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भोपाल नर्मदापुरम संभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ० मथुरा प्रसाद को नोटिस जारी

सीएम हेल्पलाइन के हंटर से हायर एजुकेशन के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक को नोटिस जारी छात्र को स्कॉलरशिप दिलाने में लापरवाही भारी पड़ी उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी को भोपाल नर्मदापुरम संभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ० मथुरा प्रसाद को नोटिस जारी कारण बताओ नोटिस जारी कर दो वेतन वृद्धि रोकी विदिशा शासकीय महाविद्यालय, नटेरन जिला विदिशा में अध्ययनरत छात्र सुमित साहू को वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 की पिछडा वर्ग संवर्ग की पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति समय-सीमा में नहीं प्रदान करायी गई। जिस कारण छात्र सुमित साहू द्वारा सी०एम० हेल्पलाईन में शिकायत दर्ज की गई। छात्र द्वारा प्रथम वर्ष की स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने के दिनांक 22.01.2021 से एक वर्ष से अधिक समय के बाद 11.03.2022 को महाविद्यालय द्वारा मंजूर की गई।  शिकायत का संतुष्टिपूर्ण समाधान किये जाने के पूर्व ही एल-2 अधिकारी डॉ० नीता पाण्डे, प्रभारी प्राचार्य, शासकीय अग्रणी महाविद्यालय, विदिशा द्वारा कराए जाने की अनुशंसा एल-3 स्तर अधिकारी डॉ० मथुरा प्रसाद क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा, भोपाल-नर्मदापुरम संभाग, भोपाल को की गई।  छात्रवृत्ति का भुगतान समय-सीमा में न होने के कारण छात्र सुमित साहू की शिकायत समाधान आनलाईन पर चर्चा के लिए चिन्हित हुई। इस मामले में नोटिस जारी कर सात दिन में मांगा जबाब जबाब नहीं देने पर एक पक्षीय होगी कार्यवाही  उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव वीरन सिंह मलावी ने जारी किया नोटिस

बिग बॉस मलयालम सीजन 7 में शामिल होगा लेस्बियन कपल, शो में दिखेगा नया रंग

मुंबई  सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो 'बिग बॉस' इंडिया के हर रीजन में पसंद किया जाता है. फिर चाहे वो हिंदी में सलमान खान द्वारा होस्ट किया गया हो या किसी अन्य भाषा में. 'बिग बॉस' की पॉपुलैरिटी काफी ज्यादा है. मलयालम स्टार मोहनलाल अपने रियलिटी शो 'बिग बॉस' मलयालम के सातवें सीजन के साथ वापस आ चुके हैं.  कौन-कौन हैं 'बिग बॉस मलयालम सीजन 7' के कंटेस्टेंट्स? मोहनलाल के शो में इस सीजन फिल्मी सितारों के साथ आम आदमी भी आए हैं जो अपनी-अपनी लाइफ की जर्नी को शो में दिखाने वाले हैं. 'बिग बॉस मलयालम' सीजन 7 में फेमस मलयालम स्टार्स जैसे अनुमोल, आरजे बिंसी, रेणु सुधी और गिजेल ठकराल शामिल हैं. मगर इस बार जिन कंटेस्टेंट पर लोगों की नजर रुकी है, वो एक लेस्बियन कपल अदीला और फातिमा हैं. जिन्होंने अपनी अनोखी लव स्टोरी से ऑडियंस का ध्यान अपनी ओर खींचा है. तो आइए, जानते हैं कि आखिर कौन हैं अदीला और फातिमा. कौन हैं अदीला और नूरा, जो मोहनलाल के शो में आएंगी नजर? अदीला नसरीन और फातिमा नूरा केरल का रहने वाला एक लेस्बियन कपल है जिन्होंने अपने प्यार की खातिर पूरी दुनिया से लड़ाई की थी. दोनों ने साथ रहने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जिसमें ये सफल भी हुई थीं. दोनों की लव स्टोरी ने पूरे देश को भी इंप्रेस किया था. वो सभी को ये मैसेज देने में कामयाब हुए थे कि अगर प्यार सच्चा हो, तो उसे कोई रोक नहीं पाएगा.   अदीला और फातिमा दरअसल साऊदी अरब में पहली बार मिलीं, जब दोनों 12वीं क्लास में पढ़ाई कर रही थीं. दोनों में इसी दौरान दोस्ती हुई जो बाद में धीरे-धीरे प्यार में बदल गया. हैरानी की बात ये थी कि अदीला और फातिमा के परिवार वाले भी एक-दूसरे के करीबी थे. अदीला और फातिमा के सपने पढ़ाई के दौरान एक हो गए. जिसके बाद उन्होंने फैसला किया कि वो अपनी लव स्टोरी के बारे में अपने-अपने परिवारवालों को बताएंगी. परिवार वाले थे प्यार के खिलाफ, कैसे पूरी हुई अदीला-फातिमा की लव स्टोरी? जब अदीला और फातिमा ने अपने परिवार को ये बताया कि वो साथ रहना चाहती हैं, तो वो इसके खिलाफ हो गए थे. उनपर उनके घरवालों ने काफी दबाव डाला. जिसके बाद अदीला और फातिमा ने घर छोड़ने का फैसला किया. उन्होंने कोझीकोड में शरण ली मगर अदीला का परिवार वहां पहुंचकर उन्हें अपने साथ ले गया. इसी दौरान फातिमा के परिवार ने भी पुलिस में अदीला के खिलाफ केस दर्ज कराया. अदीला और फातिमा एक-दूसरे से अलग थे, लेकिन अपने प्यार को अलग नहीं कर पाए. अदीला ने फातिमा संग अपने रिलेशनशिप को पब्लिकली कोर्ट में लेकर जाने का फैसला किया. उन्होंने केरल हाई कोर्ट 'हैबियस कॉर्पस' याचिका दायर की जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि फातिमा को उनकी इच्छा के विरुद्ध ले जाया गया है और उन पर 'कन्वर्जन थेरेपी' की गई है. इसके बाद हाई कोर्ट ने अदीला और फातिमा संग अकेले में बात करके इस केस का फैसला उनके पक्ष में सुनाया जिससे वो एक एतिहासिक पल बन गया. फातिमा और अदीला के केस में LGBTQ+ समुदाय भी उनके साथ खड़ा था. दोनों को कोर्ट ने साथ रहने की इजाजत दी. हालांकि इसके बाद भी लेस्बियन कपल की मुश्किलें कम नहीं हुई. कोर्ट से मिली इजाजत, मगर क्यों मुश्किलों में रहीं अदीला-फातिमा? अदीला और फातिमा LGBTQ+ समुदाय के उन उदाहरणों में से हैं जिनकी लव स्टोरी इंडियन सोसाइटी में एतिहासिक रूप ले चुकी है. लेकिन आज के जमाने में मौजूद सोशल मीडिया के कारण उन्हें कई लोगों की तरफ से ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ता है. इंडिया में आज भी कई लोग हैं जो LGBTQ+ समुदाय की गतिविधियों को पसंद नहीं करते हैं. वो उन्हें अपनाने से कतराते हैं, यही कारण है कि अदीला और फातिमा को भी काफी ट्रोल किया जाता है. हालांकि कपल को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. वो आज भी सोशल मीडिया पर उतनी ही एक्टिव हैं. दोनों का एक यूट्यूब चैनल भी है जिसके लाखों सब्सक्राइबर्स हैं. अब अदीला और फातिमा मोहनलाल के रियलिटी शो में भी नजर आएंगी, जो इनकी लव स्टोरी को पूरी दुनिया के सामने प्रेजेंट करने में मदद करेगा.  बता दें कि ऑडियंस मोहनलाल का शो एशियानेट टीवी चैनल पर देख सकती है. वहीं इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार पर भी देखा जा सकता है. शो में 19 कंटेस्टेंट्स की एंट्री हुई है जिसमें अदीला नूरा के अलावा अप्पानी सारथ, सारिका, रेणु सुधी, शैथ्या, नेविन, शानवास शानू, गिजेल ठकराल, मुंशी रणजीत, रेना फातिमा, अभिलाष, बिन्नी नोबिन, आरजे बिंसी, ओनील साबू, अकबर खान, कलाभवन सारिगा, आर्यन कथूरिया, अनीस टीए और अनुमोल जैसे कंटेस्टेंट्स शामिल हैं.

ओवल टेस्ट बना ऐतिहासिक, आंकड़ों ने बयां की भारतीय टीम की मजबूती

नई दिल्ली  लंदन के ओवल मैदान पर खेले गए पांचवें टेस्ट में टीम इंडिया ने ना सिर्फ इंग्लैंड को शिकस्त दी, बल्कि कई ऐतिहासिक कीर्तिमान भी अपने नाम किए. टेस्ट क्रिकेट का यह मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांच और रिकॉर्ड्स का बेहतरीन संगम रहा.  ये पहली बार है जब भारत ने विदेशी जमीन पर किसी टेस्ट सीरीज का पांचवां मैच जीता है. इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ 2018 के बाद कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीती है, उसके बाद 2 भारत ने जीतीं, 2 ड्रॉ रहीं हैं.  इस टेस्ट के साथ ही भारत और इंग्लैंड की टेस्ट सीरीज में कुल 7187 रन बने. जो किसी भी द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज में दूसरा सबसे बड़ा रन योग है. इसके अलावा सीरीज में कुल 14 बार टीमें 300 या उससे अधिक का स्कोर बना पाईं , अब तक का संयुक्त रूप से सर्वाधिक आंकड़ा है.  टीम इंडिया की ओर से 9 बल्लेबाजों ने इस सीरीज में 400 या उससे ज्यादा रन बनाए, जबकि कुल 50 अर्धशतक और 21 शतक लगे. ये भी शेयर रिकॉर्ड हैं. 19 बार शतकीय साझेदारियां भी देखने को मिलीं, जो टेस्ट इतिहास में बराबरी का सर्वश्रेष्ठ आंकड़ा है.  गेंदबाजी में भी भारत ने कमाल किया. मोहम्मद सिराज ने जसप्रीत बुमराह के इंग्लैंड में किसी सीरीज में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट (23) लेने का रिकॉर्ड दोहराया. मोहम्मद सिराज ने भी ओवल टेस्ट में 9 विकेट झटके थे. इन आंकड़ों ने ना सिर्फ सीरीज को ऐतिहासिक बना दिया, बल्कि भारतीय क्रिकेट को एक नया कॉन्फ‍िडेंस दिया.  एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 में रन और बैटिंग से जुड़े कुछ रिकॉर्ड्स  – इस सीरीज में कुल मिलाकर दूसरी सबसे ज्यादा रन की भरमार हुई (7187 रन). – सीरीज में सबसे ज्यादा 300+ स्कोर बनाए गए, 14 बार (रिकॉर्ड की बराबरी).  -9 बल्लेबाजों ने 400 से ज्यादा रन बनाए. ये भी एक रिकॉर्ड है.  – सीरीज में 50 बार कोई बल्लेबाज 50+ स्कोर पर पहुंचा, यहां भी रिकॉर्ड की बराबरी हुई. -21 शतक लगे, ये भी रिकॉर्ड की बराबरी है.  – 19 बार सौ से ज्यादा रन की पार्टनरशिप हुई, रिकॉर्ड की बराबरी इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय 23 – जसप्रीत बुमराह (2021-22) 23 – मोहम्मद सिराज (2025)* 19 – भुवनेश्वर कुमार (2014) कम रन से हारने के मामले में इंग्लैंड का रिकॉर्ड 1 रन से हारे vs न्यूजीलैंड, 2023 3 रन से हारे vs ऑस्ट्रेलिया, 1902 6 रन से हारे vs ऑस्ट्रेलिया, 1885 6 रन से हारे vs भारत, 2025 (द ओवल) भारत के लिए सबसे कम रनों से टेस्ट जीत: 6 रन से जीत vs इंग्लैंड, 2025 (द ओवल): सबसे छोटी जीत 13 रन से जीत vs ऑस्ट्रेलिया, 2004 (वानखेड़े स्टेडियम) 28 रन से जीत vs इंग्लैंड, 1972 (कोलकाता) 31 रन से जीत vs ऑस्ट्रेलिया, 2018 (एड‍िलेड)  

MP Assembly : कांग्रेस ने उठाया पुरानी पेंशन का मुद्दा, शिवाजी पटेल का इनकार, विपक्ष ने किया वॉकआउट

भोपाल मध्य प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र का आज सातवां दिन है। झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देकर सदन की कार्यवाही शुरू की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी श्रद्धांजलि दी। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने पुरानी पेंशन योजना का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2005 के बाद पेंशन को एनपीएस के अंतर्गत लाया। इसमें लाभ की कोई गारंटी नहीं है। सरकार ने जवाब दिया है कि हमारे पास इस पुरानी पेंशन योजना को लेकर कोई जानकारी नहीं है, कोई प्लानिंग नहीं है। क्या हमारे कर्मचारी देश की और प्रदेश की सेवा में कोई कसर छोड़ते हैं? यह सरकार की जिम्मेदारी है कि लोगों को सुरक्षा मिले। अन्य प्रदेशों में पुरानी पेंशन योजना लागू है तो मध्य प्रदेश में क्यों नहीं? जवाब में राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा, उत्तर पटल पर रखा है। पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का न कोई प्लान है और न ही विचार। कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने वॉकआउट किया। जबलपुर में शासकीय विक्टोरिया अस्पताल में फर्जी नियुक्ति का आरोप लगाया था। उप मुख्यमंत्री राकेश शुक्ला के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने वॉकआउट किया है। सदन की कार्यवाही जारी है।

कब्जा हटाने के आदेश में आपत्तिजनक भाषा, यूपी अफसर पर कार्रवाई, सीएम योगी का त्वरित एक्शन

लखनऊ  सीएम योगी आदित्यनाथ ने पंचायती राज विभाग के एक हालिया आदेश को लेकर कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें ग्राम पंचायत की भूमि से अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया को जाति व धर्म विशेष से जोड़कर निर्देशित किया गया था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आदेश को पूर्वाग्रह से प्रेरित और अस्वीकार्य मानते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का निर्देश दिया है. साथ ही इस आदेश के लिए जिम्मेदार संयुक्त निदेशक (पंचायती राज) सुरेंद्र नाथ सिंह को निलंबित कर दिया गया है. पंचायती राज विभाग की ओर से जारी यह पत्र प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, मंडलीय उपनिदेशकों और जिला पंचायत राज अधिकारियों को भेजा गया था. इसमें प्रदेश की 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों की सार्वजनिक भूमि, जैसे कि ग्राम सभा की भूमि, पोखरे, खलिहान, खाद गड्ढे, श्मशान भूमि आदि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का निर्देश दिया गया था. हालांकि, पत्र की भाषा में विशेष रूप से यादव जाति और मुस्लिम धर्म के लोगों द्वारा किए गए कथित कब्जे का उल्लेख किया गया, जिसे लेकर कई स्तरों पर आपत्ति दर्ज की गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित आदेश को न केवल संविधान की भावना के विरुद्ध बताया, बल्कि यह भी कहा कि सरकारी नीतियां किसी भी समुदाय या वर्ग के प्रति पूर्वाग्रह से प्रेरित नहीं हो सकतीं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून का शासन सभी के लिए समान रूप से लागू होता है और किसी भी प्रकार की कार्रवाई पूरी तरह से तथ्यों, साक्ष्यों और नियमों के अनुसार होनी चाहिए न कि जातिगत या धार्मिक पहचान के आधार पर. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि भविष्य में इस प्रकार की भाषा, जो सामाजिक समरसता को प्रभावित कर सकती है, का प्रयोग किसी भी सरकारी पत्राचार में न किया जाए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह चेतावनी भी दी है कि शासन की ओर से कोई भी निर्णय लेते समय संवैधानिक मूल्यों, निष्पक्षता और प्रशासनिक मर्यादा का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए.

मंगलवार 05 अगस्त 2025 बदल जाएगी इन राशियों की किस्मत

मेष राशि- आज का दिन आपकी अपने स्वयं के भीतर की एक बड़ी समझ हासिल करने का अवसर लाएगा। यह संभावना है कि आप अपनी अंतरतम भावनाओं के अनुरूप होंगे और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आपको जिस दिशा में जाने की आवश्यकता है, उसकी समझ होगी। वृषभ राशि- अपने रिश्तों पर ध्यान दें। समाधान खोजने की दिशा में काम करें। यह ग्रहण आपकी रचनात्मकता और नवीनता को भी उजागर करेगा, जिससे आपको नई परियोजनाओं या शौक का पता लगाने के अवसर मिलेंगे। अपने जुनून को पूरा करने के लिए जोखिम उठाएं। मिथुन राशि- एक कदम पीछे हटें और अपने जीवन के उन क्षेत्रों का आकलन करें जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है। यह आपके काम, रिश्तों या व्यक्तिगत विकास से संबंधित हो सकता है। कर्क राशि- दिनचर्या से मुक्त होने और जीवन में नए रास्ते तलाशने की तीव्र इच्छा महसूस कर सकते हैं। आप जोखिम उठाते सकते हैं जो आप आमतौर पर नहीं लेते या उन लक्ष्यों का पीछा करते हैं जो कभी दूर के सपने थे। खुले दिमाग रखना आवश्यक है। सिंह राशि- जीवन में कुछ अप्रत्याशित परिवर्तन और चुनौतियां आ सकती हैं। आपको अपने व्यक्तिगत संबंधों या कार्य जीवन में स्वतंत्रता और प्रामाणिकता की सख्त आवश्यकता महसूस हो सकती है। खुले दिमाग से रहना और अपने विचारों को संसाधित करने के लिए खुद को समय देना महत्वपूर्ण है। कन्या राशि- आज कन्या राशि वालों के जीवन में अप्रत्याशित परिवर्तन या अवसर आ सकते हैं। इसमें यात्रा की योजनाएं या सीखने के अनुभव शामिल हो सकते हैं। यह व्यक्तिगत विकास का एक मौका है।आज आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। निवेश कर सकते हैं। तुला राशि- आपको नए अवसरों या रचनात्मक प्रयासों की ओर खींचा जा सकता है। हालांकि, खुद को ओवरकमिट करने या सेल्फ-केयर की उपेक्षा करने से सावधान रहें। मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक रूप से संतुलन बनाए रखें। वृश्चिक राशि- परिवार के सदस्यों के बीच तनाव बढ़ सकता है। किसी भी गलतफहमी से बचने के लिए संवाद करना आवश्यक है। वित्तीय अस्थिरता से बचने के लिए खर्च करने पर नियंत्रण रखें। आज के दिन धैर्य से काम करें। धनु राशि- आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। हालांकि, जो लोग जीवन के इन पहलुओं की उपेक्षा कर रहे हैं, उन्हें अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। धन का अधिक खर्च करने से बचें। यह समय थोड़ा धैर्य से काम लेने का है। मकर राशि- आज का दिन अतीत की कुछ अनसुलझी भावनाओं को भी सामने ला सकता। आपको इस समय का उपयोग किसी नई शुरुआत के साथ आगे बढ़ने के लिए करना चाहिए।यह समय जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है। कुंभ राशि- व्यक्तिगत संबंधों या घरेलू जीवन में परिवर्तन हो सकते हैं। नए कार्य की शुरुआत के लिए दिन अच्छा है। उन विचारों और योजनाओं पर कार्रवाई करने की इच्छा भी बढ़ सकती है जिन्हें अतीत में बंद कर दिया गया था। मीन राशि- आप अधिक ऊर्जावान महसूस कर सकते हैं। ऊर्जा का सदुपयोग बड़ी चीजें हासिल करने में करें। यह लक्ष्य निर्धारित करने और समर्पण के साथ उसकी ओर काम करने का समय है। आज अप्रत्याशित अवसर भी मिल सकते हैं। इसके लिए तुरंत निर्णय लेने के कौशल की आवश्यकता हो सकती है।

ट्रंप की जुबान फिर फिसली! 27 वर्षीय सेक्रेटरी पर टिप्पणी से मचा सियासी बवाल

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट की तारीफ करते हुए ऐसे शब्द कहे जिन पर अब देश-विदेश में बहस छिड़ गई है। न्यूजमैक्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने लेविट को “अब तक की सबसे बेहतरीन प्रेस सचिव” बताया, लेकिन तारीफ के दौरान उनके शब्दों ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। ट्रंप ने कहा, “वो एक स्टार बन चुकी हैं। वो चेहरा, वो दिमाग, वो होंठ… जिस तरह वो हिलते हैं, जैसे मशीन गन हो। वो वाकई एक शानदार इंसान हैं।” कौन हैं कौरोलिन 27 वर्षीय कैरोलिन लेविट ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की पहली प्रेस सचिव हैं और अब तक कुल मिलाकर उनकी पांचवीं प्रेस सचिव हैं। एक दिन पहले वाइट हाउस प्रेस ब्रीफिंग में लेविट ने ट्रंप के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की तारीफ करते हुए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि ट्रंप ने पिछले छह महीनों में लगभग “हर महीने एक शांति समझौता या संघर्षविराम” कराया है। लेकिन ट्रंप की व्यक्तिगत शैली में की गई यह प्रशंसा कई लोगों को अजीब और असहज लगी। सोशल मीडिया पर उनकी टिप्पणियों को “अप्रोफेशनल”, “क्रिंजी” और “परेशान करने वाली” बताया गया। सोशल मीडिया पर कमेंट एक यूज़र ने लिखा, “अगर किसी आम ऑफिस में कोई पुरुष किसी महिला सहयोगी के लिए ऐसी बात कहे, तो उसे फौरन नौकरी से निकाल दिया जाए और कंपनी पर केस कर दिया जाए।” कई यूज़र्स ने मीडिया की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। कहा, “क्या कोई मेनस्ट्रीम मीडिया इन बेतुकी और अजीब बातों पर ट्रंप या वाइट हाउस से सवाल पूछेगा? शायद नहीं।” इस बयान ने ट्रंप की पहले से ही विवादों में घिरी छवि को और बिगाड़ दिया है, खासकर महिलाओं के साथ उनके बर्ताव को लेकर लोग पहले भी सवाल उठाते रहे हैं।

जेब में वोटर स्लिप, ID भी मौजूद! ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकियों की पाकिस्तान से पुष्टि

श्रीनगर  पिछले महीने 28 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के दाचीगाम में महादेव की पहाड़ियों में जंगलों के बीच 'ऑपरेशन महादेव' के दौरान मारे गए तीनों आतंकी पाकिस्तानी नागरिक थे। इस बात की पुष्टि उनके पास से बरामद सरकारी पहचान पत्र और बायोमेट्रिक डेटा से हुई है। ये तीनों आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य थे और तीनों ही पहलगाम में हुई आतंकी हमले में शामिल थे। सुरक्षा बलों द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्य इस बात की पुष्टि करते हैं। प्राप्त साक्ष्यों के मुताबिक, ये आतंकवादी पहलगाम में हमले को अंजाम देने के बाद से ही दाचीगाम-हरवान वन क्षेत्र में छिपे हुए थे। सुरक्षा बलों द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के मुताबिक, पहलगाम में पर्यटकों पर की गई गोलीबारी में कोई भी स्थानीय कश्मीरी शामिल नहीं था। बता दें कि 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में तीन आतंकवादी – सुलेमान शाह उर्फ फैजल जट्ट, अबू हमजा उर्फ 'अफगान' और यासिर उर्फ 'जिब्रान' को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया था।साक्ष्यों के विश्लेषण से पता चला है कि A++ लश्कर कमांडर सुलेमान शाह, पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड और मुख्य शूटर था, जबकि हमजा और यासिर ए-ग्रेड लश्कर कमांडर थे। गोलीबारी के दौरान हमजा दूसरा बंदूकधारी था, जबकि यासिर तीसरा बंदूकधारी था जिसके पास हमले के दौरान बाकी दोनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। मतदाता पहचान पत्र और स्मार्ट आईडी चिप से खुलासा रिपोर्ट में कहा गया है कि इन आतंकियों के शवों से मतदाता पहचान पत्र और स्मार्ट आईडी चिप सहित पाकिस्तानी सरकारी दस्तावेज भी बरामद किए गए, जिससे उनके पड़ोसी देश से संबंध होने की पुष्टि होती है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट से पता चलता है कि सुलेमान शाह और अबू हमजा की जेबों से पाकिस्तान चुनाव आयोग द्वारा जारी दो मतदाता पर्चियाँ मिलीं। पर्चियों पर मतदाता क्रमांक क्रमशः लाहौर (एनए-125) और गुजरांवाला (एनए-79) की मतदाता सूचियों से मेल खाते हैं। सैटेलाइट फोन से एक मेमोरी कार्ड भी बरामद सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के क्षतिग्रस्त सैटेलाइट फोन से एक मेमोरी कार्ड भी बरामद किया है, जिसमें तीनों व्यक्तियों के NADRA (राष्ट्रीय डेटाबेस और पंजीकरण प्राधिकरण) बायोमेट्रिक रिकॉर्ड थे। इन रिकॉर्डों में उनके फिंगरप्रिंट, चेहरे के नमूने और वंशावली की जानकारी है, जो उनकी पाकिस्तानी नागरिकता और चांगा मंगा (कसूर ज़िला) और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में रावलकोट के पास कोइयाँ गाँव में उनके पते की पुष्टि करती है।

बाढ़ से बेहाल यूपी के 17 जिले, 402 गांव डूबे – राहत के लिए 11 मंत्री पहुंचे ज़मीन पर

कानपुर उत्तर प्रदेश इन दिनों बाढ़ के विकराल संकट से जूझ रहा है. गंगा, यमुना और अन्य नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसकी चपेट में अब तक 17 जिलों के 402 गांव आ चुके हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद राहत कार्यों की मॉनिटरिंग शुरू कर दी है. अब उन्होंने अपने कैबिनेट के 11 मंत्रियों को सीधे ग्राउंड ज़ीरो पर भेजकर बाढ़ राहत की निगरानी का जिम्मा सौंपा है. ये सभी मंत्री प्रभावित जिलों में पहुंच चुके हैं और राहत शिविरों, बांधों और जलभराव वाले गांवों का दौरा कर रहे हैं. 17 जिले बाढ़ की चपेट में, हजारों परिवार विस्थापित राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में उत्तर प्रदेश के जिन जिलों में बाढ़ का सर्वाधिक असर दिख रहा है, उनमें कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाज़ीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, हमीरपुर, इटावा और फतेहपुर शामिल हैं. इन जिलों की 37 तहसीलों के 402 गांव बाढ़ की चपेट में हैं. राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी के अनुसार, कुल 84,392 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें से अब तक 47,906 पीड़ितों को राहत सहायता दी जा चुकी है. ये आंकड़े खुद में संकट की गंभीरता को बयां करते हैं. 11 मंत्री पहुंचे मोर्चे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रभावित जिलों की सतत निगरानी के साथ ही अपने मंत्रियों को सीधे फील्ड में भेजा है. इनमें से कई मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में पहुंच चुके हैं और कई वहीं रात्रि विश्राम कर रहे हैं ताकि अगले दिन का दौरा भी निर्बाध रूप से हो सके. वाराणसी शहर दक्षिणी के विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बाढ़ग्रस्त घरों तक स्वयं राहत सामग्री पहुंचाई। यहां जानिए कौन मंत्री किस जिले की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं: – नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ : प्रयागराज –  स्वतंत्र देव सिंह और संजय गंगवार : जालौन – स्वतंत्र देव सिंह और प्रतिभा शुक्ला : औरैया – रामकेश निषाद : हमीरपुर – जयवीर सिंह : आगरा – सुरेश खन्ना : वाराणसी – संजय निषाद : कानपुर देहात -धर्मवीर प्रजापति : इटावा – अजीत पाल : फतेहपुर – दयाशंकर सिंह 'दयालु' : बलिया 47 हजार से अधिक पीड़ितों को पहुंचाई गई मदद सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 493 नावों और मोटरबोट्स की मदद से राहत सामग्री बांटी जा चुकी है. 6,536 खाद्यान्न पैकेट और 76,632 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं. इसके अतिरिक्त, बाढ़ के कारण संकट में आए 2,759 मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है. बाढ़ की वजह से 343 मकानों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से 327 मामलों में पीड़ितों को सहायता राशि दी जा चुकी है. इसके साथ ही 4,015 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हुई है. 905 शरणालयों में 11 हजार से ज्यादा लोग ले रहे हैं आश्रय राज्य सरकार द्वारा बनाए गए 905 बाढ़ शरणालयों में फिलहाल 11,248 लोग अस्थायी रूप से रह रहे हैं. इन स्थानों पर भोजन, पीने का पानी, बिजली, शौचालय और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई है. 757 मेडिकल टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में लगाया गया है, जो शरणार्थियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं. इसके अलावा 1,29,571 क्लोरीन टैबलेट और 37,089 ओआरएस पैकेट वितरित कर बाढ़ के बाद संभावित जलजनित बीमारियों से सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है. 500 क्विंटल भूसा और 29 लंगर, मवेशियों और लोगों दोनों की भूख का समाधान प्रभावित इलाकों में सिर्फ इंसानों की नहीं, मवेशियों की भूख का भी ध्यान रखा जा रहा है. अब तक 500 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है. वहीं, पीड़ितों को गर्म और पौष्टिक भोजन मिले, इसके लिए 29 लंगर शिविर लगाए गए हैं जो दिन-रात काम कर रहे हैं. इसके अलावा 1,193 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जो पूरे समय इलाके की निगरानी कर रही हैं और जरूरत के अनुसार अलर्ट जारी कर रही हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई भी पीड़ित मदद से वंचित न रह जाए. उनका स्पष्ट संदेश है आपदा राहत में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

US में नई सॉलिसिटर जनरल मथुरा श्रीधरन को बिंदी लगाने पर ट्रोल किया गया, भारतीय समुदाय ने किया समर्थन

वाशिंगटन अमेरिका में बढ़ता गन कल्चर पहले ही चिंता का विषय बना हुआ है और अब वहां नफरती सोच भी पनप रही है. भारतीय मूल की महिला मथुरा श्रीधरन को अमेरिका में सिर्फ इस वजह से ट्रोल किया जा रहा है कि बिंदी लगाती हैं और उन्हें ओहियो स्टेट का सॉलिसिटर जनरल चुना गया है. ओहियो के अटॉर्नी जनरल डेव योस्ट ने बीती 31 जुलाई को श्रीधरन की नियुक्ति की थी.  ओहियो की सॉलिसिटर जनरल चुनी गईं इसके बाद से मथुरा श्रीधरन के खिलाफ नस्लवादी और अपमानजनक टिप्पणियों की बाढ़ सी आ गई है. ट्रोल सवाल कर रहे हैं कि यह पद किसी अमेरिकी को क्यों नहीं मिला. ओहियो के अटॉर्नी योस्ट ने कहा कि मथुरा श्रीधरन 12वीं सॉलिसिटर जनरल के लिए उनकी पसंद हैं. एक्स पर उनकी नियुक्ति का ऐलान करते हुए अटॉर्नी जनरल ने कहा कि वह बहुत प्रतिभाशाली हैं और बेतहर ढंग से राज्य की सेवा करेंगी. डेव योस्ट ने लिखा, 'मथुरा बहुत प्रतिभाशाली हैं. उन्होंने पिछले साल SCOTUS में अपनी बहस जीती थी. जिन दोनों SGs (फ्लावर्स और गेसर) के अधीन उन्होंने काम किया था, उन्होंने उनकी सिफ़ारिश की थी. जब मैंने उन्हें पहली बार नियुक्त किया था, तब मैंने उनसे कहा था कि मुझे उनसे बहस करने की ज़रूरत है. उन्हें प्रमोट करने को लेकर उत्साहित हूं. वह ओहायो की अच्छी सेवा करेंगी.' बिंदी लगाने को लेकर ट्रोलिंग  रिपोर्ट के मुताबिक सॉलिसिटर जनरल के पद पर पहुंचने के बावजूद भी श्रीधरन को भारतीय होने और बिंदी लगाने के कारण नस्लवादी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. एक रिप्लाई में ट्रोल ने लिखा, 'आप किसी ऐसे व्यक्ति को क्यों चुनेंगे जो अमेरिकी नहीं है, इतने अहम रोल के लिए?' कुछ लोग उनके बिंदी के लाल रंग पर भी सवाल उठा रहे हैं तो कुछ ट्रोल उनकी योग्यता को लेकर भी बयानबाजी कर रहे हैं. इस ट्रोलिंग के बाद ओहायो के अटॉर्नी जनरल डेव योस्ट ने ट्रोल्स को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने साफ किया है कि कुछ लोगों को गलतफहमी है कि मथुरा अमेरिकी नहीं हैं, लेकिन वह पूरी तरह से अमेरिकी नागरिक हैं. उनकी शादी भी एक अमेरिकी नागरिक से हुई है. योस्ट ने आगे लिखा, 'अगर उनका नाम या रंग से आपको दिक्कत है, तो समस्या उनसे या उनकी नियुक्ति से नहीं बल्कि आपके सोच में है.  कौन हैं मथुरा श्रीधरन? मथुरा श्रीधरन एक भारतीय मूल के अमेरिकी वकील हैं जो वर्तमान में ओहियो के अटॉर्नी जनरल कार्यालय में डिप्टी सॉलिसिटर जनरल के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें राज्य के अटॉर्नी जनरल डेव योस्ट ने 12वें सॉलिसिटर जनरल के रूप में प्रमोट किया है. इससे पहले, श्रीधरन दो साल से राज्य के अटॉर्नी जनरल कार्यालय में ओहियो के दसवें कमांडमेंट सेंटर की डायरेक्टर के रूप में भी काम कर चुकी हैं. फेडरल सोसायटी की वेबसाइट के मुताबिक ओहियो सॉलिसिटर कार्यालय में शामिल होने से पहले, श्रीधरन ने सेकंड सर्किट के लिए अमेरिकी अपील न्यायालय के जज स्टीवन जे मेनाशी और न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के लिए अमेरिकी जिला न्यायालय के जज डेबोरा ए बैट्स के लिए क्लर्क के तौर पर काम किया था. श्रीधरन ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान में साइंस ग्रेजुएट किया है और प्रतिष्ठित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से स्नातक की उपाधि हासिल की और 2008 में इकोनॉमिक्स का भी पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने एमआईटी से इन्हीं विषयों में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री भी हासिल की. साल 2015 में, श्रीधरन ने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ में कानून की पढ़ाई की और 2018 में ग्रेजुएशन की है.