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सरकार का फोकस: आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से मजबूत बनेगी खेती

शिमला कृषि एवं पशुपालन मंत्री मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि कृषि को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा दे रही है। कृषि रोड मैप एवं रबी एक्शन प्लान से किसानों को लाभकारी खेती की नई दिशा मिलेगी। उन्होंने बताया कि देश कृषि प्रधान है और इसका 14 प्रतिशत योगदान जीडीपी में है। कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान केंद्रों के खुलने से वैज्ञानिकों के शोध ने कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। प्रो. चंद्र कुमार आज यहां विकसित कृषि संकल्प अभियान (विकेएसए) के तहत भारतीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला में “राज्य कृषि रोड मैप एवं रबी एक्शन प्लान” विषय पर आयोजित एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला में अपने विचार साझा कर रहे थे।  इस क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, राज्य सरकार के विभागों और आईसीएआर संस्थानों से "राज्य कृषि प्राथमिकताएँ एवं कार्यान्वित की जाने वाली रणनीतियाँ" विषय पर संस्थागत दृष्टिकोण प्राप्त करने के लिए किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के लिए आगामी पांच वर्षों (2025-2030) का कृषि रोडमैप तैयार करना और विकसित कृषि संकल्प अभियान-2025 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। यह रोडमैप प्राकृतिक खेती में प्रदेश की अग्रणी भूमिका, कृषि-जलवायु विविधता का लाभ और राष्ट्रीय अभियानों से सामंजस्य स्थापित करने पर केंद्रित होगा, जिससे अगले पांच वर्षों में कृषि क्षेत्र का व्यापक रूपांतरण संभव हो सके। प्राकृतिक खेती के लिए मवेशियों की महत्ता अहम कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर है, परंतु इसके लिए मवेशियों की महत्ता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्राकृतिक खेती मवेशियों पर आधारित है। उन्होंने जोर दिया कि आज के दौर में कृषि क्षेत्र को रिमोट सेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से अधिकारियों को देहरादून में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।   कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों की आर्थिकी को सुदृढ़ बनाने के लिए दूध की कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है। साथ ही, ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण किया जा रहा है, जिसका संचालन डेयरी डेवलपमेंट अथॉरिटी करेगी। इस प्लांट में बने उत्पादों पर ट्रेडमार्क हिमाचल का होगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई प्रबंधन और विपणन संबंधों को मजबूत करना भी कृषि विकास की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में कृषि-जलवायु की पहचान कर विविधता लाने की आवश्यकता है। साथ ही, कीटनाशकों का न्यूनतम प्रयोग किया जाना चाहिए ताकि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रहें। कृषि मंत्री ने सभी विभागीय अधिकारियों से आग्रह किया कि वह आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया जा सके। सचिव, कृषि एवं बागवानी सी. पाल रासु ने विभागीय दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए इस योजना में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। निदेशक नौणी अनुसंधान केंद्र डॉ. एस.के. चौहान, निदेशक प्रसार शिक्षा सीएसके एचपीकेवी पालमपुर डॉ. विनोद शर्मा और विभागाध्यक्ष सामाजिक विज्ञान विभाग, सीपीआरआई शिमला एवं कार्यक्रम सचिव डॉ. आलोक कुमार ने भी विचार व्यक्त किए। निदेशक आईसीएआर-सीपीआरआई शिमला डॉ. बृजेश सिंह ने स्वागत संबोधन दिया। तकनीकी सत्रों की रूपरेखा पहला सत्र में विश्वविद्यालयों के दृष्टिकोण से कृषि रोड मैप, कृषि प्राथमिकताओं एवं कार्य नीतियों पर चर्चा हुई। पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय एवं नौणी बागवानी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने राज्य की कृषि चुनौतियों और अवसरों पर प्रस्तुतिकरण दिया। दूसरे सत्र में आईसीएआर से जुड़े विभिन्न अनुसंधान संस्थानों जैसे डीएमआर सोलन, आईआईडब्ल्यूबीआर शिमला, आईएआरआई और एनबीपीजीआर के वैज्ञानिकों ने कृषि रोड मैप के क्रियान्वयन और अनुसंधान-आधारित रणनीतियों पर अपने विचार रखे। तीसरे सत्र में राज्य सरकार के दृष्टिकोण से कृषि रोड मैप एवं कार्य नीतियों पर चर्चा हुई। इसमें कृषि विभाग, बागवानी विभाग, प्राकृतिक खेती, पशुपालन विभाग, राज्य बीज एवं ऑर्गेनिक उत्पाद प्रमाणन एजेंसी और मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (एमआईडीएच) के निदेशकों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए ठोस सुझाव दिए।  इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालयों, विभिन्न विभागों और आईसीएआर संस्थानों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  

यूक्रेन पर रूस का कहर बरपा, 537 ड्रोन-45 मिसाइलों से अटैक, भारी तबाही

रूस  रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया। इसमें 537 ड्रोन और 45 मिसाइलें दागी गईं। यूक्रेनी वायुसेना ने दावा किया कि उसने 510 ड्रोन और 38 मिसाइलें मार गिराईं लेकिन फिर भी कई जगह तबाही हुई। इस हमले में  1 व्यक्ति की मौत और 24 लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं।  किन जगहों पर हमला हुआ?      ज़ापोरिज़्झिया : निजी मकान, कैफ़े और औद्योगिक केंद्र तबाह।      ड्नीप्रो और पावलोहराद (Dnipropetrovsk क्षेत्र) : लगातार धमाके, लोगों को शरणस्थलों में जाने का अलर्ट।      राजधानी कीव : दो दिन पहले ही हुए हमले में 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें चार बच्चे भी थे। यूक्रेनी सेना ने रूस के क्रास्नोदर और सिज़रान तेल रिफाइनरियों  पर हमला किया। वहाँ जोरदार धमाके और आग लगने की पुष्टि हुई।राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की आड़ में बड़े हमलों की तैयारी की। उन्होंने पश्चिमी देशों से बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्र में कड़े प्रतिबंध लगाने और रूस को मिलने वाली फंडिंग रोकने की अपील की।   अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया  यूरोपीय संघ ने साफ किया कि जब तक रूस युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई (reparations) नहीं करता, तब तक उसके जमे हुए संपत्ति  (frozen assets) वापस नहीं दी जाएंगी। डेनमार्क में यूरोपीय रक्षा मंत्रियों की बैठक में यूक्रेनी सैनिकों को ट्रेनिंग देने पर सहमति बनी। ज़ेलेंस्की ने कहा कि वह जल्द ही यूरोपीय नेताओं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ सुरक्षा गारंटी पर चर्चा करेंगे। ल्वीव शहर में यूक्रेन के पूर्व संसदीय स्पीकर  आंद्रिय परुबीय  की हत्या कर दी गई। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने इसकी पुष्टि की और कहा कि आरोपियों की तलाश जारी है।   

मुख्यमंत्री का बड़ा बयान: इस बार 2023 की तुलना में भारी नुकसान

शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को जिला चम्बा के भरमौर, मणिमहेश और अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ कांगड़ा जिले में पौंग बांध से छोड़े गए पानी के कारण बाढ़ प्रभावित फतेहपुर और इंदौरा के मंड क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन से भरमौर के लिए रवाना हुए, लेकिन खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर वहां उतर नहीं सका। चम्बा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार द्वारा समय पर उठाए गए एहतियाती कदमों के कारण जन जीवन की हानि वर्ष 2023 की तुलना में कम हुई है, लेकिन इस बार विनाश का पैमाना कहीं अधिक है। सड़क, बिजली, पानी आपूर्ति और संचार सेवाएं 2023 की तुलना में अधिक प्रभावित हुई हैं। राज्य सरकार के समक्ष लोगों के पुनर्वास की एक बड़ी चुनौती है, जिसे हम प्रदेशवासियों के सहयोग से पार करेंगे। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित प्रत्येक परिवार के पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार विशेष राहत पैकेज प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह लगातार जमीनी स्तर पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। सरकार आपदा प्रभावितों को हर संभव राहत पहुंचाने और चंबा भरमौर मार्ग में संपर्क सुविधा बाधित होने के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे लोगों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी चम्बा से पैदल ही भरमौर के लिए रवाना हुए हैं। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए संवेदनशीलता के साथ इस संकट का सामना कर रही है। सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार सड़क संपर्क बहाल करने के लिए तेजी से काम कर रही है। इसके लिए पोकलेन, जेसीबी और अन्य भारी मशीनरी तैनात की गई है। जिला प्रशासन को यथाशीघ्र सड़क संपर्क बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं, हालांकि खराब मौसम राहत और पुनर्स्थापन कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहा है। भरमौर क्षेत्र में फंसे लोगों की सकुशल वापसी के लिए प्रदेश सरकार ने हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं जो मौसम की अनुकूल परिस्थिति होने पर लोगों को एयरलिफ्ट करेंगे। भाजपा नेताओं की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रभावित लोगों की मदद करने के बजाय अफवाहें फैला रहे हैं। भाजपा विधानसभा का मानसून सत्र स्थगित करने की मांग कर रही है, जबकि 2023 में यही पार्टी विधानसभा सत्र बढ़ाने की मांग कर रही थी। मणिमहेश यात्रा स्थगित करने का निर्णय मौजूदा मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है, लेकिन कुछ लोग इस पर भी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि है। हमें अपनी देव यात्राओं और मणिमहेश यात्रा पर पूर्ण आस्था है, लेकिन भाजपा नेताओं का इस पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और राहत एवं बचाव कार्यों को गति दे रही है। उन्होंने राज्य में बार-बार हो रही बादल फटने की घटनाओं के कारणों का अध्ययन करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री के साथ हुई बैठक में उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय पर अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का आग्रह किया है। वैश्विक ऊष्मीकरण और जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौती बन रहे हैं और व्यापक तबाही मचा रहे हैं, इसलिए इस समस्या का गहन समाधान तलाशना जरूरी है ताकि अनमोल जीवन को बचाया जा सके। सुक्खू ने चम्बा के करियां स्थित एनएचपीसी भवन में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने फंसे हुए लोगों के लिए भोजन, पानी, आश्रय और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए कहा। साथ ही जिला प्रशासन को क्षतिग्रस्त सड़कों को प्राथमिकता पर खोलने, विशेषकर चम्बादृभरमौर एनएच-154ए को बहाल करने और बिजली व पेयजल आपूर्ति योजनाओं को अस्थायी तौर पर बहाल करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कलसुंई क्षेत्र का दौरा भी किया और श्रद्धालुओं से बातचीत की। कलसुंई से श्रद्धालुओं को नूरपुर और पठानकोट भेजने के लिए बसों की व्यवस्था की गई हैं। शुक्रवार को लगभग 5000 श्रद्धालुओं को कलसुंई से नूरपुर और पठानकोट पहुंचाया गया। जम्मूदृकश्मीर की ओर से आए श्रद्धालुओं को सलूणी से आगे छोड़ने के लिए छोटे वाहनों की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने सलूणी-खुंडिमरल सड़क को शीघ्र बहाल करने के भी निर्देश दिए ताकि किश्तवाड़ और डोडा जिलों से आए श्रद्धालु अपने घर सुरक्षित लौट सकें। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए एचआरटीसी और निजी संचालकों की अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है।  

वोटर अधिकार यात्रा में राहुल-तेजस्वी के साथ दिखे अखिलेश, विपक्षी एकजुटता से बढ़ी BJP की चिंता

आरा बिहार में एसआईआर के खिलाफ जारी राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में शनिवार को सपा अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव शामिल हुए। यात्रा के 14वें दिन आरा में जनसभा को अखिलेश यादव ने संबोधित करते हुए मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। सपा अध्यक्ष ने बीजेपी, सरकार और अधिकारियों को चुनावी 'तीन तिगाड़ा' बताते हुए कहा कि इन्हें इंडिया गठबंधन तोड़ेगा। अखिलेश ने कहा कि अवध से हम लोगों ने बीजेपी को भगाया है, अब मगध से भाजपा को भगाने की जिम्मेदारी आप लोगों की है। अखिलेश यादव ने इस दौरान एक नारा भी दिया। जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'अबकी बार बिहार से बीजेपी बाहर'। इस दौरान लोगों से उन्होने तेजस्वी यादव को सत्ता में लाने की अपील की। वहीं बिहार में जारी एसआईआर (गहन मतदाता पुनरीक्षण) को सिरफिरा फैसला करार दिया। उन्होने कहा कि ये लोग पहले आपके वोट का अधिकार छीनेंगे, फिर राशन और फिर नौकरी का अधिकार छीनेंगे। चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए कहा कि ये 'जुगाड़ आयोग' बन गया है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि जो हमें डरा रहे थे, वो आज खुद ट्रंप से डरे हुए हैं। अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगाया, लेकिन बीजेपी इस मुद्दे पर बात नहीं कर रही। "क्योंकि अमेरिका ने व्यापारियों पर टैरिफ तो लगाया ही है, लेकिन बीजेपी के मुंह पर भी टैरिफ लगाने का काम किया है। उन्होने कहा कि जिस तरह राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा को बिहार के युवाओं और लोगों का समर्थन मिल रहा है, वो बता रहा है कि इस बार सत्ता बदलने वाली है।  

‘दहेज प्रताड़ना के आरोप बेबुनियाद’, सुप्रीम कोर्ट ने बहू की सास को दी राहत

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने कथित तौर पर दहेज के लिए बहू के साथ क्रूरता करने के 24 साल पुराने केस में ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा दोषी करार दी गई एक सास को बरी कर दिया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ससुराल वालों द्वारा बहू को दहेज के लिए प्रताड़ित की बातें हवा से भी अधिक तेज फैलती हैं। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ शुक्रवार को एक याचिका पर यह फैसला सुनाया, जिसमें महिला की दोषसिद्धि और तीन साल की सजा बरकरार रखी गई थी। आरोपी सास को आईपीसी की धारा 498ए के तहत इस आधार पर दोषी ठहराया गया था कि उसकी मृत बहू ने अपने मायके वालों को दहेज उत्पीड़न होने की बातें बताई थीं।आईपीसी की धारा 498-ए, विवाहित महिला के प्रति उसके पति या उसके ससुरालवालों द्वारा की गई क्रूरता के अपराध से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट ने पड़ोसन की गवाही को माना अहम सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि ने इस बात पर गौर किया कि केस में गवाह के तौर पर पेश हुई आरोपी महिला की पड़ोसी ने दावा किया कि बहू से कभी दहेज की मांग नहीं की गई थी। बेंच ने कहा, ‘‘सास के साक्ष्य को निचली अदालत और हाईकोर्ट द्वारा इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि वह दहेज की मांग के संबंध में कोई तथ्य पेश नहीं कर सकी थी, क्योंकि यह चारदीवारी के भीतर होता है, जो एक गलत निष्कर्ष है, विशेष रूप से ऐसे मामलों में जब सास-ससुर द्वारा दहेज के लिए बहू को परेशान किए जाने की बातें हवा से भी तेज फैलती हैं।" जून 2001 में दर्ज कराई गई थी शिकायत मृतक बहू के पिता ने जून 2001 में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बताया था कि उनकी बेटी ससुराल में मृत पाई गई थी। पिता ने आरोप लगाया था कि मौत के समय उनकी बेटी गर्भवती थी और वह अक्सर मायकेवालों को बताती थी कि उसकी सास दहेज के लिए उसे ताने ताने मारती है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि घटना के वक्त उसका दामाद शहर में नहीं था। मृतका के सास-ससुर और देवर को इस मामले में आरोपी बनाया गया था। हालांकि, निचली अदालत ने ससुर और देवर को बरी कर दिया, लेकिन यह माना कि सास के उत्पीड़न के कारण बहू ने जान दी थी। दोषी करार दी गई सास ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया, जिसने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी रूप में दहेज की मांग अपने आप में आईपीसी की धारा 498ए के तहत केस दर्ज करने के लिए काफी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "इसी प्रकार, किसी विवाहित महिला को या उसके रिश्तेदार को किसी अवैध मांग को पूरा करने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से परेशान करना भी 'क्रूरता' की श्रेणी में आएगा।'' बेंच ने आरोपी महिला की अपील स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया और उसे बरी कर दिया।  

बैंक मैनेजर के आदेश के खिलाफ कर्मचारियों का अनोखा विरोध, कैंटीन में खाया बीफ

तिरुवनंतपुरम केरल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कोच्चि के एक बैंक में मैनेजर ने कैंटीन में बीफ पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके विरोध में बैंक कर्मचारियों ने बीफ पार्टी का आयोजन कर डाला। जानकारी के मुताबिक बैंक के रीजनल मैनेजर मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। उनकी हाल ही में केरल के कोच्चि स्थित बैंक की शाखा में नियुक्ति हुई है। बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) के सदस्यों ने अधिकारियों के कथित मानसिक उत्पीड़न को लेकर मैनेजर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। लेकिन बीफ पर प्रतिबंध लगने के बाद विरोध को नई दिशा मिल गई। नहीं चलने देंगे संघ का एजेंडा प्रदर्शनकारियों ने ऑफिस के बाहर बीफ और परोटा (एक तरह की ब्रेड) परोसी। इस प्रदर्शन को केरल के कुछ नेताओं ने भी समर्थन दिया। लेफ्ट समर्थित निर्दलीय विधायक केटी जलील इस प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि केरल में संघ परिवार के किसी भी एजेंडा को अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, ‘क्या पहना जाए, क्या खाया जाए, क्या सोचा जाए इसे वरिष्ठ लोग तय नहीं करेंगे। हमारी जमीन लाल है। इस जमीन का दिल लाल है। जहां तक लाल झंडा फहरा रहा है, आप बिना किसी डर के फासीवाद के खिलाफ बोल सकते हैं। कोई भी आपको नुकसान नहीं पहुंचाएगा।’ पसंदीदा खाना सबका अधिकार बैंक फेडरेशन के एक नेता एसएस अनिल ने कहा कि यहां पर एक छोटी कैंटीन चलती है। चुनिंदा दिनों पर बीफ परोसा जाता है। मैनेजर ने कैंटीन स्टाफ से कहा कि अब बीफ नहीं परोसा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बैंक संविधान के अनुसार चलता है। खाना निजी पसंद का विषय है। भारत में हर व्यक्ति को अधिकार है कि वह क्या खाएगा। हम किसी को बीफ खाने पर बाध्य नहीं कर रहे हैं। यह हमारा विरोध का तरीका है।  

ट्रंप टैरिफ पर बोले राजनाथ सिंह- रिश्तों में स्थायित्व नहीं, हालात तय करते हैं रुख

नई दिल्ली  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि डिफेंस सेक्टर में भारत के लिए आत्मनिर्भर होना बेहद आवश्यक है और इसके लिए देश किसी विदेशी आपूर्ति पर निर्भर नहीं रह सकता। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय आयात पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं है। उन्होंने कहा, 'कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता, केवल हित स्थायी होते हैं। वैश्विक स्तर पर अभी व्यापार के लिए युद्ध जैसी स्थिति है।' उन्होंने कहा कि विकसित देश तेजी से संरक्षणवादी हो रहे हैं, लेकिन भारत अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार हवाई सुरक्षा प्रणाली सुदर्शन चक्र के तहत अगले 10 वर्षों में देशभर के सभी अहम स्थलों को पूरी तरह हवाई सुरक्षा मुहैया कराने की योजना बना रही है। एनडीटीवी डिफेंस समिट में अपने संबोधन में सिंह ने कहा कि एक ऐसी सुरक्षा प्रणाली तैयार की जा रही है, जो दुश्मन के किसी भी हमले से बचाव करने और उसका जवाब देने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा, 'जैसा कि हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखा आज की लड़ाइयों में हवाई सुरक्षा की अहमियत बहुत बढ़ गई है। ऐसे में सुदर्शन चक्र मिशन एक बड़ा बदलाव लाने वाला साबित होगा।' एयर डिफेंस प्रोजेक्ट की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में इस एयर डिफेंस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। यह ऐलान पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की ओर से भविष्य में दोनों देशों के बीच किसी भी सैन्य टकराव की स्थिति में सीमा पर भारतीय संपत्तियों को निशाना बनाने के संकेतों के कुछ दिन बाद हुई थी। राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलते वैश्विक हालात ने यह साफ कर दिया है कि अब रक्षा क्षेत्र में बाहरी देशों पर निर्भर रहना कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, 'आज की स्थिति में आत्मनिर्भरता हमारी अर्थव्यवस्था और सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है।' आर्थिक ढांचे की सुरक्षा पर भी बयान रक्षा मंत्री ने कहा, 'आज रक्षा क्षेत्र केवल राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव नहीं है, बल्कि यह हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और उसके भविष्य को सुरक्षित करने का एक प्रमुख आधार भी बन गया है।' उन्होंने कहा कि यह केवल लोगों की सुरक्षा, जमीन की हिफाजत या सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे पूरे आर्थिक ढांचे की सुरक्षा और स्थिरता की जिम्मेदारी भी निभा रहा है। रक्षा मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण को संरक्षणवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का संबंध संरक्षणवाद से नहीं है, बल्कि यह हमारी संप्रभुता, राष्ट्रीय स्वायत्तता और आत्मविश्वास का मुद्दा है।'  

डॉ. संजय कुमार निषाद बोले- हर मछुआरे तक पहुँचे दुर्घटना बीमा योजना का लाभ

मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित करने हेतु  बैंकों से संपर्क कर आवश्यक कार्यवाही करायी जाए –  डॉ संजय कुमार निषाद  डॉ. संजय कुमार निषाद बोले- हर मछुआरे तक पहुँचे दुर्घटना बीमा योजना का लाभ  मछुआ दुर्घटना बीमा योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए –  डॉ संजय कुमार निषाद  लखनऊ   उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ० संजय कुमार निषाद ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से आच्छादित करने हेतु बैंकों को प्रेषित प्रस्ताव के सापेक्ष बैंकों से संपर्क कर उनके स्वीकृति की कार्यवाही करायी जाए। साथ ही मछुआ दुर्घटना बीमा योजना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए एवं इससे मत्स्य पालकों/मछुआरों को लाभान्वित कराया जाए।    मत्स्य विकास मंत्री डॉ० संजय कुमार निषाद ने आज यहां विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में मत्स्य विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने  कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा वर्ष 20025-26 में जारी वित्तीय स्वीकृत के सापेक्ष शत प्रातश्त व्यय कराते हुए उपभोग प्रमाण पत्र भारत सरकार को प्रेषित करते हुए अगली किश्त की वित्तीय स्वीकृति जारी कराया जाय, ताकि चयनित परियोजनाएं यथा समय पूर्ण हों। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सेक्टर की योजनाओ के अंतर्गत प्राविधानित बजट धनराशि के सापेक्ष अतिशीघ्र लाभार्थी चयन की कार्यवाही पूर्ण कराते हुए धनराशि का व्यय सुनिश्चित किया जाए। डॉ निषाद ने  कहा कि मत्स्य पालकों के प्रशिक्षण एवं एक्सपोजर विज़िट कार्यक्रम संचालित उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष एवं एन.एफ.डी. बी. के माध्यम से कराया जाए ताकि उन्हे नई तकनीकी की जानकारी प्राप्त हो। बैठक में मंत्री जी द्वारा विभाग में संचालित केंद्र पुरोनिधानित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना एवं राज्य सेक्टर की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।  बैठक में महानिदेशक मत्स्य एवं निदेशक मत्स्य द्वारा मा. मंत्री जी को बैठक में दिए गए निर्देश के क्रम में ससमय कार्यवाही किए जाने हेतु आश्वस्त किया गया। समीक्षा बैठक  में श्री राजेश प्रकाश, महानिदेशक मत्स्य, श्री एन.एस. रहमानी, निदेशक मत्स्य, श्री पुनीत कुमार उप निदेशक मत्स्य, श्रीमती मोनिशा सिंह उप निदेशक मत्स्य, श्री एजाज अहमद उप निदेशक मत्स्य, सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

उजड़े घर-परिवार, कटड़ा हादसे में अपनों के शव देखकर फूट-फूटकर रोए परिजन

जम्मू  कटड़ा त्रासदी में सभी 34 मृतकों की पहचान हो चुकी है, जिनमें कई परिवारों के कई सदस्य शामिल थे, शव देख परिजन रो पड़े। श्राइन बोर्ड ने शवों को ले जाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा और मृतकों का सामान परिजनों को सौंपने की व्यवस्था की है। कटड़ा त्रासदी के सभी 34 मृतकों की पहचान हो गई है। शुक्रवार को 19 शवों की पहचान की गई। वीरवार को 15 शवों की पहचान हुई थी। अपनों के शव देखकर परिजन फफक उठे। शव लेने के लिए परिजन सुबह से ही जम्मू जीएमसी पहुंचने लगे थे। हर तरफ बेबसी के आंसू थे। दिल पर पत्थर रख उन्होंने शव देख अपने प्रियजनों को पहचाना।शव लेने के लिए उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, दिल्ली के बुराड़ी, गाजियाबाद, पंजाब के अमृतसर से परिजन पहुंचे थे। परिजनों की चीखों से पोस्टमार्टम हाउस का हर कोना कराह उठा। हर आंख नम थी। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने शवों को ले जाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था की है। पत्नी व बेटी के शव को रो पड़े मुज्जफरनगर के इंद्रपालमुज्जफरनगर के गांव रामपुरी निवासी इंद्रपाल पर दुखों का पहाड़ टूटा है। पत्नी रामवीरी व बेटी आकांक्षा के शव को देख वह कराह उठे। इंद्रपाल ने बताया कि क्या पता था कि जीवनसंगिनी व बेटी का साथ इस तरह छूटेगा। कैसे आगे की जिंदगी कटेगी। रुंधे गले से कहा कि जब मौसम खराब था तो प्रशासन को चाहिए था कि यात्रा रोक देता। उन्होंने बताया कि त्रासदी में भाई रविंद्र की पत्नी ममता, भतीजी अंजलि, भाई अजय घायल हुए हैं जबकि अज्य के बेटे दीपेश की भी मौत हो गई है। परिवार के छह शवों देखकर फफक उठे परिजन दिल्ली के बुराड़ी के एक परिवार ने छह लोगों को खोया है। अभिषेक ने बताया कि उनकी भतीजी दीपांशी, बहन पिंकी, भाई राजा व अजय की मौत हो गई है। रिश्तेदारों में तान्या व पुकार निवासी खेड़ा धर्मपुरा (गाजियाबाद) की भी जान गई है। अभिषेक की मां रामकुमारी शवों को देखकर दहाड़ मारकर रो पड़ीं। बेटे अभिषेक व मनोहर ने उनको संभाला।  श्राइन बोर्ड बरामद सामान भी कर रहा सुपुर्दश्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को शवों के पास से बरामद सामान भी सुपुर्द किया। बोर्ड के डिप्टी सीईओ पवन कुमार ने बताया कि बरामद सामान में नगदी व आभूषण शामिल हैं। शवों को ले जाने के लिए एंबुलेंस की निशुल्क व्यवस्था की है। 

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! 47 ट्रेनें रद्द, टिकट बुकिंग भी बंद

जम्मू  भारतीय रेलवे ने जम्मू की रेल लाइन में समस्या आने के कारण 47 ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया है, इसके अलावा 4 ट्रेनों के शॉर्ड टर्मनेट किया गया है। रेल यात्रियों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए रेलवे ने वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों को भी निर्देश दिए हैं। बताते चलें कि इसी प्रक्रिया के चलते रेलवे द्वारा अंबाला छावनी स्टेशन पर 300 से ज्यादा यात्रियों को करीब अढ़ाई लाख रुपए वापस किए हैं। ऐसा फैसला जम्मू रेल लाइन में पुल टूटने की वजह से लिया गया है जैसे ही मुरम्मत का काम पूरा हो जाएगा ट्रेनों का संचालन दोबारा से शुरू किया जाएगा।  Cancel हुई ट्रेनों का विवरण इस प्रकार है : ट्रेन नंबर 12425, 14661, 14803, 12413, 12355, 19223, 03309, 19027, 13151, 11077, 12331, 74909, 74907, 22401, 22431, 22439, 26405, 22477, 22461, 12588, 11078, 74906, 74910, 22478, 26406, 12920, 12472, 22440, 14610, 14504, 12446,16032, 22462, 12473, 14691 को पूर्ण तौर पर रद रखा गया। जबकि ट्रेन 12237 को अंबाला कैंट स्टेशन पर और 18309 अमृतसर स्टेशन पर रद रखा गया। जबकि ट्रेन नंबर 12238 बेगमपुरा का संचालन अंबाला 14609, 12445, 20433, 19803, छावनी से और 18102 जम्मूतवी- टाटा नगर का संचालन अमृतसर से किया गया। Jammu की टिकटें नहीं मिल रही  रेल यात्रियों को बता दें कि फिलहाल छावनी रेलवे स्टेशन पर जम्मू व कटरा के लिए टिकट बुकिंग को बंद कर दिया गया है। जल्द ट्रेनों का संचालन शुरू होने की उम्मीद अंबाला डिवीजन के वरिष्ठ ने बताया है कि जम्मू रेल लाइन में पुल टूटने की वजह से 47 ट्रेनों को पूरी से तरह रद्द हैं। उन्होंने बताया है कि 2 ट्रेनों को अंबाला सहित अमृतसर में रद्द किया गया और दो ट्रेनों को इन्हीं दो रेलवे स्टेशनों से संचालित किया गया है। उन्होंने कहा कि पुल मुरम्मत के बाद ट्रेनें फिर से शुरू की  जाएंगी।