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‘आवास खाली करो’ नोटिस पर बढ़ा टकराव, सम्राट चौधरी की दो टूक— बपौती समझने की भूल न करें

पटना  बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा राबड़ी आवास खाली नहीं करने की धमकी पर दो-टूक जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी आवास की मालिक जनता होती है, यह किसी की बपौती नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार से उनका कोई व्यक्तिगत झगड़ा नहीं है। नीतीश सरकार में गृह मंत्री सम्राट ने कहा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला नहीं मिल सकता है। पूर्व सीएम राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर जो घर कैटगराइज किया गया है, वो मिल गया है।   सम्राट चौधरी ने एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि बिहार में सबका घर बदलता रहा है। पिछले 28 साल में उन्हें भी 6 घर बदलने पड़े। लालू और राबड़ी पर बोलते हुए सम्राट ने कहा कि उन्हीं के बेटे (तेजस्वी) अदालत में गए थे। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने तय कर दिया कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को घर नहीं मिलेगा, तो अधिकार ही नहीं है। आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल के 'जो करना है करें, डेरा खाली नहीं करेंगे' वाले बयान को सम्राट ने अराजकता के बोल बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी के लोग अराजकता और गुंडागर्दी वाले हैं। वो कैसे बोल सकते हैं कि सरकारी आवास नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार कानून व्यवस्था वाला राज है। उन्हें सरकार ने ही आवास दिया था, अब दूसरा दे दिया गया है। सरकार का काम है कि नेता विरोधी दल को सम्मान देंगे। उन्हें पहले से बड़ा घर दिया जा रहा है। दरअसल, पिछले दिनों नीतीश सरकार के भवन निर्माण विभाग ने पटना के 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के लिए कर्णांकित कर दिया। इसके तहत लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास को खाली करना पड़ेगा। लालू एवं राबड़ी बीते लगभग 20 सालों से इस घर में रह रहे हैं। आरजेडी ने राज्य में नई सरकार के गठन के बाद हुए इस फैसले को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भाजपा के दबाव में आकर काम करने का आरोप लगाया। आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने हाल ही में सरकार को कहा कि राबड़ी आवास को किसी भी हालत में खाली नहीं किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने के भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि जो करना है करेंगे, सरकार को जो करना है करे, लेकिन डेरा खाली नहीं किया जाएगा।  

सम्राट चौधरी की सख्त पहल: 1300 माफियाओं की संपत्तियां जब्त करने की तैयारी तेज

पटना बिहार में नयी सरकार के गठन के बाद संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ व्यापक अभियान तेज हो गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने बृहस्पतिवार को बताया कि अपराधियों को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए बड़े पैमाने पर अवैध संपत्तियां कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की गई है और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष दस्ते गठित किए जा रहे हैं। डीजीपी ने बताया कि पिछले कुछ महीने में 400 कुख्यात अपराधियों की अवैध संपत्तियों को कुर्क करने के प्रस्ताव न्यायालय भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लगभग 1,300 और आरोपियों की पहचान कर ली गई है, जिनकी संपत्तियों से संबंधित सभी दस्तावेज एकत्र किए जा रहे हैं और जल्द ही इन्हें भी कानूनी कुर्की की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। भाड़े के हत्यारों और माफिया की अवैध संपत्तियों पर एक्शन विनय कुमार ने कहा, "शराब, बालू और जमीन माफिया के साथ-साथ भाड़े के हत्यारों और संगठित अपराध से जुड़े कई बड़े नामों को इस सूची में शामिल किया गया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि गिरफ्तारी से आगे बढ़कर अपराध की आर्थिक व्यवस्था प्रहार किए बिना आपराधिक नेटवर्क को खत्म नहीं किया जा सकता।" बिहार में ‘एंटी-रोमियो’ की तर्ज पर विशेष महिला दस्ते गठित डीजीपी ने कहा कि अपराधियों की संपत्ति कुर्क किए जाने से उनके फंडिंग नेटवर्क, प्रभाव और आपराधिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकता का उल्लेख करते हुए डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि राज्य में ‘एंटी-रोमियो' की तर्ज पर एक विशेष महिला दस्ते गठित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए इस वर्ष 2,000 स्कूटी खरीदी जा रही हैं, जिन पर महिला पुलिसकर्मी स्कूल और कॉलेजों के आसपास नियमित गश्त करेंगी। उन्होंने कहा, "लड़कियों के साथ छेड़छाड़, पीछा करने और उत्पीड़न की किसी भी घटना पर अब तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सड़क पर महिलाओं को परेशान करने वालों के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति लागू की जाएगी।"

अपराध पर जीरो टॉलरेंस: सम्राट चौधरी बोले— बिहार में बदमाशों की अब खैर नहीं

पटना बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस बार गृह मंत्रालय की भी जिम्मेदारी मिली है। इस बीच, गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने पर उन्होंने शनिवार को साफ कर दिया कि बिहार में अपराधियों की खैर नहीं है, उन्हें प्रदेश से बाहर ही जाना होगा। दरअसल, गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे। प्रदेश कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस बीच, मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, " भाजपा नेतृत्व, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर मुझे गृह मंत्री के तौर पर काम करने का मौका दिया है। बिहार की जनता को मैं आश्वस्त करता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार में लगातार सुशासन स्थापित होने की चिंता की जाएगी।" उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार ने लगातार सुशासन स्थापित किया है। आगे भी सुशासन की पूरी व्यवस्था उनके ही मार्गदर्शन और नेतृत्व में होगी।" बिहार के उप मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "बिहार में सुशासन है। बिहार में एक व्यवस्था खड़ी है। बिहार के सुशासन ने अराजकता और जंगलराज को समाप्त कर दिया है और उसी व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू किया जाएगा। लेकिन इतना तय है कि अपराधियों के लिए बिहार नहीं है। बिहार से बाहर ही अपराधियों को जाना होगा।" दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद शुक्रवार को बिहार सरकार में विभागों का बंटवारा कर दिया गया। नई कैबिनेट में सबसे अहम गृह विभाग डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को सौंपा गया है। भाजपा कोटे से आने वाले सम्राट चौधरी अब नीतीश सरकार में कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा की कमान संभालेंगे। गुरुवार को नीतीश कैबिनेट में कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ली थी। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने 202 सीटें हासिल कर जबरदस्त सफलता हासिल की है। 

नीतीश कुमार को जदयू विधायक दल की कमान, भाजपा ने सम्राट चौधरी को बनाया नेता—विजय सिन्हा उपनेता

पटना जनता दल यूनाईटेड के नवनिर्वाचित विधायकों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को फिर से अपना नेता चुन लिया है। बुधवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास में जदयू के विधायक दल की बैठक हुई। साढ़े 11 बजे जदयू के विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुन लिया है। जदयू के वरिष्ठ नेता और विधायक श्याम रजक ने कहा कि बिहार की जनता उत्साहित है, उन्होंने नीतीश कुमार अपना नेता चुना है। मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी की पहली और अंतिम पसंद नीतीश कुमार ही हैं। नई सरकार में मंत्री बनाए जाने के सवाल पर रजक ने कहा कि इसका फैसला नीतीश कुमार करेंगे। विधायक दल की बैठक से पहले जदयू विधायक मनोरमा देवी ने कहा कि यह बिहार के लिए बहुत अच्छा दिन है। हमारे अभिभावक नीतीश कुमार जी हैं और वह सभी के कल्याण के लिए काम करेंगे। इधर, भारतीय जनता पार्टी के विधायकों की बैठक पार्टी कार्यालय में हो रही है। भाजपा के विधायकों ने सम्राट चौधरी के विधायक दल का नेता चुन लिया है। यानी वह डिप्टी सीएम बनेंगे। वहीं विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया है। वह भी दूसरे डिप्टी सीएम बन सकते हैं। लेकिन, दूसरे डिप्टी सीएम पद के लिए फिलहाल मंथन जारी है। भाजपा दोनों डिप्टी सीएम का पद अपने पास रखना चाहती है। इधर, 19 सीट लाने वाली चिराग पासवान की पार्टी एक डिप्टी सीएम समेत तीन मंत्री का पद चाहती है। इस मुद्दे पर भी बातचीत चल रही है। दोपहर 3.30 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक होगी। इसमें भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाईटेड, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा, लोक जनशक्ति पार्टी के सभी नव निर्वाचित विधायक और नीतीश कुमार, चिराग पासवान, संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा मौजूद रहेंगे। इधर, कुछ ही देर में गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचेंगे। वह भारतीय जनता पार्टी की बैठक में शामिल होंगे।

बिहार में भारी मतदान के बीच सम्राट चौधरी बोले — जनता ने सुशासन के पक्ष में वोट दिया

पटना बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की समाप्ति के बाद कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) बिहार में प्रचंड जीत की तरफ बढ़ रहा है और एक बार फिर प्रदेश में सुशासन की सरकार बनेगी।         सम्राट चौधरी ने मतदान समाप्त होने के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान बता रहा है कि सभी वर्गों के मतदाताओं खासकर महिलाओं, युवावर्ग, दलितों, शोषितों और वंचितों ने एनडीए के पक्ष में खुल कर मतदान किया है । उन्होंने चुनाव के दौरान सहयोग और मिलजुल कर व्यापक प्रचार के लिए एनडीए के घटक दलों और उनके नेताओं हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के नेता जीतन राम मांझी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चिराग पासवान और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के नेता उपेंद्र कुशवाहा को धन्यवाद दिया । उन्होंने खास तौर से मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया, जिनके नेतृत्व में एनडीए इस बार का बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रहा था। इस बार 2010 का रिकॉर्ड भी टूटेगा बिहार के उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह का रिकॉर्ड मतदान देखने को मिला है उसे लगता है कि बिहार में विकास का मॉडल जनता को पसंद आया है और लोगों ने लोकतंत्र के इस पर्व में उत्सव की तरह भाग लिया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में ही 65 प्रतिशत मतदान के साथ अब तक के पिछले सारे कीर्तिमान टूट गए थे और दूसरा चरण मतदान प्रतिशत के मामले में पहले से भी बेहतर रहा है। उन्होंने इस जबरदस्त भागीदारी के लिए सभी मतदाताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि मतदान का ट्रेंड बता रहा है कि एनडीए की 2010 में हुई विजय का भी कीर्तिमान इस बार टूटेगा। सम्राट चौधरी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को करीब 180 विधानसभा सीटों में बढ़त हासिल हुई थी और ऐसा लगता है की 2025 के विधानसभा चुनाव उसी की पुनरावृति होने वाली है या उससे भी ज्यादा सीटें मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ऐसा अनुमान है कि इस चुनाव में इंडिया का वोट शेयर 50 प्रतिशत से भी ज्यादा होगा और बिहार को एक बार फिर एक ऐसी सरकार मिलेगी जो उसे विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में ले जाएगी।

सम्राट चौधरी का निशाना: आरक्षण पर बोलने वाले चारा घोटाला परिवार को दी नसीहत

पटना, बिहार विधानसभा चुनाव के बीच महागठबंधन की ओर से सीएम पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव के आरक्षण पर दिए बयान पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने पलटवार किया। चौधरी ने कहा कि चारा घोटाला करने वाले परिवार के लोग आरक्षण पर बोलते हुए अच्छे नहीं लगते हैं। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान डिप्टी सीएम ने कहा कि दूसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है। हम लोगों का आशीर्वाद मांग रहे हैं और उनसे एक बार फिर एनडीए सरकार बनाने और बिहार में विकास के पथ पर आगे बढ़ने का आग्रह कर रहे हैं। बिहार में एनडीए की सरकार की विकास कर सकती है और यह विश्वास हमारी जनता को भी है। उन्होंने कहा कि भरोसा है कि जनता एक बार फिर एनडीए सरकार को चुनने के लिए घरों से निकलकर वोट करेगी। महागठबंधन पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने जीवनभर चोरी की, 55 साल देश और बिहार को लूटने का काम किया। जिन्होंने बिहार में चारा घोटाला से लेकर अलकतरा घोटाला किया। उनके मुंह से बदलाव की बात शोभा नहीं देती है। तेजस्वी यादव को निशाने पर लेते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि आरक्षण की बात वो कर रहे हैं, जिनके परिवार ने सिर्फ घोटाला किया, इसके अलावा कुछ नहीं किया। तेजस्वी यादव जो आरक्षण पर बयान दे रहे हैं, उन्हें पहले अपने माता-पिता से पूछना चाहिए कि बिहार में आरक्षण किसे दिया। आरक्षण के प्रति भाजपा का समर्थन करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि देश में जब भी आरक्षण की बात हुई, आरक्षण लाया गया तो भाजपा ने हमेशा समर्थन किया। विपक्ष के लोग आरक्षण की सिर्फ बातें करते हैं, उस पर कभी अमल नहीं करते। पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे तो कभी आरक्षण के पक्ष में नहीं रहे। अगर होते तो आरक्षण का बिल नहीं फाड़ते। महिला आरक्षण अगर 30 साल से नहीं मिला है तो उसके दोषी लालू प्रसाद यादव हैं।  

बड़ा चुनावी उलटफेर: बसपा प्रत्याशी ने सम्राट चौधरी के पक्ष में किया समर्थन

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) के बीच तारापुट सीट (Tarap[ur Seat) से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, मतदान से कुछ घंटे पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को समर्थन देने का ऐलान किया है। BSP के आशीष अनंद ने BJP के सम्राट चौधरी को समर्थन दिया है। मैं उनके कार्यों से काफी प्रभावित हूं- आशीष अनंद आशीष अनंद ने यह घोषणा मुंगेर युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष गौतम राज के आवास पर की। इस दौरान भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। भाजपा को समर्थन देने के बाद आशीष आनंद ने कहा, "मैंने पूरी सोच-विचार के बाद सम्राट चौधरी जी को समर्थन देने का निर्णय लिया है। उनके कार्यों से मैं काफी प्रभावित हूं। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकर्ताओं का भी मानना है कि सम्राट चौधरी को एक मौका और दिया जाना चाहिए।

जनसुराज ने तारापुर में झोंकी पूरी ताकत — डॉ. संतोष सिंह देंगे सम्राट चौधरी को चुनौती

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ अपनी रणनीति को तेज करते हुए तरापुर सीट से 48 वर्षीय चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार सिंह को मैदान में उतारा है। प्रशांत किशोर ने चौधरी की उम्र और शिक्षा को लेकर लगातार सवाल उठाए हैं। उन्होंने तरापुर में एक डॉक्टर को उम्मीदवार बनाकर चुनाव को दिलचस्प बना दिया है।   मुंगेर जिले के पहाड़पुर गांव के निवासी डॉ. संतोष सिंह पिछले 12 वर्षों से चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं। वे तरापुर में बीते पांच सालों से अपना 10-बेड का निजी नर्सिंग होम चला रहे हैं। 2011 में एमबीबीएस और उसके बाद दो एमडी डिग्रियां पूरी करने वाले सिंह के मरीजों में कभी तरापुर की पूर्व विधायक स्व. पार्वती देवी और छह बार के विधायक शकुनी चौधरी (सम्राट चौधरी के पिता) भी शामिल रहे हैं। हालांकि अब वे जनसुराज से जुड़ने के बाद चौधरी परिवार से दूरी बना चुके हैं। तरापुर के फजलिगंज स्थित उनके नर्सिंग होम के बाहर सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है। सुबह 10 बजे से मरीजों को देखने के बीच वे चुनावी चर्चा भी करते हैं। डॉ. सिंह ने बात करते हुए कहा कि आसपास के 200 से अधिक गांवों से लोग इलाज के लिए आते हैं। उनकी परामर्श शुल्क 400 रुपये है, लेकिन गरीब मरीजों से वे शुल्क नहीं लेते। सुबह 10.30 बजे उनकी पत्नी खुश्बू सिंह भी क्लिनिक पहुंचती हैं। वे चुनाव प्रचार में अपने पति की मदद कर रही हैं। खुश्बू कहती हैं, “शुरुआत में मैं उनके चुनाव लड़ने के फैसले के खिलाफ थी, लेकिन अब लोगों का सम्मान देखकर गर्व महसूस होता है।” जनसुराज के तरापुर विधानसभा प्रभारी शुभम शुक्ला दिनभर की रणनीति पर चर्चा करते हैं। शुभम बताते हैं कि पार्टी का ढांचा दो हिस्सों में बंटा है। राजनीतिक इकाई और पेशेवर इकाई। वे बताते हैं, “हमारे पंचायत स्तर पर लोकल पॉलिटिकल रिप्रेजेंटेटिव हैं, जो विधानसभा प्रभारी को रिपोर्ट करते हैं। एआई जिला प्रभारी को रिपोर्ट करता है और यह सिलसिला राज्य प्रभारी तक जाता है, जो स्वयं प्रशांत किशोर हैं।” जनसुराज के कार्यकर्ता लोगों में ‘परिवार लाभ कार्ड (PLC)’ बांट रहे हैं। यह पार्टी का डेटा इकट्ठा करने और वादे साझा करने का तरीका है। कार्ड में कई घोषणाएं दर्ज हैं। जैसे कि हर परिवार को 20,000 मासिक सहायता राशि, 2,000 का मासिक पेंशन, महिलाओं को 5 लाख का ऋण और 15 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क शिक्षा। डॉक्टर संतोष सिंह कहते हैं, “मैं 2023 में भाजपा की जिला मेडिकल टीम से जुड़ा था, लेकिन वरिष्ठ नेताओं की उदासीनता से निराश हुआ। 2024 में प्रशांत किशोर से मिला और तभी उन्होंने इशारा किया था कि मुझे तरापुर से उतारेंगे।” अब तक वे 25 पंचायतों का दौरा कर चुके हैं। उनका कहना है, “मैं केवल यही कहता हूं कि जाति और धर्म से ऊपर उठकर प्रशांत किशोर की सोच को एक मौका दें।” दोपहर 1 बजे वे मुस्लिम बहुल गोरहो गांव पहुंचते हैं। यहां करीब 2,000 मतदाता हैं, लेकिन अभी तक कोई दूसरा उम्मीदवार प्रचार के लिए नहीं आया। सहयोगी अकील अख्तर बताते हैं, “भाजपा को यहां वोट नहीं दिखते और आरजेडी इसे अपनी जेब का इलाका मानती है।” इसके बाद वे अमैया गांव पहुंचते हैं, जहां ओबीसी यादव, कोइरी और कुर्मी समुदाय रहते हैं। बारिश के बीच वे घर-घर जाकर लोगों से समस्याएं पूछते हैं। एक नशे में व्यक्ति से हुई झड़प पर वे हंसते हुए कहते हैं, “यही है बिहार में शराबबंदी की हकीकत।” उन्होंने कहा, “यह सम्राट चौधरी से लड़ाई नहीं, बल्कि प्रशांत किशोर के नए बिहार के विचार का बीज बोने की कोशिश है।” वे आगे कहते हैं, “मैंने आरामदायक जीवन छोड़ा है ताकि राजनीति को करीब से समझ सकूं। राजनीति का मतलब त्वरित लाभ नहीं, बल्कि दीर्घकालिक निवेश होना चाहिए।”  

तारापुर से सम्राट चौधरी की चुनौती, भाजपा ने डिप्टी CM को पुश्तैनी सीट से बाहर किया

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए बीजेपी ने बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने अपने कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को तारापुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। सम्राट तारापुर से 16 अक्टूबर को नामांकन करेंगे। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कैंडिडेट लिस्ट अभी नहीं आई है। तारापुर सिर्फ एक चुनावी सीट नहीं, बल्कि सम्राट चौधरी के परिवार की राजनीतिक विरासत से जुड़ी भूमि है। उनके पिता शकुनी चौधरी यहां से कई बार विधायक रह चुके हैं, जबकि उनकी मां पार्वती देवी भी एक बार इसी सीट से विधानसभा पहुंची थीं। गौरतलब है कि सम्राट चौधरी मौजूदा वक्त में विधान परिषद के सदस्य हैं। सम्राट चौधरी की राजनीतिक यात्रा काफी दिलचस्प रही है। वे हमेशा से विधान परिषद के सदस्य नहीं रहे, बल्कि पहले राजद (RJD) से दो बार विधायक बन चुके हैं। भाजपा में आने से पहले वो दो बार राजद के विधायक बने हैं। खगड़िया जिले की परबत्ता सीट से सम्राट चौधरी पहली बार 2000 और दूसरी बार 2010 में विधानसभा पहुंचे थे। उनसे हारने और उनको हराने वाले जेडीयू नेता रामानंद प्रसाद सिंह भी परबत्ता से चार के विधायक रहे। रामानंद के बेटे संजीव सिंह 2020 में परबत्ता से जेडीयू के विधायक बने थे लेकिन अब तेजस्वी यादव के साथ हैं और अब राजद के टिकट पर लड़ेंगे। हाल ही में प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी को घेरते हुए एक पुराना मामला उठाया। उन्होंने तारापुर हत्याकांड (1995) का जिक्र किया और उनकी उम्र और रिहाई पर सवाल उठाए। जानकार बताते हैं कि यह केस भी तारापुर के चुनावी माहौल से जुड़ा था, जब उनके पिता शकुनी चौधरी ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। इस पुराने विवाद ने अब फिर से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है, खासकर तब जब सम्राट खुद उसी सीट से ताल ठोकने जा रहे हैं।  

अटल कला भवन का निर्माण: जमुई में 19.73 करोड़ की परियोजना, सम्राट चौधरी ने किया स्वागत

पटना बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को बताया कि जमुई जिला मुख्यालय में अटल कला भवन का निर्माण कराया जाएगा, जिसके लिये 19 करोड़ 73 लाख 26 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। सम्राट चौधरी ने बयान जारी कर बताया कि अटल कला भवन बनने से जमुई जिले को सांस्कृतिक द्दष्टि से एक नया आयाम मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा और स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए एक उच्चस्तरीय केंद्र बनेगा और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा साथ ही बल्कि बिहार की कला-संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ कला संस्कृति को भी बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में जमुई में अटल कला भवन का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ना केवल स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देगी, बल्कि जिले को सांस्कृतिक पर्यटन मानचित्र पर भी एक विशेष पहचान दिलाएगी।