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राज्यभर में बारिश का आंकड़ा 881.4 मि.मी. तक पहुँचा, बलरामपुर में सर्वाधिक वर्षा

छत्तीसगढ़ में अब तक 881.4 मि.मी. औसत बारिश, बलरामपुर सबसे आगे और बेमेतरा सबसे पीछे राज्यभर में बारिश का आंकड़ा 881.4 मि.मी. तक पहुँचा, बलरामपुर में सर्वाधिक वर्षा छत्तीसगढ़ में झमाझम: बलरामपुर में 1273.7 मि.मी. तो बेमेतरा में सबसे कम 430.9 मि.मी. बारिश दर्ज रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 881.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1273.7 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 430.9 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।   रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 753.4 मि.मी., बलौदाबाजार में 618.8 मि.मी., गरियाबंद में 739.1 मि.मी., महासमुंद में 647.5 मि.मी. और धमतरी में 784.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 839.3 मि.मी., मुंगेली में 824.7 मि.मी., रायगढ़ में 1050.2 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 713.8 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1034.9 मि.मी., सक्ती में 913.2 मि.मी., कोरबा में 848.4 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 847.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 713.5 मि.मी., कबीरधाम में 623.8 मि.मी., राजनांदगांव में 787.7 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1129.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 657.2 मि.मी. और बालोद में 952.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 629.6 मि.मी., सूरजपुर में 960.2 मि.मी., जशपुर में 868.0 मि.मी., कोरिया में 982.6 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 881.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1259.6 मि.मी., कोंडागांव में 829.1 मि.मी., कांकेर में 1035.3 मि.मी., नारायणपुर में 1123.0 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1197.4 मि.मी., सुकमा में 955.7 मि.मी. और बीजापुर में 1180.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

रेड अलर्ट के बीच हिमाचल में शिक्षा संस्थान बंद, लैंडस्लाइड में फंसी गाड़ियां

शिमला  हिमाचल प्रदेश में आज भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी है. मौसम विभाग ने प्रदेश में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने पूर्वानुमान लगाया है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक प्रदेश में 3 सितंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. वहीं, 2 सितंबर तक रेड अलर्ट है. जबकि 3 सितंबर को प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा आज भारी बारिश के अलर्ट के चलते 9 जिलों में स्कूल बंद हैं. इन जिलों में रेड अलर्ट जारी हिमाचल के 6 जिलों में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. जबकि चंबा, कुल्लू, शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में ऑरेंज अलर्ट है. वहीं, सोलन में बारिश का येलो अलर्ट जारी है. वहीं, 2 सितंबर को मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट किया है. जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, शिमला, सिरमौर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति में भारी बारिश का ऑरेंज है. वहीं, सोलन में येलो अलर्ट जारी है. 9 जिलों में स्कूल बंद हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट के बीच 9 जिलों में सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं. ये आदेश जिला प्रशासन द्वारा छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए हैं. आज सिरमौर, बिलासपुर, कांगड़ा, शिमला, सोलन, हमीरपुर, मंडी, ऊना और कुल्लू जिले में स्कूल-कॉलेज समेत सभी निजी और सरकारी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे. ये फैसला भारी बारिश के दौरान लैंडस्लाइड और बाढ़ जैसी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. शिमला में घर पर लैंडस्लाइड शिमला के जुन्गा में सोमवार को बुरी खबर आई और यहां पर भूस्खलन के चलते मकान जमीदोंज हो गया औऱ बाप-बेटी समेत पालतू मवेशियों की मौत हो गई. मृतक की पहचान वीरेंद्र कुमार (35)  निवासी डूब्लू और उनकी 10 साल की बेटी के तौर पर हुई है. पत्नी के घर से बाहर होने की वजह से वह बच गई. वहीं, शिमला के कोटखाई में भूस्खलन से एक घर ढहने के बाद वृद्ध महिला कलावती की मलबे में दबने से मौत हो गई. बताया जा रहा है कि रोहडू के दयार मोली गांव में रात में भूस्खलन से कई घरों को खतरा पैदा होने के बाद 4 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया. मणिमहेश गए में श्रद्धालु भरमौर में फंसे चंबा जिले में बीते सप्ताह हुई भारी बारिश के चलते अब भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भरमौर में फंसे हैं. यहां पर मणिमहेश यात्रा में गए लोग चंबा भरमौर नेशनल हाईवे बंद होने से फंस गए हैं. उप-मुख्यमंत्री और जलशक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताय़ा कि चंबा जिले में जल शक्ति विभाग को इस आपदा में लगभग 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और ज़िले की कुल 487 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें से 394 योजनाओं को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है. शेष योजनाओं को शीघ्र बहाल करने के लिए तत्परता से कार्य किया जा रहा है. विशेषकर चंबा और भरमौर क्षेत्र में स्थानीय स्रोतों से अस्थायी जल आपूर्ति व्यवस्था की जा रही है. विभागीय अनुमान के अनुसार इन योजनाओं को पूरी तरह बहाल करने में चार से पांच दिन और लग सकते हैं. मणिमहेश यात्रा के दौरान ड्यूटी पर तैनात किए गए सभी 41 कर्मचारी सुरक्षित हैं. अब तक कितने लोगों को निकाला मणिमहेश में बड़ी संख्या में श्रद्धालु फंसे थे. अब तक करीब 15 हजार श्रद्धालु वहां से निकल गए हैं. भरमौर से चंबा के लिए पैदल ये श्रद्धालु पहुंचे हैं और फिर एचआरटीसी की बसों के जरिये पठानकोट भेजा गया है. अब भी कुछ श्रद्धालु भरमौर में फंसे हुए हैं. फिलहाल, चम्बा से भरमौर के बीच धारवाला तक सड़क खुल गई और आगे की बहाली की कोशिश जारी है. 12 घंटे में कहां कहां बारिश हुई हिमाचल प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बीते 24 घंटों के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक बारिश बिलासपुर के नंगल डैम एवं आरएल बीबीएमबी क्षेत्र में 220 एमएम दर्ज की गई. इसके अलावा रायपुर मैदान में 215, नैना देवी में 192, सोलन में 187 और नाहन में 177.8 एमएम  वर्षा हुई. वहीं सिरमौर के जैतों बैराज में 170 एमएम, कसौली में 135, ददाहू में 134, मलरौं में 132 और रोहड़ू में 130 बारिश रेकॉर्ड की गई. धर्मपुर में 124.6 एमएम, ऊना 117.4, शिमला 115.8, पांवटा साहिब 109.6, कंडाघाट 108.2 और जुब्बड़हट्टी 108.0 और अन्य क्षेत्रों में बरठीं 102, ब्रह्मणी 94.6, कुफरी 89.6, करसोग 81.2, बिलासपुर 80.8, नारकंडा 75, अघाड़ 72.4, काहू 69, कोटखाई एवं शिलारू 68.4, बग्गी 62.6 और नेरी 61 एमएम वर्षा दर्ज की गई. कुल्लू में 2 दिन तक शिक्षण संस्थान बंद डीसी कुल्लू एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष तोरुल एस रवीश ने बताया, "भारी बारिश को देखते हुए और मौसम विभाग की चेतावनी के मध्यनजर जिले के विभिन्न उपमंडलों में शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग, शिमला ने कुल्लू में 1 सितंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट और 2 सितंबर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है." ये संस्थान नहीं होंगे बंद वहीं, मंडी में आईआईटी व स्वास्थ्य संस्थानों को छोड़कर सभी शिक्षण संस्थान आज बंद रहेंगे. मौसम विभाग ने मंडी में 1 और दो सितंबर को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं, बिलासपुर जिले में रेजिडेंट कॉलेज और स्वास्थ्य संबंधी मेडिकल संस्थानों को छोड़कर सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे. बिलासपुर के लिए मौसम विभाग ने 1 सितंबर को रेड अलर्ट और 2 सितंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. 

MP में दो स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय, इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर में 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने से एक बार फिर से तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, उनमें धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। रायसेन में हुई 2 इंच बारिश  गुरुवार को तेज बारिश होने से भोपाल, इंदौर और रायसेन तेज बारिश हुई। भोपाल के कई इलाकों में सड़कों पर एक से दो फीट तक पानी भर गया। रायसेन में पौने 2 इंच बारिश हो गई जबकि छिंदवाड़ा में सवा इंच पानी गिरा। गुना, इंदौर, शाजापुर, धार, उज्जैन, दमोह, खजुराहो, मंडला, उमरिया समेत कई जिलों में भी बारिश हुई। अगले 24 घंटे ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग की सीनियर  वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- मानसून टर्फ और लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) की वजह से गुरुवार को भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर बना रहा। ऐसा ही मौसम अगले 24 घंटे के दौरान भी देखने को मिलेगा। प्रदेश में अब तक 36.2 इंच बारिश प्रदेश में अब तक औसत 36.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 29.6 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.6 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 90 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। 0.8 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। भोपाल, इंदौर-रायसेन में सड़कें बनीं तालाब इससे पहले गुरुवार को तेज बारिश होने से भोपाल, इंदौर और रायसेन की सड़कें तालाब बन गईं। भोपाल के कई इलाकों में सड़कों पर एक से दो फीट तक पानी भर गया। पीएचक्यू के पीछे छोटा तालाब किनारे की सड़क पर पानी भरने से लंबा जाम लग गया। पुराने शहर में भी जलभराव जैसे हालात बने रहे। रायसेन में पौने 2 इंच बारिश हो गई जबकि छिंदवाड़ा में सवा इंच पानी गिरा। गुना, इंदौर, शाजापुर, धार, उज्जैन, दमोह, खजुराहो, मंडला, उमरिया समेत कई जिलों में भी बारिश हुई। एक घंटे की बारिश में डूबा इंदौर, अब 26 जिलों में 72 घंटे भारी-कहीं मूसलाधार बारिश की चेतावनी तेज बारिश के बाद गुरुवार शाम को सुपर कॉरिडोर पर गांधी नगर मेट्रो स्टेशन के सामने पानी भर गया। जल निकासी नहीं होने से सड़क के दोनों ओर दो से ढाई फीट तक पानी भरा रहा। यह स्थिति लगभग दो किलोमीटर के हिस्से में रही। इससे कार, दो पहिया और ऑटो चालक काफी परेशान हुए। दो दर्जन से अधिक दो पहिया वाहन इंजन में पानी जाने से बंद भी हुए। लोगों ने जल जमाव व परेशानी के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। राहगीर मनोज मालाकार ने बताया कि गांधी नगर मेट्रो स्टेशन और डिपो के सामने हालात भयावह थे। दोनों तरफ पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। गांधी नगर के 6 नंबर मेट्रो स्टेशन के नीचे सुपर कॉरिडोर वाले हिस्से में पानी अधिक था। इससे दो पहिया वाहन बंद हो गए तो कुछ दो पहिया वाहन चालकों के हेलमेट भी बह गए। जिनके वाहन बंद हुए, वे मुश्किल से उन्हें निकाल पाए। लगी वाहनों की लंबी कतार सुपर कॉरिडोर के दोनों तरफ पानी भरने से लोग एक से दो घंटे तक परेशान होते रहे। टीसीएस से लेकर गांधी नगर मेट्रो स्टेशन तक यही स्थिति रही। कार व दो पहिया वाहनों के निकलने व डिवाइडर से पानी टकराकर आने से लहरों जैसा दृश्य बन गया था। जल जमाव के कारण वाहनों की लंबी कतार लगी रही। जगह- जगह सड़कों पर भरा पानी इंदौर में गुरुवार को तेज बारिश से पश्चिम क्षेत्र स्थित मेट्रो स्टेशन 6 की सड़कों पर काफी पानी भर गया था। यहां जल निकासी के रास्ते नहीं छोड़े गए हैं। इससे कई वाहनों के पहिए सड़क पर भरे पानी में आधे-आधे तक डूब गए और पानी घुसने से इंजन बंद हो गए थे। आधी रात के बाद यहां पानी कम हुआ। हालांकि दिनभर में 13.8 (आधा इंच से ज्यादा) बारिश दर्ज की गई। इस मिलाकर सीजन में अब तक 521.8 मिमी (20.5 इंच बारिश) हो चुकी है। कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान अभी मध्य प्रदेश में बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। गुना-मंडला में 53 इंच से ज्यादा पानी गिरा इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां औसत 53.8 इंच पानी गिर चुका है। वहीं, मंडला में 53.3 इंच बारिश हुई है। अशोकनगर में 50.9 इंच, शिवपुरी में 50.1 इंच और श्योपुर में 50.2 इंच बारिश हुई है। वहीं, सबसे कम बारिश वाले 5 जिलों में सभी इंदौर संभाग के हैं। इंदौर सबसे आखिरी में है। यहां अब तक औसत 17.8 इंच बारिश हुई है। बुरहानपुर में 20.1 इंच, खरगोन में 19.5 इंच, खंडवा में 20.9 इंच और बड़वानी में 20.5 इंच पानी गिरा है। एमपी में अब तक 36.2 इंच बारिश प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 36.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 29.6 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.6 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 90 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। 0.8 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था।  

उत्तराखंड में भारी तबाही: चमोली में बादल फटा, रुद्रप्रयाग में अलकनंदा रिवर डेंजर लेवल पार

चमोली  उत्तराखंड में तबाही का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. चमोली जिले में एक बार फिर बादल फटा है. ये घटना तहसील देवाल के मोपाटा में हुई है, जिसमें दो लोगों के लापता होने की खबर है. प्रशासन ने राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया है. वहीं केदारघाटी के लवारा गांव में पुल बहने से छेनागाड़ क्षेत्र में स्थिति गंभीर हो गई है. इसके अलावा रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी भी उफान पर हैं, इनका पानी घरों में घुस कर तबाही मचा रहा है. बताया जा रहा है कि आवास के पास मौजूद गौशाला मलबे में दब गई है, जिसमें लगभग 15 से 20 जानवर दबने की सूचना है. प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी एक्स पर इसकी जानकारी दी. उन्होंने लिखा, जनपद रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र के बड़ेथ डुंगर तोक और चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में बादल फटने से मलबा आया है. इसकी वजह से कुछ परिवार फंस गए हैं. स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य तेजी से कर रहा है. मैं लगातार अधिकारियों से संपर्क में हूं और आपदा सचिव व जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाव कार्य सही तरीके से और तेजी से किए जाएं." रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी के संगम पर जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. अलकनंदा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. नदी का पानी आवासीय घरों तक पहुंच गया, जिसके चलते प्रशासन ने प्रभावित घरों को खाली कराया है. हालात इतने गंभीर हैं कि रुद्रप्रयाग का हनुमान मंदिर भी नदी में डूब गया है. वहीं, केदारघाटी के लवारा गांव में मोटरमार्ग पर बना पुल तेज बहाव में बह गया है. छेनागाड़ क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है. मंदाकिनी नदी का जलस्तर 2013 जैसी भयावह स्थिति की याद दिला रहा है. आजतक से फ़ोन पर हुई बातचीत में जिलाधिकारी प्रतीक जैन का कहना है कि बसु केदार क्षेत्र में अतिव्रष्टि के बाद 4 घर बहने की सूचना है, सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है और स्थिति पर नज़र बनाये हुए हैं. भारी बारिश को देखते हुए रुद्रपरायग, बागेश्वर, चमोली, हरिद्वार और पिथौरागढ़ जिलों में आज स्कूलों की छुट्टी की गई है. हरिद्वार में भी भारी बारिश का दौर जारी है. यहां जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने भारी बारिश को देखते हुए सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों में आज बंद रखने के निर्देश दिए है. पिथौरागढ़ जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा एवं खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी द्वारा जनपद के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों (कक्षा नर्सरी से कक्षा 12 तक) तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में दिनांक 29 अगस्त 2025 को अवकाश घोषित किया गया है. बता दें कि उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से पर्वतीय जिलों में भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं तेज़ी से बढ़ रही हैं. चमोली जिले में भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग लाता गांव के पास अचानक पहाड़ी टूटने से बंद हो गया, जिससे एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है. यहां सड़क को खोलने का काम जारी है. मौसम विभाग ने 29 अगस्त के लिए देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ में तेज बारिश के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है. वहीं बाकी क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है. उत्तराखंड में अगले दो दिन अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश को देखते हुए पूरे प्रदेश को येलो अलर्ट पर रखा हुआ.

मध्य प्रदेश में मौसम का कहर: उज्जैन की नदियां उफान पर, 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

उज्जैन/ धार /खरगोन /खंडवा  मध्यप्रदेश में गुरुवार से फिर तेज बारिश का दौर शुरू होगा। मानसून ट्रफ की एक्टिविटी होने से खरगोन, खंडवा समेत 10 जिलों में भारी बारिश हो सकती है।उज्जैन में शिप्रा नदी उफान पर है। घाटों पर बने मंदिर पानी में डूब गए हैं। धार के मनावर में गुरुवार सुबह तेज पानी गिरा। स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं, भोपाल-इंदौर में रिमझिम बारिश हो सकती है। प्रदेश के बीचोंबीच से गुजर रही मानसून ट्रफ सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- बुधवार को एक मानसून ट्रफ प्रदेश के बीचोंबीच से गुजरी। एक अन्य ट्रफ की सक्रियता भी देखने को मिली। वहीं, बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया एक्टिव हो रहा है। इसका अगले कुछ दिन में असर देखने को मिलेगा। ऐसे में प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर बना रहेगा। गुना-मंडला में 53 इंच से ज्यादा पानी गिरा इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां औसत 53.8 इंच पानी गिर चुका है। वहीं, मंडला में 53.1 इंच बारिश हुई है। अशोकनगर में 50.5 इंच, शिवपुरी में 49.9 इंच और रायसेन में 49.6 इंच बारिश हुई है। सबसे कम बारिश वाले 5 जिलों में सभी इंदौर संभाग के हैं। इंदौर में अब तक औसत 16.5 इंच बारिश हुई है। बुरहानपुर में 19 इंच, खरगोन में 19.1 इंच, खंडवा में 19.6 इंच और बड़वानी में 20.1 इंच पानी गिरा है। एमपी में अब तक 35.6 इंच बारिश प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 35.9 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 29.2 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.7 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 97 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। 1.1 इंच बारिश होते ही इस बार भी बारिश का कोटा फुल हो जाएगा। पिछली बार 44 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इंदौर में 1944 में गिरा था 28 इंच पानी इंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो साल 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बना था। इस दिन साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इंदौर में अगस्त महीने की औसत बारिश 10 से 11 इंच है। महीने में 12 से 13 दिन तक बारिश होती है।

तीज पर झूमेंगे बदरा, नर्मदापुरम समेत 3 जिलों में मौसम अलर्ट जारी, मंदसौर में शिवना नदी उफान पर

भोपाल  इस बार देशभर में मॉनसून झूम कर बरस रहा है। कई राज्यों में तो बाढ़ जैसे हालात हैं। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान के बाद मध्य प्रदेश में भी झमाझम बरसात ने आफत मचा दी है। आज भी एमपी के कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को 15 जिलों में बारिश का सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी रहेगा। ऐसे में हरतालिका तीज के दिन मध्य प्रदेश का मौसम कूल-कूल ही रहेगा।मध्यप्रदेश में इन दिनों मानसून टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम का असर है। इसके चलते आज उज्जैन संभाग के 2 जिले- नीमच और मंदसौर में भारी बारिश का अलर्ट है। जबलपुर में बरगी बांध के 5 गेट आधा मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। आज कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार आज भोपाल, उज्जैन, जबलपुर और सागर संभाग के 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। इनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट जिले शामिल हैं। मध्य प्रदेश में 16 अगस्त के बाद से ही बारिश का दौर बना हुआ है। कभी हल्की तो कभी तेज बारिश के चलते कई जगह बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी। आज भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश रुक-रुक कर होती रहेगी। 24 घंटे में 15 से ज्यादा जिलों में गिरा पानी मध्यप्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे के दौरान 15 से अधिक जिलों में बारिश हुई। भोपाल, मंदसौर, रतलाम, नर्मदापुरम, श्योपुर, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, मंडला, सागर, सतना, बैतूल, दतिया, गुना और रायसेन में पानी गिरा। एमपी में अब तक 35.5 इंच बारिश एमपी में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 35.5 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 28.6 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.9 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 96 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। डेढ़ इंच पानी गिरते ही एमपी में बारिश का कोटा भी फुल हो जाएगा। तापमान में भी गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश के पाँच बड़े शहरों में दिन का तापमान कुछ इस तरह रहा: भोपाल में 27.6 डिग्री इंदौर में 27.2 डिग्री ग्वालियर में 27.4 डिग्री उज्जैन में 28.5 डिग्री जबलपुर में 28.0 डिग्री बारिश के कारण कई शहरों में दिन का तापमान थोड़ा कम हो गया। पचमढ़ी में तो यह 22.6 डिग्री तक गिर गया। इसके अलावा, कुछ और शहरों का तापमान भी नोट किया गया: नरसिंहपुर में 31.0 डिग्री खजुराहो में 30.0 डिग्री मुरैना में 29.5 डिग्री खरगोन में 29.4 डिग्री देवास में 28.6 डिग्री सोमवार को सबसे कम तापमान पचमढ़ी में 19.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सबसे ज्यादा तापमान नरसिंहपुर में 31.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 832.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 832.2 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1256.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 411.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 701.5 मि.मी., बलौदाबाजार में 607.2 मि.मी., गरियाबंद में 704.6 मि.मी., महासमुंद में 626.8 मि.मी. और धमतरी में 718.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 822.6 मि.मी., मुंगेली में 803.5 मि.मी., रायगढ़ में 1014.9 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 695.5 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1012.6 मि.मी., सक्ती में 891.6 मि.मी., कोरबा में 835.6 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 842.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 660.1 मि.मी., कबीरधाम में 586.7 मि.मी., राजनांदगांव में 752.0 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1060.7 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 616.5 मि.मी. और बालोद में 882.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 613.0 मि.मी., सूरजपुर में 945.1 मि.मी., जशपुर में 860.9 मि.मी., कोरिया में 976.3 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 868.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1106.6 मि.मी., कोंडागांव में 755.5 मि.मी., कांकेर में 960.4 मि.मी., नारायणपुर में 984.2 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1041.1 मि.मी., सुकमा में 790.7 मि.मी. और बीजापुर में 1056.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। 

मनाली में बाढ़ का कहर, कुल्लू-मनाली-लेह NH-3 यातायात के लिए बंद

मनाली.  हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर चलातार जारी है. मौसम विभाग की तरफ से रेड अलर्ट के बाद मनाली में बीती रात को भारी बारिश हुई और अब भी जारी है. ऐसे में ब्यास नदी चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर बहने लगी थी. बीती रात को लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ब्यास नदी का पानी आलू ग्राउंड तक सड़क पर आ गया और आलू ग्राउंड, वॉल्वो बस स्टैंड, ग्रीन टैक्स बैरियर डूब गए. मनाली में प्रशासन ने मंगलवार के लिए स्कूल और कॉलेज बंद करने का फैसला लिया है. उधर, बाहंग क्षेत्र के किनारे रहने वाले लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है. उधर, मनाली के बाहंग में कुछ दुकानें, और शेरे-ए-पंजाब होटल और घर नदी में बह गया है. बीती रात को ब्यास नदी के ऊफान में कैफे का केवल गेट ही बचा, बाकी सामान सहित सब कुछ बह गया. इसके साथ में शेड्स भी नदी में बह गए हैं. जानकारी के अनुसार, रात को आलू ग्राउंड में सब्ज़ी मंडी किसान भवन (एपीएमसी बिल्डिंग) में एपीएमसी का एक कर्मचारी दीप चंद (36, निवासी कटराई, कुल्लू भवन में फंस गया था. ब्यास नदी का पानी भवन के दोनों ओर भर गया, जिससे वह बाहर नहीं निकल पाया और बाद में पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. फिर हाइड्रा क्रेन और स्थानीय कर्मचारियों की मदद से दीप चंद को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इसी बीच मनाली-केलांग-लेह मार्ग पर समाहन के पास सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है. भूस्खलन और कटाव से कई जगहों पर यातायात बाधित हुआ है. प्रशासन ने कहा कि हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है और प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद की जा रही है. मनाली में ब्यास नदी की तबाही से लोगों में दहशत का माहौल है, वहीं प्रशासन ने अपील की है कि लोग नदी किनारे न जाएं और सावधानी बरतें. मनाली में होटल में फंसे ओम ठाकुर ने बताया कि वह टूअर लेकर स्पीति गए थे और फिर लौटते हुए तीन दिन से मनाली में फंसे हुए हैं. बीती रात से ही मनाली में बारिश हो रही है और ब्यास नदी पूरे ऊफान पर है. उधर, मनाली में ब्यास नदी के उफान और लगातार भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है. मनाली–कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-3) ढँकार के पास क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया. वहीं मनाली से कुल्लू तक राइट बैंक मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही रुक गई है. प्रशासन ने वाहनों को रायसन से लेफ्ट बैंक मार्ग होकर मनाली की ओर भेजना शुरू किया है, ताकि लोगों को राहत मिल सके. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से मनाली के कई इलाक़ों में भूस्खलन और जलभराव की घटनाएँ सामने आई हैं. कई जगहों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. पूर्व मंत्री और विधायक गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते मनाली लेह सड़क समाहण के पास पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है. वहीं, ओल्ड मनाली से बुरुआ सड़क संपर्क मार्ग भी टूट चुका है. अभी मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों के साथ स्थिति का जायजा लिया।व्यास नदी और मनालसु नाले का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ हुआ है. मेरी सभी लोगों से अपील है कि नदी-नालों के पास न जाएं और पूरी सतर्कता बरतें. माता हिडिंबा सबकी रक्षा करें. पानी की सप्लाई व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित मनाली में पानी की सप्लाई व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. नगर का मेन डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके कारण मनाली शहर में पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी. प्रशासन ने जानकारी दी है कि बहाल करने का काम तभी शुरू किया जाएगा जब मनालसु नाले का जलस्तर कम होगा. पुरानी मनाली पंपिंग स्टेशन पर हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है. जल विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि पानी का इस्तेमाल बेहद सावधानी और संयम के साथ करें, ताकि इस आपात स्थिति से निपटा जा सके. 2023 की याद दिलाने लगी ब्यास गौरतलब है कि 2023 में भी मनाली में भंयकर बारिश हुई थी और इस वजह से ब्यास नदी हाईवे पर आ गई थी. इस दौरान कुल्लू से मनाली तक ब्यास ने हाईवे को क्षति पहुंचाई थी.

मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी, जबलपुर-सागर समेत 22 जिलों में गिरेगा पानी, कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी

भोपाल साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से 28 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। अगले 48 घंटों में ग्वालियर, चंबल, सागर, उज्जैन एवं नर्मदापुरम संभाग में मौसम बदला रहेगा।आज सोमवार को 22 जिलों भारी से अति बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी जिलों में बिजली गिरने चमकने और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है। भिंड, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर और शिवपुरी में बाढ़ जैसे हालात बने हुए है। बता दे कि मध्य प्रदेश में इस सीजन में अब तक औसत 35.1 इंच बारिश हो चुकी है यानि 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 95% तक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने भोपाल-उज्जैन, जबलपुर-सागर समेत कुल 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में भारी बारिश होने का अनुमान है। इंदौर, भोपाल समेत अन्य जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। सोमवार को एक्टिव होगा नया वेदर सिस्टम     उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। इससे जुड़ा ऊपरी वायु परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊँचाई के साथ दक्षिण की ओर झुक रहा है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके पश्चिम-उत्तर- पश्चिम की ओर बढ़ने और उसके बाद धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।     वर्तमान में मानसून ट्रफ़ माध्य समुद्र तल पर बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, प्रयागराज, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, पुरुलिया, दीघा और फिर दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। पश्चिमी विक्षोभ माध्य समुद्र तल से 3.। और 9.6 किमी ऊपर एक द्रोणिका के रूप में बना हुआ है, जिसकी धुरी औसत समुद्र तल से 3. किमी ऊपर देशांतर 70* पूर्व से अक्षींश 28* उत्तर के उत्तर तक बनी हुई है।     एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रो में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है और ऊँचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झक रहा है। अगले 48 घंटों के दौरान ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से ट्रर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है जिससे मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। उमरिया में सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश प्रदेश में रविवार को 30 जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश उमरिया में हुई। इसके अलावा भोपाल, बैतूल, दतिया, गुना, ग्वालियर, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़,विदिशा, देवास, इंदौर, नर्मदापुरम, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, रीवा, सागर, हरदा, मंडला, मुरैना, श्योपुर, सतना, सीधी, टीकमगढ़, बालाघाट समेत कई जिलों में भी हल्की बारिश जारी रही। श्योपुर में गर्भवती को बोट से अस्पताल ले गए श्योपुर में गर्भवती महिला को बोट से अस्पताल भिजवाया गया। वहीं, सतना में निचली बस्तियों में पानी भर गया। तेज बारिश होने से नर्मदापुरम जिले के तवा डैम के गेट 5 फीट तक खोले गए। सिस्टम की एक्टिविटी से बारिश मौसम वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि रविवार को मानसून टर्फ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया की एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से उत्तरी हिस्से में तेज बारिश का दौर बना रहा। इसी प्रकार अगले 4 दिन तक कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। एमपी में अब तक 35.1 इंच बारिश प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 35.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 28.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 95 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है।

भरभराती बारिश: राजस्थान में तबाही, मुंबई की फ्लाइट्स भी प्रभावित

नई दिल्ली देश के अधिकतर राज्य इन दिनों मॉनसून के कहर से जूझ रहे हैं. पहाड़ी इलाकों से पानी नीचे आ रहा है, जो सब कुछ बहा ले जाने को तैयार है. वहीं मैदानी इलाकों की नदियां उफान पर हैं, जो बाढ़ की स्थिति पैदा कर रही हैं और सबकुछ डुबोने को तैयार हैं. पड़ोसी राज्य पाकिस्तान में भी बाढ़ के हालात हैं, जिसका असर जम्मू में देखने को मिल रहा है. जम्मू में हालात खराब जम्मू कश्मीर में बारिश और बाढ़ से नदियां उफान पर हैं. कई घर डूब गए हैं और रास्ते बंद हो गए हैं. कठुआ में हालात सबसे ज्यादा खराब है. यहां सैलाबी प्रहार से जबरदस्त तबाही मची है. महानपुर में एक पुराना प्राथमिक स्कूल की बिल्डिंग बारिश से बह गई. गनीमत ये है कि अब ये चालू हालात में नहीं था. हिमाचल में लैंडस्लाइड से भारी तबाही हिमाचल के अलग अलग शहरों में लैंडस्लाइड से भारी तबाही की खबर है. जगह जगह पहाड़ टूटने से सड़कों पर मलबा है. साथ ही बादल फटने से कई इलाके सैलाब की चपेट में हैं. उत्तरखंड के भी कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं. मौसम विभाग ने कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. हर्षिल में फिर भारी बारिश से तेलगाड नदी में उफान हर्षिल में फिर भारी बारिश से तेलगाड नदी उफान पर आ गई है, जिसके चलते पूरे बाजार और गांव को खाली कराया जा रहा है. भारी बारिश से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी में लगातार बड़े बोल्डर आने से भागीरथी का प्रवाह रुकने और झील का जलस्तर बढ़ने का खतरा है. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से होटलों, आवासीय भवनों, जीएमवीएन गेस्ट हाउस और पुलिस थाने को खाली कराया है. पंजाब में जबरदस्त सैलाब पंजाब के भी कुछ हिस्से बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं. पठानकोट और आसपास के इलाकों में जबरदस्त सैलाब की मार है. अलग अलग जगहों पर नदियां उफान पर हैं और लोगों की जिंदगी दांव पर है. राजस्थान में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश से 14 लोगों की जान गई है. प्रदेश सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ़ से जारी आंकड़ों के अनुसार इस मॉनसून में अब तक 91 लोगों की जान गई है और 51 लोग घायल हुए हैं जबकि 40 मकान गिरे हैं. वहीं 51 पशुओं की भी मौत हो गई है. राजस्थान में पिछले 24 घंटे में गई14 लोगों की जान रविवार को उदयपुर के गाँव में 4 बच्चे डूब कर मर गए हैं. वहीं झालावाड़ में कालीसिंध नदी पर घूमने आए दो लोग कार समेत बह गए. नागौर में मकान गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. डीडवाना में मकान ढहने 2 लोग दब गए, सुल्तानपुर में भी एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके अलावा बूँदी में एक व्यक्ति की डूबने से मौत हुई है.  राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार इस मॉनसून में आकाशीय बिजली गिरने से 24 लोगों की मौत हुई है और 16 लोग घायल हुए हैं जबकि पानी में बहने और डूबने से 44 लोग मरे हैं. दीवार गिरन से अबतक कुल 23 लोग मरे हैं और 35 लोग घायल हुए हैं. राजस्थान में आज भी भारी बारिश का अलर्ट है. सवाई माधोपुर में बारिश के तांडव से जल प्रलय सबसे ज्यादा प्रभावित राजस्थान के सवाई माधोपुर में बारिश के तांडव से पूरे इलाके में जल प्रलय से जैसे हालात हो गए हैं. यहां सड़कें डूबी हैं. लोगों के घर-अस्पताल-दुकान-स्कूल सब पानी में समा गए हैं. सीकर में भी अलसुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. भारी बारिश के चलते शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं. सीकर में पुलिस चौकी में भी भरा पानी जगह-जगह जलभराव के चलते आमजन को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सीकर के बस डिपो स्थित पुलिस चौकी भी पूरी तरह से बारिश के पानी से भर गई. चौकी के अंदर तक पानी भर जाने के कारण वहां रखे कई जरूरी दस्तावेज भी भीग गए, जिससे पुलिस कर्मचारियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. नवसारी में तीन लोग बाढ़ में फंसे गुजरात के नवसारी में भी ऊपरी इलाके में हुई बारिश के चलते मिंढोला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे तीन लोग बाढ़ में फंस गए. 24 घंटे से लापता लोगों की सूचना मिलते ही मरोली पुलिस के जवानों और गाँव के सरपंच समेत लोगों ने ड्रोन की मदद से खोज की तो तीनों लोग पानी के बीच सुरक्षित दिखाई दिए. बचाव अभियान चलाकर नाव की मदद से तीनों लोगों को सुरक्षित निकाला. मुंबई में फिर शुरू हुई बारिश मुंबई में भी एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. लोअर परेल, गांधी मार्केट समेत कई इलाके जलमग्न हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण हवाई यातायात भी प्रभावित हो रहा है, जिससे उड़ान संचालन में मामूली देरी हो रही है. इंडिगो ने इसके लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है.