samacharsecretary.com

RCB का ऐलान: चिन्नास्वामी भगदड़ पीड़ितों के हर परिवार को मिलेगा वित्तीय सहायता

नई दिल्ली  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने जून में एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ में जान गंवाने वालों के लिए बड़ा ऐलान किया है। आरसीबी मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देगी। हर परविार को 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। विक्ट्री परेड के दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए। फ्रेंचाइजी ने शनिवार को आरसीबी केयर्स के तहत आर्थिक सहायता की घोषणा की। रजत पाटीदार की अगुवाई वाली आरसीबी ने 3 जून 2025 को आईपीएल खिताब जीता था। यह आरसीबी की पहली आईपीएल ट्रॉफी थी। इसके बाद, फ्रेंचाइजी ने अगले दिन विक्ट्री परेड आयोजित की, जिसमें बड़ी तादाद में फैंस आरसीबी के होम ग्राउंड एम चिन्नास्वामी पहुंचे। उसी दौरान स्टेडियम के बाहर भगदड़ मचने से मातम पसर गया। आरसीबी ने एक इमोशनल पोस्ट में कहा, ‘’4 जून 2025 को हमारा दिल टूटा। हमने आरसीबी परिवार के 11 सदस्यों को खो दिया। वे हमारा हिस्सा थे। हमारे शहर, हमारे समुदाय और हमारी टीम को अनोखा बनाने वाली चीजों का हिस्सा। उनकी अनुपस्थिति हम सभी की यादों में हमेशा रहेगी।" फ्रेंचाइजी ने आगे कहा, ‘’उनके द्वारा छोड़े गए खालीपन को कोई भी सहयोग कभी नहीं भर सकता। लेकिन एक शुरुआत के रूप में और गहरे सम्मान के साथ आरसीबी ने उनके परिवारों को 25-25 लाख रुपये देने का फैसला किया है। यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं बल्कि करुणा, एकता और निरंतर देखभाल का वादा है। यह आरसीबी केयर्स की भी शुरुआत है। एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता जो सार्थक कार्यों के लिए समर्पित है। उनकी स्मृति को सम्मान देते हुए आगे का हर कदम यह दर्शाएगा कि फैंस क्या महसूस करते हैं, क्या उम्मीद करते हैं और क्या चाहते हैं।" आरसीबी ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2025 के फाइनल में पंजाब किंग्स को छह रनों से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया और 18 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया। आरसीबी ने निर्धारित 20 ओवरों में 190/9 का स्कोर बनाया था और जवाब में श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम सात विकेट के नुकसान पर 184 रन ही बना सकी। क्रुणाल पांड्या और भुवनेश्वर कुमार ने फाइनल में पंजाब किंग्स के दो-दो खिलाड़ियों को आउट किया।

CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान: दिल्ली में 100 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर हर महीने

नई दिल्ली दिल्ली में आम लोगों को इलाज के लिए अब दूर-दूर के बड़े अस्पतालों में भागना नहीं पड़ेगा। राजधानी की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 29 अगस्त को ऐलान किया कि अब हर महीने करीब 100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे। इसका मकसद है कि लोगों को उनके घर के पास ही इलाज की बुनियादी सुविधाएं मिलें और सरकारी अस्पतालों पर दबाव कम हो। हर मोहल्ले में बनेगा आधुनिक हेल्थ सेंटर मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पहले ये हेल्थ सेंटर सिर्फ 100 गज की जमीन पर बन रहे थे, लेकिन अब जहां सरकारी जमीन बड़ी है, वहां बड़े हेल्थ सेंटर बनाए जाएंगे। इससे पार्किंग, बड़े हॉल और इमरजेंसी सुविधाएं भी मिलेंगी। रेखा गुप्ता ने बताया कि पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी अपग्रेड करके आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बदला जा रहा है। इससे पूरे दिल्लीवासियों को फायदा मिलेगा। पैसे की कोई कमी नहीं, केंद्र से मिली बड़ी मदद मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद से दिल्ली सरकार को इस योजना के लिए केंद्र सरकार से 2,400 करोड़ रुपये की राशि मिल चुकी है। इससे ना तो नए भवन बनाने में और ना ही संचालन में कोई अड़चन आएगी। फिलहाल दिल्ली में 67 आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं, लेकिन आने वाले महीनों में इनकी संख्या तेजी से बढ़ेगी। इसका फायदा खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को मिलेगा। 12 जरूरी सेवाएं होंगी हर आरोग्य मंदिर में नए आरोग्य मंदिरों में सिर्फ ओपीडी ही नहीं, बल्कि जरूरी जांच और इलाज की 12 प्रमुख सेवाएं मुफ्त में मिलेंगी। इनमें शामिल हैं:     गर्भवती महिलाओं की जांच और प्रसव सेवाएं     नवजात, बच्चों और किशोरों की स्वास्थ्य जांच     परिवार नियोजन सेवाएं     संक्रामक और गैर-संचारी बीमारियों का इलाज     मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं     बुजुर्गों की देखभाल और पालीएटिव केयर     आंख, कान-नाक-गला और दांतों की जांच और इलाज     इसके अलावा, हर केंद्र पर लैब टेस्टिंग और दवाइयां भी मुफ्त दी जाएंगी। डॉक्टर, स्टाफ और सुविधाएं सब तैयार सरकार ने पहले ही आदेश दे दिए हैं कि इन केंद्रों के लिए डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, टीबी विशेषज्ञ, डेटा एंट्री ऑपरेटर और मल्टी पर्पज स्टाफ की भर्ती की जाए। हर सेंटर को आधुनिक लैब, दवाइयों का पूरा स्टॉक, आरामदायक फर्नीचर और साफ-सुथरे टॉयलेट्स से लैस किया जाएगा। यह सारी व्यवस्थाएं तय मानकों के अनुसार की जाएंगी ताकि किसी भी मरीज को परेशानी न हो। “आरोग्य मंदिर बनेंगे दिल्ली की पहचान” – सीएम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अब दिल्ली की जनता को सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए अस्पतालों की लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ये हेल्थ सेंटर अब “भरोसे और स्वास्थ्य का प्रतीक” बनेंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि इन आरोग्य मंदिरों का ज्यादा से ज्यादा लाभ लें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।

धारा 82 नोटिस के तहत मुख्तार अंसारी की पत्नी को कोर्ट ने किया नोटिस

मऊ  उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी के खिलाफ न्यायालय ने अहम कदम उठाया है. कोर्ट ने उन्हें आखरी 82 की नोटिस जारी की है. यह कार्रवाई उन मामलों से जुड़ी है जिनमें अफसा अंसारी पर दलित की जमीन पर कब्जा करने और अन्य आरोपों के तहत मुकदमे दर्ज हैं. नोटिस गैंगस्टर एक्ट के तहत जारी की गई है, ताकि कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके. यह है मामला यूपी की मऊ पुलिस ने गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. अफसा लंबे समय से फरार है और मऊ न्यायालय ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट और धारा 82 के तहत कार्रवाई का आदेश दिया था. इसी आदेश के अनुपालन में मऊ पुलिस की टीम गुरुवार देर शाम अफसा के मोहम्मदाबाद स्थित दर्जी टोला मोहल्ले के बंद आवास पर पहुंची और वहां नोटिस चस्पा कर मुनादी कराई. अफसा पर आरोप और इनाम अफसा अंसारी पर 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, चोरी, आपराधिक अतिक्रमण और गैंगस्टर एक्ट शामिल हैं. मऊ पुलिस ने उसके खिलाफ मामला संख्या 129/2020 दर्ज किया था और गिरफ्तारी के लिए 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है. इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में लुकआउट नोटिस जारी किया है, ताकि अफसा देश छोड़कर न भाग सके. अफसा अंसारी 2021 से फरार है. उसके पति मुख्तार अंसारी की 28 मार्च 2024 को जेल में हार्ट अटैक से मृत्यु के बाद भी अफसा सामने नहीं आई. पुलिस को आशंका थी कि वह अपने पति के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकती है, लेकिन वहां भी नहीं दिखी. इसके चलते मऊ और गाजियाबाद पुलिस ने उसके खिलाफ कई संपत्तियों को जब्त किया है, जिनमें 9.44 करोड़ का प्लॉट, 3.76 करोड़ की जमीन और होटल गजल शामिल हैं. पुलिस की कार्रवाई और जनता से अपील मऊ पुलिस ने सीओ सिटी धनंजय मिश्रा के नेतृत्व में कई जगहों पर छापेमारी की, लेकिन अफसा का पता नहीं चल सका. उसके खिलाफ धारा 299 (सीआरपीसी) के तहत कार्रवाई शुरू की गई है और उसका नाम मक्रूल रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है. पुलिस ने जनता से अपील की है कि अफसा की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा.

किसानों की खुशखबरी: पन्ना में 4.90 कैरेट का हीरा, जल्द होगी नीलामी

पन्ना हीरों की नगरी पन्ना एक बार फिर चर्चा में है. शुक्रवार को 4 किसान हीरा कार्यालय पहुंचे. उनके चेहरे हीरे की तरह चमक रहे थे क्योंकि उन्हें अपने खेत में नायाब और बेशकीमती हीरा मिला था. जिसकी कीमत लाखों में आंकी गई. सभी किसान अब अपने-अपने सपने को पूरा करने की प्लानिंग बना रहे हैं. बता दें कि 4 किसानों ने अपने खेत में हीरा खोदने की अनुमति ली थी. हीरा मिलते ही खिल उठे किसानों के चेहरे दरअसल, ग्राम जरुआपुर में 4 पार्टनर दिलीप मिस्त्री, अभिलाष कुल्लू, प्रकाश मजूमदार और किशोर सरदार ने मिलकर हीरे की एक खदान ली थी. इस खदान में वे 4 महीने से लगातार हीरे खोज रहे थे. शुक्रवार को खुदाई के दौरान उन्हें एक बेशकीमती हीरा दिखा. हीरा देख किसानों के चेहरे खिल उठे. उनके चेहरे पर एक चमक दिखाई दे रही थी. वे उसे जमा कराने तत्काल हीरा कार्यालय पहुंचे. 10 लाख आंकी जा रही है हीरे की कीमत सभी किसान, पन्ना के हीरा कार्यालय पहुंचे. जहां, बताया गया कि यह हीरा अच्छी क्वालिटी का है और साफ और चमकदार दिखाई दे रहा है. बताया गया कि इस हीरे को जेम्स क्वालिटी का हीरा कहा जाता है. दिलीप मिस्त्री ने अपने नाम से डायमंड को हीरा कार्यालय में जमा कराया. जब उसे चेक किया गया तो हीरा करीब 4.90 कैरेट का निकला. जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है. पहली बार हीरा पाकर किसान खुश बेशकीमती हीरा मिलने के बाद किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. अभिलाष कुल्लू बताते हैं कि "दिलीप मिस्त्री और प्रकाश मजूमदार को पहले भी कई हीरे मिल चुके हैं. लेकिन मैं पहली बार हीरे के खदान में पार्टनर बना था और यह पहली बार है जब मुझे हीरा मिला है. इससे मुझे बहुत ज्यादा खुशी है. इस हीरे से जो भी पैसे मुझे मिलेंगे उससे मैं और हीरे की खदान लगाएंगे." वहीं, दूसरे खदान के पार्टनर्स ने कहा कि वे अपने बिजनेस को बड़ा करेंगे और खेत-खलिहान में भी इस पैसे को लगाएंगे. आगामी नीलामी में होगी हीरे की होगी बिक्री प्रकाश मजूमदार बताते हैं कि "इस खदान में पहले भी कई हीरे मिले हैं, जिसे हीरा कार्यालय में जमा किया गया है. शुक्रवार को भी एक अच्छी क्वालिटी का हीरा मिला है. इससे बहुत खुशी हो रही है. इसे आगामी नीलामी में बिक्री के लिए रखा जाएगा. इसकी जो भी धनराशि मिलेगी, सभी पार्टनर बराबर बराबर बांट लेंगे और अपने-अपने काम धंधे में लगाएंगे." बेशकीमती हीरे ने इन किसानों के किस्मत खोल दी है. आगामी नीलामी में हीरे की बिक्री जाएगी. जिसके बाद किसानों को इसके पैसे दिए जाएंगे और किसान अपने मन में सजाए सभी सपने पूरे कर सकेंगे. 

पुतिन भारत आ रहे हैं दिसंबर में, क्रेमलिन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया

नई दिल्ली रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर में भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। इस बात की पुष्टि क्रेमलिन के वरिष्ठ अधिकारी यूरी उशाकोव ने की है। उन्होंने बताया कि आगामी सोमवार को चीन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन की मुलाकात होगी, जहां दोनों नेता पुतिन की दिसंबर यात्रा की तैयारियों पर चर्चा करेंगे। इससे पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी संकेत दिया था कि पुतिन जल्द ही भारत आएंगे, हालांकि उस समय यात्रा की तारीखें तय नहीं हुई थीं। डोभाल ने भारत-रूस के विशेष और पुराने रिश्तों पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देश इस संबंध को बहुत महत्व देते हैं। रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने जताई नाराजगी पुतिन की भारत यात्रा की घोषणा ऐसे समय आई है जब अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल आयात को लेकर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने का फैसला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम को रूस के खिलाफ दबाव बनाने के प्रयास के तौर पर लिया है। ट्रंप का आरोप है कि भारत डिस्काउंट पर रूस से तेल खरीदकर उसे उच्च दाम पर वैश्विक बाजार में बेचकर भारी मुनाफा कमा रहा है। उन्होंने ट्वीट में कहा था कि ‘भारत को इससे फर्क नहीं पड़ता कि यूक्रेन में रूस की मशीनरी से कितने लोग मारे जा रहे हैं।’ भारत ने अमेरिकी आरोपों को ठुकराया भारत ने अमेरिकी टैरिफ को अनुचित, गैर-न्यायसंगत और अस्वीकार्य करार दिया है। भारत का कहना है कि जब अमेरिका और यूरोप भी रूस से ऊर्जा खरीद रहे थे, तो भारत पर ऐसे आरोप लगाना उचित नहीं है। फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिमी देशों ने रूस की कमाई पर रोक लगाने की कोशिश की, लेकिन यूरोप के बाजार बंद होने के कारण रूस ने अपना तेल भारत और चीन जैसे देशों की ओर मोड़ दिया। इसके कारण रूस की अरबों डॉलर की कमाई जारी है। 

पूर्व विधायक पेंशन के लिए जगदीप धनखड़ ने दिया आवेदन, विधानसभा में चर्चा

जयपुर. भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राजस्थान विधानसभा के पूर्व विधायक के रूप में पेंशन के लिए आवेदन दायर किया है. जगदीप धनखड़ 1993 से 1998 तक अजमेर जिले के किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक रहे हैं. उन्होंने हाल ही में विधानसभा सचिवालय में पेंशन के लिए आवेदन किया है. सूत्रों के अनुसार, विधानसभा सचिवालय ने उनके आवेदन पर स्वीकृति प्रक्रिया शुरू कर दी है. यदि उनका आवेदन स्वीकृत होता है, तो उन्हें प्रतिमाह 42 हजार रुपये की पेंशन और पूर्व विधायकों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सकता है. जगदीप धनखड़ का राजनीतिक सफर लंबा और विविध रहा है. वे 1989 से 1991 तक झुंझुनू लोकसभा क्षेत्र से जनता दल के सांसद रहे और चंद्रशेखर सरकार में संसदीय कार्य राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया. इसके बाद 1993 में वे कांग्रेस के टिकट पर किशनगढ़ से विधायक चुने गए. 2019 से 2022 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और 2022 से 2025 तक भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने अपनी सेवाएं दीं. अब उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने पूर्व विधायक के रूप में पेंशन के लिए आवेदन किया है. पेंशन स्वीकृति की प्रक्रिया राजस्थान विधानसभा सचिवालय ने धनखड़ के आवेदन की जांच शुरू कर दी है. राजस्थान सरकार के नियमों के अनुसार, पूर्व विधायकों को उनके कार्यकाल के आधार पर पेंशन और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती है. धनखड़ के मामले में, उनके 1993-1998 के कार्यकाल को देखते हुए पेंशन की पात्रता निर्धारित की जाएगी. स्वीकृति मिलने पर उन्हें प्रतिमाह 42 हजार रुपये की पेंशन के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाएं, यात्रा भत्ता और अन्य लाभ मिल सकते हैं. राजस्थान में पूर्व विधायकों को पेंशन के अलावा कई अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती है.जिसमें पूर्व विधायकों और उनके परिवार को मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं दी जाती है. इसके अलावा सरकारी कार्यों या विधानसभा से संबंधित यात्राओं के लिए भत्ता दिया जाता है.वहीं विधानसभा द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में भागीदारी और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं भी दी जाती है. धनखड़ के आवेदन ने राजस्थान की राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दिया है. उनके इस कदम को उनके लंबे राजनीतिक करियर के एक और अध्याय के रूप में देखा जा रहा है. विधानसभा सचिवालय जल्द ही उनके आवेदन पर अंतिम निर्णय ले सकता है.

मालवा एक्सप्रेस शनिवार को भी रहेगी रद्द, 30 अगस्त को चार ट्रेनें कैंसल

इंदौर उत्तर रेलवे जम्मू मंडल के कठुआ-माधोपुर पंजाब रेल खंड में ट्रैफिक सस्पेंड होने के कारण रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली तथा अपने आरंभिक स्टेशन से 30 अगस्त को चलने वाली चार ट्रेनें निरस्त की गई है। इसके कारण श्रीमाता वैष्णोदेवी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होगी। मालूम हो कि माता वैष्णोदेवी के दर्शन करने के लिए यात्रियों का जत्था इकट्ठे टिकट कई दिनों पहले ही करवा लेता है। यात्रा की तिथि आने के पहले ही यात्री आने जाने की तैयारियाें में जुट जाते हैं। रेलवे जनसंपर्क विभाग के अनुसार महू-इंदौर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा मालवा एक्सप्रेस ट्रेन लगातार दूसरे दिन 30 अगस्त को निरस्त रहेगी। वहीं, श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा से महू के लिए चलने वाली ट्रेन भी निरस्त रहेगी। उत्तर रेलवे जम्मू मंडल के कठुआ-माधोपुर पंजाब रेलवे खंड के डाउन लाइन के ब्रिज संख्या 17 पर रेल ट्रैफिक सस्पेंड होने के कारण इंदौर सहित रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। 30 अगस्त 12472 श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा-बांद्रा टर्मिनस बांद्रा एक्सप्रेस नई दिल्ली स्टेशन पर शार्ट टर्मिनेट की गई। 30 अगस्त गांधी धाम से श्रीमाता वैष्णोदेवी कटड़ा तक चलने वाली गाड़ी संख्या 12473 निरस्त रहेगी। ट्रेनों के बारे में अधिक जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

ये 5 क्रिकेटर नहीं बन पाएंगे एशिया कप का हिस्सा, टीम इंडिया अगले हफ्ते करेगी उड़ान

नई दिल्ली  भारतीय टीम आगामी एशिया कप में हिस्सा लेने के लिए चार सितंबर को दुबई में एकत्रित होगी। सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व वाली भारतीय टीम 10 सितंबर को अपने अभियान की शुरुआत करेगी। हालांकि बीसीसीसीआई ने कथित तौर पर फैसला किया है कि आगामी एशिया कप 2025 के लिए चुने गए पांच स्टैंडबाय खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल, प्रसिद्ध कृष्णा, वाशिंगटन सुंदर, रियान पराग और ध्रुव जुरेल मुख्य टीम के साथ दुबई नहीं जाएंगे।   भारत टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में 10 सितंबर को संयुक्त अरब अमीरात से भिड़ेगा और उसके बाद 14 सितंबर को दुबई में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान का सामना करेगा। सुपर फोर चरण से पहले उसका तीसरा ग्रुप मैच 19 सितंबर को ओमान के खिलाफ होगा। जब बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी से पूछा गया कि क्या कोई स्टैंडबाय खिलाड़ी टीम के साथ यात्रा करेगा, तो अधिकारी ने पीटीआई को बताया, "नहीं, स्टैंडबाय खिलाड़ी मुख्य टीम के साथ दुबई नहीं जाएंगे।" अधिकारी के मुताबिक जरूरत पड़ने पर ही खिलाड़ी को बुलाया जाएगा। भारतीय टीम में शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन बतौर ओपनर खेल सकते हैं। यशस्वी जायसवाल की जरूरत तभी पड़ेगी जब उनमें से कोई चोटिल हो। यही बात प्रसिद्ध पर भी लागू होती है, जो जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह या हर्षित राणा के चोटिल होने पर खेल सकते हैं। गौरतलब है कि भारत ने अपनी टीम में केवल 15 खिलाड़ियों को शामिल किया, जबकि एशिया कप के नियम के अनुसार उन्हें 17 खिलाड़ियों की टीम चुनने की अनुमति थी। एशिया कप के लिए भारतीय टीम में शामिल अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा गुरुवार को शुरू हुए दलीप ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल में उत्तर क्षेत्र की तरफ से पूर्व क्षेत्र के खिलाफ जबकि कुलदीप यादव मध्य क्षेत्र की तरफ से उत्तर पूर्व क्षेत्र के खिलाफ खेल रहे हैं। सूर्यकुमार एशिया कप में 15 सदस्यीय भारतीय टीम की अगुवाई करेंगे जबकि टेस्ट कप्तान शुभमन गिल उनके उप कप्तान होंगे। एशिया कप के सभी मैच दो स्थान दुबई और अबुधाबी में आयोजित किए जाएंगे।  

महिलाओं के लिए नई उम्मीद: नीतीश की रोजगार स्कीम लॉन्च, तेजस्वी ने किया अलग योजना का ऐलान

पटना  बिहार में तेजस्वी यादव और कांग्रेस के ‘माई बहिन मान योजना’ वादे के बाद से जिस तरह की संभावना जताई जा रही थी, उसी अनुरूप सीएम नीतीश कुमार ने महिलाओं को ध्यान में रखते हुए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ शुरू करने की घोषणा कर दी है। शुक्रवार को कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी और सितंबर से योजना चालू हो जाएगी। महिलाओं की मदद के लिए सरकार इस स्कीम के तहत परिवार की एक औरत को 10 हजार रुपये देगी, जिससे वो अपनी पसंद का रोजगार शुरू कर सके। छह महीने बाद उस महिला के रोजगार का आकलन करके जरूरत हुई तो सरकार 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी करेगी। ‘माई बहिन मान योजना’ में सरकार बनने पर महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये नकद देने का वादा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि महिलाओं के हित में एक महत्वपूर्ण और अभूतपूर्व निर्णय लिया गया है, जिसके सकारात्मक दूरगामी परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ का मुख्य लक्ष्य राज्य के सभी परिवारों की एक महिला को उनकी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देना है। इस योजना के तहत आवेदक महिला को पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये मिलेंगे, जिस राशि से उसे स्व-रोजगार शुरू करना है। सरकार ने ग्रामीण विकास विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया है जबकि निगर विकास और आवास विभाग को जरूरत के हिसाब सहयोग देना है। नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि अगले महीने यानी सितम्बर 2025 से ही महिलाओं के खाते में फंड ट्रांसफर शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के 6 माह के बाद आकलन करते हुए 2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त सहायता आवश्यकतानुसार दी जा सकेगी। इसके साथ ही सरकार गांव से शहर तक महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए हाट बाजार विकसित करेगी। नीतीश ने उम्मीद जताई है कि इस योजना से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति मजबूत होगी बल्कि राज्य के अंदर ही रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और मजबूरी में काम के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। नीतीश कुमार और उनकी सरकार ने इससे पहले तेजस्वी यादव के ज्यादातर चुनावी वादों पर कुछ ना कुछ ऐक्शन ले रखा है। तेजस्वी ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा किया है तो नीतीश ने 1 अगस्त से 125 यूनिट फ्री बिजली देना शुरू कर दिया है। सरकारी नौकरी पर दोनों के बीच श्रेय की लड़ाई चल ही रही थी कि जुलाई में नीतीश कैबिनेट ने अगले पांच साल में एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने का संकल्प पास कर दिया। नीतीश सरकार ने जून में वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया। तेजस्वी ने सरकार बनने पर 1500 करने का वादा किया है। तेजस्वी ने सरकारी नौकरियों में 100 फीसदी डोमिसाइल नीति का वादा किया है तो नीतीश कैबिनेट ने 5 अगस्त को शिक्षक बहाली में 84.4 फीसदी पद बिहार के निवासियों के लिए आरक्षित कर दिया। 60 परसेंट जातीय आरक्षण के ऊपर नीतीश ने इससे पहले ही अनारक्षित 40 फीसदी पदों के अंदर 35 फीसदी पद बिहार की महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया था, जिससे प्रभावी डोमिसाइल 74 फीसदी तक पहुंच गया था। अनारक्षित कोटे में बची 65 फीसदी सीटों पर अगस्त में 40 फीसदी पद बिहार से मैट्रिक या इंटर करने वालों के लिए रिजर्व कर दिया गया था, बोर्ड चाहे कोई भी हो।

ट्रंप को करारा झटका, चावल के दाने पर रुक गई करोड़ों की डील

नई दिल्ली  हर देश की अपनी कुछ सांस्कृतिक और लोक मान्यताएं होती हैं. इसकी वजह से वो किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करते हैं. ये न सिर्फ राजनीतिक बल्कि कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदलाव ले आती हैं. कई बार ये सामने आ जाती हैं तो कई बार समझने पर पता चलता है कि जो दिख रहा है, वैसा है नहीं. कुछ ऐसा ही चल रहा है इस वक्त जापान में, जहां अमेरिका से साथ टैरिफ घटाने पर होने वाली एक डील होते-होते रुक गई. 550 अरब डॉलर के मेगा निवेश समझौते की प्रक्रिया अचानक ही रुक गई. जापान के कारोबार सलाहकार रयोसेई अकाजावा ने अमेरिका जाना था लेकिन उनका दौरा आखिरी मिनट में रद्द कर दिया. अकाजावा का यह दौरा अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक के साथ फाइनल बातचीत के लिए तय था. निवेश पैकेज की घोषणा इसी हफ्ते की जानी थी, जिसमें मुनाफे के बंटवारे जैसी अहम बातें तय होनी थी. क्या है ये पूरा निवेश समझौता, जो थम गया अमेरिका और जापान के बीच सहमति बनी थी कि अगर जापान यह 550 अरब डॉलर का मेगा इनवेस्टमेंट करता है, तो टोक्यो पर लगने वाले टैरिफ 25% से घटाकर 15% कर दिए जाएंगे. हालांकि इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक अजीबोगरीब बयान देते हुए कहा – ‘यह पैसा हमारा है, हम जैसे चाहें वैसे लगाएंगे’. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस इनवेस्टमेंट का 90 फीसदी मुनाफा अपने पास रखेगा, बस यहीं जापान की बात बिगड़ गई. जापानी सरकार की ओर से कहा गया है कि कुछ अहम बिंदुओं पर सहमति नहीं बनने की वजह से दौरा रद्द किया गया है. इसमें ऑटो पार्ट्स पर तुरंत टैरिफ हटाना और पुराने कार्यकारी आदेश में बदलाव करना शामिल है. ‘चावल’ का है अहम रोल इस पूरे मामले में अहम भूमिका जापानी चावल की है. दरअसल जापान और अमेरिका के समझौते की प्रक्रिया मई से ही चल रही है. अब मु्द्दा ये है कि डोनाल्ड ट्रंप हमेशा की तरह अपनी शर्तों पर निवेश चाहते हैं. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ये भी लिख दिया था कि जापान ने अमेरिका के लिए अपना एग्रीकल्चर सेक्टर खोल दिया है. यहां मामला सीधा चावल से जुड़ा था. जापानी किसान कभी नहीं चाहते हैं कि अमेरिका का चावल जापानी बाजारों में आए, जिसे लेकर पहले भी विरोध हो चुका है. दशकों से यहां अमेरिकी चावल का विरोध होता रहा है क्योंकि उन्हें लगता है कि ये सस्ता चावल किसानों के बाजार को खत्म कर देगा. जापानी लोग स्टिकी राइस खाते हैं और वे इसे पौष्टिक मानते हैं. दूसरी तरफ चावल जापान में सांस्कृतिक पहचान माना जाता है. जापानी लोग इसे अपने गांव से जोड़कर देखते हैं. भले ही जापान में बाकी भोजन आयात होता हो लेकिन उनकी कोशिश रहती है कि चावल घरेलू उत्पादन तक ही सीमित रहे, भले ही उनकी कीमतें ज्यादा हों. जापान का चावल आयात वैसे तो जापान में चावल का आयात होता लेकिन अमेरिकी चावल का ज्यादा विरोध है क्योंकि ये सस्ता होता है. जापान टैरिफ बढ़ने की सूरत में जापान से चावल का आयात कम कर चुका ह, जिसे अमेरिका बढ़ाना चाहता है. वहीं भारत का जापान में चावल का निर्यात पिछले दो सालों में बढ़ा है. साल 2024 में जापान ने भारत से $5.74 मिलियन का चावल आयात किया जो साल 2023 ( $2.08 मिलियन) की तुलना में दोगुने से ज्यादा था. ऐसे में अमेरिका से अगर जापान चावल आयात नहीं करता, तो भारत से उसकी डील हो सकती है.