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बाढ़ पर रिपोर्ट सौंपने के बाद राज्यपाल संग बैठक, शिवराज सिंह चौहान पहुंचे पंजाब

पंजाब  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंच गए हैं। वह आज अमृतसर और गुरदासपुर जिलों सहित विभिन्न इलाकों का निरीक्षण करेंगे और हालात की समीक्षा करेंगे। इससे पहले पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की और उन्हें पंजाब के पांच सरहदी जिलों — अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन और फिरोजपुर में आई बाढ़ संबंधी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी।   राज्यपाल कटारिया ने 1 से 4 सितंबर तक इन पांच जिलों का दौरा किया था। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को मानव जीवन, संपत्ति, फसलों और बुनियादी ढांचे को हुए बड़े पैमाने पर नुकसान के बारे में जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने पंजाब सरकार, जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की भी जानकारी दी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उनका यह दौरा बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलकर उनकी तात्कालिक जरूरतों को समझने के लिए है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार पंजाब को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी, ताकि राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जा सके। मंत्री पूरे दिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहकर लोगों से मुलाकात करेंगे और शाम को पंजाब के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद वे दिल्ली रवाना हो जाएंगे।

दलित सांसद के अपमान का मुद्दा गरमाया, पार्षदों ने विपक्ष के साथ मिलकर किया हंगामा

लखनऊ  लखनऊ नगर निगम सदन में गुरुवार को भाजपा पार्षद मुकेश सिंह मोंटी अचानक विपक्ष की दीर्घा में बैठकर सुर्खियों में आ गए। महापौर सुषमा खर्कवाल से उनकी लगातार अनबन चल रही है, जिसकी झलक सदन की कार्यवाही के दौरान फिर दिखी। वहीं नगर निगम सदन की बैठक शुक्रवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि मोहनलालगंज के दलित सांसद आरके चौधरी का किसी भी विकास कार्य के शिलापट्ट पर नाम नहीं लिखा जा रहा है। बजट की पुष्टि पर चर्चा के बीच मोंटी ने महापौर पर मनमर्जी से संशोधन करने का आरोप लगाया और मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाने की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि समिति में दो सत्ता पक्ष और एक विपक्ष के पार्षद को शामिल किया जाए। इस पर महापौर भड़क उठीं और जवाब दिया कि कमेटी गठित करना केवल महापौर का अधिकार है। तनावपूर्ण माहौल के बीच मोंटी का विपक्ष के साथ बैठना सियासी हलचल का कारण बना। कांग्रेस पार्षद और पूर्व कांग्रेस नगर अध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल होने का निमंत्रण दिया और आश्वासन दिया कि उनका स्वागत होगा। वहीं सपा पार्षद दल के नेता कामरान बेग ने भी मोंटी को सपा में आने का न्यौता देते हुए दावा किया कि 2027 तक भाजपा के अधिकांश पार्षद समाजवादी पार्टी से जुड़ जाएंगे। इस घटनाक्रम ने नगर निगम की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत दे दिए हैं। भाजपा पार्षद के विपक्ष की ओर झुकाव से न सिर्फ सदन का माहौल गरमाया बल्कि भाजपा संगठन में भी बेचैनी बढ़ गई है। सदन में नारेबाजी होने लगी और कार्यवाही बाधित कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने चौहान के इस बयान पर विपक्षी पार्षदों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। सदन में नारेबाजी होने लगी और कार्यवाही बाधित हो गई। पार्षदों ने कहा कि सांसद क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनके नाम को जानबूझकर दरकिनार करना दलित समाज का अपमान है। विवाद बढ़ता देख महापौर ने स्थिति संभालने की कोशिश की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मोहनलालगंज सांसद का नाम विकास कार्यों से जुड़े शिलापट्टों पर अवश्य लिखा जाएगा। महापौर के आश्वासन के बाद विपक्ष शांत हुआ और कार्यवाही आगे बढ़ सकी।  

NHRC मेंबर को लालच देने की कोशिश, शारिक मछली का गुर्गा बोला- भारी नुकसान हो गया, छोड़ दो उसे

भोपाल  राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नई दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर भोपाल के शारिक मछली गैंग से जुड़ा एक शख्स पहुंचा और उन्हें प्रलोभन देने की कोशिश की. लेकिन कानूनगो ने सख्त नाराजगी जताते हुए आरोपी को फटकार लगाई और तुरंत बाहर निकलवा दिया. इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई है.  प्रियंक कानूनगो ने 'X' पर पोस्ट में लिखा, "मेरे दिल्ली सरकारी आवास पर जैनेंद्र पाठक नामक व्यक्ति, जो स्वयं को मध्य प्रदेश का निवासी बता रहा था, मुझसे मिलने आया. उसने कहा कि वह भोपाल के शारिक मछली के साथ प्रॉपर्टी का व्यवसाय करता है और उसकी ओर से आया है. उसने बताया कि शारिक को भारी नुकसान हुआ है और उसे छोड़ दिया जाए. मैंने उसे डांटकर भगा दिया. वह अपने साथ लाई मिठाई छोड़ना चाहता था, जो उसने दरवाजे पर रखकर भागते समय छोड़ दी. हमने पुलिस को शिकायत की, और पुलिस ने मिठाई जप्त कर ली. शारिक के खिलाफ हिंदू लड़कियों को नशीले पदार्थ देने, बलात्कार, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और इस्लाम में धर्मांतरण कराने के साथ-साथ वंचित केवट-मांझी समुदाय के वंशानुगत तालाबों पर मत्स्याखेट के लिए कब्जा करने के मामलों में मेरे निर्देश पर जांच चल रही है. जांच पूरी सख्ती और निष्पक्षता से की जाएगी." प्रॉपर्टी सौदे के नाम पर लालच कानूनगो के मुताबिक, शख्स ने प्रॉपर्टी डील के नाम पर लालच देने की कोशिश भी की. वो अपने साथ मिठाई का डिब्बा भी लाया था और भेंट स्वरूप देना चाहता था. लेकिन उन्होंने सख्ती से इनकार करते हुए आरोपी को बाहर निकलवा दिया. बताया जाता है कि वह मिठाई का डिब्बा दरवाजे पर ही छोड़कर वहां से भाग गया. अब पुलिस ने मिठाई का डिब्बा जब्त कर जांच शुरू कर दी है.

पंजाब त्रासदी: तबाही मचाती बाढ़ से अब तक 37 की जान गई, लाखों लोग बेघर

गुरदासपुर पंजाब इस समय 1988 के बाद की सबसे भयावह बाढ़ का सामना कर रहा है. भारी बारिश और हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर से छोड़े गए पानी के कारण राज्य की प्रमुख नदियां सतलुज, ब्यास और रावी उफान पर हैं. मौसमी नाले भी खतरे के स्तर से ऊपर बह रहे हैं. अब तक बाढ़ में 37 लोगों की मौत हो चुकी है और साढ़े 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य के सभी 23 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 1,655 गांव पानी से डूब गए हैं. बाढ़ के कारण पंजाब में 1.48 लाख हेक्टेयर से ज्यादा खड़ी फसलें तबाह हो चुकी हैं. किसानों को पशुधन के नुकसान की भी मार झेलनी पड़ रही है. कई घर जमींदोज हो गए हैं या पानी में बह गए हैं. कई इलाकों में खेत तालाब और झील में तब्दील हो गए हैं, जिनकी गहराई 8 से 10 फीट तक पहुंच गई है. ग्रामीण नावों के सहारे इधर-उधर जा रहे हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित जिले गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर सबसे प्रभावित जिलों में शामिल हैं. प्रशासन ने कई राहत शिविर स्थापित किए हैं, लेकिन बहुत से लोग अब भी अपने मवेशियों और घरों के पास ही छतों या ऊंचे प्लेटफार्मों पर डटे हुए हैं. सरकार और नेताओं की अपील मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिरोजपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और कहा कि सरकार ने विशेष गिरदावरी (नुकसान आकलन सर्वे) शुरू कर दी है. उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिलेगा. मान ने कहा, “जब भी देश संकट में आया, पंजाब ने साथ दिया. आज पंजाब संकट में है, देश को हमारे साथ खड़ा होना चाहिए.” आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुरुवार को बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे और राहत कार्यों की समीक्षा करेंगे. इससे पहले मनीष सिसोदिया ने तरनतारन में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था, जबकि राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से 3.25 करोड़ रुपये राहत कार्यों के लिए दिए हैं. जनसहयोग भी जारी पंजाब के कलाकारों और सामाजिक संगठनों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है. सोनू सूद, दिलजीत दोसांझ, गिप्पी ग्रेवाल, करण औजला, अम्मी विर्क और रंजीत बावा जैसे कलाकार लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं. सरकारी एजेंसियों के साथ कई एनजीओ और सिख संस्थाएं राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं. राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 7 सितंबर तक बंद कर दिए गए हैं. वहीं, भाखड़ा डैम में पानी का स्तर 1677.84 फीट तक पहुंच चुका है, जो अधिकतम क्षमता 1680 फीट के बेहद करीब है.

पटना में आगजनी, गया में चक्का जाम – गालीकांड बना बड़ा चुनावी मुद्दा

पटना  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के अपमान के खिलाफ एनडीए सड़कों पर उतर आया है. कांग्रेस के एक कार्यक्रम में हुई घटना के विरोध में एनडीए ने आज 'बिहार बंद' का आह्वान किया है. सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक बंद का ऐलान किया गया है जिसके तहत अलग-अलग शहरों में एनडीए कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं. हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवाओं को बाधित नहीं किया जा रहा है. बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, 'कुछ दिन पहले इंडिया गठबंधन के मंच से पीएम मोदी की दिवंगत मां को गाली दी गई थी. आज एनडीए ने पीएम मोदी की दिवंगत मां के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में पांच घंटे का बिहार बंद बुलाया है. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए.' बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'यह बहुत ही शर्मनाक है कि प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत मां को गाली दी गई और आज तक माफी नहीं मांगी गई. मैं राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से कहना चाहता हूं कि अगर हमारी पार्टी का कोई नेता ऐसी भाषा का इस्तेमाल करता तो हम उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते… हम इसकी निंदा करते हैं. भारत की संस्कृति मां का सम्मान करना है… अगर हमारी पार्टी का कोई नेता ऐसी भाषा बोलता तो हम कार्रवाई भी करते और माफी भी मांगते… बिहार की जनता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को करारा जवाब देगी.' बिहार विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के बीच दरभंगा में 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान पीएम मोदी और उनकी मां को लेकर दी गई गाली को बीजेपी ने सियासी मुद्दा बना दिया है. इस मुद्दे को लेकर गुरुवार को एनडीए ने बिहार बंद बुलाया है, जो दोपहर एक बजे तक रहेगा. बीजेपी और एनडीए ने पीएम मोदी की मां के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को महिला अस्मिता से जोड़ दिया है. यही वजह है कि बीजेपी की महिला मोर्चा ने बिहार की सड़क पर फ्रंटफुट पर उतरकर महागठबंधन के खिलाफ माहौल बनाया है. बीजेपी की महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं के साथ एनडीए के तमाम बड़े नेता भी बिहार की अलग-अलग शहरों की सड़क पर उतरेंगे और महागठबंधन को महिला विरोधी के कठघरे में खड़े करेंगे. इस तरह एनडीए की बिहार चुनाव से पहले गाली कांड को भावनात्मक मुद्दा बनाकर आरजेडी-कांग्रेस को घेरने की रणनीति है. बीजेपी विधायक संजय मयूख ने कहा, 'बिहार की माताएं और बहनें एनडीए की ओर से बुलाए गए बंद में हिस्सा ले रही हैं. महागठबंधन के कार्यक्रम में पीएम मोदी की दिवंगत मां के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर आप भाग नहीं सकते. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को बिहार की जनता करारा जवाब देगी.' गयाजी में भी बड़ी संख्या में महिलाएं बीजेपी के झंडों के साथ सड़कों पर बैठकर प्रदर्शन करती नजर आईं. पटना के दानापुर समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को टायर जलाकर विरोध करते हुए देखा गया. बीजेपी ने इस बंद की कमान महिला मोर्चा को सौंपी है. पटना में बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर बैठकर प्रदर्शन कर रही हैं. एनडीए के सभी घटक दल इस बंद में शामिल हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने अन्य सहयोगी दलों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस इसका ऐलान किया था. खास बात यह है कि पार्टी ने इस बंद की कमान महिला मोर्चा को सौंपी है. एनडीए नेताओं का कहना है कि पीएम मोदी की मां को गाली देकर उनका अपमान किया गया है और इस तरह के व्यवहार का कड़ा विरोध किया जाएगा. एनडीए के 'बिहार बंद' को लेकर विपक्षी दलों ने भी सियासी हमले शुरू कर दिए हैं. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री विदेश में हंसते रहे और भारत लौटते ही रोने लगे. उन्होंने तंज कसा कि सरकार के लोग ही बिहार बंद करा रहे हैं. तेजस्वी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बिहार यात्रा में उमड़े जनसैलाब से डरी हुई है, इसलिए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं. 'गाली कांड' बना चुनावी मुद्दा बिहार में राहुल गांधी वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा बनाने के लिए 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाली थी. इस दौरान दरभंगा में कांग्रेस और आरजेडी के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिसे लेकर बीजेपी ने मोर्चा खोल दिया है. मंगलवार को पीएम मोदी ने जीविका दीदी को संबोधित करते हुए कहा था, "मां के अपमान के लिए मैं एक बार कांग्रेस को क्षमा कर सकता हूं, बिहार की जनता कभी माफ नहीं करेगी." इतना ही नहीं पीएम मोदी ने इसे बिहार और देश की महिला अस्मिता का मुद्दा बना दिया. पीएम मोदी के बयान के बाद एनडीए की महिला ब्रिगेड ने भी मोर्चा खोल दिया है. पीएम की मां को सार्वजनिक रूप से गाली देना बिहार चुनाव में मुद्दा बन गया है. इसी मद्देनजर 4 सितंबर को बीजेपी ने बिहार बंद का ऐलान भी कर दिया है, जिसमें सिर्फ बीजेपी नेता और उसके कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि एनडीए के सभी घटक दल के नेता और कार्यकर्ता एक साथ सड़क पर उतर गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां पर अभद्र टिप्पणी करने को लेकर एनडीए ने बिहार बंद बुलाया है, जिसके लिए एक दिन पहले ही अखबारों में एनडीए की तरफ से विज्ञापन दिया गया था, जिसमें लोगों से 4 सितंबर को बिहार बंद में स्वेच्छा से शामिल होने की भावुक अपील की गई है. विज्ञापन में एक मां का फोटो और भड़कते हुए शख्स की फोटो भी लगाई गई है. इतना ही नहीं साफ-साफ शब्दों में लिखा गया है कि पीएम मोदी की मां को कांग्रेस-आरजेडी के मंच से जिस प्रकार गाली दी गई है, उससे संपूर्ण बिहार को शर्मसार और कलंकित किया गया है. बीजेपी महिला मोर्चा फ्रंट पर उतरा बिहार बंद का नेतृत्व बीजेपी महिला मोर्चा कर रही है. इसकी सबसे बड़ी झलक पटना में दिख रही है, जहां बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की कार्यकर्ता सड़कों पर उतरी हैं. बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष धर्मशिला गुप्ता के नेतृत्व में पटना के इनकम टैक्स गोलंबर से डाक बंगला चौराहे तक मार्च निकालने का भी प्लान बनाया है. मार्च में महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पार्टी के सभी बड़े … Read more

मध्यप्रदेश में 20 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी, EOW और GST ने मारे 16 जगह छापे

भोपाल आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ(ईओडब्ल्यू) और राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने प्रदेश के 12 जिलों में 16 स्थानों पर छापा मारा। इस दौरान 20 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी है। ये कारोबारी फर्जी बिलों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) लेते थे। मामले की जांच अभी जारी है, जिसमें और बड़े स्तर पर कर चोरी का पता चलने की संभावना है। ईओडब्ल्यू को फर्जी बिलिंग के माध्यम से बड़े स्तर पर कर चोरी की जानकारी मिली थी। ईओडब्ल्यू की टीम ने जीएसटी के अधिकारियों के साथ मिलकर छापेमारी का संयुक्त प्लान बनाया।   सबसे पहले सिंगरौली में छापेमारी की गई। यहां से मिले दस्तावेज और पूछताछ के आधार पर अन्य जिलों में छापेमारी की गई। ईओडब्ल्यू को सूचना मिली थी कि कर सलाहकार अनिल कुमार शाह बैढ़न जिला सिंगरौली के द्वारा अनेक फर्मो से बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट लेकर स्थानीय फर्मो को उपलब्ध कराया गया। इसके एवज में शाह ने कमीशन लिया है। फर्मों द्वारा बिना माल अथवा सेवाओं के वास्तविक प्राप्ति के आइटीसी लेकर लगभग 20 करोड़ की राजस्व क्षति शासन को पहुंचाई गई है। जांच दल द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों एवं डिजिटल डाटा का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद कर चोरी की सही राशि पता चल सकेगी। संयुक्त टीम द्वारा विभिन्न फर्मो एवं संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर कई संदिग्ध लेन-देन एवं फर्जी बिलिंग किए जाने संबंधी दस्तावेज मिले हैं, जिनका परीक्षण किया जा रहा है। ईओडब्ल्यू रीवा के पुलिस अधीक्षक अरविंद सिंह ठाकुर और जीएसटी के सहायक आयुक्त दीप खरे की निगरानी में 10 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी जांच में जुटे हैं। बता दें कि इसके पहले इसी वर्ष ईओडब्ल्यू ने आइटीसी के माध्यम से जीएसटी चोरी का अंतरराज्यीय नेटवर्क पकड़ा था। इसमें 34 करोड़ रुपये की कर चोरी का अनुमान था।

संजय पाठक पर संकट: जज को फोन विवाद में कांग्रेस ने उठाई बर्खास्तगी की मांग

भोपाल मध्य प्रदेश के कटनी जिले की विजयराधवगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा विधायक संजय पाठक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अवैध खनन से जुड़े मामले में हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति को फोन कर सुर्खियों में आए विधायक पाठक पर कांग्रेस ने कदाचरण(अनुचित आचरण) का आरोप लगाते हुए विधानसभा सदस्यता से बर्खास्त करने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रमाण सामने हैं। 30 दिन जेल में रहने पर सदस्यता समाप्त करने का कानून लाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अब इस घटना का संज्ञान लेकर विधायक पाठक पर कार्रवाई करानी चाहिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर इस प्रकरण का संज्ञान लेकर विधानसभा की सदस्यता समाप्त करें। इस मामले को लेकर पार्टी का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही राज्यपाल मंगुभाई पटेल और विधानसभा अध्यक्ष से भेंट भी करेगा।    बता दें कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में करोड़ों के अवैध खनन से जुड़ी एक याचिका में विधायक पाठक के परिवार ने हस्तक्षेप याचिका दायर कर खुद को सुने जाने की मांग की है। अवैध खनन का आरोप विधायक पाठक के परिवार से जुड़ी कंपनियों पर है। याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा है कि उन्होंने ही अवैध खनन की शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) से की थी, लेकिन ठोस कार्रवाई न करके मामले को निपटा दिया गया। याचिका में ईओडब्ल्यू को ही पक्षकार बनाया गया है। इसी कारण विधायक पाठक की पत्नी निर्मला पाठक व पुत्र यश पाठक तरफ से हस्तक्षेप याचिका दायर की गई है। सुनवाई न्यायमूर्ति विशाल मिश्र की एकल पीठ में चल रही थी। विधायक पाठक ने न्यायमूर्ति को फोन कर इस मामले में बातचीत करने का प्रयास किया। इसके बाद न्यायमूर्ति इस सुनवाई से हट गए। उन्होंने नोट शीट में विधायक के फोन आने का उल्लेख किया है। मप्र बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर नीखरा कहते हैं कि जनप्रतिनिधि से अच्छे आचरण की अपेक्षा की जाती है। जो प्रकरण सामने आया है, वह नैतिकता की दृष्टि से सबसे बड़ा अपराध है।

आपसी खटपट के बावजूद पंजाब मुद्दे पर साथ आईं स्वाति मालीवाल और केजरीवाल

नई दिल्ली  राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल और उन्हीं के पार्टी के सर्वेसर्वा अरविंद केजरीवाल के बीच संबंध कैसे हैं, किसी से छिपा नहीं है। सीएम रहते मुख्यमंत्री आवास में कथित पिटाई के बाद से तो स्वाति केजरीवाल पर और मुखर हो गई हैं। दो दिन पहले ही उन्होंने पंजाब में भयावह स्थिति पर केजरीवाल के वहां न जाने पर निशाना साधा था,लेकिन आज उन्होंने पूर्व सीएम की एक बात मान ली है। स्वाति मालीवाल अपनी 1 महीने की सैलरी बाढ़ पीढ़ितों की मदद के लिए दान देंगी। उन्होंने बकायदा एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। स्वाति मालीवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि देश में कहीं कोई संकट आए तो पंजाबी दिल खोलकर वहां सेवा करने पहुंचते हैं। आज पंजाब बाढ़ की चपेट में है, बहुत नुकसान हुआ है। मैं अपनी एक महीने की सैलरी पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए डोनेट कर रही हूं। ये बहुत छोटी पहल है लेकिन मुझे उम्मीद है और लोग इस पहल से जुड़ेंगे। वाहेगुरु जी सबकी मदद करें। स्वाति मालीवाल ने आगे कहा कि पूरे उत्तर भारत में बाढ़ आई हुई है- खासकर पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में। पंजाब में स्थिति बहुत गंभीर है। कई जानें जा चुकी हैं, और सबसे पहले, मैं उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं जिनका निधन हुआ है। दिल्ली में भी बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। मैं ITO, शास्त्री पार्क और यमुना बाजार भी गई थी, जहां पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। सरकार लोगों को निकाल रही है; मैंने देखा है कि टेंट लगाए गए हैं और खाने-पीने का भी इंतजाम है। बता दें कि आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा था कि पार्टी के विधायक और सांसद बाढ़ प्रभावित राज्य को मदद पहुंचाने के लिए अपने एक महीने का वेतन पंजाब के मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के दिल्ली, गुजरात, कश्मीर, गोवा और देश भर के सभी सांसद और विधायक बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए अपने एक महीने का वेतन पंजाब के मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर रहे हैं। आज पूरा देश पंजाब के साथ है।  

मुख्यमंत्री ने की “समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047” महाअभियान की शुरुआत

– हमें कैसा भारत और यूपी चाहिए ये विजन में होना चाहिए, उसी तरह से हमें अपने युवाओं को तैयार करना होगा – सीएम योगी – बीते आठ वर्षों में हमने यूपी की निराशा को उत्साह में बदला- मुख्यमंत्री – देश में सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था उत्तर प्रदेश की है- सीएम योगी – बीते आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनी- सीएम योगी – सभी प्रबुद्धजनों का सहयोग युवाओं को जागरूक करने और अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होगा- मुख्यमंत्री – 16वीं-17वीं शताब्दी में भारत वैश्विक जीडीपी में 25% हिस्सा रखता था- सीएम – 1947 और 1960 तक यूपी का राष्ट्रीय जीडीपी में योगदान 14% था, लेकिन 2016-17 तक यह 8% हो गया- मुख्यमंत्री – यूपी 8 वर्ष में बीमारू से ग्रोथ इंजन बन सकता है, तो 2047 में विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य हासिल करेगा- सीएम योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता का आह्वान करते हुए कहा कि भारत और यूपी का भविष्य कैसा हो, यह हमें तय करना है। हमें अपने युवाओं को तैयार करना है, क्योंकि हम जिस मनोदशा में जिएंगे, उसी दिशा में आगे बढ़ेंगे। हमें कैसा भारत और उत्तर प्रदेश चाहिए, यह हमारे विजन में होना चाहिए। सीएम योगी लोक भवन सभागार में "समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047" अभियान के शुभारंभ के अवसर पर कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘समर्थ उत्तर प्रदेश’ पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल प्रदेशवासियों को अपने सुझाव देने का मंच प्रदान करेगा, जो 12 प्रमुख सेक्टरों- कृषि, पशुधन संरक्षण, औद्योगिक विकास, आईटी-टेक्नोलॉजी, पर्यटन, नगर व ग्राम्य विकास, आधारभूत संरचना, संतुलित विकास, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा व सुशासन- पर केंद्रित विजन डॉक्यूमेंट का हिस्सा बनेंगे। विजन डॉक्यूमेंट "अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति" थीम पर आधारित है। कार्यशाला में प्रशासन, पुलिस, वन सेवा, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों से सेवानिवृत्त 400 से अधिक अधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला की शुरुआत में 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और विजन@2047 पर आधारित एक लघु फिल्म दिखाई गई। प्रबुद्धजनों का सहयोग युवाओं को जागरूक करना महत्वपूर्ण- सीएम योगी कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि  "विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश” शताब्दी संकल्प अभियान के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार निरंतर प्रयत्नशील है। इस अभियान में 25 करोड़ जनता को भागीदार बनाना है। आप सभी प्रबुद्धजनों का सहयोग युवाओं को जागरूक करने और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होगा। रिटायर्ड होने का मतलब टायर्ड होना नहीं है। आपका अनुभव इस अभियान को गति देगा। 16वीं-17वीं शताब्दी में भारत वैश्विक जीडीपी में 25% हिस्सा रखता था- सीएम उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 16वीं-17वीं शताब्दी में भारत वैश्विक जीडीपी में 25% हिस्सा रखता था, जो 1947 तक 2% रह गया। 2014 में भारत 11वीं अर्थव्यवस्था था, लेकिन आज चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2027 तक तीसरी बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। अगर यही गति रही, तो 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य संभव है। बीते आठ वर्षों में हमने यूपी की निराशा को उत्साह में बदला- सीएम योगी उत्तर प्रदेश के संदर्भ में सीएम ने कहा कि 1947 और 1960 तक यूपी का राष्ट्रीय जीडीपी में योगदान 14% था, लेकिन 2016-17 तक यह 8% हो गया और यूपी आठवीं अर्थव्यवस्था बन गया। बीते आठ वर्षों में हमने निराशा को उत्साह में बदला। आज उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और परमात्मा की कृपा से यूपी के पास सब कुछ है, बस संकल्प की जरूरत है। जैसी मनोदशा होगी, वैसा विकास होगा- सीएम योगी सीएम ने प्रख्यात वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु का जिक्र करते हुए कहा कि जैसी मनोदशा होगी, वैसा विकास होगा। बसु ने दो पौधों पर प्रयोग किया, एक को प्रेरित किया, तो वह बड़ा वृक्ष बना, जबकि दूसरे को धिक्कारा, तो वह मुरझा गया। उन्होंने कहा कि यह जीव मात्र पर लागू होता है। मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है। यूपी और भारत की स्थिति भी यही थी। नकारात्मकता से निराशा बढ़ी, लेकिन अब उत्साह का माहौल है। 2016-17 से पहले यूपी बीमारू कहलाता था, लेकिन अब सकारात्मक बदलाव आया- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि 2016-17 से पहले यूपी बीमारू कहलाता था, लेकिन अब सकारात्मक बदलाव आया है। जीएसडीपी 13 लाख करोड़ से बढ़कर इस वर्ष 35 लाख करोड़ होने जा रही है। प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है। कोविड काल में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना से एमएसएमई को बढ़ावा मिला, जिससे निर्यात 2 लाख करोड़ तक पहुंचा। कोविड में 1 करोड़ लोगों को रहने-खाने की व्यवस्था दी गई, जिसमें 40 लाख यूपी के कारीगर थे। एक भावुक किस्सा साझा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान एक गरीब व्यक्ति ने खाली डिब्बा दिखाकर उन्हें धन्यवाद दिया, जो कोविड के समय में यूपी में मिले भोजन का था। उन्होंने कहा कि यह सेवा का भाव है, जो लोगों के मन में विश्वास जगाता है। सीएम योगी ने बताई अभियान की रूपरेखा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभियान का पहला चरण प्रबुद्धजनों के साथ अकादमिक संस्थानों में गोष्ठियों से शुरू होगा।  

योगी सरकार के प्रयासों से 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में आया आमूलचूल बदलाव

शिक्षक दिवस पर विशेष  एक शिक्षक की तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमजोर शैक्षिक व्यवस्था को पहचाना और उसे दूर किया  निपुण भारत मिशन से लेकर डिजिटल स्टूडियों जैसी पहलों ने प्रदेश की शिक्षा को दी नई ऊर्जा और दिशा  निपुण भारत मिशन से 48,000 से अधिक विद्यालयों में रखी गई बच्चों की मजबूत नींव  4.33 लाख शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण, 2.61 लाख शिक्षकों को मिले टैबलेट पीएम श्री विद्यालय बने आधुनिक शिक्षा के मॉडल, 88,500 छात्रों को मिला वैज्ञानिक एक्सपोजर “एक पेड़ मां के नाम” अभियान में लगाए गए 27 लाख पौधे, सभी विद्यालयों में बने इको क्लब माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगात्मक शिक्षा, खोजी बॉक्स और शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम शुरू प्रत्येक विद्यालय को खेलकूद सामग्री के लिए बजट, समर कैम्प से बच्चों का समग्र विकास लखनऊ उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था लंबे समय तक बदहाल स्थिति में रही। 2017 से पहले विद्यालयों में शिक्षक तो थे, लेकिन प्रशिक्षण और संसाधनों की भारी कमी थी। अधिकांश विद्यालयों में न तो पुस्तकालय थे और न ही बच्चों के लिए खेलकूद या डिजिटल शिक्षा जैसी सुविधाएं। ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में तो बच्चों को बुनियादी पठन-पाठन सामग्री तक उपलब्ध नहीं होती थी। विद्यालयों में पर्यवेक्षण की व्यवस्था लगभग निष्क्रिय थी और शिक्षकों को पढ़ाने के लिए आधुनिक संसाधन नहीं मिलते थे। परिणामस्वरूप साक्षरता दर और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही थीं। वर्ष 2017 में सत्ता संभालने के बाद योगी सरकार ने शिक्षा सुधार को मिशन मोड में लेकर काम किया। एक शिक्षक की तरह उन्होंने कमजोर शैक्षिक व्यवस्था की नस को पकड़ा और‘निपुण भारत मिशन’ से लेकर ‘पीएम श्री विद्यालय’, ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ से लेकर ‘डिजिटल स्टूडियो’ तक ऐसी नई पहलों को शुरू किया जिसकी मदद से आज यूपी की शिक्षा व्यवस्था नए आयाम गढ़ रही है। योगी सरकार के प्रयासों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में नई ऊर्जा और दिशा दी है। जहां पहले विद्यालय केवल पढ़ाई तक सीमित थे, वहीं अब वे डिजिटल नवाचार, विज्ञान, खेलकूद और पर्यावरणीय जिम्मेदारी के केंद्र बन गए हैं। निपुण भारत मिशन से मजबूत हो रही बच्चों की नींव सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026-27 तक प्राथमिक स्तर पर सार्वभौमिक साक्षरता और संख्या ज्ञान सुनिश्चित करना है। अब तक 48,061 विद्यालय ‘निपुण विद्यालय’ घोषित किए जा चुके हैं। यह पहले की स्थिति से बिल्कुल अलग तस्वीर है, जब बच्चों की नींव कमजोर रह जाती थी। यही नहीं,  शिक्षक सशक्तीकरण बन रहा शिक्षा सुधारों की धुरी 2017 से पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग बेहद सीमित था। आज स्थिति बदल चुकी है। अब तक 4.33 लाख शिक्षकों और शिक्षामित्रों को प्रशिक्षण दिया गया है। 2.61 लाख शिक्षकों को टैबलेट वितरित किए गए हैं। साथ ही गणित किट, टीएलएम, बिग बुक्स, संदर्शिका और शिक्षक डायरी उपलब्ध कराई गई है, जिससे कक्षा-शिक्षण अधिक प्रभावी हुआ है। स्मार्ट क्लास से डिजिटल स्टूडियो तक शिक्षा का डिजिटलीकरण पहले ज्यादातर विद्यालयों में ब्लैकबोर्ड ही शिक्षा का एकमात्र माध्यम था। आज प्रदेश के 25,790 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित हो चुकी हैं। 4,688 विद्यालयों में आईसीटी लैब्स, 880 विकासखंडों में आईसीटी लेब्स और पीएम श्री योजना के तहत 1,129 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास व डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। इतना ही नहीं, लखनऊ में ₹10 करोड़ की लागत से डिजिटल स्टूडियो बना है और विद्या समीक्षा केंद्र से डेटा आधारित मॉनिटरिंग की जा रही है। सुपरविजन और नवाचार जहां पहले निरीक्षण का काम औपचारिकता मात्र रह गया था, वहीं अब सरकार ने एक संगठित तंत्र विकसित किया है। प्रत्येक विकासखंड में एआरपी, प्रत्येक जनपद में एसआरजी और डायट मेंटर्स नियमित रूप से विद्यालयों का सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करते हैं। शिक्षक संकुल बैठकें मासिक एजेंडा आधारित होती हैं और इनमें बेस्ट प्रैक्टिस साझा की जाती हैं। पीएम श्री विद्यालय और राष्ट्रीय आविष्कार अभियान पीएम श्री विद्यालय आधुनिक संसाधनों और शिक्षण पद्धतियों का मॉडल बन चुके हैं। इनमें लाइब्रेरी, खेलकूद सामग्री, प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। वहीं, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत अब तक 88,500 विद्यार्थियों का एक्सपोजर विजिट कराया गया है। 2025-26 में 150 मेधावी छात्रों को इमरी, बार्क, अहमदाबाद और गांधीनगर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का भ्रमण कराया जाएगा। सभी 10 मंडलों में साइंस पार्क भी स्थापित हो रहे हैं। इको क्लब और हरित पहल जहां पहले शिक्षा और पर्यावरण का कोई खास तालमेल नहीं था, वहीं अब सभी विद्यालयों में इको क्लब बनाए गए हैं। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत 27 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। माध्यमिक विद्यालयों में बड़ा सुधार पहले माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगात्मक शिक्षा का अभाव था। अब यहाँ गणित किट, खोजी बॉक्स, टीएलएम प्रदर्शनी, शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम और उपचारात्मक शिक्षण की व्यवस्था की गई है। प्रधानाचार्यों व शिक्षकों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है और अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषयों के लिए एसआरजी समूह बनाए गए हैं। खेलकूद और समग्र विकास पहले खेलकूद की सुविधाएं केवल चुनिंदा विद्यालयों तक सीमित थीं। अब प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय को ₹5,000 और प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय को ₹10,000 खेलकूद सामग्री के लिए दिए गए हैं। साथ ही 45,614 उच्च प्राथमिक/कम्पोजिट विद्यालयों में समर कैम्प आयोजित कर बच्चों को खेल, कला, संस्कृति और टीमवर्क का अनुभव कराया गया है।