samacharsecretary.com

EVM विवाद पर INDI अलायंस में खटपट, लोकसभा में अध्यक्ष सुले ने उठाया सवालों से दूरी

नई दिल्ली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद और वरिष्ठ नेता शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने कहा है कि वह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर सवाल नहीं उठाएंगी, क्योंकि इन्हीं मशीनों से वह चार बार सांसद चुनी गई हैं। सुप्रिया सुले की पार्टी NCP (शरद पवार), विपक्षी गठबंधन 'महाराष्ट्र विकास आघाडी' का हिस्सा है, जिसमें कांग्रेस और शिवसेना (UBT) भी शामिल हैं। महाराष्ट्र के बारामती से चार बार की लोकसभा सदस्य और NCP (शरद पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुले ने लोकसभा में चुनाव सुधारों पर हो रही बहस के दौरान यह बात कही। सुले ने सदन में कहा, “मैं इसी मशीन से चुनकर आई हूं, इसलिए मैं ईवीएम या वीवीपैट पर सवाल नहीं उठाऊंगी।” उन्होंने कहा, "मैं मशीन के खिलाफ बात नहीं कर रही हूं। मैं एक बहुत सीमित बात रख रही हूं और भारतीय जनता पार्टी से मुझे बड़ी अपेक्षाएं हैं, जिसे महाराष्ट्र में इतना बड़ा जनादेश मिला है।" सुले के बयान के गहरे मायने EVM पर सुप्रिया सुले का यह बयान काफी अहम है क्योंकि इसके राजनीतिक मायने और सियासी संदेश गहरे हो सकते हैं। अब इस बात के बी कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या इंडिया अलायंस में सहयोगी दलों के बीच खटपट शुरू हो गई है। अभी तक संसद में भी सभी विपक्षी दल किसी मुद्दे पर मिलकर सरकार से लड़ते रहे हैं और सदन के अंदर और बाहर सरकार को घेरते रहे हैं लेकिन चुनाव सुधारों के दौरान जहां कांग्रेस और उसके नेता ईवीएम के गलत इस्तेमाल का मुद्दा उठा रहे हैं, वहीं सुप्रिया ने अपनी चार बार की जीत का हवाला देकर उस पर सवाल उठाने से इनकार कर दिया। बैलेट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती एक दिन पहले ही दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी की दी थी। उन्होंने कहा कि भाजपा अगर बैलेट पर चुनाव लड़े, वोट चोरी न करें तो वह एक भी चुनाव नहीं जीत सकती है। चुनाव आयोग के बिना भाजपा चुनाव जीत ही नहीं सकती है। चुनाव आयोग सरकार की मदद कर रहा है और लोकतंत्र को खत्म रहा है। चुनाव की घोषणा से लेकर वोटर लिस्ट, मतदान, मतगणना, ईवीएम सबका इस्तेमाल आयोग भाजपा को मदद पहुंचाने के लिए कर रहा है। जनता का विश्वास भाजपा से, सरकार से, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से हट चुका है।

सोनिया-राहुल गांधी को बड़ी राहत, नेशनल हेराल्ड केस में कोर्ट ने ED की चार्जशीट को खारिज किया

नई दिल्ली  दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य को राहत दी है। अदालत ने मामले में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ईडी द्वारा दायर आरोप पत्र आधारहीन है, क्योंकि यह किसी प्राथमिकी के बाजए एक निजी शिकायत पर आधारित है। गांधी परिवार के खिलाफ ईडी की शिकायत को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि बिना प्राथमिकी के मामले में कार्यवाही आधारहीन है। कोर्ट ने कहा कि क्योंकि मामले में अभी दिल्ली आर्थिक अपराध शाखा ने मामला दर्ज किया, ऐसे में इस पर अभी ईडी द्वारा दिए गए बयान पर निर्णय देना जल्दबाजी होगी। अदालत ने कहा कि ईडी मामले में आगे की जांच जारी रख सकती है।  सोनिया और राहुल को FIR की कॉपी पाने का अधिकार नहीं- कोर्ट साथ ही राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस नेताओं को झटका देते हुए फैसला सुनाया है कि नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य आरोपियों को एफआईआर की कॉपी पाने का अधिकार नहीं है, यह फैसला दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) द्वारा मामले में दर्ज की गई नई एफआईआर से जुड़ी कार्यवाही के दौरान दिया। कोर्ट के फैसले में क्या-क्या नेशनल हेराल्ड केस की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जांच एजेंसी सीबीआई ने अब तक कोई प्रीडिकेट अपराध दर्ज नहीं किया है, इसके बावजूद ईडी ने जांच आगे बढ़ाई. एफआईआर के अभाव में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच और उसके आधार पर दायर अभियोजन शिकायत (प्रोसिक्यूशन कम्प्लेंट) कायम नहीं रह सकती.     कोर्ट ने आगे कहा कि ऐसी शिकायत पर मनी लॉन्ड्रिंग की कार्यवाही भी बनाए रखने योग्य नहीं है. निजी व्यक्ति द्वारा दायर शिकायत पर संज्ञान लेना कानूनन अनुमेय नहीं है. इस मामले के गुण-दोष (मेरिट्स) आदि से जुड़े अन्य तर्कों पर विचार/निर्णय की आवश्यकता नहीं है. अब कौन सी एफआईआर अहम? कोर्ट के इस फैसले के बाद अब दिल्ली पुलिस की EOW द्वारा दर्ज FIR महत्वपूर्ण होगी. पिछले कुछ समय पहले ही नेशनल हेराल्ड केस में EOW ने मामला दर्ज किया था. दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की ओर से दर्ज एफआईआर की कॉपी आरोपियों को उपलब्ध कराने के मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई. इससे पहले सोमवार को भी सुनवाई हुई थी. राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई आज यानी मंगलवार के लिए टल गई थी. कब दर्ज हुई एफआईआर दरअसल, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 3 अक्टूबर को नेशनल हेराल्ड केस से संबंधित एक नई एफआईआर दर्ज की थी. इस एफआईआर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड और अन्य को आरोपी बनाया गया है.एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपियों की ओर से इसकी कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की गई थी. मगर अब कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आरोपियों को एफआईआर की कॉपी नहीं मिलेगी. क्या है नेशनल हेराल्ड केस दरअसल, नेशनल हेराल्ड केस पहले से ही राजनीतिक हलचल का केंद्र बना हुआ है. नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना 1938 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी. इसका प्रकाशन एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की ओर से किया जाता था. आर्थिक संकट के कारण 2008 में अखबार बंद कर दिया गया, जिसके बाद विवाद की शुरुआत हुई. साल 2010 में ‘यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी बनाई गई, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 38-38 प्रतिशत हिस्सेदारी है. ईडी की जांच में क्या खुलासा नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में खुलासा हुआ कि यंग इंडियन ने 50 लाख रुपए में एजेएल की करीब 2,000 करोड़ रुपए की संपत्तियां हासिल कीं, जबकि उनकी बाजार कीमत कहीं अधिक थी. नवंबर 2023 में ईडी ने कार्रवाई करते हुए लगभग 661 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां और 90.2 करोड़ रुपए के एजेएल शेयर जब्त किए थे, जिन्हें अपराध की आय माना गया है. .सुनवाई के दौरान क्या हुआ? मामले की सुनवाई के दौरान जज ने आदेश पढ़ना शुरू किया. सबसे पहले अदालत ने EOW (Economic Offences Wing) की शिकायत से जुड़े रिवीजन पिटीशन पर आदेश सुनाया. अदालत ने जांच की बुनियाद पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक CBI की ओर से कोई प्रेडिकेट (Scheduled) अपराध दर्ज नहीं किया गया है, इसके बावजूद ED ने PMLA के तहत जांच आगे बढ़ाई. नेशनल हेराल्ड केस में गांधी परिवार को बड़ी राहत, कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से किया इनकार दिल्ली कोर्ट ने ED की जांच पर बड़ा सवाल उठाते हुए कहा, 'CBI ने अब तक कोई प्रेडिकेट ऑफेंस दर्ज नहीं किया है, इसके बावजूद ED ने जांच जारी रखी.' कोर्ट ने यह भी कहा कि जब मूल अपराध (Predicate Offence) ही दर्ज नहीं है, तो मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कैसे आगे बढ़ाई जा सकती है. कांग्रेस ने कहा- सत्य की जीत हुई कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस ने कहा कि सत्य की जीत हुई है. मोदी सरकार की दुर्भावना और गैरकानूनी गतिविधियों का पर्दाफाश हो चुका है. वहीं कांग्रेस ने सभी आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीति से प्रेरित मामला बताया है और कहा है कि इसमें किसी तरह का निजी आर्थिक लाभ नहीं लिया गया. यह मामला राउज़ एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के लिए आया था, जहां अदालत ने ED की ओर से दाखिल विस्तृत रिकॉर्ड की जांच के बाद फैसला सुरक्षित रखा था. अब कोर्ट द्वारा संज्ञान लेने से इनकार किए जाने के बाद, ED के अगले कानूनी कदमों पर सभी की नजरें टिकी हैं. 'यह मामला ही निराधार था' इस मामले पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, 'यह निराधार मामला था.'  

नेशनल हेराल्ड मामले में बड़ी कार्रवाई: नई FIR में शीर्ष नेताओं पर 2000 करोड़ का मामला दर्ज

 नई दिल्ली कांग्रेस की वरिष्ठ सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ-साथ कई अन्य प्रमुख व्यक्तियों के खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की है। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय की शिकायत पर की गई है, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। आरोप है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अपने पद का दुरुपयोग कर व्यक्तिगत लाभ उठाया है। एफआईआर में शामिल प्रमुख नाम और आरोप आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा ने तीन अक्तूबर को गांधी परिवार और सात अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज की। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 403 (बेईमानी से संपत्ति का गबन), 406 (आपराधिक विश्वासघात के लिए सजा) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस नेता सुमन दुबे और सैम पित्रोदा के साथ-साथ यंग इंडियन (वाईआई), डॉटैक्स मर्चेंडाइज लिमिटेड (Dotex Merchandise Ltd), डॉटैक्स प्रमोटर सुनील भंडारी और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) तथा अज्ञात अन्य को आरोपी बनाया गया है। ईडी सूत्रों के अनुसार, संघीय एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 66(2) के तहत उपलब्ध शक्तियों का उपयोग करके पुलिस FIR दर्ज कराई। यह धारा केंद्रीय एजेंसी को कानून प्रवर्तन एजेंसी द्वारा आपराधिक पूर्ववर्ती अपराध के पंजीकरण के लिए सबूत साझा करने की अनुमति देती है, ताकि बाद में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया जा सके और जांच को आगे बढ़ाया जा सके। यह एफआईआर ईडी के मामले को मजबूत करेगी, जिसका आरोप पत्र एक मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट, दिल्ली के आदेश से उत्पन्न हुआ है। यह आदेश भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा 26 जून, 2014 को एजेएल की संपत्तियों से जुड़ी कथित अनियमितताओं के संबंध में दायर एक निजी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए दिया गया था। एफआईआर में ईडी द्वारा 4 सितंबर को ईओडब्ल्यू को भेजे गए एक पत्र में लगाए गए आरोपों का संज्ञान लिया गया है। ईडी के इस संचार की सामग्री वही है जो केंद्रीय एजेंसी ने अपने आरोप पत्र में बताई है। ईडी ने अपने आरोप पत्र में आरोप लगाया था कि एक "आपराधिक साजिश" कांग्रेस पार्टी के पहले परिवार के नेतृत्व में, जिसमें सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी, दिवंगत कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस, साथ ही दुबे, पित्रोदा और एक निजी कंपनी यंग इंडियन शामिल हैं। एजेएल की 2000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों के धोखाधड़ी वाले अधिग्रहण से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग योजना में शामिल थे। एजेएल नेशनल हेराल्ड समाचार मंच (समाचार पत्र और वेब पोर्टल) का प्रकाशक है और इसका स्वामित्व यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के पास है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी यंग इंडियन के बहुसंख्यक शेयरधारक हैं, जिनमें से प्रत्येक के पास 38 प्रतिशत शेयर हैं। कुछ साल पहले ईडी ने इस मामले में दोनों से घंटों पूछताछ भी की थी। ईडी का दावा है कि उसकी जांच ने "निर्णायक रूप से" पाया है कि यंग इंडियन, जो सोनिया गांधी और राहुल गांधी के "लाभकारी स्वामित्व" वाली एक निजी कंपनी है, ने एजेएल की 2000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को केवल 50 लाख रुपये में "अधिग्रहित" किया, जो उसके मूल्य से काफी कम था। यह भी आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी ने यंग इंडियन कंपनी के माध्यम से स्वयं और अपने बेटे राहुल गांधी के व्यक्तिगत लाभ के लिए "सार्वजनिक धन को आत्म-उपयोग के लिए परिवर्तित" करके पूर्व आईएसीसी अध्यक्ष के रूप में अपनी स्थिति का "दुरुपयोग" किया। कांग्रेस पार्टी ने पहले इस जांच को "तुच्छ प्रतिशोध की रणनीति" करार दिया था और ईडी को भाजपा का "गठबंधन सहयोगी" बताया था।  

अगर माही भाई मैच देखने आते हैं तो वह पल हमारे लिए बहुत ख़ास होगा : राहुल

रांची 30 नवंबर, यानी रविवार को राजधानी रांची क्रिकेट के रोमांच से सराबोर होने वाली है। जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला खेला जाएगा। मैच से पहले दोनों टीमें पूरी तरह मैदान पर उतरी दिखीं। भारतीय खिलाड़ियों ने नेट्स में जमकर पसीना बहाया तो दक्षिण अफ्रीका की टीम भी अपने प्लान को धार देने में जुटी रही। शनिवार को फुल टीम प्रैक्टिस के बाद भारतीय टीम के कप्तान केएल राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मैच से जुड़ी कई अहम बातों पर खुलकर चर्चा की। राहुल ने कहा कि रांची में खेलना हमेशा खास रहा है, क्योंकि यह शहर क्रिकेट की धड़कनों से भरा हुआ है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ”यह महेंद्र सिंह धोनी का शहर है… यहां क्रिकेट नस-नस में दौड़ता है। अगर माही भाई स्टेडियम में मैच देखने आते हैं, तो वह पल हमारे लिए बहुत खास होगा। यहां दर्शकों का समर्थन हमेशा जबरदस्त रहता है।” राहुल के इस बयान ने प्रेस रूम में मौजूद पत्रकारों के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी। पत्रकारों द्वारा किए गए सवालों का जवाब देते हुए राहुल ने टीम संयोजन, विकेटकीपिंग विकल्प और स्पिनर्स के खिलाफ टीम की चुनौतियों पर भी खुलकर बात की। ऋषभ पंत की भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में राहुल ने कहा कि अंतिम निर्णय मैच के दिन ही होगा। राहुल ने कहा,”पंत भी टीम में हैं… वह शानदार फॉर्म में हैं। यह कल ही तय हो पाएगा कि वह विकेटकीपिंग करेंगे या सिर्फ बैटिंग पर ध्यान देंगे। टीम मैनेजमेंट इस पर विचार कर रहा है।” टीम इंडिया हाल के दिनों में स्पिनर्स के खिलाफ कमजोर नजर आई है। इस पर भी राहुल ने साफ कहा कि टीम इस चुनौती को अच्छी तरह समझती है और इसे सुधारने के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया,”पुराने और अनुभवी बैट्समैन से हम लगातार सीख रहे हैं कि स्पिन को बेहतर कैसे खेलें। आने वाले समय में हम इस विभाग में और मजबूत होंगे। हर सत्र में हम स्पिनरों पर खास फोकस करके प्रैक्टिस कर रहे हैं।” बॉलिंग और बैटिंग रणनीति को लेकर राहुल ने ज्यादा खुलासा तो नहीं किया, लेकिन यह जरूर कहा कि टीम हालात के अनुसार अपनी प्लानिंग कर चुकी है। उन्होंने बताया कि इस विकेट पर शुरुआत में बैटिंग थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है, लेकिन मिडल ओवर्स में रन बनाने के अवसर जरूर मिलेंगे। राहुल ने कहा कि डेथ ओवर्स में टीम की बॉलिंग यूनिट काफी मजबूत है, और सभी गेंदबाज अपनी-अपनी भूमिका को लेकर स्पष्ट हैं।उन्होंने कहा, ”हमारा ध्येय दक्षिण अफ्रीका के मजबूत बल्लेबाजी क्रम पर शुरू से दबाव बनाने का रहेगा। बॉलिंग यूनिट इस मैच के लिए तैयार है।” स्टेडियम में होने वाली भीड़ को लेकर राहुल ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए इस तरह का माहौल हमेशा उत्साहित करने वाला होता है।यहां के दर्शक ऊर्जा देते हैं, दबाव नहीं। हम उम्मीद करते हैं कि रविवार को भारत के समर्थन में पूरा स्टेडियम गूंजेगा। रांची के जेएससीए स्टेडियम में रविवार के मैच को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद है और मैच के टिकट पहले ही बिक चुके हैं। अब क्रिकेट फैन्स को बस इंतजार है पहले वनडे के उस शानदार मुकाबले का, जहां हर चौका-छक्का रांची को क्रिकेटकार का त्यौहार बना देगा।  

राजद-कांग्रेस की टक्कर: चार विधानसभा सीटों पर राहुल और तेजस्वी की रणनीति

पटना महागठबंधन में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा हो गई। सीएम फेस बने तेजस्वी यादव चुनाव प्रचार में भी निकल गए। वह ताबड़तोड़ जनसभाएं कर रहे हैं। लेकिन, एक सवाल अब भी बना हुआ कि जिन सीटों पर राजद और कांग्रेस के प्रत्याशी आमने-सामने हैं, वहां पर कांग्रेस में नंबर वन की हैसियत वाले राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव किसके समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे? दूसरे चरण के चुनाव में चार विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां राजद और कांग्रेस के कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान हैं। वहीं दो सीटों में से एक पर राजद- वीआईपी और दूसरे पर कांग्रेस-सीपीआई आमने सामने है। आइए पहले इन सीटों के बारे में जानते हैं… सुल्तानगंज विधानसभा सीट     यहां पर राजद के चंदन सिन्हा का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी ललन यादव से है। वहीं एनडीए ने जदयू के उम्मीदवार ललित नारायण मंडल को चुनावी मैदान में उतारा है। कहलगांव विधानसभा सीट     यहां पर राजद के रजनीश भारती का मुकाबला कांग्रेस के प्रवीण कुशवाहा से है। वहीं एनडीए ने जदयू के उम्मीदवार शुभानंद मुकेश को चुनावी मैदान में उतारा है। सिकंदरा विधानसभा सीट     यहां पर राजद के उदयनारयण चौधरी का मुकाबला कांग्रेस के विनोद चौधरी से है। वहीं एनडीए ने हम के उम्मीदवार प्रफुल्ल मांझी को चुनावी मैदान में उतारा है। नरकटियागंज विधानसभा सीट     यहां पर राजद के दीपक यादव का मुकाबला कांग्रेस के शाश्वत केदार पांडेय से है। वहीं एनडीए ने भाजपा के संजय पांडेय को टिकट दिया है। चैनपुर विधानसभा सीट     यहां पर राजद के ब्रिज किशोर बिंद का मुकाबला वीआईपी के गोविंद बिंद से है। वहीं जदयू ने जमा खान को चुनावी मैदान में उतारा है। करगहर विधानसभा सीट     यहां पर कांग्रेस के संतोष मिश्रा का मुकाबला सीपीआई के महेंद्र गुप्ता से है। वहीं एनडीए ने जदयू के वशिष्ट सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है। फ्रेंडली फाइट वाली सीटों पर प्रचार से बचना चाहेंगे राहुल-तेजस्वी राजनीतिक पंडितों का कहना है कि छठ के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का चुनाव प्रचार शुरू होने जा रहा है। जाहिर सी बात है कि यह लोग कांग्रेस और महागठबंधन के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। तेजस्वी यादव ने 24 अक्तूबर से अपनी चुनावी प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। अब तक वह फ्रेंडली फाइल वाली सीटों पर नहीं गए हैं। सूत्र बता रहे हैं कि राहुल और तेजस्वी फ्रेंडली फाइट वाली सीटों पर चुनाव प्रचार करने से बचना चाहेंगे। क्योंकि, अब तक इन सीटों पर इनके चुनाव प्रचार करने की बात सामने नहीं आई है। गहलोत बोले- हमलोग मिलकर प्रचार करेंगे और चुनाव जीतेंगे राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि  महागठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ रहा है। बिहार में कुल 243 सीटें हैं, और पांच-छह सीटों पर आपसी सहमति से 'फ्रेंडली फाइट' हो सकती है। हम मिलकर प्रचार करेंगे और चुनाव जीतेंगे। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। सत्ता पक्ष के लोग अफवाह फैला रहे हैं, आपलोग उनकी बातों पर ध्यान न दें। महागठबंधन ने अपना सीएम फेस भी घोषित कर दिया है। लेकिन, एनडीए वालों ने अब तक नहीं किया है। भाजपा नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहती है।  

चुनाव की घोषणा होते ही सभी राजनीतिक दल अर्लट : सीएम नीतीश हर दिन करेंगे चार चुनावी सभा, पीएम और राहुल की होंगी इतनी सभाएं

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही सभी राजनीतिक दलों ने ताबड़तोड़ चुनावी सभा करने की तैयारी कर ली है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और इंडिया गठबंधन अपने अपने स्टार प्रचारकों की सभाओं पर पूरा फोकस कर रहा है। इस बार पहले चरण में सबसे अधिक चुनावी सभा भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं की होगी। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की 25-25 चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 से अधिक चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। सीएम नीतीश कुमार भी अपना संबोधन देंगे खास बात यह है कि पीएम मोदी की चुनावी सभा में सीएम नीतीश कुमार भी अपना संबोधन देंगे। पीएम मोदी की हर तीन में एक सभा उस क्षेत्र में होगी, जहां एनडीए के घटक दलों के उम्मीदवार हैं। वहीं दो सभा भाजपा के उम्मीदवारों के क्षेत्र में होगी। प्रधानमंत्री की सभाओं में मंच पर एनडीए के उम्मीदवारों को भी जगह मिलेगी। जनता दल यूनाईटेड की ओर से सीएम नीतीश कुमार 10 अक्टूबर से अपने चुनावी अभियान पर निकलेंगे। इस दौरान वह हर दिन चार चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। वह हेलीकॉप्टर से अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सभा करेंगे। कई जगहों पर वह रोड शो भी कर सकते हैं। राहुल गांधी की 10 से अधिक चुनावी सभा इधर, इंडिया गठबंधन में कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी भी 10 से अधिक चुनावी सभा को संबोधित करेंगे।  जबकि, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की छह से अधिक चुनावी सभी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की पांच चुनावी सभा होने वाली है। तेजस्वी यादव की चुनावी सभा की घोषणा अब तक नहीं की गई है। संभावना है कि सीट शेयरिंग पर खुलासा होने के बाद अपनी चुनावी सभा की भी घोषणा कर देंगे। पहले चरण में इन 18 जिलों में होगा विधानसभा चुनाव         मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर, बक्सर।

कांग्रेस पर भड़के हरियाणा मंत्री, कहा – ‘अंग्रेजों की औलाद’, राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया

अंबाला कोलंबिया में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरएसएस के खिलाफ दिए बयान पर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रविवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस को अंग्रेजों की औलाद बताया। उन्होंने कहा राहुल गांधी को बुरी आदत है कि वह विदेशों में जाकर देश को कोसते हैं। उन्होंने कहा, कांग्रेस को एक अंग्रेज एओ ह्युम ने पैदा किया था इसलिए आप अंग्रेज की औलाद हो, लेकिन भाजपा एक देसी पार्टी है जो दिन-रात भारत की तरक्की के लिए काम करती है। केजरीवाल को मंत्री विज की दो टूक आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल के बयान कि गोवा में भाजपा-कांग्रेस की मिलीभगत वाली सरकार चल रही है, पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अरविंद केजरीवाल को नसीहत देते हुए कहा की आप अपनी पार्टी के प्रमुख हो और आप इधर-उधर की बात न करके,यह देखें कि आपके पंजाब में क्या हाल हैं। उन्होंने गुनगुनाते हुए कहा, पंजाब क्यों बेहाल है, तू उसका कर ले ख्याल, तू इधर-उधर न भटक, पंजाब का कर ले ख्याल। सुरजेवाला हताश कवि: अनिल विज कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला द्वारा भाजपा सरकार पर किसान विरोधी होने के ट्विट पर व कुछ पंक्तियां लिखने पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुरजेवाला एक हताश कवि की तरह लगे हुए हैं और वैसे ही गीत लिख रहे हैं, जैसे कोई डिप्रेशन में लिख रहा हो। मंत्री विज ने कहा भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार है, जितना किसानों के लिए हितकारी है, उससे पहले आज तक किसी सरकार ने किसानों पर ध्यान नहीं दिया। 

मोहम्मद सिराज ने स्टॉर्क को पछाड़ा, बने दुनिया के पहले गेंदबाज

अहमदाबाद भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है. आज (3 अक्टूबर) इस मुकाबले का दूसरा दिन है. भारतीय टीम की पहली पारी चल रही है. भारत का स्कोर 180 रन के पार जा चुका है और उसके 3 विकेट गिरे हैं. केएल राहुल और ध्रुव जुरेल नाबााद बैटर हैं. इस मुकाबले में वेस्टइंडीज की पहली पारी 162 रनों पर सिमट गई थी. भारत-वेस्टइंडीज के बीच अहमदाबद टेस्ट मैच के दूसरे दिन के खेल से जुड़े अपडेट्स के लिए इस पेज को रिफ्रेश करते रहिए… भारत की पहली पारी में यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने शानदार शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 68 रनों की साझेदारी की. यशस्वी 36 रन बनाकर आउट हो गए. वहीं तीसरे नंबर पर उतरे साई सुदर्शन केवल 7 रन बनाकर चलते बने. इसके बद केएल राहुल और कप्तान शुभमन गिल ने पहले दिन के खेल में भारत को कोई और नुकसान नहीं होने दिया. राहुल तो अपना अर्धशतक भी पूरा करने में सफल रहे. विंडीज की पहली पारी: सिराज की कातिलाना गेंदबाजी पहली पारी में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने खराब प्रदर्शन किया. जस्टिन ग्रीव्स, शाई होप और कप्तान रोस्टन चेज ही कुछ देर तक क्रीज पर टिक पाए. ग्रीव्स ने चार चौके की मदद से 48 गेंदों पर 32 रन बनाए. वहीं शाई होप ने 26 और रोस्टन चेज ने 24 रनों का योगदान दिया. भारत की ओर से तेज गेंदबज मोहम्मद सिराज ने चार विकेट झटके. वहीं जसप्रीत बुमराह को तीन सफलताएं हासिल हुईं. कुलदीप यादव को दो और वॉशिंगटन सुंदर को एक विकेट मिला. जसप्रीत बुमराह ने लगाई रिकॉर्ड्स की झड़ी पहले टेस्ट मैच में जसप्रीत बुमराह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए इतिहास रच दिया. वेस्टइंडीज की पहली पारी में बुमराह ने घातक स्पेल डालते हुए तीन विकेट हासिल किए. खास बात यह रही कि उन्होंने इनमें से दो बल्लेबाजों को बोल्ड आउट किया. इसी के साथ बुमराह ने 2025 में सबसे ज्यादा बार बल्लेबाजों को बोल्ड करने वाले गेंदबाज का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. साल 2025 में सबसे ज्यादा बोल्ड करने वाले गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इस साल टेस्ट क्रिकेट में अब तक 12 बल्लेबाजों को बोल्ड आउट कर चुके हैं. इस सूची में उनके बाद मोहम्मद सिराज (9) और शमर जोसेफ (9) का नाम है. वहीं मिचेल स्टार्क (7), स्कॉट बोलैंड (6) और जोमेल वारिकन (6) भी इस सूची में शामिल हैं. अगर इंटरनेशनल क्रिकेट की बात करें तो बुमराह 2025 में अब तक 15 विकेट बोल्ड आउट के जरिए ले चुके हैं. यह किसी भी फुल-मेंबर गेंदबाज द्वारा इस साल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. भारतीय दिग्गजों की लिस्ट में बुमराह बुमराह अब इंटरनेशनल क्रिकेट में 147 बोल्ड विकेट ले चुके हैं और वह भारत के लिए इस मामले में चौथे स्थान पर हैं. उनसे आगे अनिल कुंबले (186), कपिल देव (167) और रविचंद्रन अश्विन (151) हैं. बुमराह ने रवींद्र जडेजा (145) को पीछे छोड़ते हुए इस सूची में बढ़त बना ली है.  मोहम्मद सिराज ने स्टार्क को छोड़ा पीछे अहमदाबाद में शुरू हुई टेस्ट सीरीज का पहलादिन टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के नाम रहा. सिराज ने मैच की पहली पारी में वेस्टइंडीज के टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया. उन्होंने कुल 4 विकेट झटके. खास बात ये रही कि शुरुआती चार में से तीन अहम बल्लेबाजों को सिराज ने आउट किया. इसी के साथ वह साल 2025 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) खेलने वाली सभी टीमों के बीच सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए. सिराज ने हासिल की ये उपलब्धि सिराज ने इस साल (2025) अब तक 7 टेस्ट मैचों की 12 पारियों में कुल 30 विकेट हासिल किए हैं. वेस्टइंडीज़ के खिलाफ जब उन्होंने अपना तीसरा विकेट लिया, तभी उन्होंने इस साल की लिस्ट में टॉप पोज़िशन पर कब्ज़ा जमा लिया. इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज़ गेंदबाज़ मिचेल स्टार्क को पीछे छोड़ दिया. स्टार्क ने 14 पारियों में 29 विकेट लिए हैं. यह उपलब्धि सिराज के करियर के लिए बेहद खास है क्योंकि वह लगातार अपने प्रदर्शन से भारतीय गेंदबाज़ी आक्रमण की रीढ़ बनते जा रहे हैं. अहमदाबाद की हरी पिच पर उन्होंने जिस आक्रामक लय में गेंदबाज़ी की, उससे कैरेबियाई बल्लेबाज़ शुरुआत से ही दबाव में आ गए. टॉप 5 गेंदबाज़ (WTC 2025) 1. मोहम्मद सिराज – 30 विकेट (12 पारियां) 2. मिचेल स्टार्क – 29 विकेट (14 पारियां) 3. नाथन लायन – 24 विकेट (11 पारियां) 4. शमार जोसेफ – 22 विकेट (6 पारियां) 5. जोश टंग – 21 विकेट (8 पारियां) नए WTC साइकल (2025-27) में भी नंबर 1 सिराज की चमक सिर्फ इस साल तक सीमित नहीं है. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (2025-27) के नए चक्र में भी वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं. भारत ने इस साइकल की शुरुआत इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज़ से की थी, जो 2-2 से ड्रॉ रही. उस सीरीज़ में सिराज भारत के सबसे बड़े मैच-विनर रहे. भारत के लिए वह अब गेंदबाज़ी आक्रमण के लीडर बन चुके हैं, खासकर जसप्रीत बुमराह की फिटनेस मैनेजमेंट को देखते हुए. विदेशी और घरेलू दोनों परिस्थितियों में विकेट निकालने की उनकी क्षमता उन्हें अलग बनाती है. लाइन और लेंथ पर नियंत्रण के साथ उनकी स्विंग और सीम मूवमेंट बल्लेबाज़ों के लिए मुश्किलें खड़ी करती है. भारत में सबसे तेज 50 विकेट पूरे अहमदाबाद टेस्ट में बुमराह ने एक और बड़ा मुकाम हासिल किया. उन्होंने भारत में खेलते हुए अपने 50 टेस्ट विकेट पूरे कर लिए. बुमराह ने केवल 24 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की और कपिल देव का रिकॉर्ड तोड़ दिया. कपिल देव ने भारत में 50 टेस्ट विकेट 25 पारियों में पूरे किए थे. अब बुमराह और जवागल श्रीनाथ संयुक्त रूप से भारत में सबसे तेज 50 विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज बन गए हैं. उनके बाद कपिल देव (25), इशांत शर्मा (27) और मोहम्मद शमी (27) का नाम आता है. घरेलू धरती पर नया इतिहास बुमराह ने घरेलू धरती पर 17 की बेहतरीन औसत से 50 विकेट पूरे किए हैं. एशियाई परिस्थितियों में खेलने वाले गेंदबाजों में यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ औसत है. इसके अलावा, बुमराह भारत के पहले … Read more

सीट बंटवारे पर अटका मामला, बिहार में महागठबंधन में फिर दरार?

पटना  बिहार में महागठबंधन के हिसाब से तो वोटर अधिकार यात्रा अच्छी रही, लेकिन लगता है कांग्रेस और आरजेडी के बीच रिश्तों को उलझा दिया है. ऐसा लगता है राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के बीच फिर से ठन गई है. 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भी ये सब हुआ था. और, तब सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि जब बात नहीं बन पा रही थी, तब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को दखल देना पड़ा था.  सीटों का बंटवारा तभी फाइनल हो सका, जब प्रियंका गांधी और लालू यादव के बीच सीधी बात कराई गई. तब लालू यादव बिहार से बाहर थे, और चारा घोटाले के लिए रांची जेल में सजा काट रहे थे. एक बार फिर बात उसी मोड़ के आस पास आकर अटक गई लगती है.  तेजस्वी यादव के बिहार अधिकार यात्रा पर निकलने को भी इसी नजरिये से देखा जा रहा है. और, सीट बंटवारे का मामला फंसे हुए होने के जो कारण माने जा रहे हैं, उनमें से एक ये भी है – हालांकि, सबसे बड़ा मसला है मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर कांग्रेस का रुख है.  तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा मानने का सवाल राहुल गांधी ने तो बस टाल दिया था, लेकिन बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने तो जैसे सिरे से खारिज ही कर डाला है – ऐसे में तकरार तो बढ़नी ही है.     तेजस्वी यादव जैसा बड़ा दिल राहुल गांधी क्यों नहीं दिखा रहे हैं 2025 की शुरुआत से ही राहुल गांधी के करीब करीब हर दौरे में एक बात कॉमन नजर आती है. आरजेडी के मुकाबले कांग्रेस को श्रेष्ठ बताना. जैसे लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी क्षेत्रीय दलों की विचारधारा की बात करते थे. कहते थे, क्षेत्रीय दलों के पास कोई विचारधारा नहीं है. तब अखिलेश यादव निशाने पर थे, और अब तेजस्वी यादव हैं. अखिलेश यादव ने तब आंख भी दिखाई थी, शायद तेजस्वी यादव भी अब वैसा ही करने की कोशिश कर रहे हैं.   चुनाव तो राहुल गांधी महागठबंधन के साथ ही लड़ने की करते हैं, लेकिन हर कदम पर लगता है जैसे कांग्रेस अकेले मैदान में उतरने जा रही हो. तेजस्वी यादव का बिहार की सभी 243 सीटों पर लड़ने की बात करना भी, राहुल गांधी के व्यवहार का जवाब ही लगती है.  1. बिहार में हुए SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ ही INDIA ब्लॉक के बैनर तले वोटर अधिकार यात्रा निकाला जाना तय हुआ, लेकिन राहुल गांधी ने वोटर अधिकार यात्रा को भी भारत जोड़ो यात्रा और न्याय यात्रा जैसा बना देने की कोशिश की. फर्क बस यही था कि वोटर अधिकार यात्रा में राहुल गांधी के साथ तेजस्वी यादव और बिहार महागठबंधन के और भी नेता शामिल थे.  फिर भी ऐसा लगा जैसे राहुल गांधी ने वोटर अधिकार यात्रा को हाइजैक कर लिया हो. पूरी यात्रा में राहुल गांधी आगे आगे और तेजस्वी यादव पीछे पीछे नजर आए. कहां प्रशांत किशोर जैसे नेता कांग्रेस को लालू परिवार की पिछलग्गू पार्टी कहा करते थे, और कहां वोटर अधिकार यात्रा में लगने लगा जैसे आरजेडी ही कांग्रेस की पिछलग्गू बन गई हो.  2. तेजस्वी यादव की तरफ से तो राहुल गांधी का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए भी प्रस्तावित कर दिया गया, लेकिन राहुल गांधी पूरी तरह टाल गए. बल्कि, राहुल गांधी का जवाब सुनकर तो ऐसा लगा जैसे वो चाहते ही न हों कि तेजस्वी को बिहार में विपक्ष की तरफ से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाए.  3. राहुल गांधी के बयान में जो कसर बाकी रह गई थी, कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने पूरी कर दी. अव्वल तो पहले भी कृष्णा अल्लावरु भी तेजस्वी यादव को सीएम फेस घोषित किए जाने पर वैसी ही प्रतिक्रिया देते थे जैसा राहुल गांधी का रिएक्शन था, लेकिन हाल के एक प्रेस कांफ्रेंस में तो चार कदम आगे ही बढ़ गए.  कृष्णा अल्लावरु ने तो अब यहां तक बोल दिया है कि इंडिया ब्लॉक के मुख्यमंत्री पद का चेहरा अब बिहार के लोग ही तय करेंगे. निश्चित तौर पर तेजस्वी यादव और लालू यादव के लिए ऐसी बातें बर्दाश्त कर पाना काफी मुश्किल होगा.  फिर तो तेजस्वी यादव का बिहार अधिकार यात्रा शुरू करना जरूरी हो जाता है. और, सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात करना भी – तेजस्वी यादव के पास सीटों पर अपनी बात मनवाने का बेहतर तरीका भी यही लगता है. कैसा चल रहा है सीटों के बंटवारे पर मोलभाव 2020 के चुनाव में कांग्रेस को महागठबंधन में 70 सीटें मिली थीं, और चुनाव में कांग्रेस 19 सीटें जीतने में कामयाब हुई. उस चुनाव में आरजेडी ने 2015 में जीती हुई अपनी 10 सीटें सहयोगियों को दी थी, जिनमें दो कांग्रेस को मिली थीं – और वो एक सीट जीतने में सफल भी रही.  2020 के मुकाबले 2015 में कांग्रेस का स्ट्राइक रेट बेहतर पाया गया था. तब 41 सीटों पर चुनाव लड़कर कांग्रेस ने 27 सीटें जीती थी. लेकिन, 2020 में आरजेडी नेतृत्व को लगा कि महागठबंधन के सत्ता न हासिल करने में कांग्रेस अपने हिस्से की सीटें हार जाना बड़ी वजह रही. चुनाव नतीजे आने के बाद तेजस्वी यादव या लालू यादव तो नहीं, लेकिन आरजेडी नेताओं ने खुल कर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर हमला बोला था.  2025 के चुनाव में भी कांग्रेस की तरफ से 70 सीटों पर दावा पेश किए जाने की बात सुनी जा रही है. ऐसी दावेदारी के पीछे राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा से कांग्रेस अपने प्रभाव में हुआ इजाफा मान रही है. इंडियन एक्सप्रेस की  रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस उन 70 सीटों में से 27 अपने लिए अच्छी सीटें मान रही है. 27 सीटों में ही कांग्रेस की जीती हुई 19 सीटें भी शामिल हैं. 8 वे सीटें हैं, जहां कांग्रेस उम्मीदवार दूसरे नंबर पर थे, और हार का फासला करीब पांच हजार वोट थे.  दिल्ली की प्रेस कांफ्रेंस में कृष्णा अल्लावरु ने भी कहा था, हर राज्य में अच्छी और खराब सीटें होती हैं. और, ऐसा कभी नहीं होना चाहिए कि एक पार्टी सभी अच्छी सीटों पर चुनाव लड़े, और दूसरी खराब सीटों पर. कृष्णा अल्लावरु का कहना था कि सीटों के बंटवारे के वक्त इस … Read more

कांग्रेस की दोहरी रैली: किसान न्याय यात्रा और वोट चोर गद्दी छोड़ का आयोजन उज्जैन में 12 सितंबर

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन में 12 सितंबर को कांग्रेस एक बड़ा राजनीतिक आयोजन करने जा रही है। इस दिन ‘किसान न्याय यात्रा’ और ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली का आयोजन होगा। इसी दिन कांग्रेस के इस अभियान का समापन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार, सचिन पायलट, केसी वेणुगोपाल, कमलनाथ समेत प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। संभावना जताई जा रही है कि इस रैली के समापन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं। MP के कई जिलों में निकली यात्रा दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर वोट चोरी का गंभीर आरोप लगाते हुए इस अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ यात्रा कई जिलों में निकाली गई। इन सभाओं और रैलियों को कई जगह समर्थन मिला, तो कुछ स्थानों पर विरोध का भी सामना करना पड़ा। राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से गरमाई राजनीति गौरतलब है कि राहुल गांधी ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोट चोरी के आरोप लगाए थे। इसी बयानबाजी के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर यह अभियान शुरू किया, जो अब उज्जैन में समापन की ओर बढ़ रहा है।