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32 साल का पहला झटका: अमेरिका की रूस नीति फेल, विदेश से अंडे खरीदने पर विवश

वाशिंगटन  रूस की अर्थव्यवस्था को पंगु बनाने की कोशिश में जुटा अमेरिका अब खुद ही उसके साथ व्यापार करने के लिए मजबूर है। दरअसल अमेरिका ने इसी साल जुलाई में रूस से पहली बार मुर्गी के अंडों की खेप आयात की है। यह जानकारी रूस की सरकारी समाचार एजेंसी RIA नोवोस्ती ने अमेरिकी सांख्यिकीय सेवा के आंकड़ों का हवाला देते हुए दी। बताया जा रहा है कि यह आयात 32 वर्षों में पहली बार हुआ है। आखिरी बार अमेरिका ने 1992 में रूस से अंडे खरीदे थे। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने जुलाई महीने में रूस से ताजा मुर्गी के अंडों पर 4.55 लाख डॉलर (करीब 3.8 करोड़ रुपये) खर्च किए। यह कदम उस समय उठाया गया जब देश में बर्ड फ्लू महामारी के चलते पोल्ट्री उद्योग को भारी नुकसान हुआ और अंडों की आपूर्ति संकट पैदा हो गया। बर्ड फ्लू से संकट और महंगाई साल 2025 की शुरुआत में फैले बर्ड फ्लू प्रकोप से लाखों मुर्गियां प्रभावित हुईं। जनवरी में सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हालात इतने गंभीर थे कि कई स्टोर्स को अंडों पर खरीद की सीमा लगानी पड़ी। फरवरी तक एक दर्जन अंडों की कीमत 7 डॉलर तक पहुंच गई। हालांकि पिछले महीनों में दामों में कुछ कमी आई है, लेकिन जुलाई 2025 में अंडे पिछले साल की तुलना में अब भी 16.4% महंगे रहे। वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने इस संकट के लिए पूर्व बाइडेन प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पद छोड़ने से पहले करीब 80 लाख मुर्गियों की अकारण कुरबानी दी, जिससे स्थिति और बिगड़ी। पाबंदियों के बीच व्यापार फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद अमेरिका और पश्चिमी देशों ने मॉस्को पर कड़े प्रतिबंध लगाए। अमेरिका ने रूस की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने, उसकी सैन्य क्षमताओं को सीमित करने और उसे वित्तीय व कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने के लिए ये व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें रूसी सेंट्रल बैंक की अरबों डॉलर की संपत्ति को फ्रीज करना, प्रमुख रूसी बैंकों को स्विफ्ट सिस्टम से बाहर करना, रूस के ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार और निवेश पर भारी प्रतिबंध लगाना, और प्रमुख रूसी अधिकारियों पर प्रतिबंध शामिल हैं। इन पाबंदियों के बावजूद, 2024 में अमेरिका ने रूस से करीब 3 अरब डॉलर के सामान आयात किए। इनमें उर्वरक (2025 की पहली छमाही में 927 मिलियन डॉलर), यूरेनियम व प्लूटोनियम (755 मिलियन डॉलर) और पैलेडियम जैसे कीमती धातु शामिल हैं। पिछले तीन वर्षों में अमेरिका-रूस व्यापार लगभग 90% तक गिर चुका है। लेकिन अगस्त 2025 में अलास्का में हुए ट्रंप-पुतिन शिखर सम्मेलन के बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की संभावना के संकेत मिले।  

मौसम अपडेट: MP के 12 जिलों में भारी बारिश, अगले दिन बरसात की संभावना

भोपाल  मध्य प्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से लगातार बारिश का दौर चल रहा है। शनिवार को भी प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल में सुबह से बारिश हो रही है। शुक्रवार को इंदिरा सागर समेत 5 डैम के गेट खोलने पड़े। मौसम विभाग ने जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, उनमें उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, झाबुआ, धार, शाजापुर, राजगढ़, गुना और श्योपुर शामिल हैं। यहां अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। 20 जिलों में गिरा पानी शुक्रवार को उज्जैन में सवा 2 इंच और इंदौर में डेढ़ मिमी पानी गिर गया जबकि शिवपुरी में 1 इंच बारिश हुई। इसके अलावा भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, रतलाम, सिवनी, टीकमगढ़, बालाघाट, धार, बड़वानी, श्योपुर, दतिया, विदिशा, मुरैना समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। इसलिए हो रही तेज बारिश मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में शुक्रवार को बारिश के तीन स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। इनमें एक मानसून समेत दो ट्रफ, एक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) शामिल हैं। शनिवार को भी सिस्टम की एक्टिविटी देखने को मिल सकती है इसलिए कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रदेश में 40.6 इंच हुई बारिश मौसम विभाग के अनुसार, एमपी में अब तक 40.6 इंच बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 110 प्रतिशत है। अब तक 32.4 इंच बारिश होनी थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। गुना सबसे बेहतर है यहां 63.1 इंच बारिश हो चुकी है। गुना में सामान्य से 30 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। श्योपुर में 55.8 इंच, मंडला में 55.8 इंच और शिवपुरी में 53.3 इंच बारिश हुई है। इंदौर और उज्जैन संभाग के हैं। खरगोन में सबसे कम 25.1 इंच, खंडवा में 25.4 इंच, बुरहानपुर में 25.5 इंच, बड़वानी में 25.6 इंच और शाजापुर में 26.2 इंच बारिश हो चुकी है। 

वर्ल्ड कप में दहाड़! एलिसा हीली ने दी चुनौती, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान बोले- हर हाल में मुकाबला करेंगे

सिडनी  आस्ट्रेलियाई कप्तान एलिसा हीली को भरोसा है कि उनकी टीम भारतीय उपमहाद्वीप में होने वाले आगामी महिला वनडे वर्ल्ड कप में हर तरह की चुनौती से पार पाने में सफल रहेगी। ऑस्ट्रेलिया महिला वनडे विश्व कप में सात बार का चैंपियन है और वह भारत और श्रीलंका में 30 सितंबर से शुरू होने वाले टूर्नामेंट में अपने खिताब का बचाव करने के लिए उतरेगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अनुसार हीली ने कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से इस टूर्नामेंट में खेलने को लेकर बेहद उत्साहित हूं, लेकिन क्रिकेट की परिस्थितियां हमारे ग्रुप के लिए एक अलग चुनौती पेश करती हैं, जिसके लिए मुझे लगता है कि हम वास्तव में अच्छी स्थिति में हैं।’’ इस 35 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर-बल्लेबाज ने कहा, ‘‘हमारे पास हर विभाग में इतनी गहराई है कि हमारे सामने जो भी परिस्थितियां आएंगी, हम उनका सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसलिए मैं टूर्नामेंट में अपनी टीम की अगुवाई करने को लेकर वास्तव में उत्साहित हूं।’’ ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार को इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की है, जिसमें चोट के कारण लंबे समय से बाहर रहने के बाद बाएं हाथ की स्पिनर सोफी मोलिनक्स की वापसी हुई है। सोफी और जॉर्जिया वेयरहम की स्पिन जोड़ी भारतीय उपमहाद्वीप में ऑस्ट्रेलिया की संभावनाओं के लिए महत्वपूर्ण होगी। हीली ने कहा, ‘‘भारत क्रिकेट खेलने के लिए बहुत अच्छी जगह है। वहां की संस्कृति बहुत अलग है, लेकिन मुझे लगता है कि जिस तरह से वे (भारत) अपनी क्रिकेट से प्यार करते हैं और जिस तरह से इसे आत्मसात करते हैं उसे देखते हुए यह एक क्रिकेटर के लिए क्रिकेट खेलने के लिए खास जगह बन जाती है।’’ ऑस्ट्रेलिया 50 ओवर के इस टूर्नामेंट से पहले भारत के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज भी खेलेगा। हीली ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि किसी ने पिछले कुछ समय से लगातार दो विश्व कप जीते हैं और ऐसे कई मुकाम हैं जिन्हें हम हासिल करना चाहेंगे। विश्व कप जीतना खास है, ये हमारे खेल का चरम है। इसलिए, हम जानते हैं कि हमें वहां जाकर लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा।’’  

सीएम पंजाब की तबीयत खराब, कैबिनेट मीटिंग रद्द—सिसोदिया और मां पहुंचे अस्पताल

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लो पल्स रेट (LOw Pulse Rate) की वजह से शुक्रवार मोहाली के फोर्टिस अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा था. ताजा हेल्थ अपडेट के अनुसार, उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है. अस्पताल प्रशासन ने शनिवार को बयान जारी करते हुए कहा कि 51 वर्षीय मुख्यमंत्री की पल्स रेट में सुधार हुआ है. उनकी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य स्थिति को स्थिर करने के बाद मेडिकल टीमें उनकी लगातार निगरानी कर रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, मान पिछले दो दिनों से वायरल बुखार और पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे. इस बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) के हवाले से खबर आ रही है कि वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया फोर्टिस अस्पताल पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे. इससे पहले पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को मान के आधिकारिक आवास पर उनकी सेहत का जायजा लिया था. पंजाब में बाढ़ संकट के बीच मान की तबीयत बिगड़ने के कारण कैबिनेट बैठक स्थगित कर दी गई थी. CM की सेहत में अब सुधार है। उनकी पल्स रेट पहले से बेहतर हुई है। मेडिकल टीमें लगातार उनकी सेहत पर नजर रख रही हैं। मेडिकल टीमें लगातार उनकी सेहत पर नजर रख रही हैं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मुख्यमंत्री को धड़कन धीमी होने और कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था। यहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनका चेकअप किया और निगरानी के लिए भर्ती करने की सलाह दी थी। इसके बाद शुक्रवार रात उन्हें एडमिट कर लिया गया था। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर अस्पताल लाए गए जानकारी के मुताबिक भगवंत मान पिछले दो दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। इसी वजह से उनका AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के साथ बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा भी टल गया था। तब से वह चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर ही आराम कर रहे थे और वहीं पर इलाज चल रहा था। लेकिन शुक्रवार शाम उनकी तबीयत और बिगड़ गई। मुख्यमंत्री की तबीयत खराब होने के चलते शुक्रवार शाम को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक भी स्थगित करनी पड़ी। पिछले साल भी सितंबर माह में तबीयत खराब हुई थी CM भगवंत मान की तबीयत पिछले साल भी बिगड़ी थी। 26 सितंबर 2024 को उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रूटीन चेकअप में पता चला कि उनके फेफड़ों की धमनी में सूजन थी, जिससे दिल पर दबाव बढ़ रहा था और ब्लड प्रेशर अस्थिर हो रहा था। बाद में सामने आया कि मान को लैप्टोस्पायरोसिस नामक संक्रमण है। यह एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन है, जो बरसात और गंदे पानी के संपर्क से फैलता है और शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है। लगातार देखरेख और दवाओं के असर से उनकी तबीयत में सुधार आया। तीन दिन बाद 29 सितंबर 2024 को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान के बारे में जानिए….     कॉमेडी से राजनीति में आए: भगवंत मान का जन्म 17 अक्टूबर 1973 को पंजाब के संगरूर जिले के सतोज गांव में हुआ था। उन्होंने संगरूर के SUS कॉलेज से बीकॉम किया। कॉमर्स में ग्रेजुएशन करने के बाद नौकरी या बिजनेस करने की बजाय कॉमेडियन बन गए। उन्होंने कई स्टेज शो और फिल्मों में काम करके नाम कमाया। अपने चुटकुलों से उन्होंने करोड़ों लोगों का दिल जीता।     पंजाब पीपल्स पार्टी से शुरुआत, पहला चुनाव हारे: भगवंत सिंह मान शुरू से आम आदमी पार्टी में नहीं थे। उन्होंने राजनीति की शुरुआत मनप्रीत सिंह बादल की पंजाब पीपल्स पार्टी से की थी। 2012 में वे लहरागागा विधानसभा सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। इसके बाद मनप्रीत कांग्रेस में शामिल हो गए।     2014 में सांसद, 2022 में CM बने: 2014 में भगवंत मान आम आदमी पार्टी में शामिल हुए और संगरूर लोकसभा सीट से सांसद बने। 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ जलालाबाद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 2019 में वे फिर संगरूर सीट से सांसद बने। 2022 विधानसभा चुनाव में AAP की जीत हुई। उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया।     CM बनने के बाद दूसरी शादी की: भगवंत मान ने CM बनने के बाद हरियाणा के पिहोवा की रहने वाली डॉ. गुरप्रीत कौर से दूसरी शादी की थी। 2019 में उनकी मुलाकात भगवंत मान से हुई। भगवंत मान तब संगरूर से सांसद थे। इसके बाद वह सीएम मान के विशेष कार्यक्रमों में शामिल होती रहीं। CM पद के शपथ ग्रहण समारोह में भी गुरप्रीत कौर मौजूद थीं। स्थिति में सुधार अस्पताल द्वारा जारी एक बयान में बताया गया कि सीएम मान के पहुंचने पर उनकी हेल्थ जांच की गई. अब उनकी हालत स्थिर है. अस्पताल ने एक बयान में कहा, ‘वह फिलहाल कुशल डॉक्टरों निगरानी में हैं. उनकी पल्स की गति में सुधार हुआ है.’ अस्पताल के कर्मचारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि मुख्यमंत्री की हालत स्थिर है. डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं. भगवंत मान की बीमारी के कारण शुक्रवार शाम को होने वाली पंजाब कैबिनेट की बैठक रद्द कर दी गई. रद्द करनी पड़ गई थी कैबिनेट की बैठक शुक्रवार को देर शाम मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति पर चर्चा करने और राज्य में राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए शाम 4 बजे बैठक बुलाई थी. सूत्रों ने बताया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति में कोई सुधार नहीं होने के कारण बैठक रद्द करनी पड़ी. कथित तौर पर वायरल बुखार से पीड़ित मान गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ सुल्तानपुर लोधी के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा नहीं कर पाए. बाढ़ क्षेत्र का दौरा करने के दौरान हुए बीमार मान इस हफ्ते की शुरुआत में बीमार पड़ने से पहले बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे थे. वे बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर रहे थे. गुरुवार को पंजाब सरकार ने बचाव और राहत कार्यों की प्रभावी निगरानी के लिए हर बाढ़ग्रस्त गांव में राजपत्रित अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए.

साजिश और सनसनीखेज कत्ल… राजा रघुवंशी केस में पुलिस ने पेश की 790 पन्नों की चार्जशीट

इंदौर मेघालय पुलिस ने इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. इस बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस में पुलिस की एसआईटी ने लंबी जांच के बाद शुक्रवार को अदालत में 790 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. चार्जशीट में राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और उनके तीन साथी आकाश राजपूत, आनंद कुरमी और विशाल सिंह चौहान को आरोपी बनाया गया है. ये सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. हनीमून मर्डर केस में दाखिल चार्जशीट कितने पन्नों की है? पुलिस ने यह चार्जशीट सोहरा सब-डिवीजन के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दाखिल की है. इसमें 790 पन्नों में घटनाक्रम, गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी सबूतों का ब्योरा दर्ज किया गया है. हनीमून मर्डर केस में मुख्य आरोपी कौन है? चार्जशीट के अनुसार, सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाहा ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी. आरोप है कि शादी के बाद हनीमून ट्रिप के दौरान ही पति की हत्या की प्लानिंग की गई थी. अन्य तीन आरोपियों ने इस साजिश को अंजाम देने में मदद की. हनीमून मर्डर चार्जशीट में कौन से सबूतों का जिक्र है? चार्जशीट में हत्या, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं. आरोपियों पर धारा 103(1) BNS (हत्या), धारा 238(a) BNS (सबूत मिटाना), और धारा 61(2) BNS (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज है. इसके अलावा कॉल रिकॉर्ड्स, मोबाइल डेटा और गवाहों के बयान भी इसमें शामिल किए गए हैं. क्या सोनम ने हनीमून मर्डर केस में अपनी भूमिका स्वीकार की है? बता दें कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान सोनम रघुवंशी ने स्वीकार किया था कि हत्या के समय वह मौके पर मौजूद थी. जांच टीम को दिए बयान में उसने बताया था कि पार्किंग लॉट में ही उसने किलर्स को इशारा कर दिया था. अब चार्जशीट में सोनम को मुख्य आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है. ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सियेम ने बताया कि इस मामले में तीन और सह-आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी, जैसे ही अतिरिक्त फॉरेंसिक रिपोर्ट मिल जाती है. ये तीन सह आरोपी हैं, जिनमें प्रॉपर्टी डीलर सिलोमे जेम्स, लोकेन्द्र तोमर (वह बिल्डिंग मालिक जहां हत्या के बाद सोनम छिपी थी) और बलबीर अहिरवार (सिक्योरिटी गार्ड) शामिल हैं. इन तीनों को सबूत नष्ट करने और छिपाने के आरोप में पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन फिलहाल ये जमानत पर बाहर हैं. हनीमून मर्डर केस में ट्रायल कब शुरू होगा? अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब ट्रायल प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है. हत्या का यह मामला बेहद चर्चा में रहा, यह घटना शादी के तुरंत बाद हनीमून ट्रिप के दौरान हुई थी. चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल केस की अदालत में सुनवाई तेज होने की उम्मीद है.

महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को 647 करोड़ से अधिक की राशि की गई अंतरित

रायपुर : महतारी वंदन योजना : माताओं-बहनों के सम्मान से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि संभव – मुख्यमंत्री साय महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को 647 करोड़ से अधिक की राशि की गई अंतरित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुँची, महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ जिले के खरसिया में आयोजित भव्य कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 19वीं किस्त का भुगतान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 69,15,994 महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1000-1000 रुपये की राशि अंतरित की। कुल 647.13 करोड़ रुपये की यह राशि एक क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आर्थिक सहयोग न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि परिवार की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के जीवन में आशा, विश्वास और नई प्रेरणा का संचार कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार महिलाओं की बेहतरी और समाज की उन्नति के लिए इसी प्रकार लगातार कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 69 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। आज की 19वीं किस्त सहित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों तक पहुँचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में अभूतपूर्व भूमिका निभा रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान प्रदान कर रही है। यह उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।  उन्होंने कहा कि योजना का प्रभाव न केवल महिलाओं तक सीमित है, बल्कि इससे पूरे परिवार को मजबूती मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।राज्य सरकार ने घोषणा की है कि महिलाओं के विकास, सुरक्षा और स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महतारी वंदन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।  कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अदाणी पावर को मिली सिंगरौली कोल ब्लॉक की मंजूरी, उत्पादन होगा जल्द शुरू

भोपाल सिंगरौली जिले के धिरौली में अदाणी पावर लिमिटेड कंपनी कोयला खदान का संचालन करेगी। कंपनी को खदान संचालन की स्वीकृति मिल गई है। धिरौली खदान की पीक उत्पादन क्षमता 6.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) है। इसमें से पांच एमटीपीए उत्पादन ओपन कास्ट माइनिंग से और शेष भूमिगत खनन से होगा। भू-विज्ञानिक रिपोर्ट के अनुसार इस ब्लाक में 620 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) ग्रास जियोलाजिकल रिजर्व और 558 एमएमटी शुद्ध भंडार मौजूद है, जो आने वाले कई दशकों तक स्थिर आपूर्ति, ईंधन सुरक्षा और परिचालन स्थिरता सुनिश्चित करेगा।   जिम्मेदार खनन पहल के तहत, अदाणी पावर खदान क्षेत्र में ही कोयले को धोकर और प्रोसेस करके उसकी अशुद्धियों को यहीं सीमित रखेगी, ताकि बाहरी क्षेत्र में अनावश्यक उत्सर्जन न हो और पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। यह अदाणी पावर की पहली कैप्टिव खदान है। खदान की ओपन कास्ट पीक रेट क्षमता वित्त वर्ष 2027 तक हासिल करने का लक्ष्य है, जबकि भूमिगत खनन का आरंभ नौ वर्षों बाद किया जाएगा। अदाणी पावर के पास इस ब्लाक की 30 वर्ष की लीज़ है। धिरौली ब्लाक से अदाणी पावर की मर्चेंट पावर आवश्यकताओं को पूरा करेगा और साथ ही 1,200 मेगावाट क्षमता वाले पावर प्लांट को आपूर्ति की जाएगी, जिसे वर्तमान में 3,200 मेगावाट तक विस्तारित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम हो रहा है।  

ग्रामीण बिहार में बड़ी पहल: 704 नए पुलों का निर्माण कार्य जल्द शुरू, सख्त निर्देश जारी

पटना  बिहार के सभी गांवों को शहरों से जोड़ने और ग्रामीण स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ी पहल की है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्यभर में कुल 704 नए पुलों का निर्माण कार्य 10 सितंबर से शुरू कर दिया जाएगा. इस योजना पर सरकार कुल 3,688 करोड़ रूपये की धनराशि खर्च कर रही है. जिससे राज्य के हजारों गांवों को स्थायी और सुरक्षित सड़क संपर्क मिल सकेगा. ग्रामीण कार्य विभाग ने ग्रामीण इलाकों में सड़क और पुल बनाने वाले संवेदकों को स्पष्ट रूप से निर्देश जारी कर दिया है कि यदि 10 सितंबर से उन्होंने ग्रामीण सड़कों और पुलों का नरमन कार्य शुरू नहीं किया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उनकी जमानत राशि जब्त करने के साथ-साथ उन्हें कालीसूची (ब्लैक लिस्टेड) कर दिया जाएगा. ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध सड़क संपर्क अभियान मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना योजना का उद्देश्य राज्य के उन ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध सड़क संपर्कता स्थापित करना है, जहां आज भी बरसात, बाढ़ या पुराने जर्जर पुलों के कारण आवागमन बाधित हो जाता है. मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत न सिर्फ पुराने और जर्जर पुलों की जगह नए और मजबूत पुल बनाए जाएंगे, बल्कि उन मार्गों को पुलों से जोड़ा जाएगा, जहां आज भी मिसिंग ब्रिज की वजह से रास्ते अधूरे पड़े हैं. साथ ही, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त पुलों को फिर से खड़ा किया जा रहा है. राज्य के कई ग्रामीण इलाकों में पुल तो पहले से बने हुए हैं लेकिन पहुंच पथ (एप्रोच रोड) का निर्माण नहीं हो सका है. अब वहां भी पुलों के अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कराया जाएगा, ताकि लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो. राज्य के जिन जिलों में इन पुलों के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है, उसमें उत्तर बिहार के साथ-साथ दक्षिण बिहार के जिले भी शामिल हैं. सबसे अधिक पुलों का निर्माण पूर्वी चंपारण में किया जा रहा है. पूर्वी चंपारण में कुल 56 पुलों के निर्माण की मंजूरी दी गई है. इसी तरह, दरभंगा में 38, गया, सिवान और सीतामढ़ी में 30-30, सारण और वैशाली में 28-28, भागलपुर और गोपालगंज में 27-27, रोहतास और शेखपुरा में 26-26, नालंदा में 24, बेगूसराय में 20 और राजधानी पटना में 18 पुलों का निर्माण कराया जाएगा. जनता की मांग को मिली प्राथमिकता यह योजना खास इसलिए भी है, क्योंकि इसमें आम जनता की मांग को सरकार ने प्राथमिकता दी है. जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में आए प्रस्ताव और मुख्यमंत्री द्वारा की गई सार्वजनिक घोषणाएं, दोनों को इस योजना में शामिल किया गया है. यानी यह योजना सिर्फ विभागीय पहल नहीं बल्कि जनभागीदारी से बनी योजना है. बदलेंगे गांवों के हालात सरकार का मानना है कि यह योजना सिर्फ पुलों का निर्माण नहीं, बल्कि गांवों के सामाजिक और आर्थिक विकास की आधारशिला है. किसानों को अपने उत्पाद मंडी तक पहुंचाने में आसानी होगी. बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए सुरक्षित और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा और आपात स्थिति में लोगों को इलाज के लिए शहरों के बड़े अस्पतालों तक पहुंचने में आसानी होगी.  

AAP का बड़ा ऐलान: बाढ़ में मारे गए व्यक्ति के परिवार को नौकरी का भरोसा

पंजाब  पंजाब में आई बाढ़ ने कई परिवारों की ज़िंदगी छीन ली. किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने पिता, तो किसी ने घर का अकेला सहारा. लेकिन इस संकट की घड़ी में एक पहल ऐसी हुई है जिसने लोगों को सिर्फ राहत नहीं, बल्कि भविष्य की उम्मीद दी है. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने एलान किया है कि बाढ़ में जान गंवाने वाले हर परिवार से एक सदस्य को LPU यूनिवर्सिटी में स्थायी नौकरी दी जाएगी. यह कोई औपचारिक घोषणा नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए एक जीवन की नई शुरुआत का भरोसा है. CM मान की सरकार के कार्यों की सराहना आम आदमी पार्टी सांसद अशोक मित्तल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों की खुले दिल से सराहना की. खासतौर पर 196 राहत कैंपों की स्थापना और 20,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकालने जैसे कदम की भरपूर प्रशंसा की. मित्तल ने यह साफ किया कि LPU की टीम हर परिवार से खुद संपर्क करेगी, लेकिन जिनसे संपर्क नहीं हो पाया है, वो खुद सामने आएं ताकि मदद तुरंत मिल सके. संकट के समय स्थायी समाधान की जरूरत यह कहानी सिर्फ एक नेता के एलान की नहीं, बल्कि उस सोच की है जो संकट के समय स्थायी समाधान, स्थानीय रोजगार और सामाजिक जिम्मेदारी की बात करती है. जब देश के कई हिस्सों में लोग सिर्फ बयानबाज़ी में लगे हैं, पंजाब में एक सांसद अपने संसाधन और संस्थान को आम लोगों के लिए खोल रहे हैं. इस पहल से न सिर्फ 43 परिवारों को सहारा मिलेगा, बल्कि पूरे पंजाब को एक संदेश जाएगा कि आम आदमी पार्टी सिर्फ चुनावी वादे नहीं, ज़मीन से जुड़ी राहत और रोज़गार की सच्ची राजनीति करती है.  

पीडीएस में हितग्राहियों की समीक्षा, मोहन सरकार ने बड़ी जमीन वालों को चेताया

भोपाल मध्य प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत 5.32 करोड़ हितग्राही हैं। इसमें 71 लाख किसान भी शामिल हैं। किस किसान के पास कितनी भूमि है, इसका पता लगाने के लिए राजस्व विभाग के डेटा से मिलान कराया जा रहा है। इसके आधार पर राज्य सरकार निर्णय लेगी कि किसे पीडीएस प्रणाली में रखना है और किसे नहीं। बड़े क्षेत्र वाले किसान पीडीएस की सूची से बाहर किए जा सकते हैं। भारत सरकार ने प्रदेश को 75 लाख पीडीएस के हितग्राहियों की सूची भेजी है। इसमें वे हितग्राही भी हैं, जिनकी वार्षिक आय छह लाख से अधिक है, कंपनी में संचालक हैं या फिर जीएसटी के दायरे में आते हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि वाले किसानों को भी शामिल किया है। यद्यपि, इनके बारे में कोई दिशा निर्देश नहीं दिए गए हैं, लेकिन राज्यों से कहा गया है कि वे अपने स्तर से नीति निर्धारित कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि राजस्व विभाग के डेटा से यह जानकारी निकाली जा रही है कि किस किसान के पास कितनी भूमि है। ऐसे किसान, जिनके पास पांच एकड़ से अधिक भूमि है, उनके संबंध में आगे चलकर निर्णय लिया जा सकता है। 16 हजार नाम सरकार ने पहले ही हटा दिए उधर, जिलों में कराई जांच के बाद अपात्र हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। छह लाख से अधिक वार्षिक आय वाले 1.57 हितग्राही चिन्हित किए गए थे। इनमें से 16 हजार के नाम सरकार पहले ही हटा चुकी है और भारत सरकार के निर्देश के बाद अब तक 1,909 नाम हटाए गए हैं। इसी तरह कंपनी में संचालक होने के बाद निश्शुल्क मिलने वाला राशन लेने वाले 18 हजार हितग्राहियों में 1,100 के नाम पहले हटाए गए हैं और अब 106 को सूची से बाहर किया है। जीएसटी देने वाले 1,381 हितग्राहियों में से 139 और 1.51 डुप्लीकेट श्रेणी के हितग्राहियों में से 20 हजार के नाम हटा दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी जिलों में अपात्रों के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है और जैसे-जैसे यह काम पूरा होता जा रहा है, वैसे-वैसे नाम काटे जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इसके पहले ई-केवाईसी कराकर लगभग 20 लाख अपात्रों के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं।