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झारखंड: मध्याह्न भोजन योजना में नई व्यवस्था लागू, खर्च और भुगतान का हिसाब देना होगा अनिवार्य

 धनबाद  जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मध्याह्न भोजन) योजना को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से प्रभावी एसएनए स्पर्श प्रणाली के अंतर्गत विद्यालय स्तर पर खर्च सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। डीएसई शालिनी डुंगडुंग ने कहा है कि प्रखंड स्तर पर आयोजित मासिक गुरु गोष्ठी में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं। विद्यालय प्रधानों को व्यय से संबंधित रिपोर्ट, वेंडर का नाम और भुगतान विवरण लेकर गुरु गोष्ठी में उपस्थित होना होगा। एक अप्रैल से पूर्व की अवशेष राशि और चालू वित्तीय वर्ष के आवंटन के समायोजन के बाद ही बिल प्रखंड कार्यालय को भेजे जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत केंद्रांश 60 प्रतिशत और राज्यांश 40 प्रतिशत मद में प्राप्त राशि का आवंटन स्पर्श पोर्टल के माध्यम से प्रखंड के मेकर आइडी से जिला कार्यालय को फारवर्ड किया जाएगा। विद्यालय स्तर से भेजे जाने वाले प्रत्येक बिल पर अध्यक्ष, संयोजिका और प्रभारी प्रधानाध्यापक का हस्ताक्षर होना अनिवार्य है। राशन, सब्जी और रसोई गैस के बिल अलग-अलग तैयार करने होंगे। प्रखंड कार्यालय में सभी बिलों व प्रतिवेदनों का संधारण एमडीएम कंप्यूटर आपरेटर करेंगे। डीएसई ने सभी बीईईओ, कार्यक्रम अधिकारियों, सीआरपी, बीआरपी और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को आपसी समन्वय बनाकर बिल अपलोड करने का निर्देश दिया है।

JPSC भर्ती विवाद: निर्दोष और दोषियों को अलग करना संभव नहीं, 12 अक्टूबर को फिर सुनवाई

रांची झारखंड सरकार द्वारा जेपीएससी की परीक्षाओं को रद्द किए जाने के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और राज्य सरकार की ओर से वकील अच्युत केशव ने पक्ष रखा. सबसे पहले प्रार्थियों के वकील इंद्रजीत ने अदालत में अपनी बात रखते हुए परीक्षा संचालक एजेंसी TDPL की भूमिका, परीक्षा की पारदर्शिता और पूरी नियुक्ति प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने अदालत को सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए सरकार के रद्द करने वाले आदेश को नेचुरल जस्टिस के खिलाफ बताया. वहीं, राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि व्यापक तौर पर गड़बड़ी हुई है इसलिए सेग्रिगेशन संभव नहीं है. राज्य सरकार ने कहा सेग्रिगेशन संभव नहीं राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता अच्युत केशव ने आगे सरकार का पक्ष रखते हुए बताया कि किन परिस्थितियों में नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने कदम उठाना पड़ा. सरकार की ओर से दलील देते हुए अधिवक्ता ने कहा कि "एक मछली पूरे तालाब को दूषित कर देती है." उनका तर्क था कि परीक्षा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और गोपनीयता भंग हुई है. इस कारण से निर्दोष और दोषी अभ्यर्थियों को अलग करना संभव नहीं रह गया था, इसलिए पूरी प्रक्रिया रद्द करना न्यायसंगत था. हाईकोर्ट ने परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी पर जताई चिंता मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इस पूरे मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जेपीएससी में अब तक जितनी भी बहाली प्रक्रियाएं हुई हैं, उनमें किसी न किसी चरण में खामियां देखने को मिली हैं. कभी पीटी (PT) परीक्षा में तो कभी मेन्स (Mains) एग्जाम में कमियां देखने को मिली हैं. अदालत ने परीक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही गड़बड़ियों पर चिंता भी जताई है. इससे एक दिन पहले यानी कि गुरुवार को हाईकोर्ट ने जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षा रद्द मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब जेपीएससी रद्द मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर दिन सोमवार को दोपहर 2:15 बजे से होगी. तब तक मामले में पूर्व से मिली अंतरिम राहत बरकरार रहेगी.

Bihar News: मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 117 लाभुकों को पहली किस्त, कारोबार शुरू करने में मिलेगी मदद

बेगूसराय  अपने कारोबार की शुरुआत कर आत्मनिर्भर बनने की राह देख रहे जिले के 117 उद्यमियों के लिए बुधवार को अच्छी खबर आई। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत प्रशिक्षण पूरा करने वाले लाभुकों के बैंक खातों में पहली किस्त के रूप में दो-दो लाख रुपये हस्तांतरित किए गए। पटना के बापू सभागार में आयोजित एक दिवसीय उद्यमिता कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के सात हजार से अधिक लाभुकों के खाते में करीब 150 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की। बेगूसराय के लाभुक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय प्रकोष्ठ से कार्यक्रम में भाग लिया। उनके साथ जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक ज्ञानेश्वरी किरण समेत संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद जिले के 197 उद्यमियों की अंतिम सूची तैयार की गई थी। 117 लाभुकों की ट्रेनिंग पूरी इनमें 117 लाभुकों ने निर्धारित उद्यमिता प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले लाभुकों को ही योजना की पहली किस्त दी गई है। योजना के तहत पात्र लाभुकों को कुल 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलती है। इसमें पांच लाख रुपये तक अनुदान और पांच लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण का प्रविधान है। इसका उद्देश्य युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है।

वाराणसी एयर शो के लिए बड़ा फैसला, 19 से 26 अक्टूबर तक मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध

वाराणसी वाराणसी नगर निगम ने भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ पर नमो घाट पर आयोजित भव्य एयर शो के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल के 30 किलोमीटर के दायरे में मीट, मांस और मछली की बिक्री पर रोक लगा दी है. यह रोक 19 से 26 अक्टूबर तक लागू रहेगी. लड़ाकू विमानों को 'बर्ड हिट' के खतरे से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है. राज्य सरकार द्वारा 'स्टेट इवेंट' घोषित इस कार्यक्रम में 22, 23 और 25 अक्टूबर को मुख्य एयर शो होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे. पशु चिकित्सा अधिकारी और नगर निगम टीमों को दुकानें बंद कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।  लड़ाकू विमानों की सुरक्षा के लिए फैसला नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि उड़ने वाले लड़ाकू विमानों की सुरक्षा के दृष्टिगत बर्ड हिट की आशंका को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है. संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे दुकानदारों को नोटिस जारी करें और व्यक्तिगत रूप से जाकर दुकानें न खोलने की सख्त हिदायत दें. 26 अक्टूबर को स्टैंडबाय दिन रखा गया है।  नमो घाट पर 20 लाख लोगों के आने का अनुमान इस ऐतिहासिक एरियल डिस्प्ले-2026 को देखने के लिए गंगा घाटों पर लगभग 20 लाख दर्शकों के जुटने की उम्मीद है. इतनी बड़ी भीड़ और जल सुरक्षा को देखते हुए गंगा के गहरे पानी वाले क्षेत्रों में प्रभावी बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं. दर्शकों को अनियंत्रित होकर गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए संवेदनशील रास्तों पर बैरियर भी लगाए जाएंगे।  स्वच्छता और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के लिए 20 से 26 अक्टूबर तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा. इसके अलावा श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में मोबाइल टॉयलेट स्थापित किए जा रहे हैं. आवारा पशुओं पर नियंत्रण और मोबाइल टावर की व्यवस्था भी नगर निगम द्वारा की जा रही है।   

राजस्थान में अनोखा चुनावी वादा वायरल, कुंवारों के लिए दूसरे राज्यों से बहुएं लाने का दावा

जयपुर राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों की आहट के बीच ग्रामीण सियासत का पारा चढ़ने लगा है। इस बार चुनावी समर में जनता को रिझाने के लिए पारंपरिक मुद्दों से हटकर सोशल मीडिया पर बेहद अनोखे और चौंकाने वाले चुनावी वादे सुर्खियां बटोर रहे हैं। ऐसे अनूठे और लोक-लुभावन वादे जहाँ एक ओर वोटरों के बीच हंसी-मजाक और मीम्स का जरिया बन रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों के युवाओं की वास्तविक सामाजिक समस्याओं को भी एक नए अंदाज में चुनावी पटल पर लाकर खड़ा कर रहे हैं। झुंझुनूं जिले की झाझड़ ग्राम पंचायत से सरपंच पद की दावेदार का गांव के कुंवारे लड़कों की शादी कराने और दूसरे राज्यों से बहुएं लाने का अजीबोगरीब वादा इसी सिलसिले की एक कड़ी है। झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र की झाझड़ ग्राम पंचायत से सरपंच पद की भावी उम्मीदवार अनिता का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने गांव के कुंवारे लड़कों की शादी करवाने का बेहद अनोखा चुनावी वादा किया है। अनोखा चुनावी वादा क्या है? "कुंवारों के लिए लुगाई की व्यवस्था": वायरल वीडियो में अनिता ने कहा कि गांव का विकास (सड़क, पानी, बिजली) करवाना तो हर सरपंच की सामान्य जिम्मेदारी होती है, लेकिन उनकी प्राथमिकता गांव के कुंवारे भाई हैं। उन्होंने खुले मंच से वादा किया, "सारा कुंवारा बाया के लिए लुगाई की व्यवस्था करांगा" (सभी कुंवारे भाइयों के लिए पत्नी/बहू की व्यवस्था करवाऊंगी)। अनिता ने दावा किया कि अगर उन्हें गांव के लड़कों के लिए योग्य दुल्हनें तलाशने के लिए दूसरे राज्यों में भी जाना पड़े, तो वह पीछे नहीं हटेंगी। क्या ऐसे अनोखे वादे से समर्थन मिलेगा? वैसे इस वादे का दूसरा पहलू देखें तो इस अनोखे वादे के पीछे झुंझुनूं और शेखावाटी क्षेत्र की एक गंभीर सामाजिक समस्या छिपी है, जिसके कारण यह चुनावी मुद्दा युवाओं को प्रभावित कर सकता है। राजस्थान के झुंझुनूं और हरियाणा से सटे सीमावर्ती इलाकों में लिंगानुपात कम होने और युवाओं के पास सरकारी नौकरी या पर्याप्त रोजगार न होने के कारण बड़ी संख्या में लड़के कुंवारे रह जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उम्रदराज हो रहे युवकों की शादी न होना एक बहुत बड़ा सामाजिक दर्द और मुद्दा है। सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया अनिता सैनी के इस बयान पर लोग खुलकर मजे ले रहे हैं और तरह-तरह के मीम्स शेयर कर रहे हैं। कई यूजर्स कमेंट कर रहे हैं कि "इस बार तो पूरा गांव अनिता जी को ही वोट देगा, क्योंकि उन्होंने सीधे दिल की बात कह दी है।" वहीं कुछ लोग इसे केवल चुनाव जीतने के लिए किया गया एक "पब्लिसिटी स्टंट" और गैर-जिम्मेदाराना वादा बता रहे हैं। क्या सस्ती लोकप्रियता के लिए अनूठे वादे? चुनावों में मतदाताओं का ध्यान खींचने के लिए अनूठे और अजीबोगरीब वादे करना अक्सर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का एक आसान जरिया माना जाता है। धरातल पर बुनियादी विकास जैसे सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर काम करने में लंबा समय और बड़ी बजटीय योजनाओं की आवश्यकता होती है। इसके विपरीत, 'कुंवारों की शादी कराने' या 'दूसरे राज्यों से दुल्हनें लाने' जैसे लोक-लुभावन और विवादित बयान सोशल मीडिया के इस दौर में उम्मीदवारों को रातों-रात बिना किसी खर्च के पूरे प्रदेश में मशहूर कर देते हैं। इस तरह के वादे अक्सर गंभीर राजनीति को एक तमाशे में बदल देते हैं, जहाँ जनसेवा के वास्तविक एजेंडे पीछे छूट जाते हैं और केवल सुर्खियां बटोरने की होड़ मच जाती है। हालांकि, इन अनूठे वादों का दूसरा पहलू यह भी है कि ये ग्रामीण समाज की उन दबी हुई और कड़वी सच्चाइयों को उजागर करते हैं, जिन पर मुख्यधारा के राजनीतिक दल कभी खुलकर बात नहीं करते। शेखावाटी और पश्चिमी राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में लिंगानुपात की कमी और रोजगार के अभाव के कारण युवाओं की शादी न हो पाना एक वास्तविक और गंभीर सामाजिक संकट बन चुका है। ऐसे में उम्मीदवारों द्वारा इस मुद्दे को उठाना भले ही पब्लिसिटी स्टंट या सस्ती लोकप्रियता का हिस्सा लगे, लेकिन यह वोटरों, विशेषकर युवाओं के उस दर्द को सीधे छूता है जिससे वे रोज जूझ रहे हैं। यही वजह है कि जनता इन्हें पूरी तरह खारिज करने के बजाय इनके पीछे छिपी मजबूरी और चुनावी चालाकी दोनों को एक साथ देख रही है।

योगी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, बाजरा का MSP ₹125 बढ़ा; जानें मक्का-ज्वार के नए रेट

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष के लिए मक्का, बाजरा और ज्वार के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की है। इन्हें 31 दिसंबर तक खरीदने के लिए 455 क्रय केंद्र खोले जाएंगे। किसानों को धान बेचने के 48 घंटे के अंदर भुगतान किया जाएगा। इस प्रस्ताव को शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पास किया गया। योगी आदित्यनाथ सरकार ने मोटे अनाज की क्रय नीति को मंजूरी दी गई। सरकार ने पिछले वर्ष से 10 रुपये बढ़ाकर मक्का का समर्थन मूल्य 2410 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। बाजरा का समर्थन मूल्य 2775 से बढ़ाकर 2900 रुपये प्रति क्विंटल, बाजरा के मूल्य में 125 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। हाइब्रिड ज्वार का समर्थन मूल्य 324 रुपये बढ़ाकर 4023 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। ज्वार की मालदांडी किस्म का समर्थन मूल्य 4073 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा। कैबिनेट ने मक्का के लिए 25 जिलों में 75 केंद्र खोल 15 हजार टन खरीदने का लक्ष्य रखा है। 33 जिलों में 300 केंद्र खोल 2.20 लाख टन बाजरा खरीदने का लक्ष्य है। 13 जिलों के 80 केंद्रों के माध्यम से 50 हजार टन ज्वार खरीदा जाएगा। अनाज खरीद का भुगतान किसानों को आधार से जुड़े और एनपीसीआइ से मैप्ड बैंक खाते में किया जाएगा। किसानों को आनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। क्रय केंद्रों पर ई-पाप मशीन से बायोमैट्रिक सत्यापन के बाद कंप्यूटराइज्ड खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र और आधार कार्ड के आधार पर अनाज खरीदा जाएगा। धान क्रय का कार्यक्रम घोषित योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने 15 अक्टूबर से वेस्ट यूपी में धान की खरीद को मंजूरी दी है। प्रदेश में 15 अक्टूबर से 15 फरवरी तक धान खरीद होगी। एक नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान खरीद होगी, जोकि 28 फरवरी तक होगी। सरकार ने 65 लाख मिट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है। इसके लिए आठ क्रय एजेंसियां निर्धारित की गई हैं जोकि 4500 क्रय केंद्रों पर खरीद करेंगी। सरकार ने PCF, PCU, UPSS, मंडी परिषद, FPO, FPC, NCCF और नैफेड को खरीद की जिम्मेदारी दी है।  

बिहार के यात्रियों को झटका, जंतर-मंतर प्रदर्शन के चलते दिल्ली रूट की 4 ट्रेनें रद्द

आरा(भोजपुर) दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे आरा और भोजपुर के यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले प्रदर्शन के मद्देनजर रेलवे ने दिल्ली की ओर जाने वाली चार प्रमुख ट्रेनों का परिचालन रद्द करने का निर्णय लिया है। इनमें राजधानी एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों के रद्द रहने से यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। आरा जंक्शन से सफर करने वालों पर पड़ेगा असर दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले आरा जंक्शन से दिल्ली की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को अब दूसरे विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं। रेलवे के इस फैसले का असर केवल आरा ही नहीं, बल्कि भोजपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों से दिल्ली जाने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है। दिल्ली बिहार से आने-जाने वाले यात्रियों का प्रमुख गंतव्य है। ऐसे में चार प्रमुख ट्रेनों का परिचालन रद्द होने से यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है। खासकर पहले से टिकट बुक करा चुके यात्रियों के लिए ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी होगा। राजधानी, मगध और संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस भी रद्द रेलवे के निर्णय के तहत राजधानी एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस का परिचालन प्रभावित रहेगा। इन ट्रेनों से दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। त्योहारों, नौकरी, पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों के सिलसिले में दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा का समय और साधन दोबारा तय करना पड़ सकता है। यात्रियों को दूसरी ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता और उनके परिचालन की स्थिति भी जांचनी चाहिए। पूर्व मध्य रेलवे ने दी फैसले की जानकारी हाजीपुर स्थित पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने ट्रेनों के परिचालन को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मद्देनजर रेलवे की ओर से यह निर्णय लिया गया है। रेलवे के अनुसार, इसके तहत राजधानी एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस का परिचालन रद्द रहेगा। हालांकि, यात्रियों को संबंधित ट्रेन की तारीख और परिचालन से जुड़ी आधिकारिक सूचना की पुष्टि कर लेनी चाहिए। स्टेशन जाने से पहले जरूर जांच लें ट्रेन का स्टेटस रेलवे ने यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है। इससे स्टेशन पहुंचने के बाद होने वाली अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है। दिल्ली जाने वाले यात्री रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) या रेलवे हेल्पलाइन के माध्यम से ट्रेन का स्टेटस जांच सकते हैं। साथ ही, वैकल्पिक ट्रेनों की उपलब्धता की जानकारी लेकर ही यात्रा की योजना बनाना बेहतर होगा।

राजस्थान: मुख्य सचिव ने की समीक्षा बैठक, साइबर अपराध रोकने और पीड़ितों को तुरंत राहत देने पर जोर

जयपुर  मुख्य सचिव  वी. निवास ने शुक्रवार को बूंदी जिला कलक्ट्रेट सभागार में जल संचय-जल संवर्धन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान, सिंचाई तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की विभिन्न पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के विभिन्न चरणों में हुए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अभियान के तहत वन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का उपवन संरक्षक को स्वयं नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा कर आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने हिण्डोली-नैनवां, गरड़दा और नवनेरा पेयजल परियोजनाओं सहित ईआरसीपी के तहत संचालित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न परियोजनाओं में संवेदकों के लंबित भुगतान संबंधी प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कर कार्यों को गति देने को कहा। जल संचय-जल संवर्धन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकाधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने, कार्यों का नियमित निरीक्षण करने तथा गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत गांवों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली। मुख्य सचिव ने किया साइबर थाने का निरीक्षण मुख्य सचिव  वी. निवास ने शुक्रवार को बूंदी साइबर पुलिस थाने का निरीक्षण कर साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के लिए की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने थाने के स्वागत कक्ष और अनुसंधान कक्ष का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने साइबर थाने में दर्ज प्रकरणों के निस्तारण, अनुसंधान, आरोपियों की गिरफ्तारी, कार्यप्रणाली तथा विभिन्न पोर्टलों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय तथा समय पर सूचनाओं के आदान-प्रदान से पीड़ितों की मेहनत की कमाई बचाई जा सकती है। इस दौरान संभागीय आयुक्त व कोटा जिला कलक्टर  पीयूष समारिया, पुलिस महानिरीक्षक कोटा  हरेन्द्र महावर, जिला कलक्टर  हरफूल सिंह यादव, जिला पुलिस अधीक्षक  अवनीश कुमार शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर  एच.डी. सिंह, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी चारू, अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग)  रमेश देव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

‘रणबाली’ का ट्रेलर रिलीज, विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की फिल्म में दिखेगा एक्शन-रोमांस

विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना स्टारर फिल्म 'रणबाली' 16 अक्टूबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. राहुल सांकृत्यायन के डायरेक्शन में बनी यह एक्शन फिल्म आजादी से पहले के भारत की पृष्ठभूमि में एक बहादुर योद्धा की कहानी दिखाती है. रिलीज से पहले, मेकर्स ने फिल्म से जुड़ा ट्रेलर बीते दिन जारी कर दिया है. 3 मिनट 56 सेकंड लंबे इस ट्रेलर में एक ऐसी दुनिया दिखाई गई है, जहां लोग ब्रिटिश जालिम हुकूमत के तहत पीड़ित हैं. जब गरीब लोग अकाल से जूझ रहे होते हैं, तो देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त एक योद्धा अपने लोगों को बचाने का बीड़ा उठाता है और तमाम मुश्किलों के बावजूद एक जबरदस्त लड़ाई की तैयारी करता है. रणबाली का ट्रेलर रिव्यू ट्रेलर में कहानी का बड़ा दायरा साफ दिखता है, और प्रोडक्शन वैल्यू व विजुअल्स कहानी के अनुरूप हैं. हालांकि, एडिटिंग में कोई खास हाई पॉइंट नहीं है, और कभी-कभी कुछ घिसे-पिटे तरीके भी नजर आते हैं. इसके अलावा, 'एक ही' रक्षक (मसीहा) का कॉन्सेप्ट और आध्यात्मिक जागृति का संकेत कुछ हद तक घिसा-पिटा लगता है. ट्रेलर देखकर ये पता चलता है कि फिल्म जरूरत से ज्यादा ड्रामैटिक लगती है. हाल ही में नानी की फिल्म 'द पैराडाइज' में भी ऐसा ही देखा गया था, जो बहुत शोर-शराबे वाली थी और उसमें कोई गहराई नहीं थी. 'रणबाली' के ट्रेलर में भारतीयों की अंग्रेजों द्वारा बेरहमी से हत्या होते हुए भी दिखाया गया है. जो थोड़े विचलित भी करते हैं. लेकिन, ऐसा लगता है कि दर्शकों में भावनाएं जगाने के लिए यह जबरदस्ती किया गया है. जब हिंसा का इस्तेमाल सिर्फ चौंकाने के लिए किया जाता है, तो उसका असर कम हो जाता है और वह दर्शकों में वैसी भावनाएं नहीं जगा पाती जैसी उम्मीद की जाती है. हाल के सालों में कई फिल्मों में इसी तरह हिंसा का इस्तेमाल किया गया है, और अब तो यह दर्शकों को असंवेदनशील बनाने की हद तक पहुंच गया है. हालांकि, फाइनल कट या रिलीज होने तक पहले कहानी और किरदारों के विकास का गहराई से विश्लेषण करना जल्दबाजी होगी. रश्मिका-विजय का दिखेगा रोमांस विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपनी केमिस्ट्री दिखाएंगे, और उनके फैन्स को फिल्म के एक्शन के साथ रोमांस का मेल पसंद आने की उम्मीद है. साथ ही, 'द ममी' के एक्टर अर्नोल्ड वोस्लो मुख्य विलेन की भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि वह फिल्म के असली विलेन वाले किरदार को कितनी प्रभावी ढंग से निभाते हैं. यहां देखिए फिल्म का ट्रेलर 'रणबाली' 19वीं सदी के दक्षिण भारत पर आधारित है और एक निडर योद्धा की कहानी है जो अपने लोगों को भूख और शोषण से पीड़ित देखने के बाद ब्रिटिश औपनिवेशिक दमन के खिलाफ आवाज उठाता है. अपनी पत्नी जयाम्मा के साथ मिलकर, रणबाली बेरहम ब्रिटिश कमिश्नर सर थियोडोर हेक्टर के खिलाफ जबरदस्त प्रतिरोध का नेतृत्व करता है; वह अपनी कम्युनिटी की रक्षा के लिए औपनिवेशिक अनाज की सप्लाई पर छापे मारता है और गुरिल्ला हमले करता है. विजय और रश्मिका का वर्क फ्रंट विजय देवरकोंडा 'राउडी जनार्दन' में भी नजर आएंगे, जो रवि किरण कोला द्वारा निर्देशित एक एक्शन ड्रामा है और जिसमें कीर्ति सुरेश भी उनके साथ हैं. शुरुआत में यह फिल्म दिसंबर 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अभी तक इस बारे में कोई नया अपडेट नहीं आया है. एक्टर ने 'हाय नन्ना' के डायरेक्टर शौर्युव के साथ भी एक प्रोजेक्ट की घोषणा की है. फिलहाल 'VDxShouryuv' नाम वाली यह फिल्म एक रोमांटिक-एक्शन फिल्म बताई जा रही है, जिसके गाने और बैकग्राउंड म्यूजिक हेशम अब्दुल वहाब ने तैयार किए हैं. वहीं, रश्मिका मंदाना रविंद्र पुल्ले के डायरेक्शन में बन रही एक्शन फिल्म 'म्यसा' (Mysaa) में मुख्य भूमिका निभाएंगी. यह फिल्म 27 नवंबर 2026 को रिलीज होने वाली है. ऐसी भी चर्चा है कि वह अल्लू अर्जुन और दीपिका पादुकोण की फिल्म 'राका' (Raaka) का हिस्सा होंगी, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है.

बिहार में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी, अपराधियों की जिलावार सूची बनाएगी पुलिस

पटना बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके तहत अपराधियों की जिलावार और थानावार सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। आदतन अपराधियों और समाज में अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के तहत भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को अपराध नियंत्रण और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। आदतन अपराधियों पर पुलिस की रहेगी विशेष नजर बैठक में अपराधियों की पहचान और उनकी गतिविधियों की निगरानी को लेकर विशेष रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। जिलावार और थानावार सूची तैयार होने से पुलिस को अपने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों पर नजर रखने और उनके खिलाफ समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। आदतन अपराधियों और शांति व्यवस्था के लिए खतरा बनने वाले तत्वों के विरुद्ध CCA के तहत कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया। इसका उद्देश्य अपराध पर नियंत्रण के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। डायल-112 का रिस्पांस टाइम घटाने पर जोर कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 की कार्यक्षमता बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिकायत या आपात सूचना मिलने पर पुलिस कम से कम समय में मौके पर पहुंचे रिस्पांस टाइम घटाने से आपात स्थितियों में लोगों को जल्द सहायता उपलब्ध कराने और पुलिस की त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है। सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ाने का निर्देश बैठक में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सामग्री और उससे कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की निगरानी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखते हुए कानून के दायरे में जरूरी कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर भ्रामक या अशांति फैलाने वाली सामग्री के मामलों में समय रहते कार्रवाई करना भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्ती प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता और गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने और गड़बड़ी में शामिल लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए पुलिस और संबंधित अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, आपातकालीन सहायता और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए