावास ने लिखा है, "संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है — जो 21वीं सदी का एक निर्णायक रिश्ता है. इस महीने हम उन लोगों, प्रगति और संभावनाओं पर प्रकाश डाल रहे हैं जो हमें आगे बढ़ा रहे हैं. नवाचार और उद्यमिता से लेकर रक्षा और द्विपक्षीय संबंधों तक, यह हमारे दोनों देशों के लोगों के बीच की स्थायी मित्रता ही है जो इस यात्रा को ऊर्जा प्रदान करती है." आगे इस पोस्ट में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बयान है. इस बयान में रुबियो ने कहा है कि, 'दोनों देशों के लोगों के बीच स्थायी मैत्री हमारे सहयोग का आधार है और यह हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है, क्योंकि हम अपने आर्थिक संबंधों की अपार संभावनाओं को साकार करते हैं.' चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने SCO के संबोधन में अमेरिका का नाम लिए बिना 'चौधराहट''शीत युद्ध मानसिकता' और 'धमकाने वाली प्रथाओं' का विरोध करने का संदेश दिया. उन्होंने कहा, "हमें विश्व के एक समान और व्यवस्थित बहुध्रुवीय स्वरूप, तथा सभी के लिए लाभकारी और समावेशी आर्थिक वैश्वीकरण की वकालत करनी चाहिए और वैश्विक शासन प्रणाली को अधिक न्यायसंगत और समतापूर्ण बनाना चाहिए." शी जिनपिंग की भावनाओं से सहमति जताते हुए रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने SCO से यूरोप और एशिया में सुरक्षा की एक "नई प्रणाली" बनाने का आह्वान किया. उन्होंने इसे पश्चिमी नेतृत्व वाले गठबंधनों के विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया, जिसका वे लंबे समय से विरोध करते रहे हैं. 

आतंकवाद पर PM मोदी के तीखे तेवर, PAK को मिली सख्त नसीहत

बीजिंग  शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद पर सीधा हमला बोला और पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया. खास बात यह रही कि मोदी का यह भाषण उस वक्त हुआ जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी वहीं मौजूद थे. क्या बोले पीएम मोदी? पीएम मोदी ने कहा, 'हाल ही में हमने पहलगाम में आतंकवाद का बहुत ही घिनौना रूप देखा. इस दु:ख की घड़ी में, जो मित्र देश हमारे साथ खड़े रहे, मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं. यह हमला केवल भारत की अंतरात्मा पर ही आघात नहीं था, यह मानवता में विश्वास रखने वाले हर देश, हर व्यक्ति को खुली चुनौती थी. ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है, क्या कुछ देशों द्वारा आतंकवाद का खुलेआम समर्थन हमें स्वीकार्य हो सकता है?' 'SCO को लेकर भारत की नीति के तीन स्तंभ' प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में SCO को लेकर भारत की नीति के तीन स्तंभ बताए- S यानी Security (सुरक्षा), C यानी Connectivity (कनेक्टिविटी) और O यानी Opportunity (अवसर). उन्होंने कहा कि सुरक्षा, शांति और स्थिरता विकास की नींव हैं, लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद इस राह की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं.  मोदी का भाषण सुन उड़ा शहबाज के चेहरे का रंग उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद पर किसी भी तरह के डबल स्टैंडर्ड स्वीकार्य नहीं होंगे और सभी देशों को एकजुट होकर इसका हर रूप में विरोध करना होगा. पीएम मोदी जब आतंकवाद पर भाषण दे रहे थे तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उनके सामने ही बैठे थे. जैसे ही पीएम ने पहलगाम हमले का जिक्र किया शहबाज के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं.