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चाणक्य नीति: इन 4 बातों में शर्म करना नुकसानदायक

 आचार्य चाणक्य ने न केवल राजनीति और कूटनीति के गुण सिखाए हैं, बल्कि एक सुखी और सफल जीवन जीने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव भी दिए हैं.  चाणक्य नीति के अनुसार, व्यक्ति की सबसे बड़ी बाधा उसकी झिझक या शर्म होती है. कई बार हम समाज और लोगों की परवाह में वे काम नहीं कर पाते जो हमारे भविष्य और खुशहाली के लिए अनिवार्य हैं. 1. धन के लेन-देन में स्पष्टता अक्सर लोग पैसे के लेन-देन में शर्म महसूस करते हैं. अगर आपने किसी को उधार दिया है और उसे मांगने में आप संकोच कर रहे हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति बिगाड़ सकता है. आचार्य चाणक्य का स्पष्ट मानना है कि अपना पैसा मांगने में कभी शर्म नहीं करनी चाहिए. जो व्यक्ति अपना हक मांगने में हिचकिचाता है, वह धीरे-धीरे अपनी जमा-पूंजी गंवा देता है. 2. भोजन करने में संकोच न करें पुराने समय में माना जाता था कि अतिथि के सामने या किसी के घर पर भोजन करने में अधिक औपचारिकताएं नहीं बरतनी चाहिए. चाणक्य कहते हैं कि भूख लगने पर भोजन मांगने या खाना खाने में कभी शर्म नहीं करनी चाहिए. जो व्यक्ति अपनी भूख छिपाता है, वह खुद को कष्ट ही देता है. एक स्वस्थ शरीर के लिए समय पर भोजन करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. 3. सीखने और ज्ञान प्राप्त करने में शर्म ज्ञान का कोई अंत नहीं है. यदि आप किसी नई चीज़ को सीखने के लिए उत्सुक हैं, तो सवाल पूछने में बिल्कुल न झिझकें. चाहे आप अपने से छोटे व्यक्ति से ही क्यों न सीख रहे हों, ज्ञान के मामले में शर्म करने वाला व्यक्ति कभी आगे नहीं बढ़ सकता. जिज्ञासा ही उन्नति का मार्ग है, इसलिए हमेशा सीखते रहें. 4. काम के चुनाव में हिचकिचाहट आज के दौर में कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता. यदि आप मेहनत से अपनी आजीविका चला रहे हैं, तो उसमें शर्म कैसी? चाणक्य का मानना है कि ईमानदारी से किया गया हर काम सम्मान के योग्य है. जो व्यक्ति काम में शर्म करता है, वह कभी आत्मनिर्भर नहीं बन पाता. याद रखें, खाली बैठने से बेहतर है कि आप अपने हुनर और मेहनत पर विश्वास रखें.

3,298 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा तिथि घोषित, जल्द जारी होंगे पंजाब पुलिस कांस्टेबल एडमिट कार्ड

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस में होने वाली 3,298 कांस्टेबल (जिला एवं आर्म्ड कैडर) भर्ती-2026 के लिए परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है।जारी जानकारी के अनुसार, कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) 1 जुलाई 2026 से शुरू होगी। इस संबंध में एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किए जाएंगे। मार्च महीने में निकाली थी भर्ती बता दें कि, पंजाब पुलिस ने यह भर्ती मार्च 2026 में जारी की थी। इस दौरान जिला कैडर में 2,522 और आर्म्ड कैडर में 776 पदों पर भर्ती की जानी है। अब इस भर्ती के लिए परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है। शुरुआत में आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 तय की गई थी, जिसे बाद में दोबारा लिंक खोलकर 5 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया। इस वजह से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।  

140 साल पुरानी परंपरा, रज संक्रांति पर अंगारों पर भक्त चले

 खरसावां चिलचिलाती धूप में खरसावां के गीतिलोता स्थित शिव मंदिर में आस्था और  परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला. सोमवार को रज संक्रांति के मौके पर सैकड़ों शिव भक्तों (भोक्ताओं) ने दहकते अंगारों पर नंगे पांव चल कर अपनी हठभक्ति व अटूट श्रद्धा का परिचय दिया. दोपहर करीब एक बजे तेज तेज धूप व हिट वेब के बीच भक्ताओं ने वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को उत्साह के साथ निभाया. भक्ताओं ने रविवार से व्रत रख कर यहां मंदिर परिसर में भगवान शिव की पूजा अर्चना की. फिर सोमवार को खुले आसमान के नीचे सुबह दस बजे से ही सुखी लकड़ियों को जला कर अंगार तैयार किया. दोपहर करीब एक बजे ढ़ोल-नगाड़ों की थाप पर जलते अंगरों में नंगे पांव चले. आस्था की इस परंपरा को निभाने में युवा भी आगे रहे हठभक्ति की इस परंपरा में युवाओं की भागीदारी भी काफी बड़ी रही. सबसे पहले जलते अंगारों पर चलकर अपनी आस्था प्रकट की और फिर मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया. ढोल-नगाड़ों की धुन पर  पूरे उत्साह के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए. भोक्ताओं ने अंगारों पर चलकर अपनी मन्नत पूरी होने की खुशी जाहिर की. श्रद्धालुओं ने बताया कि भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास ही उन्हें यह शक्ति प्रदान करता है. शरीर को कष्ट देकर मिलती है आत्मिक शांति भक्ति, संस्कृति और लोक परंपराओं के अद्भुत संगम के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया. हठभक्ति में शामिल भक्तों का कहना है कि शरीर को कष्ट देकर उन्हें मानसिक और आत्मिक शांति मिलती है. उनका मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया भगवान शिव को समर्पित है और उनकी कृपा से ही भक्त बिना किसी नुकसान के आग पर चल पाते हैं. भोक्ताओं के अनुसार वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है, लेकिन आज तक किसी भक्त को आग पर चलने से कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ. श्रद्धालुओं का कहना है कि न तो किसी को गंभीर जलन की समस्या हुई और न ही किसी को इलाज की जरूरत पड़ी. भक्त इसे भगवान की महिमा और आस्था की शक्ति मानते हैं. 140 वर्षों से निभाई जा रही है परंपरा गीतिलोता के शिव मंदिर परिसर में अंगारों में चलने के यह भक्ति की परंपरा वर्षो पुरानी है. स्थानीय लोगों के साथ 140 वर्षों से भी अधिक पुरानी है. हर वर्ष भक्त रज संक्रांति के मौके पर यहां आग पर चल कर अपनी हठ भक्ति को प्रदर्शित करते है. भोक्ताओं की मानें तो हठ भक्ति को पारण करने में मन व आत्मा को बेहद सुकुन मिलता है. वर्षो से इस गांव चली आ रही यह परंपरा अब भी पूरे उत्साह के साथ हर वर्ष पूरा किया जा रहा है. भक्तों के अनुसार पूरी प्रक्रिया ही भगवान को समर्पित है. हजारों श्रद्धालुओं ने देखा भक्ति का अनोखा दृश्य गीतिलोता के शिव मंदिर परिसर में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्तिमय माहौल में डूबा रहा. श्रद्धालु पूरे आयोजन के दौरान भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते रहे. बड़ी संख्या में श्रद्धालु रविवार शाम से लेकर सोमवार दोपहर तक मंदिर परिसर में जमें रहे.

अक्षय कुमार शूटिंग पर हेलीकॉप्टर से जाते थे, फराह खान ने सुनाया मजेदार किस्सा

बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार अपनी फिटनेस, अनुशासन और समय की पाबंदी के लिए जाने जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था जब वो फिल्म की शूटिंग पर रोज हेलीकॉप्टर से पहुंचा करते थे? ये खुलासा खुद एक्टर अक्षय कुमार और फिल्ममेकर फराह खान ने किया है. हाल ही में फराह खान, अक्षय कुमार, प्रियदर्शन और राजपाल यादव फिल्म 'भूत बंगला' के प्रमोशन के दौरान साथ बैठे थे. इस दौरान फराह और अक्षय ने साल 2010 में आई फिल्म 'तीस मार खान' की शूटिंग से जुड़ा एक मजेदार किस्सा शेयर किया. अक्षय की 'रईसी' का किस्सा! फराह खान ने बताया कि फिल्म की शूटिंग महाराष्ट्र के मालशेज घाट में चल रही थी. शूटिंग लोकेशन मुंबई से करीब ढाई घंटे की दूरी पर थी. इसलिए पूरी टीम और कलाकार वहीं रुकते थे, ताकि समय पर सेट पर पहुंच सकें. फराह ने कहा- हमारी रोज सुबह 8 बजे की कॉल टाइम होती थी. बाकी सभी लोग वहीं ठहरे हुए थे, लेकिन अक्षय हर शाम शूटिंग खत्म होने के बाद मुंबई अपने घर लौट जाते थे और अगले दिन सुबह 7:45 बजे सेट पर पहुंच जाते थे. फराह की ये बात सुनकर राजपाल यादव भी हैरान रह गए. तब फराह और अक्षय ने उनसे पूछा- बताओ कैसे? लेकिन राजपाल कोई जवाब नहीं दे पाए. इसके बाद अक्षय ने खुद खुलासा करते हुए कहा- मैं हेलीकॉप्टर से आता-जाता था. अक्षय का जवाब सुनते ही वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े. फराह ने आगे मजाक करते हुए कहा- मैंने अपनी जिंदगी में पहली बार किसी एक्टर को हेलीकॉप्टर को टैक्सी की तरह इस्तेमाल करते देखा था. लेकिन इसकी तारीफ करनी पड़ेगी कि वो हमेशा समय पर पहुंचता था. फराह-अक्षय की नोकझोंक इस पर अक्षय ने तुरंत जवाब दिया- लेकिन इससे किसी को क्या परेशानी थी? मैं खुद उस फिल्म का प्रोड्यूसर भी था. फराह ने भी हंसते हुए कहा- और मैं भी थी. इसने मेरे सारे पैसे खर्च करवा दिए. अक्षय ये सुनकर चौंक गए और बोले- मैंने पैसे खर्च करवा दिए? उस फिल्म से सबसे ज्यादा कमाई तो आपने ही की थी. इसके बाद दोनों की नोकझोंक देखकर वहां मौजूद सभी लोग हंसने लगे. बता दें कि 'तीस मार खान' रिलीज के वक्त भले ही आलोचनाओं का शिकार हुई थी, लेकिन वक्त के साथ फिल्म ने कल्ट स्टेटस हासिल कर लिया. वहीं फिल्म का मशहूर गाना 'शीला की जवानी' आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा बना हुआ है.

भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद, दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का अनुमान

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भीषण गर्मी और लू से फिलहाल राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। सोमवार सुबह शुरू हुई बारिश का दौर मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार सुबह जनकपुरी, दिल्ली हवाई अड्डा समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है। बारिश से मौसम सुहाना हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे तापमान नियंत्रित रहेगा और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। आज 38 डिग्री तक जा सकता है तापमान मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के मुताबिक 16 जून को दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। 17 जून को दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 17 जून को मौसम आंशिक रूप से बादल छाए रहने वाला रहेगा। अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दिन भी कोई चेतावनी जारी नहीं की है। 18 जून को अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे तथा नमी का स्तर 35 से 60 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। इस दिन भी किसी प्रकार का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 19 जून को भी मौसम का मिजाज लगभग समान बना रहेगा। अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, जबकि आर्द्रता 35 से 60 प्रतिशत के बीच बनी रह सकती है। 20 जून को कैसा रहेगा मौसम 20 जून को एक बार फिर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसी तरह 21 जून को भी गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। इस दिन अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सबसे अहम बात यह है कि मौसम विभाग ने फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के लिए किसी भी प्रकार का येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलती दिखाई दे रही है। हालांकि, उमस का असर बना रह सकता है, लेकिन हल्की बारिश और तेज हवाएं मौसम को अपेक्षाकृत खुशनुमा बनाए रखेंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं, जिसके चलते आगामी दिनों में मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है।  

सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद खाली, नगर निगमों में अधूरी सत्ता व्यवस्था

 अंबाला  प्रदेश के नगर निगमों में अजीब तस्वीर दिखाई दे रही है। शहरों को मेयर मिल चुके हैं, सदन बन चुके हैं, पार्षद शपथ ले चुके हैं, लेकिन सत्ता की दो अहम कुर्सियां सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की अब भी खाली हैं। मार्च 2025 में हुए नगर निगम चुनावों के बाद गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, रोहतक, करनाल, पानीपत और यमुनानगर में मेयरों ने कामकाज संभाल लिया। मई 2026 में अंबाला, सोनीपत और पंचकूला में भी नए सदन अस्तित्व में आ गए। लेकिन प्रदेश के अधिकांश नगर निगमों में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। मार्च 2025 में मानेसर नगर निगम का भी चुनाव हुआ था केवल यहीं पर सीनियर और डिप्टी मेयर का चुनाव हो सका है। नगर निगम कानून आज भी उस दौर की कहानी कहता है जब मेयर का चुनाव पार्षद किया करते थे। अब मेयर सीधे जनता चुनती है, लेकिन कानून की कई धाराओं में आज भी पार्षदों द्वारा मेयर चुनने का जिक्र दर्ज है। नगर निगम की राजनीति में सीनियर डिप्टी मेयर का पद केवल सम्मान का विषय नहीं होता। इसे अक्सर भविष्य की राजनीति का लांचिंग पैड माना जाता है। पंचकूला का नाम शायद इसलिए भी याद रखा जाएगा क्योंकि वहां 2021 से 2026 तक का पूरा कार्यकाल निकल गया है। अंबाला में हाई कोर्ट की लेनी पड़ी थी शरण अंबाला में 2013 में निगम बनने के बाद मेयर के साथ-साथ निर्धारित समय के भीतर सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव भी हो गया था। दूसरे कार्यकाल में मामला इतना लंबा खिंचा कि चुनाव कराने के लिए तत्कालीन छह पार्षदों जिनमें जसबीर सिंह, फकीर चंद, राजेश मेहता, अमनदीप कौर, राजेश सिंगला इत्यादि को हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी थी। दिसंबर 2020 में चुनाव हुए, जनवरी 2021 में शपथ ग्रहण हुआ, लेकिन सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर के चुनाव आठ दिसंबर 2022 में जाकर हुए। लगभग दो साल तक दोनों कुर्सियां खाली रहीं। इस साल अंबाला में 13 मई को चुनाव परिणाम आए, 28 मई को शपथ ग्रहण होने के बावजूद अगली प्रक्रिया का इंतजार जारी है।

गोबर गैस संयंत्रों के पुनर्जीवन से गांवों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगा नया बल

गोबर गैस संयंत्रों के पुनर्जीवन से ग्रामीण ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई गति रायगढ़ में बंद पड़ा बायोगैस संयंत्र हुआ पुनः चालू, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा रायपुर  गोबर गैस संयंत्रों का पुनर्जीवन ग्रामीण भारत में ऊर्जा आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक बेहद प्रभावी कदम है। यह गांवों को एलपीजी (LPG) पर निर्भरता से मुक्त कर पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए उत्तम जैविक खाद प्रदान करता है।  राज्य में बायोगैस संयंत्रों के पुनर्जीवन और प्रभावी संचालन की यह पहल ग्रामीण विकास, स्वच्छ ऊर्जा विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर गांवों की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। बड़े देवगांव स्थित  गोबर गैस (बायोगैस) संयंत्र को पुनः क्रियाशील            छत्तीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, सस्ती और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए रायगढ़ जिले के ग्राम बड़े देवगांव (जनपद पंचायत खरसिया) स्थित गोबर गैस (बायोगैस) संयंत्र को पुनः क्रियाशील किया गया है। यह पहल राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार, जैविक अपशिष्टों के वैज्ञानिक प्रबंधन और ग्रामीण ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है। बायोगैस से चूल्हा संचालित कर गैस परीक्षण पूरी तरह सफल              मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायगढ़ के मार्गदर्शन में संयंत्र का विस्तृत निरीक्षण एवं तकनीकी परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान क्रेडा की तकनीकी टीम, जिला पंचायत के अधिकारी तथा ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से संयंत्र की स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधार एवं मरम्मत कार्य संपन्न किए। इसके बाद संयंत्र को सफलतापूर्वक पुनः चालू कर बायोगैस से चूल्हा संचालित कर गैस आपूर्ति की गुणवत्ता और कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। घरेलू ईंधन की सुलभ उपलब्धता होगी सुनिश्चित            अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए बायोगैस संयंत्रों के नियमित रखरखाव, तकनीकी परीक्षण और पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दे रही है। इससे ग्रामीण परिवारों को घरेलू ईंधन की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित होगी, एलपीजी पर निर्भरता घटेगी तथा ऊर्जा व्यय में कमी आएगी। गोबर और जैविक अपशिष्टों से बनेगा बायोगैस          बायोगैस संयंत्र न केवल स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराते हैं, बल्कि गोबर और अन्य जैविक अपशिष्टों के प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संयंत्रों से प्राप्त जैविक खाद कृषि उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त लाभ मिलता है। ग्रामीणों को मिलेगी स्वच्छ ईंधन की सुविधा         इस अवसर पर हितग्राहियों एवं ग्रामीणों को संयंत्र के नियमित संचालन, गोबर की निर्धारित मात्रा में आपूर्ति, पाइपलाइन की समय-समय पर जांच तथा तकनीकी समस्याओं की त्वरित सूचना देने संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी गई। ग्रामीणों ने संयंत्र के पुनः शुरू होने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उन्हें स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिलेगी, पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और घरेलू खर्च में बचत होगी।

दोपहर में छाया अंधेरा, तेज आंधी-बारिश से हरियाणा के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित

 हिसार सुबह तक सामान्य दिख रहा मौसम सोमवार दोपहर अचानक बदला और देखते ही देखते प्रदेश के कई जिलों में धूलभरी आंधी, तेज हवाएं और वर्षा का दौर शुरू हो गया। कई स्थानों पर दोपहर में ही अंधेरा जैसा वातावरण बन गया। हांसी में हल्की ओलावृष्टि हुई और तेज आंधी के कारण एक मोबाइल टावर गिर गया। भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र में करीब 100 मीटर ऊंचा धूल का बवंडर दिखाई दिया। गुरुग्राम, सोनीपत, फतेहाबाद, सिरसा, रेवाड़ी, झज्जर और अन्य जिलों में वर्षा दर्ज की गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी, लेकिन कई स्थानों पर जनजीवन भी प्रभावित हुआ। हांसी क्षेत्र में तेज हवाओं और वर्षा के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई। आंधी इतनी तेज थी कि शहर के बड़सी गेट एरिया में एक मोबाइल टावर गिर गया। कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने और अवरोध पैदा होने की सूचनाएं भी मिलीं। सिवानी में दिखा धूल का विशाल बवंडर भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र में धूल का ऊंचा बवंडर लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। तेज हवाओं के साथ उठे इस बवंडर के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर भी प्रसारित हुए। मौसम विशेषज्ञ इसे अस्थिर वायुमंडलीय परिस्थितियों का परिणाम मान रहे हैं। गुरुग्राम में सड़कों पर भरा पानी गुरुग्राम में तेज वर्षा के बाद कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सोनीपत, फतेहाबाद, रेवाड़ी, झज्जर और सिरसा सहित अनेक जिलों में भी वर्षा दर्ज की गई। कई स्थानों पर तेज हवाओं के कारण बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। आने वाले दिनों में भी बदलाव के संकेत मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। हालांकि अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना भी जताई गई है। फिलहाल प्रदेश में हीटवेव जैसी स्थिति नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिला है। आगामी दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में वर्षा और तेज हवाएं चल सकती हैं। – डॉ. चंद्रशेखर डागर, वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार  

ब्लैक फिल्म से लेकर हूटर तक, राजस्थान पुलिस का बड़ा अभियान जारी

जयपुर राज्य में सड़क परिवहन को सुगम, सरल एवं सुरक्षित बनाने तथा मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले चालकों को कड़ा सबक सिखाने के लिए राजस्थान पुलिस का विशेष अभियान पूरी रफ्तार से चल रहा है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के आदेशानुसार महानिदेशक पुलिस प्रशिक्षण एवं यातायात अनिल पालीवाल एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी.एल. मीणा के कड़े पर्यवेक्षण में पूरे राज्य में 1 जून से 30 जून  तक यह सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को भी सबसे अधिक कार्रवाई ब्लैक फिल्म लगे वाहनों (2853) पर हुई, जो सड़क सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती है। इसके तहत वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, बिना अनुमति के लाल-नीली बत्ती, हूटर, प्रेशर हॉर्न, काली फिल्म (ब्लैक फिल्म), अनधिकृत शब्द और नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगाने वाले वाहनों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई जारी है, जो सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। एक ही दिन में 7,721 वाहनों पर कार्रवाई अभियान के तहत 14 जून को अकेले पूरे राज्य में 7,721 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें- °  726 वाहन अवैध संरचनात्मक परिवर्तन वाले, °  674 वाहन अनधिकृत लाल-नीली बत्ती एवं हूटर वाले, °  438 वाहन प्रेशर हॉर्न/एयर हॉर्न वाले, °  2,853 वाहन ब्लैक फिल्म लगे, °  1,041 वाहन अनधिकृत शब्द एवं चिन्ह प्रदर्शित करने वाले, °  1,989 वाहन नियम विरुद्ध नंबर प्लेट वाले पाए गए। कोटा शहर सबसे आगे 14 जून की कार्रवाई में कोटा शहर 406 मामलों के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। इसके बाद अलवर (388), जयपुर पश्चिम (378), जयपुर ग्रामीण (338) और जयपुर यातायात (303) प्रमुख रहे। वहीं चित्तौड़गढ़ (296) और भीलवाड़ा (297) में भी उल्लेखनीय कार्रवाई दर्ज की गई। सड़क सुरक्षा के लिए जारी रहेगा अभियान डीजे ट्रैफिक पालीवाल का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष चलाया जा रहा है। उन्होंन आमजन से अपील की है कि वे वाहनों में किसी भी प्रकार अवैध संशोधन, ब्लैक फिल्म, प्रेशर हॉर्न, अनधिकृत हूटर अथवा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट का उपयोग न करें तथा यातायात नियमों का पालन कर स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

झारखंड का कृषि मेला शुरू, किसान सीखेंगे नई तकनीक और आधुनिक खेती के तरीके

रांची  राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित होने वाले भव्य कृषि-व्यापार मेले की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं. झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री ने सोमवार को खुद मोरहाबादी मैदान पहुंचकर मेले की तैयारियों का जमीनी जायजा लिया. यह महत्वपूर्ण मेला मंगलवार (16 जून) से शुरू हो रहा है और आगामी 18 जून तक चलेगा. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने विभाग के सचिव अबु बक्कर सिद्दीख, गोपाल जी तिवारी, कृषि निदेशक बिद्यानंद शर्मा पंकज, मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार, समेति निदेशक विकास कुमार और अन्य वरीय अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर सुरक्षा, स्टॉल और आगंतुकों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की. अधिकारियों को निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि मेले की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और किसानों और आम आगंतुकों की सुविधा के लिए हर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. आधुनिक तकनीकों से सीधे जुड़ेंगे झारखंड के किसान तीन दिनों तक चलने वाला यह मेला राज्य के कृषि, तकनीक और व्यापार के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा. मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार किसानों की आय को दोगुना करने और कृषि व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. यह मेला राज्य के किसानों को नई तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों, नवीन नवाचारों और बाजार की नई संभावनाओं से परिचित कराने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करेगा. यहां किसान देश भर से आने वाले कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे. मंत्री ने राज्य के सभी किसान भाई-बहनों, कृषि उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), कृषि स्टार्टअप्स और इस क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इसका लाभ उठाएं. हर दिन होंगे तकनीकी सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस तीन दिवसीय मेले को ज्ञानवर्धक और आकर्षक बनाने के लिए कई विशेष इंतजाम किए गए हैं. मेले के दौरान प्रतिदिन विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र और परिचर्चा (सेमिनार) का आयोजन किया जाएगा. इन ज्ञानवर्धक सत्रों में देश के कोने-कोने से आए नामचीन कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे और किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफे की खेती के गुर सिखाएंगे. इसके साथ ही, दर्शकों के मनोरंजन के लिए हर शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा. इस मेले की सबसे खास बात यह है कि इसमें राज्य के सभी 24 जिलों से किसान प्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि वे यहां से सीखी गई आधुनिक तकनीकों को अपने-अपने क्षेत्रों के अन्य किसानों तक पहुंचा सकें.