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MP कैबिनेट की बड़ी सौगात: भोपाल में 371.95 करोड़ से बनेगा EMCS, गीता भवन-वेलनेस सेंटर को हरी झंडी

भोपाल   मध्य प्रदेश सरकार अब इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में 371.95 करोड़ रुपये की लागत से भोपाल के बैरसिया क्षेत्र स्थित ग्राम बांदीखेड़ी में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMCS 2.0) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह क्लस्टर 210.21 एकड़ भूमि पर स्थापित होगा और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि यह परियोजना भारत सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुरैना शुगर मिल होगी आधुनिक बैठक में अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। भाजपा के संकल्प पत्र के अनुरूप प्रदेश में पांच आयुर्वेदिक महाविद्यालय और वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना और 20 नवीन पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली। यहां शुगर, थायरॉइड जैसी बीमारियों का बेहतर इलाज हो सकेगा। साथ ही एक डायटीशियन को आउटसोर्स आधार पर नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया। जनजातीय छात्रों को अब 12 माह छात्रवृत्ति आदिवासी छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले जनजातीय बालक-बालिकाओं को अब 12 माह की छात्रवृत्ति मिलेगी, जबकि पहले यह केवल 10 माह तक सीमित थी। सिविल सेवा कर्मचारियों के अवकाश नियमों को भारत सरकार के अनुरूप किया जाएगा। सेरोगेसी से बच्चे होने पर मातृत्व अवकाश देने की पात्रता भी स्वीकृत की गई। प्रत्येक निकाय में बनेंगे गीता भवन समाज में पठन-पाठन और साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने “गीता भवन” योजना को मंजूरी दी है। अगले पांच वर्षों (2025-26 से 2029-30) तक प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवन स्थापित किए जाएंगे। बैठक में मुरैना की बंद शुगर मिल को आधुनिक मिल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। यदि यह संभव नहीं होता तो वहां MSME उद्योगों की स्थापना की जाएगी। साथ ही मजदूरों को बकाया 54.81 करोड़ रुपये की राशि भी दी जाएगी।  

3 साल में 22,500 पुलिसकर्मी भर्ती होंगे, CM यादव की घोषणा पर तेज हुई प्रक्रिया

भोपाल  मध्य प्रदेश के पुलिस थानों में खाली पड़े हजारों पद जल्दी भर लिए जायेंगे, सरकार ने इसकी तैयारियां तेज कर दी है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बीते 15 अगस्त को घोषणा करते हुए कहा कि अगले तीन साल में ये भर्तियाँ हो जायेंगी इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने भर्तियों के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की भी घोषणा की। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री डॉ मोहन यादव की घोषणा के बाद से प्रदेश के युवा उत्साहित हैं, विशेष रूप से उन युवाओं में बहुत उत्साह है जो लंबे समय से पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे थे और खाकी वर्दी पहनने का सपना दिल में संजोये बैठे हैं, उनके सपने जल्दी ही हकीकत में बदलने वाले हैं। सीएम डॉ मोहन यादव ने 15 अगस्त को पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मेरी जानकारी में आया है हमने  7500 पदों पर भर्ती की अनुमति दी है लेकिन अभी भी 20 हजार पद पुलिस विभाग में खाली है, उन्होंने कहा कि हम अगले तीन सालों में सभी खाली पदों को भर देंगे। सीएम ने की पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने की घोषणा  सीएम ने पुलिस के आला अधिकारियों की तरफ देखते हुए कहा कि पहले ये भर्तियाँ कर्मचारी चयन मंडल करता था  जिसमें कई तरह की परेशानियाँ आती थी इसलिए आप इसके लिए बोर्ड बनाइये मैं पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने की घोषणा करता हूँ, जिससे आप अपने हिसाब से भर्ती कर सकेंगे।  इससे पुलिस भर्ती में तेजी, पारदर्शिता और परफेक्शन आएगा। तीन वर्ष तक हर साल होगी 7500 पदों पर भर्ती  मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 के लिए पुलिस में स्वीकृत पदों की भर्ती मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से कर्मचारी चयन मंडल करेगा। वर्ष 2026 से ये भर्तियां पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा ही की जाएंगी। प्रतिवर्ष पुलिस के रिक्त 7500 पदों पर भर्ती की जाएगी और इस प्रकार आगामी 3 वर्ष में पुलिस विभाग के सभी रिक्त 22,500 पद भर दिए जाएंगे। वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात अफसरों के लिए ये घोषणा   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस, जेल और नगर सेवा एवं सुरक्षा तीनों विभागों के शहीदों की विधवाओं और बच्चों के लिए स्नातक स्तर के सभी पाठ्यक्रमों में विभिन्न प्राथमिकता श्रेणियां में एक अतिरिक्त सीट पर आरक्षण दिये जाने की घोषणा भी की है। वीवीआइपी ड्यूटी में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों सहित उप पुलिस अधीक्षक और इससे उच्च अधिकारियों को भी पात्रता अनुसार निर्धारित विशेष भत्ता एवं जोखिम भत्ता दिये जाने का निर्णण भी लिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व फोटोग्राफी दिवस की दी शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व फोटोग्राफी दिवस पर सभी फोटोग्राफरों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पर प्रेस प्रकोष्ठ से जुड़े फोटोग्राफरों के साथ फोटो खिंचवाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फोटोग्राफी न केवल एक कला है, बल्कि यह जीवन के पलों को कैप्चर करने और उन्हें अमर बनाने का एक सर्व सुलभ साधन भी है। फोटोग्राफर हमारी सांस्कृतिक विविधता, प्रदेश की समृद्ध विरासत और सुंदरता को विश्व के सम्मुख प्रस्तुत करने का प्रभावी माध्यम हैं। हमारे फोटोग्राफर साथी अपनी विधा में वैश्विक स्तर पर आ रही अद्यतन तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर अपनी रुचि और व्यवसाय में अग्रसर हों। साथ ही फोटोस के माध्यम से समाज को अविस्मरणीय पलों व भावों को सदा के लिए सहेजने की धरोहर सौंपते रहें। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से जीआईएस में हुए एमओयू को मिला ठोस स्वरूप

जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश में एआई, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास के अवसर तलाशे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से जीआईएस में हुए एमओयू को मिला ठोस स्वरूप जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने मध्यप्रदेश में एआई और नवाचार के नए अवसर तलाशे मध्यप्रदेश में अनुसंधान और विकास के अवसरों पर जर्मनी की खास नजर एआई, नवाचार और R&D में साझेदारी की संभावनाओं को लेकर जर्मन टीम का दौरा मैं चाहूँ तो इसे शॉर्ट और सोशल मीडिया फ्रेंडली हेडलाइन में भी बदल सकता हूँ भोपाल  इंदौर स्थित इन्फोबीन्स कैंपस में सोमवार को “एमपी-ग्लोबल इनोवेशन एवं अनुसंधान और विकास एक्सचेंज प्रोग्राम-2025” की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। पाँच दिवसीय इस आयोजन के प्रथम दिवस पर जर्मन व्यवसायिक प्रतिनिधिमंडल ने कॉर्पोरेट इंटरैक्शन की श्रृंखला में भाग लिया और मध्यप्रदेश में नवाचार तथा अनुसंधान और विकास की संभावनाओं का गहन अवलोकन किया। यह कार्यक्रम एमपीआईडीसी और जर्मन-इंडिया इनोवेशन कोर (जीआईआईसी) के बीच हुए समझौते का ठोस स्वरूप है, जिसे इन्क्यूबेशन मार्क्स के सहयोग से आयोजित किया गया। नवंबर 2024 में मुख्यमंत्री की जर्मनी यात्रा तथा भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के दौरान हुए इस एमओयू ने द्विपक्षीय सहयोग को नए आयाम दिए हैं। इसके तहत जर्मन निवेशकों को मध्यप्रदेश में प्रमुख निवेश स्थान के रूप में आकर्षित करने, नवाचार और अनुसंधान को सशक्त बनाने तथा तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम में “भारत से वैश्विक स्तर के डिजिटल उत्पाद बनाना”, "भारतीय नवाचार परिदृश्य" और “एजिलिटी के साथ स्केलिंग- भारतीय और जर्मन दृष्टिकोण” विषयों पर फायरसाइड चैट आयोजित की गई। इस दौरान दोनों पक्षों के विशेषज्ञों ने नवाचार, अनुसंधान और विकास तथा सीमा-पार कारोबारी सहयोग पर अपने विचार साझा किए। प्रतिनिधियों ने टैलेंट एक्विज़िशन प्रैक्टिस, कल्चर-फोकस्ड एचआर मॉडल और शक्ति महिला सशक्तिकरण पहल का भी अवलोकन किया। भारतीय यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स जैसे जोहो, फ्रेशवर्क्स और ब्राउज़रस्टैक की सफलता का उल्लेख करते हुए जर्मन प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश में एआई विकास, तकनीकी साझेदारी, संभावित अनुसंधान एवं विकास केंद्र और युवाओं के लिए रोजगार अवसर तलाशने में गहरी रुचि दिखाई।  

हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग अभियान की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश

जन-जन को जोड़ें हर घर तिरंगा अभियान से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं की बढ़ाएं सहभागिता हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग अभियान की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आजादी अनमोल है। आजादी सिर्फ़ एक अधिकार मात्र नहीं है, यह हमें देश के विकास में हर संभव योगदान देने का कर्तव्यबोध भी कराती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, शुचिता और मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स (स्वदेशी वस्तुएं) अपनाने की जागरूकता को भी हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के दौरान प्रभावी गतिविधियां की जाएं। इसे ऑपरेशन सिंदूर के सैन्य पराक्रम से जोड़कर युवाओं की सहभागिता बढ़ाएं। अधिक से अधिक तिरंगा यात्रा, तिरंगा रैली, मानव श्रृंखलाएं, साइकल रैली, बाइक रैली, रंगोली प्रतियोगिता और देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर अभियान में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। आमजन को आसानी से राष्ट्रध्वज उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तिरंगा यात्रा के संदर्भ में जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से परामर्श लेकर जिले के प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, सांस्कृतिक मंडलों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, वरिष्ठ नागरिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों, पेंशनर्स, सेवानिवृत्त सैनिकों और समाजसेवियों को भी आवश्यक रूप से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को निवास स्थित समत्व भवन में “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग” अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक में वर्चुअली जुड़े प्रदेश के सभी कमिश्नर्स, कलेक्टर्स, आईजी और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि हर घर तिरंगा अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समुचित समन्वय कर इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय होकर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देशभक्ति, स्वच्छता और स्वदेशी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प है। हर घर तिरंगा अभियान में झण्डे के निर्माण और झण्डे के इतिहास से संबंधित कहानियों एवं प्रसंगों का प्रचार-प्रसार किया जाए। इस विषय पर बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकती हैं, इससे बच्चों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत होगी। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्राओं और तिरंगा रैलियों में राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य संदीप यादव, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित हर घर तिरंगा अभियान से जुड़े अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश और प्रदेश के विकास में सबकी सहभागिता और सबका योगदान जरूरी है। प्रदेश के हर नागरिक को हर घर तिरंगा अभियान से जोड़ें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का संचालन सुचारू और नियोजित तरीके से किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें। तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर आमजन हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि अभियान के शेष दिनों में सभी कलेक्टर्स प्रिंट, सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया आदि जनसंचार माध्यमों में अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। रोजाना की गतिविधियों को मीडिया को दें, जिससे जनसामान्य इस अभियान से जुड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के लिए झण्डों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर ली जाए। इसमें स्वसहायता समूहों की मदद भी लें। जिला पर्यटन विकास परिषद के माध्यम से तिरंगा यात्रा एवं अन्य आकर्षक आयोजनों के जरिए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और देश की सांस्कृतिक विरासतों के बारे में जनसामान्य को बताएं। जिलों में मौजूद धार्मिक और लोकमान्यता वाले स्थलों पर भी हर घर तिरंगा से जुड़ी गतिविधियां की जाएं। साथ ही जिले के स्थानीय रणबांकुरों, क्रांतिकारियों, स्वतंत्रा सेनानियों तथा स्वतंत्रता के बाद देश की एकता और अखण्डता के लिए अपना बलिदान देने वाले वीर सैनिकों का पुण्य स्मरण भी तिरंगा अभियान के दौरान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के जवानों और विभिन्न अभियानों में शहीद हुए जवानों के परिजन को 13 से 15 अगस्त तक होने वाले हर घर तिरंगा अभियान एवं स्वाधीनता दिवस कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। इसमें व्यापारिक और व्यावसयिक संगठनों का सहयोग लें। हर घर तिरंगा अभियान के अनुभवों का दस्तावेजीकरण भी कर लें। बैठक में अभियान के नोडल संस्कृति विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अभियान के अंतर्गत अब तक हुईं गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान का प्रथम चरण बखूबी पूरा कर लिया गया है। प्रदेश के 406 निकायों में 1331 जनजागरूकता अभियान चलाए गए। करीब 1700 विद्यालयों में तिरंगा से प्रेरित सार्वजनिक कला एवं रंगोली का निर्माण किया गया। झण्डे के निर्माण के लिए 235 स्व-सहायता समूहों का सहयोग लिया गया। 980 सामुदायिक स्वच्छता अभियान चलाए गए। 1451 सीटी/पीटी जैसी सार्वजनिक सम्पत्ति के रखरखाव के लिए स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में अब तक 2 लाख 87 हजार 345 नागरिकों ने सहभागिता की। अभियान में एक लाख 72 हजार से अधिक विद्यार्थियों की भी सहभागिता दर्ज की गई है। अभियान का दूसरा चरण जारी है। इसमें वृहद स्तर पर गतिविधियां की जा रही हैं। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से स्थानीय उत्पादों, स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों, तिरंगे के रंग की थीम वाली वस्तुओं जैसे खाद्य सामग्री, वस्त्र, सौंदर्य प्रसाधन, श्रृंगार सामग्री आदि की बिक्री पर केन्दित तिरंगा मेला आयोजित किए जा रहे हैं। नगारिकों को तिरंगे के साथ सेल्फी लेने और उसे हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभियान के तीसरे चरण में सभी शासकीय भवनों, शैक्षणिक संस्थनों, होटलों, कार्यालयों, बांधों, पुलों आदि पर ध्वजारोहण समारोह और प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। बताया गया कि यह अभियान सामूहिक उत्सव और नागरिक एकता की भावना पर आधारित है, जिसमें स्वतंत्रता के सार को स्वच्छता और सुजलता के संकल्प से जोड़ा गया है। स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन के तहत गांवों/ग्राम पंचायतों में गतिविधियों की श्रृंखला, जिसमें स्वच्छ सुजल … Read more

CM मोहन का ‘मेक इन MP’ विजन साकार, राज्य में शुरू होगा प्रीमियम रेल कोच निर्माण

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य को लगातार विकास के पथ पर ले जा रहे हैं। सीएम डॉ. यादव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' मंत्र को साकार कर रहे हैं। वे 'मेक इन मध्यप्रदेश' की ओर बढ़ रहे हैं। राज्य को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव लगातार उद्योगपतियों से मुलाकात कर रहे हैं। वे लगातार इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित कर प्रदेश में निवेश और रोजगार को आकर्षित कर रहे हैं। दरअसल, भारत सरकार की बड़ी कंपनियों में से एक भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) प्रदेश में बड़ा प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत देश की प्रीमियम ट्रेनों वंदे भारत, अमृत भारत और मेट्रो कोच का निर्माण किया जाएगा।  इस परियोजना की लागत 1800 करोड़ रुपये है। इस प्रोजेक्ट को ब्रह्मा (BRAHMA) नाम दिया गया है। इस कंपनी से प्रदेश के हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर भारत की ओर एक बड़ा और अहम कदम है।   गौरतलब है कि बीईएमएल इस प्रोजेक्ट की स्थापना रायसेन जिले के गांव उमरिया में कर रही है। इस प्रोजेक्ट में 5000 लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। खास बात है कि यह पहला मौका है जब इस प्रकार के रेलवे कोच निर्माण की सुविधा मध्यप्रदेश को मिलने जा रही है। यह राज्य को देश के रेलवे प्रोडक्शन मैप पर अहम स्थान दिलाएगा। जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के लिए उमरिया गांव की तहसील गौहरगंज में 148 एकड़ जमीन का आवंटन किया जा चुका है। इस प्रोजेक्ट की दूरी ओबैदुल्लागंज से 4 किमी, एनएच-46 से एक किमी और भोपाल एयरपोर्ट से 50 किमी है।  लगातार बढ़ेगा रोजगार बता दें, बीईएमएल इस क्षेत्र में 1800 करोड़ रुपये की लागत से वंदे भारत, अमृत भारत, मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। शुरुआत में कंपनी सालाना 125-200 कोचों का निर्माण करेगी। 5 साल के अंदर इनकी संख्या 1100 कोच होगी। इस प्रोजेक्ट से भोपाल और रायसेन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर छोटे उद्योगों का निर्माण होगा। ये उद्योग आने वाले समय में बीईएमएल को प्रोडक्शन का मटेरियल बनाकर सप्लाई करेंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। इससे स्थानीय युवाओं के कौशल विकास और प्रशिक्षण के अवसर उत्पन्न होंगे। मिशन ज्ञान और पीम मोदी के मंत्र पर सीएम डॉ. यादव का फोकस गौरतलब है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा फोकस मेक इन इंडिया पर है। राज्य सरकार भी लगातार पीएम मोदी के मंत्र पर चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास और मिशन ज्ञान की पूर्ति के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं। प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव अब मेक इन मध्यप्रदेश की ओर बढ़ चले हैं। इससे युवाओं को रोजगार तो मिलेगा ही, साथ ही उद्योग स्थापित होंगे और समाज के अंतिम व्यक्ति का भी कल्याण होगा। बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश का सबसे विकसित राज्य बनाने की ओर अग्रसर हैं। इसके लिए वे देश के साथ-साथ विदेशों में भी प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने एक ओर जहां देश के कई राज्यों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की, वहीं जापान-दुबई-स्पेन में उद्योगपतियों से संपर्क कर निवेश को राज्य तक ले लाए।  आत्मनिर्भर भारत की दिशा में वैश्विक कदम गौरतलब है कि, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) का यह नया प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कदम है। इस कंपनी का प्रोजेक्ट ब्रह्मा (BRAHMA) भारत का नेक्स्ट-जेन रेल मैन्युफैक्चरिंग हब है। यह केवल एक संयंत्र नहीं, बल्कि एक दृष्टिकोण है। यह आत्मनिर्भर भविष्य के लिए तैयार और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी प्रोजेक्ट है। बता दें, बीईएमएल लिमिटेड रक्षा मंत्रालय के तहत ‘शेड्यूल ए’ की कंपनी है। य रक्षा, रेल, खनन और निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बीईएमएल तीन क्षेत्रों में रक्षा-एयरोस्पेस, खनन-निर्माण और रेल-मेट्रो क्षेत्रों में काम करती है।

जल्द ही रेल की सौगात भी मिलेगी आगर-मालवा को, जिले के हरेक गांव और एक-एक खेत तक पहुंचेगा पानी : CM यादव

भाई-बहन का स्नेहिल बन्धन शाश्वत है और रहेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को हर माह दिये जायेंगे 1500 रूपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल्द ही रेल की सौगात भी मिलेगी आगर-मालवा को, जिले के हरेक गांव और एक-एक खेत तक पहुंचेगा पानी : CM  यादव पीकेसी नदी जोड़ो परियोजना से आगर-मालवा भी होगा लाभान्वित आगर-मालवा जिले को मिले दो आईएसओ प्रमाण-पत्र मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में बहनों से बंधवाई राखी और दिये उपहार दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण मुख्यमंत्री आगर मालवा जिले में रक्षाबंधन पर्व में हुए शामिल आगर मालवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, सम्मान हैं, अभिमान हैं। बहनों के बिना यह संसार सूना है। उन्होंने कहा कि जीवन तो नश्वर है, पर भाई-बहन का ये स्नेहिल रिश्ता शाश्वत है और आगे भी रहेगा। जब तक संसार है, यह अनमोल और अटूट रिश्ता भी अजर-अमर ही रहेगा। उन्होंने कहा कि हमने बहनों को उनका हर वाजिब हक दिलाया है। बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबकी राखी स्वीकार की और कहा कि आप सबके आशीर्वाद से ही मुझे प्रदेश के विकास के लिए प्राण-प्रण से जुटे रहने की असीम ऊर्जा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को आगर मालवा जिले के बाबा बैजनाथ महादेव धाम में श्रावण पर्व के अवसर पर आयोजित भव्य रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बहनों और दिव्यांगजनों के प्रति गहरा स्नेह, सम्मान और इनके प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की। उन्होंने दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी बहनों से राखी बंधवाई, उन्हें मिठाई खिलाई, उपहार दिए, सावन के झूले में झूलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों को श्रावण एवं रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में देवी अहिल्या नारी शक्ति कल्याण मिशन चलाया जा रहा है। इस मिशन के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हमारी सरकार मिशन मोड पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे दिव्यांगजन परमात्मा के दिव्य अंश हैं। इन्हें परमेश्वर ने विशेष शक्तियों से नवाजा है। इन्हें सिर्फ़ प्रोत्साहन की जरुरत है और हमारी सरकार हर कदम पर इनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शैक्षणिक मदद, पेंशन राशि या शासकीय सेवा में आरक्षण देने की बात हो, हमारी सरकार ने इनके समग्र कल्याण के लिए सभी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए हैं। आने वाला समय महिलाओं का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनें चिंता न करें, आने वाला समय महिलाओं का ही है। राज्य की विधानसभा हो या देश की लोकसभा सबमें महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ने वाला है। उन्होंने कहा कि भारतीय तीज-त्यौहारों में एक संदेश छूपा होता है, जो समझने की जरूरत है। हम कुटुंब परम्परा के संवाहक है। भाई-बहन इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हैं। बहनों के आशीष से हर घर में बरकत है। हमारे आनंद के मूल में बहनें ही हैं। बहनें दो घरों को रोशन करती हैं। वे दो कुलों को जोड़ती हैं, उन्हें पालती-पोसती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरोधी लोगों की बातों में कभी न आएं। प्रदेश की कोई भी जनकल्याणकारी योजना बंद नहीं होगी। अभी बहनों को हर महीने 1250 रूपए मिल रहे हैं। इसी रक्षाबंधन को 250 रूपए शगुन के रूप में दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रूपए दिए जाएंगे। इसी तरह साल दर साल राशि बढ़ाते हुए वर्ष 2028 तक हमारी सरकार बहनों को 3000 रूपए महीने देगी। उन्होंने कहा कि बहनों के लिए सब कुर्बान है, बहनों के लिए हम कोई कमी नहीं कखेंगे। आगर-मालवा में हो रहा करीब 4 हजार करोड़ रूपए का निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर-मालवा जिले की तकदीर और तस्वीर जल्दी बदलने वाली है। यहां करीब 4 हजार करोड़ की बड़ी राशि का निवेश हो रहा है। यहां आलू से जुड़े उत्पादों का बड़ा कारखाना स्थापित होने वाला है। इससे यहीं के लोगों को रोजगार मिलेगा। किसानों को उनके द्वारा उगाए जा रहे आलू की लागत से चार गुना ज्यादा कीमत मिलेगी। पीकेसी के बड़े लाभ का हिस्सा बनेगा आगर-मालवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का बड़ा लाभ आगर-मालवा जिले को भी मिलेगा। इससे जिले के हर एक गांव और कस्बे को पीने का पानी मिलेगा साथ ही यहां के एक-एक खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा हुई है। आगर-मालवा जिले को भी जल्द ही रेल की सौगत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर में मेट्रो रेल शुरू हो चुकी है, भोपाल में जल्द ही शुरू होने वाली है। इससे पहले रायसेन जिले में वंदे भारत और मेट्रो रेल के कोच बनाने की बीईएमएल की रोलिंग स्टॉक फैक्ट्री का भूमिपूजन होने जा रहा है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री 10 अगस्त को इस फैक्ट्री का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष जताया कि आगर-मालवा जिले के थाना आगर-मालवा और एसडीओपी ऑफिस आगर-मालवा को आईएसओ प्रमाण-पत्र मिला है। कार्यक्रम में विधायक आगर-मालवा श्री माधौसिंह गेहलोत, शाजापुर विधायक श्री अरूण भीमावद, श्री ओम मालवीय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में जिले के स्व-सहायता समूहों, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी संस्थान की बहनें, खिलाड़ी बहनें और स्कूल की बेटियां/बहनें भी उपस्थित थीं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया

बहनों के स्नेह और आशीर्वाद से निरंतर विकास की नई गाथा लिख रहा है प्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हुए उज्जैन को सिंहस्थ महापर्व के लिये किया जा रहा है तैयार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रक्षाबंधन सभी पर्वों का राजा है। यह पर्व भाई और बहन के बीच अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व है। इस पर्व का पूरे वर्ष सभी भाई-बहनों को बेसब्री से इंतजार रहता है। बहनों के स्नेह और आशीर्वाद से ही हम प्रदेश में विकास की नई गाथा लिख रहे हैं। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हुए आने वाले समय में उज्जैन को सिंहस्थ महापर्व के लिए तैयार कर रहे हैं। उज्जैन को निरंतर विकास कार्यों की अनगिनत सौगातें मिल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कालिदास अकादमी परिसर में 109 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सीमा के जवान और खेत के किसान दोनों का विशेष ध्यान रखते हैं। प्रधानमंत्री के द्वारा निरंतर हमारी सेना और किसानों के विकास के लिए कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लाड़ली बहनों से कहा कि हमारी बहनें परिवारों का विेशेष ध्यान रखती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर कन्या-पूजन किया और बहनों से राखी बंधवाई गई। सभी बहनों की ओर से मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीकात्मक वृहद राखी भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर आनंद नगर के पूजा स्व-सहायता समूह के द्वारा हाथ से बनाई गई राखियों के स्टॉल का अवलोकन किया। समूह की महिलाओं के द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी महिलाओं को अपनी ओर से रक्षाबंधन पर साड़ी और मिठाई उपहार स्वरुप दी। साथ ही परंपरा अनुसार लाड़ली बहनों को सावन का झूला भी झुलाया। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के कार्यालय और कर्मचारी आवास इकाई का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर 100 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में शुक्रवार को 9 करोड़ 99 लाख रुपए लागत के नवनिर्मित आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के कार्यालय और कर्मचारी आवास इकाई का लोकार्पण किया। साथ ही परिसर का अवलोकन भी किया। नवनिर्मित आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई का निर्माण 12 माह में किया गया है। इकाई का कुल निर्मित क्षेत्रफल 3126.02 वर्ग मीटर (33636.00 वर्ग फीट) है। भवन की निर्माण एजेंसी म.प्र. पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास है। नवनिर्मित भवन में प्रशासनिक भवन, 1 पुलिस अधीक्षक आवासगृह, 2 उप पुलिस अधीक्षक आवासगृह, 8 एन.जी.ओ. आवासगृह, 12 काँस्टेबल आवासगृहों का निर्माण किया गया है। प्रशासनिक भवन का निर्माण 1327.76 वर्ग मीटर (14287 वर्ग फीट) में किया गया है। भवन में पार्किंग, ड्राईवर रूम एवं गार्ड रूम का प्रावधान भी किया गया है। नवनिर्मित भवन में 2 तल हैं। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री ओम जैन, श्री राजेंद्र भारती, श्री संजय अग्रवाल, श्री जगदीश पांचाल एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।  

दस्तावेजों का पेपरलेस ई-पंजीयन करने वाला देश का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर 10 अक्टूबर 2024 को राज्य स्तर पर शुरू किए गए संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर ने मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। इस अभिनव पहल को वर्ष 2025 का ‘राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार’ में ‘स्वर्ण’ श्रेणी का सम्मान प्राप्त हुआ है। भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा यह पुरस्कार "Government Process Re-engineering by use of technology for Digital Transformation" श्रेणी में प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों, वाणिज्यिक कर विभाग, महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक तथा परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “संपदा 2.0 ने मध्यप्रदेश को डिजिटल भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाया है। यह पहल न केवल पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि लोगों को बिना कार्यालय आए, सुरक्षित और सरल तरीके से पंजीयन सुविधा उपलब्ध कराएगी। यह हमारे डिजिटल और सुशासन के संकल्प का महत्वपूर्ण कदम है।” भूमि प्रबंधन में विभाग की एक ऐतिहासिक पहल : उप मुख्यमंत्री देवड़ा उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने इस उपलब्धि को भूमि प्रबंधन में विभाग की एक ऐतिहासिक पहल बताया और प्रदेशवासियों को बधाई दी। प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर विभाग एवं महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक ने भी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने दस्तावेजों का पूर्णत: पेपरलेस ई-पंजीयन प्रारंभ किया है। भारतीय स्टाम्प अधिनियम के अंतर्गत लगभग 140 प्रकार के दस्तावेजों में से 75 दस्तावेजों का वीडियो के-वाई-सी के माध्यम से फेसलेस पंजीयन संभव हुआ है, जिसमें उप-पंजीयक कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं रहती। यह प्रक्रिया इम्परसनेशन एवं भूमि संबंधी विवादों को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगी। संपदा 2.0 में जीआईएस तकनीक सहित अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब कोई भी व्यक्ति कहीं से भी, कभी भी, www.sampada.mpigr.gov.in पोर्टल के माध्यम से ई-स्टांप प्राप्त कर सकता है। इसके मोबाइल ऐप से राज्य की किसी भी क्षेत्र की गाइडलाइन दरें तत्काल देखी जा सकती हैं। पूर्ववर्ती संपदा 1.0 की तुलना में संपदा 2.0 में पक्षकारों और संपत्ति की पहचान आधार ई-ओथ एवं ई-केवाईसी के माध्यम से की जाती है, संपत्ति का विवरण संबंधित विभाग से सीधे एकीकृत कर लिया जाता है और दस्तावेज का प्रारूपण स्वचलित रूप से विधिक आवश्यकताओं सहित तैयार होता है। दस्तावेजों पर ई-साइन अथवा डिजिटल साइन से हस्ताक्षर किए जाते हैं और पंजीयन पूर्ण होते ही ईमेल और व्हाट्सऐप पर उपलब्ध हो जाते हैं। यह सम्मान 28वें नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस में प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार की घोषणा केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे एवं पुष्टिकरण की तीन-स्तरीय प्रक्रिया के बाद की गई है।  

एमपी सदन में गूंजे नाराजगी के सुर, बीजेपी विधायकों ने सरकार की खोली पोल

 भोपाल मध्य प्रदेश बीजेपी में सब ठीक है? ये सवाल, बीजेपी विधायकों के सवाल से ही खड़े हो रहे हैं। दरअसल, विधानसभा के सत्र में जिस तरह के सवाल बीजेपी के विधायकों ने उठाए, उसकी उम्मीद तो सरकार को नहीं थी। एक दर्जन से अधिक विधायकों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर सत्तापक्ष की मुश्किलें बढ़ा दी। इस दौरान कानून व्यवस्था लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक न पहुंचना, जैसे मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। विपक्षी की तरह सवाल किए बीजेपी विधायक सदन में बीजेपी विधायक, सत्ता पक्ष में विपक्षी MLA की तरह सवाल कर रहे थे। विधायकों के तेवर देख सरकार पूरी तरह से बैक फुट पर आ गई। वहीं विपक्षी विधायक फ्रंट फुट पर सियासी बल्लेबाजी करने लगे, और तीखे सवाल पूछने लगे। कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने तो यहां तक कह दिया कि बीजेपी के अपने ही विधायक संतुष्ट नहीं हैं, तो साफ है सरकार जमीनी स्तर पर काम नहीं कर रही। कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। आम आदमी को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं कांग्रेस विधायक के आरोपों पर प्रेदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी एक लोकतांत्रिक पार्टी है। यही कारण है इसके विधायक जनता के मुद्दों को उठाते हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस सकारात्मक राजनीति करने और जनहित में सहयोग करने की सलाह दी। बीजेपी के इन विधायकों ने उठाए सवाल बता दें कि सदन में सवाल उठाने वाले बीजेपी विधायकों में वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव भी है। उन्होंने आदिवासियों को दिए गए पट्टों पर कब्जे का मुद्दा उठाया है। उमाकांत शर्मा ने सरकारी जमीनों पर बढ़ते अतिक्रमण और उनके न हटाए जाने पर चिंता जताई। वहीं गायत्री राजे पवार ने उज्जैन की शिप्रा नदी में फैक्ट्रियों के दूषित पानी का मामला उठाकर सरकार को सकते में डाल दिया। इन विधायकों के अलावे संजय पाठक ने खाद वितरण में अनियमितताओं, आशीष शर्मा ने लव जेहाद की बढ़ती घटनाओं, रमेश खटीक ने बिजली बिलों में ब्याज माफी न होने, नीना वर्मा ने शांति समितियों के गठन में देरी और भूपेंद्र सिंह ने गिरते भूजल स्तर पर ठोस नीति की मांग कर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।