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अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ का उत्सव, राजनाथ सिंह–योगी आदित्यनाथ ने टेका माथा

अयोध्या केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। उसके बाद राजनाथ सिंह सीएम योगी हनुमानगढ़ी के लिए रवाना हुए। राजनाथ सिंह करीब 1 बजे अंगद टीला पर संबोधित करेंगे। रामलला मंदिर में की पूजा अर्चना हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी राम मंदिर पहुंचे। दोनो नेताओं ने प्रतिष्ठा द्वादशी और राम लला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला की पूजा की। सीएम और रक्षा मंत्री यज्ञशाला में चल रहे अनुष्ठान में शामिल होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण करेंगे। इधर, प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश और दुनिया के कोने-कोने से आए श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर रहे हैं। जिसको देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा एवं स्वयंसेवकों की तैनाती की है।

भारत जो कहता है, वही बनता है वैश्विक एजेंडा: राजनाथ सिंह का बड़ा बयान

लखनऊ  देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राष्ट्र प्रेरणा स्थल के निर्माण के लिए बधाई देते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत की एकता और अखंडता के लिए लंबा संघर्ष किया और धारा 370 के विरोध में अपने प्राणों का बलिदान किया। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के इस सपने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत की आर्थिक और वैश्विक हैसियत अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच चुकी है। उन्होंने दावा किया कि देश में महंगाई दर एक प्रतिशत से नीचे है और विकास दर आठ प्रतिशत से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत क्या बोल रहा है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। राजनाथ सिंह ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव, गरीब और किसानों के लिए बड़े और निर्णायक फैसले किए हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा में पहले बड़े पैमाने पर धांधली होती थी, लेकिन अब व्यवस्था में पारदर्शिता लाई गई है। गांवों के विकास के लिए नए विधेयक के तहत अब 100 की जगह 125 दिनों का काम मिलेगा और स्थायी रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को याद करते हुए कहा कि एकात्म मानववाद और अंत्योदय का दर्शन आजाद भारत की सबसे बड़ी दार्शनिक अवधारणाओं में से एक है। दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम व्यक्ति की चिंता करते हुए जो विचार दिए, उन्हीं के आधार पर आज प्रधानमंत्री मोदी सरकार चला रहे हैं। उनका मानना था कि केवल धन से व्यक्ति सुखी नहीं हो सकता, बल्कि मान-सम्मान, शिक्षा और आत्मिक संतुलन भी उतना ही जरूरी है। रक्षा मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए उनके विनोदी स्वभाव का उल्लेख किया। उन्होंने अटल की पाकिस्तान यात्रा का किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक महिला पत्रकार ने उनसे मजाकिया अंदाज में शादी का प्रस्ताव रखते हुए कश्मीर मांगा था, जिस पर अटल ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया था कि वे तैयार हैं, लेकिन बदले में पाकिस्तान चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ाने वाले सबसे बड़े नेता हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री को अब तक 29 देशों के सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा जा चुका है। राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे राष्ट्रनायकों को सम्मान देना और उनकी विरासत को स्मरण करना प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है। यही कारण है कि इन तीनों महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने भारत को नई पहचान दी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया। 

लखनऊ में शानदार प्रेरणा स्थल स्थापित कराने पर राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी बधाई

लखनऊ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एक दशक में देश जिन मंत्रों के साथ आगे बढ़ा है, उनमें ‘अपने महापुरुषों-विरासत पर गौरव की अनुभूति करना, उनका सम्मान व संरक्षण करना’ भी है जिसे पीएम मोदी ने दिया है। इस सोच से प्रभावित होकर राष्ट्र प्रेरणा स्थल में भारत के तीन ऐसे महापुरुषों (पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय व अटल बिहारी वाजपेयी) की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जो प्रेरणा के मूर्त स्वरूप हैं। इन्होंने आजाद भारत को सम्मान, स्वाभिमान व नई पहचान दिलाने का कार्य किया। रक्षा मंत्री ने प्रख्यात मूर्तिकार रामसुतार के प्रति श्रद्धांजलि और दो प्रतिमा बनाने वाले मांटू राम के प्रति सम्मान प्रकट किया। रक्षा मंत्री ने शानदार प्रेरणा स्थल यूपी की राजधानी लखनऊ में स्थापित करने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी।  डॉ मुखर्जी, पं. दीनदयाल व अटलजी के साथ महामना का भी स्मरण  रक्षा मंत्री ने पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रति श्रद्धा निवेदित की। उन्होंने पं. महामना मदन मोहन मालवीय का भी स्मरण किया। कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारत की एकता व अखंडता को सुनिश्चित करने के लिए लंबा संघर्ष किया। जम्मू-कश्मीर को धारा-370 के तहत विशेष दर्जा मिला था, उसे समाप्त करने के लिए डॉ. मुखर्जी ने प्राणों की आहुति दी। पीएम मोदी ने आजाद भारत ने उनके संकल्प को पूरा किया। पं. दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद व अंत्योदय का विचार प्रस्तुत किया था। उन्होंने जो विचारधारा दी, उसी आधार पर पीएम मोदी सशक्त, स्वाभिमानी व स्वावलंबी भारत बनाने के लिए सतत प्रयत्नशील हैं। पं. उपाध्याय का मानना था कि व्यक्ति के मान, सम्मान व स्वाभिमान की भी चिंता की जानी चाहिए। रक्षा मंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के दर्शन का सार बताते हुए कहा कि तन के सुख के लिए धनधान्य, मन के सुख के लिए मान, सम्मान व स्वाभिमान, बुद्धि के सुख के लिए ज्ञान और आत्मा के सुख के लिए भगवान चाहिए। पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार गरीब कल्याण की प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त कर रही है तो उसके पीछे हमारी प्रेरणा पं. दीनदयाल उपाध्याय हैं।  भारतीय राजनीति, समाज, संस्कृति के विकास में अटल जी का योगदान अतुलनीय  रक्षा मंत्री ने कहा कि लखनऊ संसदीय क्षेत्र के लोग पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से घुले-मिले थे। सभी उनके विनोदी स्वभाव से परिचित हैं। रक्षा मंत्री ने अटल जी के पाकिस्तान दौरे से जुड़ी घटना सुनाते हुए उनकी हाजिर जवाबी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति, समाज, संस्कृति के विकास में अटल जी का योगदान अतुलनीय है।  गांव, गरीब, किसानों के लिए काम कर रहे मोदी रक्षा मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने गांव, गरीब, किसानों के लिए बड़ा काम किया है। पहले मनरेगा में तरह-तरह की धांधली होती थी, उसके स्थान पर जी राम जी के नाम पर संसद में नया विधेयक पारित किया है। पहले श्रमिकों को 100 दिन का काम मिलता था, अब 125 दिन का काम मिलेगा। साथ ही गांवों में स्थानीय बुनियादी ढांचों का विकास भी होगा।  पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास की नई बुलंदियों की तरफ बढ़ रहा भारत  रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास की नई बुलंदियों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार महंगाई की दर एक फीसदी के नीचे गई है। पीएम मोदी के शासनकाल में 8 फीसदी से अधिक की विकास दर दिख रही है। पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत बोल क्या रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष/केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद व पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

कुरुक्षेत्र में राजनाथ सिंह का दौरा: ब्रह्म सरोवर हवन और हरियाणा पवेलियन का उद्घाटन

 कुरुक्षेत्र  अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के पावन अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कुरुक्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने पवित्र ब्रह्म सरोवर पर तीर्थ पूजन किया। मंत्रोच्चारण और शंखनाद के बीच उन्होंने सरोवर के तट पर पूजन-अर्चना की, जो इस धार्मिक-सांस्कृतिक उत्सव की शुरुआत का प्रतीक बना।  इसके बाद, मंत्री महोदय ने हवन यज्ञ में आहुति देकर सभी को गीता के उपदेशों से प्रेरित होने का संदेश दिया। गीता महोत्सव के तहत आयोजित इस भव्य हवन यज्ञ में सैकड़ों भक्तों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भगवद्गीता की शिक्षाएं न केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन देती हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गीता के संदेश को अपनाकर देश की सेवा में तत्पर रहें। हरियाणा पवेलियन का किया औपचारिक उद्घाटन इसके अलावा, रक्षा मंत्री ने हरियाणा पवेलियन का औपचारिक उद्घाटन किया, जो महोत्सव का प्रमुख आकर्षण है। यह पवेलियन हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कृषि, उद्योग और पर्यटन को प्रदर्शित करता है। उद्घाटन समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्थानीय विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। पवेलियन में लगे स्टॉल्स पर राज्य की हस्तकला, पारंपरिक व्यंजन और गीता से जुड़ी प्रदर्शनियां आकर्षण का केंद्र बनीं। अंबाला में मंत्री अनिल विज ने किया रक्षा मंत्री का स्वागत  बता दें कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सोमवार सुबह अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे। यहां उनका हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री  अनिल विज ने गर्मजोशी से स्वागत किया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सुबह दिल्ली से विशेष विमान से अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से अंबाला से कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए।   

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान: S-400 खरीद और 50,000 करोड़ का हथियार निर्यात लक्ष्य

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत अपनी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा और आने वाले समय में रूस से और एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदेगा. इसी साल मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 डिफेंस सिस्टम ने अपनी ताकत दिखाई थी. इस डिफेंस सिस्टम के बदले भारत ने पाकिस्तानी क्षेत्र में सैकड़ों किमी भीतर जाकर उसके लड़ाकू विमानों को मार गिराया था. एस-400 की इस सफलता के बाद से इस डिफेंस सिस्टम की दुनिया में चर्चा होने लगी. भारत ने 2018 में रूस के साथ पांच एस-400 डिफेंस सिस्टम की डील की थी. इसमें से तीन सिस्टम भारत को मिल चुके हैं. इस पुरानी डील के दो सिस्टम की डिलिवरी में यूक्रेन युद्ध के कारण देरी हो रही है. इस बीच भारत ने अपने आसमान को और सुरक्षित बनाने के लिए और एस-400 सिस्टम खरीदने की बात कही है. 50 हजार करोड़ के निर्यात का लक्ष्य  राजनाथ सिंह ने रूस से और एस-400 डिफेंस सिस्टम खरीदने की बात कही. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत आज 25000 करोड़ रुपये का एर्म्स एक्सपोर्ट कर रहा है और उसका लक्ष्य इसको बढ़ाकर 50 हजार करोड़ रुपये करने का है. सिंह ने  कहा कि देसी न्यूक्लियर सबमरीन प्रोजेक्ट में थोड़ा समय लग रहा है लेकिन इसमें बहुत अधिक देरी नहीं हुई है. इसमें हम अच्छी प्रगति कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य आने वाले वक्त में हथियारों को लेकर किसी अन्य देश पर निर्भर रहने की नहीं है. हम आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं. उन्होंने एक अन्य सवाल पर कहा कि थिएटराइजेशन की दिशा में अच्छी प्रगति हो रही है. उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन त्रिशूल एक रूटीन एक्सरसाइज है. भारत इस वक्त ऑपरेशन त्रिशूल चला रहा है. नए S-400 पर दिसंबर में डील हो सकती है भारत रूस से कुछ और S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीद सकता है। ऐसे पांच सिस्टम्स की डील पहले ही हुई थी, जिनमें से 3 भारत को मिल चुके हैं। चौथे स्क्वाड्रन की डिलीवरी रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण रुकी हुई है। नई डील इनके अलावा होगी। न्यूज एजेंसी PTI के सोर्स के मुताबिक, दिसंबर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के समय डील पर बातचीत हो सकती है। भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ 5 अरब डॉलर का समझौता किया था। उस समय अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि इस सौदे को आगे बढ़ाने पर वह CAATSA कानून के तहत भारत पर पाबंदी लगा सकता है। भारत S-500 मिसाइल सिस्टम खरीदने पर भी विचार कर रहा है। S-400 और S-500 दोनों ही मॉडर्न मिसाइल सिस्टम हैं। इनका इस्तेमाल एयर डिफेंस और दुश्मन के हवाई हमलों से बचने के लिए किया जाता है। एयर चीफ मार्शल बोले थे- भारत जरूरत के हिसाब से सिस्टम खरीदेगा हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने और S-400 खरीदने के सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था- भारत के पास अभी तीन स्क्वाड्रन इसी ऑपरेशन के साथ S-400 का कॉम्बैट डेब्यू भी हो गया. हलांकि भारत ने रूस से कुल 5 यूनिट्स की डील की थी, लेकिन अब तक केवल तीन स्क्वाड्रन ही भारतीय वायुसेना को मिल पाई हैं. पहली स्क्वाड्रन – दिसंबर 2021 में मिली तो दूसरी स्क्वाड्रन – अप्रैल 2022 में और तीसरी फरवरी 2023 में मिली हैं. ये स्क्वाड्रन क्रमशः आदमपुर (पंजाब), पूर्वी सेक्टर और पश्चिमी सेक्टर में तैनात की गई हैं. सूत्रों के मुताबिक चौथी यूनिट 2026 में और अंतिम पांचवी यूनिट 2027 तक भारत को मिलने की संभावना है. अगर एस-400 की खासियतों की बात करें तो यह 600 किलोमीटर तक दुश्मन की आसमानी गतिविधियों पकड़ने की क्षमता रखता है . साथ ही यह सिस्टम एक साथ 100 से अधिक लक्ष्यों पर नज़र रख सकता है. रूस से और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदेगा भारत, ऑपरेशन सिंदूर में पाक को चटाई थी धूल भारत ने 2018 में इस सौदे पर 39,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे. अब एस-400 की बची हुई दो स्क्वाड्रन की तैनाती के बाद भारत की वायु रक्षा क्षमता और भी अभेद्य हो जाएगी. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 ने दिखाई अपनी ताकत एस-400 एक पावरफुल वेपन सिस्टम है, जो दुश्मन के हमने से बचाव कर उसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए जबरदस्त हमला भी करता है. इस लिहाज से देश के लिये S-400 वेपन सिस्टम काफी जरूरी हो जाता है. भारत ने साल 2018 में चीन और पाकिस्तान की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए रूस से लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम S-400 खरीदने का बड़ा निर्णय लिया था. यह फैसला ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरी तरह सही साबित हुआ, जब पाकिस्तान के हवाई हमलों को भारत की एस-400 बैटरी ने आसमान में ही नष्ट कर दिया था. भारत के पास अभी तीन स्क्वाड्रन इसी ऑपरेशन के साथ S-400 का कॉम्बैट डेब्यू भी हो गया. हलांकि भारत ने रूस से कुल 5 यूनिट्स की डील की थी, लेकिन अब तक केवल तीन स्क्वाड्रन ही भारतीय वायुसेना को मिल पाई हैं. पहली स्क्वाड्रन – दिसंबर 2021 में मिली तो दूसरी स्क्वाड्रन – अप्रैल 2022 में और तीसरी फरवरी 2023 में मिली हैं. ये स्क्वाड्रन क्रमशः आदमपुर (पंजाब), पूर्वी सेक्टर और पश्चिमी सेक्टर में तैनात की गई हैं. सूत्रों के मुताबिक चौथी यूनिट 2026 में और अंतिम पांचवी यूनिट 2027 तक भारत को मिलने की संभावना है. अगर एस-400 की खासियतों की बात करें तो यह 600 किलोमीटर तक दुश्मन की आसमानी गतिविधियों पकड़ने की क्षमता रखता है . साथ ही यह सिस्टम एक साथ 100 से अधिक लक्ष्यों पर नज़र रख सकता है. 400 किलोमीटर की दूरी तक वार की क्षमता एस-400 की मदद से 400 किलोमीटर की दूरी से ही दुश्मन के एयर एसैट्स को गिराने की क्षमता रखता है. एस-400 बॉम्बर, फाइटर जेट, ड्रोन, अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट और बैलिस्टिक मिसाइल तक को ध्वस्त कर सकता है . इसमें मल्टी-रेंज मिसाइलें तैनात होती हैं. एस-400 की एक रेजिमेंट में 8 लॉन्च व्हीकल होते है . प्रत्येक में 4 मिसाइल ट्यूब यानी 32 मिसाइलों के साथ-साथ कमांड-एंड-कंट्रोल और एडवांस राडार भी होता है. 2018 में भारत ने 39 हजार करोड़ रुपए में किया था डील भारत ने 2018 में … Read 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ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ ट्रेलर था! अब भारत की असली ताकत का संकेत, राजनाथ सिंह बोले

नई दिल्ली  केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर को लेकर शनिवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत की सैन्य ताकत अब उस मुकाम पर पहुंच चुकी है जहां विजय एक आदत बन गई है। राजनाथ ने लखनऊ में सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि विजय अब हमारे लिए छोटी घटना नहीं है। विजय हमारी आदत बन चुकी है।' भारतीय सशस्त्र बलों की सटीकता और तत्परता की प्रशंसा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के विरोधी अब देश की मिसाइल क्षमताओं से बच नहीं सकते। राजनाथ सिंह ने कहा, 'देश को भरोसा है कि हमारे विरोधी अब ब्रह्मोस से बच नहीं पाएंगे। पाकिस्तान का हर इंच अब हमारी ब्रह्मोस मिसाइल की पहुंच में है।' उन्होंने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की घटनाएं भारत की क्षमताओं का केवल एक छोटा सा नमूना हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में जो हुआ, वह सिर्फ एक ट्रेलर था। उन्होंने कहा, 'ट्रेलर ने ही पाकिस्तान को अहसास करा दिया कि अगर भारत ने पाकिस्तान को जन्म दिया तो मुझे यह बताने की जरूरत नहीं कि वह और क्या कर सकता है।' ब्रह्मोस मिसाइलों की खेप को दिखाई हरी झंडी रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के ब्रह्मोस एयरोस्पेस केंद्र में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ब्रह्मोस एयरोस्पेस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम का निर्माता है। राजनाथ सिंह ने बताया कि ब्रह्मोस टीम ने केवल एक महीने में दो देशों के साथ लगभग 4,000 करोड़ रुपये के करार किए हैं। उन्होंने कहा, 'आने वाले वर्षों में हम अन्य देशों के विशेषज्ञों को लखनऊ में आते देखेंगे, जिससे यह शहर ज्ञान का केंद्र और रक्षा प्रौद्योगिकी में अग्रणी बनेगा। अगले वित्तीय वर्ष से ब्रह्मोस की लखनऊ यूनिट का टर्नओवर लगभग 3,000 करोड़ रुपये होगा और जीएसटी संग्रह 5,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष होगा।'  

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रमों में रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुक्त कंठ से की प्रशंसा

विगत 8 वर्षों में किए गए कार्यों से यूपी ने दिखाया कि वो देश का ग्रोथ इंजन बनने की ओर अग्रसर हैः रक्षा मंत्री प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर सुधार और निवेशकों का विश्वास लौटाने के लिए सीएम योगी की थपथपाई पीठ लखनऊ,  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में शनिवार को ब्रह्मोस मिसाइलों के प्रथम बैच के फ्लैग ऑफ और पीटीसी इंडस्ट्रीज के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। अपने वक्तव्य में राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व और विकासशील नीतियों की खुलकर सराहना की, जिससे प्रदेश की पहचान निवेश, सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। उन्होंने खासकर प्रदेश के लॉ एंड ऑर्डर में हुए बड़े सुधार को रेखांकित करते हुए इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबसे बड़ी उपलब्धि करार दिया। योगी के नेतृत्व में यूपी में फिर लौटा विश्वास ब्रह्मोस मिसाइलों के फ्लैग ऑफ समारोह में राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का विशेष आभार व्यक्त करना चाहता हूं, जिन्होंने इस परियोजना के लिए हर संभव सहयोग और समर्थन दिया। उन्होंने लखनऊ में हुए परिवर्तन और निवेशकों का भरोसा लौटाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि कभी उत्तर प्रदेश की पहचान गुंडाराज और बिगड़े हुए लॉ एंड ऑर्डर से की जाती थी। लोग डर के माहौल में रहते थे और निवेशक यहां आने से कतराते थे। पर आज, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में यह स्थिति बदल चुकी है। उनके दृढ़ नेतृत्व और नीतिगत निर्णयों ने प्रदेश में विश्वास लौटाया है। राजनाथ सिंह ने ब्रह्मोस फैसिलिटी की स्थापना में मुख्यमंत्री के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह ब्रह्मोस केवल हमारी सशस्त्र सेनाओं की शक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह बताता है कि आज का उत्तर प्रदेश किसी भी चुनौती को संभालने के लिए तैयार है। इस फैसिलिटी की स्थापना में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग की जितनी सराहना की जाए कम है। अब उत्तर प्रदेश पहले जैसा नहीं रहा पीटीसी इंडस्ट्रीज के भ्रमण कार्यक्रम और टाइटेनियम और सुपर एलॉय प्लांट के शुभारंभ के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि लगभग 8-10 साल पहले, यह सोचना भी कठिन था कि उत्तर प्रदेश इस तरह के इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन का नेतृत्व करेगा। इसके लिए सारी सुविधाएं और माहौल बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी जी ने जो प्रयास किए हैं, उसके लिए उनकी भूरि भूरि प्रशंसा करता हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की पहल और इंडस्ट्री-फ्रेंडली पॉलिसी ने प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर मजबूत किया और निवेशकों का भरोसा लौटाया। आज आप किसी से भी पूछिए कि सबसे बेहतर लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था किस स्टेट की है तो सबसे पहले उत्तर प्रदेश का नाम आएगा। सब मानते हैं कि उत्तर प्रदेश पहले जैसा नहीं रहा है और इसका पूरा श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। सीएम योगी में विकास की एक नई सोच रक्षा मंत्री ने विकास की नई सोच और निवेशकों को आकर्षित करने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के योगदान को भी हाईलाइट किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अंदर विकास की एक नई सोच भी है और विकास करने की जो तड़पन और अकुलाहट चाहिए वो भी उनके अंदर देखने को मिलती है। देश और विदेश से इन्वेस्टर्स यहां आकर फैक्ट्री, आईटी हब्स और रिसर्च सेंटर खोल रहे हैं। लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गोरखपुर, बनारस हर शहर में आज विकास की एक नई कहानी लिखी जा रही है। राजनाथ सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और प्रदेश में निवेश का माहौल मुख्यमंत्री योगी जी के नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले जब उत्तर प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हुई थी तब किस उत्साह के साथ इन्वेस्टर्स ने हिस्सा लिया था उससे साफ था कि उत्तर प्रदेश अब देश का ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है। इसी माहौल का असर है कि पीटीसी इंडस्ट्रीज ने लखनऊ को अपने प्रोजेक्ट के लिए चुना।

विस्तारित होगा बिलासपुर एयरपोर्ट: CM साय और केंद्रीय मंत्री ने राजनाथ सिंह से की चर्चा

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट, चकरभाठा (बिलासपुर) के विस्तारीकरण से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की. इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री और बिलासपुर के सांसद तोखन साहू भी शामिल रहे. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय राज्य मंत्री साहू ने रक्षा मंत्रालय के अधीन लगभग 100 एकड़ भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया, जिससे बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की दिशा में निर्णायक प्रगति हो सके. दोनों नेताओं ने बताया कि भूमि उपलब्ध होने पर एयरपोर्ट के विस्तार कार्य को प्राथमिकता के साथ प्रारंभ किया जाएगा, जिससे बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में हवाई संपर्क, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी. यह क्षेत्र राज्य के मध्य भाग में स्थित होने के कारण भौगोलिक रूप से रणनीतिक महत्व रखता है. इस कारण से बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट का विकास न केवल यात्रियों की सुविधा, बल्कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति और निवेश आकर्षण के लिए भी आवश्यक माना जा रहा है. बैठक में एयरपोर्ट परिसर के समीप ‘इंडस्ट्रियल पार्क’ विकसित करने की संभावनाओं पर भी सकारात्मक विमर्श हुआ, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन और उद्योगों के लिए बेहतर लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके.

PoK के भारत में शामिल होने का ऐतिहासिक मौका, ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत पर राजनाथ की चेतावनी

नई दिल्ली भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर का दूसरा या तीसरा चरण कभी भी शुरू हो सकता है। यदि पाकिस्तान ने आतंकी हमले कराने या फिर घुसपैठिये भेजने की हिमाकत की तो भारत दोबारा ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने से हिचकेगा नहीं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मोरक्को में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी PoK को लेकर भी बड़ी बात कही। राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर एक दिन भारत का हिस्सा बनेगा और इसके लिए जंग की भी जरूरत नहीं है। राजनाथ सिंह ने कहा कि यदि पाकिस्तानी आतंकियों ने फिर कोई हमला किया तो हम ऑपरेशन सिंदूर तत्काल शुरू करेंगे। राजनाथ सिंह ने यह बताने से इनकार कर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर में कितने पाकिस्तानी आतंकी ढेर किए गए थे। उन्होंने कहा कि यदि हमने आंकड़ा बताया तो लोग खुशी से नाचने लगेंगे। उन्होंने कहा कि एक दिन पीओके भारत का हिस्सा होगा और उसके लिए जंग की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी तैयारी का स्तर यह है कि पहलगाम आतंकी हमले के अगले ही दिन एक मीटिंग बुलाई गई थी। इस मीटिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, रक्षा सचिव, तीनों सेनाओं के प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ मौजूद थे। इस दौरान मैंने पूछा कि क्या अभी जंग छिड़ जाए तो हम उसके लिए तैयार हैं। इस पर सभी सेना प्रमुखों ने कहा कि हम एकदम तैयार हैं। किसी भी वक्त जंग शुरू की जा सकती है। डिफेंस मिनिस्टर ने कहा कि इसके बाद मैं अगले दिन पीएम नरेंद्र मोदी से मिला। उन्होंने मीटिंग के दौरान तीन सेनाओं को अधिकृत किया कि वे जैसा चाहें ऐक्शन ले सकते हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि इसके बाद क्या हुआ, यह हम जानते ही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान के अंदर 100 किलोमीटर तक घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया। इसके अलावा जैश-ए-मोहम्मद के ही एक आतंकी सरगना ने माना कि इन हमलों में मसूद अजहर का परिवार ही मारा गया। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच अंतर यह है कि वे धर्म देखकर हमले करते हैं, लेकिन हमारी तरफ से ऐसा नहीं किया जाता। हम आतंकियों को टारगेट करते हैं।

ट्रंप टैरिफ पर बोले राजनाथ सिंह- रिश्तों में स्थायित्व नहीं, हालात तय करते हैं रुख

नई दिल्ली  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि डिफेंस सेक्टर में भारत के लिए आत्मनिर्भर होना बेहद आवश्यक है और इसके लिए देश किसी विदेशी आपूर्ति पर निर्भर नहीं रह सकता। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय आयात पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं है। उन्होंने कहा, 'कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता, केवल हित स्थायी होते हैं। वैश्विक स्तर पर अभी व्यापार के लिए युद्ध जैसी स्थिति है।' उन्होंने कहा कि विकसित देश तेजी से संरक्षणवादी हो रहे हैं, लेकिन भारत अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार हवाई सुरक्षा प्रणाली सुदर्शन चक्र के तहत अगले 10 वर्षों में देशभर के सभी अहम स्थलों को पूरी तरह हवाई सुरक्षा मुहैया कराने की योजना बना रही है। एनडीटीवी डिफेंस समिट में अपने संबोधन में सिंह ने कहा कि एक ऐसी सुरक्षा प्रणाली तैयार की जा रही है, जो दुश्मन के किसी भी हमले से बचाव करने और उसका जवाब देने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा, 'जैसा कि हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखा आज की लड़ाइयों में हवाई सुरक्षा की अहमियत बहुत बढ़ गई है। ऐसे में सुदर्शन चक्र मिशन एक बड़ा बदलाव लाने वाला साबित होगा।' एयर डिफेंस प्रोजेक्ट की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में इस एयर डिफेंस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। यह ऐलान पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की ओर से भविष्य में दोनों देशों के बीच किसी भी सैन्य टकराव की स्थिति में सीमा पर भारतीय संपत्तियों को निशाना बनाने के संकेतों के कुछ दिन बाद हुई थी। राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलते वैश्विक हालात ने यह साफ कर दिया है कि अब रक्षा क्षेत्र में बाहरी देशों पर निर्भर रहना कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, 'आज की स्थिति में आत्मनिर्भरता हमारी अर्थव्यवस्था और सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है।' आर्थिक ढांचे की सुरक्षा पर भी बयान रक्षा मंत्री ने कहा, 'आज रक्षा क्षेत्र केवल राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव नहीं है, बल्कि यह हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और उसके भविष्य को सुरक्षित करने का एक प्रमुख आधार भी बन गया है।' उन्होंने कहा कि यह केवल लोगों की सुरक्षा, जमीन की हिफाजत या सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे पूरे आर्थिक ढांचे की सुरक्षा और स्थिरता की जिम्मेदारी भी निभा रहा है। रक्षा मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण को संरक्षणवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का संबंध संरक्षणवाद से नहीं है, बल्कि यह हमारी संप्रभुता, राष्ट्रीय स्वायत्तता और आत्मविश्वास का मुद्दा है।'