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यमुनानगर में किसान सड़क खराब होने से भड़के, स्टेट हाईवे जाम और सरकार के खिलाफ नारेबाजी

यमुनानगर  यमुनानगर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे से लेकर दामला तक टूटी सड़क को लेकर भारतीय किसान यूनियन (रतनमान) के बैनर तले किसानों ने आज जाम लगा दिया। किसानों का जाम करीब 30 मिनट से लगा हुआ है। किसान सड़क पर बैठे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।  इस दौरान किसानों से बात करने के लिए एसडीएम जगाधरी विश्वनाथ व रादौर डीएसपी आशीष चौधरी बात करने के लिए मौके पर पहुंचे। लेकिन किसान उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। अधिकारी सड़क की अस्थायी मरम्मत करने का आश्वासन देने में लगे हैं। जाम लगने से यमुनानगर-कुरुक्षेत्र मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। फिलहाल जाम खोलने को लेकर किसानों व अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है। भाकियू के जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि दामला से लेकर यमुनानगर जाते हुए पंचकूल हाईवे तक करीब एक किलोमीटर तक सड़क की हालत बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है। सड़क पर इतने बड़े गड्ढे हैं कि उनसे निकलना मुश्किल हो गया है। बारिश होने पर गड्ढों में पानी भरने से परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है। रोजाना गड्ढों की वजह से कोई न कोई चोटिल हो रहा है। सड़क को ठीक करने के लिए किसानों नेताओं ने बहुत पहले अधिकारियों को सड़क को ठीक करने का निवेदन किया था। परंतु हर बार अधिकारी अनदेखी करते रहे। जिस पर किसानों ने गत सप्ताह चेतावनी दी थी कि यदि सड़क ठीक नहीं हुई तो वह जाम लगाएंगे। इसलिए आज किसानों ने दामला में सड़क पर जाम लगा दिया। जाम के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इससे पहले पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन ने गत वर्ष 15 अगस्त तक वह सड़क को पूरी तरह से ठीक करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मौके पर कुछ नहीं हुआ। मौके पर किसान नेता प्रदीप नगला, दीप राणा नंबरदार, मान सिंह मजाफत, महेंद्र कांबोज, चमरोड़ी, यादविंद्र कांबोज जयपुर, सुभाष शर्मा, सतपाल मानकपुर, जसवीर नंबरदार, स. सुखदेव सिंह, अशोक डांगी, कुलविंद्र सिद्धू, रविंद्रपाल, सुभाष हरतौल समेत अन्य उपस्थित रहे।

देश की खूबसूरत लाल सड़क पर संकट, जानवरों की सुरक्षा में चोरों का हस्तक्षेप, एलईडी साइन बोर्ड और फेंसिंग चोरी

जबलपुर  नेशनल हाईवे-12 वाइल्डलाइफ प्रोटक्शन के लिए की गई रेड कलर की टेबल टॉप रेड मार्किंग की वजह से चर्चा में है. देश के कई इलाकों से इस तरह के सड़क बनाने के लिए जबलपुर नेशनल हाईवे अथॉरिटी के पास इंक्वारी भी आई है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी का कहना है कि, उनका यह प्रयोग सफल रहा है, लेकिन वे अब चोरों से परेशान हैं, क्योंकि चोर सड़क पर लगे एलईडी साइन बोर्ड चुरा रहे हैं. सड़क किनारे लगी लोहे की जाली को भी कई जगह चुरा लिया गया है. एक बार फिर चर्चाओं में लाल सड़क जबलपुर से भोपाल तक के लिए नेशनल हाईवे 12 बनाया गया है. यह सड़क लगभग 300 किलोमीटर लंबी है. इस हाईवे का लगभग 12 किलोमीटर का क्षेत्र नौरादेही टाइगर रिजर्व से होकर गुजरता है. इसी में से लगभग 2 किलोमीटर इलाके में टेबल टॉप रेड मार्किंग की गई है, जिसकी वजह से यह सड़क चर्चा में बनी हुई है. इस 2 किलोमीटर इलाके में लाल कलर के बड़े-बड़े निशाना बनाए गए हैं. यह लगभग 2 मिलीमीटर मोटे हैं. देश के कई इलाकों से आई इंक्वायरी नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारी अमृतलाल साहू का कहना है, "हमारा यह प्रयोग पूरे भारत में सराहा जा रहा है. इस सड़क के बनने के बाद देश के कई इलाकों से इसी तरह की सड़क बनाने के लिए जानकारियां मांगी गईं हैं. चेन्नई और पंजाब के सड़क निर्माण से जुड़े अधिकारियों ने इस निर्माण कार्य की जानकारी ली है. वाइल्डलाइफ प्रोटक्शन के लिए पहला प्रयोग अमृतलाल साहू ने बताया, "यह आइडिया पूरी दुनिया में नया है. हालांकि, सड़कों पर लाल कलर कई जगह पर लगाया जाता है. दुबई में कुछ सड़कें ऐसी हैं, जहां वाहनों की गति धीमी करने के लिए पूरी सड़क को ही लाल कर दिया जाता है. हालांकि, यह लंबाई मात्र 100 मीटर तक होती है. इसी तरह साइकिल ट्रैक बनाने के लिए भी सड़क लाल की जाती है, लेकिन वन्यजीवों के संरक्षण के लिए सड़क पर टेबल टॉप रेड मार्किंग पहली बार की गई." बीते 1 साल में एक भी जानवर की नहीं हुई मौत अमृतलाल साहू ने बताया कि "हमारा यह प्रयोग सफल रहा है. सड़क पर केवल लाल कलर के निशान ही नहीं बनाए गए हैं, बल्कि इस सड़क में जंगल के पूरे इलाके में तार की फेंसिंग भी की गई है. 25 जगह पर जानवरों को सड़क पार करने के लिए अंडरपास भी बनाए गए हैं. जब इस सड़क पर यह सभी सुविधाएं नहीं थी, तो 2 साल में लगभग 300 जानवरों की एक्सीडेंट से मौत हुई थी, लेकिन इस कार्य के पूरे हो जाने के बाद बीते 1 साल में कोई भी जानवर सड़क दुर्घटना से इस क्षेत्र में नहीं मरा है." चोरों से परेशान नेशनल हाईवे अथॉरिटी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने इस सड़क को अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से तैयार किया था, इसलिए सड़क पर कई जगह पर एलईडी साइन बोर्ड लगाए गए थे. टेबल टॉप रेड मार्किंग पर लगे उपकरणों की वजह से जानवरों की मौतों में बहुत गिरावट आई है, लेकिन अब ये उपकरण चोरों के निशाने पर हैं. अमृतलाल साहू ने बताया कि "वे चोरों से बहुत परेशान हैं. हाईवे से कई एलईडी साइन बोर्ड चोरी कर लिए गए, कुछ जगह पर वायर फेसिंग भी चोरी हो गई. इस सड़क पर हमने रखवाली के लिए पेट्रोलिंग गाड़ी रखी है, लेकिन इतनी लंबी सड़क की पूरे समय सुरक्षा नहीं की जा सकती. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने चोरों के खिलाफ थाने में शिकायत भी करवाई है."

सीसी सड़क निर्माण में घोटाला! घुघरी जनपद की इमली टोला पंचायत में जवाबदेही नहीं

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी CC सड़क, बोल्डर डाल कर दी ढलाई गुणवत्ताविहीन सामग्री का किया उपयोग, ग्रामीणों ने सरपंच सचिव पर लगाए गंभीर आरोप घुघरी जनपद आने वाली पंचायत इमली टोला में सीसी सड़क निर्माण में जमकर हो रहा भ्रष्टाचार… जवाबदार मौन घुघरी आदिवासी बाहुल्य जिले में लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नाम पर हो रहे निर्माण कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामले आए दिन उजागर हो रहे हैं फिर चाहे भवन, पुलिया निर्माण के मामले हो, या फिर सीसी सड़क निर्माण किए जाने के मामले हो लेकिन जिले में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और  सुस्त रवैया के चलते भ्रष्टाचार्यों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैंऔर सरपंच सचिव एवं जनपद में बैठे जवाबदारों की मिली भगत से जम कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है  जिसका सीधा खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पढ़ रहा है ऐसा ही मामला जनपद पंचायत घुघरी अंतर्गत ग्राम पंचायत इमलीटोला के पोषक ग्राम भोका देवरी का सामने आया है जहां पांचवा वित्त मद से 3 लाख 21 हजार रूपये की लागत से मेनरोड से मुरली के घर तक सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें बिना समतलीकरण के बोल्डर  डाल कर सीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है वहीं ग्रामीणों का कहना है . सरपंच, सचिव के द्वारा बोल्डर के ऊपर सीसी रोड का निर्माण कार्य कराया गया है जिसमें नियमों को ताक में रखकर भ्रष्टाचार के उद्देश्य से पूरी तरह गुणवत्ताहीन सी सी सड़क  बनाई जा रही है वही ग्रामीणों का आरोप है कि सीसी रोड का निर्माण कार्य कराया जा रहा है जहां बड़े-बड़े बोल्डर के ऊपर से ही सीसी रोड की ढलाई करा दी गई है जिससे सीसी रोड का समय से पूर्व ही टूटने की संभावना बनी हुई है जो की ग्राम विकास में क्षति है अगर गुणवत्तापूर्ण सीसी रोड बनाया जाता तो रोड अपने समय सीमा तक चल सकता था।अगर सी सी सड़क समय से पूर्व ही क्षतिग्रस्त हो जाएगा ऐसे में ग्रामीणों को आवाजाही में समस्या होगी।वही ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ऐसा लगता है की विकासखंड घुघरी के इंजीनियर एसडीओपी सीईओ साहब पंचायत को बढ़ावा दे रहे हैं ताकि परसेंट मिल सके अब देखना यह है कि प्रशासन कार्रवाई करता है या फिर भ्रष्टाचार पर चुप्पी साधे रहता है।

सिक्सलेन और फोरलेन ब्रिज का विस्तार, राजधानी में यात्रा की सुविधा बढ़ेगी

भोपाल  भोपाल में कोलार सिक्सलेन से केरवा डैम के बीच अब केरवा नदी बाधा नहीं बनेगी। पीडब्ल्यूडी कोलार रोड पर इनायतपुर के पास केरवा नदी पर चार लेन नया ब्रिज (New fourlane Bridge) बना रहा है। इसके लिए फरवरी में एजेंसी तय कर दी जाएगी। अगले डेढ़ माह में काम शुरू होगा। डेढ़ से दो साल में लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। पीडब्ल्यूडी ब्रिज ईई एआर मोरे ने कहा कि हम केरवा का नया ब्रिज तैयार कर रहे हैं। इसके लिए प्रक्रियाएं इसी माह पूरी कर देंगे। अगले डेढ़ साल में ये तैयार हो जाएगा।  सीहोर, सलकनपुर और नसरुल्लागंज तक बेहतर राह अभी गोलजोड़ व इससे कुछ आगे तक सिक्सलेन है। इसके बाद जर्जर पुल है, जिससे गुजरने में आशंका रहती है। बड़े वाहन मंडीदीप के रास्ते आगे बढ़ते हैं। अब उच्चस्तरीय पुल बनने से मंडीदीप की बजाय सीधे केा पुल, कोलार डेम से होते हुए आगे बढ़ जाएंगे। नसरूल्लागंज और रातापानी तक की एप्रोच आसान होगी। ये नया ब्रिज रातापानी के झिरी एंट्री तक निकाल देगा। कोलार रोड से जुड़े 25 गांवों को इससे सीधे लाभ होगा। चार लेन का ब्रिज खत्म करेगा दुर्घटना की स्थिति केरवा नदी पर कोलार डैम के बीच चार लेन का ब्रिज नदी पर दुर्घटना की स्थिति खत्म करेगा। अभी केरवा नदी (Kerwa Dam) को पार करने जिस रास्ते कमा उपयोग किया जाता है वह करीब 30 साल पुराना है। भारी वाहन के दबाव से टूटने की स्थिति है। अब नया मजबूत उच्चस्तरीय ब्रिज के बनने से भारी वाहन भी सरपट आगे बढ़ जाएंगे। गौरतलब है कि हाल में जर्जर पुलिया के पास कार वबाइक दुर्घटनाग्रस्त हुए थे। इसमें वाहन चालकों की जान भी चली गई थी। 15 किमी का सिक्सलेन, अब 50 किमी तक लाभ देगा अभी कोलार तिराहा से नहर तिराहा होते हुए गोलजोड व आगे तक 15 किमी में सीसी सिक्सलेन किया गया है। इसमें कलियासोत ब्रिज को पहले ही सिक्सलेन कर दिया गया है। इसमें अब केरवा नदी का ब्रिज बचा था, जिसके लिए अब प्रक्रिया की जा रही है। इस ब्रिज के बनने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तहत बस का भी आगे के लिए रास्ता खुल जाएगा। बैरागढ़ चीचली से आगे का क्षेत्र विकसित हो जाएगा।

खड़गवाँ से बेलबहरा मार्ग को मिलेगा नया रूप, रायपुर में आवागमन होगा आसान

रायपुर : खड़गवाँ जनपद के ग्राम पंचायत बेलबहरा से ग्राम लालपुर मार्ग होगा सुगम, आवागमन को मिलेगा बड़ा लाभ सुखाड़ नाला पर पुल निर्माण को पाँच करोड़ बारह लाख रुपये की मिली प्रशासकीय मंजूरी रायपुर मनेंद्रगढ़ विधानसभा के खड़गवाँ जनपद के ग्राम पंचायत बेलबहरा से ग्राम लालपुर मार्ग पर सुखाड़ नाला पर पुल निर्माण के लिए पाँच करोड़ बारह लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति लोक निर्माण विभाग द्वारा मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत दी गई है। इस परियोजना से क्षेत्रवासियों को मनेंद्रगढ़ मुख्यालय की स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा साथ ही खडगंवा और बैंकुंठपुर की दूरी भी घटेगी। पुल निर्माण से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा। इसके पूरा होते ही पेंड्रा गौरेला मरवाही जिला नजदीक हो जाएगा, जिससे आवागमन सुगम बनेगा। वर्तमान में इस मार्ग पर नियमित परिवहन सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन पुल बनने के बाद बस सेवा शुरू होने की संभावना बढ़ेगी। स्थानीय विधायक और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री  अरुण साव को मनेंद्रगढ़ की समस्त जनता की तरफ से धन्यवाद ज्ञापित कर उनका आभार प्रकट किया है । स्थानीय नागरिकों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि पुल निर्माण से विकास को नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों का शहरों से सीधा संपर्क स्थापित होगा।

मध्य प्रदेश के 5 जिलों में संकरी गलियों का चौड़ीकरण, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

भोपाल   मेट्रोपॉलिटन रीजन की संकरी सड़कें भी अब चार लेन की होंगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के लिए पॉलिसी में इसे शामिल किया गया है। सड़कों की चौड़ाई न्यूनतम 12 मीटर रखी गई है। निर्माण एजेंसियों को बीडीए और टीएंडसीपी के माध्यम से इसके लिए सूचित कर दिया गया है। अब इसी आधार पर प्लानिंग तय होगी। भोपाल समेत राजगढ़, सीहोर, विदिशा, रायसेन को शामिल कर करीब 12 हजार 99 वर्ग किमी क्षेत्र का बीएमआर तय किया जा रहा है। टीएंडसीपी से नई कॉलोनियों को मंजूरी में 12 मीटर रोड चौड़ाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसमें सबसे बड़ी चुनौती पुरानी बसाहटें रहेगी। यहां तीन मीटर से भी कम की गलियां हैं। मुख्यमार्ग भी सात से दस मीटर तक है। ऐसे में यहां 12 मीटर की न्यूनतम चौड़ाई लाना बड़ी चुनौती है। इस दायरे में आने वाले मकान और दुकानों को तोड़कर सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा। इसलिए जरूरी चौड़ी सड़कें रीजन में 2,524 गांव शामिल किए जा रहे हैं। भोपाल से ट्रैफिक और आबादी का भार घटाते हु़ए पास के जिलों का भोपाल की तरह विकास करना इसका मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए भोपाल से संबंधित जिलों की आपसी कनेक्टिविटी तो जरूरी है, बीएमआर में शामिल क्षेत्रों में भविष्य की बसाहट, ट्रैफिक को देखते हुए चौड़ी सड़कें जरूरी हैं। बीएमआर में सुनियोजित विकास के तहत पॉलिसी बीएमआर में सुनियोजित विकास के तहत पॉलिसी तय हो रही है। हमारी टीम इसके लिए काम कर रही है। समग्र विकास की अवधारणा को लेकर चल रहे हैं। 

गुरुग्राम में 3 प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण से जाम और गड्ढों की समस्या में होगी कमी

गुरुग्राम  गुरुग्राम में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से लोगों को सड़कों पर गड्ढे और जाम से राहत दिलाने के लिए शहर की तीन सड़कों की मरम्मत करने के साथ ही इनकी चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से 12 किलोमीटर लंबी तीन सड़कों की मरम्मत की जाएगी। इसका ठेका जारी कर काम शुरू कर दिया गया है, जो एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के गड्ढे भरने के साथ इन्हें चौड़ा किया जाएगा, जिससे कि लोगों को जाम से राहत मिल सके। इन सड़कों पर होगा काम पीडब्ल्यूडी के अनुसार 4.70 किलोमीटर गुरुग्राम-अलवर मार्ग से सोहना होते हुए दौला तक सड़क, 2.79 किलोमीटर सोहना से संपकी-नांगली तक नए सिरे सड़क सुधार होगा। इसके अलावा चार किलोमीटर तक गढ़ी बाजिदपुर से स्कूल तक जाने वाली सड़क निर्माण होगा। इस पर साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। मॉनसून से खराब हुई सड़कों की मरम्मत करना और गड्ढे भरना, यातायात की भीड़ को कम करना। सड़कों का चौड़ीकरण कर आवागमन को सुगम बनाना है। सड़कों पर गड्ढ़ों से वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा इन सड़कों का मरम्मत और निर्माण कार्य तेजी से शुरू होगा। इन सड़कों पर गड्ढे होने के साथ लोग परेशानी झेल रहे हैं। स्थानीय निवासियो ने कहा कि विभाग की ओर से अनदेखी के कारण सड़कों पर गड्ढे होने से हादसे हो रहे हैं। इस कारण वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है। प्रदूषण होने से भी लोगों को परेशानी रहती है। चरनदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, ''तीन सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम अलॉट कर दिया गया है। इस साल के अंत तक सड़कों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा। सड़क के चौड़ीकरण होने से लोगों को राहत मिलेगी। इन सड़कों पर जाम से भी राहत मिलेगी।'' दौलताबाद रोड चौड़ा करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी वहीं, द्वारका एक्सप्रेसवे को गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से जोड़ रही दौलताबाद रोड (सेक्टर-104 और सेक्टर-105 की विभाजित सड़क) को चौड़ा करने या एलिवेटिड बनाने की संभावनाओं को तलाशा जाएगा। शुक्रवार को शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में बैठक हुई। ढेसी ने अधिकारियों को गुरुग्राम रेलवे स्टेशन को जोड़ रही सड़कों में सुधार लाने के दिशा-निर्देश जारी किए। मौजूदा समय में दौलताबाद रोड की चौड़ाई 30 मीटर है। इसे पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने तैयार किया है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की तरफ से तैयार गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना के तहत इस रोड की चौड़ाई 84 मीटर प्रस्तावित है। मौजूदा रोड के दोनों तरफ घनी आबादी है। सूरत नगर, राजेंद्रा पार्क और लक्ष्मण विहार कॉलोनियां इसके दोनों तरफ विकसित हैं। सड़कों पर खामियां दूर करने के आदेश गुरुग्राम में सड़क सुरक्षा माह जनवरी-2026 के अंतर्गत शुक्रवार को डीसीपी ट्रैफिक डॉ. राजेश मोहन ने शहर के व्यस्त आर्टिमिस सिग्नल (रेड लाइट टी-पॉइंट) और आर्टिमिस आंबेडकर चौक का निरीक्षण किया। उन्होंने यातायात बाधाओं को समझा और सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए अधिकारियों को आदेश दिए। निरीक्षण के दौरान डीसीपी ट्रैफिक ने स्पष्ट किया कि शहर के प्रमुख चौराहों और ब्लाइंड स्पॉट्स पर नियमित निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने तकनीकी संसाधनों जैसे सीसीटीवी और अन्य निगरानी प्रणालियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डॉ. राजेश मोहन ने कहा कि यातायात निरीक्षक और जोनल अधिकारी सिविल अथॉरिटीज के साथ बेहतर तालमेल बिठाएं ताकि सड़कों की बनावट या संकेतों से जुड़ी खामियों को तुरंत दूर किया जा सके। डीसीपी ने मौके पर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल चालान काटना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि चालान प्रक्रिया के साथ-साथ वाहन चालकों के साथ जागरुकता गतिविधियों को भी प्रभावी रूप से चलाया जाए।

73 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण परियोजना, 10 मीटर चौड़ी सड़क से UP तक यात्रा आसान होगी

अशोकनगर   अशोकनगर में 201 करोड़ रुपए की लागत से ईसागढ़ व चंदेरी की राह आसान होगी, साथ ही उप्र को जोड़ने बाले रास्ते तक मजबूत व चौड़ी सड़क की सुविधा मिलेगी। इससे जिले के दो विकासखंडों के बीच यातायात सुगम हो जाएगा। इससे लोगों को ऊबड़-खाबड़ व ऊंचे नीचे रास्ते की समस्या से निजात मिलेगी। मामला पारसौल राजघाट रोड का है। पारसौल से ईसागढ़, जंधार, डाकोनी व चंदेरी होते हुए राजघाट तक 201 करोड़ रुपए की लागत से 73 किमी लंबी सड़क का निर्माण (road construction) हो रहा है। राजघाट से यह सड़क उप्र के रास्ते से जुड़ जाएगी। जर्जर हो चुकी यह सड़क पहले साढ़े पांच मीटर चौड़ी थी, लेकिन इसका चौड़ीकरण कर 10 मीटर चौड़ाई में निर्माण होना है। इसके लिए निर्माण शुरू हो गया है, कई जगहों पर खुदाई का काम चल रहा है और जुलाई 2027 में निर्माण पूर्ण होना है। घाटियों को काटकर समतल होगा मार्ग, फिर निर्माण मध्य प्रदेश राज्य सड़‌क विकास प्राधिकरण (MPRDC)इस सड़क का निर्माण कर रहा है। विभाग के अधिकारियों के मुताविक अभी सड़क धाटियों की वजह से कई जगहों पर ऊंची तो कहीं वलान है, लेकिन इसके निर्माण के लिए धाटियों की खुदाई करके समत्तल रास्ता किया जाएगा और इसके बाद सड़क निर्माण होगा। ताकि आवाजाही में ढलान व घाटी की समस्या वाहन चालकों को न रहे। आबादी बस्तियों में सीसी सड़क बनेगी और शेष हिस्से में डामरीकरण की सड़क होगी। 2027 तक पूरा होगा कार्य- MPRDC पारसौल से ईसागढ़-चंदेरी होते हुए राजघाट तक सड़क निर्माण चल रहा है जिसकी घाटियों व ढलानों को समतल कर सड़क बनाई जाना है। निर्माण कार्य चल रहा है और जुलाई 2027 तक निर्माण पूर्ण हो जाएगा। वहीं साढ़े पांच मीटर चौड़ी व 30 किमी लंबी अशोकनगर-थूबोन मार्ग का 7.16 करोड़ रुपए लागत से नवीनीकरण किया गया है। – दीपक नामदेव, इंजीनियर, एमपीआरडीसी

ओंकारेश्वर-महेश्वर-धामनोद फोरलेन सड़क परियोजना, महेश्वर में पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

महेश्वर मालवा निमाड़ का टूरिस्ट सर्किट अब रोड कनेक्टिविटी के हिसाब से सरकार मजबूत कर रही है। इंदौर-उज्जैन और इंदौर खंडवा मार्ग को छहलेन और फोरलेन करने के बाद सरकार ने बड़वाह धामनोद मार्ग को भी फोरलेन करने का फैसला लिया है। इस पर ढाई हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। 62 किलोमीटर लंबी इस सड़क में महेश्वर पर्यटन स्थल भी आता है। इस सड़क के बनने से ओंकारेश्वर जाने वाले पर्यटक महेश्वर भी जाना ज्यादा पसंद करेंगे, क्योंकि फोरलेन बनने के बाद ओंकारेश्वर से महेश्वर जाने में एक घंटे से भी कम समय लगेगा। फोरलेन सड़क के लिए किसानों की जमीनें भी ली जाएंगी, क्योंकि बड़वाह से धामनोद तक 100 से ज्यादा गांव हैं। इसमें नांद्रा, कतरगांव, धरगांव, छोटी खरगोन, जलूद मंडलेश्वर सहित दस से ज्यादा गांवों के मुख्य इलाके दो लेन सड़क के आसपास ही बसे हैं। नर्मदा घाटी वाला हिस्सा होने के कारण इस मार्ग पर गांवों में ज्यादा बायपास भी नहीं बन सकते हैं। इस कारण भू-अर्जन के लिए भी पैसा स्वीकृत किया गया है। इस मार्ग में दस बायपास बनेंगे। इसके अलावा पांच बड़े ब्रिज, 23 छोटे ब्रिज, 7 बड़े जंक्शन और 56 छोटे जंक्शन बनाए जाएंगे। बड़वाह से महेश्वर तक दस से ज्यादा किलोमीटर में सड़क सिंगल लेन भी है। यहां वाहनों की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रहती है। सड़क बनने के बाद वाहन 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जा सकेंगे।   यह होगा सड़क बनने से फायदा इस सड़क के बनने से महेश्वर, ओंकारेश्वर और मांडू के बीच कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। बड़वाह से महेश्वर की दूरी 40 किलोमीटर और महेश्वर से मांडू की दूरी 60 किलोमीटर है।सड़क के आसपास बसे गांवों का विकास होगा। तेजी से बसाहट बढ़ेगी। सड़क बनने से जमीनों के भाव बढ़ेंग।इंदौर से ओंकारेश्वर जाने वाले पर्यटक महेश्वर होते हुए एक दिन में इंदौर आ सकेंगे। फिलहाल दोनों स्थलों पर जाने में काफी वक्त लगता है।

सड़क का सच सामने आया: मंत्री प्रतिमा बागरी ने नई सड़क की क्वालिटी पर जताई नाराजगी

 सतना  मोहन सरकार में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री प्रतिमा बागरी एक बार फिर चर्चा में हैं. अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर निकली महिला मंत्री एक सड़क के घटिया निर्माण कार्य पर आगबबूला हो गईं. उन्होंने कार से उतरकर नई सड़क को पैर से कुरेदा तो डामर और गिट्टी अलग हो गई. इसके बाद मंत्री ने मौके पर ही ठेकेदार का अनुबंध रद्द करने सहित निर्माण एजेंसी पर एक्शन के निर्देश दिए. लोक निर्माण विभाग (PWD) ने हाल ही में सतना जिले की  कोठी तहसील में पौड़ी से मनकहरी के बीच करीब 3 किमी लंबी सड़क का सुधार कार्य किया था. लेकिन सड़क पर बिछाई गई डामर की परत न तो तय मोटाई की थी और न ही क्वालिटी सही थी. इसी बीच, रविवार को क्षेत्रीय विधायक और राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का एक कार्यक्रम के सिलसिले में उसी सड़क से निकलना हुआ, यहां उन्होंने कार से उतरकर सड़क की क्वालिटी देखी और एक पैसे से दबाव डाला तो एक हिस्सा अलग हो गया. पैरे से कुरेदते हुए तंज कसते हुए वह बोलीं- ''ये रोड बनी है, ये रोड बनी है… पूरी रोड निकाल दो इस तरह से… धक्का मारने पर पूरी रोड निकाल दो…''  इस दौरान मंत्री प्रतिमा बागरी ने PWD के कार्यपालन यंत्री बीआर सिंह से जवाब मांगा, तो उन्होंने मामले को हल्के फुल्के अंदाज में टालने की कोशिश की. इई ने कहा, ''कुछ हिस्सों को अस्वीकृत किया गया है…'' हालांकि, देखने में पूरी सड़क ही मानकों के विपरीत लग रही थी. महिला मंत्री ने मौके पर ही इसे गंभीर लापरवाही बताया और कार्यपालन यंत्री को कड़ी फटकार लगाई. उन्होंने साफ कर दिया कि सरकारी निर्माण कार्यों में क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं. MP कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया ने इस मामले में बीजेपी सरकार को घेरा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ''मध्यप्रदेश की मंत्री अपनी ही भाजपा सरकार पर खराब सड़क पर सवाल खड़े करती हुईं.