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पत्रकारिता विश्वविद्यालय में NEP-2020 पर केंद्रित कार्यशाला का आयोजन

रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीतिः 2020 के पुनः उन्मुखीकरण को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय में लागू स्नातक पाठ्यक्रमों में एनईपी के एक वर्ष के क्रियान्वयन की समीक्षा करना और आवश्यक सुधारों पर विचार करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति एवं रायपुर संभागायुक्त महादेव कावरे ने कहा कि एनईपी 2020 न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी, बल्कि यह युवाओं को उनकी स्थानीय परंपरा और ज्ञान से जोड़ने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि यह नीति विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का अवसर देगी, जिससे वे देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। प्रथम तकनीकी सत्र में उच्च शिक्षा के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (NEP) डॉ. डी.के. श्रीवास्तव ने नीति के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनईपी बहु-विषयक शिक्षा को बढ़ावा देती है, जिसमें छात्र अपनी रुचि एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार विषयों का चयन कर सकते हैं। इसका उद्देश्य एक समग्र और लचीला शिक्षा प्रणाली को विकसित करना है। द्वितीय तकनीकी सत्र में उच्च शिक्षा के संयुक्त संचालक डॉ. जी.ए. घनश्याम ने भारतीय ज्ञान परंपरा और भारत दर्शन पर विचार रखते हुए कहा कि यह नीति आधुनिकता और सांस्कृतिक मूल्यों के बीच सेतु का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को भारत की समृद्ध चिंतन परंपरा और नैतिक मूल्यों से जोड़ना एनईपी का अहम लक्ष्य है, जिससे वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने एनईपी को वर्तमान और भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि व्यावसायिक कौशल और बाज़ार योग्यताओं से छात्रों को लैस करना है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के एनईपी संयोजक पंकज नयन पाण्डेय ने एनईपी 2020 पर वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा बीते एक वर्ष में पाठ्यक्रम संरचना और वैकल्पिक विषयों के क्रियान्वयन के तहत अनेक प्रभावी पहल की गई हैं, जिससे छात्रों को अपनी रुचियों के अनुरूप अध्ययन का अवसर मिला है।  इस अवसर पर विभागाध्यक्ष शैलेन्द्र खंडेलवाल, डॉ. नृपेंद्र कुमार शर्मा, डॉ. आशुतोष मांडवी, डॉ. राजेंद्र मोहंती, उप कुलसचिव सौरभ शर्मा, विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। ’विश्वविद्यालय परिसर में बिहान कैंटीन का शुभारंभ’ इसी दिन विश्वविद्यालय परिसर में ‘बिहान कैंटीन’ का भी शुभारंभ कुलपति महादेव कावरे द्वारा किया गया। यह कैंटीन जिला पंचायत रायपुर के माध्यम से बिहान स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित की जा रही है। इस अवसर पर कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा, सहायक कुलसचिव डॉ. देव सिंह पाटिल एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

जीपीएफ स्टेटमेंट, वेबसाइट पर अपलोड, शिकायत निवारण की भी सुविधा

भोपाल महालेखाकार कार्यालय (लेखा एवं हकदारी)-द्वितीय, मध्यप्रदेश, ग्वालियर द्वारा राज्य के शासकीय सेवकों के सामान्य भविष्य निधि (GPF) खातों के वर्ष 2024-25 के वार्षिक लेखा विवरण को अब ऑनलाइन उपलब्ध है। अधिकारी एवं कर्मचारी अब अपना GPF स्टेटमेंट कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.agmp.nic.in पर जाकर अपनी सीरीज, खाता क्रमांक तथा पासवर्ड दर्ज कर सीधे डाउनलोड कर सकते हैं। यह व्यवस्था न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी, बल्कि समय की भी बचत करेगी। शिकायत निवारण भी अब ऑनलाइन जीपीएफ विवरण में यदि किसी भी प्रकार की विसंगति या त्रुटि पाई जाती है, तो अभिदाता ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए वेबसाइट पर जाकर “Accountant General (A&E)-II” में “Online Services” विकल्प से “Register Grievances (AG)” पर क्लिक कर संबंधित जानकारी और दस्तावेज अपलोड किए जा सकते हैं। शिकायतों का निराकरण एक माह के भीतर महालेखाकार की निगरानी में किया जाएगा। शिकायत दर्ज करने के लिए कर्मचारी दूरभाष नंबर 0751-2432457 या व्हाट्सएप नंबर 8827409410 पर भी संपर्क कर सकते हैं।  

इंदौर से गाजियाबाद के लिए डायरेक्ट फ्लाइट की सौगात, 20 जुलाई से उड़ानें होंगी शुरू

इंदौर  इंदौर से गाजियाबाद के लिए 20 जुलाई से सीधी उड़ान शुरू होने जा रही है। इसके शुरू होने से नोएडा और नई दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा विकल्प मिलेगा। इंदौर एयरपोर्ट से 20 जुलाई से गाजियाबाद (उप्र) के लिए सीधी उड़ान शुरू होने जा रही है। इंडिगो विमान कंपनी ने करीब एक माह पहले ही इसकी घोषणा करते हुए बुकिंग शुरू कर दी थी। यह उड़ान प्रतिदिन संचालित होगी, जो गाजियाबाद से दोपहर में इंदौर आएगी और शाम को वापस इंदौर से रवाना होगी। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन का कहना है कि नई उड़ान शुरू नहीं होने से नई दिल्ली और नोएडा जाने वाले यात्रियों को फायदा होगा। गाजियाबाद से नई दिल्ली की दूरी करीब 32 किमी है। ऐसे में गाजियाबाद जाकर यात्री दिल्ली जा सकेंगे। इंदौर-गाजियाबाद उड़ान का फेयर 10 हजार रुपये के करीब है। इंदौर एयरपोर्ट से अगस्त में तीन शहरों की उड़ानें बंद होंगी। इंडिगो विमान कंपनी ने इंदौर से नासिक, उदयपुर और जोधपुर के लिए संचालित होने वाली एकमात्र सीधी उड़ान की बुकिंग बंद कर दी है। इन तीनों शहरों की सीधी उड़ान बंद होने से यात्रियों को परेशानी होगी और उन्हें अन्य शहर की कनेक्टिंग उड़ान के माध्यम से हवाई यात्रा करनी होगी। यह रहेगा शेड्यूल गाजियाबाद-इंदौर : फ्लाइट 6ई 2558 गाजियाबाद से दोपहर 2.10 बजे रवाना होकर दोपहर 3.30 बजे इंदौर पहुंचेगी। इंदौर-गाजियाबाद : फ्लाइट 6ई 2559 इंदौर से शाम 4 बजे रवाना होगी और शाम 5.20 बजे गाजियाबाद पहुंचेगी।  

स्वच्छता में अव्वल रहे बुधनी और शाहगंज, राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

बुधनी /शाहगंज केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 के विजेता शहरों की घोषणा कर दी गई है, जिसमें मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी और शाहगंज नगर परिषदों को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। यह सम्मान न केवल इन दोनों शहरों के लिए, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। बुधनी को मिला 'सुपर स्वच्छ लीग सिटी' में प्रथम स्थान स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में बुधनी को ‘20 हजार से कम आबादी’ वाले कस्बों की श्रेणी में देशभर में पहला स्थान मिला है। बुधनी को ‘सुपर स्वच्छ लीग सिटी’ श्रेणी में भी नामांकित किया गया है, जो कि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले नगरों को दिए जाने वाला नया सम्मान है। इस श्रेणी में लगातार तीन वर्षों से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शहरों को ‘प्रेसिडेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन शहरों के पदाधिकारियों के साथ एक विशेष समूह फोटो सेशन भी करेंगी। इस श्रेणी में मध्यप्रदेश के इंदौर और उज्जैन को भी शामिल किया गया है। शाहगंज को मिलेगा प्रेसिडेंटल अवॉर्ड सीहोर जिले की शाहगंज नगर परिषद को भी इस वर्ष 'प्रेसिडेंटल अवॉर्ड' के लिए चुना गया है। शाहगंज के साथ ही भोपाल और देवास नगर निगमों को भी इस श्रेणी में नामांकित किया गया है। 17 जुलाई को विज्ञान भवन में होगा सम्मान समारोह स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के विजेताओं को 17 जुलाई को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर ‘गार्बेज फ्री सिटी’ के अंतर्गत स्टार रैंकिंग की घोषणा भी की जाएगी। समारोह में भाग लेने के लिए विजेता नगरीय निकायों से 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली भेजा जाएगा। प्रशासन और नागरिकों का साझा प्रयास सीहोर कलेक्टर बालागुरू के. ने बुधनी और शाहगंज की नगर परिषद टीमों और स्थानीय नागरिकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान नागरिकों की जागरूकता और स्थानीय निकायों की सतत मेहनत का परिणाम है। उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में भी यह प्रयास जारी रहेंगे और जिले को और स्वच्छ, हरा-भरा और विकसित बनाया जाएगा।  

बेसिक शिक्षा बैठक में सीएम योगी सख्त, बोले- हर बच्चे तक पहुंचे शिक्षा, अधिकारियों को दिया सख्त निर्देश

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने राज्य में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने, बच्चों की शत-प्रतिशत विद्यालयी उपस्थिति सुनिश्चित करने, संसाधनों के कुशल उपयोग तथा अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 06 से 14 वर्ष की आयु का एक भी बच्चा विद्यालय से वंचित नहीं रहना चाहिए, विद्यालय प्रबन्ध समिति (प्रधानाध्यापक व ग्राम प्रधान) इसे सुनिश्चित कराए। इस दिशा में “स्कूल चलो अभियान” को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए ताकि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से न छूटे। परिषदीय छात्रों के लिए ₹1200 की डीबीटी सहायता शीघ्र अभिभावकों के खातों में जाए मुख्यमंत्री ने परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत प्रत्येक छात्र के अभिभावक के बैंक खाते में यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्टेशनरी एवं पाठ्य सामग्री हेतु ₹1200 की सहायता राशि को डीबीटी के माध्यम से शीघ्रता से अंतरित किए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ किया जाए ताकि लाभार्थियों को समय पर मदद मिल सके और विद्यालयीन सामग्री की व्यवस्था बाधित न हो। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में आधारभूत संरचना की कमी है, वहां अविलंब संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण में अध्ययन का अवसर प्राप्त हो। 50 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालय स्वतंत्र रूप से संचालित हों मुख्यमंत्री ने विद्यालयों की पेयरिंग व्यवस्था को दूरगामी और व्यापक दृष्टिकोण से लागू किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों तीनों के हित में है। इससे न केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा। जिन विद्यालयों में 50 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं, उन्हें स्वतंत्र विद्यालय के रूप में संचालित करने का निर्देश दिया गया, जिससे प्रशासनिक सुविधा, जवाबदेही और शैक्षणिक निगरानी और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सके। पेयरिंग व्यवस्था के कारण खाली हुए विद्यालय भवनों को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि वहां बाल वाटिकाएं/प्री-प्राइमरी स्कूल संचालित की जाएं। साथ ही, इन भवनों में आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थानांतरित किया जाए ताकि शिशु शिक्षा का आधार सुदृढ़ हो और विद्यालय परिसरों का उपयोग बहुपर्यायी रूप से हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाए और इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। रिक्त पदों पर अधियाचन भेज कर शीघ्र की जाए नियुक्ति बैठक में शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा  कि सभी विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात आदर्श स्थिति में होना चाहिये। उन्होंने निर्देश दिये कि रिक्तियों के सापेक्ष अधियाचन तत्काल भेजा जाए और नियुक्ति प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए।

लॉर्ड्स में टीम इंडिया को बनाने हैं 135 रन, मुकाबला मांचक मोड़ पर

लंदन   भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का तीसरा मैच लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है. इस मुकाबले में भारत को 5वें दिन जीत के लिए 135 रनों की जरूरत है. इंग्लैंड की दूसरी पारी 192 के स्कोर पर सिमट गई. वाशिंगटन सुंदर को 4 विकेट मिले हैं. जबकि बुमराह और सिराज को दो-दो सफलताएं मिली हैं. भारत की भी शुरूआत खराब रही है और दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 4 विकेट गंवा दिए थे. भारत का स्कोर अभी 58 रन है. केएल राहुल नाबाद हैं. भारत को जीत के लिए 135 रन बनाने हैं. इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 387 रन बनाए थे. जवबा में भारतीय टीम की पहली पारी भी 387 रनों पर ही सिमटी. यानी पहली पारी में दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहा. दूसरी पारी में इंग्लैंड ने 192 रन बनाए. अब लॉर्ड्स टेस्ट में भारत को जीत के लिए 193 रन बनाने हैं. लॉर्ड्स टेस्ट मैच में आज क्या होगा बताना मुश्किल है. 387 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में इंग्लैंड की टीम 192 रन पर सिमट गई. भारत ने पहली पारी में 387 रन ही बनाए थे. दूसरी पारी में ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने 4 विकेट निकालकर मैच का रुख मोड़ दिया. उन्होंने कहा कि लंच के बाद पांचवें दिन भारत जीत हासिल करने का इरादा रखता है. वहीं इंग्लैंड के बैटिंग कोच मार्कस ट्रेस्कोथिक ने कहा उनकी टीम ने कम रन बनाए हैं लेकिन मैच जीतने की स्थिति में है. कौन जीतेगा तीसरा टेस्ट? जीत के लिए 193 रनों का लक्ष्य पीछा करते हुए भारत ने चौथे दिन का खेल 58 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे. स्टंप्स के समय केएल राहुल 33 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि बेन स्टोक्स ने दिन की आखिरी गेंद पर नाइट-वॉचमैन आकाश दीप को आउट किया. भारत ने ओपनर यशस्वी जायसवाल (0), करुण नायर (14), और कप्तान शुभमन गिल (6) को सस्ते में खो दिया, और अंतिम दिन में 135 रनों से पीछे है. भारत जीत के करीब नजर आ रहा है लेकिन उसके लिए शुरुआती सेशन में इंग्लैंड के गेंदबाजों से बचना आसान नहीं होगा. सीरीज में जीत हासिल करने का मौका दोनों टीम के पास है. गिल ने द्रविड़-कोहली को छोड़ा पीछे, इंग्लैंड में ऐसा करने वाले पहले भारतीय बने भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही मौजूदा टेस्ट सीरीज में शुभमन गिल ने एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है. गिल अब इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ बन गए हैं. उन्होंने यह रिकॉर्ड भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ और विराट कोहली जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए बनाया. 603* रन बनाकर गिल शीर्ष पर 2025 की इस ऐतिहासिक सीरीज में गिल ने अब तक 603 रन (नाबाद) बना लिए हैं, और सीरीज अभी खत्म नहीं हुई है. उन्होंने लगातार शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए कई अहम पारियां खेलीं, जिनमें दो शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं. उनका यह प्रदर्शन बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आया, जहां गेंदबाज़ों को मदद मिल रही थी और पिचें बल्लेबाज़ों के लिए आसान नहीं थीं. बावजूद इसके, गिल ने धैर्य, तकनीक और आक्रामकता का बेहतरीन मेल दिखाया. इंग्लैंड में एक टेस्ट सीरीज में भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज़ 1. शुभमन गिल (2025) – 603* रन 2. राहुल द्रविड़ (2002) – 602 रन 3. विराट कोहली (2018) – 593 रन 4. सुनील गावस्कर (1979) – 542 रन 5. राहुल द्रविड़ (2011) – 461 रन इस सूची में गौर करने वाली बात यह है कि राहुल द्रविड़ दो बार टॉप-5 में शामिल हैं, जो उनके इंग्लैंड में शानदार रिकॉर्ड को दर्शाता है. लेकिन गिल ने अब यह मुकाम हासिल करके खुद को भारतीय टेस्ट इतिहास के शीर्ष बल्लेबाज़ों की कतार में शामिल कर लिया है. गिल तोड़ सकते हैं इन दिग्गजों का रिकॉर्ड एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी डॉन ब्रेडमैन के नाम है. जिन्होंने 1930 में एशेज में इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैच की 7 पारियों में 974 रन बनाए थे. इसमें उन्होंने एक तिहरा शतक भी लगाया था. वहीं, दूसरे नंबर पर इंग्लैंड के हैमांड का नाम आता है जिन्होंने 5 मैच की 9 पारियों में 905 रन बनाए थे. इसके बाद एमए टेलर ने 1989 में एक सीरीज में 839 रन बनाए. वहीं, इस लिस्ट में तीन भारतीय खिलाड़ियों का नाम आता है. पहला नाम सुनील गावस्कर का है, जिन्होंने 1970-71 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 4 मैच की 8 पारियों में 774 रन बनाए थे. 1978-89 में फिर गावस्कर ने एक सीरीज में 732 रन बनाए. वहीं, 2023 में यशस्वी जायसवाल ने 5 मैच की 9 पारियों में 712 रन बनाए. वहीं, 2014-15 में विराट कोहली ने 4 मैच की सीरीज में 692 रन बनाए थे. सुंदर ने दिखाया स्पिन का जलवा, भारत की बल्लेबाजी लड़खड़ाई लॉर्ड्स की पिच पर जहां स्पिनरों को खास मदद नहीं मिल रही थी, वहीं वॉशिंगटन सुंदर ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की रीढ़ तोड़ी. उन्होंने जो रूट, बेन स्टोक्स और जेमी स्मिथ जैसे अहम बल्लेबाजों को आउट किया और 22 रन देकर 4 विकेट झटके. लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की पारी की शुरुआत खराब रही. यशस्वी जायसवाल (0) एक बार फिर जोफ्रा आर्चर के शिकार बने. करुण नायर (14) भी फ्लॉप साबित हुए. कप्तान शुभमन गिल (6) को ब्रायडन कार्स ने चकमा देकर सस्ते में चलता किया. दिन की अंतिम गेंद पर बेन स्टोक्स ने नाइटवॉचमैन आकाश दीप (1) को क्लीन बोल्ड कर भारत को चौथा झटका दे दिया. चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक भारत का स्कोर 58/4 था और टीम को जीत के लिए अभी 135 रन और बनाने हैं, जबकि इंग्लैंड को सिर्फ 6 विकेट की जरूरत है. सीरीज में बढ़त के लिए दोनों टीमों के पास अब बराबर का मौका है. भारत को इस मैदान पर जीतने के लिए इतिहास बदलना पड़ेगा. लॉर्ड्स में भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 1986 में जीत हासिल की थी, तब चेज करने के लिए स्कोर 136 रन का था. टीम इंडिया के लिए राहत की बात होगी कि उसके इनफॉर्म बल्लेबाज केएल राहुल क्रीज पर … Read more

नवजात माताओं के लिए खुशखबरी: रीवा में मेटरनिटी विंग शुरू, उप मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

उप मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय रीवा में नवीन मेटरनिटी विंग कक्ष का किया शुभारंभ भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने जिला चिकित्सालय रीवा के नवीन मेटरनिटीविंग कक्ष का शुभारंभ किया। उन्होंने मेटरनिटी विंग के बन जाने से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर बताया गया कि नवीन मेटरनिटीविंग में प्रसूति एवं स्त्री रोग से संबंधित मरीजों को पृथक से ओपीडी की सुविधा के साथ जांच के लिए सेम्पल प्राप्त करने के लिये व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला चिकित्सालय के 100 बिस्तर के अतिरिक्त भवन के बन जाने से मरीजों को और सुविधा मिलेगी साथ ही इसमें मेटरनिटीविंग के लिए भी स्थान आरक्षित रहेगा। उप मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय के विस्तार भवन का अवलोकन किया तथा शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ल सहित चिकित्सक उपस्थित रहे। ग्राम शाहपुर में माँ भगवती हेल्थ केयर सेंटर का किया शुभारंभ उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने ग्राम शाहपुर हिनौता में माँ भगवती हेल्थ केयर सेंटर का उद्घाटन किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हम स्वस्थ्य रहेंगे तभी हर तरह का विकास सार्थक होगा। हेल्थ केयर सेंटर आसपास के पूरे क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य की जांच और उपचार की अच्छी सुविधा देगा। कई बार समय पर जांच होने से रोग का उपचार तत्काल शुरू हो जाता है। समय पर उपचार से कैंसर का रोग भी साध्य हो जाता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। रीवा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में कई गंभीर रोगों का सफलतापूर्वक उपचार किया जा रहा है। टेलीमेडिसीन के माध्यम से उप स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा प्राथमिकत स्वास्थ्य केन्द्र मेडिकल कालेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपचार की सुविधा मिल रही है। इस अवसर पर विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, पूर्व विधायक श्री के.पी. त्रिपाठी तथा अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।  

ऑनलाइन आवेदन और भुगतान के बाद 7 से 15 दिन में मिलेगा पासपोर्ट

इंदौर यदि आप नौकरी, पढ़ाई, घूमने या किसी जरूरी काम से विदेश जाना चाहते हैं, तो सबसे पहला और जरूरी दस्तावेज है पासपोर्ट। मध्यप्रदेश सहित देशभर में अब पासपोर्ट बनवाना पहले की तुलना में आसान हो गया है, लेकिन इसके लिए सही जानकारी और दस्तावेजों का होना जरूरी है। पासपोर्ट बनवाने के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन से लेकर अपाइंटमेंट बुकिंग, दस्तावेज सत्यापन और पुलिस वेरिफिकेशन तक की प्रक्रिया को पूरा करना होता है। अब तय नियमों और जरूरी शर्तों का पूरा कर बगैर एजेंट के भी खुद ही पासपोर्ट बनवा सकते हैं। 15 से 30 दिन में पासपोर्ट जारी हो जाता है। यदि आपको जल्दी पासपोर्ट चाहिए, तो तत्काल सेवा का विकल्प भी मौजूद है, जिसमे कुछ अतिरिक्त शुल्क देकर पासपोर्ट तीन से सात दिन में आपके पते पर पहुंच जाता है। पासपोर्ट सेवा केंद्र पर बुक करना होगा अपॉइंटमेंट पासपोर्ट बनवाने की पूरी प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज, फीस और पुलिस वेरिफिकेशन से लेकर अपाइटमेंट प्रक्रिया की जानकारी होने पर आप घर बैठे भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले passportindia.gov.in वेबसाइट पर जाकर खुद को रजिस्टर करना होगा। लॉगिन के बाद आप फ्रेस फासपोर्ट या री-इश्यू के लिए ऑनलाइन फार्म भर सकते हैं। इसके बाद आपको अपने नजदीकी पासपोर्ट सेवा केंद्र को चुनकर अपॉइंटमेंट बुक करना होगा। अपाइंटमेंट वाले दिन और समय पर आपको पासपोर्ट कार्यालय पहुंचकर दस्तावेज वेरिफिकेशन और फोटो करवाना होगा। इसके बाद पुलिस वेरिफिकेशन होगा। इस पूरी प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद आपके दिए गए पते पर पासपोर्ट डाक से पहुंच जाएगा। कितनी बार ले सकते हैं अपाइंटमेंट एक बार में एक ही अपाइंटमेंट लिया जा सकता है। यदि आप निर्धारित तारीख पर नहीं पहुंचते हैं, तो अपाइंटमेंट निरस्त माना जाता है। इसके बाद आपको दोबारा स्लाट बुक कर अपाइंटमेंट बुक करना होता है। एक बार जमा की गई फीस में आप तीन बार अपाइंटमेंट बुक कर सकते हैं। इसके बाद फिर से पूरी प्रक्रिया और फीस जमा करना होगी। जरूरी दस्तावेज पहचान का प्रमाण :- आधार कार्ड (ब्लू टिक वाला), पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र (कलर वाला), ड्राइविंग लाइसेंस, विवाह प्रमाण पत्र (यदि विवाहित हैं और नाम में बदलाव हुआ है) पते का प्रमाण :- आधार कार्ड (ब्लू टिक वाला), बैंक पासबुक (बीते तीन माह की एंट्री), रेंट एग्रीमेंट (यदि किराए पर रहते हैं), राशि कार्ड, सरकारी जाब कार्ड, जन्म का प्रमाण :- जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं या 12वीं की मार्कसीट, पैन कार्ड फीस कितनी लगेगी     नियमित पासपोर्ट :- 1500 रुपये (36 पेज, वैधता 10 वर्ष)     नियमित पासपोर्ट :- 2000 रुपये (60 पेज, वैधता 10 वर्ष)     तत्काल पासपोर्ट :- 3500 रुपये (36 पेज, वैधता 10 वर्ष)     तत्काल पासपोर्ट :- 4000 रुपये (60 पेज, वैधता 10 वर्ष) पुलिस वेरिफिकेशन कैसे होता है पासपोर्ट आवेदन के बाद अपाइटमेंट लेकर दस्तावेज वेरिफिकेशन होता है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया होती है। आवेदक के स्थानीय थाने से पुलिसकर्मी आपके पते पर आते हैं और सत्यापन करते हैं कि आप वहां वास्तव में रहते हैं या नहीं। इस दौरान पुलिसकर्मी आपके मूल दस्तावेज और उनकी कापी भी देखेंगे। सत्यापन रिपोर्ट पुलिस द्वारा ऑनलाइन भेजी जाती है, जो पासपोर्ट कार्यालय को जाती है। तत्काल पासपोर्ट की प्रक्रिया आवेदक यदि जल्दी पासपोर्ट चाहता है, तो वह तत्काल योजना के तहत आवेदन कर सकता है। इसमें ऑनलाइन आवेदन के दौरान ही तत्काल सेवा को चुनना होता है और निर्धारित 1500 रुपये ही फीस ऑनलाइन जमा की जाती है। तत्काल सेवा की शेष राशि अपाइंटमेंट के समय दस्तावेज वेरिफिकेशन के समय जमा करना होगी है। यह राशि ऑनलाइन और नकद दोनों तरह से जमा की जा सकती है। इसमें पुलिस वेरिफिकशन पासपोर्ट जारी होने के पहले और बाद में किसी भी समय हो सकता है। इन बातों का भी रखें ख्याल – अपाइंटमेंट तारीख पर तय समय से पहले पासपोर्ट कार्यालय पहुंचे। – सभी दस्तावेज के ओरिजनल और फोटोकापी दोनों साथ रखें। – तत्काल सेवा चुनी है तो शेष राशि नकद में भी साथ रखें। – अपाइंटमेंट के दौरान दस्तावेज की जांच और बायोमेट्रिक और फोटोग्राफ लिए जाते हैं।

पर्यटन को मिलेगा नया आयाम, UP के 11 ऐतिहासिक स्थलों का होगा कायाकल्प

लखनऊ उत्तर प्रदेश में खंडहर में तब्दील हो रहे राज्य के ऐतिहासिक धरोहरों को नया जीवन देने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। पर्यटन विभाग प्रदेश के 11 पुराने किलों और भवनों को चमकाने की तैयारी में है। विभाग ने एजेंसियों के माध्यम से इसके लिए अनुरोध प्रस्ताव (आरएफपी) आमंत्रित किया है। ये काम पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत होगा, जहां एजेंसी इन जगहों को डिजाइन करेगी, बनाएगी, पैसे लगाएगी, चलाएगी और बाद में सरकार को सौंप देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुरू होने जा रही इस पहल से न सिर्फ इन ऐतिहासिक किलों और भवनों का इतिहास बचेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन बढ़ेगा और हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिलेगा। पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इन 11 विरासत स्थलों में ललितपुर का तालबेहट किला, बांदा का रनगढ़ और भुरागढ़ किला, गोंडा की वजीरगंज बारादरी, लखनऊ का आलमबाग भवन, गुलिस्तान-ए-एरम और दर्शन विलास, कानपुर की टिकैत राय बारादरी, महोबा का मस्तानी महल और सेनापति महल, झांसी का तहरौली किला और मथुरा का सीताराम महल (कोटवान किला) शामिल हैं। ये सभी जगहें अपनी खास वास्तुकला और इतिहास की कहानियों के लिए मशहूर हैं। इनका पुनरोद्धार करके इन्हें होटल, सांस्कृतिक केंद्र या संग्रहालय में बदला जाएगा, ताकि पर्यटक यहां ठहर सकें और इतिहास को करीब से महसूस कर सकें। बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में ये योजना खास तौर पर फायदेमंद होगी, जहां पर्यटन बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। पर्यटन विभाग के मुताबिक, ये परियोजना न सिर्फ इन पुरानी इमारतों को नया रूप देगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगी। मुख्यमंत्री ने पहले ही इको-टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। उनकी ये कोशिशें यूपी को देश और दुनिया में पर्यटन का एक चहेता डेस्टिनेशन बना रही हैं। अयोध्या, काशी, और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के साथ-साथ राज्य के अन्य प्राचीन मंदिरों और तीर्थ स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं। 2024 में 65 करोड़ पर्यटकों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थलों का दौरा किया, जो इन पहलों की सफलता को दर्शाता है।   

अब FASTag से धोखाधड़ी की कोशिश पड़ी महंगी, रियल टाइम में होगी ब्लैकलिस्टिंग

नई दिल्ली  अब नेशनल हाईवे पर गाड़ी चलाने वालों को ज़्यादा सावधान रहना होगा! अगर आपकी गाड़ी पर FASTag सही जगह, यानी विंडस्क्रीन (सामने के शीशे) पर नहीं लगा है, तो अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाली है। ऐसे FASTag को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, यानी वह काम करना बंद कर देगा। यह कदम टोल प्लाजा पर धोखाधड़ी रोकने और भीड़ कम करने के लिए उठाया जा रहा है। क्यों उठाया गया यह कदम? सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने बताया है कि यह कदम टोल कलेक्शन को और बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी है। मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि जल्द ही सालाना पास सिस्टम और मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग जैसी नई योजनाएं शुरू होंगी। ऐसे में FASTag की सही पहचान और पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद ज़रूरी है। अब टोल प्लाजा चलाने वाली एजेंसियों और ठेकेदारों को यह निर्देश दिया गया है कि अगर उन्हें कोई 'लूज़ FASTag' (जो सही जगह न लगा हो) दिखाई दे, तो उसकी तुरंत जानकारी दें. इससे टोल सिस्टम और भी सुचारू रूप से काम करेगा। क्या हैं परेशानियाँ? सरकार के मुताबिक, कई वाहन मालिक जानबूझकर FASTag को गाड़ी के शीशे पर नहीं लगाते. इससे कई तरह की समस्याएँ होती हैं: टोल लेन में भीड़: जब FASTag सही जगह नहीं होता, तो उसे स्कैन करने में ज़्यादा समय लगता है, जिससे टोल लेन में गाड़ियों की लंबी कतार लग जाती है। गलत टोल कटना: कई बार गलत तरीके से पैसे कटने की शिकायतें आती हैं। सिस्टम का गलत इस्तेमाल: कुछ लोग बंद सिस्टम वाले टोल प्लाज़ा पर FASTag का गलत इस्तेमाल करते हैं। पूरी व्यवस्था में गड़बड़ी: कुल मिलाकर, इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन की पूरी व्यवस्था में रुकावट आती है, जिससे टोल प्लाजा पर बेवजह देरी होती है और दूसरे यात्रियों को भी परेशानी होती है। NHAI ने दी खास ईमेल ID इन समस्याओं से निपटने और तुरंत कार्रवाई करने के लिए NHAI ने एक खास ईमेल आईडी जारी की है। टोल कलेक्शन एजेंसियों और ठेकेदारों को इस ईमेल आईडी पर ढीले या गलत तरीके से लगे FASTag की जानकारी तुरंत भेजनी होगी। रिपोर्ट मिलते ही, NHAI ऐसे FASTag को ब्लैकलिस्ट या हॉटलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। फिलहाल, देश के नेशनल हाईवे पर लगभग 98% वाहन FASTag का इस्तेमाल करते हैं, जिससे टोल कलेक्शन काफी बेहतर हुआ है। लेकिन कुछ लोग अभी भी FASTag को ठीक से नहीं लगाते या उसे हाथ में रखते हैं, जिससे सिस्टम की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है और टोल वसूली में दिक्कतें आती हैं। एनुअल पास की तैयारी यह फैसला FASTag इस्तेमाल करने वालों के लिए जल्द आने वाले एनुअल पास (सालाना पास) की लॉन्चिंग से ठीक पहले लिया गया है। जून 2025 में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की थी कि सरकार पूरे देश के नेशनल हाईवे पर आसान और सस्ता सफर बनाने के लिए FASTag-आधारित सालाना पास शुरू करने जा रही है। यह एनुअल पास ₹3000 में मिलेगा और यह एक्टिवेशन की तारीख से एक साल तक या अधिकतम 200 ट्रिप तक वैलिड रहेगा। इसे इस साल स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर लॉन्च करने की योजना है।