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भ्रष्टाचार पर CBI का वार, EPFO अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़ा गया

नई दिल्ली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के क्षेत्रीय अधिकारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जगदीश तांबे के रूप में हुई, जो पश्चिमी दिल्ली में ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त के पद पर थे। सीबीआई ने जानकारी दी कि क्षेत्रीय आयुक्त जगदीश तांबे को शिकायतकर्ता से 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सीबीआई ने 9 सितंबर को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने एक व्यक्ति के खिलाफ आरडीए कार्यवाही को अनुकूल तरीके से निपटाने के लिए 3 लाख रुपए की अवैध रिश्वत की मांगी थी। बातचीत के बाद आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता से डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेने पर सहमति व्यक्त की। इसी बीच, व्यक्ति ने सीबीआई को मामले की जानकारी दी। सीबीआई ने बुधवार को जाल बिछाया और आरोपी क्षेत्रीय आयुक्त को शिकायतकर्ता से 1.5 लाख रुपए की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।फिलहाल, सीबीआई इस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। इस प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसके साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि जिन नागरिकों को भ्रष्टाचार के मामले देखने को मिलते हैं या जिनसे अधिकारी रिश्वत मांगते हैं, वे सीबीआई दफ्तर पहुंचकर या मोबाइल नंबर (9650394847) पर सूचना दे सकते हैं। इससे पहले, सीबीआई ने राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल को शिकायतकर्ता से एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। सीबीआई ने 25 अगस्त को दिल्ली के अशोक विहार थाने में तैनात हेड कांस्टेबल और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि सब-इंस्पेक्टर (एसआई) और आरोपी हेड कांस्टेबल ने शिकायतकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज न करने के लिए उससे 3 लाख रुपए की मांग की थी। बातचीत के बाद आरोपी हेड कांस्टेबल ने शिकायत को बंद करने के लिए शिकायतकर्ता से 2 लाख रुपए की रिश्वत लेने पर सहमति जताई। आरोपी हेड कांस्टेबल ने शिकायतकर्ता को 25 अगस्त को ही 1 लाख रुपए का आंशिक भुगतान करने का निर्देश दिया। इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी हेड कांस्टेबल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

पीयूष गोयल का बड़ा बयान: भारत और अमेरिका की ट्रेड डील की बातचीत सफल, नवंबर में पहला फाइनल चरण

नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील का पहला चरण नवंबर तक फाइनल हो सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच चर्चा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और दोनों पक्ष अब तक की प्रगति से संतुष्ट हैं। पत्रकारों से बातचीत के दौरान गोयल ने कहा कि फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने मंत्रियों को इस समझौते पर काम करने और इस साल नवंबर तक पहले चरण को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया था। गोयल ने आगे कहा कि इस ट्रेड डील का पहला चरण नवंबर 2025 तक पूरा हो जाना चाहिए, और मार्च से ही इस विषय पर बहुत अच्छे माहौल में बहुत गंभीरता से चर्चा चल रही है और प्रगति हो रही है। साथ ही कहा कि इस प्रगति से दोनों पक्ष संतुष्ट हैं। गोयल का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब सोशल मीडिया पर डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच ट्रेड डील को लेकर सकारात्मक संवाद हुआ है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि वह दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत से खुश हैं और उन्हें विश्वास है कि दोनों देश एक सफल निष्कर्ष पर पहुंचेंगे। ट्रंप ने आगे कहा, "मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका, दोनों देशों के बीच व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि वह आने वाले हफ्तों में अपने "बहुत अच्छे दोस्त" प्रधानमंत्री मोदी से बात करने के लिए उत्सुक हैं। एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका को अपना घनिष्ठ मित्र और स्वाभाविक साझेदार बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ट्रेड डील भारत-अमेरिका साझेदारी की असीम संभावनाओं को उजागर करने में मदद करेगी और आश्वासन दिया कि दोनों टीमें चर्चाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए काम कर रही हैं। बाद में ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट को फिर से शेयर किया, जो दिखाता है कि ट्रेड डील को लेकर दोनों देशों में सकारात्मक रुख बना हुआ है।

वोटर लिस्ट विवाद में सोनिया गांधी पर छाया राहत का सूरज, कोर्ट ने याचिका ठुकराई

नई दिल्ली  कांग्रेस की वरिष्ठ नेता, सांसद और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को राऊज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सोनिया गांधी ने बिना नागरिकता हासिल किए 1980 की वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल कराया। याचिका में दावा किया गया था कि सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता प्राप्त की थी, जबकि उनका नाम 1980 की दिल्ली की वोटर लिस्ट में शामिल था। याचिका में यह सवाल उठाया गया था कि 1980 में सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट में कैसे आया, जबकि उन्होंने नागरिकता 1983 में हासिल की थी। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि 1982 में उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था। याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया कि 1982 में उनका नाम वोटर लिस्ट से क्यों हटाया गया और इसके पीछे क्या वजह थी। इस याचिका में एक और गंभीर सवाल उठाया गया था कि 1983 में भारतीय नागरिकता हासिल करने के बाद 1980 की वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम किस आधार पर शामिल किया गया? क्या इसके लिए किसी फर्जी दस्तावेज का सहारा लिया गया था? याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की थी कि दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया जाए कि वह इस मामले में मुकदमा दर्ज करे और जांच कर के स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे। हालांकि, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए इस मामले में आगे किसी भी तरह की जांच की आवश्यकता नहीं मानी। बता दें कि बुधवार की सुनवाई में कोर्ट ने इस फैसले को सुरक्षित रख लिया था, जिसे गुरुवार को खारिज कर दिया गया। यह याचिका विकास त्रिपाठी नामक व्यक्ति ने दाखिल की थी। बुधवार की सुनवाई में कोर्ट ने इस मामले पर गुरुवार की शाम 4 बजे के करीब फैसला सुनाए जाने की बात कही थी।

कर्तव्य और कृतज्ञता पर योगी का विचार, कहा- यह सनातन धर्म का पहला संस्कार है

गोरखपुर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कर्ता के प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट करना सनातन धर्म का पहला संस्कार है। भारतीय मनीषा के ज्ञान दर्शन में इस बात को प्रतिष्ठित किया गया है कि जीवन में हमारे, समाज और राष्ट्र के प्रति जिस किसी ने योगदान दिया हो, उसके प्रति कृतज्ञता का भाव होना ही चाहिए। मुख्यमंत्री योगी युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह के अंतिम दिन गुरुवार को महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रामायणकाल में हनुमानजी और मैनाक पर्वत के बीच हुए संवाद के मुख्य उद्धरण ‘कृते च कर्तव्यम एषः धर्म सनातनः’ को समझाते हुए कहा कि यह भाव सनातन से ही मिलता है। सनातन की परंपरा में पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का भाव व्यक्त करने के लिए आश्विन माह का पूरा कृष्ण पक्ष ही समर्पित किया गया है। गोरक्षपीठ में ब्रह्मलीन पूज्य महंतद्वय की पुण्य स्मृति में साप्ताहिक आयोजन भी कृतज्ञता ज्ञापन का ही आयाम है। मुख्यमंत्री योगी ने अपने दादागुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का स्मरण करते हुए कहा कि महंतद्वय समाज, राष्ट्र और लोक जीवन से जुड़े हर मुद्दे पर सनातन धर्म और भारत के हितों के प्रति प्रतिबद्ध रहे। महंत दिग्विजयनाथ जी ने सनातन धर्म, शिक्षा, सेवा और राष्ट्रीयता के जिन मूल्यों और आदर्शों को स्थापित किया, उन्हें महंत अवेद्यनाथ जी ने आत्मसात कर आगे बढ़ाया। इन मूल्यों और आदर्शों के लिए, देश और धर्म के लिए महंतद्वय आजीवन समर्पित रहे। दोनों ने सदैव देश और धर्म को प्राथमिकता दी। गोरक्षपीठ आज भी उनके बताए मार्ग का अनुसरण कर रहा है। उन्होंने कहा कि गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सभ्य समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला माना। महंत दिग्विजयनाथ जी ने इसी ध्येय से देश की गुलामी के कालखंड में ही 1932 में महाराणा प्रताप जैसे वीर योद्धा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की थी। 1932 में पहली संस्था खुली और फिर यह श्रृंखला बढ़ती गई। गोरखपुर में जब पहले विश्वविद्यालय की स्थापना की बात आई तो उन्होंने महाराणा प्रताप महाविद्यालय और महाराणा प्रताप महिला विद्यालय दान में देकर विश्वविद्यालय की स्थापना का शुभारंभ कराया। यह कार्य श्रेय के लिए नहीं था। उन्होंने महिला शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, आयुष शिक्षा सहित शिक्षा के हरेक क्षेत्र को आगे बढ़ाया। उनके बाद महंत अवेद्यनाथ जी ने भी इस सिलसिले को जारी रखा। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण में गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय के अविस्मरणीय योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण के यज्ञ का शुभारंभ महंत दिग्विजयनाथ जी ने किया था। उनके बाद 1983 से लेकर जीवनपर्यंत महंत अवेद्यनाथ मंदिर निर्माण के लिए संघर्षरत रहे। ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ समाज को तोड़ने वाली ताकतों से चिंतित रहे। उन्होंने आजीवन सामाजिक समरसता को आगे बढ़ाया।  

स्वच्छता मुद्दे पर CM की सख्त चेतावनी, अफसरों को दी कड़ी हिदायत

हरियाणा  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान की समीक्षा बैठक में साफ कर दिया कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सीएम ने गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े जिलों के लिए अलग से विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। खास जोर इस बात पर रहा कि कचरे का ढेर शहर की पहचान न बने, बल्कि उसे ऊर्जा में बदलकर राज्य को ताकतवर बनाया जाए। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सुबह गुरुग्राम में विशेष सफाई अभियान चलाया। सड़कों पर खुद हाथों में झाड़ू थामकर अफसरशाही को कड़ा संदेश दे दिया। नगर निगम कर्मचारियों और आम लोगों के बीच उतरकर सीएम ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनआंदोलन है। सुबह के इस प्रतीकात्मक अभियान के बाद सीएम सीधे चंडीगढ़ पहुंचे और अधिकारियों को तलब कर उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। वहां उनका तेवर सख्त था – कचरे के ढेर, नालियों की गंदगी और ढिलाई पर उन्होंने अफसरों को कड़ा संदेश दिया। गुरुग्राम-फरीदाबाद में बनेंगे तीन वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट बैठक में बड़ा फैसला हुआ कि फरीदाबाद, मानेसर और गुरुग्राम में तीन वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र लगाए जाएंगे। अगले 24 महीनों में ये चालू होंगे और रोजाना का ठोस कचरा बिजली में बदलेगा। सीएम ने कहा कि ढेरों कूड़ा-करकट शहरों की पहचान नहीं बनना चाहिए। अब यह कचरा ऊर्जा बनेगा और हरियाणा की ताकत बनेगा। वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट से न सिर्फ बिजली पैदा होगी, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। इससे कोयला और पेट्रोलियम पर निर्भरता घटेगी और हरियाणा स्वच्छ ऊर्जा का मॉडल राज्य बनेगा। समयबद्ध काम और पारदर्शिता जरूरी सीएम ने अधिकारियों से कहा कि सफाई व्यवस्था की साप्ताहिक मॉनिटरिंग हो, और कहीं भी लापरवाही दिखी तो जिम्मेदार पर कार्रवाई तय है। उन्होंने दो टूक कहा कि काम में पारदर्शिता दिखे, तभी जनता का भरोसा बनेगा। गुरुग्राम में झाड़ू लगाते वक्त सीएम ने आम लोगों से कहा कि जब तक हर नागरिक जिम्मेदारी नहीं समझेगा, स्वच्छ हरियाणा सपना ही रहेगा। यह काम सिर्फ नगर निगम या सरकार का नहीं, हम सबका है। त्योहारों पर सफाई का विशेष जोर सीएम ने आदेश दिया कि नवरात्र, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों पर नगर निकाय विशेष अभियान चलाकर सड़कों, बाजारों और पार्कों की सफाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि त्योहारों पर गंदगी फैलने की शिकायतें मिलना शर्मनाक है। बैठक में सीएम ने तल्ख लहजे में कहा, ‘अगर समय पर कूड़ा नहीं उठा, नालों की सफाई नहीं हुई तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। जनता अब सब देख रही है।’ बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता और विभागीय आयुक्त-सचिव विकास गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

UP Trade Show 2025: स्टार्टअप और तकनीकी कौशल विकास पर होगा विशेष फोकस

लखनऊ यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में इस बार निवेश पर ही नहीं सरकार की तरफ से संचालित योजनाओं पर फोकस करने के साथ ही फ्यूचर डेवलपमेंट पर भी फोकस होगा। इसके लिए सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए स्टाटर्अप, आईटी, इंश्योरेंस, फाइनेंस मैनेजमेंट, मेडिकल हेल्थ, ई-कॉमर्स और स्किल डेवलपमेंट जैसे अहम विषयों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। यूपीआईटीएस 2025 के शेड्यूल के अनुसार 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रात: ट्रेड शो का शुभारंभ करेंगे। उसी दिन शाम 3 बजे से रात 8 बजे तक बी2सी विजिटर्स के लिए शो ओपन रहेगा। जबकि 26 से 29 सितंबर तक प्रतिदिन दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक बी2बी मीटिंग्स और शाम 3 से 8 बजे तक बी2सी विजिटर्स के लिए आयोजन होगा। इस दौरान एक्सपटर् की तरफ से नॉलेज सेशन की शुरुआत 26 सितंबर से होगी जो 28 तक जारी रहेगी। 26 सितंबर को सुबह 11.30 से 12.30 बजे तक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी का सत्र होगा। जिसका विषय वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी में स्टाटर्अप इकोसिस्टम का योगदान रखा गया है। दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, यूपी-यूपीएलसी का सत्र होगा, जो प्रदेश में आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री की ग्रोथ और डेवलपमेंट पर केंद्रित रहेगा। 26 सितंबर को ही 3 बजे से 4 बजे तक मेडिकल हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर विभाग वायरल हेपेटाइटिस और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना पर वकर्शॉप करेगा। शाम 4.30 से 5 बजे तक आईआरडीएआई और एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस नॉन-लाइफ एवं हेल्थ इंश्योरेंस पर अवेयरनेस सेशन आयोजित करेंगे। 5 बजे से 6 बजे तक वित्त विभाग का सत्र होगा, जिसमें प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना शामिल भी होंगे। जबकि 6 से 6.30 बजे तक लाइफ इंश्योरेंस पर अवेयरनेस सेशन होगा वहीं 27 सितंबर को 11.30 से 12.30 बजे तक अर्बन डेवलपमेंट का सत्र होगा। इसमें नगर विकास मंत्री एके शर्मा शामिल होंगे। दोपहर 1 से 2 बजे तक मेडिकल हेल्थ पर दोबारा वकर्शॉप होगी। शाम 4 से 6 बजे तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना सीएम युवा के तहत यूनिवर्सिटीज के साथ एमओयू एक्सचेंज प्रोग्राम होगा। इसके अतिरिक्त, शाम 6 बजे से खादी पर फैशन शो आयोजित किया जाएगा। वही 28 सितंबर को 11.30 से 12.30 बजे तक जीबीयू (गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय) इंडस्ट्री-एकेडमिया टाईअप फॉर स्किल डेवलपमेंट विषय पर सत्र आयोजित करेगा। 29 सितंबर को वैलेडिक्ट्री और अवार्ड्स से शो का समापन होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 12 सितम्बर को गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट का करेंगे शुभारंभ

लक्ज़री कैंपिंग से हवाई एडवेंचर का मिलेगा रोमांचक अनुभव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 12 सितम्बर को मंदसौर में गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के चौथे संस्करण का शुभारंभ करेंगे। यह रिट्रीट लल्लूजी एंड संस द्वारा मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से विकसित किया गया है, जो लक्ज़री कैंपिंग, एडवेंचर टूरिज्म और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा संगम है। गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के दौरान पर्यटक टेंट सिटी में हॉट-एयर बलूनिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्कीइंग, कायाकिंग और मोटर बोटिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। हिंगलाजगढ़ किले की हेरिटेज ट्रेल, गांधीसागर अभयारण्य में वन्यजीव सफारी और ग्रामीण जीवन के अनुभव भी पर्यटकों के आकर्षण का हिस्सा रहेंगे। इस रिट्रीट में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता पर विशेष ध्यान दिया गया है। लगभग 2,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित बटरफ्लाई गार्डन में 4,000 से अधिक पोषक एवं पराग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यहां पहले से ही 40 से अधिक तितली प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं। यह केंद्र शिक्षा एवं इंटरप्रिटेशन स्थल के रूप में पर्यटकों को तितलियों के जीवन चक्र की जानकारी प्रदान करेगा। इसके अलावा इस सीज़न में रॉक आर्ट इंटरप्रिटेशन ज़ोन, जो चतुर्भुज नाला की प्राचीन शैलचित्र कला से प्रेरित है, तथा बायोडायवर्सिटी वॉक जैसी गतिविधियां भी शामिल की गई हैं। पर्यटक इस रिट्रीट में गाइडेड बटरफ्लाई गार्डन टूर, नेचर वॉक, बर्ड वॉचिंग, वाटर स्पोर्ट्स (स्पीड बोट, बनाना राइड, जेट स्की, कयाकिंग) और हवाई एडवेंचर (हॉट एयर बैलूनिंग व पैरामोटरिंग) जैसी शानदार गतिविधियों का अनुभव लेकर प्रकृति के और करीब आ सकेंगे।

स्वदेशी तकनीक ने दिखाई ताकत: ऑपरेशन सिंदूर में ‘संभव’ फोन से आतंकवादियों को मात

नई दिल्ली  भारतीय सेना ने हाल ही में एक खुफिया और सफल मिशन 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया है, जिसने भारत की सुरक्षा क्षमताओं में एक नया मील का पत्थर जोड़ा है। इस ऑपरेशन में, जवानों ने विदेशी ऐप्स जैसे व्हाट्सएप (WhatsApp) की जगह स्वदेशी और पूरी तरह से सुरक्षित 'संभव' फोन का इस्तेमाल किया। यह कदम भारत की सुरक्षा के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। 'ऑपरेशन सिंदूर' क्या था? मई 2025 में हुए इस ऑपरेशन का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेना था। इस हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर में घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस ऑपरेशन को 'ग्रे जोन' ऑपरेशन बताया, जिसमें थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर काम किया। 'संभव' फोन क्यों बना हीरो? किसी भी खुफिया ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती होती है, संचार को सुरक्षित रखना। पहले भारतीय सेना के अधिकारी बातचीत के लिए व्हाट्सएप जैसे विदेशी ऐप्स का इस्तेमाल करते थे, जिससे जासूसी और डेटा लीक होने का खतरा बना रहता था। 'संभव' (Secure Army Mobile Bharat Version) फोन ने इस खतरे को खत्म कर दिया। यह फोन पूरी तरह से भारत में बनाया गया है और इसकी सुरक्षा इतनी मजबूत है कि इसे हैक करना लगभग नामुमकिन है। 'एम-सिग्मा' (M-Sigma) ऐप: इस फोन में एक खास ऐप है, जो बिल्कुल व्हाट्सएप की तरह काम करता है, लेकिन यह पूरी तरह से सुरक्षित है। जवान इसके जरिए बिना किसी डर के मैसेज, फोटो और वीडियो भेज सकते हैं। अटूट कनेक्शन: यह 5G टेक्नोलॉजी पर काम करता है और किसी भी नेटवर्क पर बिना रुकावट के चलता है। मल्टी-लेयर एन्क्रिप्शन: इसमें कई स्तरों की सुरक्षा कोडिंग है, जो बातचीत को पूरी तरह से गोपनीय रखती है। सेना प्रमुख ने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान कमांडरों से लेकर जवानों तक, सभी ने बातचीत और खुफिया जानकारी साझा करने के लिए केवल 'संभव' फोन का ही इस्तेमाल किया, जिससे ऑपरेशन को गुप्त रखने और तेजी से काम करने में मदद मिली।  

विदेश में सीक्रेट मीटिंग का आरोप, CRPF लेटर पर राहुल गांधी पर बीजेपी का निशाना

नई दिल्ली  सीआरपीएफ ने पत्र लिखकर दावा किया है कि राहुल गांधी ने अपनी आवाजाही के दौरान कथित तौर पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। इस पर बीजेपी ने राहुल गांधी पर हमला बोला है और सवाल उठाया है कि आखिर विदेश यात्रा के दौरान ऐसा क्या होता है जिसके चलते राहुल को अपनी ही सुरक्षा पर भरोसा नहीं है। वे वहां कौन सी सीक्रेट मीटिंग करने जाते हैं और वहां से ऐसी कौन सी सामग्री आती है? सीआरपीएफ की वीआईपी सुरक्षा शाखा, लोकसभा में विपक्ष के नेता 55 वर्षीय राहुल गांधी को ‘जेड प्लस (एएसएल)’ सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करती है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, "अगर राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान बार-बार सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हैं, तो कुछ सवाल उठते हैं। विदेशी यात्राओं के दौरान ऐसा क्या होता है कि उन्हें अपनी ही सुरक्षा पर भरोसा नहीं होता और वे प्रोटोकॉल तोड़ते हैं? क्या वहां से कोई मटेरियल, कंटेट आ रहा है? ऐसी बातें या मुलाकातें हो रही हैं, जिनका इस्तेमाल भारत में किया जा रहा है और यह किसी को पता न चले इसीलिए सिक्योरिटी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है?'' उन्होंने आगे पूछा, ''इससे पहले भी जब उनके पास एसपीजी सुरक्षा थी, तब इस तरह की चिंताएं उठाई गई थीं। वह विदेशी देशों में अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं… अगर कल को कुछ हुआ, तो क्या सुरक्षा एजेंसियों को दोषी ठहराया जाएगा? कांग्रेस को उनसे पूछना चाहिए कि वह विदेशी यात्राओं पर कौन सी गुप्त बैठकें करते हैं जिससे सुरक्षा का उल्लंघन होता है?" अर्धसैनिक बल की वीआईपी सुरक्षा शाखा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि गांधी ने अपने घरेलू दौरे के दौरान और विदेश जाने से पहले, ‘‘बिना किसी सूचना के कुछ अनिर्धारित गतिविधियां कीं।’’ सूत्रों ने कहा कि नियमित रूप से इस तरह का संचार किया जाता है और सीआरपीएफ सुरक्षा शाखा द्वारा पहले भी राहुल गांधी की सुरक्षा के संदर्भ में ऐसा संचार किया गया था। बल ने रेखांकित किया है कि इस तरह की अघोषित गतिविधियां उच्च जोखिम वाले वीआईपी की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करती हैं। उसने कहा कि सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति और उसके कर्मचारियों द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाना चाहिए।  

मौसम विभाग की चेतावनी: 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं, मूसलाधार बारिश की संभावना

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर करवट ली है। जहां एक ओर लोग सितंबर में राहत की उम्मीद कर रहे थे, वहीं अब मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। खासतौर पर पूर्वी यूपी के 11 जिलों में मूसलधार बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान बिजली गिरने, जलभराव और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभवाना जताई गई है। 11, 12 और 15 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में 11 और 12 सितंबर को झमाझम बारिश होने की संभावना है। 15, 16 और 17 सितंबर को भी फिर से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे एक बार फिर इन इलाकों में जलभराव और आवाजाही में दिक्कतें आ सकती हैं। पश्चिमी यूपी में राहत, लेकिन उमस बरकरार वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की तीव्रता उतनी नहीं होगी। यहां सिर्फ हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान है। लेकिन बारिश की कमी के बावजूद उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करती रहेगी। 13-14 सितंबर: थोड़ी राहत, फिर बढ़ेगी बारिश 13 और 14 सितंबर को पूरे प्रदेश में मौसम थोड़ा शांत रहेगा। इन दो दिनों में हल्की या मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है। लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है, क्योंकि 15 सितंबर से फिर से पूर्वी यूपी में मूसलधार बारिश लौटने वाली है।   स्कूलों और आमजन के लिए चेतावनी भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कई जिलों में स्कूल बंद करने जैसे निर्णय लिए जा सकते हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में यात्रा से बचें, जलभराव वाले इलाकों में न जाएं और मौसम अपडेट पर नजर रखें। इस बार देरी से होगी मानसून की विदाई आमतौर पर 15 से 20 सितंबर के बीच मानसून प्रदेश से विदा लेने लगता है, लेकिन इस बार मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस प्रक्रिया में देरी हो सकती है। अनुमान है कि सितंबर के अंत तक रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है।