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बस्तर अंजोर अभियान को अंतरराष्ट्रीय समर्थन, यूनिसेफ के साथ राज्य नीति आयोग की अहम चर्चा

राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ के बीच उच्चस्तरीय बैठक  विकसित छत्तीसगढ़ एवं बस्तर अंजोर को मिला अंतरराष्ट्रीय समर्थन रायपुर,  राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा से आज यूनिसेफ इंडिया के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नीति भवन नवा रायपुर में सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने किया। इस अवसर पर यूनिसेफ छत्तीसगढ़ फील्ड कार्यालय की प्रमुख श्रीमती सीमा कुमार एवं सामाजिक नीति प्रमुख डॉ. बाल परितोष दाश भी उपस्थित रहे।           बैठक में विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त, सामुदायिक जागरूकता एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन और बस्तर अंजोर कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा हुई। विकसित छत्तीसगढ़ – जहाँ बच्चे हैं विकास की नींव         बैठक में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना में बच्चे केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य के प्रत्येक बच्चे को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और संरक्षण सुनिश्चित नहीं होता, तब तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य अधूरा है।  राज्य नीति आयोग ने विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क के अंतर्गत 50 से अधिक विभागों के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक विकसित किए हैं, जिसमें बाल कल्याण को एक स्वतंत्र एवं समर्पित विषयक्षेत्र के रूप में सम्मिलित किया गया है। विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई, नीति और जमीन के बीच सेतु         राज्य नीति आयोग एवं यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से स्थापित विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई (VC-SPS Unit) राज्य में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत पहल है। यह इकाई विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए बजट विश्लेषण और सामाजिक संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के विभागों को निरंतर तकनीकी सहयोग प्रदान करती है। बैठक में इस इकाई के कार्यों की सराहना की गई और इसे और अधिक सशक्त बनाने पर सहमति व्यक्त की गई। देश में पहली बार – बाल कल्याण सूचकांक             राज्य नीति आयोग देश में पहली बार एक राज्य-विशिष्ट बाल कल्याण मापन पद्धति एवं बाल वंचना सूचकांक विकसित करेगा। यह सूचकांक राज्य के विभागों को बच्चों तक सेवा वितरण की कमियों की पहचान करने और बाल-केंद्रित नीतियों को सुदृढ़ करने में सहायक होगा। साथ ही बच्चों के लिए बजट का एक मानक ढांचा भी तैयार किया जाएगा। यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रस्तावित पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल सिद्ध होगा। बस्तर अंजोर – आदिवासी एवं बाल विकास का ऐतिहासिक अवसर          बैठक में बस्तर अंजोर को आदिवासी समुदायों और बच्चों के कल्याण के लिए एक अभूतपूर्व अवसर के रूप में रेखांकित किया गया। राज्य नीति आयोग द्वारा प्रवर्तित यह अभिनव समन्वय पहल बस्तर संभाग के सातों जिलों को आच्छादित करती है। 3+4 मॉडल पर आधारित यह कार्यक्रम तीन कलेक्टर नेतृत्व वाली जिला पहलों -नियद नेल्ला नार, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर को चार राष्ट्रीय एवं राज्य मिशनों से जोड़ता है। इस कार्यक्रम के 90 प्रतिशत से अधिक हस्तक्षेप क्षेत्र बाल स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक संरक्षण से संबंधित हैं।         यूनिसेफ ने इस कार्यक्रम को संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में विकास की रोशनी पहुँचाने का एक दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण अवसर बताया और बस्तर अंजोर के औपचारिक लोकार्पण में मुख्य अतिथि एवं रणनीतिक भागीदार के रूप में सहभागिता की सहर्ष स्वीकृति दी। सामुदायिक जागरूकता, विश्वास निर्माण एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन          बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल नीति एवं बजट से नहीं, बल्कि समुदाय के विश्वास और व्यवहार परिवर्तन से भी निर्धारित होती है। बस्तर जैसे आदिवासी एवं संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक जागरूकता और जन विश्वास का निर्माण विकास की पूर्वशर्त है।         यूनिसेफ की सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञता को बस्तर अंजोर और विकसित छत्तीसगढ़ के जमीनी क्रियान्वयन से जोड़ने पर सहमति व्यक्त की गई। इसके अंतर्गत पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल संरक्षण के क्षेत्रों में समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान, स्थानीय नेतृत्व का सुदृढ़ीकरण और परिवारों में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने की दिशा में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। यूनिसेफ का सहयोग और विस्तार         यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने कहा कि यूनिसेफ वर्ष 2019 से छत्तीसगढ़ सरकार का विश्वसनीय रणनीतिक भागीदार रहा है और यह साझेदारी आगे और सुदृढ़ होगी। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़, बस्तर अंजोर, बाल कल्याण सूचकांक, सामुदायिक जागरूकता और बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त के क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञता के माध्यम से सहयोग विस्तार का आश्वासन दिया।        बैठक के अंत में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने यूनिसेफ की पूरी टीम के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छत्तीसगढ़ के बच्चों के उज्जवल भविष्य और विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरणादायी कदम है।

ड्रोन से हथियार और ड्रग्स सप्लाई करने वाले आतंकी मॉड्यूल का दिल्ली में पर्दाफाश हुआ

नई दिल्ली  पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के समर्थन से चल रहे एक इंटरनेशनल टेरर-क्राइम नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए स्पेशल सेल ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मॉड्यूल को पाकिस्तानी गैंगस्टर-आतंकी शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुज्जर ऑपरेट कर रहे थे। यह सिंडिकेट पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स मंगवाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई कर रहा था।     पुलिस इनसे जुड़े अन्य मेंबरों की तलाश कर रही है।     DCP (स्पेशल सेल) नरी चैतन्य के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गाजियाबाद के लोनी निवासी अनस उर्फ अनस त्यागी (26), मोहित उर्फ योगी (26), दीपक उर्फ दीपक अगरौला (38), आरिफ उर्फ प्रधान (30), जतन (29), साबिर (30) और पंजाब के फतेहगढ़ साहिब निवासी करणवीर सिंह (26) के तौर पर हुई है।     इनसे पांच पिस्टल, 41 कारतूस, सात फोन और एक स्कॉर्पियो रिकवर हुए है।     पूछताछ में कई बैंक अकाउंट्स की जानकारी मिली है।     इनके फोन खंगालने पर शहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर से चैट, वॉयस नोट और अन्य आपत्तिजनक डिजिटल एविडेंस मिले हैं। सोशल मीडिया के जरिए हुई भर्ती भट्टी और उसके विदेशी सहयोगी सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन ऐप्स के जरिए भारतीय युवाओं को नेटवर्क से जोड़ रहे हैं। नई उम्र के लड़कों को हथियार, आपराधिक लाइफ स्टाइल की चमक-दमक, मोटी रकम का लालच देकर भर्ती किया जा रहा है। इन्हें हथियारों की तस्करी, ड्रग्स सप्लाई और अन्य गतिविधियों में लगाया जा रहा है। रेकी कर पाक भेजे विडियो-फोटो पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने दिल्ली-एनसीआर और आसपास के कई संवेदनशील और सार्वजनिक जगहों के अलावा कुछ नामी शख्सियतों की रेकी की थी। इनकी फोटो और विडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे गए थे। दिल्ली-एनसीआर में आतंकी हमला करने का इनका मकसद भय का माहौल पैदा करना और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना था। जेल में बैठे गैंगस्टर से जुड़ा नेटवर्क आरिफ ने अजमल से एक जिगाना पिस्टल एक लाख में खरीदी थी। बैंक खातों और UPI स्कैनर से पेमेंट हुई थी। ड्रग्स की बिक्री से मिली रकम का इस्तेमाल नेटवर्क फैलाने और आतंकी गतिविधियों के लिए कर रहे थे। मंडोली जेल में बंद गैंगस्टर दीपक अगरौला को भी नेटवर्क से जोड़ा गया। अनस ने जेल में फोन चला रहे दीपक का संपर्क अजमल से कराया। दो साल से थे टच में ACP कैलाश बिष्ट की निगरानी में बनी इंस्पेक्टर राहुल कुमार, विनीत कुमार तेवतिया और अजीत कुमार की टीम ने इनकी गिरफ्तारी की है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अनस और मोहित नवंबर 2025 से और दीपक मार्च 2026 से भट्टी-गुज्जर के टच में थे। करणवीर और आरिफ भी सीधे गुज्जर के कॉन्टैक्ट में थे। इनके बीच सैकड़ों से लेकर हजारों बार बातचीत के साक्ष्य मिले है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हत्या, डकैती, जानलेवा हमला, आर्म्स और NDPS एक्ट जैसे केस दर्ज हैं।  

मुख्यमंत्री सैनी की बैठक में 1468 करोड़ के 32 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई

 चंडीगढ़  हरियाणा में कृषि भूमि में नाइट्रोजन की जांच करने के लिए 52 प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी। कुल 12 लाख किसानों की कृषि भूमि से नमूने लिये जाएंगे जिससे वे यूरिया का निर्धारित मात्रा में उपयोग कर जमीन की उर्वरा शक्ति बढा सकें। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में एक दर्जन विभागों के 1468 करोड़ रुपये के 32 कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें राजस्व, कृषि, कौशल विकास, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, बिजली निगम, लोक निर्माण विभाग, जनस्वास्थ्य, सिंचाई तथा हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम शामिल हैं। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और प्रधान सचिव अरुण गुप्ता मौजूद थे। किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। संबंधित जिलों में मंत्री एवं विधायकों के साथ मुख्यमंत्री भी अभियान से जुड़कर किसानों को जागरूक करेंगे। विशेषकर मोरनी क्षेत्र में 4000 एकड़ भूमि में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कोर्ट केस के मामलों का सही निपटान सुनिश्चित करने के लिए राजस्व कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम को स्वीकृति दी गई है। बैठक में कौशल्या डैम पंचकूला का पक्का कार्य करने, यमुना वाटर सेवाएं सर्कल रोहतक में भालोठ सब ब्रांच की आरडी 124000 से 156014 तक का पुनर्निर्माण, बरवाला ब्रांच से हिसार एयरपोर्ट पर कच्चे पानी हेतु पंपिंग स्टेशन बनाने तथा राणा डिस्ट्रीब्यूटरी का निर्माण करने की स्वीकृति प्रदान की गई। पंचकूला बस स्टैंड रोटरी से ट्राफिक लाइट 4-11 चौक तक बरसाती पानी की निकासी हेतु ड्रेन का निर्माण होगा। पिंजौर कालका अर्बन कांप्लेक्स सेक्टर 29 में 10 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। सिरसा, अंबाला और रेवाड़ी में शुरू होंगी कई नई परियोजनाएं सिरसा शहर में अतिरिक्त बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने तथा 4.50 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने तथा केलनिया रोड पर 10 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम किया जाएगा। सिरसा में पेयजल के लिए तीसरे जल घर में शुद्ध जल टैंक निर्माण के साथ बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण करवाया जाएगा। अंबाला शहर के देवीनगर में 60 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अंबाला सदर टाउन के विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों में वाटर ड्रेनेज बनाई जाएगी। रेवाड़ी शहर में नेताजी रोड पर 24 एमएलडी के प्राइमरी ट्रीटमेंट प्लांट को टीटीपी में अपग्रेड कर बिशनपुर में 17 गांवों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल सुलभ करवाने के लिए नहर आधारित जल घर में रा वाटर पंपिंग स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा। होडल टाउन में आगरा कैनाल वाटर टैंक से पाइप लाइन की क्षमता बढ़ाने और सीवर लाइन डलवाने के कार्य को स्वीकृति दी गई है।

ब्यावर में खातेदारी भूमि विवाद का त्वरित समाधान, शिविर में निपटा जयसिंह का मामला

 ब्यावर  ब्यावर जिले की जवाजा पंचायत समिति के अतीतमण्ड निवासी जयसिंह पुत्र गोकुल सिंह खातेदारी भूमि का बंटवारा नहीं होने से परेशान था। उसे लोन लेने, उन्नत बीज, कृषि यंत्र अनुदान, पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए पहले साझेदारों के चक्कर काटने पड़ते, फिर पूरा लाभ भी नहीं मिल पाता। जमीन का मामला होने के कारण उसे धोखाधड़ी का भी डर था लेकिन विभिन्न कारणों से बंटवारा नहीं हो पा रहा था।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयसिंह जैसे लोगों के मन की मुराद सुनी और गत 12 जून से प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर लगवाना शुरू किया। अतीतमण्ड में सेवा शिविर लगने की जानकारी मिलने पर जयसिंह शिविर में पहुंचा और शिविर प्रभारी को इस सम्बंध में प्रार्थना पत्र दिया। शिविर प्रभारी उपखण्ड अधिकारी ने तहसीलदार को प्रार्थी की खातेदारी भूमि का बंटवारा करके उनके समक्ष प्रकरण पेश करने का आदेश दिया। ब्यावर तहसीलदार ने हलका पटवारी व गिरदावर को बंटवारा करने के आदेश दिए। हलका पटवारी व गिरदार ने मौके पर जाकर बंटवारा प्रस्ताव तैयार कर शिविर में तहसीलदार ब्यावर को पेश किया जिसे तहसीलदार ने शिविर में स्वीकृत किया। यह पूरी प्रक्रिया 1 घंटे में हो गयी।  इस पर जयसिंह ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार प्रकट करते हुए कहा कि नेता भाषण देते हैं, आश्वासन देते हैं, हमारे मुख्यमंत्री पब्लिक के काम करते हैं। हम सौभाग्यशाली हैं कि हीरे जैसा मुख्यमंत्री हमको मिला है। भगवान मुख्यमंत्री जी पर स्वास्थ्य एवं दीर्घायु का आर्शीवाद बनाये रखें।  

माफिया की अवैध संपत्ति पर चला बुलडोजर एक्शन, 1.11 करोड़ की जमीन जब्त; इलाके में चस्पा हुआ नोटिस

 प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफियाओं और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एक बार फिर बड़ा एक्शन लिया गया है. पुलिस ने कुख्यात माफिया दिलीप मिश्रा की अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई करोड़ों की जमीन को कुर्क कर लिया है. कार्रवाई के दौरान जमीन पर बाकायदा मुनादी कराई गई और कुर्की का नोटिस बोर्ड भी लगा दिया गया।  पुलिस का दावा है कि यह वही जमीन है, जिसे दिलीप मिश्रा ने अपराध की दुनिया से कमाए गए पैसों से खरीदा था. अब इसी जमीन पर पुलिस ने पहुंचकर मुनादी कराई, नोटिस चस्पा किया और कानूनी तौर पर उसे कुर्क कर लिया।  पूरा मामला प्रयागराज के मेजा तहसील क्षेत्र के खीरी थाना इलाके के सिलौंधी कला गांव का है. यहां करीब 1 करोड़ 11 लाख 24 हजार रुपये कीमत की जमीन को उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया है।  पुलिस की जांच में सामने आया कि दिलीप मिश्रा के खिलाफ दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की विवेचना के दौरान कई ऐसी संपत्तियों का पता चला, जिन्हें कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन से खरीदा गया था. इनमें से एक यह जमीन भी थी।  जमीन सीधे दिलीप मिश्रा के नाम पर नहीं थी. पुलिस के मुताबिक, यह संपत्ति उसकी भाभी पुष्पा मिश्रा और पुत्रवधू वीरा मिश्रा के नाम खरीदी गई थी. जांच के बाद पुलिस ने पूरी रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर कोर्ट के सामने रखी. दस्तावेजों और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद कोर्ट ने संपत्ति कुर्क करने का आदेश दे दिया।  आदेश मिलने के बाद औद्योगिक थाना पुलिस ने डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांव में मुनादी कराकर लोगों को कुर्की की जानकारी दी और जमीन पर नोटिस बोर्ड लगा दिया. साथ ही कोर्ट के आदेश के अनुसार खीरी थाना प्रभारी को इस संपत्ति का प्रशासक नियुक्त किया है।  दिलीप मिश्रा का नाम प्रयागराज के चर्चित माफियाओं में गिना जाता है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, धमकी और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 54 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. वर्तमान में वह जेल में बंद है. दिलीप मिश्रा उस समय भी सुर्खियों में आया था जब उत्तर प्रदेश सरकार के वर्तमान कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर हुए रिमोट कंट्रोल बम हमले के मामले में उसका नाम सामने आया था. इस मामले में भी वह आरोपी रहा है। 

वीकेंड थेरेपी से पाएं मेंटल और फिजिकल रिलैक्सेशन, जानें तनाव दूर करने के आसान और असरदार तरीके

 सोमवार से लेकर शुक्रवार या फिर शनिवार तक हम सभी एक भागदौड़ भरी जिंदगी जीते हैं. ऑफिस के कामों को खत्म करना और घर की जिम्मेदारियों को पूरा करने के चक्कर में हम सिर्फ फिजिकली ही नहीं बल्कि मेंटली भी पूरी तरह से थक जाते हैं. इस समय हम सिर्फ वीकेंड का इंतजार करते हैं क्योंकि इसी एक या दो दिनों के दौरान हम खुद को रिलैक्स करने के लिए कुछ कर पाते हैं. वीकेंड पर हमारे अंदर बहुत कुछ करने की इच्छा तो होती है लेकिन फिर भी हम इसे सोने या फिर सोशल मीडिया स्क्रॉल करने में ही बर्बाद कर देते हैं, जिस वजह से हमारी थकान दूर नहीं हो पाती है. अगर आप सच में इस वीकेंड खुद को रिलैक्स और रिफ्रेशिंग फील करना चाहते हैं, तो आपको वीकेंड थेरेपी जरूर अपनानी चाहिए. आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही कुछ आसान कामों के बारे में बताने वाले हैं, जिन्हें इस वीकेंड करके आप अपने शरीर और दिमाग को पूरी तरह से रिलैक्स्ड फील करवा सकते हैं. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से. सही तरीके से पूरा करें नींद का कोटा पूरे हफ्ते सुबह जल्दी उठने के चक्कर में हमारी नींद अधूरी रह जाती है. वीकेंड पर आप अपनी इस अधूरी नींद को पूरा कर सकते हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप दोपहर के 12 बजे तक सोते रहें. ऐसा करने से शरीर में सुस्ती और बढ़ जाती है और साथ ही दिमाग भी थका हुआ महसूस करने लगता है. आप रोज के समय से सिर्फ एक या दो घंटा ज्यादा सो सकते हैं. एक अच्छी और गहरी नींद आपके दिमाग के सेल्स को शांत करती है और आपको मेंटल पीस देती है. डिजिटल डिटॉक्स भी है बेहद जरूरी आज के समय में हम हर समय मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की स्क्रीन से चिपके रहते हैं. सोशल मीडिया की रील्स और ऑफिस के ई-मेल्स हमारे दिमाग को कभी शांत नहीं होने देते. वीकेंड पर कम से कम 4 से 5 घंटे के लिए अपने फोन को खुद से दूर रखें. ऐसा करने को डिजिटल डिटॉक्स करना कहते हैं. जब आप स्क्रीन से दूरी बनाएंगे, तो आपकी आंखों को आराम मिलेगा और दिमाग का स्ट्रेस भी कम होगा. नेचर के साथ बिताएं थोड़ा समय कंक्रीट के जंगलों और बंद कमरों से बाहर निकलकर थोड़ी फ्रेश ऑक्सीजन लेना भी बहुत जरूरी है. वीकेंड की सुबह या शाम को किसी नजदीकी पार्क में जाएं. हरी घास पर नंगे पैर चलें, पौधों को देखें और लंबी सांसें लें. नेचर के बीच रहने से शरीर में हैप्पी हार्मोन्स बढ़ते हैं, जिससे डिप्रेशन और एंग्जायटी दूर होती है. यह आपके शरीर को नेचुरली रीचार्ज करने का सबसे अच्छा तरीका है. अपनी पसंद का कोई काम करना भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हम अक्सर अपनी उन हॉबीज को भूल जाते हैं जो हमें खुशी देती थीं. इस वीकेंड अपने उस पुराने शौक को फिर से जगाने की कोशिश करें. चाहे वह शौक पेंटिंग करने का हो, कोई अच्छी किताब पढ़ने का हो, गार्डनिंग करने का हो या फिर म्यूजिक सुनने का. जब आप अपनी पसंद का काम करते हैं, तो दिमाग का सारा स्ट्रेस गायब हो जाता है और अंदर से एक नई पॉजिटिव एनर्जी का अहसास होता है. खुद को दें रिलैक्सिंग मसाज या बाथ हफ्ते भर की थकान के कारण मसल्स में खिंचाव और दर्द होने लगता है. शरीर को आराम देने के लिए आप वीकेंड पर गुनगुने पानी से नहा सकते हैं या फिर हल्के तेल से शरीर की मसाज कर सकते हैं. इसके अलावा गुनगुने पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक डालकर पैर डुबोकर बैठने से भी बहुत आराम मिलता है. इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और सारी फिजिकल थकावट भी पल भर में दूर हो जाती है. अपनों के साथ दिल खोलकर बातें करें अकेलेपन और काम के प्रेशर से भी आपको मेंटल स्ट्रेस हो सकती है. वीकेंड का कुछ समय अपने परिवार, बच्चों या दोस्तों के साथ बिताएं. उनके साथ बैठकर चाय पीते हुए अपनी पुरानी यादें ताजा करें या हंसी-मजाक करें. अपनों के साथ खुलकर बात करने और हंसने से मन का बोझ हल्का होता है. यह एक ऐसी थेरेपी है जो किसी भी दवाई से ज्यादा असरदार है.

लखनऊ वनडे: गिल और ईशान के शतक से भारत की बड़ी बढ़त

 लखनऊ भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला बुधवार (17 जून) को लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में है. इस समय शुभमन ग‍िल और ईशान क्रीज पर हैं. मुकाबले में टॉस अफगान‍िस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने जीता और गेंदबाजी करने का फैसला किया. भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी कर रही है. मुकाबले के अपडेट और स्कोरकार्ड के लिए इस पेज को र‍िफ्रेश करते रहें. भारतीय पारी की हाइलाइट्स लखनऊ में हुए इस मुकाबले में यशस्वी जायसवाल और कुलदीप यादव की टीम में वापसी हुई, वहीं प्रिंस यादव डेब्यू का डेब्यू हुआ. मुकाबले में भारत की शुरुआत खराब रही, यशस्वी जायसवाल मोहम्मद सलीम साफी की गेंद पर नांगेयालिया खारोटी को 4 रनों पर कैच थमा बैठे. हालांकि इसके बाद रोहित शर्मा और तीसरे नंबर पर खेलने उतरे शुभमन ग‍िल ने संभलकर खेलना शुरू किया. रोहित 48 रन पर राश‍िद खान की फ‍िरकी में फंसकर बोल्ड हो गए. रोहित के आउट होते ही भारतीय टीम का स्कोर 96/2 हो गया . इसके बाद शुभमन ग‍िल ने 38 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया. दूसरी ओर ईशान किशन ने भी 52 गेंदों पर अपना अर्धशतक कंपलीट किया. वहीं शुभमन ग‍िल जमे रहे और उन्होंने अपना शतक 77 गेंदों में पूरा किया. ग‍िल का वनडे में यह नौवां शतक रहा. शुभमन के बाद ईशान ने भी 71 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया. लखनऊ वनडे में भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, गुरनूर बरार, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव लखनऊ वनडे में अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवन: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, सदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), दरविश रसूली, राशिद खान, नांगेयालिया खारोटी, एएम गजनफर, मोहम्मद सलीम साफी और बिलाल सामी भारत और अफगान‍िस्तान का हेड टू हेड भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक केवल 5 वनडे इंटरनेशनल मुकाबले हुए हैं. इस दौरान भारतीय टीम ने चार मैचों में जीत हासिल की. वहीं एक मुकाबला टाई पर छूटा. यानी भारतीय टीम का पलड़ा अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी तरह भारी रहा है. लखनऊ ODI में भारत की संभाव‍ित प्लेइंग-11: रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, हर्ष दुबे, गुरनूर बरार और प्रसिद्ध कृष्णा. लखनऊ ODI में अफगानिस्तान की प्लेइंग-11: इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, इकराम अलीखिल (विकेटकीपर), राशिद खान, मोहम्मद सलीम सफी, एएम गजनफर और जिया उर रहमान शरीफी.

बिहार में मौसम बिगड़ा, कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी

पटना मौसम विभाग ने बिहार के 4 जिलों में बुधवार शाम तक के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। बेगूसराय, मुंगेर, जमुई और लखीसराय जिले में आंधी और वज्रपात के साथ तेज बारिश होने के आसार हैं। वहीं, कुछ अन्य जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, इनमें खगड़िया, बांका, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, मधुबनी और सीतामढ़ी जिले शामिल हैं। इन जिलों में भी 17 जून शाम तक मौसम बिगड़ने की आशंका बनी रहेगी। कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा है, इसलिए लोगों से सावधान रहने की अपील की गई। पटना, नालंदा एवं शेखपुरा जिले में एक-दो जगहों पर भी आंधी-बारिश की संभावना है। मुजफ्फरपुर में दोपहर को झमाझम मुजफ्फरपुर में बुधवार दोपहर अचानक से मौमस के रूख में बदलाव आया। अचानक से काले बादल आसमान में छा गए। करीब एक बजे के आस पास झमाझम बारिश शुरू हो गई। इससे तेज उमस वाली गर्मी से लोगों को राहत मिली। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मुजफ्फरपुर जिले में मॉनसून एक्टिव हो गया है। हालांकि, फिलहाल मॉनसूनी बारिश की मात्रा थोड़ी कम रहेगी। वहीं उमस वाली गर्मी की अधिकता बनी रह सकती है। दक्षिण बिहार में हीटवेव अलर्ट दूसरी ओर, मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण बिहार में कई जिलों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा। बुधवार को भोजपुर, बक्सर, अरवल, कैमूर, जहानाबाद और रोहतास जिले में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद गुरुवार को भी कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद में लू का अलर्ट है। बिहार में कमजोर मॉनसून पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले 3-4 दिनों तक राज्य में मॉनसून के कमजोर रहने की ही आशंका है। इससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में फिलहाल कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। मॉनसून पिछले 3-4 दिनों से मुजफ्फरपुर के पास अटका हुआ है। इसकी उत्तरी सीमा मुजफ्फरपुर और जमुई से होकर गुजर रही है। बिहार में इस साल मॉनसून निर्धारित समय से दो दिन पहले ही पहुंच गया था। राज्य में प्रवेश 24 घंटे के भीतर ही इसने आधे बिहार को कवर भी कर लिया था। मगर मुजफ्फरपुर के करीब आकर मॉनसून की गति रुक गई। इसका प्रभाव भी बहुत कमजोर हो गया। फिलहाल दक्षिण और पश्चिम बिहार के लोगों को मॉनसून का बेसब्री से इंतजार है। फिलहाल इसके आगे बढ़ने के लिए स्थिति प्रतिकूल नहीं नजर आ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे के भीतर रोहतास, औरंगाबाद, जहानाबाद, गयाजी, वैशाली और किशनगंज जिले के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हुई। शेष जिलों में मौसम शुष्क बना रहा। लोग उमस भरी गर्मी से परेशान नजर आए। राज्य का सर्वाधिक तापमान मंगलवार को 42.2 डिग्री सेल्सियस कैमूर में दर्ज हुआ। शेखपुरा, बक्सर और कैमूर में हीटवेव की स्थिति दर्ज हुई।

930 कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र, योगी बोले—2017 से पहले यूपी में अराजकता का माहौल था

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पुलिस विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्त हुए युवाओं को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र बांटा। इस मौके पर यूपी पुलिस में किए गए रिफार्म के बारे में खुलकर बात की। 2017 के पहले और अब हुए बदलावों पर चर्चा की। पुलिस कमिश्नरेट के फायदे गिनाएं और इस व्यवस्था पर ऊंगली उठाने वालों पर निशाना साधा। यहां तक कहा कि आईपीएस को आईएएस ऐसा दबाते थे कि फाइलें बंद हो जाएं तो खुलती नहीं थीं। हंसते हुए कहा कि यमराज भी आ जाएं तो फाइलें नहीं मिल पाती थीं। दरअसल पुलिस कमिश्नरेट बनने से आईएएस अधिकारियों के पास से तमाम अधिकार आईपीएस अफसरों के पास चले गए हैं। यूपी में जब पुलिस कमिश्नरेट बनना शुरू हुआ तो आईएएस एसोसिएशन ने सबसे पहले फैसले का विरोध किया था। सीएम योगी इसी की चर्चा कर रहे थे। योगी ने कहा कि कमिश्नरेट सिस्टम 1972 से चला आ रहा है लेकिन इसे लागू करने की हिम्मत कोई नहीं ले पा रहे था। आईपीएस को आईएएस ऐसा दबाते थे कि एक बार फाइल बंद हो जाए तो खुलती ही नहीं थी। यमराज भी आ जाएं तो फाइल नहीं खुल पाती थी। पता नहीं कहां वो फाइल पड़ी रहती थी। हमने हिम्मत दिखाई और सात जनपदों में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू कर दिया। सीएम योगी ने कहा कि पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम पुलिस रिफार्म का ही पार्ट है। जिन्हें पुलिस रिफार्म की जानकारी नहीं है वह पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम पर उंगली उठाते हैं। जिन्हें पुलिसिंग की जानकारी नहीं वह इस सिस्टम का विरोध करते हैं। विरोध करने वाले वह लोग हैं जिन्हें सुविधाओं की जानकारी ही नहीं है। जब आप कोई कदम उठाएंगे तो आलोचना होगी। 2017 से पहले पुलिस भी सुरक्षित नहीं थी कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र देने के बाद उन्हें संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले पुलिस भी सुरक्षित नहीं थी। प्रदेश में हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था। महीनों-महीनों कर्फ्यू लगता था। हर उत्सव से पहले उपद्रव होने लगते थे। मुरादाबाद में डीआईजी स्तर के अधिकारी को घेरकर मारा था। उपद्रवी उन्हें मरा हुआ समझकर चले गए थे। जब आईपीएस स्तर का पुलिस अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है तो कैसे अनुमान कर सकते हैं कि एक सामान्य नागरिक, एक महिला, एक बेटी, एक व्यापारी सुरक्षित रहता होगा। यूपी जैसे राज्य के लिए सुशासन की लोगों ने कल्पना करना बंद कर दिया था। लोगों को लगता था कि सुधार नहीं हो सकता है। डीआईजी पर हमला करने वाले अपराधियों को बचाने के लिए तमाम राजनीतिक दबाव पड़ रहे थे। उन सभी लोगों को कुछ समय पहले सजा हुई है। ऐसी सजा हुई कि आने वाली पीढ़िया अपराध भूल जाएंगी। आज सबसे ऊंची बिल्डिंग में पुलिस बैरक सीएम योगी ने कहा कि हमने इंफ्रास्ट्रचर विकसित किया है। जिन पुलिस वालों के भरोसे हम लोग सुरक्षा की गारंटी देना चाहते हैं, उनका ही कुछ ठिकाना नहीं था। टूटे हुए बैरक में पुलिस वालों को रहना पड़ता था। आज आप देखिए 56 जिले ऐसे हैं जहां सबसे ऊंची कोई बिल्डिंग है तो वह पुलिस की बैरक होगी। यूपी में अब पुलिस सबसे टॉप पर चल रही है। यह बताता है कि प्रदेश अब दौड़ रहा है। पहले पुलिस की भर्ती होती थी तो ट्रेनिंग के लिए मिलिट्री, पैरा मिलिट्री और दूसरे राज्यों के ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण लेना होता था। अब अपने यहां ही ट्रेनिंग हो रही है। अब यूपी में ही होती है पुलिस की ट्रेनिंग 2017 में हमने सबसे पहले पुलिस की रिक्तियां मंगाई। पता चला कि लाखों पद खाली हैं। पूछा क्यों खाली हैं तो पता चला कि कोर्ट में मामला फंसा है। हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक फंसा हुआ था। कोर्ट से आदेश लिया गया और भर्ती प्रक्रिया शुरू कराई गई। इसके बाद ट्रेनिंग की क्षमता बढ़ाई गई। 60 हजार की भर्ती के बाद ट्रेनिंग भी अब यूपी में ही कराई गई है। पहले 17 हजार की ट्रेनिंग की व्यवस्था थी, इसे 60 हजार की हो गई है। यह स्पीड है, इसी स्पीड से चलेंगे तो परिणाम आएगा। अब कोई सिफारिश नहीं, कोई भेदभाव नहीं 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियुक्ति पत्र देते हुए सीएम योगी ने बताया कि पिछले दिनों पुलिस आरक्षी के लिए परीक्षा संपन्न हुई है। उससे पहले होमगार्ड्स के लिए परीक्षा हुई। उससे पहले सवा दो लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई है। सब कुछ पारदर्शी तरीके से हुआ। कोई सिफारिश नहीं, कोई भेदभाव नहीं हुआ है। सीएम योगी ने कहा कि 75 जिलों और 25 करोड़ की आबादी वाले राज्य में केवल चार फारेंसिंक लैब थे। अब 25 लैब हमारे पास हैं। हर जनपद में मोबाइल फोरेंसिंक लैब भी मौजूद है। साइबर पुलिस का एक थाना था, आज सभी जिलों में साइबर थाना है और हर थाने में साइबर डेस्क है। यह सब प्रयास करने से होता है। यूपी पुलिस ने समय का प्रयोग किया। आज यूपी पुलिस पर कोई ऊंगली नहीं उठा सकता है। नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी सीएम योगी ने कहा कि पहले यूपी में नौकरी नहीं थी। यूपी के बाहर जाने पर पहचान का संकट था। बोल ही नहीं सकते थे कि यूपी का रहने वाला हूं। अब बाहर भी जाने पर कोई मना नहीं कर सकता है। लोगों का नजरिया बदल गया है। नौ साल में नौ लाख से ज्यादा सरकारी नौकरी दी गई है। प्रदेश में निवेश का माहौल बना है। उसके पीछे सुरक्षा ही है। आज 32 हजार बड़े कारखाने हैं और 96 लाख एमएसएमई हैं। यूपी के युवा को यूपी में रोजगार मिल रहा है। अब दंगा नहीं होता, कर्फ्यू नहीं लगता है।

प्रिंस यादव मौत मामले में जांच तेज, खान सर पर एफआईआर की मांग उठी

 पटना फैजल खान उर्फ खान सर और और रौशन आनंद सर के बीच विवाद अभी थमने वाला नहीं बल्कि ऐसा लगता है कि यह पूरा विवाद और भी बड़ा रूप लेने वाला है। अब रौशन आनंद सर के वकील निरंजन कुमार सिंह ने कहा है कि वो रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत के मामले में हत्या का केस खान सर पर दर्ज करवाएंगे। निरंजन कुमार सिंह ने कहा है कि इस मामले में वो ना सिर्फ खान सर पर मर्डर का केस दर्ज करवाएंगे बल्कि सीबीआई जांच की मांग भी करेंगे। बता दें कि रौशन आनंद सर के जेल में रहने के दौरान नेपाल में उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत हो गई थी। रौशन आनंद सर ने पहले भी खान सर पर हत्या का आरोप लगाया था। मीडिया से बातचीत में निरंजन कुमार सिंह ने कहा, 'चूकि यह भी आईने की तरफ साफ है कि एक केस में रौशन आनंद को आरोपी बनाया जाता है। जिस केस में धारा 109 कहीं से नहीं लगना था लेकिन जबरदस्ती उस केस को गंभीर बनाने के लिए 109 को लाया गया। दूसरा केस, रियल पिक्चर के आधार पर दर्ज होता है। यह केस खान सर पर दर्ज किया जाता है। उसी दिन खान सर का बयान भी आता है लेकिन फिर भी उनकी गिरफ्तारी नहीं होती है। किसी तरह से उन्होंने कोर्ट में जाकर अंतरिम राहत मिली है। अगर रौशन आनंद के भाई की हत्या के आरोप में खान सर पर सरकार द्वारा स्वत: संज्ञान नहीं लिया जाता है और उनपर केस दर्ज नहीं किया जाता है तो हमलोग हत्या के आरोप के अंतर्गत खान सर पर एफआईआर दर्ज करवाएंगे। निरंजन कुमार सिंह ने कहा कि रौशन आनंद सर का परमानेंट बेल हुआ है। इनका तो जेल जाना ही अपने आप में एक अन्याय था। वो बिल्कुल निर्दोष हैं। उनको कुछ पता तक नहीं है और उस इंसान को जेल के पीछे डाल दिया गया। इधर जिसने साजिश रच कर यह संगठित अपराध किया और साजिश पर साजिश रची और भाई की खोने की वजह भी बना वो बाहर है। प्रिंस यादव की मौत की जारी है जांच बहरहाल आपको बता दें कि पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान से जुड़े प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत मामले में नेपाल पुलिस की जांच लगातार जारी है। मामले को लेकर पुलिस ने मृतक के साथ होटल में ठहरे चार भारतीय नागरिकों से पूछताछ भी की है, जबकि एक नेपाली नागरिक को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपस्थित होने की शर्त पर रिहा कर दिया गया है। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता डीएसपी मर्केंद्र कुमार मिश्र ने बताया था कि घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा अभी नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो पाएगी। इधर हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने के लिए भारतीय पुलिस से भी संपर्क कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्यों से पर्दा उठने की संभावना है। फिलहाल जांच पूरी होने तक पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।