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एसपी के आदेश पर हरियाणा में तीन पुलिस कर्मचारियों को निलंबित, 6 लाख रुपये बरामद

सिरसा  एंटी करप्शन ब्यूरो राजस्थान की टीम द्वारा सिरसा की साइबर टीम से छह लाख रुपये बरामदगी मामले में पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने तीनों पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, इस मामले में पूरी तरह से जांच में राजस्थान की एसीबी की टीम जुटी हुई है। बता दें कि रविवार देर रात को मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आया था। उसके बाद सुबह एसपी को मामले की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त हुई है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने कार्रवाई करते हुए तीन पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया है। निलंबित होने वाले कर्मचारियों में पीएसओ  सुरेंद्र, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र व कांस्टेबल जगजीत सिंह शामिल हैं।  यह है मामला  राजस्थान में जांच के दोरान हरियाणा पुलिस की दो अलग-अलग टीमों पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप रविवार को सामने आए थे।  इस मामले में सिरसा साइबर क्राइम टीम की गाड़ी से छह लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जिसे साइबर क्राइम के नाम पर वसूली रिश्वत बताया जा रहा है।  जानकारी के मुताबिक राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो को  सूचना मिली थी कि कुछ पुलिस टीमें राजस्थान में साइबर फ्रॉड के मामलों में धमकाकर पैसे वसूल रही है। जब सिरसा थाने की पुलिस राजसमंद से लौट रही थी तभी कचामन सिटी थाना क्षेत्र में उन्हें रूकवाकर जांच की गई। जांच के दौरान गाड़ी से छह लाख रुपये की बरामदगी हुई। इस मामले में टीम द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसी आधार पर एसीबी की टीम मामले की जांच में जुट गई।

मध्यप्रदेश पुलिस की मानवीय पहल, विगत एक सप्ताह में 19 बिछड़े बच्चों को सकुशल परिजनों से मिलाया

पुलिस की सक्रियता से मासूमों के चेहरों पर लौटी मुस्कान भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस ने गुमशुदा व बिछड़े बच्चों की दस्तयाबी के विशेष अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विगत एक सप्ताह में पुलिस ने प्रदेश के मंदसौर, भोपाल, छतरपुर, उज्जैन, झाबुआ और कटनी जिलों से कुल 19बच्चों को खोजकर उनके परिजनों से मिलाया है। पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने कई परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। मंदसौर पुलिस की बड़ी सफलता जिले के जीवागंज क्षेत्र से 14 दिसंबर को एक वर्षीय बालक के अपहरण की घटना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 48 घंटों में बालक को राजस्थान के नागौर जिले (मेड़ता शहर) से सकुशल बरामद किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। भोपाल में चार घंटे में मिली नाबालिग राजधानी भोपाल के टीटी नगर थाना क्षेत्र से लापता हुई नाबालिग बालिका को पुलिस ने विशेष टीम गठित कर मात्र चार घंटे में ढूंढ निकाला। सार्वजनिक स्थलों पर सघन तलाशी अभियान के बाद बालिका को हर्षवर्धन नगर पार्क से सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया गया। छतरपुर मेले में बिछड़े 13 बच्चों को मिलाया जिले के जुझारनगर थाना क्षेत्र में वैदेही बाबा मंदिर परिसर में आयोजित विशालमेले के दौरान 13 बालक-बालिकाएं अपने परिजनों से बिछड़ गए थे। पुलिस सहायताकेंद्र की सक्रिय टीम ने लगातार गश्त और लाउडस्पीकर अनाउंसमेंट के माध्यम से सभी बच्चों को सुरक्षित उनके माता-पिता से मिलाया। अन्य जिलों में भी दिखाई सजगता उज्जैन के माधवनगर थाना पुलिस ने रात के समय लापता हुए सात वर्षीय बालक को डेढ़ घंटे की कार्रवाई में सुरक्षित बरामद किया। झाबुआ जिले के थांदला थाना क्षेत्र में पुलिस ने नवापाड़ा से लापता दो मासूम बच्चों को त्वरित समन्वय से मछली माता रोड से खोज निकाला। इसी प्रकार कटनी जिले में एन.के.जे. थाना पुलिस ने आधुनिक CCTV सर्विलांस के जरिए छह घंटे में गुमशुदा बालक का पता लगाकर उसे उसके माता-पिता के सुपुर्द किया। इन कार्यवाहियों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मानवीय संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता और त्वरित समन्वय के साथ कार्य कर रही है। अपहरण जैसी संगीन घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और बिछड़े बच्चों को घर तक पहुँचाना पुलिस की सजगता और प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।  

मध्यप्रदेश पुलिस का अवैध हथियारों के खिलाफ कड़ा अभियान, 10 आरोपी गिरफ्तार

मध्यप्रदेश पुलिस का अवैध हथियारों पर कड़ा प्रहार विगत दस दिनों में 15 हथियार बरामद, 10 आरोपी गिरफ्तार भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत पिछले दस दिनों में प्रदेश में उल्लेखनीय सफलताएँ हासिल की गई हैं। इस दौरान बड़वानी, सागर, इंदौर, शिवपुरी, छतरपुर और मुरैना जिलों में की गई कार्रवाईयों में कुल 15 अवैध हथियार (देशी पिस्टल, अधिया, कट्टे) बरामद किए गए हैं और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रमुख कार्यवाही बड़वानी (जुलवानिया पुलिस) मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी सीताराम सिकलीगर को तीन देशी पिस्टल सहित गिरफ्तार किया। आरोपी के विरूद्ध आर्म्‍स एक्‍ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। सागर थाना सिविल लाइन पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक वाहन में अवैध हथियार ले जा रहे आरोपी को दबोचा। पुलिस ने मौके से 02 पिस्टल, 04 जिंदा राउंड, 02 चाकू और एक मारुति वैन जप्त की। इंदौर (राऊ पुलिस की बड़ी सफलता) थाना राऊ पुलिस ने हरियाणा और दिल्ली के तीन अंतरराज्यीय बदमाशों को गिरफ्तार कर चार देशी पिस्टल व दो मैगजीन बरामद कीं। शिवपुरी (थाना करैरा एवं गोवर्धन) थाना करैरा पुलिस ने एक आरोपी से 315 बोर देशी अधिया और एक कारतूस जप्त कर उसे गिरफ्तार किया। वहीं थाना गोवर्धन पुलिस ने भी अवैध हथियार रखने वाले आरोपी पर कार्रवाई करते हुए 315 बोर देशी कट्टा, दो जिंदा राउंड तथा एक मोटरसाइकिल जप्त की। छतरपुर (बड़ामलहरा, सटई, गौरिहार पुलिस) जिले में तीन अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने गश्त के दौरान अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। थाना बड़ामलहरा पुलिस ने देशी पिस्टल एवं कारतूस के साथ एक आरोपी, थाना सटई पुलिस ने 315 बोर देशी कट्टा और कारतूस के साथ एक आरोपी वहीं थाना गौरिहार पुलिस ने आदतन अपराधी उदयभान से हथियार बरामद किए। उदयभान हत्या के प्रयास, लूट व अवैध हथियार के 17 अपराधों में लिप्त पाया गया है। मुरैना (थाना अंबाह) सोशल मीडिया पर अवैध हथियार प्रदर्शित करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर 32 बोर की पिस्टल, तीन मैगजीन और 18 राउंड बरामद किए गए। यह कार्रवाई डिजिटल मॉनिटरिंग और साइबर इंटेलिजेंस का बेहतरीन उदाहरण है। मध्यप्रदेश पुलिस लगातार सक्रिय, सक्षम और अपराध विरोधी रणनीति के साथ प्रदेश की सुरक्षा व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।  

सागर में सड़क हादसे में मरे चार पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन में दी गई अंतिम विदाई, हर आंख नम

मुरैना ड्यूटी के दौरान हुए दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में बीडीडीएस टीम के चार जांबाज़ पुलिसकर्मियों की मौत के बाद आज पुलिस लाइन का पूरा परिसर शोक में डूबा दिखाई दिया। गुरुवार सुबह उनके पार्थिव शरीर जैसे ही पुलिस लाइन लाए गए, माहौल अचानक गमगीन हो गया। साथी जवानों की आंखें भर आईं और पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि, भारी पुलिस बल मौजूद श्रद्धांजलि समारोह में डीआईजी, एडिशनल एसपी सहित जिलेभर का बड़ा पुलिस अमला मौजूद रहा। चारों शहीद जवानों के ताबूत तिरंगे में लिपटे थे, जिनके सामने खड़े होकर हर किसी की भावनाएं छलक उठीं। पूरे परिसर में सिर्फ एक ही आवाज़ गूंज रही थी— “अमर रहें हमारे वीर जवान”। सागर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मुरैना पुलिस के चार जवानों का गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जा रहा है। रात 2 बजे सभी की पार्थिव देह मुरैना पहुंची। यहां पुलिस लाइन में सभी को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि स्थल पर डीआईजी ने हादसे में जान गंवाने वाले सभी पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए के चेक दिए। वहीं, चार-चार लाख रुपए के चेक बाद में दिए जाएंगे। सरकार अंतिम संस्कार के लिए कुल पांच लाख रुपए देती है। हादसे में जान गंवाने वाले परिमाल सिंह तोमर को मुरैना जिले के ग्राम नख्ती, डॉग मास्टर विनोद शर्मा को मुरैना के जौरा, प्रद्युम्न दीक्षित को भिंड के फूप और अनिल सिंह कौरव को भिंड के ग्राम टेंटोन में अंतिम विदाई दी जाएगी। हादसा बुधवार सुबह सागर जिले के बांदरी थाना क्षेत्र में हुआ था। मुरैना बीडीडीएस (बम निरोधक दस्ता) पुलिस टीम की गाड़ी (MP03 A 4883) सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई थी। ये सभी जवान बालाघाट में नक्सल विरोधी अभियान में अपनी ड्यूटी पूरी कर वापस मुरैना लौट रहे थे। 4 पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल आरक्षक राजीव चौहान को सागर से एयरलिफ्ट कर दिल्ली भेजा गया है। परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल— शव पैतृक गांव रवाना श्रद्धांजलि के बाद चारों जवानों के पार्थिव शरीरों को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनके-उनके पैतृक गांव के लिए रवाना कर दिया गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घरों में मातम पसरा हुआ है, परिवार अपने लाड़लों को अंतिम बार देखने के लिए तड़प उठा। अंतिम संस्कार के लिए दी गई एक-एक लाख की सहायता राशि पुलिस विभाग की ओर से मृतक जवानों के परिवारों को अंतिम संस्कार हेतु एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। डीआईजी ने कहा— “हमने अपने चार बहादुर साथी खो दिए हैं, उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी।” कैसे हुआ हादसा? डीआईजी ने बताया कि बीडीडीएस की टीम बालाघाट में ड्यूटी पूरी कर मुरैना लौट रही थी, तभी सागर जिले में तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन से हुए भीषण हादसे में चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। एक जवान गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जारी है। शहर में पसरा मातम— पुलिस परिवार सदमे में पूरा पुलिस बल अपने साथियों की शहादत से स्तब्ध है। जवानों को अंतिम सलामी देते वक्त हर चेहरे पर दुख और गर्व दोनों दिखाई दिए।

मध्यप्रदेश पुलिस के डायल-112 की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया

मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 की संवेदनशील एवं त्वरित कार्यवाही तीन अलग-अलग घटनाओं के दौरान आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्तियों को समय रहते बचाया भोपाल  मध्यप्रदेश में डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली लगातार आम जन की सुरक्षा और जीवन रक्षा में प्रभावी भूमिका निभा रही है। बीते दिनों रायसेन, देवास और छिंदवाड़ा जिलों में तीन अलग-अलग घटनाओं के दौरान आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्तियों को समय रहते बचाने में डायल-112 के पुलिसकर्मियों ने तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीयता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। रायसेन जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र में मखनी गाँव में एक 35 वर्षीय व्यक्ति द्वारा स्वयं को कमरे में बंद कर आत्महत्या के उद्देश्‍य से फाँसी लगाने का प्रयास कर रहा था। जिसकी सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल में प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डायल-112 वाहन घटना स्थल के लिए रवाना हुआ। आरक्षक संजय श्रीवास्तव एवं पायलेट रोहित कुमार ने मौके पर पहुँचकर स्थानीय लोगों की मदद से गेट तोड़ कर पीड़ित व्यक्ति को तत्काल फंदे से उतारा। डायल 112 जवानों ने पीड़ित व्यक्ति को एफआरव्ही वाहन से लेकर तत्काल जिला शासकीय चिकित्सालय रायसेन में भर्ती करवाया। दूसरी घटना देवास जिले के थाना भौंरासा क्षेत्र की है, जहाँ एक 21 वर्षीय महिला ने पारिवारिक विवाद के चलते आत्महत्या का प्रयास किया। यह सूचना प्राप्त होते ही आरक्षक अरुण रावत और पायलट अनुराग चौधरी मौके पर पहुँचे। उन्होंने समझाइश, संवाद और संवेदनशील व्यवहार के माध्यम से महिला को आत्मघाती कदम उठाने से रोका और उसे सुरक्षित थाना भौंरासा लाया गया। तीसरी घटना छिंदवाड़ा जिले के थाना अमरवाड़ा क्षेत्र में हुई, जहाँ 24 वर्षीय युवक ने अज्ञात कारणों से जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। सूचना प्राप्त होते ही सैनिक गेंदालाल यादव एवं पायलट उमेश पुरी गोस्वामी ने युवक को तुरंत सिविल अस्पताल अमरवाड़ा पहुँचाकर उपचार शुरू कराया। युवक का इलाज जारी है। डायल-112 की इन लगातार त्वरित और प्रभावी कार्रवाइयों ने यह सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस की यह सेवा आपात पुलिस सहायता के साधन के साथ मानव जीवन की रक्षा करने वाली ‘जीवन-रेखा’ बनती जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव, अवसाद या संकट की स्थिति में स्वयं को नुकसान पहुँचाने के बजाय सहायता के लिए पुलिस या अपने निकटवर्ती लोगों से संपर्क करें।  

राज्यपाल डेका से भारतीय पुलिस सेवा के परीवीक्षाधीन अधिकारियों ने की भेंट

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि पुलिस को आमजनता से मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ बर्ताव करना चाहिए। पुलिस की छवि, थाने में  शिकायत लेकर आने वाले नागरिकों से किए गए व्यवहार से बनती है। पुलिस अधिकारियों को थाने में आए पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए तत्पर होना चाहिए। राज्यपाल डेका ने आज राजभवन में भेंट करने आए भारतीय पुलिस सेवा के परीवीक्षाधीन अधिकारियों से उक्त बातें कही।         भेंट के दौरान राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंद्रखुरी रायपुर के निदेशक अजय कुमार यादव, अकादमी के पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज शुक्ला भी उपस्थित थे।  परीवीक्षाधीन आइपीएस अधिकारियों  आदित्य कुमार, अंशिका जैन,  बनसोडे प्रतीक दादासाहेब और  साकोरे मानसी नानाभाऊ ने राज्यपाल से भेंट की।  

भागने की कोशिश में दुष्कर्म आरोपी घायल, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में लगी गोली

 रायसेन रायसेन में एक 6 साल की बच्ची के साथ रेप का आरोपी सलमान पिछले 5 दिन से भागा-भागा फिर रहा था. उसके पीछे 300 पुलिसवाले लगे हुए थे. सलमान को पकड़ने के लिए लोग प्रदर्शन कर रहे थे. एक दिन पहले सलमान शहर के गौहरगंज इलाके में दिखा था. इसके बाद पुलिस पर दबाव और बढ़ गया था. लेकिन सलमान पुलिस से ज्यादा दिन तक बच नहीं पाया गौहरगंज के ही कीरत नगर में वो पुलिस के हत्थे चढ़ गया. भागने के दौरान उसका पुलिस के साथ मुठभेड़ भी हुई और उसके पैर में गोली लगी. घायल सलमान को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस के मुताबिक, सलमान पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह पिछले पांच दिनों से फरार था. रायसेन एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया, 'कल रात हमारी विशेष टीमों ने आरोपी सलमान को गिरफ्तार कर लिया, जो पिछले पांच दिनों से फरार था और जिसकी सभी टीमें तलाश कर रही थीं. एक सटीक सूचना पर हमने कार्रवाई की और उसे हिरासत में ले लिया. ले जाते समय, उसने अचानक वाहन से कूदने की कोशिश की और हमारे सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल भी छीन ली और पुलिस पर गोली चला दी. आत्मरक्षा में, पुलिस ने भी जवाबी गोलीबारी की, जिसमें उसके पैर में गोली लग गई.' एसपी ने कहा- फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश कर रहा था मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में मासूम बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी सलमान को पुलिस ने देर रात भोपाल से गिरफ्तार किया था। भोपाल से रायसेन लाने के दौरान बीच रास्ते में सलमान ने पुलिसकर्मी की बंदूक छीनकर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने शॉर्ट एनकाउंटर में उसके पैर में गोली मारकर घायल कर दिया। उसे इलाज के लिए भोपाल के जय प्रकाश अस्पताल ले जाया गया। रायसेन (Raisen MP Crime News) के एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया, सलमान को भोपाल के गांधीनगर इलाके से गिरफ्तार किया गया और उसे रायसेन ले जाया जा रहा था। इसी बीच, भोजपुर के पास कीरतनगर गांव (MP News) इलाके में पुलिस की गाड़ी खराब हो गई। सलमान ने सब-इंस्पेक्टर की बंदूक छीनकर पुलिस पर फायरिंग करके भागने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में सलमान के पैर में गोली लग गई। उसे इलाज के लिए भोपाल के जय प्रकाश हॉस्पिटल ले जाया गया। इस मालमे में सब इंस्पेक्टर सुनील सिंह का कहना है, आरोपी सलमान को रायसेन ले जाया जा रहा था, तभी उसे ले जा रही गाड़ी पंक्चर हो गई। उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट किया जा रहा था। इस दौरान, सलमान ने एक अधिकारी से पिस्टल छीन ली और पुलिस पर गोली चलाने की कोशिश की। क्रॉसफायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी और एक पुलिस अधिकारी भी घायल हो गया। कैसे हुआ एनकाउंटर? पुलिस ने सलमान को भोपाल के वार्ड नंबर 11 स्थित एक चाय की दुकान से गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसे गोहरगंज पुलिस के हवाले किया गया. जब पुलिस उसे रायसेन ले जा रही थी, भोजपुर के पास सलमान ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसे पैर में गोली लगी. घायल सलमान को इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है.

खजुरी क्षेत्र में ट्रक पकड़ा गया, शराब प्लास्टिक दाना बताकर भेजी जा रही थी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अवैध शराब को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। डेढ़ करोड़ की अवैध शराब जब्त की है। 12 सौ पेटी अवैध शराब पकड़ी है। नए साल से पहले पुलिस भोपाल के खजुरी थाना क्षेत्र में रात साढ़े तीन बजे अवैध शराब से भरा ट्रक पकड़ा। ट्रक में बारह सौ पेटी शराब रखी थी। थाने के सामने लगाया स्टॉपर, भागने का प्रयास जानकारी के अनुसार, खजूरी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक बड़ा ट्रक अवैध रूप से शराब लेकर इंदौर की दिशा में जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने थाने के सामने नाकाबंदी की। गुरुवार तड़के 3:00 से 4:00 बजे के बीच ट्रक को रोकने का प्रयास किया तो ड्राइवर ने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की, लेकिन स्टॉपर लगाकर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में ड्राइवर कोई वैध दस्तावेज दिखाने में असफल रहा। ड्राइवर का कहना है कि उसे भोपाल के बैरागढ़ क्षेत्र में माल भरवाया गया था और इंदौर में एक व्यक्ति माल रिसीव करने वाला था। कंटेनर में शराब को प्लास्टिक दाना दिखाकर भेजा जा रहा था। पुलिस ने प्रथमदृष्टया कागज भी फर्जी पाए हैं। ट्रक ड्राइवर ने पुलिस को चमका देकर भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने नाकाबंदी कर ट्रक को पकड़ लिया साथ ही ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। थाना प्रभारी के मुताबिक डेढ़ करोड़ की अवैध शराब भोपाल से गुजरात भेजी जा रही थी। ट्रक में प्लास्टिक दाना बताकर शराब भेजी जा रही थी। ट्रक ड्राइवर के पास जो दस्तावजे मिले वो फर्जी पाए गए। फिलहाल खजुरी पुलिस ने शराब जब्त कर आबकारी विभाग को सूचना दे दी है। आगे की कार्रवाई आबकारी विभाग करेगा। शराब के ये ब्रांड मिले     सिग्नेचर     ओल्ड मंक     बैक पाइपर     रॉयल स्टेज     रॉयल चैलेंज आगे की जांच आबकारी विभाग करेगा सब इंस्पेक्टर संतराम खन्ना के अनुसार, यह अब तक की साल 2025 की सबसे बड़ी कार्रवाई है। पूरी जब्ती कर ट्रक और ड्राइवर को थाने लाया गया है। शराब जब्ती की सूचना आबकारी विभाग को दे दी गई है, जो अब आगे की विधिक कार्रवाई करेगा।

सोची समझी साजिश? रायसेन में मासूम पर हमला, पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी

 गौहरगंज  रायसेन की गौहरगंज तहसील के एक गांव में छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने वाला आरोपित सलमान इतना शातिर है कि उसने घटना के आठ दिन पहले से अपना मोबाइल बंद कर लिया था। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि यह घिनौना कृत्य  उसकी सोची समझी साजिश की ओर इशारा कर रही है। इस दौरान रायसेन में बच्ची से रेप के आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर उन्होंने नाखुशी जताई। साथ ही चक्काजाम पर पुलिस की ढीली कार्रवाई से भी नाराज दिखे। उन्होंने रायसेन एसपी पंकज पांडेय को हटाकर मुख्यालय अटैच करने के निर्देश दिए। उनकी जगह आशुतोष को रायसेन का नया एसपी बनाया गया है। इधर, घटना के विरोध में बुधवार को मंडीदीप और औबैदुल्लागंज मंडी में नीलामी बंद रहेगी। कुछ स्कूलों ने स्वेच्छा से छुट्‌टी घोषित कर दी है। वहीं कुछ स्कूलों ने मंडीदीप औबेदुल्लागंज रुट की बसें बंद रखने की सूचना रात में पेरेंट्स को मैसेज पर दीं है। गौहरगंज और औबेदुल्लागंज में निजी स्कूल बंद रहेंगे। कई संगठनों ने बंद का आह्वान किया है। आरोपी 4 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बता दें, रायसेन के गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से रेप का आरोपी 4 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी के एनकाउंटर की मांग को लेकर लोग तीन दिन से गौहरगंज थाने के सामने धरना दे रहे हैं। रात में कड़ाके की ठंड के बावजूद युवतियां और महिलाएं धरने से नहीं उठीं। आरोपी पर इनाम बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दिया है। इससे पहले सोमवार को घटना के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया गया था। डीआईजी प्रशांत खरे ने बताया, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 20 टीमें लगाई गई हैं। करीब 300 पुलिसकर्मी उसकी तलाश में जुटे हैं। बच्ची एम्स भोपाल में भर्ती है। डॉक्टरों का कहना है कि उसकी हालत में सुधार है। दरअसल, 21 नवंबर की शाम 6 साल की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। उसी दौरान 23 वर्षीय आरोपी सलमान उसे चॉकलेट दिलाने के बहाने जंगल में ले गया। यहां बच्ची से दुष्कर्म कर भाग गया। बच्ची खून से लथपथ हालत में जंगल में मिली थी। र इशारा कर रही है।

MP के मंदसौर जिले में बदलाव, टीआई की पोस्टिंग पर लगी नई सीमा: 6 महीने

मंदसौर  मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में थानों में होने वाली गड़बड़ियों, पैसों के लेन-देन और आपराधिक सांठ-गांठ के मामलों ने पुलिस की छवि पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इसी स्थिति को सुधारने के लिए एसपी विनोद मीना अब थानेदारों पर कड़ा एक्शन मोड अपनाने जा रहे हैं। एसपी ने रोस्टर सिस्टम तैयार किया है, जिसके तहत कोई भी थाना प्रभारी (टीआई) 3 से 6 महीने से ज्यादा एक ही थाना नहीं संभाल पाएगा। पहला जिला बनेगा मंदसौर! अगर यह सिस्टम लागू होता है, तो मंदसौर प्रदेश का पहला जिला होगा जहां थाना प्रभारियों की पोस्टिंग फिक्स समय सीमा पर बदला करेगी। इस सिस्टम के बाद— कमज़ोर प्रदर्शन करने वाले टीआई को 3 महीने में बदल दिया जाएगा अच्छा काम करने वाले टीआई को लंबे समय तक उसी थाने पर रखा जाएगा थानों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी राजनीतिक दबाव और हस्तक्षेप में कमी आएगी चल रहे अभियानों के नतीजे और बेहतर मिल सकेंगे एसपी विनोद मीना ने कहा— “रोस्टर सिस्टम एक अच्छा मॉडल है। फायदे-नुकसान को देखकर इसे सही तरीके से लागू किया जाएगा।” अवैध तस्करी और पुलिस-कर्मियों की सांठ-गांठ ने बढ़ाई चिंता मंदसौर जिला लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के लिए बदनाम रहा है। हाल ही में तस्करों और पुलिसकर्मियों के बीच लेन-देन के बड़े खुलासे हुए, जिसके बाद कई पर कार्रवाई की गई— तत्कालीन टीआई धर्मेंद्र शिवहरे — निलंबित उपनिरीक्षक अविनाश सोनी — निलंबित प्रधान आरक्षक दिलीप बघेल — निलंबित दलौदा टीआई मनोज गर्ग — लाइन अटैच भानपुरा टीआई आरसी डांगी — आरोप सिद्ध, कार्रवाई बाकी इन मामलों ने पुलिस विभाग को मजबूर किया कि व्यवस्था में सुधार के लिए कुछ बड़ा और सख्त कदम उठाया जाए। रोस्टर सिस्टम क्यों ज़रूरी? थानों में पारदर्शिता बढ़ेगी भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी राजनीतिक प्रभाव सीमित होगा टीआई और चौकी प्रभारियों का प्रदर्शन बेहतर होगा  जनता को मिलेगा भरोसेमंद पुलिस सिस्टम