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PM मोदी ने समझाया पूरा रोडमैप: तेल-गैस संकट में कैसे सुरक्षित रहेगा भारत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान में जारी जंग के चलते जारी तेल और गैस को लेकर लोकसभा में भाषण दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश के लोगों के हित सुरक्षित रहेंगे और सरकार सभी जरूरी प्रयास कर रही है। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि हम शांति के पक्ष में हैं और इसके लिए सारे प्रयास करेंगे। यही नहीं उन्होंने यह चिंता भी जताई कि इस जंग का असर लंबे समय तक रह सकता है और हमें संयम के साथ हालात से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हम कोरोना में तैयार थे और उसका फायदा मिला था। उसी तरह हमें फिर से धीरज और संयम के साथ हर चुनौती का सामना करना है। यही हमारी पहचान है और यही हमारी ताकत है। हमें बहुत सावधान और सतर्क भी रहना है। हालात का फायदा उठाने वाले झूठ फैलाने का भी प्रयास करेंगे। ऐसे लोगों की कोशिशों को सफल नहीं होने देना है। करीब एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं और वहां काम करते हैं। वहां समंदर में चलने वाले जहाजों में भी बड़ी संख्या में क्रू मेंबर भारतीय ही हैं। इसलिए यह जरूरी है कि भारत की संसद से एकजुट आवाज दुनिया में जाए। इस जंग के शुरू होने के बाद से ही प्रभावित देशों में भारतीयों को जरूरी मदद दी जा रही है। मैंने खुद पश्चिम एशिया के सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से दो राउंड फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। दुर्भाग्य से इस दौरान कुछ भारतीयों की मृत्य हुई है और कुछ घायल हुए हैं। प्रभावित देशों में हमारे मिशन भारतीयों को मदद कर रहे हैं। वहां गए पर्यटक हों या फिर काम करने वाले लोग, सभी को हेल्प की जा रही है। हमारे दूतावासों की ओर से लगातार एडवाइजरी जारी हो रही है और हेल्प लाइन भी स्थापित हैं। देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारे लिए प्राथमिकता रही है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय वापस लौट चुके हैं। ईरान समेत कई देशों में सीबीएसई के स्कूल चलते हैं। वहां सुरक्षा के लिहाज से परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं। भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से आते हैं। इस जंग के बाद से ही जहाजों का आना-जाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके बाद भी हमारी सरकार का यह प्रयास रहा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई ज्यादा प्रभावित ना हो। हम सभी जानते हैं कि देश अपनी जरूरत की 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है। इसकी सप्लाई में अनिश्चितता के कारण सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा देश में ही इसके उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सुचारू रूप से होती रहे। इसके लिए भी काम किया जा रहा है। देश में कितना बड़ा है तेल का भंडार, PM मोदी ने बताई तैयारी बीते एक दशक में एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर उठाए गए कदम और भी प्रासंगिक हो गए हैं। अपने अपने ऊर्जा आयात को डाइवर्सिफाई किया है। पहले 27 देशों से हम आयात करते थे। अब एनर्जी इंपोर्ट हमारा 41 देशों से हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास 53 लाख मीट्रिक तेल रिजर्व है। हम 65 लाख तक इसे पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। कंपनियों के पास जो रिजर्व होता है, वह अलग है। हम अलग-अलग देशों के साथ भी संपर्क में है, जहां से सप्लाई ली जाए। हमारी प्राथमिकता यही है कि जहां से भी संभव हो, वहां से सप्लाई आती रहे। भारत की सरकार खाड़ी और उसके आसपास के रास्तों पर नजर बनाए हुए है। हमारी पूरी कोशिश है कि भारत आने वाले सभी जहाज सुरक्षित रूप से यहां पहुंचें। पेट्रोल, डीजल के संकट से निपटने में किस चीज का फायदा देश की एक और तैयारी इस समय काम आ रही है। बीते 10 से 11 सालों में एथेनॉल की ब्लेंडिंग पर खूब काम हुआ है। आज पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग हो रही है। इससे हमें प्रति वर्ष करीब 4 करोड़ बैरल तेल हर साल कम इंपोर्ट हो रहा है। इससे बड़ा फायदा हो रहा है। फिर रेलवे के विद्युतीकरण ने भी हमें फायदा पहुंचाया है। पीएम मोदी ने कहा कि मैं किसानों को भरोसा दिलाता हूं कि सरकार हरसंभव मदद करती रहेगी। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना में भी सप्लाई बाधित थी, लेकिन किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं हुआ था। इस बार भी ऐसा ही किया जाएगा। युद्ध की बड़ी चुनौती यह भी है कि आने वाले समय में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की डिमांड बढ़ेगी। फिलहाल देश के सभी पावर प्लांट में कोयला की सप्लाई है। 'लंबे समय तक रहेगा असर, कोरोना की तरह रहें तैयार' उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को रोकना अस्वीकार्य है। भारत हमेशा से मानवता के हित में और शांति के पक्ष में अपनी आवाज उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि मैं फिर कहूंगा कि कूटनीति ही इसका एक प्रयास है। हमारा प्रयास इसलिए है कि युद्ध समाप्त हो और शांति आए। भारत का प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करने का है। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे संकट जब आते हैं तो कुछ तत्व इसका गलत फायदा उठाने की कोशिश भी करते हैं। इसलिए कानून-व्यवस्था संभालने वाली सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। जमीन, आसमान, जल से लेकर साइबर स्पेस तक में एजेंसियां अलर्ट हैं। इस जंग से लंबे समय तक के लिए हालात खराब होने की संभावना है। इसलिए तैयार रहना होगा।  

मोदी के नाम नई उपलब्धि: लंबे कार्यकाल के साथ बनाया खास रिकॉर्ड

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के राजनीतिक इतिहास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। वे भारत में सरकार के प्रमुख (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री मिलाकर) के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले राजनेता बन गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए प्रधानमंत्री को बधाई दी। आज प्रधानमंत्री मोदी ने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। सरकार के प्रमुख के रूप में सार्वजनिक कार्यालय में 8,931 दिन पूरे कर पीएम मोदी ने यह नया मील का पत्थर स्थापित किया है। राजनाथ सिंह ने इसे देश के प्रति उनके अटूट समर्पण और 'राष्ट्र प्रथम' की नीति का परिणाम बताया। रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री के अब तक के सफर को रेखांकित करते हुए कहा कि पीएम मोदी का जीवन देश और उसके लोगों के प्रति पूर्ण भक्ति का उदाहरण है। उनके कार्यकाल की शुरुआत गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में हुई, जहां उन्होंने विकास के नए मानक स्थापित किए। मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का उनका सफर निरंतर सेवा और जनकल्याण के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन में ईमानदारी और प्रत्येक नागरिक के प्रति उनके अथक परिश्रम का प्रतिबिंब है। उन्होंने लिखा, "हृदय की गहराइयों से मोदी जी को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई। उनका नेतृत्व सत्यनिष्ठा और सेवा की भावना से ओत-प्रोत है।"

ऊर्जा क्षेत्र में निवेश का सुनहरा मौका: पीएम मोदी ने दुनियाभर के निवेशकों से की अपील

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक निवेशकों से भारत के बिजली क्षेत्र में 'उत्पादन, निवेश, नवाचार और विस्तार' करने का आह्वान किया। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026' के पहले दिन केंद्रीय ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल द्वारा पढ़े गए एक लिखित संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा यात्रा के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, "मैं वैश्विक समुदाय को भारत में निर्माण करने, नवाचार करने, निवेश करने और भारत के साथ आगे बढ़ने के लिए आमंत्रित करता हूं। मुझे विश्वास है कि यह समिट सार्थक संवाद और मजबूत साझेदारी को बढ़ावा देगा, जो भारत की प्रगति को ऊर्जा देगा।" प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समिट का उद्देश्य पूरे पावर और एनर्जी सेक्टर को एक मंच पर लाना है ताकि विचारों का आदान-प्रदान हो, सहयोग बढ़े और क्षेत्र के विकास के लिए साझा दिशा तय की जा सके। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सतत विकास के साथ आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाने, वैश्विक कनेक्टिविटी मजबूत करने और 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है और सभी तक भरोसेमंद बिजली पहुंच सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने पहले ही 50 प्रतिशत से ज्यादा गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल कर ली है और 2030 तक 500 गीगावाट क्षमता तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। पीएम मोदी ने 'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' जैसी पहल का जिक्र करते हुए कहा कि यह वैश्विक सहयोग की दिशा में भारत के विजन को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत मजबूत सप्लाई चेन, बैटरी निर्माण, ग्रीन जॉब्स और सुधारों के जरिए एक भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार बन रहा है। 'शांति एक्ट 2025' से न्यूक्लियर एनर्जी के नए अवसर खुल रहे हैं, जबकि 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के जरिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है और टिकाऊ खपत को प्रोत्साहन मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने लिखित संदेश में कहा कि बिजली वितरण क्षेत्र में हुए सुधारों से नुकसान (एटी एंड सी लॉस) कम हुआ है और वित्तीय स्थिति में सुधार आया है, जिससे यह सेक्टर और अधिक मजबूत और निवेश के लिए आकर्षक बन गया है।

शांति बहाली पर भारत का जोर, पीएम मोदी ने एक दिन में 4 देशों से साधा संवाद

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार से गुरुवार के बीच दुनिया के चार राष्ट्राध्यक्षों से बात की। बुधवार को कुवैत के क्राउन प्रिंस से तो गुरुवार को ओमान के सुल्तान, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, और मलेशिया के पीएम से पश्चिम एशिया संकट की गंभीर स्थिति पर चर्चा की। पीएम मोदी ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी। पीएम ने अपने मलेशियाई समकक्ष इब्राहिम से बातचीत में कूटनीति और बातचीत को शांति व्यवस्था स्थापित करने के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा, "मैंने अपने दोस्त मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बात की। उन्हें और मलेशिया के लोगों को आने वाले हरि राया एदिलफित्री त्योहार के मौके पर दिल से बधाई दी। हमने वेस्ट एशिया के हालात पर चिंता जताई, साथ ही सहमति जताई कि संवाद और डिप्लोमेसी के जरिए ही तनाव कम कर शांति-स्थिरता बहाल की जा सकती है।" फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से हुई बातचीत का विवरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हालात को शांत करने और बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दोनों देश क्षेत्र और दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए आपसी सहयोग जारी रखेंगे। पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान को 'भाई' कहकर संबोधित किया। कहा, "मेरी भाई सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ अच्छी बातचीत हुई और ओमान के लोगों को ईद की अग्रिम बधाई दी। साथ ही हम इस बात पर सहमत हुए कि डी-एस्केलेशन (तनाव कम करने) और उसके बाद शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और डिप्लोमेसी को प्राथमिकता देने की जरूरत है। ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत निंदा करता है और भारतीय नागरिकों समेत हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी में मदद करने के लिए ओमान की कोशिशों की सराहना करता है। भारत और ओमान होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और फ्री नेविगेशन के पक्ष में हैं। इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पीएम मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह से बुधवार रात बात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर बात की और हाल की घटनाओं पर चिंता जताई। प्रधानमंत्री ने कुवैत पर हुए हमलों की भी कड़ी निंदा की। दोनों नेताओं ने माना कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए लगातार बातचीत जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा के लिए क्राउन प्रिंस का धन्यवाद भी किया, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय रहता है।

मेट्रो विस्तार की बड़ी ख़बर: PM मोदी ने दिल्ली में ₹33,500 करोड़ की परियोजना का किया उद्घाटन

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आठ मार्च को मेट्रो के दो कॉरिडोर चालू हो जाएंगे। इसमें से एक कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली को देश की पहली रिंग मेट्रो मिलेगी। वहीं, तीन अन्य कॉरिडोर की नींव भी रखी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन प्रोजेक्टों का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री दिल्ली को 33,500 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देंगे।   नई कनेक्टिविटी से दिल्ली के कई इलाकों को फायदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मेट्रो के 2 नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल हैं। नई कनेक्टिविटी से दिल्ली के कई इलाकों को फायदा होगा, जिनमें बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क आदि शामिल हैं। पीएम मोदी की दिल्ली को ₹33,500 करोड़ की सौगात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आज दिल्ली मेट्रो के दो कॉरिडोर चालू हो गए। इसमें से एक कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली को देश की पहली रिंग मेट्रो मिली। वहीं, तीन अन्य काॅरिडोर की नींव भी रखी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन प्रोजेक्टों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली को 33,500 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। इसमें जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) पुनर्विकास योजना के अंतर्गत तैयार की गई परियोजनाएं भी शामिल हैं। यह दिल्ली के लोगों के जीवन को आसान बनाएंगे: सीएम रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री मोदी जिन 2 महत्वपूर्ण कॉरिडोर का उद्घाटन करने वाले हैं (मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर और दीपाली चौक-मजलिस पार्क) यह दिल्ली के लोगों के जीवन को आसान बनाएंगे। जिन 3 कॉरिडोर का यहां शिलान्यास होने वाला है, वे भी दिल्ली को गति देने वाले हैं।'   दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल हैं।   महत्वपूर्ण रहा यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह कॉरिडोर इंजीनियरिंग की दृष्टि से भी अहम है। दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का एक हिस्सा लगभग 28.36 मीटर की ऊंचाई तक जाता है। यह दिल्ली मेट्रो के एलिवेटेड सेक्शनों में सबसे ऊंचे हिस्सों में से एक है। वहीं, मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर के निर्माण में यमुना नदी पर एक नए पुल का निर्माण करना पड़ा और डबल-डेकर वायडक्ट तैयार किया गया। यह दिल्ली मेट्रो का यमुना नदी पर पांचवां पुल है।

कृषि को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने पर जोर, बोले पीएम मोदी– निर्यात आधारित बनानी होगी भारतीय खेती

नई दिल्ली   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को किसानों से भारत की विविध जलवायु परिस्थितियों का लाभ उठाने और उच्च मूल्य वाली फसलों की पैदावार बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर देश के कृषि उत्पाद वैश्विक बाजारों में प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। 'कृषि और ग्रामीण परिवर्तन' पर बजट के बाद आयोजित एक वेब गोष्ठी को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारतीय कृषि उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और मानकों के सभी पहलुओं पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कृषि विशेषज्ञों, उद्योग और किसानों को एक साथ आना होगा। प्रधानमंत्री ने बजट के बाद अपनी तीसरी वेब गोष्ठी में कहा, ''आज दुनिया के बाजार खुल रहे हैं और वैश्विक मांग बदल रही है हमारी कृषि को निर्यात-उन्मुख बनाने पर अधिक चर्चा करना आवश्यक है। हमारे पास विविध जलवायु है और हमें इसका पूरा लाभ उठाना चाहिए। हम कृषि-जलवायु क्षेत्रों के मामले में समृद्ध हैं।'' मोदी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में काजू, कोको और चंदन सहित उच्च मूल्य वाली कृषि पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि खाद्य तेल और दलहन पर राष्ट्रीय मिशन और प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन सभी कृषि क्षेत्र को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, ''यदि हम उच्च मूल्य वाले कृषि क्षेत्र को बड़े पैमाने पर बढ़ाते हैं, तभी हम अपने कृषि क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में बदल सकते हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रही है और समग्र स्वास्थ्य सेवा तथा जैविक भोजन पर उनका विशेष ध्यान है। उन्होंने कहा, ''हमें रसायन मुक्त और प्राकृतिक खेती पर अधिक जोर देना चाहिए। प्राकृतिक खेती दुनिया भर के बाजारों तक पहुंचने का रास्ता बनाती है।'' मोदी ने कहा कि कृषि भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा का एक रणनीतिक स्तंभ है, और सरकार ने कृषि क्षेत्र को लगातार मजबूत किया है। उन्होंने आगे कहा, ''लगभग 10 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से चार लाख करोड़ रुपये से अधिक मिले हैं।''  

नई टेक्नोलॉजी पर साथ आए भारत और फिनलैंड, एआई और 6जी में साझेदारी होगी मजबूत: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और फिनलैंड डिजिटाइजेशन और स्थिरता में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं, इससे दोनों देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6जी, क्लीन एनर्जी और क्वांटम कंप्यूटिंग में सहयोग बढ़ेगा। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ द्विपक्षीय बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देश के बीच हाई-टेक सेक्टर्स में बढ़ रहे सहयोग का जिक्र किया और कहा कि इससे दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा मिली है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस साल की शुरुआत में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से भारत एंव फिनलैंड के बीच व्यापार निवेश और टेक्नोलॉजी में साझेदारी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "फिनलैंड के राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली भारत यात्रा पर आए राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब का स्वागत करता हूं। आप जैसे अनुभवी नेता का इस वर्ष के रायसीना डायलॉग का मुख्य अतिथि बनना सम्मान और खुशी की बात है। यूक्रेन से लेकर वेस्ट एशिया तक दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में भारत और यूरोप अपने संबंधों के सुनहरे दौर में प्रवेश कर रहे हैं।" दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हैदराबाद हाउस में हुई, जहां भारत एवं फिनलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, वार्ता में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से कई मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने वार्ता के बाद राष्ट्रपति स्टब के सम्मान में लंच का आयोजन भी किया। इससे पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फिनलैंड के राष्ट्रपति से मुलाकात की और प्रधानमंत्री के साथ उच्च स्तरीय बैठक से पहले द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि वे रायसीना डायलॉग में राष्ट्रपति स्टब के संबोधन का भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जहां अतिथि नेता मुख्य भाषण देने वाले हैं।

आर्थिक सुधारों से बदली तस्वीर, भारत में नए बिजनेस रजिस्ट्रेशन 27% उछले

नई दिल्ली मोदी सरकार की ओर से लगातार किए जा रहे आर्थिक सुधारों का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा रहा है। देश में नए बिजनेस की संख्या में 27 प्रतिशत का बड़ा इजाफा देखने को मिला है। सरकार द्वारा गुरुवार को जारी फैक्टशीट के मुताबिक, भारत में चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2025-26) के पहले 10 महीनों (3 फरवरी 2026 तक) में 1.98 लाख नए बिजनेस पंजीकृत हुए हैं, जिनकी संख्या 2020-21 में 1.55 लाख थी। आधिकारिक बयान में कहा गया कि सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में डिजिटल ट्रेड सुविधा,कर निश्चितता, अनुपालन और मुकदमेबाजी में कमी, विश्वास आधारित सीमा शुल्क प्रणाली और निवेश-अनुकूल कर व्यवस्था के जरिए व्यापार में आसानी बढ़ाने पर फोकस किया है। बयान में आगे कहा गया कि स्टार्ट-अप इंडिया, क्रेडिट गारंटी योजना, डिजिटल क्रेडिट मूल्यांकन मॉडल आदि जैसे संस्थागत सुधार एक पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-सक्षम और निवेशक-अनुकूल वातावरण का निर्माण कर रहे हैं। इस प्रयास को जन विश्वास अधिनियम, आईबीसी, एमएटी आदि जैसे समानांतर नियामक सुधारों का समर्थन प्राप्त है, जो क्षमता निर्माण, नियामक सामंजस्य और विश्वास एवं जवाबदेही पर आधारित शासन मॉडल को प्राथमिकता दे रहे हैं। फरवरी 2026 तक 2.16 लाख से अधिक डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के साथ, भारत विश्व के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक के रूप में मजबूती से खड़ा है। 2016 से शुरू किए गए स्टार्टअप्स के लिए नियामक सुधारों का उद्देश्य स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए व्यापार करने में आसानी, पूंजी जुटाने में आसानी और अनुपालन बोझ को कम करना है। स्टार्टअप इंडिया के अलावा, मोदी सरकार की कई पहलों ने तकनीकी नवाचार, ग्रामीण उद्यमिता, अकादमिक अनुसंधान और क्षेत्रीय समावेशन को बढ़ावा देकर भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत किया है। ये पहलें सुनिश्चित करती हैं कि स्टार्टअप समर्थन व्यापक, विकेंद्रीकृत और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के साथ निकटता से जुड़ा रहे। पिछले कुछ वर्षों में, भारत न केवल निवेश के लिए बल्कि कारोबार करने के लिए भी सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बनकर उभरा है। देश की सुधार-आधारित विकास रणनीति उद्यमिता को मजबूत करने, वित्त तक पहुंच बढ़ाने, नियामक ढांचे का आधुनिकीकरण करने और व्यापार सुविधा को बढ़ाने पर केंद्रित है। बयान में आगे कहा गया है कि ये सभी उपाय न केवल कारोबार करने में आसानी बढ़ाते हैं बल्कि वित्तीय समावेशन को भी गहरा करते हैं, नवाचार को बढ़ावा देते हैं, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के विकास में तेजी लाते हैं और भारत को एक प्रतिस्पर्धी वैश्विक व्यापार और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करते हैं।

अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी की अपील, वैश्विक स्थिरता पर जताई चिंता

ईरान ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमले के बाद पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध की जद में आ चुका है। सोमवार को भी दोनों पक्षों ने एक दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाया है और युद्ध के और भयावह होने का खतरा बना हुआ है। एक तरफ ईरान ने इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने का संकल्प लिया है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने अपने B-2 बॉम्बर्स उतार दिए हैं। ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तहत अमेरिका के खाड़ी देशों मे मौजूद ठिकानों और इजरायल को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है। इजरायल में, मिसाइल हमलों या उन्हें रोके जाने के कारण हुए जोरदार धमाकों की आवाजें तेल अवीव में सुनने को मिलीं। वहीं इजराइल की बचाव सेवाओं ने बताया कि मध्य शहर बेत शेमेश में एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर हुए हमले में आठ लोग मारे गए और 28 घायल हो गए, जिससे देश में मरने वालों की कुल संख्या 10 हो गई है। कतर, कुवैत जैसे शहरों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। ईरान पर बमबारी जारी वहीं अमेरिका और इजराइल ने भी रविवार को भी बमबारी जारी रखी। ईरान की राजधानी तेहरान में हुए धमाकों से आसमान में धुएं का विशाल गुबार उठता दिखा, खासकर उस इलाके में जहां सरकारी इमारतें स्थित हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेताओं की हत्या करने वाले अमेरिकी और इजराइली हमलों की शुरुआत से अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इस बीच ईरानी स्कूल पर हुए हमले में मौत का आंकड़ा 180 तक पहुंच गया है। पीएम मोदी ने नेतन्याहू से की फोन पर बात इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की है और हालिया घटनाक्रम को लेकर भारत की चिंताओं से अवगत कराया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार रात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की थी। पीएम ने खाड़ी देश पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि भारत इस कठिन समय में यूएई के साथ एकजुटता से खड़ा है।

विकास की बड़ी घोषणा: पुडुचेरी के लिए 2700 करोड़, मोदी ने विपक्ष को घेरा

पुडुचेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुडुचेरी दौरे के दौरान 2700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुडुचेरी आना उनके लिए सम्मान की बात है और यह संतों, कवियों तथा स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि रही है। उन्होंने याद दिलाया कि महाकवि सुब्रमण्यम भारती ने इसी धरती से राष्ट्रवाद की अलख जगाई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने पिछले दौरे में उन्होंने 'BEST पुडुचेरी' का मंत्र दिया था- जिसका अर्थ है बिजनेस, एजुकेशन, स्पिरिचुअलिटी और टूरिज्म। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में यह विजन धरातल पर उतर रहा है और केंद्र व केंद्र शासित प्रदेश की सरकार के साझा प्रयासों से तेज विकास संभव हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर को रिकॉर्ड बजट पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में उच्च गुणवत्ता के बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में 12 लाख करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित किए गए हैं। इससे पुडुचेरी में बेहतर सड़कें, पेयजल आपूर्ति, तटीय ढांचा, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुडुचेरी को कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत विशेष सहायता दी गई है, जो पहले केवल राज्यों के लिए उपलब्ध थी। शिक्षा और युवाओं को बढ़ावा प्रधानमंत्री ने कहा कि मजबूत युवा शक्ति ही देश की तरक्की की नींव है। एनआईटी कराईकल में नए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और आधुनिक अस्पताल सुविधाएं छात्रों को बेहतर तकनीकी शिक्षा देंगी। पुडुचेरी विश्वविद्यालय में भी आधारभूत ढांचे का विस्तार किया गया है। इलेक्ट्रिक बस और हरित मोबिलिटी उन्होंने कहा कि दुनिया स्वच्छ और हरित परिवहन की ओर बढ़ रही है। पीएम ई-बस सेवा के तहत पुडुचेरी को इलेक्ट्रिक बसें मिल रही हैं, जो पर्यटन केंद्र होने के कारण प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही, हाउसिंग परियोजनाएं कई परिवारों को स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन देंगी। विपक्ष पर निशाना प्रधानमंत्री ने डबल इंजन सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कांग्रेस और डीएमके पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के दौरान राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की समस्याएं थीं। पीएम मोदी ने कहा कि पुडुचेरी को विकास की राह पर आगे बढ़ाने के लिए स्थिर और पारदर्शी शासन आवश्यक है और जनता भ्रष्टाचार व अपराध के दौर में लौटना नहीं चाहेगी।