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बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ी मदद: पंजाब सरकार ने मंजूर किए 71 करोड़ रुपये

पंजाब  पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बाढ़ के दौरान राज्यवासियों को हुए नुकसान की भरपाई करने तथा उनके लिये समय पर राहत और पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए तुरंत उपाय के रूप में कुल 71 करोड़ रुपये जारी किए हैं। 71 करोड़ रुपये जारी मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बतया कि पहले चरण में सभी जिलों को 35.50 करोड़ रुपये पहले ही जारी किये जा चुके हैं। अब सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित 12 जिलों के लिए 35.50 करोड़ रुपये की और राशि मंजूर कर दी गई है। बताया कि राज्य सरकार जन-धन की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है और प्रभावित परिवारों को बिना किसी देरी के आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भगवंत मान सरकार तुरंत राहत के साथ-साथ पुनर्वास भी सुनिश्चित कर रही है। इस दौरान सरकार द्वारा विशेष ध्यान उन किसानों पर दिया जा रहा है, जिन्हें फसलों का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इन जिलों को आवंटित की गई धनराशि जिलावार विवरण साझा करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव-कम-वित्त आयुक्त (राजस्व) अनुराग वर्मा ने बताया कि जिन जिलों को यह फंड आवंटित किए गए हैं। उनमें अमृतसर को 5 करोड़ रुपये, बठिंडा को 2 करोड़ रुपये, बरनाला को 1 करोड़ रुपये, फरीदकोट को 1 करोड़ रुपये, फिरोज़पुर को 5 करोड़ रुपये, फाजिल्का को 5 करोड़ रुपये, फतेहगढ़ साहिब को 1 करोड़ रुपये, गुरदासपुर को 6.5 करोड़ रुपये, होशियारपुर को 3 करोड़ रुपये, जालंधर को 5 करोड़ रुपये, कपूरथला को 5 करोड़ रुपये, लुधियाना को 5 करोड़ रुपये, मोगा को 1.5 करोड़ रुपये, मानसा को 1 करोड़ रुपये, मालेरकोटला को 1 करोड़ रुपये, पटियाला को 5 करोड़ रुपये, पठानकोट को 4 करोड़ रुपये, रूपनगर को 2.5 करोड़ रुपये, श्री मुक्तसर साहिब को 2 करोड़ रुपये, एसएएस नगर को 2 करोड़ रुपये, एसबीएस नगर को 1 करोड़ रुपये, संगरूर को 1.5 करोड़ रुपये और जिला तरन तारन को 5 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

अब ड्रोन पहुंचाएंगे मदद: बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने की नई व्यवस्था

पंजाब  पंजाब में बाढ़ के हालात से जूझ रहे लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए भगवंत मान सरकार ने अब ड्रोन के जरिए राहत सामग्री पहुंचानी शुरू कर दी है. जिन गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है, वहां ड्रोन के ज़रिए सूखा राशन, दवाइयां, पीने का पानी, बच्चों के लिए दूध और ज़रूरी सामान छतों तक पहुंचाया जा रहा है. अमृतसर, गुरदासपुर, अजनाला, फाजिल्का और पठानकोट जैसे इलाकों में ड्रोन राहत सेवा लगातार सक्रिय है. मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. हर ज़रूरतमंद तक समय पर मदद पहुंचाने के लिए सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर रही है. यह तकनीक आधारित राहत अभियान न सिर्फ तेज़ है, बल्कि उन सैकड़ों लोगों के लिए उम्मीद बन गया है जो कई दिनों से फंसे हुए थे. अधिकतर प्रभावित इलाकों में राहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बाढ़ राहत कार्यों को बखूबी अंजाम दे रही है. यही वजह है कि राज्य के अधिकतर प्रभावित इलाकों में राहत कार्य समय पर और योजनाबद्ध तरीके से हो रहे हैं. सबसे बड़ी और असरदार पहल रही है ड्रोन के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने की. अमृतसर, अजनाला, फाजिल्का, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे डूबे हुए इलाकों में पुलिस और प्रशासन ने मिलकर ड्रोन के ज़रिए मदद पहुंचाने का काम किया है. इन ड्रोन के ज़रिए उन गांवों में भी सामान पहुंचाया गया, जहां नावें भी नहीं जा सकती थीं. लोगों तक छतों के रास्ते राशन, पीने का पानी, ज़रूरी दवाइयां, बच्चों का दूध, बुजुर्गों की दवाएं, महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड और टॉर्च जैसे सामान पहुंचाए गए. ड्रोन टीमें पूरी तरह नि:शुल्क सेवा कई ड्रोन 10 से 15 किलोमीटर तक उड़कर उन जगहों पर गए, जहां लोग दो-तीन दिन से फंसे हुए थे. ये ड्रोन टीमें पूरी तरह नि:शुल्क सेवा दे रही हैं, जो सरकार की कार्यकुशलता और समाज के सहयोग की मिसाल है. इन राहत कार्यों में पुलिसकर्मी, अफसर, मेडिकल टीमें, एनडीआरएफ, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग दिन-रात जुटे हैं. फाजिल्का में पुलिसकर्मी खुद कंधे पर बोरे लादकर राशन पहुंचा रहे हैं. गुरदासपुर और पठानकोट में अधिकारी पानी में उतरकर मेडिकल कैंप चला रहे हैं. अजनाला में प्रशासन ट्रैक्टर और नावों से राहत सामग्री बंटवा रहा है. हालात पर खुद सीएम मान की नजर मुख्यमंत्री खुद स्थिति पर निगरानी कर रहे हैं, मंत्री प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और स्थानीय प्रशासन हर गांव तक राहत पहुंचाने में जुटा है. यह सिर्फ राहत की कहानी नहीं है, बल्कि भरोसे और नए सोच वाले पंजाब की कहानी है. जहां सरकार और जनता एक-दूसरे के साथ खड़े हैं. जहां ज़रूरत पड़ने पर टेक्नोलॉजी भी लोगों की सेवा में लगाई जा रही है.  

MP की जज साहिबा पर बड़ा केस: जंगल में पैसे लेकर सुरक्षित रहने की धमकी

रीवा मध्य प्रदेश में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जज साहिबा से ही 'प्रॉटेक्शन मनी' मांग ली गई है। जिंदा रहने के लिए उन्हें 500 करोड़ रुपये देने को कहा गया है। रीवा जिले के त्योंथर न्यायालय में पदस्थ एक न्यायाधीश को धमकी भरा खत मिला है। डाक से मिले इस खत को भेजने वाले ने खुद को हनुमान नाम के एक डकैत का साथी बताया है। मामले की शिकायत सोहागी थाने में दर्ज कराई गई है जिसके बाद अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला रीवा जिले के सोहागी थाना क्षेत्र अंतर्गत त्योंथर न्यायालय का है। यहां पदस्थ प्रथम व्यवहार न्यायाधीश मोहिनी भदौरिया को पोस्ट ऑफिस के माध्यम से एक धमकी भरा पत्र मिला है। यह पत्र प्रयागराज जिले के बारा थाना अंतर्गत लोहगारा निवासी संदीप सिंह ने लिखा है। पत्र में न्यायाधीश को जान से मारने की धमकी दी है और उसके एवज में 500 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी है। पत्र लिखने वाले ने खुद को दस्यु सरगना हनुमान के गिरोह का साथी बताया है। उसने पांच अरब की फिरौती लेकर 1 सितंबर को शाम 7:45 बजे यूपी-एमपी के बॉर्डर पर स्थित बड़गड़ जंगल में बुलाया गया था। यह भी लिखा गया था कि रकम लेकर उन्हें खुद आना है। मामले की शिकायत सोहागी थाने में दर्ज करवाई गई है, जहां पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 308 (4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। न्यायाधीश को इस तरह से पत्र लिखने वाले आरोपी की तलाश में पुलिस टीम यूपी पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी यूपी का रहने वाला है। उसने ऐसा पत्र न्यायाधीश को किन कारणों से लिखा, उसका खुलासा आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही हो पाएगा। एसपी विवेक सिंह ने कहा कि एक पत्र रजिस्ट्री के जरिए मिला है। इसमें धमकी देकर फिरौती की मांग की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया था। कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है, जो यूपी के हैं। जल्द ही इन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। लेटर में 500 करोड़ की मांग की गई है, कारण कुछ खास नहीं बताए गए हैं।

भरतपुर में सड़क सुरक्षा वाद-विवाद प्रतियोगिता संपन्न, विजेताओं को चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा की महत्ता पर जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 23 अगस्त 2025 को स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश स्कूल भरतपुर के ऑडिटोरियम हॉल में विकासखंड स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में भरतपुर विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों से आए कुल 24 प्रतिभागियों ने “सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा” विषय पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने प्रभावशाली विचार रखे। निर्णायक मंडल द्वारा घोषित परिणामों में सेजेस भरतपुर के शिवेन्द्र तिवारी ने प्रथम स्थान, न्यू लाइफ इंग्लिश स्कूल जनकपुर के आर्जव जैन ने द्वितीय तथा वंदना शिक्षा निकेतन जनकपुर की कु. नव्या गुप्ता ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं सांत्वना पुरस्कार के लिए सेजेस भरतपुर के हंसल शर्मा, कन्या उ.मा.वि. जनकपुर की कु. अर्पिता तिग्गा तथा उ.मा.वि. कंजिया के अरविन्द कुमार वर्मा का चयन किया गया। प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त छात्र को ₹2500, द्वितीय को ₹2000, तृतीय को ₹1500 तथा सांत्वना पुरस्कार पाने वाले तीनों विद्यार्थियों को ₹1000-₹1000 के चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी मो. इस्माइल खान, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक देवेंद्र गुप्ता, नगर पंचायत जनकपुर उपाध्यक्ष नीलेश मिश्रा, सी.ए.सी. भरतपुर अभिषेक दुबे, सेजेस भरतपुर के प्राचार्य दीपक सिंह बघेल सहित शिक्षकगण एवं स्टाफ मौजूद रहे। निर्णायक मंडल में सुशील कुमार सिंह, देवानीश टोप्पो और श्रीमती शिल्पी सिंह परिहार शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन अतुल कुमार सिंह ने किया। वक्ताओं ने अपने संदेश में कहा कि सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा का मूल मंत्र है। विद्यार्थियों के विचार निश्चित रूप से समाज को जागरूक बनाने में सार्थक सिद्ध होंगे।

बाढ़ और पर्यावरण पर हाईकोर्ट का सख्त रुख: अवैध कटाई रोकने के लिए जारी नोटिस

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हिमाचल प्रदेश में बाढ़ के दौरान बहते हुए लकड़ी के लठ्ठों के वीडियो का संज्ञान लेते हुए कहा कि पहाड़ी इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध पेड़ों की कटाई हो रही है। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। अदालत ने कहा, “हमने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अभूतपूर्व भूस्खलन और बाढ़ देखी है। मीडिया रिपोर्ट्स में भी सामने आया है कि बाढ़ के पानी में बड़ी संख्या में लकड़ी के लठ्ठ बह रहे थे। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि पहाड़ों में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई हो रही है।” पीठ ने केंद्र सरकार (पर्यावरण मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड तथा जम्मू-कश्मीर राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है। आदेश लिखवाने के बाद, सीजेआई गवई ने मौखिक रूप से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, “यह गंभीर मुद्दा है। मीडिया में हमने देखा कि हिमाचल, उत्तराखंड में बड़ी संख्या में लकड़ी के लठ्ठ बहते दिखे। अवैध पेड़ों की कटाई चल रही है।” इस पर SG तुषार मेहता ने आश्वासन दिया कि वह आज ही पर्यावरण मंत्रालय के सचिव से बात करेंगे और संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों से संपर्क करेंगे। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि चंडीगढ़ से मनाली के बीच 14 सुरंगें हैं, जो बारिश में भूस्खलन होने पर “मौत के जाल” बन जाती हैं। उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें बताया गया था कि 300 लोग एक सुरंग में फंस गए थे।  

मुख्यमंत्री भगवंत मान की हेल्थ अपडेट: डॉक्टरों ने क्या दी हिदायत?

पंजाब  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की हालत में अब सुधार है। मेडिकल टीम ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। पिछले साल भी इन्हीं दिनों में मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक संक्रामक बीमारी ने घेर लिया था। मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में नियमित जांच के दौरान लेप्टोस्पायरोसिस की पुष्टि हुई थी। यह बीमारी गंदे पानी की वजह से फैलती है। गौरतलब है कि पंजाब के 23 जिलों में इन दिनों बारिश और बाढ़ के कारण तबाही फैली है। मुख्यमंत्री भगवंत मान आज अरविंद केजरीवाल के साथ बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने वाले थे, तबीयत को देखते हुए मुख्यमंत्री मान ने आज का दौरा रद्द कर दिया है। अरविंद केजरीवाल सुलतानपुर लोधी के दौरे पर रहेंगे। बीते दिन प्रधानमंत्री मोदी ने भी पंजाब की बाढ़ को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया था।   बाढ़ पीड़ितों के लिए सीएम मान ने मांगा था सहयोग बीते दिन 3 सितंबर को मुख्यमंत्री मान ने एक्स अकाउंट पर ट्वीट शेयर कर पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए सहयोग मांगा था। मुख्यमंत्री मान ने लिखा था कि हर मुश्किल घड़ी में पंजाब हमेशा दूसरों के साथ खड़ा रहा है। आज पंजाब में आई प्राकृतिक आपदा को देखते हुए सभी को इसके साथ खड़े होने की जरूरत है। आइए एक-दूसरे का सहारा बनें। बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए चल रहे राहत कार्यों में अपना योगदान दें। आप इसके लिए तस्वीर में दिए गए मुख्यमंत्री राहत कोष के QR कोड को स्कैन करके या फिर दिए बैंक खाते में राशि भेज सकते हैं। समय कठिन ज़रूर है, लेकिन एक-दूसरे के साथ से यह भी बीत जाएगा। पंजाब में पोंग ओर भाखड़ा डैम में बढ़ा जलस्तर गौरतलब है कि पंजाब के मैदानी इलाके और हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते पोंग ओर भाखड़ा डैम में पानी का जलस्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा।जिस कारण पंजाब के कई जिले बाढ़ से पूर्ण रूप से प्रभावित है।वही लगातार डैमो से हजारों लाखों क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। डैमो से छोड़े जा रहे पानी से पंजाब के मैदानी इलाकों में बाढ़ की स्थिति ज्यों की त्यों ही है।आज पोंग डैम से 99 हजार 673 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा तो दूसरी ओर भाखड़ा डैम से 80 से 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। पोंग ओर भाखड़ा डैम से लगातार पानी छोड़ने के कारण सतलुज ओर ब्यास दरिया का पानी ओर उफान पर चढ़ जाएगा।जिसे लेकर प्रशासन ने दरिया के किनारों से लोगों को दूर रहने के निर्देश दिए है।

एके शर्मा फिर भड़के अफसरों पर, चेताया- अब होगी सख्त कार्रवाई

लखनऊ  यूपी में योगी सरकार में मंत्री एके शर्मा बिजली विभाग के अफसरों के बाद अब नगर विकास के अधिकारियों पर भड़क गए। उन्होंने अफसरों को लापरवाही कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। दरअसल, प्रदेश के 10 जिलों में पीएम आवास के आवेदन निस्तारण की स्थिति खराब है। ऊर्जा और नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बुधवार को अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश के सभी शहरी पात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना-दो का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए वार्ड-वार कैंप आयोजित कर सभी पात्र परिवारों के आवेदनों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। नगर विकास मंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा के दौरान कम प्रगति वाले जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदन के निस्तारण में तेजी लाएं और 15 दिनों के बाद पुनः समीक्षा की जाएगी। मिशन मोड में काम कर लंबित आवेदनों का त्वरित निस्तारण न करने पर अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। निदेशक सूडा को शिकायतों व सुझावों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से गरीबों की सेवा करने का इससे अच्छा रास्ता कोई और नहीं हो सकता। यह योजना गरीबों के सपनों और आशाओं से जुड़ी है, इसलिए हर पात्र व्यक्ति को आवास उपलब्ध कराना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में निदेशक सूडा अपूर्वा दुबे ने बताया कि इस योजना में उत्तर प्रदेश में अभी तक 2,52,605 आवास केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए हैं। पोर्टल पर 22 लाख से अधिक आवेदन पत्र प्राप्त हो चुके हैं। कुशीनगर मिर्जापुर, प्रतापगढ़, गोरखपुर, बरेली, महाराजगंज, मेरठ, संत कबीर नगर, मऊ व सहारनपुर में सर्वाधिक मामले लंबित हैं। इन जिलों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। गाजियाबाद, फिरोजाबाद, बिजनौर, अलीगढ़, झांसी आदि जिलों में प्रगति बेहतर है।  

हर साल की तबाही नहीं, चाहिए स्थायी उपाय : डॉ. बलबीर सिंह

राजपुरा पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बुधवार को सराला हेड और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर घनौर का दौरा कर घग्गर नदी के बहाव और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ की मार केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में भी हालात गंभीर हैं। इसलिए केंद्र सरकार को सभी राज्यों को साथ लेकर इसका स्थाई समाधान निकालना चाहिए। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रभावित इलाकों में पंजाब सरकार हर समय लोगों के साथ खड़ी है। घनौर समेत आसपास के अस्पतालों में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। आपातकालीन हालात से निपटने के लिए अतिरिक्त डॉक्टर और स्टाफ तैनात किए गए हैं। पीने के पानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं, वहीं मोबाइल मेडिकल टीमें और रैपिड रिस्पांस टीमें भी सक्रिय हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें। प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है और जरूरी दिशा-निर्देश समय-समय पर जारी कर रहा है। इस मौके पर पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन के वाइस चेयरमैन मनिंदरजीत विक्की घनौर, एसडीएम राजपुरा अविकेश गुप्ता, ड्रेनेज विभाग के एसई रजिंदर घई और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

एबीवीपी का ऐक्शन डिमांड, योगी को चेतावनी – 48 घंटे में करें कार्रवाई

लखनऊ राजधानी लखनऊ में एबीवीपी ने पत्र लिखकर सीएम योगी को अल्टीमेटम दिया है। एबीवीपी ने लाठीचार्ज मामले ऐक्शन के लिए 48 घंटे समय दिया है। कैसरबाग स्थित एबीवीपी कार्यालय पर राष्ट्रीय मंत्री अंकित शुक्ला ने प्रेस वार्ता कर कहा कि परिषद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर 48 घंटे में कार्रवाई की मांग की है, अन्यथा प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। बताया कि रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में विधि विद्यार्थियों के शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान बवाल हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कार्यकर्ताओं और छात्रों ने आरोप लगाया कि बाहरी गुंडों ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया और पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया। आंदोलन का कारण विश्वविद्यालय में नवीनीकरण और मानक के बिना चल रहा विधि पाठ्यक्रम था। एबीवीपी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में मांग की है कि लाठीचार्ज की घटना में शामिल पुलिसकर्मियों और बाहरी गुंडों पर एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। परिषद ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर किसके आदेश पर लाठीचार्ज हुआ, इसका जवाब अब तक नहीं दिया गया है आपको बता दें कि तीन दिन पहले श्रीरामस्वरूप यूनिवर्सिटी में एलएलबी की मान्यता का नवीनीकरण न होने से छात्रों का भविष्य बर्बाद होने की बात पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व कॉलेज के छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शन को खत्म कराने को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन के इशारे पर पुलिस द्वारा छात्रों की बर्बता से पिटाई कराने के आरोप लग रहे हैं। लाठीचार्ज से कई छात्र घायल हो गए। मामला तूल पकड़ने लगा तो प्रशासन भी अब ऐक्शन आ गया है। वहीं मामले ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी ने मंडलायुक्त-आईजी अयोध्या को जांच के साथ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। कुछ ही देर बाद ही बाराबंकी सीओ सिटी हर्षित चौहान को हटा दिया गया। इंस्पेक्टर आरके राना, चौकी प्रभारी गदिया गजेन्द्र सिंह और दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। आदेश मिलते ही मंडलायुक्त अयोध्या, आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार ने बाराबंकी पहुंच कर जांच शुरू कर दी।  

भारी बारिश से ठिठुरन बढ़ी, यूपी के 11 जिलों में अलर्ट जारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, खासकर पश्चिम में बाढ़ और भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, झांसी, महोबा सहित 11 जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई है। 23 जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया। पूर्वांचल में सरयू और बड़ी गंडक का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। यूपी के मुजफ्फरनगर में रामराज क्षेत्र में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर चल रहा है। बुढ़ाना क्षेत्र में पांच मकानों की छत-दीवारें गिर गई। चरथावल क्षेत्र के रोनी हरजीपुर गांव में पक्का मकान भी ढह गया। कई जिलों में मकानों की दीवारें ढहीं मेरठ समेत वेस्ट यूपी के कई जिलों में लगातार तीसरे दिन बारिश की आफत रही। बुलंदशहर में पेड़ गिरने से एक युवक की मौत हो गई। हापुड़, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, बुलंदशहर में करीब 15 मकान गिरने से कई लोग घायल हो गए। उधर, गंगा-यमुना अपने पूरे उफान पर चल रही हैं। पूर्वांचल में भी नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा गोरखपुर-बस्ती मंडल में भले ही बारिश न हुई हो, लेकिन सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में गोरखपुर में सरयू का जलस्तर 18 सेंटीमीटर बढ़ गया है। तुर्तीपार में सरयू खतरे के निशान से 36 सेंटीमीटर, अयोध्या में 31 सेंटीमीटर और देवरिया में 85 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बस्ती में भी नदी खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर है। कुशीनगर में बड़ी गंडक नदी भी चेतावनी बिंदु से 8 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। वहीं राप्ती और रोहिन नदियों का जलस्तर फिलहाल घट रहा है। प्रशासन ने सभी बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। मुरादाबाद मंडल में लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी ने हालात बिगाड़ दिए हैं।