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रेल नेटवर्क का बड़ा विस्तार: महाराष्ट्र में 38 परियोजनाओं के लिए ₹89,780 करोड़ मंजूर

नई दिल्ली केंद्र ने महाराष्ट्र में रेल नेटवर्क बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य में 89,780 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 38 प्रमुख रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। रेल मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं के तहत कुल 5,098 किलोमीटर लंबी पटरियों का निर्माण, गेज परिवर्तन और दोहरीकरण का कार्य किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में रेल नेटवर्क की क्षमता को बढ़ाना और ट्रेनों के परिचालन को सुगम बनाना है। स्वीकृत योजना में 11 नई रेलवे लाइनें, 2 गेज परिवर्तन और 25 दोहरीकरण या मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं शामिल हैं। रेल मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों में रेलवे के बुनियादी ढांचे के लिए आवंटित धन में भारी वृद्धि हुई है। वर्ष 2009 से 2014 के बीच, औसत वार्षिक व्यय लगभग 1,171 करोड़ रुपये था। इसकी तुलना में, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट आवंटन बढ़कर 23,778 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछली राशि से "20 गुना से अधिक" है। फंडिंग में इस वृद्धि का सीधा असर निर्माण कार्यों की गति पर पड़ा है। नई पटरियों को बिछाने की औसत गति, जो पहले 58.4 किलोमीटर प्रति वर्ष थी, अब बढ़कर 208.36 किलोमीटर प्रति वर्ष हो गई है। मुंबई लोकल और उपनगरीय नेटवर्क का कायाकल्प मुंबई के व्यस्त उपनगरीय नेटवर्क, जहां प्रतिदिन 3,200 लोकल ट्रेनों और 120 एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन होता है, के लिए भी विशेष अपग्रेड की घोषणा की गई है। क्षमता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के चरण II, III और IIIA को मंजूरी दी गई है। मुख्य विशेषताएं     सीएसएमटी और कुर्ला के बीच 5वीं और 6ठी लाइन का निर्माण।     हार्बर लाइन का गोरेगांव से बोरीवली तक विस्तार।     यात्री क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार ने 12 डिब्बों वाली 238 नई ट्रेन रेक को मंजूरी दी है। 19,293 करोड़ रुपये की लागत वाली इन नई ट्रेनों में स्वचालित दरवाजे होंगे। बुलेट ट्रेन और फ्रेट कॉरिडोर पर अपडेट बहुप्रतीक्षित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी प्रगति हुई है। रेल मंत्रालय ने पुष्टि की है कि महाराष्ट्र में इस परियोजना के लिए "100% भूमि अधिग्रहण" पूरा हो चुका है, और वर्तमान में पुलों तथा अन्य संरचनाओं का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त, माल ढुलाई को सुगम बनाने के लिए वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC), जो जेएनपीटी (JNPT) पोर्ट को दिल्ली क्षेत्र से जोड़ता है, पर भी काम जारी है। इस कॉरिडोर का 76 किलोमीटर लंबा हिस्सा (न्यू घोलवड से न्यू वैतरणा तक) पूरा हो चुका है और उपयोग में है। भविष्य की योजनाएं और सर्वेक्षण भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, रेलवे विभाग ने 2022 से 2026 के बीच 98 नए सर्वेक्षण शुरू किए हैं। ये सर्वेक्षण 8,603 किलोमीटर की दूरी को कवर करते हैं, जिनका उद्देश्य महाराष्ट्र में नई रेलवे लाइनों और दोहरीकरण कार्यों की संभावनाओं को तलाशना है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नई परियोजनाओं का चयन ट्रैफिक की मांग, राज्य सरकार के अनुरोध और उपलब्ध धन जैसे कारकों पर निर्भर करता है। वहीं, परियोजनाओं के पूरा होने की समय सीमा भूमि अधिग्रहण, वन मंजूरी और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

रेलवे का तोहफा: 8 राज्यों के लिए 2 सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेनें शुरू, जानें रूट, स्टॉपेज और टाइमिंग

वडोदरा रेल यात्रियों के लिए गुड न्यूज है। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए दो जोड़ी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इन ट्रेनों से एक दो नहीं बल्कि गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों के यात्रियों का सफर और आसान हो जाएगा। इनके लिए आज से बुकिंग भी शुरू हो गई है।   पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) विनीत अभिषेक ने बताया कि यात्रियों की सुविधा तथा उनकी बढ़ती यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से मुंबई सेंट्रल – नई दिल्ली और बांद्रा टर्मिनस – अमृतसर स्टेशनों के बीच विशेष किराये पर दो सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। सीपीआरओ द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ट्रेन संख्या 04001/04002 मुंबई सेंट्रल – नई दिल्ली सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन 8 फेरे लगाएगी। ट्रेन संख्या 04001 मुंबई सेंट्रल – नई दिल्ली सुपरफास्ट विशेष मुंबई सेंट्रल से रात में 11.30 बजे प्रस्थान करेगी तथा अगले दिन रात 08.50 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। यह ट्रेन 21, 24, 27 और 30 दिसंबर को चलेगी। इसी प्रकार, ट्रेन संख्या 04002 नई दिल्ली – मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट स्पेशल नई दिल्ली से रात 10.40 बजे प्रस्थान करेगी तथा अगले दिन रात 09.00 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी। यह ट्रेन 20, 23, 26 और 29 दिसंबर को चलेगी। ट्रेन इन स्टेशनों पर रुकेगी यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, सूरत, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी एवं मथुरा स्टेशनों पर ठहरेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी-2 टियर, एसी-3 टियर, एसी-3 टियर (इकोनॉमी), स्लीपर क्लास एवं जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे। ट्रेन संख्या 04695/04696 बांद्रा टर्मिनस – अमृतसर सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन 4 फेरे लगाएगी। ट्रेन संख्या 04695 बांद्रा टर्मिनस – अमृतसर सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन बांद्रा टर्मिनस से दोपहर 02.00 बजे चलेगी तथा अगले दिन रात 08.30 बजे अमृतसर पहुंचेगी। यह ट्रेन 24 और 28 दिसंबर को चलेगी। इसी प्रकार ट्रेन संख्या 04696 अमृतसर – बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन अमृतसर से सुबह 04.20 बजे चलेगी तथा अगले दिन सुबह 11.00 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन 23 और 27 दिसंबर 2025 को चलेगी। इन स्टेशनों पर होंगे स्टॉप यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, वडोदरा, गोधरा, दाहोद, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, मथुरा, दिल्ली सफदरजंग, पानीपत, अंबाला कैंट, लुधियाना, जालंधर सिटी एवं ब्यास स्टेशनों पर ठहरेगी। इस ट्रेन में फर्स्ट एसी, एसी-2 टियर, एसी-3 टियर, स्लीपर क्लास एवं जनरल सेकेंड क्लास कोच होंगे। ट्रेन संख्या 04001और 04695 की बुकिंग 20 दिसंबर से सभी पीआरएस काउंटरों एवं आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर शुरू हो गई है।  

रेलवे बोर्ड का नया बदलाव: रिजर्वेशन चार्ट से पहले वेटिंग और RAC की जानकारी मिलेगी

नई दिल्ली  रेलवे यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। अब ट्रेन का रिजर्वेशन चार्ट पहले से ज्यादा जल्दी तैयार किया जाएगा। यानी कन्फर्म और वेटिंग टिकट को लेकर जो आखिरी वक्त तक असमंजस बना रहता था, वह अब काफी हद तक खत्म हो जाएगा। रेलवे बोर्ड ने 16 दिसंबर को इस संबंध में नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब ट्रेनों का पहला रिजर्वेशन चार्ट करीब 10 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। यह बदलाव खास तौर पर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, जो वेटिंग लिस्ट में रहते हुए आखिरी समय तक टिकट कन्फर्म होने का इंतजार करते हैं। रेलवे ने रिजर्वेशन चार्ट का समय क्यों बदला? अक्सर देखा गया है कि ट्रेन छूटने से कुछ घंटे पहले तक यात्रियों को यह साफ नहीं हो पाता कि उनका टिकट कन्फर्म होगा या नहीं। इसी परेशानी को देखते हुए रेलवे ने पहले इस साल जून में 8 घंटे पहले चार्ट बनाने की व्यवस्था शुरू की थी। अब यात्रियों की सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए इस समय को बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया गया है। रेलवे का मानना है कि चार्ट पहले बनने से यात्रियों को समय रहते दूसरा विकल्प चुनने का मौका मिलेगा। किस समय चलने वाली ट्रेनों का चार्ट कब बनेगा? रेलवे बोर्ड के नए आदेश के अनुसार ट्रेनों के समय के हिसाब से चार्ट बनाने का नियम तय किया गया है:-     सुबह 5:01 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक रवाना होने वाली ट्रेनों का पहला रिजर्वेशन चार्ट एक दिन पहले रात 8 बजे तक तैयार कर लिया जाएगा।     दोपहर 2:01 बजे से रात 11:59 बजे तक चलने वाली ट्रेनों के लिए पहला चार्ट कम से कम 10 घंटे पहले तैयार होगा।     रात 12:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक रवाना होने वाली ट्रेनों का चार्ट भी 10 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। वेटिंग टिकट वालों के लिए यह फैसला कितना राहत भरा है? अब वेटिंग टिकट वालों को आखिरी पल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पहले कई यात्री स्टेशन पहुंचने के बाद ही यह जान पाते थे कि टिकट कन्फर्म हुआ या नहीं। नए नियम से यात्रियों को पहले ही स्थिति साफ हो जाएगी, जिससे वे अपनी यात्रा की योजना बदल सकते हैं या रिफंड ले सकते हैं। पहली बार रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने के समय में बदलाव रेलवे ने यात्रियों को उनकी यात्रा और रिजर्वेशन की स्थिति के बारे में पहले से जानकारी देने और खासकर दूर-दराज से आने वाले यात्रियों की चिंता कम करने के लिए पहली बार रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने के समय में बदलाव किया है. इंडिया टुडे से बात करते हुए रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा, 'यात्रियों की सुविधा के लिए चार्ट पहले तैयार किया जाएगा ताकि वे अपनी यात्रा की योजना आसानी से बना सकें.' इस संबंध में सभी जोनल रेलवे डिवीजनों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं. अब तक 4 घंटे पहले तैयार होता था चार्ट अब तक रेलवे में रिजर्वेशन चार्ट तैयार करने का नियम यह था कि ट्रेन के प्रस्थान से करीब 4 घंटे पहले पहला रिजर्वेशन चार्ट तैयार किया जाता था. इसका मतलब यह होता था कि वेटिंग लिस्ट या आरएसी में चल रहे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिली है या नहीं, इसकी जानकारी बहुत आखिरी समय में मिलती थी. यात्रियों को होती थी असुविधा इस पुराने सिस्टम की वजह से खासकर दूर-दराज से स्टेशन आने वाले यात्रियों को काफी परेशानी होती थी. कई बार यात्री चार्ट बनने से पहले ही स्टेशन पहुंच जाते थे और बाद में पता चलता था कि उनका टिकट कन्फर्म नहीं हुआ है. इससे न सिर्फ समय और पैसे की बर्बादी होती थी, बल्कि यात्रा को लेकर असमंजस और तनाव भी बढ़ जाता था. रेलवे को लंबे समय से यात्रियों की ओर से शिकायतें मिल रही थीं कि चार्ट देर से बनने के कारण यात्रा की सही योजना नहीं बन पाती, इसी वजह से अब चार्ट प्रिपरेशन के समय में बदलाव किया गया है. क्या कन्फर्म टिकट वालों को भी फायदा मिलेगा? बिल्कुल। कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को भी सीट और कोच की जानकारी पहले मिल जाएगी। इससे वे समय पर स्टेशन पहुंचने, सामान पैक करने और यात्रा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकेंगे। यात्रियों को अब क्या सावधानी रखनी चाहिए? रेलवे यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे ट्रेन यात्रा से पहले चार्ट स्टेटस जरूर चेक करें। IRCTC ऐप या वेबसाइट के जरिए कन्फर्म और वेटिंग स्थिति आसानी से देखी जा सकती है। इससे आखिरी समय की परेशानी से बचा जा सकेगा। रेलवे का यह फैसला क्या संकेत देता है? रेलवे का यह कदम साफ दिखाता है कि वह यात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता दे रहा है। चार्ट जल्दी बनने से न सिर्फ भ्रम कम होगा, बल्कि यात्रा भी ज्यादा सुविधाजनक बनेगी।

रेलवे ने गंदगी फैलाने वालों पर लगाया भारी जुर्माना, आठ माह में वसूली 24.82 लाख रुपये से अधिक

  जबलपुर  पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मण्डलों के सभी स्टेशनों पर स्टेशन परिसर एवं गाड़ियों में स्वच्छ, सुखद एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के प्रति लगातार प्रयासरत है। मण्डलों के रेलवे स्टेशनों एवं रेलगाड़ियों में नियमित साफ सफाई सुनिश्चित की जाती है, साथ ही नियमित उद्घोषणा के माध्यम से यात्रियों को जागरुक भी किया जाता है। इसके अंतर्गत यात्रियों से स्टेशन परिसर को साफ सुथरा रखने, धूम्रपान नहीं करने तथा यहां वहां गंदगी नहीं करने के लिए जागरूक किया जाता है। बार-बार समझाइश के बावजूद कुछ लोग लापरवाही बरतते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ रेल प्रशासन द्वारा समय-समय पर रेलवे अधिनियम के अंतर्गत जुर्माने की कार्यवाही की जाती है। पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से  नवम्बर कुल आठ माह में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 12,550 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 24 लाख 82 हजार 940 रूपये जुर्माना वसूला गया।         अकेले नवम्बर माह में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 1331 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 02 लाख 70 हजार 850 रूपये जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा जुर्माने के साथ साथ ऐसे लोगों को समझाईश भी दी जाती है। साथ ही गंदगी से होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए स्टेशन परिसर स्वच्छ रखने के लिए अनुरोध भी किया जाता है।         रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि रेलवे आपकी अपनी संपत्ति है, रेल परिसर में कृपया गंदगी न फैलाएं। स्टेशन का वातावरण स्वच्छ, सुंदर रखने में रेल प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बनें। गंदगी करने वालों के विरुद्ध आगे भी ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।   

रेलवे की नई योजना: MP-दक्षिण भारत रूट की ट्रेनों की गति होगी दोगुनी, शिकायतें होंगी कम

नई दिल्‍ली  ट्रेन से झांसी होकर जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है. अब सफर में समय कम लगेगा, पहले की तुलना में अब आधा समय बचेगा. भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा कदम उठाया है. लूप लाइन की स्‍पीड दोगुनी कर दी गयी है. इसका फायदा झांसी डिवीजन से गुजरने वाली तमाम ट्रेनों को होगा. यानी अब सफर सुविधाजनक, पहले से और सुरक्षित होने के साथ ही समय बचाने वाला होगा. भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा और संरक्षा को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है. उत्‍तर मध्‍य रेलवे के झांसी डिवीजन में भी लगातार यही कवायद की जा रही है. डीआरएम अनिरुद्ध कुमार के अनुसार यात्रा में समय बचाने के लिए डिवीजन में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में लूप लाइन की गति 15 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गई है, जिससे ट्रेनों का ऑपरेशंस तेज और चुस्त-दुरुस्त हो रहा है. किन स्‍टेशनों में बढ़ेगी स्‍पीड झांसी डिवीजन के अनुसार पिछले माह झांसी डिवीजन के कुलपहाड़ स्टेशन के डाउन लूप लाइन पर गति 15 किमी/घंटा से बढ़ाकर 30 किमी/घंटा की गई (वीरांगन लक्ष्मीबाई झाँसी – महोबा खंड के बीच). इसी प्रकार चरखारी रोड स्टेशन के अप और डाउन दोनों लूप लाइनों की गति 15 से 30 किमी/घंटा की गई. टेहरका स्टेशन के डाउन लूप लाइन पर गति 15 से 30 किमी/घंटा की गई. वहीं रानीपुर रोड स्टेशन के डाउन लूप लाइन पर गति 15 से 30 किमी/घंटा की गई. इससे वीरांगन लक्ष्मीबाई झांसी – महोबा खंड के बीच रेल यातायात और भी बेहतर होगा. इससे कैसे होगा फायदा जिन ट्रेनों को संबंधित स्‍टेशनों से होकर जाना होता था, लूप लाइन पर जाते ही उनकी स्‍पीड कम हो जाती है. 15 की स्‍पीड से चलती हैं. इससे स्‍टेशन पहुंचने और छूटने के बाद निकलने में समय लगता था. लेकिन अब तेज स्‍पीड से निकलेंगी. इससे ट्रेन कम समय में पहुंच सकेंगी. और क्‍या होगा फायदा कई बार वंदेभारत, राजधानी समेत तमाम मेल-एक्‍सप्रेस ट्रेनें कई स्‍टेशनों से थ्रू यानी बगैर रुके निकलती हैं. ऐसे ट्रेनें मेल लाइन से गुजरती हैं. इस दौरान अगर कोई साधारण ट्रेन होती है तो उसे लूप लाइन में डाल दिया जाता है. जो अभी तक 15 किमी. की स्‍पीड से लूप लाइन में गुजरती थी. लेकिन अब ये ट्रेनें भी दोगुनी स्‍पीड से दौड़ सकेंगी. तीसरा फायदा भी लूप लाइन में ट्रेन की स्‍पीड धीमी होने की वजह से ट्रेन को गुजरने में समय लगता था. ऐसे में अगर कोई दूसरी लूप लाइन में आने वाली ट्रेन होती थी, तो उसे कई बार मेन लाइन में इंतजार करना पड़ता था. लेकिन अब लूप लाइन भी जल्‍दी खाली होगी, जिससे ट्रेन लूप लाइन में आएगी और मेन लाइन भी जल्‍दी खाली होगी. देशभर में हो रहा है यह काम भारतीय रेलवे के अनुसार ट्रेनों की स्‍पीड बढ़ाने के लिए देशभर के तमाम स्‍टेशनों में लूप लाइन के ट्रैकों को दुरुस्‍त करके स्‍पीड बढ़ाने का काम किया जा रहा है. इस तरह दूसरे स्‍टेशनों पर लूप लाइन की स्‍पीड जल्‍द ही बढ़ जाएगी.

यात्रियों की सुविधा के लिए 05587/05588 गोरखपुर-एलटीटी-गोरखपुर विशेष ट्रेन का संचालन तय

यात्रियों की सुविधा के लिये रेलवे का बड़ा फैसला रेलवे का बड़ा फैसला: गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन का संचालन 7 और 9 दिसंबर से यात्रियों की सुविधा के लिए 05587/05588 गोरखपुर-एलटीटी-गोरखपुर विशेष ट्रेन का संचालन तय जबलपुर रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की मांग पर गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष ट्रेन शुरू करने का निर्णय लिया जबलपुर   रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की मांग पर 05587/05588 गोरखपुर- लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर विशेष गाड़ी का संचालन गोरखपुर से 07 दिसम्बर, 2025 को तथा लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 09 दिसम्बर, 2025 को चलाने का निर्णय लिया गया है। यह स्पेशल ट्रेन पश्चिम मध्य रेल के बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से होकर गंतव्य को जाएगी। स्पेशल ट्रेन का विवरण इस प्रकार है:-  गाड़ी संख्या 05587 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष गाड़ी 07 दिसम्बर, 2025 को गोरखपुर से 23.25 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन बस्ती से 00.32 बजे, गोंडा से 02.00 बजे, गोमती नगर से 04.35 बजे, बादशाहनगर से 05.10 बजे, ऐशबाग से 05.55 बजे, कानपुर सेंट्रल से 07.55 बजे, उरई 10.20 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई जं. (झाँसी) से 13.20 बजे, बीना से 16.40 बजे, रानी कमलापति से 19.25 बजे, इटारसी से 21.12 बजे, खंडवा से 23.42 बजे तीसरे दिन भुसावल से 01.45 बजे, नासिक रोड से 05.15 बजे, इगतपुरी से 06.35 बजे तथा कल्याण से 08.08 बजे छूटकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस 09.00 बजे पहुँचेगी। वापसी यात्रा में, गाड़ी संख्या 05588 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर विशेष गाड़ी 09 नवम्बर, 2025 को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 11.00 बजे प्रस्थान कर कल्याण से 11.45 बजे, ईगतपुरी से 14.10 बजे, नासिक रोड से 14.42 बजे, भुसावल से 18.50 बजे, खंडवा से 21.40 बजे दूसरे दिन इटारसी से 00.25 बजे, रानी कमलापति से 02.40 बजे, बीना से 04.50 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई जं. (झाँसी) से 06.55 बजे, उरई 08.07 बजे, कानपुर सेंट्रल से 12.05 बजे, ऐशबाग से 13.45 बजे, बादशाहनगर से 14.12 बजे, गोमती नगर से 14.55 बजे, गोंडा से 17.25 बजे तथा बस्ती से 19.02 बजे छूटकर गोरखपुर से 20.15 बजे पहुँचेगी।   इस गाड़ी में जनरेटर सह लगेज यान का 01, शयनयान श्रेणी के 04, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के 08, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के 02, वातानुकूलित प्रथम श्रेणी का 01, साधारण द्वितीय श्रेणी के 04, तथा एल.एस.एल.आर.डी. के 01 कोच सहित कुल 21 कोच लगाये जायेंगे।  इस स्पेशल ट्रेन के ठहराव, समय एवं संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

तत्काल ट्रेन टिकट बुकिंग में बदलाव, राजधानी-दुरंतो-वंदे भारत में 6 दिसंबर से OTP जरूरी

नई दिल्ली अगर आप तत्काल टिकट लेने जाते हैं और टिकट दलालों के कारण हाथ खाली रह जाता है तो अब ऐसा नहीं होगा. भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और टिकट बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तत्काल टिकट बुकिंग के लिए वन टाइम पासवर्ड(OTP) आधारित नया सिस्टम लागू किया है. सेंट्रल रेलवे की चुनिंदा ट्रेनों में 6 दिंसबर से तत्काल टिकट लेने के लिए मोबाइल पर आने वाला OTP डालना जरूरी होगा.  बिना OTP के टिकट ही नहीं मिलेगा. इससे तत्काल टिकटों का दुरुपयोग रुकेगा और दलालों पर लगाम लगेगी. साथ ही यात्रियों को टिकट मिलने में सुविधा होगी. रेलवे का नया नियम कहां-कहां लागू होगा? कंप्यूटरीकृत पैसेंजर रिजर्वेंशन सिस्टम (PRS) काउंटर, अधिकृत एजेंट और IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से बुक किए जाने वाले तत्काल टिकट पर रेलवे का OTP आधारित नियम लागू होगा. तत्काल बुकिंग करते समय जो मोबाइल नंबर डालेंगे, उसी पर एक OTP आएगा. OTP डालने के बाद ही टिकट कन्फर्म होगा. किन ट्रेनों में सबसे पहले शुरू होगा ये नियम? रेलवे के मुताबिक, 6 दिसंबर से 13 ट्रेन में यह लागू किया जाएगा. जिसमें दुरंतो और वंदे भारत ट्रेनें भी शामिल हैं. वहीं, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT)-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के लिए 5 दिसंबर से प्रभावी होगा. इसके अलावा पुणे-हैदराबाद शताब्दी एक्सप्रेस में यह सिस्टम 1 दिसंबर से चल रहा है. आने वाले दिनों में यह OTP आधारित तत्काल रिजर्वेशन सिस्टम सभी ट्रेनों पर लागू किया जा सकता है. इससे रेलवे टिकटिंग में पारदर्शिता आएगी. यात्रियों के लिए जरूरी सलाह     तत्काल टिकट लेते समय अपना सही मोबाइल नंबर डालें.     OTP जल्दी डालें, वरना बुकिंग कैंसिल हो जाएगी.        

ट्रैक पार करते समय हादसे पर रेलवे प्रशासन को जवाबदेह ठहराया, हाई कोर्ट ने रेलवे का दावा खारिज किया

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है "यदि रेलवे ने पटरियों तक अनधिकृत पहुंच को रोकने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए तो क्रॉसिंग करते समय हुई मौत के लिए भी मुआवजा भी देना पड़ेगा." इस प्रकार जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने रेलवे दावा अधिकरण भोपाल के फैसले को निरस्त कर दिया. रेलवे दावा अधिकरण के फैसले को चुनौती एकलपीठ ने अपने आदेश कहा "बच्चे सहित दो महिलाओं की मौत एक अप्रिय घटना के कारण हुई थी और रेलवे प्रशासन पटरियों तक अनधिकृत पहुंच रोकने तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने वैधानिक कर्तव्य में विफल रहा. लापरवाही या अनधिकृत प्रवेश से रेलवे प्रशासन स्वतः ही दायित्व से मुक्त नहीं हो जाता है." मामले के अनुसार सिंगरौली निवासी राम अवतार सहित दो अन्य की तरफ से दायर अपील में रेलवे दावा अधिकरण के फैसले को चुनौती दी थी. रेलवे ट्रैक पर 3 लोगों की मौत का मामला याचिका में कहा गया "रेलवे ही हादसे के लिए जिम्मेदार है." रेलवे दावा अधिकरण ने माना था "रेलवे मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी नहीं है, क्योंकि मृतक ट्रेन में नहीं चढ़े थे. ट्रेन की पटरी में आने के कारण उनकी मौत हुई थी." राम अवतार अपने बेटे राजेश (उम्र 3 साल) का मुंडन कराने 16 अप्रैल 2011 में मैहर ले गए थे. इस दौरान 8-10 लोगों का समूह मैहर गया था. लौटते समय रेलवे स्टेशन में बालक राजेश रेलवे की पटरियों पर आ गया था और उसे बचाने के लिए दो महिलाएं भी पटरी पर आ गईं और तीनों ट्रेन की चपेट में आ गई थीं. रेलवे दावा प्राधिकरण को मुआवजा के निर्देश प्राधिकरण ने सुनवाई के दौरान पाया था "समूह के लोग ट्रेन संख्या 51672 सतना-इटारसी पैसेंजर में नहीं चढे़ थे. लोली बाई, इंद्रमती और राजेश (बालक) की दूसरी पटरी से गुजरती हुई गुजरती ट्रेन की चपेट में आने से हुई." रेलवे ने लिखित बयान के माध्यम से दुर्घटना से इनकार किया और कहा "मृतक रेलवे लाइन पार कर रहे थे, तभी गुजरती ट्रेन की चपेट में आ गये." एकलपीठ ने रेलवे दावा अधिकरण को निर्धारित मुआवआ देने के निर्देश जारी किये हैं. जबलपुर में घोड़ों की मौत के मामले में सुनवाई एक अन्य मामले में हैदराबाद से जबलपुर लाए गए घोड़ों की मौत के मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में हुई. याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया "पिछले माह में कुछ और घोड़ों की मौत हुई, जिसे छुपाया जा रहा है." हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने आरोप को गंभीरता से लेते हुए केयरटेकर सचिन तिवारी को शपथ पत्र पर यह बताने कहा है "वर्तमान में कितने घोड़े बचे हैं और उनका मानसिक व शारीरिक स्टेटस क्या है." युगलपीठ ने यह भी बताने कहा है "घोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं." युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर को नियत की है. जबलपुर निवासी पशु प्रेमी सिमरन इस्सर की ओर से याचिका दायर की गई थी. 

66 दिन के लिए रद्द हुई सारनाथ एक्सप्रेस, यात्रियों के लिए अलर्ट

रायपुर रेलवे ने कोहरे की आशंका के कारण सारनाथ एक्सप्रेस को तीन माह में 66 दिन रद्द करने की घोषणा की है. ठंड के दौरान कोहरे की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. सारनाथ एक्सप्रेस 1 दिसंबर से 15 फरवरी के बीच विभिन्न तिथियों में दोनों दिशाओं की ट्रेन रद्द रहेंगी. इससे प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ जाएगी. प्रयागराज, बनारस और छपरा जाने वाली प्रमुख ट्रेन दुर्ग-छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस के यात्री आने वाले दिनों में परेशान होंगे. रेलवे ने उत्तर भारत में पड़ने वाली कोहरे की आशंका को ध्यान में रखते हुए सारनाथ एक्सप्रेस को 1 दिसबंर से 15 फरवरी तक विभिन्न तिथियों में 66 दिनों के लिए रद्द करने का निर्णय लिया है. उत्तर पूर्व रेलवे द्वारा 15159/15160 छपरा-दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस को घने कोहरे की अग्रिम आशंका को ध्यान में रखते हुए 1 दिसंबर से 15 फरवरी के बीच विभिन्न तिथियों में ट्रेन का परिचालन स्थगित करने का निर्णय लिया है. रेलवे द्वारा निर्धारित तिथियों के अलावा अन्य दिनों में भी यह ट्रेन अपने पूर्व निर्धारित समय सारिणी अनुसार यथावत चलेगी. छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस इस डेट पर रहेगी रद्द दिसंबर 1, 3, 6, 8, 10, 13, 15, 17, 20, 22, 24, 27, 29, 31 जनवरी- 3, 5, 7, 10, 12, 14, 17, 19, 21, 24, 26, 28, 31 फरवरी 2, 4, 7, 9, 11,14 दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस इस दिन रहेगी स्थगित दिसंबर 2, 4, 7, 9, 11, 14, 16, 18, 21, 23, 25, 28, 30 जनवरी 1, 4, 6, 8, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29 फरवरी 1, 3, 5, 8, 10, 12, 15

यात्रियों के लिए खुशखबरी: त्योहारों पर चलेंगी 5 पूजा स्पेशल ट्रेनें, जानिए कैसे करें आरामदायक सफर की बुकिंग

बिलासपुर दीपावली, छठ पूजा और अन्य प्रमुख त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई फेस्टिवल/पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है. रेलवे का उद्देश्य है कि लोग त्योहारों में घर तक आसानी से और आराम से पहुंच सकें, टिकट को लेकर परेशान हुए बिना. रेलवे प्रशासन ने बताया कि इन ट्रेनों में यात्रियों को “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर कंफर्म सीटें उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे यात्रा के दौरान सीट की अनिश्चितता खत्म होगी और लोगों को एक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुखद यात्रा अनुभव मिलेगा. प्रमुख फेस्टिवल/पूजा स्पेशल ट्रेनों का विस्तृत विवरण 1. बिलासपुर–यलहंका (बेंगलुरु) पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08261/08262) : यह ट्रेन 9 सितंबर से 18 नवंबर 2025 तक कुल 22 फेरे लगाएगी.     गाड़ी संख्या 08261 (बिलासपुर–यलहंका): हर मंगलवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08262 (यलहंका–बिलासपुर): हर बुधवार को चलेगी. इस ट्रेन में एसी-III, एसी-III इकॉनमी और स्लीपर कोच में पर्याप्त बर्थ उपलब्ध हैं. और मुख्य ठहराव बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़ और गोंदिया हैं. 2. दुर्ग–सुल्तानपुर पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08763/08764) यह ट्रेन 13 सितंबर से 30 नवंबर 2025 तक कुल 12 फेरे लगाएगी.     गाड़ी संख्या 08763 (दुर्ग–सुल्तानपुर): हर शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08764 (सुल्तानपुर–दुर्ग): हर रविवार को चलेगी. यात्रियों के लिए एसी-II, एसी-III, एसी-III इकॉनमी और स्लीपर कोच में सीटें उपलब्ध हैं. साथ ही इसके मुख्य ठहराव दुर्ग, रायपुर, उस्लापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया हैं. 3. दुर्ग–हजरत निजामुद्दीन पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08760/08761) दिल्ली की ओर यात्रा करने वालों के लिए यह विशेष ट्रेन 5 अक्टूबर से 24 नवंबर 2025 तक 8 फेरे लगाएगी.     गाड़ी संख्या 08760 (दुर्ग–हजरत निजामुद्दीन): हर रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08761 (हजरत निजामुद्दीन–दुर्ग): हर सोमवार को चलेगी. इसमें एसी-II, एसी-III, एसी-III इकॉनमी और स्लीपर श्रेणियों में पर्याप्त बर्थ उपलब्ध हैं. साथ ही इसके मुख्य ठहराव दुर्ग, रायपुर, उस्लापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया हैं. 4. नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)–जयनगर पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08869/08870) यह ट्रेन 16 अक्टूबर से 8 नवंबर 2025 तक बिहार और झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए विशेष रूप से चलाई जा रही है.     गाड़ी संख्या 08869 (इतवारी–जयनगर): हर गुरुवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 08870 (जयनगर–इतवारी): हर शनिवार को चलेगी. इसके मुख्य ठहराव गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ हैं. 5. नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)–शालीमार पूजा स्पेशल (गाड़ी संख्या 08865/08866) यह ट्रेन यात्रियों को कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त फेरे में चलाई जा रही है.     गाड़ी संख्या 08865 (इतवारी–शालीमार): 13 और 20 अक्टूबर (सोमवार).     गाड़ी संख्या 08866 (शालीमार–इतवारी): 14 और 21 अक्टूबर (मंगलवार). इस ट्रेन के मुख्य ठहराव गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ हैं.