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मौसम विभाग का अलर्ट: इन तारीखों में पंजाब में झमाझम बारिश के आसार

चंडीगढ़ पंजाब के मौसम को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। राज्य का अधिकतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 0.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। वहीं, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हो सकती है। यह विक्षोभ सोमवार से सक्रिय होगा, जिससे तापमान और नीचे जा सकता है और ठंड बढ़ेगी। कई जिलों में बारिश की संभावना 4 नवंबर को पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में बारिश होने की संभावना है। 5 नवंबर को पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर और रूपनगर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। प्रदूषण ने भी बढ़ाई चिंता इसी बीच, पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी के कारण पंजाब में प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। राज्य के दो शहरों खन्ना और मंडी गोबिंदगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया है। रविवार को खन्ना का AQI 458 और मंडी गोबिंदगढ़ का 445 दर्ज किया गया, जबकि औसत क्रमशः 307 और 320 रहा। पटियाला का AQI भी 286 दर्ज किया गया, जो चिंताजनक श्रेणी में आता है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बारिश से जहां तापमान में और गिरावट आएगी, वहीं प्रदूषण के स्तर में अस्थायी सुधार भी देखने को मिल सकता है।  

मौसम विभाग की चेतावनी: बिहार के 7 जिलों में भारी बारिश, 29 जिलों में भीगेंगे लोग

पटना बिहार में आज का मौसम बारिश भरा रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार,  राज्य के 29 जिलों में बारिश की संभावना है, जबकि 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज शामिल हैं। इन जगहों पर अगले 24 घंटे के दौरान अति भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटना और आसपास का मौसम राजधानी पटना में पिछले तीन दिनों से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंड ने दस्तक दे दी है। शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री तक नीचे चला गया है। “क्या आज बारिश होगी?”  मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज शाम तक कई जिलों में बारिश के फिर से सक्रिय होने की संभावना है। आज का मौसम बिहार पूरी तरह से मॉनसून जैसा बना हुआ है। मोंथा तूफान का असर जारी, तीन दिन से लगातार बारिश मौसम विभाग ने बताया है कि मोंथा तूफान के कारण गंगा किनारे के जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तेज हवाओं और लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं और कई जगहों पर बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। इन जिलों में आज होगी बारिश मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज इन राज्य के पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, शेखपुरा, बांका, जमुई, नवादा और गया में बारिश की संभावना है। इन जिलों में तेज हवा, वज्रपात और मेघगर्जन की भी चेतावनी जारी की गई है। किसानों की बढ़ी चिंता, रबी फसल पर असर लगातार बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई जगहों पर कटे हुए धान की फसल खेतों में सड़ने लगी है। रबी फसलों की बुआई भी प्रभावित हो रही है क्योंकि खेतों में जलजमाव  की स्थिति बन गई है। इसका असर सरसों, आलू और मक्का की बुआई पर पड़ रहा है। कल मौसम कैसा रहेगा मौसम विभाग का कहना है कि 2 नवंबर को भी बिहार के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में बारिश का असर बना रहेगा। हालांकि दक्षिण बिहार में मौसम धीरे-धीरे साफ होने की संभावना है। अगले 48 घंटों में मौसम सामान्य होने की उम्मीद है।  

दतिया, गुना, नौगांव-टीकमगढ़ में रात जैसी ठंड, मध्यप्रदेश में मौसम का तेवर

भोपाल  प्रदेश में एक बार फिर से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तीन सक्रिय सिस्टमों के असर से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को कई जिलों में दिनभर रिमझिम बारिश होती रही, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। कई शहरों में दिन का पारा 23 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, बुरहानपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और बड़वानी जिलों में हल्की बारिश की चेतावनी दी है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक डिप्रेशन और एक अन्य सिस्टम सक्रिय है, जिससे प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। दतिया में डेढ़ इंच बारिश, भोपाल में दिनभर फुहारें मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को दतिया में सबसे ज्यादा डेढ़ इंच तक बारिश हुई। जबलपुर में सवा इंच, मलाजखंड में पौन इंच, गुना में आधा इंच से ज्यादा और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। राजधानी भोपाल में पूरे दिन रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। ग्वालियर, पचमढ़ी, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सागर, सिवनी और उमरिया समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बारिश से खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गईं, जिससे नुकसान का अंदेशा बढ़ गया है। किसानों ने मुआवजे की मांग शुरू कर दी है। कहां-कहां बरसेंगे बादल? मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी एमपी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक डिप्रेशन और एक अन्य वेदर सिस्टम सक्रिय है। तीन सिस्टम के असर से प्रदेश में व्यापक बारिश का माहौल बना है। आज जिन जिलों में हल्की बारिश की ज्यादा संभावना है—     आलीराजपुर     झाबुआ     बड़वानी     बुरहानपुर     धार     खरगोन     सतना     सीधी     सिंगरौली     रीवा     मऊगंज अन्य जिलों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। बीते 24 घंटे क्या रहा मौसम? गुरुवार को भी कई इलाकों में बारिश दर्ज हुई। इनमें—     दतिया — सबसे अधिक ~1.5 इंच     जबलपुर — ~1.25 इंच     मलाजखंड — ~0.75 इंच     गुना — ~0.50 इंच से ज्यादा     मंडला — ~0.50 इंच बारिश के बाद तापमान में स्पष्ट गिरावट देखने को मिली है। तापमान में गिरावट: कई शहरों में पारा 23°C से नीचे शहर     न्यूनतम तापमान दतिया     22.4°C नौगांव (छतरपुर)     22.5°C गुना     22.7°C टीकमगढ़     22.8°C मलाजखंड     23.3°C धार     23.4°C पचमढ़ी     23.8°C खजुराहो     24.8°C दतिया और आसपास के क्षेत्र सबसे अधिक ठंडे रहे।  

बारिश बनी सर्दी की दस्तक: राजस्थान के 11 जिलों में यलो अलर्ट, ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी

जयपुर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातों के असर से राजस्थान में बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार को भी राज्य के 11 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को कई जिलों में 1 से 5 इंच तक बारिश दर्ज हुई, जिससे नदियां, बांध और झीलें लबालब हो गईं। ऐसा पहली बार देखने को मिला जब अक्टूबर में बांधों के गेट खोलने पड़े हों। बारिश के साथ दिनभर बादल छाए रहने  से मौसम में ठंडक घुल गई। जयपुर, अजमेर, बीकानेर, भरतपुर, उदयपुर और कोटा संभागों में दोपहर बाद हल्की शीतलहर चलने लगी। अचानक बढ़ी सर्दी के असर के चलते लोग गर्म कपड़ों में नजर आने लगे हैं। भीलवाड़ा में मंगलवार को सीजन का सबसे सर्द दिन दर्ज हुआ। यहां अधिकतम तापमान सिर्फ 19.6 डिग्री सेल्सियस, जो प्रदेश के कई शहरों के रात के तापमान से भी कम रहा। वहीं सिरोही में सबसे सर्द रात दर्ज की गई। यहां न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से 12 डिग्री तक नीचे दर्ज किया जा रहा है।  बूंदी के नैनवा में सबसे ज्यादा 130 मिमी बारिश हुई, जबकि भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा, उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बारां में 3-4 इंच तक वर्षा दर्ज की गई। भारी बरसात से बीसलपुर बांध में पानी की आवक बढ़ी, जिसके बाद एक गेट खोलकर निकासी की गई। उदयपुर की झीलों का जलस्तर भी बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 30 अक्टूबर की शाम से बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी और 2 नवंबर तक मौसम शुष्क रहेगा। रात के तापमान में गिरावट के चलते सर्दी में और इजाफा होगा। प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान  (तापमान 28 अक्टूबर का डिग्री सेल्सियस में है) शहर अधिकतम न्यूनतम अजमेर 21 17.2 भीलवाड़ा 19.6 18.2 बनस्थली (टोंक) 25.2 17.2 अलवर 24.2 18.8 जयपुर 21.8 18.4 पिलानी 26.2 18 सीकर 23.5 18.7 कोटा 20.7 19 चित्तौड़गढ़ 20.3 18.3 उदयपुर 20.2 18.2 बाड़मेर 32.2 20.2 जैसलमेर 31.9 17.8 जोधपुर 27.8 20.3 बीकानेर 30 20.4 चूरू 27.6 19.1 श्रीगंगानगर 30.5 19.3 नागौर 26.6 16.9 डूंगरपुर 22.1 20 जालोर 27.7 20.8 सिरोही 20.4 15.3 करौली 20.8 19.4 दौसा 22.5 18.7 प्रतापगढ़ 20.8 19.9 झुंझुनूं 25.7 19.7

मध्य प्रदेश में मोंथा साइक्लोन का कहर, कई जिलों में बारिश और ठंड का अलर्ट जारी

भोपाल दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन धीरे-धीरे और मजबूत हो रहा है.  मंगलवार के बीच यह डीप डिप्रेशन घातक समुद्री तूफान में बदलने की संभावना है. इससे मौसम में हवा की रफ्तार बढ़ जाएगी और तटीय इलाकों में रेड अलर्ट की चेतावनी दी गई है. वहीं इससे मध्य प्रदेश में भी अगले 4 दिनों में भारी बारिश होने का अनुमान है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तूफान मोंथा मंगलवार को आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराएगा, जिससे बारिश की रफ्तार और बढ़ेगी. दिन के तापमान में 5 से 8 डिग्री की गिरावट अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने वेदर सिस्टम की वजह से प्रदेश के ज्यादातर शहरों में पिछले 36 घंटे से बारिश का दौर जारी है. इस सिस्टम का असर 30 अक्टूबर तक रहेगा. पिछले 24 घंटे में प्रदेश के 70 से अधिक स्थानों पर बारिश दर्ज की गई है. जिससे मध्य प्रदेश के शहरों में दिन के तापमान में 5 से 8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है. तापमान में गिरावट होने से दिन भी अब रात की तरह ठंडे हो गए. मध्य प्रदेश में नौगांव रहा सबसे ठंडा मध्य प्रदेश में अधिकतर शहरों का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. दिन में सबसे अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस खजुराहो में दर्ज किया गया. जबकि दिन का सबसे न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस धार में दर्ज हुआ. सोमवार की दरमियानी रात न्यूनतम तापमान नौगांव में 16.6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस खजुराहो में दर्ज किया गया. मौसम में नमी से जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "बंगाल की दक्षिणपूर्व खाड़ी के ऊपर बना डीप डिप्रेशन मजबूत होकर पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. 12 से 24 घंटे में दक्षिण-पश्चिम व उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान मोंथा में बदलने की संभावना है. यह 28 अक्टूबर की शाम या रात के दौरान आंध्र प्रदेश तट के मछलीपट्टनम और कालींगपट्टनम के बीच, काकीनाडा के आसपास, लगभग 90-100 किमी प्रति घंटे की अधिकतम स्थायी हवा की गति और 110 किमी प्रति घंटे तक की झोंकों के साथ एक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में परिवर्तित होने की संभावना है. वहीं एक ट्रफ अरब सागर के पूर्व-मध्य भाग के ऊपर बने डिप्रेशन से जुड़े ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण से लेकर पश्चिम मध्य प्रदेश तक बनी हुई है. इस प्रणाली से प्रदेश में नमी और अस्थिरता बढ़ रही है. इससे बारिश का दौर जारी है. आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर और भिंड में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. यहां 4.5 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बिजली चमकने की संभावना भी है. इनके साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है. 28 को हल्की बारिश, 29 को 6 जिलों में अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 28 अक्टूबर को कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है. हालांकि इस दौरान प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ गरज चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं 29 अक्टूबर को सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. 30 को 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी 30 अक्टूबर को बारिश का सिस्टम एक बार फिर स्ट्रांग होगा और प्रदेश के आधे हिस्से में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को भिंड, मुरैना, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली और मउगंज जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी.

आईएमडी अलर्ट: राजस्थान के कोटा-बारां में आज हो सकती है भारी बारिश

जयपुर अरब सागर में बना डिप्रेशन सिस्टम राजस्थान के मौसम में बदलाव लेकर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज से उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इन इलाकों में तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है। जयपुर मौसम केंद्र ने सुबह साढ़े छह बजे कोटा, बारां में बारिश का यलो अलर्ट भी जारी किया है। आज 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है — बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर में बरसात की संभावना है। क्यों बदलेगा मौसम? मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार,अरब सागर में बना डिप्रेशन सिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में एक और डिप्रेशन सिस्टम सक्रिय है, जो आने वाले दिनों में साइक्लोन या सीवियर साइक्लोन में बदल सकता है। वहीं, उत्तर भारत में 27 अक्टूबर से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी सक्रिय होगा। इन तीनों सिस्टम के संयुक्त असर से आज से राजस्थान में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। विशेष रूप से उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग में मेघगर्जना के साथ तेज बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। बढ़ेगी सर्दी, गिरेगा तापमान मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि आज से उत्तरी हवाएं तेज होने लगेंगी, जिसका असर बीकानेर और जयपुर संभाग के जिलों में दिखेगा। सीकर, झुंझुनूं, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, नागौर और अलवर में इन हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आएगी और सर्दी का असर बढ़ेगा। तापमान का हाल पिछले 24 घंटों में सुबह-शाम हल्की ठंडी हवाएं चलीं, जबकि दिन में तेज धूप निकली। राज्य में सबसे ज्यादा सर्दी सीकर में रही, जहां न्यूनतम तापमान 13°C दर्ज हुआ। दौसा में न्यूनतम तापमान 14.1°C रहा, जबकि दिन में सबसे अधिक गर्मी बाड़मेर में रही, जहां अधिकतम तापमान 37.1°C रिकॉर्ड किया गया।  

दिवाली तक मौसम का मिजाज, इंदौर में बारिश और भोपाल-ग्वालियर में धूप खिली रहेगी

भोपाल  मध्यप्रदेश में मौसम ने मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। शनिवार को इंदौर संभाग के चार जिलों बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत अधिकतर जिलों में मौसम साफ और धूप वाला रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सिय मौसम विभाग की मानें तो हवा की दिशा में बदलाव के चलते रात के तापमान में वृद्धि देखी जा रही है। बीते दो रातों में अधिकांश शहरों का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के ऊपर रहा। छतरपुर के नौगांव को छोड़ दें तो बाकी जगहों पर ठंड कम महसूस हुई। दिन में भी गर्मी का असर नजर आया इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और खजुराहो में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, शनिवार को दक्षिणी जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन रविवार और सोमवार को प्रदेशभर में मौसम साफ रहेगा। इन दिनों बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। दिवाली के बाद बढ़ेगी ठंड, फरवरी तक रहेगा असर मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि नवंबर से जनवरी तक प्रदेश में तेज सर्दी का दौर रहेगा। इस बार फरवरी तक ठंड का असर बना रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सर्दी 2010 के बाद की सबसे ठंडी सर्दी हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के चलते सामान्य से अधिक वर्षा भी देखने को मिल सकती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भी ला-नीना स्थितियों के विकसित होने की पुष्टि की है, जिससे ठंड और अधिक तीव्र हो सकती है। विदा हुआ मानसून प्रदेश से अब पूरी तरह मानसून विदा हो चुका है। इस बार मानसून 16 जून को पहुंचा था और 13 अक्टूबर को विदाई हुई। कुल 3 महीने 28 दिन तक मानसून सक्रिय रहा। हालांकि मानसून विदा होने के बावजूद कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। इस बार मानसून में अच्छी बारिश राज्य में इस बार मानसून ने अच्छी बारिश दी। भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश गुना जिले में हुई, जहां कुल 65.7 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं श्योपुर में 216.3% बारिश हुई, जो सामान्य से कहीं अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की बारिश ने पीने के पानी और सिंचाई दोनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। हालांकि, शाजापुर ऐसा जिला रहा, जहां सबसे कम बारिश (81.1%) दर्ज की गई, जो  कमी की श्रेणी में आता है। भोपाल, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका, लेकिन उज्जैन, बैतूल और सीहोर जैसे जिलों में बारिश सामान्य के करीब रही।  

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव, लेकिन MP में नहीं दिखेगा बड़ा असर; सिर्फ हल्की बारिश की संभावना

भोपाल  कोई मजबूत मौसम प्रणाली के सक्रिय ना होने और मानसून के कमजोर होने से मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर थम गया है, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि दक्षिणी जिलों में अगले तीन दिन तक हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सिवनी में 73.4, शिवपुरी में 11, टीकमगढ़ में पांच, गुना में दो, दतिया में 1.3 मिमी वर्षा हुई।अबतक 12 जिलों से दक्षिण पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है और अगले 72 घंटे के बाद प्रदेश के कई जिलों से मानसून विदा होने लगेगा। मध्य प्रदेश मौसम विभाग ताजा पूर्वानुमान     दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा अभी भी 20° उत्तर / 69° पूर्व, वेरावल, भरूच, उज्जैन, झांसी,  शाहजहांपुर और 30° उत्तर / 81° पूर्व से होकर गुजर रही है। गुजरात के शेष भागों, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और भागों तथा महाराष्ट्र के कुछ भागों से आगामी 3-4 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं।     पश्चिम-मध्य और इससे सटे उत्तर-पश्चिम अरब सागर के ऊपर स्थित गहरा दबाव (चक्रवाती तूफान “शक्ति” का अवशेष) कमजोर होकर एक दबाव में परिवर्तित हो गया है और यह अक्षांश 19.0° उत्तर और देशांतर 60.5° पूर्व के पास निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में केंद्रित है। जो कि मसिराह (ओमान) से लगभग 250 किमी दक्षिण-पूर्व, रास अल हद्द (ओमान) से 370 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम, अल-गैदाह (यमन) से 950 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व, कराची (पाकिस्तान) से 950 किमी दक्षिण- पश्चिम, द्वारका से 970 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम और नलिया से 990 किमी पश्चिम-दक्षिण- पश्चिम में स्थित है। इसके पश्चिम-मध्य और इससे सटे उत्तर-पश्चिम अरब सागर के ऊपर धीरे-धीरे दक्षिण-पूर्व की ओर बढ़ने और एक चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र में परिवर्तित होनेकी संभावना है।     पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर राजस्थान और उससे सटे हरियाणा के ऊपर एक प्रेरित निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है। इससे संबंधित ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 9.6 किमी की ऊँचाई तक फैला हुआ है और ऊँचाई के साथ उत्तर-पश्चिम की ओर झुका हुआ है।उत्तर-पश्चिम राजस्थान और उससे सटे दक्षिण पंजाब के ऊपर समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊँचाई तक फैला हुआ चक्रवातीय परिसंचरण अब उपरोक्त चक्रवाती परिसंचरण में विलीन हो गया है।एक ट्रफ रेखा, उत्तर तटीय ओडिशा से पूर्वी तेलंगाना तक (आंतरिक ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़ होते हुए) समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊँचाई पर बनी हुई है। मध्य प्रदेश : अबतक 12 जिलों से मानसून विदा अबतक मध्य प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इसमें उज्जैन, राजगढ़,अशोकनगर ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन शामिल हैं।आमतौर पर मानसून 6 अक्टूबर तक विदा हो जाता है लेकिन इस बार नए वेदर एक्टिव होने से मानसून की वापसी में देरी हो रही थी और अब मानसून वापसी की परिस्थितियां अनुकूल है, ऐसे में 10-12 अक्टूबर से पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई संभव है। इस वर्ष मानसून ने प्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। गुना में सबसे ज्यादा बारिश, शाजापुर सबसे सूखा जिला इस मानसून सीजन में गुना जिले में सबसे अधिक 65.6 इंच बारिश दर्ज की गई। मंडला और रायसेन में भी 62 इंच से ज्यादा वर्षा हुई। वहीं श्योपुर और अशोकनगर में 56 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। दूसरी ओर, शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6 इंच), खंडवा (32 इंच), बड़वानी (33.5 इंच) और धार (33.6 इंच) प्रदेश के सबसे कम बारिश वाले जिले रहे।  1 जून से 6 अक्टूबर तक कहां कितनी हुई वर्षा     मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 21% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 17% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 25% अधिक वर्षा हुई है। एमपी में अब तक 47 इंच बारिश हो चुकी है वैसे 37.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।     गुना में सबसे ज्यादा 65.5 इंच बारिश हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। हालांकि शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार में सबसे कम बारिश हुई।सबसे कम बारिश खरगोन में 27.3 इंच , शाजापुर में 28.7 इंच, खंडवा में 29.1 इंच, बड़वानी में 30.9 इंच और धार में 32.8 इंच हुई है।     ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर: राजस्थान में भारी बारिश और ठंडक

जयपुर राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर मंगलवार को भी जारी रहा। पूर्वी जिलों में बादल छाए रहे और कई जगह हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग ने 9 जिलों में अलर्ट जारी किया है। 8 अक्टूबर से प्रदेश में मौसम साफ और सूखा रहने की संभावना है। सोमवार को जयपुर, नागौर, हनुमानगढ़, सीकर समेत कई जिलों में 4 इंच तक तेज बारिश हुई, जिससे खेतों में पानी भर गया और खरीफ की फसलें खराब हो गईं। बारिश और बादलों की वजह से तापमान में भारी गिरावट देखी गई। हनुमानगढ़ में दिन और रात के तापमान में सिर्फ 1 डिग्री का अंतर रहा। जयपुर में देर रात तक होती रही बारिश राजधानी जयपुर में सोमवार सुबह से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। मंगलवार सुबह भी करीब 3 बजे तक बारिश का दौर चला। बीते 24 घंटों के दौरान जयपुर में  92MM बरसात रिकॉर्ड की गई। जयपुर में छापरवाड़ा बांध के पास 92MM बारिश दर्ज हुई। दिल्ली रोड पर चांदवास पर 53, जालसू, दूदू, मौजमाबाद में 27-27, जोबनेर में 40, बैराठ में 52, शाहपुरा में 56, फागी में 35, चौमूं में 26, सांगानेर में 29MM बारिश हुई है। बारिश से पारा भी लुढ़का बारिश की वजह से प्रदेश में पारे में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 12 डिग्री तक गिरा। सीकर सबसे ठंडा रहा, जहां दिन का तापमान 22.5°C दर्ज हुआ। जयपुर 25.1°C, पिलानी 24.7°C, अलवर 24°C, चूरू 24.1°C, बीकानेर 29.3°C, उदयपुर 29°C और झुंझुनूं 24.9°C तक सीमित रहा। अब 8 अक्टूबर से प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।  

दुर्गा पूजा मेले में भारी बारिश से दुकानदारों का नुकसान, व्यापारियों में बढ़ी चिंता

रांची झारखंड में भारी बारिश ने न सिर्फ दुर्गा पूजा उत्सव मनाने वालों के उत्साह को कम कर दिया, बल्कि त्योहारी खरीदारी से बेहतर लाभ की उम्मीद लगाए बैठे छोटे और मध्यम व्यापारियों को भी बड़ा झटका दिया। व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों ने यह जानकारी दी। राज्य की राजधानी रांची, औद्योगिक केंद्र जमशेदपुर और कोयला क्षेत्र धनबाद के व्यापारियों को डर है कि उनके नुकसान 25 प्रतिशत से 60 प्रतिशत के बीच हो सकते हैं। ‘फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज' (एफजेसीसीआई) के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ​​ने को बताया कि हालिया जीएसटी कटौती के कारण व्यापारियों को पिछले साल की तुलना में अधिक बिक्री की उम्मीद थी, लेकिन बारिश ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया। मल्होत्रा ​​ने कहा, ‘‘हमें त्योहारों के दौरान अच्छे कारोबार की उम्मीद थी और प्रमुख औद्योगिक इकाइयों ने पूजा से पहले बोनस की घोषणा की थी। केंद्र द्वारा हाल ही में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती की घोषणा किए जाने से उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें भी कम हुई हैं। हालांकि, मूसलाधार बारिश के कारण हमारी सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं।'' व्यापारी संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि भारी बारिश के कारण दुर्गा पूजा के दौरान रांची में व्यापार में पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है। यह स्पष्ट रूप से जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में खुदरा विक्रेताओं के लिए हाल के वर्षों में त्योहार के दौरान सबसे खराब बिक्री का आंकड़ा था। यहां 300 से अधिक दुर्गा पूजा आयोजित की गई थी। ‘सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज' के एक वरिष्ठ पदाधिकारी विजय आनंद मूनका ने कहा, ‘‘बारिश के कारण लोग दुकानों पर नहीं आए और अपनी जरूरत की चीज़ें ऑनलाइन ऑर्डर कर दीं। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार 25 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।'' बड़ी संख्या में कोयला खदानों वाले धनबाद में व्यापारियों ने अन्य वर्षों की तुलना में 60 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान लगाया है। ‘फेडरेशन ऑफ धनबाद जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज' के सचिव अजय नारायण लाल ने छोटे दुकानदारों की परेशानियों के बारे में कहा, ‘‘बारिश के कारण उनका कारोबार चौपट हो गया, जिससे वे बेहद परेशान हैं। उन्होंने सामान खरीदने, पूजा पंडालों के पास जगह बुक करने और स्टॉल पर कर्मचारियों की व्यवस्था करने में भारी निवेश किया था। हालात ऐसे हैं कि वे अपने कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रहे हैं। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार नुकसान 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है।'' रांची मौसम कार्यालय ने कहा कि राज्य में सितंबर तक 17 प्रतिशत अतिरिक्त बारिश हुई है।