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मुख्यमंत्री का निर्देश, यात्री सुरक्षा, सुविधा और राजस्व वृद्धि पर विभाग करे हरसंभव प्रयास

पीपीपी मॉडल पर 23 बस स्टेशनों का आधुनिकीकरण, दूसरे चरण में 54 और तैयार राज्य में बन रहे 8 इलेक्ट्रिक डिपो, ईवी को मिलेगा प्रोत्साहन,  सड़क सुरक्षा पर सख्ती, ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ 78 लाख से अधिक लोगों ने रक्षाबंधन पर उठाया निःशुल्क यात्रा का लाभ 2024-25 में 37.9 लाख नए वाहन पंजीकृत, ई-वाहनों को मिली 942 करोड़ की कर छूट लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में ई-बसों की खरीद में ‘मेड इन यूपी’ को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा आगे से खरीदी जाने वाली बसें यथासंभव उत्तर प्रदेश में ही निर्मित हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम राज्य की औद्योगिक प्रगति को गति देगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा। शुक्रवार को परिवहन विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बस स्टेशनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए, यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि हो और सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को प्रोत्साहन देने और राजस्व वृद्धि के लिए हर संभव प्रयास करने पर बल दिया। बैठक में प्रस्तुतिकरण के दौरान बताया गया कि रोडवेज 23 बस स्टेशनों को पीपीपी मॉडल पर विश्वस्तरीय टर्मिनल के रूप में विकसित कर रहा है। दूसरे चरण में 54 अतिरिक्त बस स्टेशनों का विकास प्रस्तावित है, जबकि 50 बस स्टेशनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यूपीएसआरटीसी 8 शहरों में इलेक्ट्रिक डिपो भी स्थापित कर रहा है, जहाँ 240 किलोवाट क्षमता के 4 से 8 यूनिवर्सल चार्जर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सुगम आवागमन के लिए नए रूट चिन्हित करने और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर माताओं-बहनों और उनके एक सहयात्री को तीन दिन तक निःशुल्क यात्रा की सुविधा का लाभ 78 लाख से अधिक लोगों द्वारा लिए जाने पर प्रसन्नता जताई। परिवहन विभाग की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 37.9 लाख नए वाहन पंजीकृत हुए, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में जून तक ही 11 लाख से अधिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए कर एवं शुल्क में 942 करोड़ रुपये से अधिक की छूट दी गई है। सड़क सुरक्षा को लेकर ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ जैसी नीति लागू है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग तथा पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाया जाए।

परिवारवाद पर अमित शाह की तीखी टिप्पणी, स्टालिन और सोनिया गांधी घिरे

चेन्नई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को तमिलनाडु में बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने एक प्रतिष्ठित तमिल नेता, सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति जैसे प्रतिष्ठित पद के लिए मनोनीत किया है। अमित शाह ने कहा कि पहलगाम में, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों ने निर्दोष नागरिकों की दुखद जान ले ली। मोदी ने देश को दृढ़ता से आश्वस्त किया कि आतंकियों और उनके कृत्यों को अंजाम देने वालों, दोनों को परिणाम भुगतने होंगे। 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया। इसके अलावा, 'ऑपरेशन महादेव' ने पहलगाम में हुए जघन्य हमले के लिए जिम्मेदार तीन आतंकवादियों को सफलतापूर्वक मार गिराया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने 130वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। पूरा विपक्ष एकजुट होकर इस विधेयक का विरोध कर रहा है। प्रस्तावित विधेयक में कहा गया है कि अगर किसी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री को जेल होती है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होगा। विपक्ष ने इस विधेयक पर सवाल उठाए। हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि डीएमके के दो वरिष्ठ मंत्री लगभग आठ महीने जेल में रहे और इस दौरान उन्होंने अपने पदों से इस्तीफा नहीं दिया। किसी व्यक्ति का जेल से शासन करना अव्यावहारिक और अनुचित है। केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा कि यहां तक कि डीएमके इस विधेयक को 'काला विधेयक' बताकर इसकी आलोचना कर रहा है। मैं स्टालिन को याद दिलाना चाहूंगा कि अनैतिक कार्यों में लिप्त लोगों को ऐसे आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि डीएमके सरकार देश की सबसे भ्रष्ट सरकारों में से एक है, जो कई हाई-प्रोफाइल घोटालों में फंसी है। इनमें टीएएसएमएसी शराब घोटाला, रेत खनन घोटाला, परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार और नौकरी के बदले पैसे कांड जैसे कई अन्य घोटाले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में एनडीए को 18 प्रतिशत वोट शेयर मिला, जबकि हमारी सहयोगी पार्टी, एआईएडीएमके को 21 प्रतिशत वोट मिले। कुल मिलाकर इस गठबंधन को कुल वोट शेयर का लगभग 39 प्रतिशत हिस्सा मिला। एनडीए और एआईएडीएमके के बीच यह साझेदारी सिर्फ एक राजनीतिक सहयोग नहीं है, यह तमिलनाडु के विकास और प्रगति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता है। अमित शाह ने परिवारवाद पर हमला करते हुए कहा कि एमके स्टालिन का एकमात्र एजेंडा अपने बेटे के लिए मुख्यमंत्री पद सुरक्षित करना है, जबकि सोनिया गांधी का प्राथमिक लक्ष्य अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनाना है। मैं बिल्कुल स्पष्ट कर दूं कि दोनों ही अपनी महत्वाकांक्षाओं में विफल रहेंगे, क्योंकि एनडीए पूरी तरह से जीत की ओर अग्रसर है।

तहसीन सैयद का क्या कनेक्शन? रेखा गुप्ता पर हमले में नया गिरफ्तारी

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हमलावार राजेश खिमजी सकारिया की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने अब गुजरात के राजकोट से उसके एक साथी को पकड़ा है। राजकोट में पूछताछ के बाद उसे हिरासत में लिया गया और पुलिस दिल्ली के लिए रवाना हो गई। आरोपी का नाम तहसीन सैयद बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने राजकोट में जिस तहसीन सैयद को हिरासत में लिया है, उस आरोप है कि उसने हमलावर राजेश खिमजी को पैसे भेजे थे। तहसीन ने दिल्ली में आकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने वाले राजेश को 2000 रुपये ट्रांसफर किए थे। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक तहसीन ऑटोरिक्शा चालक है और उसने सकारिया को गूगल-पे के माध्यम से 2000 रुपये भेजे थे। 5 लोगों से संपर्क में था राजेश बताया गया है कि पुलिस ने राजकोट में राजेश खिमजी सकारिया से जुड़े कुल 5 लोगों से पूछताछ की और सैयद को अपने साथ दिल्ली ले गई। बताया जा रहा है कि दिल्ली आने के दौरान सकारिया अपने शहर के 5 लोगों के संपर्क में था। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। क्या हमले में शामिल था सैयद पुलिस दिल्ली में तहसीन सैयद से विस्तृत पूछताछ करेगी। यह पता लगाया जा रहा है कि वह इस हमले में राजेश के साथ किस तरह और किस हद तक जुड़ा हुआ था? क्या दोनों ने मिलकर यह साजिश रची थी? इस तरह के कई सवालों के जवाब पुलिस अभी तलाश रही है। दिल्ली में दोनों का आमना-सामना भी कराया जा सकता है। राजेश खुद को बता रहा पशु प्रेमी राजकोट के कोठारिया रोड निवासी 41 साल के राजेश खिमजी सकारिया ने 20 अगस्त को दिल्ली में 'जन सुनवाई' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला कर दिया था। उसने कथित तौर पर मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारा और बाल खींचे। सकारिया का दावा है कि वह पशु प्रेमी है और कुत्तों पर दिल्ली सरकार के रुख से नाराज था। हालांकि, पुलिस अभी उसके दावों की पड़ताल कर रही है।  

सिपाही की रहस्यमय मौत, MP के नशा मुक्ति केंद्र में पसलियां टूटी और पेट में खून

ग्वालियर नशा मुक्ति केंद्र की आड़ में यातनागृह बने केंद्रों में एक और मौत का मामला सामने आया है। भिंड के रहने वाले सिपाही अजय सिंह भदौरिया की बड़ागांव स्थित नशा मुक्ति केंद्र में मौत हो गई। उसे पिछले माह केंद्र में ले जाया गया था। स्वजन का आरोप है कि मंथन नशा मुक्ति केंद्र में अजय के साथ मारपीट की गई। उसकी पसलियां तोड़ दी गईं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डेढ़ लीटर रक्त पेट में मिलने की बात कही गई है। घरवालों ने हत्या का मामला दर्ज कराया पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्वजन ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत कर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। स्वजन के अनुसार, अजय के शव को हाईवे पर छोड़कर संचालकगण भाग गए थे। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के नशा मुक्ति केंद्रों में लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। अरुण सिंह भदौरिया ने बताया कि उनके भाई अजय सिंह भदौरिया (40) निवासी धर्मनगर भिंड वर्तमान में रायसेन में सिपाही के रूप में पदस्थ थे। पिछले माह वह अवकाश पर घर आए थे।   पिछले महीने अजय को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया नशे की लत के कारण 23 जुलाई 2025 को मंथन नशा मुक्ति केंद्र बड़ागांव ग्वालियर में उन्हें भर्ती करने के लिए भेजा गया था। केंद्र के संचालक अजय पांडेय और मनीष दुबे तीन और लोगों के साथ गाड़ियों से आए थे और अजय को साथ ले गए। अगले दिन अजय की तबीयत खराब होने की सूचना दी और फिर आधा घंटे बाद मौत की सूचना दे दी। अरुण ने बताया कि इससे कुछ देर पहले ही अजय द्वारा परेशान करने की बात केंद्र वालों ने बताई थी और अस्वस्थ बताया था। अजय के एक बेटा व दो बेटी हैं। बता दें कि 14 अगस्त को संस्कार नशा मुक्ति केंद्र महाराजपुरा में पंजाब नेशनल बैंक के फील्ड ऑफिसर पंकज शर्मा की भी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा 18 अगस्त को शिवपुरी के एक नशा मुक्ति केंद्र में वाहन चोरी के एक आरोपित की संदिग्ध परिस्थितियों मौत हो गई थी।

दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्‍ट्रेलिया को दूसरे वनडे में 84 रन से दी मात, बना अनोखा रिकॉर्ड

नई दिल्‍ली दक्षिण अफ्रीका ने शुक्रवार को ऑस्‍ट्रेलिया को दूसरे वनडे में 84 रन से मात दी। इसी के साथ दक्षिण अफ्रीका ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बनाई। प्रोटियाज टीम ने पहला वनडे 98 रन से जीता था। बता दें कि मैके में खेले गए दूसरे वनडे में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्‍लेबाजी की और पूरी टीम 49.1 ओवर में 277 रन बनाकर ऑलआउट हुई। जवाब में ऑस्‍ट्रेलियाई टीम 37.4 ओवर में 193 रन पर ढेर हो गई। प्रोटियाज टीम की जीत के हीरो लुंगी एनगिडी रहे, जिन्‍होंने 8.4 ओवर में एक मेडन सहित 42 रन देकर पांच विकेट झटके। महाराज-लुंगी का रिकॉर्ड याद दिला दें कि केशव महाराज ने पहले वनडे में घातक गेंदबाजी करते हुए 33 रन देकर पांच विकेट झटके थे। अब एनगिडी ने पांच विकेट चटकाए। इन दोनों गेंदबाजों ने मिलकर एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वनडे प्रारूप में यह पहला मौका है, जब ऑस्‍ट्रेलियाई जमीन पर कंगारू टीम के खिलाफ एक द्विपक्षीय सीरीज में मेहमान टीम के दो गेंदबाजों ने पारी में पांच विकेट चटकाए हैं। इससे पहले किसी टीम के गेंदबाज ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ इस तरह की कामयाबी हासिल नहीं कर सके थे। एनगिडी की बड़ी सफलता लुंगी एनगिडी ने दूसरे वनडे में पांच विकेट लेकर एक और उपलब्धि अपने नाम की। एनगिडी उन चुनिंदा गेंदबाजों के क्‍लब में शामिल हुए, जिन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में एक से ज्‍यादा बार पारी में पांच विकेट चटकाए। यह दूसरा मौका रहा, जब एनगिडी ने ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ पांच विकेट झटके। इससे पहले 2020 में उन्‍होंने 58 रन देकर पांच विकेट लिए थे। ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैच में सबसे ज्‍यादा बार एक पारी में पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड वेस्‍टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज कर्टली एंब्रोज और न्‍यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज शेन बांड के नाम संयुक्‍त रूप से दर्ज है। एंब्रोज और बांड ने ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ वनडे मैच में तीन-तीन बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कमाल किया है। ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में पारी में ज्‍यादा बार पांच विकेट लेने वाले गेंदबाज     3 – कर्टली एंब्रोज (वेस्‍टइंडीज)     3 – शेन बांड (न्‍यूजीलैंड)     2 – लुंगी एनगिडी (दक्षिण अफ्रीका)     2 – ट्रेंट बोल्‍ट (न्‍यूजीलैंड)  

संजय राउत ने याद दिलाया 2007 का मामला, NDA को उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग का डर

मुंबई  शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शुक्रवार को दावा किया कि भाजपा उपराष्ट्रपति चुनाव में समर्थन जुटाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घटक दलों से संपर्क कर रही है, क्योंकि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के एनडीए सांसदों में बेचैनी है और उसे क्रॉस-वोटिंग का डर है। उन्होंने उदाहरण दिया कि जिस तरह 2007 के राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा की तत्कालीन सहयोगी शिवसेना ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल का समर्थन किया था, क्योंकि वह महाराष्ट्र से थीं, उसी तरह एनडीए को भी डर है कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सांसद विपक्षी उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी का समर्थन कर सकते हैं। राउत ने कहा, "क्या आप (एनडीए) इस बात से डरे हुए हैं कि क्रॉस-वोटिंग होगी?…. डुप्लीकेट शिवसेना (एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का संदर्भ) क्रॉस-वोटिंग करेगी…. कागजों पर (एनडीए के लिए) बहुमत है, लेकिन (विपक्ष का) उम्मीदवार आंध्र प्रदेश से है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में (सांसदों में) बेचैनी है।" उन्होंने आगे कहा, "राहुल गांधी द्वारा देश, बिहार और कई अन्य जगहों पर बनाए गए माहौल के कारण क्रॉस-वोटिंग की संभावना है।" रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हफ्ते की शुरुआत में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से बात की और 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में उनका समर्थन मांगा। इस पर टिप्पणी करते हुए, राउत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी उन्हीं पार्टियों से वोट मांग रही है "जिन्हें उसने तोड़ा"। राज्यसभा सांसद ने कहा कि ऐसे चुनावों में ठाकरे और पवार को फोन करना राजनीतिक शिष्टाचार का हिस्सा है। उन्होंने आगे कहा कि शिवसेना (यूबीटी) विपक्षी उम्मीदवार को वोट देगी। उन्होंने कहा कि ठाकरे ने "तानाशाही" के खिलाफ लड़ाई का कड़ा रुख अपनाया है। राउत ने कहा, "आप (एनडीए) दावा करते हैं कि आपके पास बहुमत है… आप वोट क्यों मांग रहे हैं और आपको ऐसा करने का क्या अधिकार है।" एनडीए ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन को मैदान में उतारा है, जबकि इंडिया ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है।  

भयानक बारिश की चेतावनी, प्रशासन अलर्ट मोड में, स्कूलों में छुट्टी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में खराब मौसम और तेज बारिश के कारण जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों को एक दिन के लिए बंद रखने का फैसला लिया है। यह आदेश सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी सभी विद्यालयों पर लागू होगा। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है। चित्रकूट जिला अधिकारी ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा अगले 24 घंटों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी के मद्देनजर यह फैसला किया गया है। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं पूर्ववत जारी रहेंगी, लेकिन स्कूल प्रबंधन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए ने सख्त निगरानी के निर्देश दिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्रों में स्कूलों की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई विद्यालय आदेश की अवहेलना न करे। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि वे ऑनलाइन क्लासेस शुरू करने पर विचार करें और छुट्टी का सदुपयोग गृहकार्य या प्रोजेक्ट के माध्यम से कराएं। अभिभावकों ने फैसले का किया स्वागत स्कूल बंदी की खबर मिलते ही अभिभावकों ने प्रशासन के फैसले का स्वागत किया। कई माता-पिता का कहना है कि मानसून के मौसम में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना खतरनाक हो जाता है। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी और सराहनीय है। मॉनसून से बिगड़ी व्यवस्था, प्रशासन अलर्ट मोड पर पिछले 24 घंटे से हो रही लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव और सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूलों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने नगर निगम, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा है और हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज़ आंधी की आशंका जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और बच्चों को सुरक्षित रखें।  

अमित शाह बोले, राहुल गांधी कर रहे हैं संस्थाओं पर विश्वास कम करने का प्रयास

कोच्चि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कोच्चि में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को मान न दिए जाने का आरोप लगाया। शाह आगामी महत्वपूर्ण स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर भाजपा के राज्य नेतृत्व को तैयार करने हेतु शुक्रवार को केरल की वाणिज्यिक राजधानी कोच्चि के एक दिवसीय दौरे पर हैं। एक कार्यक्रम में शाह ने बताया कि देश को नुकसान पहुंचाने वाली स्थितियां पिछली सत्ता की देन है। उन्होंने कहा, “जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टिकरण देश के लिए नासूर जैसा है। 2014 में नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद इन तीनों की जगह ‘पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस’ की शुरुआत हुई है और जिसे पूरा देश अनुभव कर रहा है। करप्शन को दूर करने का प्रयास देश के पीएम ने किया है। चूंकि स्थिरता है, इसलिए लंबे समय तक नीतियां चल रही हैं। इस 11 साल के कालखंड को जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो पाते हैं कि जनता के देश में पहले जो सवाल था कि भविष्य कैसा होगा, वो अब नहीं है। आज 140 करोड़ लोग मानते हैं कि 2047 में भारत टॉप पर होगा और इसे लेकर कोई कंफ्यूजन नहीं है। वहीं, राहुल गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर बोले, जब से वो मुखिया बने हैं तब से संवैधानिक संस्थाओं को शक की नजर से देख रहे हैं। अभी जो एसआईआर हो रहा है, वो 2003 में भी हुआ था, 1961 में भी हुआ था और 1970 में भी हुआ था। तो अब समस्या क्या है? अगर एसआईआर से कोई भी नागरिक या राजनीतिक पार्टी संतुष्ट नहीं है, तो वह असेंबली के रिटर्निंग ऑफिसर, जिला कलेक्टर और राज्य के चीफ इलेक्शन ऑफिसर के सामने अपील कर सकता है। शाह ने सदन में पेश तीन विधेयकों को लेकर कहा कि लोकतंत्र में नैतिकता का स्तर बनाए रखने की जिम्मेदारी सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की है। ये बिल किसी पार्टी के लिए नहीं है। ये बिल भाजपा के मुख्यमंत्रियों पर भी लागू होगा और प्रधानमंत्री पर भी लागू होगा। बता दें कि मानसून सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संघ राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) बिल 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2025 और संविधान (130वां संशोधन) बिल 2025 पेश किए थे। जिसमें प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति गिरफ्तार होकर जेल से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केन्द्र या राज्य सरकार के मंत्री के रूप में शासन नहीं चला सकता है। विपक्ष ने इन बिलों का विरोध किया।  

रेखा गुप्ता के कार्यक्रम में घुसकर नारेबाजी, हमले के बाद बढ़ी सुरक्षा

नई दिल्ली  जनसुनवाई में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के बाद अब एक बार फिर उनके कार्यक्रम में बड़ी घटना हुई है। शुक्रवार को गांधीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान शख्स उनके कार्यक्रम में घुस गया और खूब नारेबाजी की। घटना उस वक्त की है जब गांधीनगर विधानसभा के विधायक अरविंदर सिंह लवली कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सीएम रेखा गुप्ता भी कार्यक्रम में मौजूद थीं। इसी दौरान शख्स कार्यक्रम में घुसा और नारेबाजी करने लगा। हालांकि पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। शख्स की पहचान गांधी नगर के अजीत नगर में रहने वाले प्रवीण शर्मा के तौर पर हुई है। वह 60 साल का है। उसका अजीत नगर में टीवी केबल का बिजनेस भी है। उसने दावा किया है कि वह पिछले 40 सालों से बीजेपी का कार्यकर्ता है। जानकारी के मुताबिक अरविंदर सिंह लवली जब कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, तभी प्रवीण शर्मा वहां पहुंच गया और विधायक के खिलाफ नारेबाजी करने लगा। उसने ये भी कहा कि उसकी आवाज सीएम रेखा गुप्ता तक पहुंचनी चाहिए। पुलिस ने कहा- सुरक्षा में कोई चूक नहीं शाहदरा के डीसीपी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी प्रवीण शर्मा बैरिकेड्स के पीछे और एक गली में ही था। यहां से उसे तुरंत पकड़ लिया गया और वहां से हटा दिया गया। किसी भी समय वीआईपी की सुरक्षा का उल्लंघन नहीं किया गया। इससे पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला किया गया था। आरोपी राजेशभाई खिमजी ने पुलिस को बताया था कि उसने पहले आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में शिफ्ट करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ यहां रामलीला मैदान में प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। यह योजना सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे द्वारा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर किए गए आंदोलन की तर्ज पर थी।   आरोपी ने पुलिस को यह भी बताया कि वह बुधवार को आवारा कुत्तों का मुद्दा उठाने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री के जनसुनवाई कार्यक्रम में गया था। पुलिस सूत्र ने बताया कि मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा उठाने में नाकाम रहने पर आरोपी ने उन पर हमला किया। उसने हमें यह भी बताया कि हाल ही में दिल्ली की सड़कों से आवारा कुत्तों को हटाने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद, उसे एक सपना आया जिसमें भगवान भैरव ने उसे बेचारे जानवरों के हित में कदम उठाने के लिए कहा। उधर दिल्ली पुलिस को आरोपी राजेशभाई की पांच दिन की हिरासत मिल गई है जिससे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस उसके बयानों की पुष्टि कर रही है और बड़ी साजिश की संभावना की जांच कर रही है।

महिला विश्व कप: शेड्यूल में बड़ा बदलाव, बेंगलुरु की जगह बदला वेन्यू

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आगामी महिला वनडे विश्व कप के लिए बेंगलुरु को आयोजन स्थल से हटाने का फैसला किया है। बीसीसीआई की प्रेस रिलीज के मुताबिक एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले मैच मुंबई में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) द्वारा मैचों की मेजबानी के लिए पुलिस की मंजूरी प्राप्त करने के लिए बीसीसीआई की बार-बार दी गई समय-सीमा को पूरा ना कर पाने के कारण बेंगलुरु में होने वाले महिला विश्व कप मैचों को मुंबई में स्थानांतरित कर दिया गया है।   आईसीसी के चेयरमैन जय शाह ने कहा, ‘‘हालांकि अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण हमें कार्यक्रम में बदलाव करते एक स्थान बदलना पड़ा, लेकिन अब हमें खुशी है कि हमारे पास पांच विश्वस्तरीय स्थान हैं, जहां महिला क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ मैच देखने को मिलेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मंच तैयार है और मुझे विश्वास है कि यह टूर्नामेंट कल्पनाओं को नए पंख लगाएगा और प्रशंसकों की नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा।‘‘ आठ टीमों के इस टूर्नामेंट के अन्य स्थानों में गुवाहाटी, इंदौर, विशाखापत्तनम और कोलंबो शामिल हैं। पाकिस्तान से जुड़े सभी मैचों और पहले सेमीफाइनल की मेजबानी श्रीलंका की राजधानी कोलंबो को मिली है। जून में आईसीसी ने टूर्नामेंट की तारीखों की घोषणा करते हुए बेंगलुरु को पांच आयोजन स्थलों में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया था। मेजबान भारत के साथ टूर्नामेंट के पहले मैच के अलावा बेंगलुरु को 30 अक्टूबर को एक सेमीफाइनल और संभवतः 2 नवंबर को फाइनल की मेजबानी भी करनी थी। (अगर पाकिस्तान फाइनलिस्टों में से एक नहीं होता)। बीसीसीआई को यह फैसला इसी साल 4 जून को घरेलू टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) द्वारा पहली बार आईपीएल जीतने के बाद स्टेडियम के आसपास मची भगदड़ के कारण इस स्टेडियम को बड़े आयोजनों के लिए 'असुरक्षित' करार दिए जाने के बाद लेना पड़ा है। कर्नाटक सरकार द्वारा नियुक्त एक सदस्यीय समिति ने स्टेडियम को बड़े पैमाने पर होने वाले आयोजनों के लिए "असुरक्षित" माना है। जिसके बाद कर्नाटक पुलिस ने केएससीए को वहां कोई भी मैच आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके कारण केएससीए को महाराजा टी20 को बेंगलुरु से मैसूर स्थानांतरित करना पड़ा था। बीसीसीआई के इस नए फैसले ने अब आईसीसी को संभावित कार्यक्रम में बदलाव के लिए मजबूर कर दिया है।