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झारखंड में सामान्य से 50% कम बारिश, खेती और जलाशयों पर गहराया संकट

रांची झारखंड में अलनीनो का असर गहराता जा रहा है. बीते साल राज्य में मॉनसून बेहतर था. पिछले साल अब तक राज्य में 417 मिमी बारिश हो गई थी. इस वर्ष अब तक मात्र 129 मिमी ही बारिश हुई है. राज्य में कम बारिश का असर खेती-बारी के साथ-साथ जलाशयों में भी दिख रहा है. बीते साल इस समय से खरीफ में करीब 31 फीसदी खेतों में रोपा हो गया था. इस वर्ष अब तक जिलों में रोपा भी शुरू नहीं हो पाया है. विभागीय मंत्री हर 15 दिनों में खरीफ खेती की तैयारी की समीक्षा कर रही है. रांची में 205, गढ़वा जिले में सिर्फ 18 मिमी बारिश बीते साल रांची और पश्चिम सिंहभूम में जुलाई के पहले सप्ताह तक 600 मिमी से अधिक बारिश हो गयी थी. इस वर्ष रांची में अब तक 205 मिमी बारिश हुई है. वहीं, पश्चिम सिंहभूम में अब तक मात्र 136 मिमी ही बारिश हुई है. इस वर्ष तो गढ़वा में मात्र 18 मिमी ही बारिश हुई है. वहीं, इस वर्ष राज्य में सामान्य से भी करीब 45 मिमी बारिश हुई थी. राज्य के एक भी जिले में सामान्य बारिश नहीं हुई है. सभी जिलों की स्थिति खराब है. झारखंड में बारिश की कमी से धान की रोपाई हुई कम बीते साल (2025) में जुलाई के पहले सप्ताह में 95 हजार हेक्टेयर में धान लग गया था. इस वर्ष राज्य के अधिसंख्य जिलों में अब तक धान लगना चालू भी नहीं हुआ है. अब तक मात्र तीन हजार हेक्टेयर में ही धान लग पाया है. यह संताल परगना के जिले हैं. कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2025 में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल में 70 हजार हेक्टेयर में धान का रोपा जुलाई के पहले सप्ताह में ही हो गया था. कोल्हान में भी करीब 14 हजार हेक्टेयर में धान लग गया था. क्या कहना है मंत्री का ? कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा है कि अलनीनो के कारण झारखंड में सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गयी है. यह चिंता का विषय है. हालांकि सरकार ने समय रहते सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. झारखंड देश का पहला राज्य है, जिसने संभावित सुखाड़ को देखते हुए सबसे पहले अपना कंटिन्जेसी प्लान केंद्र सरकार को उपलब्ध कराया है.

सपने में सांप दिखना शुभ या अशुभ? स्वप्न शास्त्र में छिपे हैं कई संकेत

 सोते समय सपने देखना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन स्वप्न शास्त्र के अनुसार, हर सपने का एक विशेष अर्थ और भविष्य से जुड़ा संकेत होता है. अक्सर लोग सपने में सांप (Snake) को देखकर डर जाते हैं और इसे केवल एक बुरा सपना मान लेते हैं. हालांकि, स्वप्न शास्त्र में सांप के दिखने को हमेशा अशुभ नहीं माना जाता है. सांप का सपना आपको आने वाले संकट से सावधान भी कर सकता है और अचानक मिलने वाली बड़ी सफलता का संकेत भी दे सकता है. तो आइए सद्गुरु से जानते हैं सपने में सांप की अलग-अलग स्थितियां किस बात का इशारा करती हैं. सपने में सांप का दिखना कब होता है शुभ? 1. सांप को पकड़ना या मारना सद्गुरु के मुताबिक, यदि आप सपने में खुद को सांप पकड़ते हुए देखते हैं, तो यह एक बेहद शुभ संकेत है. इसका अर्थ है कि आपको जल्द ही अपने शत्रुओं पर विजय मिलने वाली है. कोई पुराना रुका हुआ काम पूरा होगा. वहीं, सांप को मारना आने वाले संकट के टलने का सूचक है. 2. शिवलिंग पर लिपटा हुआ सांप देखना शिवलिंग पर सांप का लिपटा हुआ दिखना साक्षात महादेव की कृपा का संकेत है. इसका मतलब है कि आपकी कोई बड़ी मनोकामना जल्द ही पूरी होने वाली है. आपको करियर या व्यापार में बड़ा लाभ मिल सकता है. 3. सफेद या सुनहरे रंग का सांप सपने में सफेद या चमकीला सांप देखना भाग्य चमकने की निशानी है. यह इस बात का संकेत है कि आपको अचानक कहीं से गुप्त धन या पैतृक संपत्ति मिल सकती है. सपने में सांप का दिखना कब होता है अशुभ? 1. सांप का काटना (Snake Bite) यदि सपने में सांप आपको काट लेता है, तो स्वप्न शास्त्र के अनुसार इसे एक चेतावनी माना जाता है. यह संकेत देता है कि आने वाले समय में आप किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं या आपको कोई बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है. ऐसे में सेहत और पैसों के मामलों में सावधानी बरतें. 2. बहुत सारे सांप एक साथ देखना अगर सपने में आपको एक साथ कई सारे सांप रेंगते हुए दिखाई दें, तो यह मानसिक तनाव और भविष्य में आने वाली परेशानियों का संकेत है. यह इस बात को भी दर्शाता है कि आपके गुप्त शत्रु आपको नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहे हैं. 3. सांप और नेवले की लड़ाई सपने में सांप और नेवले की लड़ाई देखना कोर्ट-कचहरी के मामलों या किसी कानूनी विवाद में फंसने का इशारा करता है. यह आने वाले समय में किसी के साथ बड़े वाद-विवाद का संकेत भी हो सकता है. कुंडली में कालसर्प दोष का भी है संकेत यदि किसी व्यक्ति को बार-बार सपने में सांप दिखाई देते हैं, खासकर उड़ते हुए या पीछा करते हुए सांप, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह कुंडली में 'कालसर्प दोष' या 'पितृदोष' का लक्षण हो सकता है. ज्योतिषीय उपाय यदि सांप के सपनों से मानसिक अशांति बढ़ रही हो, तो सोमवार के दिन भगवान शिव का दूध से अभिषेक करें और 'ऊं नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें. इसके अलावा, नागपंचमी या किसी शुभ मुहूर्त पर बहते पानी में चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा प्रवाहित करने से भी इस दोष से राहत मिलती है.

बिहार के बड़े पुलों से गुजरना होगा महंगा, 94 पुलों पर टोल वसूली की तैयारी

पटना बिहार मं अब 250 मीटर से अधिक लंबे पुलों से गुजरने पर टोल टैक्स चुकाना होगा। जी हां, सरकार ने इसके लिए सर्वेे का काम शुरू भी कर दिया है। दरअसल सरकार स्टेट हाईवे के उन पुलों पर ही टोल टैक्स की वसूली करेगी, जो 250 मीटर से अधिक लंबे हैं। पथ निर्माण विभाग के अधीन ऐसे पुलों की संख्या 94 है। विभाग इन पुलों का सर्वे करा रहा है, जिसके बाद यह तय किया जाएगा कि इनमें किन-किन पुलों पर टोल टैक्स लिया जाएगा। पुलों की लंबाई के आधार पर टोल टैक्स की राशि तय की जाएगी। सर्वे के दौरान पुल के साथ-साथ उसके एप्रोच रोड की लंबाई भी मापी जाएगी। राज्य मंत्रिमंडल ने एक जुलाई की बैठक में राज्य की सड़कों और पुलों के बेहतर रखरखाव के लिए ‘बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली’ को मंजूरी दी है। इसके तहत राष्ट्रीय उच्चपथ की तर्ज पर राज्य के स्वामित्व वाली सड़कों और बड़े पुलों पर भी टोल टैक्स वसूला जाएगा। छोटे वाहनों के लिए टोल की दर 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, हर एक पुल का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें यह देखा जा रहा है कि कितने वाहन इन पुलों पर से रोज गुजरते हैं। इनमें कितने शहर में हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा से इन पुलों की दूरी कितनी है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा, किन-किन पुलों पर से टोल टैक्स लेना है। टोल टैक्स वसूलने की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को दी जाएगी। 250 मीटर से ज्यादा लंबाई वाले पुलों की संख्या गया और पटना जिले में ज्यादा हैं। पटना के आसपास ही दो बड़े पुल कच्ची दरगाह-बिदुपुर और बख्तियारपुर-ताजपुर पुल है। राज्य सरकार को सबसे अधिक राजस्व देने वाली एजेंसी को यह जिम्मेवारी मिलेगी। इसके लिए स्टेट हाईवे और बड़े पुलों की नीलामी होगी। अधिक दबाव वाली सड़क और पुलों का चयन टोल के लिए किया जाएगा। टोल प्लाजा के समीप रहने वालों को पथकर में रियायत देगी राज्य सरकार विभागीय पदाधिकारी के मुताबिक, भविष्य में सड़कों का रख-रखाव और बेहतरीन ढंग से हो, नई-नई सड़कें विकसित हों, इसी मकसद से टोल टैक्स वसूलने की नीति बनायी गई है। जहां भी टोल टैक्स के लिए केंद्र बनेगा, वहां के आस-पास के लोगों को इससे राहत दी जाएगी। टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को रियायती पास जारी किये जाएंगे। नियमित दौर पर सफर करने वालों के वाहनों के लिए एकमुश्त राशि लेकर वार्षिक पास भी जारी किये जायेंगे। देश के सभी विकसित और बड़े राज्यों में उनकी अपनी टोल टैक्स की नीति लागू है। इनमें महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि राज्य शामिल हैं। इन बड़े पुलों पर चुकाना होगा टोल 1. कच्चीदरगाह-बिदुपुर पुल 2.बख्तियारपुर-ताजपुर पुल 3.दरभंगा-करेह नदी पुल 4.नवगछिया- कोसी नदी पुल 5.फुलतौरा घाट-खगड़िया 6.गया-फल्गु नदी पुल 7.नालंदा – सकरी नदी पुल 8.आरा-छपरा गंगा नदी पुल 9.सहरसा में बलुआहा घाट 10.गोपालगंज और बेतिया

शनि देव 27 जुलाई 2026 को कुंभ राशि में वक्री, कई राशियों पर संकट के संकेत

ज्योतिष शास्त्र में न्याय के देवता माने जाने वाले शनि देव 27 जुलाई 2026 को कुंभ राशि में वक्री (उल्टी चाल) होने जा रहे हैं. शनि की यह उल्टी चाल 18 नवंबर 2026 तक रहेगी. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, वक्री होने पर शनि देव अत्यधिक बलवान और क्रूर हो जाते हैं, जिससे कई राशियों के लिए दुर्घटना, धन हानि और मानसिक तनाव के योग बनते हैं. अगर आपकी राशि नीचे दी गई लिस्ट में है, तो अगले कुछ महीने आपको फूंक-फूंक कर कदम रखना होगा. 1. कुंभ राशि (Aquarius): मानसिक तनाव और सेहत में गिरावट शनि देव आपकी ही राशि में वक्री हो रहे हैं, जिससे आप पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है. इस अवधि में आपको अज्ञात भय, अनिद्रा और भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है. सेहत को लेकर बिल्कुल लापरवाही न बरतें. कार्यक्षेत्र में आपकी एक छोटी सी गलती बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है. 2. मकर राशि (Capricorn): धन हानि और पारिवारिक कलह मकर राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम दौर चल रहा है और शनि आपके धन भाव में वक्री होंगे. आर्थिक मामलों में यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण रहेगा. अवांछित खर्चों के कारण बजट बिगड़ सकता है. फंसा हुआ धन डूबने की आशंका है. इस दौरान किसी को भी उधार देने से बचें. वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा परिवार में संपत्ति को लेकर बड़ा विवाद हो सकता है. 3. मीन राशि (Pisces): कोर्ट-कचहरी के चक्कर और बढ़ता कर्ज मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है और शनि आपके द्वादश (12वें) भाव में वक्री हो रहे हैं. अस्पताल के खर्चों और कानूनी मामलों में आपका मोटा पैसा बर्बाद हो सकता है. व्यापार में पार्टनर से धोखा मिलने के योग हैं. नया निवेश या नया बिजनेस शुरू करने की भूल बिल्कुल न करें. कर्ज लेने या देने से पूरी तरह बचें. 4. कर्क राशि (Cancer): कार्यक्षेत्र में राजनीति और बदनामी का डर कर्क राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव है और शनि आपके अष्टम भाव (आठवें घर) में वक्री हो रहे हैं. नौकरीपेशा लोगों को ऑफिस पॉलिटिक्स (राजनीति) का शिकार होना पड़ सकता है. आपके बने-बनाए काम ऐन वक्त पर बिगड़ सकते हैं. वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें, दुर्घटना के योग हैं. गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें. अपनी गुप्त बातें किसी से शेयर न करें. 5. वृश्चिक राशि (Scorpio): माता की सेहत की चिंता और घरेलू अशांति वृश्चिक राशि पर भी शनि की ढैय्या चल रही है और शनि आपके चतुर्थ भाव (सुख स्थान) में वक्री चाल चलेंगे. घर का माहौल अशांत रह सकता है. सुख-सुविधाओं में कमी आएगी.  प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में बड़ा नुकसान हो सकता है. माता जी के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें. नया मकान या जमीन खरीदने का फैसला कुछ समय के लिए टाल दें. नुकसान और संकट से बचने के 3 अचूक उपाय शनिवार का व्रत और दान: शनिवार के दिन काली उड़द, काला कपड़ा या तिल का दान किसी जरूरतमंद को करें. सरसों के तेल का दीपक: हर शनिवार सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. महामृत्युंजय मंत्र: यदि सेहत में लगातार गिरावट आ रही हो, तो रोज सुबह महामृत्युंजय मंत्र का 11 बार जाप करें. इससे शनि का नकारात्मक प्रभाव कम होता है.

करौली में किसानों का ऐलान, 30 दिन में मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन

 करौली पांचना बांध को लेकर करौली जिले के गुनेसरी स्थित तुलसीपुरा मोड़ पर रविवार को किसानों की पंचायत हुई. जिसमें बांध से लिफ्ट परियोजना के माध्यम से 24 गांवों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई. पंचायत में गोपालपुर, धांधुपुरा, गुनेसरी, आनंदगढ़, देहमौली, कीरतपुरा, सायपुर, सेसरीपुरा, हजारीपुरा, रतनपुर, रघुवंशी, मोहनपुर, विंदापुरा, पितरामपुरा, भोलूपुरा, जगतपुरा, खांडेपुरा, नयाबास, खूबपुरा, रतिपुरा, मकनपुर, मल्हापुरा, हाथीपुरा समेत अन्य गांवों के पंच-पटेल और किसान शामिल हुए. इस दौरान किसानों ने कहा कि क्षेत्र में सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं होने से खेती प्रभावित हो रही है, इसलिए पांचना बांध से लिफ्ट परियोजना के जरिए पानी उपलब्ध कराया जाए. कल मंत्री को ज्ञापन सौपेगी समिति किसानों की पंचायत में 11 सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया. समिति सोमवार दोपहर 12 बजे करौली सर्किट हाउस में गृहमंत्री जवाहर सिंह बेढम और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत को ज्ञापन सौंपेगी. ज्ञापन में सरकार को मांगों के समाधान के लिए 30 दिन का समय दिया जाएगा. अगर इन 30 दिनों में किसानों की मांगे पूरी नहीं हुईं तो 30 दिन बाद तुलसीपुरा मोड़ पर पुन बड़ी बैठक आयोजित कर आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी. किसानों की बैठक में क्या निर्णय हुआ? हमारी संघर्ष समिति का नाम " जल संघर्ष समिति वजीरपुर रोड " रहेगा. आगे की कमान संभालने के लिए एक कार्य समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें 18-20 लोगों का प्रतिनिधित्व रहेगा. वर्तमान में क्षेत्र के लोगों को पानी के लिए दर दर की ठोकर खाना पड़ रहा है, निरंतर गिरते भूजल से भविष्य में पेयजल का संकट और भयावह हो जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ी को जल के लिए संघर्ष करना पड़ेगा. हमारी प्रमुख मांग- पशु व कृषि प्रधान क्षेत्र होने से आजीविका का एकमात्र साधन है, इसलिए पेयजल और सिचाई हेतु जल का प्रबंध किया जाए. इसके लिए पांचना लिफ्ट परियोजना का विस्तार कर उसी में जोड़ा जाना सबसे अच्छा विकल्प है. हमारी मांगों के लिए सरकार और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के लिए सोमवार 6 जुलाई को संबंधित मंत्री और सम्बन्धित प्रतिनिधियों को समिति के सदस्यों द्वारा ज्ञापन दिया जाएगा. किसान ने कहा कि अगर अगले 15 दिन में या 21 जुलाई तक ठोस कार्य योजना और कार्रवाई नहीं होती है तो 24 गांवों के नेतृत्व में   'जल संघर्ष समिति वजीरपुर रोड' के द्वारा आगामी कार्य योजना का निर्धारण किया जाएगा. इस सबंध में अलग से समय और स्थान का निर्धारण कर सूचित किया जाएगा. 28 गावों के पंच-पटेले हुए इकट्ठा किसान नेता सियाराम गुर्जर ने बताया कि यह कोई सभी नहीं थी. हमारे 28 गांवों के एक-एक दो-दो आदमी जो चुनिंदा लोग थे, वह यहां बुलाए थे. यह आम सभा नहीं थी. हम लोगों ने यहां डिसीजन लिया है. हमने एक 11 सदस्य एक संघर्ष समिति का गठन किया है. उसके बाद में हमारे सब पंच पटेलों ने ये निर्णय लिया है कि आगामी कोई तारीख अभी हमने फिक्स नहीं की. शायद हो सके तो महीना भर के बाद में. एक महीने के बाद में फिर दोबारा यही इसी जगह पर एक मीटिंग और लेंगे. सियाराम गुर्जर ने कहा कि हमारी डिमांड पानी की है. हमें पानी चाहिए. हमारा जल स्तर नीचे जा चुका है और जब तीन जगह पानी पांचने में जा सकता है तो हमारा भी हक बनता है कि हमें भी नहरों के द्वारा पानी चाहिए. किसान नेताओं ने आगामी तैयारी के बारे में बताया कि हम कल सिंचाई मंत्री और प्रभारी मंत्री जवाहर मैडम को कलेक्टेट में ज्ञापन सौंपेंगे और उसके बाद में वह हमें क्या आश्वस्त करते हैं, उनकी तरफ हम देखेंगे क्या होता है. किसान नेता राजेश चतुर्वेदी ने कहा कि आज हमारी मीटिंग हुई है. इसमें सिर्फ 28 गांव के पंच पटेलों को हमने एकत्रित किया है. ना कि हमारी कोई महापंचायत है, ना कोई बड़ी किसान पंचायत है. इसलिए आपको संख्या बल भी कम दिख रहा है और हमारी मेन डिमांड है पानी की. लिफ्ट योजना जब तीन जगह जा रही है तो चौथी जगह हमको भी क्यों नहीं मिला, पानी हमारा अधिकार है.

योगी सरकार की सौगात, 1.60 लाख होमगार्डों को कैशलेस इलाज और शिक्षकों को 1 करोड़ का बीमा

लखनऊ यूपी में अब होमगार्ड और उनके परिवार वालों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ कैबिनेट सरकार इस पर फैसला लेने जा रही है। सोमवार को योगी कैबिनेट की बैठक में नई स्टार्टअप नीति, होमगार्ड को कैशलेज इलाज समेत 21 से ज्यादा प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। फैसले से यूपी के 1.60 लाख से ज्यादा होमगार्डों और उनके आश्रितों को फायदा होगा। कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रिसमूह की भी बैठक होगी। अगले छह महीने में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए मंत्री समूह की बैठक में उन्हें सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए जा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक तकरीबन 21 से ज्यादा प्रस्ताव कैबिनेट के सामने चर्चा के लिए रखे जाएंगे। यूपी लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन बढ़ाए जाने का भी प्रस्ताव रखा जाएगा। कैबिनेट प्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहन के लिए नई स्टार्टअप नीति को भी मंजूरी देगी। नए स्टार्टअप के लिए सब्सिडी और कई तरह की रियायतें दी जाएंगी। विधानसभा चुनाव से पहले शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी रखे जाने का भी प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा। तीन जिलों में विश्वविद्यालय की स्थापना का भी प्रस्ताव है। कैबिनेट मदरसा शिक्षा परिषद के अनुदानित अरबी फारसी मदरसों में शिक्षकों को सेवानिवृत्ति की आयु से पहले असामयिक मृत्यु की दशा में देय ग्रेच्युटी के भुगतान का प्रस्ताव मंजूर हो सकता है। पांच लाख तक इलाज कैशलेस होमगार्ड को कैशलेस की सुविधा मिलने पर पांच लाख तक का इलाज मुफ्त हो सकेगा। यूपी में अभी करीब 1.18 लाख होमगार्ड हैं। 41 हजार से अधिक होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस तरह इस सुविधा का लाभ करीब 1.60 लाख से अधिक होमगार्ड और उनके परिजनों को इसका लाभ मिलेगा। शिक्षकों और कर्मचारियों को एक करोड़ का दुर्घटना बीमा यूपी के शिक्षकों और परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक के कर्मचारियों को एक करोड़ रुपये तक दुर्घटना बीमा का लाभ मिलेगा। सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के साथ एमओयू करेगा। इससे 10 लाख स्थाई व संविदा शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयां और अन्य कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। आठ जुलाई को वाराणसी में होने वाले कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड व डीबीटी वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में एसबीआई से एमओयू किया जाएगा। इससे 4.50 लाख स्थाई व 5.50 लाख अस्थाई शिक्षक-कर्मियों को इसका लाभ दिलाया जाएगा। जिन स्थाई कर्मियों का वेतन 10 हजार से अधिक है, उन्हें 10 लाख का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। वहीं इसके साथ ही एक करोड़ का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर, एक करोड़ का स्थायी दिव्यांगता बीमा कवर और 1.60 करोड़ रुपये तक का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। अनहोनी पर बच्चों की शिक्षा बेटियों की शादी का इंतजाम इसके साथ ही किसी भी तरह की अनहोनी की स्थिति में कर्मियों के बच्चों की शिक्षा व बेटियों की शादी के लिए एडऑन कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे शिक्षक-कर्मियों के परिवार को भी आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। दूसरी ओर जिन कर्मियों का वेतन खाता पहले ही एसबीआई में खुला है उनका खाता सैलेरी पैकेज में बदला जाएगा। जिनका खाता एसबीआई में नहीं है, उन्हें इसमें खोलने को प्रेरित किया जाएगा, जिससे वह इसका लाभ ले सकें। संविदा कर्मियों का 30 लाख का दुर्घटना बीमा एमओयू के तहत 10 हजार से अधिक मासिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मियों को 30 लाख व आंशिक विकलांगता होने पर 15 लाख का बीमा कवर दिया जाएगा। स्थायी विकलांगता की स्थिति में 30 लाख व आंशिक विकलांगता की स्थिति में 15 लाख का इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। वहीं इसके लिए एयर एक्सीडेंट की स्थिति में 30 लाख का इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। किसी भी तरह की अनहोनी होने पर बच्चों की पढ़ाई के लिए व बेटियों की शादी के लिए भी एडऑन कवर दिया जाएगा। 10 हजार से कम मासिक वेतन पाने वाले कर्मियों को जीरो बैलेंस खाते व रुपये डेबिट कार्ड के आधार पर एक लाख का इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा।

भागलपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा और सीतामढ़ी में जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण पर प्रतिबंध

पटना बिहार में बनने वाले अलग-अलग टाउनशिप को लकर सम्राट चौधरी सरकार बेहद गंभीर नजर आ रही है। अब बिहार सरकार ने राज्य की चार ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके तहत भागलपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा और सीतामढ़ी में बनने वाले सेटेलाइनट टाउनशिप में यह रोक 30 जून 2027 तक प्रभावी रहेगी। बिहार सरकार के नगर विकास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। यह भी कहा गया है कि इस प्रतिबंध के दौरान अगर जमीन की किसी तरह की कोई खरीद-फरोख्त की जाती है तो इसपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर विकास विभाग ने इस दौरान टाउनशिप में किसी प्रकार के नए निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा दी है। जमीन खरीद-बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही अब चारों टाउनशिप के मास्टर प्लान बनाने का काम शुरू होगा। विभाग ने शनिवार (4 जुलाई) को इस संबंध मं अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि प्रतिबंध के दौरान अधिसूचित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, जमीन हस्तांतरण, भूमि के विकास और भवन निर्माण से संबंधित किसी भी प्रकार के कार्य नहीं किए जा सकेंगे। नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई यह भी कहा गया है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियम का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह कार्यवाही शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 की धारा 9(7) तथा बिहार शहरी आयोजना तथा विकास नियमावली, 2014 के तहत की है। इस निर्णय का उद्देश्य चारों शहरों के प्रस्तावित टाउनशिप क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना और भविष्य की शहरी जरूरतों के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित करना है। बता दें कि डेहरी सहित कुल 12 टाउनशिप विकसित किया जा रहा है। सात शहरों में पहले लग चुकी है रोक बता दें कि इससे पहल राज्य सरकार ने इससे पहले 23 अप्रैल को 11 टाउनशिप में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक लगाई थी। उसके बाद 24 अप्रैल को सात शहरों पटना, सोनपुर, गयाजी, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में 31 मार्च 2027 तक रोक का आदेश जारी किया गया था। तब जमीन मालिकों ने आर्थिक जरूरत में जमीन बेचने की अनुमति मांगी। सरकार ने जून 2026 में राहत देते हुए आवास बोर्ड को जमीन खरीदने के लिए अधिकृत किया था। यानी इच्छुक किसान आवास बोर्ड मुख्यालय पटना में एमडी के नाम से जमीन बेचने का आवेदन दे सकते हैं। दस्तावेज की जांच के बाद संबधित जिलाधिकारी जमीन का मूल्य तय करेंगे। अब विभाग ने 4 जुलाई को चार टाउनशिप में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक की अधिसूचना जारी की है।

वन, वन्यजीव और पर्यावरण कानूनों के प्रभावी पालन के लिए न्यायिक-प्रशासनिक समन्वय पर जोर

वन, वन्यजीव और पर्यावरण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए न्यायिक एवं प्रशासनिक समन्वय ज़रूरी मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी में दो दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न भोपाल मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी (एमपीएसजेए), जबलपुर में 4 एवं 5 जुलाई को ‘वन, वन्यजीव और पर्यावरण कानूनों से जुड़े प्रमुख मुद्दे’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में वन विभाग के 15 वरिष्ठ अधिकारियों, 45 न्यायिक मजिस्ट्रेटों तथा 15 सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारियों (एडीपीओ) ने सहभागिता की। कार्यशाला का उद्देश्य वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में न्यायिक एवं प्रशासनिक समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाना था। प्रशिक्षण से वन अधिकारियों के कौशल का उन्नयन होगा, क्षेत्रीय कार्यों के निष्पादन में दक्षता बढ़ेगी तथा वन्यजीव अपराधों की प्रभावी विवेचना और डिजिटल साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में सहायता मिलेगी। इससे न्यायालयों में शासन का पक्ष और अधिक सशक्त रूप से रखा जा सकेगा। कार्यशाला का शुभारंभ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने किया। उद्घाटन सत्र में न्यायिक नवाचारों एवं संस्थागत समन्वय के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण तथा पर्यावरण न्याय को सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक श्रीमती समिता राजोरा, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक उमेश पांडे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संरक्षण) मनोज अग्रवाल, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व निदेशक हेमंत शर्मा सहित अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे। न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति न्यायपालिका की संवेदनशील भूमिका एवं न्यायिक नवाचारों की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2017 से अब तक उनके न्यायिक आदेशों के माध्यम से लगभग 3,500 मामलों में वृक्षारोपण के निर्देश दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप करीब 30 हजार पौधों का रोपण हुआ। उन्होंने बताया कि 129 मामलों में जमानत की विशेष शर्त के रूप में वाटर हार्वेस्टिंग कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सकारात्मक विचार के अंकुरण और जन-जागरूकता का भी माध्यम है। दो दिवसीय तकनीकी सत्रों में वन भूमि विवाद, जैव विविधता अधिनियम-2002, मध्यप्रदेश वन उपज अधिनियम, वन्यजीव फोरेंसिक तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के महत्व जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही वन अपराधों की जांच, तलाशी, जब्ती तथा वन्यजीव अपराधों से संबंधित मामलों में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रियाओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।  

अमृतसर में 11 किलो हेरोइन जब्त, पंजाब पुलिस का ड्रग्स माफिया पर बड़ा वार; तस्करी नेटवर्क खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां

 अमृतसर पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना घरिंडा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 11 किलो 960 ग्राम हेरोइन बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पंजाब को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए यह बड़ी खेप बरामद की गई। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है। तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू पुलिस ने इस मामले में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। जांच एजेंसियां इस तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुट गई हैं। पुलिस का सख्त संदेश और जनता से अपील पंजाब पुलिस का कहना है कि राज्य में नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और किसी भी सूरत में नशे के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी प्रकार की नशा तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समाज को नशे के जाल से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।  

बेथ मूनी और लिचफील्ड की शानदार साझेदारी, ऑस्ट्रेलिया ने जीता रिकॉर्ड सातवां खिताब

लंदन ऑस्ट्रेलिया ने महिला टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीत लिया है। फाइनल मुकाबले में टीम की भिड़ंत इंग्लैंड से थी। दोनों टीमों अजेय रहते हुए फाइनल तक पहुंची थी। खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट से अपने नाम किया। ऑस्ट्रेलिया ने 7वीं बार खिताब अपने नाम किया है। अन्य कोई भी टीम एक बार से ज्यादा खिताब नहीं जीत पाई है। इंग्लैंड को चौथी बार फाइनल में हार मिली है। हर बार उसके सामने ऑस्ट्रेलिया की ही टीम थी। पहले बैटिंग करते हुए फाइनल में इंग्लैंड ने 4 विकेट पर 150 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया ने आसानी से 18वें ओवर में मैच अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड ने पावरप्ले में दो विकेट गंवाए ऐतिहासिक लॉर्डस मैदान में खेले जा रहे मुकाबले में टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही थी। इंग्लैंड ने अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों को सस्ते में गंवा दिया। एमी जोंस 6 और डैनी व्याट 8 रन बनाकर आउट हुईं। 32 रन पर 2 विकेट गंवा चुकी इंग्लैंड को कप्तान नैट सीवर-ब्रंट और एलिस कैप्सी ने संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 35 रन की साझेदारी की। कैप्सी 20 गेंदों पर 23 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद इंग्लैंड को हेदर नाइट के रूप में चौथा झटका 70 के स्कोर पर लगा। नाइट महज 2 रन बनाकर आउट हो गईं। 70 पर 4 विकेट गंवा चुकी इंग्लैंड को कप्तान ब्रंट और छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आईं फ्रेया केम्प ने संभाला। दोनों ने नाबाद 80 रन की साझेदारी कर टीम को 150 तक पहुंचाया। केम्प ने 28 गेंदों पर 1 छक्का और 4 चौकों की मदद से 44 रन बनाकर नाबाद लौटीं। ब्रंट 53 गेंदों पर 5 चौकों की मदद से 58 रन बनाकर नाबाद रहीं। ऑस्ट्रेलिया के लिए किम गार्थ, लूसी हैमिल्टन, कप्तान सोफी मोलिनक्स और एनाबेल सदरलैंड ने 1-1 विकेट लिए। मूनी और लिचफील्ड के बीच शतकीय साझेदारी ऑस्ट्रेलिया को जॉर्जिया वोल के रूप में दूसरे ही ओवर में पहला झटका लग गया। लेकिन इसके बाद बेथ मूनी और फोएबी लिचफील्ड ने दूसरे विकेट के लिए 67 गेंदों पर 100 रनों की साझेदारी कर दी। लिचफील्ड के बल्ले से 35 गेंदों पर 48 रनों की पारी निकली। उन्होंने 6 चौके और दो छक्के मारे। वहीं मूनी ने अपनी फिफ्टी पूरी की। वह महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में दो फिफ्टी लगाने वाली पहली क्रिकेटर बन गई हैं। 49 गेंदों पर मूनी 64 रन बनाकर आउट हुई। एलिस पेरी ने 13 और एश्ले गार्डर ने 3 रन बनाकर टीम को जीत दिला दी।