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महासमुंद में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम जारी, बीएलओ ने घर-घर पहुंचकर किया जागरूक

महासमुंद : जिले में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) जारी कलेक्टर  लंगेह के घर पहुंचे बी एल ओ महासमुंद जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य जारी है। 4 नवम्बर से प्रारंभ इस अभियान में बीएलओ घर घर मतदाताओं तक पहुंचकर गणना प्रपत्र वितरित कर रहे हैं। इसी क्रम में बी एल ओ योजना यादव एवं सरपंच आज सुबह कलेक्टर  विनय लंगेह के निवास पहुंचकर उन्हें गणना पत्र एवं घोषणा पत्र वितरित किए। इस दौरान टीम द्वारा आवश्यक जानकारी संकलित की गई। फार्म वितरण के दौरान ग्राम पंचायत मचेवा के सरपंच मती प्रमिला ध्रुव, उप सरपच जीतेंद्र साहू , किशोर ध्रुव, बी एल ओ योजना यादव, पंच शिव साहू मौजूद थे। ज्ञातव्य है कि महासमुंद जिले में 8 लाख 86 हजार 422 पंजीकृत मतदाता हैं। चारों विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्र और घोषणा प्रपत्र वितरित कर रहे हैं तथा आवश्यक दस्तावेज संकलित कर रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) मतदान केंद्र स्तर पर कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ग्रामीण एवं शहरी दोनों ही क्षेत्रों में बीएलओ सक्रियता से कार्यरत हैं। कलेक्टर ने सभी पात्र नागरिकों से मतदाता सूची पुनरीक्षण में सक्रिय भागीदारी और सहयोग करने की अपील की है।

जिम्मेदारी बढ़ाने का संदेश: एसआईआर से कहा गया कार्य प्राथमिकता और गंभीरता से निपटाएं

एसआईआर का कार्य गंभीरता और प्राथमिकता के साथ करें मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  संजीव कुमार झा ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से एसआईआर कार्य की प्रगति की समीक्षा की, दिए आवश्यक दिशा निर्देश भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मप्र  संजीव कुमार झा ने सोमवार को उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक निर्वाचन सदन, भोपाल में हुई। इसमें प्रदेश के सभी जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  झा ने कहा कि समस्त सुपरवाईजरर्स, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारीगण अपने बीएलओ से बात करें और मैपिंग तथा एन्यूमरेशन फार्म का वितरण कार्य सम्पन्न कराएं। इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही ना की जाए। प्रतिदिन सुबह 9 बजे से स्वयं और समस्त बीएलओ फील्ड पर मौजूद रहे। प्रत्येक बीएलओ के कार्य की दिन में 3 बार समीक्षा करें और प्रगति से अवगत कराएं। स्वयं भी फील्ड में रहें और जहां कार्य की प्रगति कम हो, वहां स्वयं जाकर बीएलओ से कार्य कराएं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  झा ने एन्यूमरेशन फार्म वितरण की जानकारी प्राप्त कर कहा कि शत प्रतिशत मतदाताओं तक समय पर फार्म पहुंचाना सुनिश्चित करें। काम की गति बढ़ाएं। निर्वाचन आयोग द्वारा चाही गई जानकारी तत्परता से बीएलओ एप में अपडेट करें। सभी अधिकारी एसआईआर के कार्य को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ करें। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  रामप्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  संजय वास्तव,  राजेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

इंदौर-जबलपुर में गणना पत्रक नहीं पहुंचे, MP में प्रशासन हुआ परेशान

भोपाल मतदाता सूची के जिस विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर पूरे देश में कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं, वह मध्य प्रदेश में बिना तैयारी के शुरू करा दिया गया। इंदौर, जबलपुर, सागर, विदिशा, राजगढ़ सहित अधिकतर जिलों में अब तक एसआईआर के फॉर्म (गणना पत्रक) ही नहीं पहुंच पाए हैं। कलेक्टर परेशान हैं क्योंकि आयोग का दबाव है कि बीएलओ को जल्दी फॉर्म बांटे जाएं। इधर, जिन प्रिंटरों (प्रकाशकों) को फॉर्म छापने का काम दिया गया है, वह इसे कर ही नहीं पाएं हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी इसका कारण प्रिटिंग न होने और कहीं तकनीकी गलतियों को बता रहे हैं। उधर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का कोई भी अधिकारी इस गंभीर मामले पर बोलने के लिए तैयार नहीं हैं और गेंद एक-दूसरे के पाले में डाल रहे हैं। प्रदेश में 5.74 करोड़ मतदाता हैं। इन्हें बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को घर-घर जाकर गणना पत्रक देना है और भरवाकर वापस लेना है। यह काम चार नवंबर से चार दिसंबर तक पूरा किया जाना है।   नहीं हुआ है छपाई का काम पूरा इसके लिए आवश्यक है कि समय से बीएलओ को गणना पत्रक मिल जाएं लेकिन अभी छपाई ही पूरी नहीं हुई है। इंदौर जिले में 2,625 बूथों में से छह सौ से अधिक बूथों पर ही प्रपत्र मिल सके। कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि दो-तीन दिन में प्रपत्र की छपाई पूरी होगी। मंदसौर जिले में दूसरे दिन भी काम प्रभावित हुआ। करीब 100 मतदान केंद्रों पर ही प्रपत्र पहुंचे। उज्जैन में साढ़े तीन लाख फॉर्म बांटे हैं और जब बाकी आ जाएंगे तो उन्हें बांटा जाएगा। खंडवा के उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश सावले का कहना है कि प्रपत्र प्रिंट होने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे-जैसे उपलब्ध होते जा रहे हैं, बीएलओ तक पहुंचाए जा रहे हैं। धार जिले में कुछ स्थानों पर तकनीकी गलतियों के कारण प्रपत्र पहुंचने में दिक्कत आई है। नीमच जिले में महज 25 प्रतिशत प्रपत्र की आपूर्ति हो सकी। रतलाम जिले में 1,297 में से 150 बूथ के ही प्रपत्र आए हैं। महाकोशल क्षेत्र की बात करें तो डिंडौरी जिले में 6,55 मतदान केंद्रों में केवल 21 बीएलओ के लिए फॉर्म आए हैं। जबलपुर, नरसिंहपुर, कटनी, दमोह में भी यही स्थिति रही। दमोह में 20 लाख फॉर्म की आवश्यकता के विरुद्ध मात्र एक लाख फॉर्म उपलब्ध हैं। कलेक्टर सुधीर कोचर का कहना है कि फॉर्म भोपाल से आने के कारण काफी परेशानी हो रही है। मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा का कहना है कि अभी पूरे फॉर्म नहीं आएं हैं, जैसे-जैसे आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे बीएलओ को वितरित किए जा रहे हैं। यही स्थिति मध्य क्षेत्र के जिलों की भी है। राजगढ़ जिले के किसी भी बीएलओ को बुधवार शाम तक गणना पत्रक ही नहीं मिल सका। जिसके कारण वे घर-घर भी नहीं पहुंचे। जिला निर्वाचन अधिकारी डा. गिरीश कुमार मिश्रा का कहना है कि फॉर्म राज्य स्तर से प्रिंट हो रहे हैं। आज 250 से ज्यादा बूथों के फॉर्म आए हैं। विदिशा जिले में मंगलवार को 1,347 मतदान केंद्रों से केवल 184 केंद्रों में ही गणना पत्रक पहुंचे थे। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने माना कि गणना पत्रक की कमी के कारण मतदाता गहन पुनरीक्षण के लिए पहले दिन बीएलओ घर-घर नहीं जा पाए। हरदा और सागर में भी गणना पत्रक की कमी बनी हुई है। कांग्रेस का आरोप, बिना तैयारी एसआईआर की प्रक्रिया शुरू की कांग्रेस की एसआईआर के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि बिना किसी तैयारी के चुनाव आयोग ने एसआईआर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिना आवश्यक फॉर्म उपलब्ध कराए बीएलओ को दबाव में काम करने को कहा जा रहा है। हम इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और चुनाव आयोग से पत्राचार कर पूछेंगे कि बिना पर्याप्त तैयारी के एसआईआर की प्रक्रिया क्यों शुरू की गई है।

‘SIR’ में लापरवाही, भोपाल कलेक्टर ने बीएलओ को सेवा से हटाया

भोपाल मध्य प्रदेश में भी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानि SIR का सर्वे शुरू हो गया है. इस दौरान प्रशासन की टीमें अब घर-घर जाकर वोटर्स को फॉर्म दे रही हैं और उनकी जानकारी भी बता रही है. राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में इसका काम शुरू हो गया है. खास बात यह है कि प्रशासन ने इस काम में किसी तरह की लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए हैं. जबकि भोपाल कलेक्टर ने पहले ही दिन बड़ा एक्शन लिया है, जहां एक बीएलओ को अभियान में लापरवाही करने पर बर्खास्त किया गया है. क्योंकि वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे.  भोपाल कलेक्टर ने की कार्रवाई  भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने यह कार्रवाई की है, उन्होंने बताया कि राजधानी के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ प्रशांत दुबे को गोविंदपुरा विधानसभा के बूथ नंबर-150 पर ड्यूटी लगाई गई थी. लेकिन वे मंगलवार को अपने काम पर नहीं मौके पहुंचे थे, इस पर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे सभी कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है, जो इस जिम्मेदारी में लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी. सभी के लिए Alert! आपको बता दें कि, राजधानी भोपाल में एसआईआर के तहत कुल 2029 हीएलओ और 250 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, जो डोर-टू-डोर जाकर वोटर्स से गणना प्रपत्र भरवा रहे हैं। कलेक्टर खुद भी मंगलवार को हुजूर विधानसभा के कई बूथों पर पहुंचे और मतदाताओं से फॉर्म भरवाए। उन्होंने एसडीएम, तहसीलदारों को भी काम में किसी तरह की लापरवाही ना बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। कार्रवाई ने सेट किया एग्जामपल SIR प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी, जिसमें हर मतदाता से दो प्रतियों में प्रपत्र भरवाया जाएगा। एक प्रति रसीद के रूप में मतदाता को दी जाएगी। ये पहली बड़ी कार्रवाई प्रदेशभर के लिए एसआईआर को गंभीरता से लेने का उदाहरण बन गई है। जिला निर्वाचन कार्यालय ने सभी BLO को चेतावनी जारी की गई है कि, ड्यूटी में चूक पर सीधी कड़ी कारर्वाई ही होगी। भोपाल जिले में SIR सर्वे के लिए 2029 BLO और 250 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, जो घर-घर जाकर मतदाताओं से प्रपत्र भरवा रहे हैं। कलेक्टर सिंह ने मंगलवार को स्वयं हुजूर विधानसभा क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया और मतदाताओं से बातचीत करते हुए प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित एसडीएम और तहसीलदारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी कर्मचारी की अनुपस्थिति या लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जाए। यह विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी। प्रत्येक मतदाता से दो प्रतियों में फॉर्म भरवाया जाएगा, जिनमें से एक प्रति मतदाता को रसीद के रूप में दी जाएगी। कलेक्टर द्वारा की गई यह त्वरित कार्रवाई पूरे मध्य प्रदेश के लिए एक उदाहरण बन गई है। जिला निर्वाचन कार्यालय ने सभी BLO को चेतावनी दी है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की चूक पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 2029 बीएलओ और 250 सुपरवाइजर तैनात बता दें कि एसआईआर के कार्य में कुल 2029 बीएलओ और 250 सुपरवाइजर को सर्वे का जिम्मा सौंपा गया है। ये डोर-टू-डोर जाकर वोटर्स को फॉर्म देंगे, जिन्हें भरकर वोटर वापस इन्हें लौटाएंगे। 1 महीने तक यह काम चलेगा। प्रत्येक बीएलओ को 3 बार तक घर जाना होगा और मतदाता को ‘गणना पत्रक’ देना होगा, जो दो प्रति में होगा। एक मतदाता के पास रहेगी और दूसरी बीएलओ के पास। वर्तमान में भोपाल जिले में कुल 21 लाख वोटर्स हैं। मंगलवार से इसकी शुरुआत कर दी गई। भोपाल में कलेक्टर सिंह खुद हुजूर विधानसभा के कई बूथ पर पहुंचे और वोटर्स को फॉर्म देकर भरवाया। बुधवार को भी यह काम चलेगा। कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों की ड्यूटी भी लगाई गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया, अगले पांच-छह दिन तक डोर-टू-डोर फॉर्म दिए जाएंगे। इसके बाद इन्हें कलेक्ट किया जाएगा। इस काम में एक अलग से टीम भी लगाई गई है। साल 2023 के बाद इस तरह से सर्वे बता दें कि साल 2003 के बाद पहली बार वोटर लिस्ट का डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है। जिन लोगों के नाम 2003 की लिस्ट में नहीं हैं और वर्तमान लिस्ट में हैं, उन्हें बताना होगा कि परिवार में किसका नाम 2003 की लिस्ट में था। बीएलओ फॉर्म में दी गई जानकारी के आधार पर इसे वेरिफाई करेंगे। जानकारी सही होने पर ही नाम जुड़ेगा।  

उत्तर प्रदेश में SIR सर्वे की शुरुआत! अधिकारी घर-घर जाकर करेंगे डेटा कलेक्शन

लखनऊ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत उत्तर प्रदेश में मंगलवार से अगले एक महीने तक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना पत्र उपलब्ध कराएंगे और मतदाताओं को ये प्रपत्र भरने में मदद करेंगे। निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, एसआईआर अभियान के तहत बीएलओ चार नवंबर से आगामी चार दिसंबर तक घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) उपलब्ध कराएंगे। बीएलओ गणना प्रपत्र की दो प्रतियां मतदाताओं को उपलब्ध कराएंगे और इसे भरने में भी मदद करेंगे। बीएलओ मतदाताओं द्वारा भरे हुए गणना प्रपत्र एकत्र करेंगे और उसकी रसीद देंगे। आयोग ने मतदाताओं से अनुरोध किया है कि वे गणना प्रपत्र भर कर और उस पर हस्ताक्षर करके जल्द से जल्द अपने बीएलओ को उपलब्ध कराएं। मतदाता गणना प्रपत्र की दोनों प्रतियों को भरें, अपनी नवीनतम तस्वीर लगाएं और हस्ताक्षर करें। आयोग के मुताबिक, मतदाता निर्वाचन आयोग पोर्टल से भी अपना गणना प्रपत्र डाउनलोड कर सकते हैं। अधिक जानकारी एवं सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आयोग के अनुसार, निर्वाचक नामावली का प्रकाशन आगामी नौ दिसंबर को होगा जिस पर अगले साल आठ जनवरी तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। नोटिस, सुनवाई और सत्यापन एवं निस्तारण का काम नौ दिसंबर से अगले साल 31 जनवरी तक किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन अगले साल सात फरवरी को किया जाएगा।  

BLO ट्रेनिंग पूरी, अब 72 हजार बूथों पर एसआईआर के जरिए घर-घर जाएगा टीम

भोपाल  मध्य प्रदेश में मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए बिहार की तर्ज पर आज से सिस्टमैटिक इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट (SIR) का काम शुरू हो रहा है. इसके लिए ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 65 हजार बूथ लेवल अधिकारी (BLO) प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के 72 हजार बूथों पर घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे. इस अभियान में हर वोटर को 2003 के एसआईआर के आधार पर मिली जानकारी से फिर से वेरिफाई किया जाएगा. MP में आज से शुरू होगी SIR दरअसल, बिहार की तर्ज पर आज से मध्य प्रदेश में भी एसआईआर की शुरुआत हो रही है. मध्य प्रदेश के सभी 65,000 बीएलओ का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है. बीएलओ घर-घर जाकर आयोग द्वारा जारी किए गए फॉर्म बाँटेंगे. वे 2003 की एसआईआर के आधार पर मतदाताओं से जानकारी एकत्र करेंगे. बता दें कि राज्य की सभी 230 विधानसभा सीटों के हर बूथ के हर मतदाता का दोबारा सत्यापन किया जाएगा. जब BLO आपके घर पहुंचें तो सबसे पहले क्या करें? चुनाव आयोग ने नागरिकों से बीएलओ के साथ पूरा सहयोग करने की अपील की है, लेकिन कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि घर-घर जाकर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ कोई भी दस्तावेज़ नहीं लेंगे. अगर सत्यापन के दौरान पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो बीएलओ केवल ईआरओ (निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) को सूचित करके ही नागरिकों से ज़रूरी दस्तावेज़ मांग सकते हैं. अगर सत्यापन के दौरान पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो बीएलओ ईआरओ को सूचित करके नागरिकों से ज़रूरी दस्तावेज़ मांग सकते हैं. बीएलओ आयोग द्वारा अधिकृत पहचान पत्र साथ लाएंगे. नागरिक यहां पहचान पत्र देखकर जानकारी साझा कर सकते हैं.  यूपी-एमपी समेत इन 12 राज्यों में होगी SIR की शुरुआत, कब भरा जाएगा फॉर्म? जानें सब कुछ चुनाव आयोग बिहार के बाद अब नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत करने जा रहा है. इसका मंगलवार (4 नवंबर) से आगाज होगा. इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ समाप्त होगी. इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 51 करोड़ वोटर्स हैं. बिहार के बाद एसआईआर का यह दूसरा चरण है. बिहार में अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई थी. बिहार में करीब 7.42 करोड़ नामों को वोटर लिस्ट में शामिल किया गया था. दूसरे चरण में, जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की कवायद होगी, उनमें अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ दस्तावेज नहीं लेंगे, विवाहित महिलाओं को मायके से मंगानी होगी डिटेल इस व्यवस्था के अंतर्गत वर्ष 2003 में जिन महिलाओं की उम्र 18 साल नहीं थी और एक जनवरी 2003 को जारी एसआईआर के दौरान जो महिलाएं विवाहित नहीं थीं। ऐसी महिलाओं को अब खुद को वोटर साबित करने के लिए मायके से अपना मतदाता क्रमांक और मतदान केंद्र क्रमांक मंगवाना होगा। सीईओ एमपी इलेक्शन ने कहा है कि घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ कोई भी दस्तावेज़ एकत्र नहीं करेगा। ऐसे होगा एसआईआर का काम चुनाव आयोग ने वर्ष 2002 से 2008 के बीच देश के सभी राज्यों की एसआईआर कराई है। इसका डेटा चुनाव आयोग की वेबसाइट के अलावा एमपी सीईओ की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसमें वोटर पूरी जानकारी भरकर एमपी में हुई 2003 की एसआईआर के आधार पर अपना मतदाता क्रमांक, मतदान केंद्र क्रमांक और अन्य जानकारी हासिल कर सकते हैं। यह जानकारी उन्हें बीएलओ द्वारा दिए गए फाॅर्म में भरकर देना होगी। नए वोटर्स के लिए फॉर्म 6 भरने को देंगे बीएलओ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने कहा है कि जिन परिवारों में कोई नया सदस्य 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है, उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए बीएलओ द्वारा फॉर्म 6 उपलब्ध कराया जाएगा। यदि किसी परिवार सदस्य का निधन हो गया हो या वह अन्यत्र स्थानांतरित हो गया हो, तो उसकी जानकारी भी बीएलओ को दें ताकि सूची से नाम विलोपित किया जा सके। झा ने कहा कि घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ कोई भी दस्तावेज़ एकत्र नहीं करेगा। दस्तावेज केवल तभी आवश्यक होंगे जब किसी एंट्री का सत्यापन पूर्ववर्ती रिकॉर्ड से मेल न खाए। ऐसी स्थिति में संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्री अधिकारी (ERO) अलग से सूचना देकर आवश्यक दस्तावेज़ मांगेगा। बीएलओ आयोग द्वारा अधिकृत पहचान पत्र लेकर आएंगे, नागरिक उनसे पहचान पत्र देखकर जानकारी साझा करें। मतदाता ऐसे तलाश सकेंगे अपना नाम     एसआईआर 2003 में वोटर अपना नाम तलाशने के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/ ओपन करेंगे।     इसे ओपन करने पर वोटर को जिस राज्य में 2003 में वोटिंग की है या वोटर के माता पिता, परिजन ने वोट डाला है, उस राज्य पर क्लिक करना होगा।     इसके बाद राज्य और संबंधित जिला तथा विधानसभा क्षेत्र पर क्लिक करना होगा।     वोटर या उसके परिजन ने विधानसभा क्षेत्र में जिस गांव, वार्ड के मतदान केंद्र में वोट डाला है, उसे ध्यान कर संबंधित मतदान केंद्र स्थल का नाम तलाशना पड़ेगा।     अगर 2003 में निवास वाले मोहल्ले में आबादी ज्यादा न हो तो आसानी से एक ही क्लिक में संबंधित मतदान केंद्र की वोटर सूची आ जाएगी जिसमें मतदाता क्रमांक और मतदान केंद्र की जानकारी निकालकर उसे बीएलओ द्वारा दिए गए फाॅर्म में भरना होगा।     अगर कोई अपनी जानकारी नहीं दे पाता है तो उसे फाॅर्म में बताए गए 11 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज देना होगा जिसके आधार पर बीएलओ उस मतदाता को वेरिफाई करेगा। 2026 में इन राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. असम में भी 2026 में चुनाव होने हैं, लेकिन वहां मतदाता सूची के पुनरीक्षण की घोषणा अलग से की जाएगी, क्योंकि राज्य में नागरिकता सत्यापित करने के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में प्रक्रिया चल रही है. साथ ही नागरिकता कानून का एक अलग प्रावधान असम में लागू होता है. एसआईआर को लेकर क्या बोला इलेक्शन कमीशन मुख्य निर्वाचन … Read more

5.5 लाख भोपालियों के घर पहुंचेंगे BLO, 60% मतदाता स्पेशल रिवीजन में शामिल

भोपाल मध्य प्रदेश में शुरु हुई स्पेशल इंसेन्टिव रिवीजन यानी एसआईआर की प्रक्रिया को 2003 की वोटर लिस्ट के आधार पर तय किया जाएगा। 2003 से 2025 के बीच जिले की मतदाता सूची में कुल 9.26 लाख से अधिक मतादाता बढ़ चुके हैं। एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े प्रशासनिक अफसरों के अनुसार, बढ़े हुए मतदाताओं में से 60 फीसदी यानी करीब साढ़े पांच लाख मतदाता ऐसे हैं जो अन्य शहरों, राज्यों से भोपाल पहुंचे हैं। इन्हें ही अब एसआईआर में अपने मूल निवास, पहचान, जन्म से जुड़े दस्तावेज दिखाने होंगे। 2003 की मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं और उनके परिजन को स्वत: ही 2025 की सूची में शामिल कर लिया गया है। 2003 में भोपाल -04 विधानसभाएं थीं -11.88 लाख वोटर्स थे इन विधानसभाओं में -3.45 लाख वोटर्स गोविंदपुरा विधानसभा -4.22 लाख वोटर्स दक्षिण विधानसभा -2.21 लाख वोटर्स नार्थ विधानसभा -1.99 लाख वोटर्स बैरसिया में थे आज से लगेगी ड्यूटी बीएलओ के साथ सहायक भी दिया जाएगा। गुरुवार से इसके लिए ड्यूटी शुरू हो जाएगी। एसआईआर के लिए प्रशिक्षण का एक भाग पहले ही तय हो चुका है। एसडीएम के माध्यम से बीएलओ ने 2003 की सूची से मौजूदा सूची का मिलान की प्रक्रिया अपने स्तर पर पूरी कर ली है। आगामी काम के लिए विधानसभा स्तर पर प्रशिक्षण होगा। एक विधानसभा में 12 से अधिक स्थान इसके लिए तय किए जा रहे हैं। तय समय में पूरे होंगे काम- कलेक्टर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि, एसआईआर के लिए टीम ट्रेनिंग शुरू की जा रही है। तय समय में मतदाता सूची से जुड़े काम पूरे कर लिए जाएंगे।

चुनावी मोर्चा मजबूत करने में जुटी कांग्रेस, SIR पर घमासान के बीच 51 हजार बीएलए की तैनाती

जयपुर राजस्थान में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के ऐलान के साथ ही सियासी आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला शुरू हो चुका है। कांग्रेस आरोप लगा रही है कि SIR के बहाने बीजेपी वोट चोरी करना चाहती है। वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को ही वोट चोर बता दिया। कांग्रेस के आरोप इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि कांग्रेस ने SIR में लोगों से फॉर्म भरवाने के लिए अब तक 51 हजार बीएलए बना दिए हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन में बन जाएंगे हर बूथ पर कांग्रेस पार्टी का बीएलए रहेगा और 200 की 200 विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर की निगरानी हेतु ऑब्जर्वर लगाए जाएंगे और  यह सभी ऑब्जर्वर अपने-अपने क्षेत्र में भाजपा की बेईमानी को रोकेंगे। भाजपा सरकार कब तक चुनाव टालेगी सरकार को पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव तो करवाने ही पड़ेंगे और उस वक्त जनता के समक्ष भाजपा की पोल खुल जाएगी, उनका झूठा आवरण उतर जाएगा आखिर कब तक भाजपा ब्यूरोक्रेसी के माध्यम से सरकार चलाएगी। बीजेपी का पलटवार इधर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने डोटासरा के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा  कि हर बार 18 वर्ष के नव जवान का नाम जोड़ा जाता है और जो मृतक है, उसका नाम काटा जाता है. और आपने तो कई बार वोट चोरी की है. बाबा साहब आंबेडर को किसने हराया, आप लोगों ने हराया. किस प्रकार से आप लोगों ने लिस्ट तैयार की. ये हिंदुस्तान कोई धर्मशाला नहीं है कि आपने बांग्लादेश और रोहिंग्या के लोगों को वोटर बना दिया, चुनाव जीतने के लिए. वे लोग यहां की जमीन को सुरक्षित रखने वाले नहीं हैं। निर्वाचन विभाग की तैयारियां- 70% मतदाताओं की जियो-मैपिंग पूरी राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता आंकड़ों का अपडेट जारी किया गया है। 27 अक्टूबर 2025 तक प्रदेश में कुल 5 करोड़ 48 लाख 84 हजार 570 मतदाता दर्ज हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, 2002 और 2025 की मतदाता सूचियों की भौगोलिक मैचिंग (Geo-Mapping) का कार्य 70.55% पूरा हो चुका है। वहीं, BLO ऐप के माध्यम से किए गए सर्वे में पाया गया कि 79.32% मतदाताओं की आयु 40 वर्ष से अधिक है, जबकि 22.22% मतदाताओं की उम्र 40 वर्ष से कम है। निर्वाचन विभाग ने बताया कि यह डेटा राज्यभर में चल रही विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत मतदाता सूची को अपडेट करने और सत्यापित करने का कार्य तेजी से जारी है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का निर्देश: सभी राजनीतिक दल करें बीएलए की नियुक्ति

भोपाल  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने मंगलवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ निर्वाचन सदन, भोपाल में बैठक की। बैठक में उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2025 की प्रक्रिया की जानकारी दी और सभी राजनीतिक दलों से अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) की अनिवार्य नियुक्ति करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की दूसरी चरण की तारीखें घोषित की जा चुकी हैं, जिनमें मध्यप्रदेश भी शामिल है। प्रदेश में पुनरीक्षण प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ हो चुकी है और मतदाता सूची फिलहाल फ्रीज कर दी गई है। नागरिक अपने नाम की स्थिति voters.eci.in या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर देख सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ तीन बार घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में सम्मिलित हो सके। नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए क्रमशः फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 भरना आवश्यक होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति एन्यूमरेशन फॉर्म में मिथ्या जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ जुर्माना या कारावास का प्रावधान है। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय श्रीवास्तव, सुरभि तिवारी, राजेश यादव, कांग्रेस से जेपी धनोपिया, भाजपा से भगवानदास सबनानी और एसएस उप्पल, तथा आम आदमी पार्टी से सुमित चौहान उपस्थित रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने बताया कि प्रक्रिया के दौरान नागरिक पासपोर्ट, जन्म प्रमाण-पत्र, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, निवास या जाति प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेजों से अपनी पात्रता सिद्ध कर सकेंगे। पुनरीक्षण की प्रमुख तिथियां – 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक बीएलओ प्रशिक्षण – 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर सर्वेक्षण – 9 दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025 से 9 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्तियां – 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 

पश्चिम बंगाल में अधिकारी तबादलों के 24 घंटे बाद चुनाव आयोग हुआ सक्रिय, SIR पर बड़ी मीटिंग

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में विशेष गहन संशोधन (SIR) की घोषणा के ठीक पहले ममता बनर्जी सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा ‘खेला’ खेला है. राज्य सरकार ने 527 अधिकारियों का एक साथ स्थानांतरण कर दिया, जिसमें 67 आईएएस और 460 राज्य सिविल सेवा अधिकारी शामिल हैं. यह कदम चुनाव आयोग के SIR अभियान से ठीक पहले उठाया गया, जिसे विपक्ष ने चुनावी हेरफेर का प्रयास करार दिया. अब आयोग ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी जिलाधिकारियों (DM) के साथ बैठक बुलाई है, जबकि सभी राजनीतिक दलों के साथ भी चर्चा मंगलवार से ही होनी है. ये बैठकें मंगलवार सुबह 10 बजे ही शुरू हो गई . सीनियर उप चुनाव आयुक्त सभी जिलाधिकारियों के साथ सुबह 10 बजे से मीटिंग शुरू करेंगे. यह मीटिंग वर्चुअल होगी और इसमें राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी और सभी जिलों के डीएम शामिल होंगे. इसके बाद आज ही सभी राजनीतिक दलों के साथ मीटिंग होगी. इस कवायद ने 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट की सफाई को लेकर तनाव को बढ़ा दिया है. चुनाव आयोग ने सोमवार को SIR के दूसरे चरण की घोषणा की, जिसमें पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं. SIR का उद्देश्य वोटर लिस्ट से फर्जी नाम हटाना, मृत वोटरों को डिलीट करना, दोहरी एंट्री को दूर करना और प्रवासी वोटरों को अपडेट करना है. प्रक्रिया 28 अक्टूबर से तीन नवंबर तक ट्रेनिंग और प्रिंटिंग के साथ शुरू होगी, जबकि घर-घर सर्वे चार नवंबर से चार दिसंबर तक चलेगा. ड्राफ्ट लिस्ट नौ दिसंबर को जारी होगी, दावा-आपत्ति आठ जनवरी 2026 तक और अंतिम लिस्ट सात फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि यह एक्सरसाइज हर योग्य वोटर को शामिल करने और अयोग्य को हटाने के लिए है. बंगाल में कोई विवाद नहीं है, राज्य सरकार अपना सहयोग देगी. ममता बनर्जी ने किया विरोध हालांकि, ममता बनर्जी ने SIR को ‘NRC जैसा अभ्यास’ बताते हुए कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने आयोग पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि आयोग के अधिकारी हमारे अधिकारियों को धमकियां दे रहे हैं. यह ‘लॉलीपॉप सरकार’ का खेल है. बंगाल में दंगे भड़क सकते हैं. जुलाई से ही ममता का रुख आक्रामक रहा है. उन्होंने बीएलओ की मीटिंग पर नाराजगी जताई कि यह राज्य सरकार को सूचित किए बिना हुई. अक्टूबर में उन्होंने कहा कि आयोग आग के साथ खेल रहा है. उत्तर बंगाल में बाढ़ प्रभावित परिवार दस्तावेज कैसे देंगे. टीएमसी का दावा है कि SIR से 1.2 करोड़ वोटरों को हटाने की साजिश है, जो उनके वोट बैंक को नुकसान पहुंचाएगी. इन आरोपों के बीच राज्य सरकार ने 14 जिलाधिकारियों समेत प्रमुख अधिकारियों का तबादला कर दिया. प्रभावित जिलों में उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, कूच बिहार, मुर्शिदाबाद, पुरुलिया, दार्जिलिंग, मालदा, बीरभूम, झारग्राम और पूर्व मिदनापुर शामिल हैं. कई अधिकारी ढाई से चार साल से पद पर थे, जो ECI के तीन साल के नियम का उल्लंघन कर रहे थे. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह रूटीन तबादला है, लेकिन SIR शुरू होने के बाद जटिल हो जाता. भाजपा ने इसे ‘अवैध हेरफेर’ बताते हुए आयोग से शिकायत की है. प्रदेश बीजेपी नेता सिसिर बाजोरिया ने कहा कि आयोग की अनुमति के बिना 235 अधिकारियों का तबादला SIR का उल्लंघन है. 17 डीएम, 22 एडीएम, 45 एसडीओ और 151 बीडीओ का तबादला किया गया है. इसे रद्द किया जाए.