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सम्राट चौधरी ने संभाली कमान, एनडीए सरकार में बड़ा बदलाव

पटना  बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शपथ ग्रहण करने के बाद कहा, “मैं आज से ही बिहार के लिए काम करना शुरू कर दूंगा। बिहार में सिर्फ मोदी-नीतीश मॉडल ही चलेगा।” बता दें कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की कमान आज से भाजपा के हाथों में है और सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ले ली है। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सम्राट चौधरी ने कामकाज संभाल लिया है। पटना स्थित लोकभवन के बाहर सम्राट चौधरी के सामने बुलडोजर बाबा जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए। लेकिन सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि बिहार में सिर्फ और सिर्फ मोदी-नीतीश मॉडल ही चलेगा। नीतीश का सपना पूरा करेंगे सम्राट केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, "जैसी सरकार  नीतीश कुमार ने 20 साल तक चलाई, हम समझते हैं कि यदि कोई कमी रही भी होगी तो उसे पूरा करके सम्राट चौधरी बिहार को आगे ले जाएंगे। जो जीतन मांझी आज है, उसे नीतीश कुमार ने ही बनाया है। अगर 2014 में उन्होंने मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनाया होता तो हमारी इतनी चर्चा नहीं होती। सबसे बड़ी बात कि एक दलित के बच्चे को उन्होंने पद दिया तो स्वाभाविक है कि मेरी आंखों से आंसू कैसे न आते। वहीं, बीजेपी नेता दिलीप जायसवाल ने कहा, "बहुत अच्छा लग रहा है। आज सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। जिस तरह से हमारे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकसित बिहार का सपना देखा है, सम्राट चौधरी उनके मार्गदर्शन में बिहार को विकसित बिहार की ओर ले जाएंगे।" पहली बार बिहार में भाजपा का सीएम बना बिहार में एनडीए की सरकार है, लेकिन सत्ता में शामिल भाजपा ने पहली बार राज्य में अपना सीएम बनाया है। विधानसभा चुनाव में जीत मिलने के बाद सीएम नीतीश कुमार को ही बनाया गया, लेकिन बदले हालात में उनके राज्यसभा जाने के बाद अब भाजपा को सरकार का नेतृत्व करने का मौका मिला है। सम्राट चौधरी नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम के पद पर थे। अब डिप्टी सीएम के तौर पर जदयू नेता विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र कुमार यादव ने शपथ ली है। सम्राट चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पसंदीदा रहे हैं। नीतीश कुमार पहले से ही कहते रहे थे कि अब बिहार इन्हें ही संभालना है।  

बिहार में सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, पहली बार राज्य में बीजेपी की अपनी सरकार

पटना  नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में आज से सम्राट चौधरी का युग शुरू हो गया है. पहली बार बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बना है. सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री हैं. इस शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, जेपी नड्डा और चिराग पासवान समेत कई बड़े नेताओं ने भाग लिया।  पटना के लोकभवन में बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है. राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. बिहार के राजनीतिक इतिहास में ये पहली है, जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली है. सम्राट चौधरी के साथ जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली. आज केवल इन तीन नेताओं का ही शपथ ग्रहण हुआ, जबकि नई एनडीए सरकार के गठन के बाद भी कैबिनेट में अभी 33 मंत्री पद खाली हैं. इस भव्य शपथग्रहण समारोह में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी विशेष रूप से मौजूद रहे।  सम्राट चौधरी की नई सरकार में बिजेंद्र प्रसाद यादव ने ली शपथ बिहार की नवनिर्वाचित सरकार में जेडीयू के कद्दावर और वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंत्री पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस नई टीम में बिजेंद्र यादव का शामिल होना सरकार के प्रशासनिक अनुभव को मजबूती प्रदान करेगा। वे दशकों से बिहार की राजनीति और सरकार का अहम हिस्सा रहे हैं, और उनके पास ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभालने का लंबा अनुभव है। बिहार में भाजपा के लिए ऐतिहासिक पल, पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बिहार की राजनीति में आज एक नया युग शुरू हो रहा है, जहां पहली बार भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने जा रहा। सम्राट चौधरी लोकभवन में शपथ लेकर ये ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित करेंगे। हालांकि यह समारोह संक्षिप्त होगा, लेकिन इसका राजनीतिक महत्व काफी बड़ा है। सरकार के नए स्वरूप में जेडीयू कोटे से बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। बिहार के इतिहास में ये पहली बार होगा जब जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री सरकार का हिस्सा बनेंगे। डिप्टी सीएम के नाम पर संजय सरावगी ने लगाई मुहर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि बिहार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के कार्यकाल के बाद आज नए मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री के रूप में विजय चौधरी और विजेंद्र यादव मिल रहे हैं। विकास की जो रेखा नीतीश कुमार ने खींची थी उसी रेखा को आगे बढ़ाने का काम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में होगा। BJP का 46 साल का संघर्ष, पहली बार सीएम इससे पहले नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा सौंपा। महज 9 साल पहले बीजेपी में शामिल हुए सम्राट चौधरी बेहद मुखर और आक्रामक नेता माने जाने जाते हैं। 26 साल पहले विधायक चुने गए, 2024 में डिप्टी सीएम बने और 2025 में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद फिर डिप्टी सीएम की शपथ ली। अब उनके पास सीएम के तौर पर पूरे बिहार का शासन चलाने के साथ पार्टी और NDA गठबंधन को साथ रखने की भी चुनौती होगी। वहीं, बिहार की राजनीति में पहले जनसंघ और फिर बीजेपी हमेशा सक्रिय रही। बीजेपी पहले भी दो बार बड़ी पार्टी बनी लेकिन सीएम हमेशा नीतीश कुमार ही बने। ये पहला मौका है जब बीजेपी के पास सीटें भी ज्यादा हैं और सम्राट चौधरी के तौर पर उन्हें सीएम भी अपना मिला है।  डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव का सफरनामा सुपौल से 1990 से लगातार विधायक, 'कोसी का विश्वकर्मा' के नाम से मशहूर 1991 में लालू सरकार में पहली बार बने मंत्री, 2005 में नीतीश के CM बनने के समय JDU के प्रदेश अध्यक्ष नीतीश कैबिनेट में कई बार बिजली मंत्री रहे वित्त, वाणिज्य कर जैसे विभाग भी संभाला, 2025 में लगातार नौवीं बार जीत दर्ज की 2025 में कांग्रेस के मिन्नतुल्लाह रहमानी को हराया     JDU के सबसे सीनियर नेताओं में एक, नीतीश के करीबी और थिंक टैंक में शामिल     1982 से लगातार बिहार विधानसभा के सदस्य, दलसिंहसराय सीट से पहली बार चुनाव जीते     सरायरंजन सीट से पहली बार 2010 में जीत दर्ज की, 2025 में सरायरंजन सीट से चुनाव जीते     वित्त, शिक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास जैसे विभाग संभाले     2015 से 2020 तक विधानसभा के स्पीकर      साफ-सुथरी इमेज और कुशल प्रशासक की छवि बिहार के नए 'सम्राट' का सफरनामा     RJD के साथ सियासी करियर की शुरुआत     1999 में राबड़ी सरकार में मंत्री बने     2000 में पहली बार परबत्ता से बने विधायक     2013 में RJD से बगावत, JDU में एंट्री     2 जून 2014 में मांझी सरकार में मंत्री बने     मांझी को हटाने पर बगावत, JDU से सस्पेंड     2017 में BJP में शामिल 2023 में बिहार BJP अध्यक्ष     2021 में नीतीश कैबिनेट में बने मंत्री     2024 में नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम का जिम्मा     तारापुर से जीता 2025 विधानसभा का चुनाव     2025 में दूसरी बार डिप्टी सीएम बने     15 अप्रैल 2026 को सीएम पद की शपथ 967 में कर्पूरी बने थे मुख्‍यमंत्री  करीब 59 वर्षों बाद वे इस उपलब्धि को दोहराएंगे-इससे पहले 1967 में उप मुख्यमंत्री बने जननायक कर्पूरी ठाकुर ने 1977 में मुख्यमंत्री पद संभाला था। भाजपा के राज्यसभा सदस्य डॉ. भीम सिंह के अनुसार, बिहार की राजनीति में उप मुख्यमंत्री का पद हमेशा से सत्ता संतुलन का प्रतीक रहा है। 1957 में श्रीकृष्ण सिंह की सरकार में पहली बार यह पद बनाया गया था, जब अनुग्रह नारायण सिन्हा को उप मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था। तब से अब तक लगभग 10 नेता इस पद पर रह चुके हैं, लेकिन कर्पूरी ठाकुर ही ऐसे नेता थे, जो आगे चलकर मुख्यमंत्री बने। अब सम्राट चौधरी इस सूची में दूसरा नाम जोड़ने जा रहे हैं। नीतीश युग में उप मुख्यमंत्रियों की भरमार नीतीश कुमार के दो दशक लंबे राजनीतिक दौर में बिहार में सबसे अधिक उप मुख्यमंत्री बनाए गए। इस सूची में सुशील कुमार मोदी, तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, तेजस्वी … Read more

आतंकियों के लिए बनेगी ‘काला पानी’ जैसी जेल! सम्राट चौधरी ने लोकेशन का किया खुलासा

पटना बिहार सरकार 'काला पानी' जैसी नई हाई सिक्योरिटी जेल बनाने जा रही है। इसमें आतंकियों और दुर्दांत अपराधियों को कैद रखा जाएगा। इस जेल की जगह फाइनल कर दी गई है। राज्य के डिप्टी सीएम सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि इसका निर्माण कैमूर जिले में स्थित अधौरा पहाड़ पर किया जाएगा। इस जेल में बंद खूंखार अपराधी बाकी दुनिया से पूरी तरह अलग कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को समृद्धि यात्रा के तहत कैमूर जिले के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। यहां आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सम्राट ने कहा कि कैमूर को जंगल और पहाड़ वाला इलाका माना जाता है। पिछले साल जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रगति यात्रा पर आए थे, तब उन्होंने उस पहाड़ पर डिग्री कॉलेज खोलने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि अब नीतीश सरकार ने तय किया है कि कैमूर के अधौरा पहाड़ पर हाई सिक्योरिटी जेल बनाई जाएगी। सबसे खूंखार आतंकवादी होंगे, उन्हें यहां बंद किया जाएगा। पहाड़ी पर इस तरह की जेल बनाने की घोषणा सम्राट ने ही पिछले दिनों बिहार विधानमंडल के बजट सत्र में की थी। हालांकि, उस समय यह नहीं बताया गया था कि यह जेल कहां बनाई जाएगी। अब इसकी जगह फाइनल कर दी गई है। कैसी होगी हाई सिक्योरिटी जेल सम्राट चौधरी ने पिछले महीने सदन में कहा था कि नई हाई सिक्योरिटी जेल में खूंखार अपराधियों को रखा जाएगा। इसे ऐसी पहाड़ी पर बनाया जाएगा, जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं आएगा और इंटरनेट की कोई सुविधा नहीं होगी। इस जेल तक आने-जाने का बस एक ही रास्ता होगा, उस पर भी कड़ा पहरा होगा। गृह मंत्री ने बताया था कि इस जेल में बाहर से किसी भी व्यक्ति को अंदर आने की अनुमति नहीं होगी। इसमें कैद अपराधी बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटे हुए रहेंगे। यहां से ना तो कोई शख्स बाहर जा पाएगा और ना ही अंदर आ पाएगा। जेल के अंदर से आपराधिक नेटवर्क चलाने वाले गैंगस्टर और माफिया को भी यहां रखा जाएगा। काला पानी जैसी होगी नई जेल? अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर में स्थित सेलुलर जेल को काला पानी जेल कहा जाता है। अंग्रेजों द्वारा भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को इसमें कैद रखा जाता था और उन्हें बहुत कठोर यातनाएं दी जाती थीं। यहां कैद लोग बाकी दुनिया से पूरी तरह अलग हो जाते थे। उन्हें काल कोठरियों में बंद रखा जाता था। कोल्हू से तेल निकालने जैसे कठिन काम कराए जाते थे। इसी वजह से इसे काला पानी की सजा कहा जाता था।  

भरी सभा में नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी की पीठ थपथपाई, क्या मिल गया अगले CM का संकेत?

पटना बिहार की विकास यात्रा को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने आने वाले 5 सालों के लिए एक comprehensive action plan पेश किया है। सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार (12 मार्च) को अपनी 'समृद्धि यात्रा' के तहत पूर्णिया और कटिहार का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जनसभाओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि केंद्र के सहयोग से राज्य अब विकास की एक नई इबारत लिखने के लिए तैयार है। कटिहार में जनसभा के दौरान एक भावुक पल भी देखने को मिला, जब मंत्री लेशी सिंह अपने संघर्षों को याद करते हुए मंच पर ही आंसू नहीं रोक पाईं। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति अपना पूरा भरोसा जताया। मंच पर सम्राट चौधरी की पीठ थपथपाते हुए सीएम ने यह संदेश दिया कि बिहार में एनडीए गठबंधन पूरी मजबूती के साथ विकास कार्यों को गति दे रहा है। ग्रामीण शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस सरकार की नई रणनीति का सबसे अहम हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार करना है। अब राज्य के प्रत्येक प्रखंड में एक 'आदर्श विद्यालय' और एक 'डिग्री कॉलेज' स्थापित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण प्रतिभाओं को उच्च शिक्षा के लिए अपने घर से दूर न जाना पड़े। स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। प्रखंड स्तर के अस्पतालों को अब स्पेशलाइज्ड (विशेष) अस्पतालों में तब्दील किया जाएगा। इसके अलावा, गांवों की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कों को भी अपग्रेड करने की योजना हैग्रामीण सड़कों को अब दो लेन में बदला जाएगा, जिससे आवागमन सुलभ और तेज हो सके। खेल और युवाओं के लिए बड़ा ऐलान राजधानी पटना को खेल जगत के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए वहां एक अत्याधुनिक स्पोर्ट्स सिटी के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार केवल बुनियादी ढांचा ही नहीं, बल्कि करियर की सुरक्षा भी प्रदान करेगी। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी देने की योजना को प्राथमिकता दी जा रही है। मखाना किसानों के लिए विशेष पहल सीमांचल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मखाना किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी विशेष रोडमैप तैयार किया गया है। केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से मखाना उत्पादन और उसके बाजार को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।  

राज्यसभा चुनाव से पहले बिहार में सियासी हलचल, सम्राट चौधरी के घर जुटे NDA विधायक

पटना बिहार से राज्यसभा की 5 सीटों के चुनाव के लिए 16 मार्च को मतदान से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और राज्य के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज (गुरुवार) शाम पटना में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के विधायकों की बैठक बुला ली है। सम्राट चौधरी ने पटना में अपने आवास पर एनडीए (राजग) के 5 दलों के सभी 202 विधायकों को मीटिंग और रात्रि भोज के लिए बुलाया है। चुनाव में एनडीए उम्मीदवार नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश राम को जिताने की रणनीति बनाई जाएगी। एनडीए ने भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश राम, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष व सीएम नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है। सूत्रों का कहना है कि सम्राट चौधरी के आवास पर बैठक एनडीए के 5 के 5 कैंडिडेट को जिताने की रणनीति पर चर्चा होगी। भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा है, जो बुधवार को ही पटना पहुंच गए थे। इन दोनों से सम्राट चौधरी की कल रात ही मुलाकात हो गई थी, जिस दौरान बिहार बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और संगठन महासचिव भीखूभाई दलसानिया भी मौजूद थे। सम्राट चौधरी के घर आज की बैठक में एनडीए के 5 कैंडिडेट के लिए वोट डालने वाले अलग-अलग विधायकों के समूह का चयन शुरू हो सकता है। बिहार से 5 राज्यसभा सीटों के चुनाव में जीतने के लिए एक कैंडिडेट कम से कम 41 वोट चाहिए। इस बैठक में 41-41 विधायकों के 4 ग्रुप बनाने के साथ-साथ बचे हुए 38 एमएलए को 5वें कैंडिडेट का नाम बताया जा सकता है, जिसके लिए एनडीए विपक्षी खेमे में क्रॉस वोटिंग से 3 और वोट का जुगाड़ कर सकता है। एनडीए के इस 5वें कैंडिडेट के नाम का राजनीतिक हलकों में बेताबी से इंतजार है। एनडीए कैंप में राज्यसभा का चुनाव लड़ भले बीजेपी, जेडीयू और आरएलएम रही है, लेकिन राजग के उम्मीदवारों को जिताने की जवाबदेही चुनाव नहीं लड़ रहे सहयोगी दलों की भी है। इनमें चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर) और जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) शामिल है। विधानसभा में भाजपा के 89, जदयू के 85, लोजपा-आर के 19, हम के 5 और रालोमो के 4 कुल 202 विधायक एनडीए के साथ हैं। 41-42 वोट के हिसाब से 164 एनडीए विधायक 4 सीट पर जीत पक्की कर लेंगे। 5वीं सीट के लिए एनडीए के पास अपना 38 वोट है। 3 और वोट के लिए उसकी नजर बसपा, आईआईपी और कांग्रेस के विधायकों पर है। एनडीए के पास 5वीं सीट के लिए 3 वोट की कमी वाले आपदा को अवसर में बदलने के लिए लालू यादव और तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से अमरेंद्र धारी सिंह उर्फ एडी सिंह को लड़ाया है। अरबपति नेता एडी सिंह मौजूदा सांसद हैं और उनका यह कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो रहा है। तेजस्वी की उम्मीद सदन में मौजूद 41 गैर-एनडीए विधायक हैं, जिसमें राजद, कांग्रेस, लेफ्ट और आईआईपी के 35 एमएलए के अलावा असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के 5 और मायावती की बसपा के 1 विधायक शामिल हैं।  

सम्राट चौधरी के घर बड़ी बैठक से सियासी हलचल, कुशवाहा और चौधरी आवास पर भी नजरें

पटना राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन हर हाल में जीत दर्ज करना चाहती है। दो दिन पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के सभी दलों की बैठक बुलाई थी। एक दिन पहले AIMIM के बिहार प्रमुख अख्तरूल ईमान ने उनसे मुलाकात की। राज्यसभा चुनाव में अपने पांचों विधायकों के समर्थन की बात की। इधर, एनडीए के विधायकों की भी बैठक बुलाई गई है। यह बैठक तीन चरणों में होगी। पहली बैठक आज डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर होगी। इसके बाद 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर और 15 मार्च को संसदीय कार्य मंत्री व जदयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी के आवास पर बैठक बुलाई गई है। तीनों दिन भोज की व्यवस्था की गई है। रात्रि भोज का भी इंतजाम किया गया है डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने गुरुवार यानी आज शाम को एनडीए के विधायकों को बुलाया है। रात्रि भोज का भी इंतजाम किया गया है। इस बैठक में विधायकों को एकजुट किया जाएगा। साथ ही मतदान प्रक्रिया की बारिकियों की जानकारी दी जाएगी। ऐसा पहली बार हो रहा है जब सम्राट चौधरी ने इतनी बड़ी बैठक बुलाई है। राजनीतिक पंडितों की मानें तो यह सब राज्यसभा की पांचवी सीट जीतने के लिए किया जा रहा है। राज्यसभा की पांच सीट पर छह उम्मीदवार खड़े हो गए हैं। विधायकों की संख्या को देखते हुए भाजपा और जदयू के खाते में दो-दो सीटें तो आ जाएंगे लेकिन पांचवीं सीट के लिए एनडीए और महागठबंधन को संघर्ष करना पड़ रहा है। एनडीए को पांचवी सीट जीतने के लिए तीन और महागठबंधन को छह विधायकों की जरूरत है। AIMIM और IIP के बयान के बाद बढ़ी एनडीए में टेंशन एक दिन पहले AIMIM के प्रमुख अख्तरूल ईमान ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी। उन्होंने पत्रकारों से बातची के दौरान कहा कि हमलोगों की बीच पॉजिटिव बात हुई है। लेकिन, अंतिम फैसला हमारे मुखिया असदुद्दीन ओवैसी को लेंगे। उन्होंने कहा कि 15 मार्च को मेरे आवास पर इफ्तार पार्टी है। इसमें तेजस्वी यादव भी आएंगे। इसके बाद राजद के विधायकों ने दावा किया कि हमलोगों के पास पूर्ण बहुमत आ गया है। हमारे उम्मीदवार एडी सिंह जीत रहे हैं। वहीं तेजस्वी यादव ने कहा कि हमें अपने उम्मीदवार के जीतने पर पूरा भरोसा है।  वहीं आईआईपी पार्टी के प्रमुख इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने कहा दावा है कि महागठबंधन के संपर्क में एनडीए के कुछ विधायक हैं। हमलोगों के बाद 41 नहीं 45 विधायकों का समर्थन है। इसलिए पांचवी सीट पर हमलोगों की जीत आसानी से हो जाएगी। जानिए एनडीए की ओर किस नेता ने क्या कहा? एनडीए के ओर से राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा दावा कर चुके हैं कि राज्यसभा की सभी पांचों सीटें एनडीए जीत रही है। विपक्ष के कई विधायक हमारे संपर्क में हैं। चुनाव के बाद सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी। हमलोग जीत रहे हैं। वहीं बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि पांचों सीटों पर एनडीए की शानदार जीत तय है। कहीं कोई संशय नहीं है। विपक्ष के कुछ विधायक भी हमारे संपर्क में हैं। हर हाल में एनडीए की ही जीत होगी। कौन कौन हैं राज्यसभा उम्मीदवार…     जदयू- नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर     भाजपा- नितिन नवीन, शिवेश राम     रालोमो- उपेंद्र कुशवाहा     राजद- अमरेंद्र धारी सिंह (एडी सिंह)

सीएम नीतीश की समृद्धि यात्रा में सम्राट चौधरी बोले- ‘बिहार में चुन-चुनकर रोजगार देना है’

सुपौल. ‘बिहार में चुन-चुनकर रोजगार देना है. नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में सबकुछ करना है.’ यह बात सीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कही. सीएम नीतीश सुपौल जिले में पहुंचे, जहां कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. यहां मंच से लोगों को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, जो लोग पलायन करते हैं, उनको पलायन नहीं करने देना है. इसके साथ ही सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर कहा, मैं एनडीए की तरफ से आश्वस्त करना चाहता हूं कि नीतीश कुमार जी कहीं नहीं जा रहे हैं. नीतीश कुमार जी हमारे बीच में हम लोगों को मार्गदर्शन देंगे और बिहार फिर से श्रेष्ठ बनने का काम करेगा. बिहार पूरी तरह से सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करता रहेगा. इस तरह से सम्राट चौधरी ने बिहार में ही हर बिहारी को रोजगार देने की बात कही. बिहार में लाई जाएगी इंसेंटिव पॉलिसी बिहार में उद्योग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके जरिए ही लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध हो सकेगा. सोमवार को सम्राट चौधरी ने बिहार में इंसेंटिव पॉलिसी लाने की बात कही थी. उन्होंने कहा था, इंसेंटिव पॉलिसी 2026 के माध्यम से राज्य में उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा. जो लोग मजदूरी करने के लिए बाहर जाते हैं, उन्हें पांच साल के अंदर चिह्नित कर बिहार में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. यह सरकार की प्राथमिकता है. बिहार में गन्ना उद्योग को दिया बढ़ावा सम्राट चौधरी ने गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर दिया. सम्राट चौधरी ने कृषि वैज्ञानिकों और गन्ना किसानों से अपील की कि नई तकनीक के साथ पुरानी पद्धति की ओर लौटना है. तभी हम अच्छी खेती कर पायेंगे. खेती की पुरानी पद्धति में कैसे लौटे, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए. सरकार बंद मिलों को चालू कराने के साथ ही नई चीनी मिलें लगाने की दिशा में कार्य कर रही है. आज बिहार में 10 चीनी मिलें चालू हैं.

बिहार की सियासत में हलचल: अमित शाह से मिलने दिल्ली पहुंचे सम्राट चौधरी

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को दिल्ली बुलाया है। बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर चल रहीं चर्चाओं के बीच सियासी हलचल तेज है। सम्राट रविवार को शाह से मिलने पटना से दिल्ली जाएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के बाद बिहार में नए सीएम के नाम पर मंथन चल रहा है। चर्चा है कि अगला सीएम भारतीय जनता पार्टी से होगा। अमित शाह ने सम्राट चौधरी को दिल्ली क्यों बुलाया है, इस बारे में कोई स्पष्ट वजह तो सामने नहीं आई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश के राज्यसभा जाने के बाद नई सरकार के गठन को लेकर उनसे चर्चा की जा सकती है। सम्राट बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में नंबर दो की पॉजिशन पर हैं। वह राज्य का सबसे अहम माने जाने वाला गृह विभाग भी संभाल रहे हैं, जो पहले नीतीश के पास हुआ करता था। बताया जा रहा है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने संभावित सीएम पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद वे बिहार सीएम पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद नए सिरे से सरकार का गठन किया जा सकता है। अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका ऐलान उसी समय होने की संभावना है।  

बिहार में अश्लील गानों पर होगी FIR, सम्राट चौधरी ने दिया सख्त निर्देश

पटना  बिहार में अश्लील गाना बजाने पर अब कार्रवाई होगी. अगर कोई इसे हल्के में लिया तो ऐक्शन तय है. सार्वजनिक जगहों पर दोहरे अर्थ वाले अश्लील गाना बजाने पर एफआईआर की चेतावनी दी गई है. यह आदेश बिहार के डिप्टी सीएम सह गृह विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने दिया है. उन्होंने इस संबंध में पुलिस को सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है.  आदेश का पालन नहीं किया तो जाना पड़ेगा जेल डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने चेतावनी दी है कि बस, ट्रक, ऑटो रिक्शा या सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील और दोहरे अर्थ वाले भोजपुरी, मगही, मैथिली या अन्य भाषाओं के गाने बजाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में अब साफ हो गया है कि इस आदेश का पालन नहीं करने वालों को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है. समाज और बच्चों पर पड़ता है बुरा प्रभाव इस विषय पर सम्राट चौधरी का कहना है कि सार्वजनिक तौर पर बजने वाले अश्लील गानों से समाज व बच्चों को बुरा प्रभाव पड़ता है. इन अश्लील गाने से न केवल महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में फूहड़ता को भी बढ़ावा मिलता है. उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों पर इन गानों का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे उनके मानसिकता पर गलत असर पड़ रहा है. इसके अलावा महिला के सुरक्षा के लिए भी अश्लील गानों पर लोग लगाना अनिवार्य हो गया है. सभी जिलों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश सम्राट चौधरी ने अश्लील गानों पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है. साथ ही उन्होंने इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ  पुलिस को सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है. बता दें कि बिहार में खास कर भोजपुरी भाषा में दो अर्थ वाले गाने सुनने को मिल जाते हैं. लिखने वाले चोली-भौजी जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर गाना लिख देते हैं और पटना में कुकुरमुत्ते की तरह खुले स्टूडियो में इसकी रिकॉर्डिंग हो जाती है. ऐसे में अगर लोग इस तरह के गानों को सुनना बंद कर दें तो इस पर रोक लग सकती है. अब देखना होगा कि नए आदेश का बिहार में कितना असर होता है.

लालू यादव की संपत्ति जब्त कर बनाए जाएंगे सरकारी स्कूल, सम्राट चौधरी का बड़ा दावा, सियासी तूफान तेज

पटना  बिहार में नई सरकार बनते ही माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जा रहा है। इसी कड़ी में गृह मंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) की जब्त की गई संपत्तियों पर सरकारी स्कूल (Government School) खोले जाएंगे। वहीं उनके इस बयान से राजनीति गरमा गई है।  "भ्रष्टाचार की संपत्ति पर ताला नहीं, स्कूल खुलेंगे"  गृह मंत्री ने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि ED और CBI पहले ही लालू यादव की कई संपत्तियों को अटैच कर चुकी हैं। इनमें पटना के चिड़ियाघर के पास स्थित एक बड़ी बिल्डिंग भी शामिल है, जिस पर करीब 20 वर्षों से ताला लगा हुआ है। सम्राट चौधरी ने कहा कि जनता के टैक्स से अर्जित घोटाले के पैसों से बनी संपत्तियों पर ताला नहीं रहने दिया जाएगा। इन संपत्तियों की रंगाई-पुताई कर वहां सरकारी स्कूल खोले जाएंगे, ताकि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को सीधा लाभ मिल सके।  "अपराधी चाहे कितना भी बड़ा हो, कानून से ऊपर कोई नहीं"  सम्राट चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले में करीब 950 करोड़ रुपये के मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं। भ्रष्टाचार से कमाई गई संपत्ति का इस्तेमाल अब जनता के हित में होगा। गृह मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अपराधी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार से अर्जित हर इंच जमीन और संपत्ति जब्त कर उसका उपयोग जनकल्याण के कार्यों में करेगी।