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धामी ने राज्य स्थापना दिवस पर शुभकामनाओं के लिए मोदी का आभार जताया

देहरादून, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रदेश की जनता की ओर से आभार जताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, “उत्तराखंड की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर राज्य के मेरे सभी भाई-बहनों को अनेकानेक शुभकामनाएं। प्रकृति की गोद में बसी हमारी यह देवभूमि आज पर्यटन के साथ-साथ हर क्षेत्र में प्रगति की नई रफ्तार भर रही है। प्रदेश के इस विशेष अवसर पर मैं यहां के विनम्र, कर्मठ और देवतुल्य लोगों की सुख-समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।” इसके प्रत्युत्तर में मुख्यमंत्री धामी ने एक्स पर लिखा, “आदरणीय प्रधानमंत्री जी, उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर आपकी स्नेहपूर्ण शुभकामनाओं एवं आशीर्वाद के लिए समस्त प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार। आपके दूरदर्शी नेतृत्व और सतत मार्गदर्शन में उत्तराखंड अपनी विकास यात्रा में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित कर रहा है। आपकी प्रेरणा से उत्तराखंड ने अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल होकर सुशासन, जनकल्याण और सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं।” उन्होंने आगे लिखा, “आपका सान्निध्य हमें सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रेरित करता है।” उल्लेखनीय है कि आज उत्तराखंड अपनी स्थापना का रजत जयंती महोत्सव मना रहा है। जिसमें स्थानीय वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) परिसर में एक भव्य समारोह आयोजित किया जा रहा है। जिसे प्रधानमंत्री श्री मोदी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में लगभग पचहत्तर हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री इस अवसर पर, 8140 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएँ मुख्यतः पेयजल, सिंचाई, तकनीकी शिक्षा, ऊर्जा, शहरी विकास, खेल और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों से संबंधित हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री दो प्रमुख जलविद्युत क्षेत्र से संबंधित परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। श्री मोदी “प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना” के तहत 28,000 से अधिक किसानों के खातों में 62 करोड़ रुपये की राशि भी सीधे जारी करेंगे। प्रधानमंत्री उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती समारोह में दोपहर लगभग 12:30 बजे पहुंचेंगे। इस अवसर पर वे एक स्मारक डाक टिकट भी जारी करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे।  

प्रधानमंत्री मोदी जल्द मिलेंगे महिला क्रिकेट टीम से, हरमन ब्रिगेड के साथ खास मुलाकात संभव

नई दिल्ली भारतीय टीम ने रविवार (2 नवंबर) को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में हुए आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया. भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया. भारतीय महिला टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप खिताब जीता है. वहीं साउथ अफ्रीका का खिताब जीतने का सपना अधूरा रह गया. अब इस ऐतिहासिक जीत के बाद टीम इंडिया की खिलाड़ियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का मौका मिलेगा. आजतक को सूत्रों ने बताया है कि प्रधानमंत्री मोदी बुधवार (5 नवंबर) को दिल्ली में महिला टीम से मुलाकात कर सकते हैं. यह मुलाकात ना केवल टीम की शानदार उपलब्धि का जश्न होगी, साथ ही भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक भी मानी जा रही है. माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस दौरान महिला टीम की खिलाड़ियों से बातचीत करेंगे और उनके अनुभव सुनेंगे. प्रधानमंत्री के साथ यह मुलाकात महिला खिलाड़ियों के लिए एक यादगार पल साबित होगी, जिनके शानदार प्रदर्शन ने पूरे देश को गर्व से भर दिया है. भारतीय महिला टीम पर इनामों की भी बारिश हो रही है. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) पहले ही महिला टीम के लिए 51 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार घोषित कर चुका है. पीएम मोदी ने महिला टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद अपने X अकाउंट पर खास ट्वीट किया था. पीएम मोदी ने लिखा था, 'आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में भारतीय टीम की शानदार जीत हुई. खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन स्किल, आत्मविश्वास और टीमवर्क दिखाया. यह ऐतिहासिक जीत भविष्य की चैम्पियंस को इस खेल को अपनाने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी. टीम इंडिया को ढेरों बधाइयां.' भारतीय महिला टीम को खिताब जीतने के बाद आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) से प्राइज मनी के तौर पर 4.48 मिलियन डॉलर (लगभग 40 करोड़ रुपये) मिले हैं. यह राशि साल 2022 के वर्ल्ड कप में चैम्पियन बनने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को मिली राशि (1.32 मिलियन डॉलर) से 239 प्रतिशत ज्यादा है.

राष्ट्रपति मुर्मु, प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को दीं शुभकामनाएं

भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर प्रदेश के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु ने मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि मध्यप्रदेश ने भारत की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने ईश्वर से प्रार्थना की कि मध्यप्रदेश अपनी विकास यात्रा में निरंतर नए आयाम स्थापित करता रहे। राष्ट्रपति ने सभी प्रदेशवासियों की निरंतर समृद्धि और कल्याण के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ भी दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने संदेश में कहा है कि गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर संजोने वाले प्रदेशवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की ढेरों शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि देश के हृदय में बसे मध्यप्रदेश जन-जन की आकांक्षाओं को आगे रखकर आज हर क्षेत्र में प्रगति की नई रफ्तार भर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली और परिश्रमी लोगों की अमूल्य भूमिका होने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने भी सांस्कृतिक विरासत की भूमि मध्यप्रदेश वासियों को प्रदेश को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध इतिहास को समेटे मध्यप्रदेश आज जन कल्याण, स्वच्छता और संपन्नता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। गृह मंत्री शाह ने ईश्वर से प्रदेश वासियों की निरंतर प्रगति की कामना की है।  

राजधानी में उमड़ा जनसैलाब: नरेंद्र मोदी का रोड शो बना आकर्षण का केंद्र

रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रायपुर के एक दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान एयरपोर्ट से लेकर ब्रम्हकुमारी के शांति शिखर भवन तक पीएम मोदी ने रोड शो किया। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़े, जहां लोगों ने हाथ हिलाकर और बैनर-पोस्टर लहराकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद उन्होंने श्री सत्य साईं संजीवनी चाइल्ड हार्ट हॉस्पिटल में आयोजित “दिल की बात” कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने हृदय रोग का सफल ऑपरेशन करा चुके करीब 2500 बच्चों के साथ संवाद किया। इसके बाद पीएम मोदी ने ब्रम्हकुमारी के शांति शिखर भवन का लोकार्पण किया।  

रजत जयंती वर्ष में छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया गौरव – प्रधानमंत्री मोदी करेंगे भव्य विधानसभा भवन का लोकार्पण

छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन : परंपरा और आधुनिकता का संगम रायपुर, छत्तीसगढ़ के इतिहास में 1 नवम्बर का दिन एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्य की जनता को विधानसभा का नया भवन समर्पित करेंगे। वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद रायपुर के राजकुमार कॉलेज से शुरू हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा को 25 वर्षों के बाद रजत जयंती वर्ष में अपना भव्य, आधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी भवन मिलने जा रहा है। यह भवन केवल एक खूबसूरत इमारत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक भी है। ‘धान का कटोरा’ कहलाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान को इस भवन की वास्तुकला में बखूबी पिरोया गया है। विधानसभा के सदन की सीलिंग पर धान की बालियों और पत्तियों को उकेरा गया है, जो प्रदेश की कृषि-प्रधान संस्कृति का प्रतीक है। भवन के ज्यादातर दरवाजे और फर्नीचर बस्तर के पारंपरिक काष्ठ शिल्पियों द्वारा बनाए गए हैं। इस तरह नया विधानसभा भवन आधुनिकता और परंपरा का एक जीवंत संगम बन गया है। भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अत्याधुनिक भवन नए विधानसभा भवन को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। यह पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और सुसज्जित भवन है, जिसके सदन को 200 सदस्यों तक के बैठने के लिए विस्तारित किया जा सकता है। पेपरलेस विधानसभा संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं का समावेश भी किया गया है, जिससे यह भवन ‘स्मार्ट विधानसभा’ के रूप में विकसित होगा। 324 करोड़ की लागत से बना 51 एकड़ में फैला परिसर कुल 51 एकड़ में फैले इस परिसर का निर्माण 324 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। भवन को तीन मुख्य हिस्सों—विंग-ए, विंग-बी और विंग-सी—में विभाजित किया गया है। विंग-ए में विधानसभा का सचिवालय, विंग-बी में सदन, सेंट्रल हॉल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय, तथा विंग-सी में मंत्रियों के कार्यालय स्थित हैं। हरित तकनीक से निर्मित पर्यावरण अनुकूल भवन यह भवन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल और हरित निर्माण तकनीक से बनाया गया है। परिसर में सोलर प्लांट की स्थापना के साथ वर्षा जल संचयन हेतु दो सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, भवन में पर्यावरण-संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया गया है। 500 सीटर ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल विधानसभा भवन में 500 दर्शक क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम और 100 सीटर सेंट्रल हॉल बनाया गया है। भवन की वास्तुकला आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का उत्कृष्ट मेल है। तीन करोड़ जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक छत्तीसगढ़ की संस्कृति और शिल्प से सजे-संवरे इस नए विधानसभा भवन में राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और आत्मगौरव साकार होता दिखेगा। यह भवन न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था  का, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, प्रगति और परंपरा का प्रतीक भी बनेगा।

प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ में: शांति शिखर में करेंगे ध्यान, प्रशासन ने दौरे को यादगार बनाने की पूरी तैयारी की

रायपुर   छत्तीसगढ़ के लिए 1 नवम्बर को दिन खास होने वाला है। राज्य अपना 25वां रजत जयंत वर्ष मनाएगा। 5 दिन तक अलग-अलग आयोजन होंगे। सबसे खास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दौरा रहेगा। वे छत्तीसगढ़ के 5 बड़े कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री के दौरे को यादगार बनाने के लिए शासन-प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है। पीएम के स्वागत के लिए राज्योत्सव स्थल पर 1 किलोमीटर लंबा परिक्रमा पथ बनाया जा रहा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री परिक्रमा पथ में रथ पर सवार होंगे। पीएम का सुबह से शाम तक व्यस्त दौरा प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मुताबिक छत्तीसगढ़ में सुबह से शाम तक सबसे व्यस्त दौरा रहेगा। वे सुबह 7. 35 मिनट में दिल्ली से रवाना होंगे और शाम 6.35 मिनट में वापस दिल्ली पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ में 6 घंटे 35 मिनट का समय बिताएंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री प्रजापिता ब्रह्माकुमारी के शांति शिखर भवन का उद्घाटन भी करेंगे। यहां वे दो मिनट का ध्यान भी लगाएंगे। सुबह 7.35 बजे दिल्ली से रवाना होकर 9.40 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। सुबह 10.00 बजे सत्य साईं अस्पताल पहुंचेंगे। 10.35 बजे तक दिल की बात करेंगे। सफल ऑपरेशन वाले 2500 बच्चों से चर्चा करेंगे। 10.45 से 11.30 बजे तक प्रजापिता ब्रह्माकुमारी के शांति शिखर भवन का लोकार्पण करेंगे। 11.45 से दोपपहर 1.15 बजे तक विधानसभा के नए भवन और अटल जी की प्रतिमा का लोकार्पण। दोपहर 1.30 से 2.15 बजे तक आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का शुभारंभ करेंगे। 2.30 से 4.00 बजे तक राज्योत्सव का शुभारंभ और सभा को संबोधित करेंगे। शाम 4.00 बजे एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। साथ में लगाएंगी ध्यान: शांति शिखर के मेडिटेशन हॉल में पीएम मोदी सोफा पर बैठकर दो मिनट तक ध्यान में नजर आएंगे। इस दौरान माउंट आबू से अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका जयंती दीदी, अतिरिक्त महासचिव मृत्युंजय भाई, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश इंचार्ज हेमलता दीदी, जयंती दीदी, आशा दीदी ऊषा दीदी और साविता दीदी पीएम के साथ ध्यान लगाएंगी।

‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ का जिक्र, मुख्यमंत्री साय ने जताया पीएम मोदी का आभार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को न्यू शांति नगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का प्रसारण सुना. इस दौरान भाजपा के सभी महामंत्री, प्रदेश, जिला एवं मंडल पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या व्यापारी मौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित गार्बेज कैफे का जिक्र किया. कैसे आधा किलो कचड़ा देकर नाश्ता और एक किलो कचड़ा देकर दिन या रात का खाना खा सकते हैं. इसके साथ उन्होंने कहा कि ये प्रेरक उदाहरण है कि जब ठान लिया जाए तो बदलाव भी किया जा सकता है. ‘मन की बात’ को सुनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के हम आभारी हैं. उन्होंने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का कई बार जिक्र किया है. आज भी छत्तीसगढ़ का जिक्र किया है. अंबिकापुर नगर निगम स्वच्छता के मामले में अव्वल रहा है, जिसका भी जिक्र प्रधानमंत्री ने किया है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है. नक्सली जमीन के अंदर बम गाड़ कर रखते हैं, जिसे देशी स्वान आसानी से डिटेक्ट करता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम में उसका भी जिक्र किया है.

प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में भोपाल की बेटियाँ देंगी बैंड की प्रस्तुति

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में होगी प्रस्तुति भोपाल  भोपाल की बेटियाँ राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर 2025 को गुजरात के एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) परिसर में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मध्यप्रदेश का मान बढ़ाएंगी। स्कूल ​शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित बैंड प्रतियोगिता में सेंट जोसेफ कॉन्वेंट ईदगाह हिल्स स्कूल भोपाल की बालिका टीम ने राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनि​धित्व करते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल किया था। उसी टीम को केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में 31 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए चुना है। गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय बैंड प्रतियोगिता में शामिल दो टीमों को आमंत्रित किया है। बालिका वर्ग में द्वितीय स्थान हासिल करने वाले भोपाल के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल और बालक वर्ग में देश में पहला स्थान हासिल करने वाली राजस्थान की टीम शामिल है। यह दोनों टीमें संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री श्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देंगी। यह कार्यक्रम लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश की बैंड टीम राज्य पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, अन्य सुरक्षा बल और एनसीसी की टीमों के साथ मंच साझा करेगी। बैंड में शामिल 30 बालिकाओं की टीम उनके प्र​शिक्षक श्री रसिक नागर पांडेय के साथ 23 अक्टूबर को गुजरात के लिए प्रस्थान करेगी। श्री पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम में बैंड टीम द्वारा हिन्दी, गुजराती, अंग्रेजी, स्पेनिश और जर्मन धुनें प्रस्तुत की जाएंगी। स्कूल की प्राचार्य सिस्टर लिली ने बताया कि बैंड की टीम पिछले 15 दिन से इस गौरवपूर्ण कार्यक्रम के लिए तैयारी कर रही है। इस कार्यक्रम में ​शामिल होना हमारे स्कूल, भोपाल और पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है।  

प्रधानमंत्री मोदी ने IIT भिलाई के नए चरण का वर्चुअल किया शिलान्यास

आईआईटी में आयोजित कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरू खुशवंत साहेब हुए शामिल भारत सरकार ने फेस 2 के लिए 2257.55 करोड़ रुपए किए है मंजूर रायपुर, प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आज झारसुगुड़ा (ओडिशा) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश के आठ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में अधोसंरचना विकास कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास किया। इनमें आईआईटी भिलाई के फेस-2 परियोजना भी शामिल है। अन्य सात संस्थानों में आईआईटी पटना, आईआईटी इंदौर, आईआईटी जोधपुर, आईआईटी तिरुपति, आईआईटी पलक्कड़, आईआईटी धारवाड़ और आईआईटी जम्मू सम्मिलित हैं। इस अवसर का सीधा प्रसारण आईआईटी भिलाई परिसर के नालंदा व्याख्यान कक्ष में किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब और अहिवारा के विधायक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा उपस्थित रहे। मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आठ आईआईटी परियोजनाओं का शिलान्यास होना पूरे देश और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। इससे प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का विस्तार होगा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईआईटी भिलाई के फेस-2 निर्माण पूर्ण होने पर शोधार्थी छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। फेस-2 परियोजना : तकनीकी शिक्षा और नवाचार की नई दिशा भारत सरकार ने 29 मई 2025 को फेस-2 निर्माण के लिए 2,257.55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 1,092 करोड़ रुपये परिसर निर्माण पर व्यय होंगे। इस चरण में 1 लाख 51 हजार 343 वर्ग मीटर का अतिरिक्त क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें नए इंजीनियरिंग और विज्ञान विभाग, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, आईसीटी सक्षम व्याख्यान कक्ष और प्रोटोटाइप सुविधाएँ शामिल होंगी। छात्र संख्या 1,500 से बढ़कर 3,000 हो जाएगी। परियोजना में छात्रावास, मेस हॉल, खेल परिसर, ओपन एयर थिएटर, कैंटीन, खेल मैदान, टेनिस कोर्ट, आवासीय भवन, स्वास्थ्य केंद्र और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएँ भी जोड़ी जाएंगी। फेस-2 की सबसे महत्वपूर्ण पहल छत्तीसगढ़ का पहला अनुसंधान पार्क है, जिसकी स्थापना 96 करोड़ रुपये की लागत से की जाएगी। इस परियोजना को अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। आईआईटी भिलाई की स्थापना वर्ष 2016 में की गई थी। फेस-1 निर्माण के लिए  1090.17 करोड़ मंजूर किए गए थे, जिसके तहत 1 लाख 34 हजार 450 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्मार्ट, पर्यावरण-संवेदनशील और छात्र-केंद्रित परिसर विकसित किया गया, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री द्वारा 20 फरवरी 2024 को किया गया था। इस परिसर को जीआरआईएचए एलडी रेटिंग और एनएससीआई सुरक्षा पुरस्कार 2021 सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। आईआईटी भिलाई की उपलब्धियाँ और विशेषताएँ आईआईटी भिलाई का परिसर गोंड आदिवासी कला से प्रेरित प्रवेश गलियारों से सुशोभित है, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक हैं। संस्थान वर्तमान में लगभग 185 करोड़ रुपये की 300 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहा है तथा अब तक 30 पेटेंट दर्ज किए जा चुके हैं। संस्थान विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणालियों (NM-ICPS) पर राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत स्थापित सेक्शन 8 कंपनी आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (I B I T F) की मेजबानी करता है। हाल ही में आईबीआईटीएफ को वित्तीय क्षेत्र के लिए फिनटेक आधारित नवाचारों को प्रोत्साहित करने हेतु ‘श्रेणी-ए हब’ के रूप में नामित किया गया है। आईआईटी भिलाई की एक उल्लेखनीय पहल विद्या समीक्षा केंद्र, छत्तीसगढ़ है, जो राज्यभर के स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों के लिए एक केंद्रीकृत, वास्तविक समय डिजिटल निगरानी प्रणाली है। इस मंच ने 10 लाख गैर-मौजूद छात्र रिकॉर्ड की पहचान कर उन्हें समाप्त किया, जिससे लगभग 40 करोड़ रुपये की बचत हुई और 60 लाख पाठ्यपुस्तकों का सही वितरण संभव हो सका। इसके अलावा संस्थान ने गहन तकनीकी समाधानों के माध्यम से जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए देशभर में कुल 54 जनजातीय विकास परियोजनाएँ शुरू की हैं, जिन पर 19 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। वर्तमान और भविष्य वर्तमान में आईआईटी भिलाई में बी.टेक, एम.टेक, एम.एससी. और पीएच.डी. कार्यक्रमों के अंतर्गत 1,525 छात्र अध्ययनरत हैं। फेस-2 विकास के साथ यह संख्या 3,000 तक पहुँच जाएगी। इससे संस्थान न केवल शिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में बल्कि उद्योग सहयोग और तकनीकी विकास में भी एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा। इस अवसर पर संस्था के विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापकगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।    

प्रधानमंत्री मोदी स्वदेशी के हैं ब्रांड एम्बेसडर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हमने हर काल में आई चुनौतियों का सामना स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की ताकत से किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी स्वदेशी के हैं ब्रांड एम्बेसडर स्वावलंबन और स्वदेशी के बीज से ही आत्मनिर्भरता का बनेगा वटवृक्ष मुख्यमंत्री ने त्यौहारी सीजन में प्रदेशवासियों को स्वदेशी वस्तुएं खरीदने के लिए किया प्रेरित स्वदेशी अभियान की सफलता के लिए समाज की सक्रिय सहभागिता आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी जागरण सप्ताह का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वदेशी जनजागरण रैली में हुए शामिल पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से महात्मा गांधी की जयंती तक चलेगा स्वदेशी जागरण सप्ताह रवीन्द्र भवन में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी की ताकत से ही हमारी संस्कृति, हजारों हजार साल से अपने गौरव-गरिमा और समृद्धता के साथ विद्यमान है। हर युग और हर काल में आई चुनौतियों का हमने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की ताकत से ही सामना किया है। महात्मा गांधी ने स्वदेशी के बल पर ही देश को आजादी दिलाई थी। उन्होंने ने जन-जन को विदेशी वस्तुओं को त्यागने और विदेशी वस्त्रों की होली जलाने के लिए प्रेरित किया। अपनी माटी, अपने देश और स्वदेशी व्यवस्था के प्रति हम सबके मन में सम्मान होना चाहिए। महात्मा गांधी और पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में बहुत समानता थी। महात्मा गांधी और पं. दीनदयाल उपाध्याय भारतीय संस्कृति की लंबी विचार प्रक्रिया के संवाहक हैं। दोनों का ही विचार था कि स्वावलंबन और स्वदेशी के बीज से ही आत्मनिर्भरता का वटवृक्ष बनेगा और भारत, विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय की जंयती के अवसर पर मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय स्वदेशी जागरण सप्ताह के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। रवीन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलाचरण के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैली में पैदल मार्च कर स्वदेशी अपनाने के लिए जन-जन को किया प्रेरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ भारती, महात्मा गांधी और पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर गायत्री परिवार, ब्रह्म कुमारी संगठन, पंतजलि समूह और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने स्वदेशी के प्रति अपनी प्रतिबद्धिता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्वदेशी संकल्प समर्थन-पत्र सौंपे। कार्यक्रम में स्वदेशी पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वदेशी जागरण सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर निकाली गई रैली में मानस भवन से पैदल मार्च करते हुए शामिल हुए। रैली के माध्यम से उद्योग जगत, व्यापारी बन्धुओं, दुकानदारों, विक्रेताओं, छात्र-छात्राओं और समस्त समाज के सदस्यों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। रैली स्वदेशी पर केंद्रित नारों के माध्यम से जन-जागरण करती हुई रवीन्द्र भवन पहुंची। भोपाल, बैतूल, शिवपुरी और उज्जैन में लगेंगे स्वदेशी मेले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी जागरण सप्ताह में स्वदेशी वस्तुओं का प्रचार-प्रसार करने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में स्वदेशी जागरण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। यह महाअभियान प्रदेश के 313 विकासखंडों में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर से महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक चलेगा। प्रसन्नता का विषय है कि आगामी माहों में भोपाल, बैतूल, शिवपुरी और उज्जैन में स्वदेशी मेले आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी स्वदेशी के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेसडर हैं। उनके मार्गदर्शन में देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। आत्मनिर्भर बनते भारत की विकास यात्रा का मार्ग स्वदेशी से ही खुलता है। किसानों और कारीगरों के परिश्रम का सम्मान जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी मिट्टी, अपनी भूमि के प्रति विश्वास के भाव से ही हम अपने जीवन को सफल और धन्य कर सकते हैं। किसान मिट्टी में श्रम से ही अपने अन्न के भंडार भरते हैं। लघु उद्योग चलाने और उसमें काम करने वाले कारीगर के भी स्वावलंबन के मार्ग पर चलते हैं, उनके परिश्रम का सम्मान आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवरात्रि, दशहरा और दीपावली के त्योहारी सीजन में प्रदेशवासियों को स्वदेशी वस्तुएं खरीदने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान की सफलता समाज के सहयोग के बिना मंजिल तक नहीं पहुंच सकती है। दीपक और उसकी बाती के लिए जिस प्रकार ऑक्सीजन जरूरी है, उसी प्रकार स्वदेशी जैसे अभियान की सफलता के लिए समाज की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष  मोहन नागर, स्वर्णिम भारत वर्ष फाउण्डेशन, अखिल भारतीय सह प्रमुख स्वदेशी मेला, स्वाबलंबी भारत अभियान और सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।