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सोमवती अमावस्या 2026: स्नान-दान मुहूर्त, योग और शिव उपासना का विशेष महत्व

सोमवती अमावस्या बहुत ही चमत्कारी तिथि है. एक ऐसा दिन जब आप चंद्रमा के साथ-साथ भगवान शिव को भी प्रसन्न कर सकते हैं. महादेव और चंद्रमा का दिन होने की वजह से यह तिथि बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर किया गया व्रत दाम्पत्य सुख दिलाता है और जीवन में सफलता प्रदान करता है. इस दिन कुछ विशेष उपाय भी बताए गए हैं. अगर आपको 5 पत्तों वाला बिल्व पत्र मिल जाए, तो उनमें से तीन पत्रों पर "नमः शिवाय" और 108 बिल्व पत्रों पर "राम-राम" केसर और चंदन से लिखकर भगवान शिव के शिवलिंग का दिव्य श्रृंगार करें और महाभिषेक करें. ऐसा करने से आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. 5 पत्तों वाला बिल्व पत्र विशेष रूप से पूजनीय माना गया है, लेकिन चार पत्तों वाला बिल्व पत्र भी अत्यंत शुभ फल देता है. सोमवती अमावस्या स्नान-दान मुहूर्त द्रिक पंचांग के अनुसार, 15 जून यानी सोमवार के दिन सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी. सोमवती अमावस्या पर स्नान-दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 03 मिनट से लेकर सुबह 4 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. सोमवती अमावस्या शुभ योग इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण होने जा रहा है. जिसका मुहूर्त सुबह 5 बजकर 23 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 08 मिनट तक रहेगा. सोमवती अमावस्या महत्व शास्त्रों के अनुसार भी पूजा के अलग-अलग फल बताए गए हैं. पीले वस्त्र पहनकर पूजा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है, सफेद वस्त्र विद्या प्रदान करते हैं, लाल वस्त्र सिद्धियां दिलाते हैं, काले वस्त्र ग्रह बाधाओं से मुक्ति देते हैं और लक्ष्मी की प्राप्ति भी होती है. हालांकि, इन उपायों को किसी जानकार व्यक्ति के मार्गदर्शन में ही करना चाहिए. बिना सही जानकारी के मनमर्जी से साधना नहीं करनी चाहिए. सोमवती अमावस्या पूजन विधि शाम के समय स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. तुलसी के पौधे के नीचे गाय के घी का दीपक जलाएं और रोली, चावल, धूप-दीप से पूजा करें. पान के पत्ते पर धान और साबुत हल्दी रखकर तुलसी के पास अर्पित करें और तुलसी की परिक्रमा करें. "नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करते हुए धन प्राप्ति की कामना करें. उपाय सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या, यानी सोमवती अमावस्या के संयोग से सृष्टि में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है. इस दिन सच्चे मन से की गई महादेव की उपासना जीवन के कष्टों को दूर कर देती है. यदि दाम्पत्य जीवन में समस्या है, तो इस दिन किए गए उपाय आपके लिए रामबाण साबित हो सकते हैं. पीपल के पेड़ की जड़ में जल और फूल अर्पित करें. उसकी 9 बार परिक्रमा करें और हर परिक्रमा के साथ पीपल पर पीला सूत लपेटें. इसके बाद हाथ जोड़कर प्रार्थना करें. सोमवती अमावस्या को पितरों की शांति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. इस दिन किए गए उपाय पितरों को प्रसन्न करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. साथ ही कुंडली में राहु के अशुभ प्रभाव को भी शांत किया जा सकता है. इसके लिए चावल, दूध और चीनी की खीर बनाएं. मिट्टी के बर्तन में खीर रखकर उसे दक्षिण दिशा की ओर रखें. "पितृभ्यो नमः" मंत्र का जाप करें और दक्षिण दिशा की ओर मुख करके प्रार्थना करें. बाद में खीर किसी जरूरतमंद को दान कर दें. इससे पितरों का आशीर्वाद मिलता है और राहु के दोष शांत होते हैं. अगर संभव हो तो इस दिन पीपल का पौधा लगाएं. इससे पितर अत्यंत प्रसन्न होते हैं. इसके अलावा मंत्र जाप, सिद्धि साधना, दान और मौन व्रत रखने से भी पुण्य की प्राप्ति होती है.

21 जून 2026 से मंगल का वृषभ राशि में गोचर, सभी राशियों पर दिखेगा प्रभाव

 मंगल 21 जून 2026 को मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे और 4 अगस्त 2026 तक वृषभ राशि में ही रहेंगे. इस दौरान मंगल सभी 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालेंगे. मंगल को ऊर्जा का कारक ग्रह माना जाता है और यह हमारे पराक्रम और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला ग्रह है. आइए जानते हैं कि मंगल के वृषभ राशि में गोचर का सभी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा. मेष राशि मेष राशि वालों को इस गोचर से आर्थिक स्थिति सुधारने के अवसर मिलेंगे. आपकी मैनेजरियल स्किल बेहतर होगी. प्रॉपर्टी से जुड़े निर्णय इस दौरान ले सकते हैं. धन की स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होगी. खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है. परिवार में कम और संतुलित बातचीत करें. क्रोध और कठोर वाणी से बचें. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन गले से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान दें. उपाय: मंगलवार को हनुमान मंदिर जाएं, हनुमान चालीसा का पाठ करें और लाल मिठाई का प्रसाद बांटें. वृषभ राशि वृषभ राशि में ही मंगल का गोचर हो रहा है, जिससे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा. मेहनत का फल मिलेगा और रुके काम पूरे होंगे. लीडरशिप क्वालिटी निखरेगी. रिश्तों में संतुलन बनाए रखें. स्वास्थ्य में विशेषकर ब्लड प्रेशर का ध्यान रखें. उपाय: मंगलवार को हनुमान जी की आरती करें और गुड़-चना का भोग लगाकर प्रसाद बांटें. मिथुन राशि धैर्य से काम करने का समय है. लंबी यात्रा से बचें और खर्चों पर नियंत्रण रखें. विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी. स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें. विनम्रता से बात करें और विवादों से दूर रहें. उपाय: मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं और फल का प्रसाद बांटें. कर्क राशि धन लाभ के अवसर मिलेंगे. रुके हुए काम पूरे होंगे. प्रमोशन के योग बन रहे हैं. मेहनत और सकारात्मक सोच सफलता दिलाएगी. उपाय: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें. सिंह राशि नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी और मेहनत का फल मिलेगा. अधिकारियों का सहयोग मिलेगा. अहंकार से बचें और क्रोध पर नियंत्रण रखें. उपाय: मंगलवार को बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं. कन्या राशि कार्य क्षेत्र में सफलता मिलेगी. शिक्षा और धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी. धन लाभ के योग हैं. खानपान का ध्यान रखें. उपाय: मंगलवार को फल का भोग लगाकर प्रसाद बांटें. तुला राशि जल्दबाजी से बचें. जॉब बदलने या लोन लेने से बचें. रिश्तों को संभालने का समय है. खर्चों पर नियंत्रण रखें. रिसर्च से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी. उपाय: मंगलवार को गुड़-चना का प्रसाद चढ़ाएं. वृश्चिक राशि आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. रुके काम पूरे होंगे. रिश्तों में संतुलन बनाए रखें. सेहत का ध्यान रखें और मसालेदार भोजन से बचें. उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें और लाल मिठाई का प्रसाद बांटें. धनु राशि सावधानी से काम करें. शत्रुओं और विवादों से बचें. परीक्षा में सफलता मिलेगी. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. उपाय: मंगलवार को सिंदूर चढ़ाएं और नारियल-फल का प्रसाद दें. मकर राशि करियर में सफलता मिलेगी. रुके काम पूरे होंगे. संतान से खुशी मिलेगी. मान-सम्मान बढ़ेगा. उपाय: मंगलवार को लाल मिठाई का प्रसाद बांटें. कुंभ राशि प्रॉपर्टी से जुड़े काम पूरे होंगे. परिवार की समस्याएं सुलझेंगी. क्रोध पर नियंत्रण रखें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें. उपाय: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें. मीन राशि पराक्रम बढ़ेगा और धन लाभ होगा. रुके काम पूरे होंगे. जल्दबाजी से बचें और योजना बनाकर आगे बढ़ें. वाणी में विनम्रता रखें. उपाय: मंगलवार को गुड़-चना का प्रसाद बांटें.

यूपी की पंचायतों में वित्तीय अनियमितता का खुलासा, नियमों को दरकिनार कर करोड़ों का भुगतान

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने से ठीक पहले ग्राम पंचायतों में सरकारी धन के भुगतान को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। कानपुर की 35 ग्राम पंचायतों में नियमों को दरकिनार कर करीब 38.41 लाख रुपये का मनमाने तरीके से भुगतान कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद पंचायतीराज निदेशालय ने गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। डीपीआरओ मनोज कुमार ने सभी ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होना था। इससे पहले पंचायत खातों में बची धनराशि को खर्च करने की होड़ मच गई। इसी जल्दबाजी में कई ग्राम पंचायतों में नियमों को ताक पर रखकर भुगतान कर दिए गए। कानपुर की 590 ग्राम पंचायतों में से 565 पंचायतों ने नियमों का पालन किया लेकिन घाटमपुर, सरसौल, भीतरगांव, चौबेपुर, कल्याणपुर, पतारा, शिवराजपुर और बिधनू ब्लॉकों की 35 ग्राम पंचायतों में एक अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच करीब 38.41 लाख रुपये का भुगतान मनमाने तरीके से कर दिया। मॉनीटरिंग हुई तो पता चला कि भुगतान निर्धारित गेट-वे पोर्टल के बजाय बाहरी कंप्यूटरों और अन्य स्थानों से किए गए। नियम 15वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग की धनराशि से होने वाले सभी विकास कार्यों का भुगतान केवल ग्राम सचिवालय में स्थापित कंप्यूटर से, निर्धारित आईपी एड्रेस से ही होंगे। प्रदेश के 74 जिले में 22.11 करोड़ का भुगतान मनमाने भुगतान का मामला सिर्फ कानपुर तक सीमित नहीं है। प्रदेश भर के 74 जिलों की 2542 ग्राम पंचायतों में करीब 22.11 करोड़ रुपये के भुगतान नियमों को दरकिनार कर करने का खुलासा हुआ है। इसके बाद पंचायती राज निदेशक ने सभी जिलों के डीपीआरओ से जवाब मांगा है और संबंधित सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है ग्राम प्रधान बनाए गए हैं प्रशासक यूपी में पहली बार ग्राम प्रधानों को प्रशासक पद की जिम्मेदारी दी गई है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में देरी के कारण ग्राम पंचायतों की बागडोर ग्राम प्रधानों के हाथ में ही रखे जाने का निर्णय लिया गया है। 26 मई को ग्राम प्रधानों का पांच वर्ष का कार्यकाल खत्म हो रहा था। ऐसे में 27 मई से निर्वतमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में काम कर रहे हैं। छह महीने या पंचायत चुनाव होने के बाद नई ग्राम पंचायत की प्रथम बैठक की तिथि तक जो भी पहले हो प्रधानों को प्रशासक पद की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यह फैसला किया गया है। यूपी में वर्ष 2021 में कुल 58195 ग्राम पंचायत प्रधान निर्वाचित हुए थे। उनकी पहली बैठक 27 मई 2021 को हुई थी। ऐसे में ग्राम प्रधानों का पांच वर्ष का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो गया था।

वास्तु शास्त्र के अनुसार कूलर रखने की सही दिशा, उत्तर-पश्चिम को बताया सबसे शुभ

गर्मियों में कूलर हमें ठंडक देता है, लेकिन गलत जगह रखा कूलर घर का बजट बिगाड़ सकता है. कूलर में पानी (जल) और हवा (वायु) दोनों होते हैं, इसलिए इसकी सही दिशा बहुत जरूरी है.जानिए वास्तु के अनुसार कूलर को किस कोने में रखना चाहिए और कहां रखने से बचना चाहिए. कूलर का वास्तु से क्या है कनेक्शन? गर्मियों के मौसम में एयर कूलर हर घर की जरूरत बन जाता है.  यह हमें तपती गर्मी से राहत देता है और ठंडी हवा देता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार कूलर का सीधा संबंध हमारी सेहत और पैसों की बरकत से होता है?चूंकि कूलर में पानी (जल तत्व) भरा जाता है और यह तेजी से हवा (वायु तत्व) फेंकता है, इसलिए यह घर की ऊर्जा को बहुत जल्दी प्रभावित करता है. अगर इसे गलत दिशा में रख दिया जाए, तो घर में वास्तु दोष पैदा होता है, जिससे बीमारियां, तनाव और पैसों का नुकसान होने लगता है. कूलर रखने की सबसे सही दिशा (Best Directions) घर में सुख-समृद्धि और ठंडी हवा का पूरा लाभ उठाने के लिए कूलर को हमेशा इन दिशाओं में रखें: उत्तर-पश्चिम दिशा (North-West / वायव्य कोण): वास्तु के अनुसार कूलर रखने के लिए यह सबसे उत्तम दिशा है.  यह कोना वायु देव का माना जाता है.  यहां कूलर रखने से घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा रहती है और परिवार के लोगों की तरक्की होती है. उत्तर दिशा (North): उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर और जल तत्व की मानी जाती है.  कूलर में पानी होने के कारण इसे उत्तर दिशा में रखना बेहद शुभ होता है.  इससे घर में पैसों की तंगी दूर होती है. पूर्व दिशा (East): आप कूलर को पूर्व दिशा में भी लगा सकते हैं.  इससे घर के सदस्यों का स्वास्थ्य हमेशा अच्छा रहता है और मान-सम्मान बढ़ता है. भूलकर भी इस दिशा में न रखें कूलर (Avoid This Direction) दक्षिण-पूर्व दिशा (South-East / आग्नेय कोण): इस दिशा को अग्नि देव (Fire Element) का स्थान माना जाता है.  आग की दिशा में पानी और ठंडक (कूलर) रखने से तत्वों का भयंकर टकराव होता है.  अगर आप यहाँ कूलर रखेंगे, तो घर में बिना बात के झगड़े, मानसिक तनाव और व्यापार या नौकरी में भारी घाटा हो सकता है . आपकी सेविंग्स धीरे-धीरे खत्म होने लगेगी. कूलर से जुड़े 3 जरूरी वास्तु नियम: बंद या खराब कूलर न रखें: अगर कूलर खराब है या सर्दियों में इस्तेमाल नहीं हो रहा है, तो उसे खाली और साफ करके ढककर रखें. कबाड़ या गंदा कूलर घर में रखने से राहु का दोष लगता है और काम अटकने लगते हैं. पानी बदलते रहें: कूलर में कई दिनों तक पुराना या बदबूदार पानी जमा न रहने दें.  रुका हुआ गंदा पानी घर में नकारात्मक ऊर्जा और बीमारियां फैलाता है. कर्कश आवाज से बचें: अगर कूलर चलते समय बहुत तेज या अजीब आवाज करता है, तो उसकी तुरंत ऑयलिंग या सर्विस करवाएं. कूलर की लगातार आने वाली तेज आवाज घर में अशांति और गृह-क्लेश बढ़ाती है।

ग्लोइंग स्किन का राज: घर पर बनाएं कोलेजन बढ़ाने वाली हेल्दी ड्रिंक

 हर कोई चाहता है कि वह खूबसूरत दिखे और स्किन हमेशा ग्लोइंग नजर आए. लेकिन अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत खान-पान, प्रदूषण और स्किन की सही देखभाल न करने की वजह से स्किन अपनी चमक खोने लगती है. साथ ही, उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कोलेजन का बनना भी कम हो जाता है, जिससे झुर्रियां, रूखापन और स्किन की इलास्टिसिटी कम होने लगती है. कोलेजन एक तरह का प्रोटीन होता है जो स्किन, बाल, नाखून और जोड़ों को मजबूत और हेल्दी रखने में मदद करता है. अगर शरीर में इसका लेवल सही रहे तो स्किन ज्यादा टाइट और यंग दिखती है. ऐसे में डाइट में कुछ हेल्दी चीजें शामिल करके कोलेजन को बढ़ाया जा सकता है. आज हम आपको एक ऐसी हेल्दी ड्रिंक के बारे में बताएंगे जो आपके शरीर में कोलेजन की मात्रा को बढ़ाकर ग्लोइंग स्किन पाने में आपकी मदद कर सकती है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 1 कप ताजा संतरे का रस 1/2 कप स्ट्रॉबेरी 1/2 कप अनानास 1 चम्मच चिया सीड्स 1 चम्मच शहद 1 कप पानी या नारियल पानी कोलेजन ड्रिंक घर पर बनाएं कैसे?     सबसे पहले स्ट्रॉबेरी को अच्छे से धो लें और उसके डंठल हटा दें. फिर अनानास को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें.     अब एक ब्लेंडर लें और उसमें संतरे का रस, स्ट्रॉबेरी, अनानास, चिया सीड्स और शहद डाल दें. जरूरत के हिसाब से इसमें पानी या नारियल पानी भी मिला लें.     अब सभी चीजों को अच्छे से ब्लेंड करें जब तक मिश्रण पूरी तरह स्मूद और एक जैसा न हो जाए.     तैयार ड्रिंक को एक गिलास में निकाल लें. चाहें तो इसमें बर्फ डालकर ठंडा-ठंडा सर्व करें और पी लें. क्यों फायदेमंद है यह ड्रिंक? इस ड्रिंक में मौजूद संतरा और स्ट्रॉबेरी विटामिन C से भरपूर होते हैं जो शरीर में कोलेजन बनाने में मदद करते हैं. अनानास डाइजेशन को बेहतर करता है और स्किन हेल्थ को सपोर्ट करता है. चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो स्किन को हेल्दी रखता है और सूजन कम करता है. वहीं शहद शरीर को अंदर से साफ रखने में मदद करता है और नारियल पानी हाइड्रेशन बनाए रखता है. अगर इसे रोजाना लिया जाए तो स्किन ज्यादा फ्रेश, हेल्दी और ग्लोइंग नजर आ सकती है.

सम्राट चौधरी बोले- 15 सितंबर से शुरू होगा टाउनशिप निर्माण, उद्योगों को 30 दिन में मिलेगी मंजूरी

 पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य की नई 11 टाउनशिप में छह लाख 45 हजार करोड़ का निवेश होगा। टाउनशिप के लिए सीमांकन का कार्य तेजी से चल रहे हैं। 15 सितंबर से जमीन पर इसके कार्य शुरू होंगे। मुख्यमंत्री शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरा होने पर आयोजित मीडिया संवाद में बोल रहे थे। सम्राट चौधरी लालू प्रसाद यादव पर भी बोले मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़क, बिजली, रेल और हवाई संपर्क का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट के बाद कई नए एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। राजगीर, गया और मुजफ्फरपुर को जोड़ने वाली रैपिड रेल परियोजना पर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है। सुल्तानगंज और सोनपुर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनेंगे। बिहार में पटना-पूर्णिया, बक्सर भागलपुर, आमस दरभंगा, गोरखपुर-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया तथा वाराणसी-गया-कोलकाता एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर जैसे बड़े संपर्क मार्गों पर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। गंगा नदी पर सात नए पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है तथा सात अन्य पुल निर्माणाधीन हैं। कोसी, गंडक, सोन, बागमती और फल्गु जैसी प्रमुख नदियों पर भी नए पुल बन रहे हैं। औंटा-सिमरिया गंगा पुल और पटना-आरा-सासाराम फोरलेन कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं ने उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क को नई मजबूती दी है। 30 दिनों में उद्योग के लिए सभी स्वीकृतियां मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नवंबर को अपने एक वर्ष पूरे होने तक बिहार में पांच लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। पहले उद्योग लगाने के लिए 33-34 प्रकार की अलग-अलग स्वीकृतियां लेनी पड़ती थीं, लेकिन अब 30 दिनों की समय सीमा तय की जा रही है। कोई भी निवेशक आवेदन करेगा तो निर्धारित अवधि के भीतर उसे आवश्यक स्वीकृतियां स्वतः उपलब्ध हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि राजगीर और मुंगेर में डिफेंस कॉरिडोर बनेगा। साथ ही हर जिले में हवाई संपर्कता बहाल की जाएगी। मीडिया संवाद कार्यक्रम का संचालन प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने किया। मौके पर राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी एवं विधान पार्षद संजय मयूख मंचस्थ रहे। भाजपा संकल्पों से पीछे नहीं हटी मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने जनसंघ के समय से जो भी संकल्प देश के सामने रखा, उसे पूरा करने का काम किया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाना तथा अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण भाजपा की ऐतिहासिक प्रतिबद्धताएं थीं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा किया गया। भाजपा अपने विचारों और संकल्पों से कभी पीछे नहीं हटी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश आज भी मंत्री हैं और आगे भी मंत्री बने रहेंगे। मीडिया के सवाल पर कहा कि बिना किसी सदन के सदस्य के कोई भी पांच महीना 29 दिनों तक मंत्री रह सकता है। मैं स्वयं बिना सदन सदस्य के पांच महीना 28 दिन तक मंत्री था।  सम्राट चौधरी हूं मीडिया ने अतिक्रमण हटाने को लेकर चले अभियान पर सवाल किया कि आप देश के दूसरा योगी आदित्यनाथ हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा नाम सम्राट चौधरी है। राज्य में जहां भी अतिक्रमण है, चाहे वह किसी उद्योगपति का हो या बड़े व्यक्ति का, उसे तोड़ा ही जाएगा। लालू बड़े नेता, बड़ा दिल दिखाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि लालू प्रसाद बड़े नेता है। आवास खाली करने के मामले में भी उन्हें बड़ा दिल दिखाना होगा। यह राजशाही नहीं, लोकतंत्र है। सरकार का आदेश है तो खाली करना ही होगा। यह व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। मैं आज मुख्यमंत्री हूं, पर मैं भी पूर्व होऊंगा। इस कुर्सी पर कोई सदा के लिए नहीं रहता है। बड़ी लंबित परियोजनाओं की समीक्षा स्वयं करूंगा मुख्यमंत्री ने कहा कि 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी लंबित परियोजनाओं की समीक्षा वह स्वयं करेंगे, ताकि भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति या अन्य कारणों से रुकी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जा सके। प्रधानमंत्री का भी आदेश है कि बड़े प्रोजेक्ट को सभी राज्यों के मुख्यमंत्री स्वयं देखें। राज्य में पर्यटन उद्योग विकसित होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यटन उद्योग विकसित होगा। इसका ख्याल रखा जाएगा कि पर्यटक आते हैं तो कहां ठहरें, आने-जाने में कोई परेशानी नहीं, निश्चित दूरी पर खाने-पीने का बेहतर इंतजाम रहे। इस हिसाब से आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी। कैमूर की पहाड़ियों का दर्शन हेलिकॉप्टर से कराया जाएगा।

उदयपुर के ग्रामीण सेवा शिविरों में ऑन-द-स्पॉट समाधान, किसानों और जरूरतमंदों को मिला लाभ

 उदयपुर उदयपुर जिले में ग्रामीण सेवा शिविर-2026 अभियान  के पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हुआ और उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। सवा लाख रूपये का अनुदान मिला मावली में आयोजित शिविर में जरूरतमंद किसान श्री शंकरलाल निवासी लदानी को कृषि यंत्र खरीदने हेतु अनुदान स्वीकृत कर आर्थिक संबल प्रदान किया गया।  शंकरलाल ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह कृषि यंत्र खरीद नहीं पा रहा था। शिविर में कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी परसराम जाट ने उन्हें कृषि यंत्र योजना की जानकारी दी और बताया कि राज्य सरकार द्वारा मल्टीक्रॉप थ्रेशर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविर में ही आवेदन तैयार करवा कर हाथों-हाथ स्वीकृत किया गया। एडीएम सिटी  जितेंद्र ओझा, उपखण्ड अधिकारी श्री रमेश सिरवी पुनाड़िया की उपस्थिति में  1 लाख 25 हजार रुपये के अनुदान का चेक प्रदान किया गया। अनुदान प्राप्त होने पर शंकरलाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया। अटकी पेंशन बहाल उदयपुर जिले की ग्राम पंचायत चांदवास में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर  चांदवास निवासी श्रीमती हरकू, श्रीमती राजूड़ी और सवली के लिए भी राहत लेकर आया। बायोमीट्रिक सत्यापन एवं फेस ऐप के माध्यम से बार-बार प्रयास करने के बावजूद उनका सत्यापन नहीं हो पाने से इन तीनों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पिछले कई महीनों से बंद थी। शिविर में मामला सामने आने पर बीडीओ  ने तत्परता दिखाते हुए समाधान के निर्देश दिए। तकनीकी बाधा को दूर करने के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन प्रक्रिया अपनाई गई और कुछ ही मिनटों में तीनों महिलाओं का सत्यापन सफलतापूर्वक कर उनकी रुकी हुई पेंशन बहाल कर दी गई। इसी शिविर में ग्राम पंचायत चांदवास निवासी श्रीमती रामा, श्रीमती वारकी तथा श्रीमती केशरी को  पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ)सौंपे गये। विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र मिला चांदवास निवासी श्री उदयलाल के विवाह पंजीयन संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर उन्हें शिविर में ही विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। नक्शा की गलती की शुद्ध ग्राम पंचायत चीरवा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में  चीरवा निवासी खातेदार श्री राजेश पुत्र स्व. श्री नारायणलाल मेनारिया के नक्शा शुद्धिकरण के लिए आवेदन करने पर  उपखण्ड अधिकारी श्री मनसुख डामोर, नायब तहसीलदार श्री रमेश कुमार राजपुरोहित ने राजस्व अभिलेखों में इंद्राज दुरुस्ती करवा कर  श्री राजेश को राहत पहुंचाई। ग्रामीण सेवा शिविर अभियान साबित कर रहा है कि संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय से आमजन की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही संभव है। एक ही छत के नीचे पेंशन बहाली, पीपीओ वितरण और विवाह पंजीयन जैसे कार्य होने से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। ग्रामीणों एवं लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनकल्याणकारी शिविरों के माध्यम से प्रशासन स्वयं गांव पहुंच रहा है और लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने इस पहल को ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत बताते हुए सरकार की संवेदनशीलता की सराहना की।

भारतीय संतों की भविष्यवाणियां: ज्ञानेश्वर से मावजी महाराज तक कलियुग के संकेत

भारत की धरती पर हर युग में ऐसे संत, ऋषि और ज्ञानी पुरुष आए हैं, जिन्होंने भविष्य के बारे में गहरी बातें कहीं. इन संतों ने अपनी वाणी और ग्रंथों के जरिए समाज को आने वाले समय के लिए चेताया भी और मार्गदर्शन भी दिया. अक्सर इनकी बातें क्षेत्रीय भाषाओं में लिखी गईं, इसलिए इन्हें उतनी प्रसिद्धि नहीं मिली, जितनी विदेशी भविष्यवक्ताओं जैसे बाबा वेंगा और नास्त्रेदमस को मिली. जबकि अगर तुलना करके देखा जाए तो भारतीय संतों की भविष्यवाणियां ज्यादा स्पष्ट और सीधी होती हैं. तो आइए जानते हैं ऐसे ही 7 महान संतों के बारे में और उनकी प्रमुख भविष्यवाणियां. 1. संत ज्ञानेश्वर महाराज 13वीं शताब्दी के संत ज्ञानेश्वर ने अपनी रचना ज्ञानेश्वरी में समाज और धर्म के भविष्य की झलक दी थी. उनकी प्रार्थना पसायदान में एक आदर्श समाज की कल्पना मिलती है, जहां लोगों के अंदर जागरूकता और अच्छाई बढ़ेगी. उन्होंने एक ऐसे समय की कल्पना की थी जब दुनिया में फैला अधर्म धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा और धर्म की रोशनी फिर से चमकने लगेगी. उनके अनुसार, चाहे कलियुग कितना भी कठिन क्यों न हो, इंसान के भीतर जागरूकता और सच्चाई की भावना एक दिन जरूर जागेगी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंधकार के बाद उजाला जरूर आता है और मनुष्य के अंदर की चेतना ही उसे सही रास्ता दिखाएगी. 2. संत अच्युतानंद दास (ओडिशा) ओडिशा के पंचसखा संतों में शामिल अच्युतानंद दास ने भविष्य मालिका नामक ग्रंथ में हजारों भविष्यवाणियां लिखीं. उन्होंने बड़े युद्ध, प्राकृतिक बदलाव और धार्मिक घटनाओं का जिक्र किया. ऐसा भी कहा गया कि एक समय ऐसा आएगा जब जगन्नाथ मंदिर से जुड़ी बड़ी घटनाएं होंगी और दुनिया में बदलाव तेज हो जाएंगे. 3. संत सूरदास भगवान कृष्ण के भक्त सूरदास ने अपनी रचनाओं सूरसागर और सूरसारावली में कलियुग के कठिन समय का वर्णन किया. उन्होंने भविष्य में आने वाले संकटों जैसे अकाल, महामारी और नैतिक पतन की बात कही. साथ ही यह भी संकेत दिया कि कठिन समय के बाद एक संत का जन्म होगा, जो समाज में शांति और धर्म स्थापित करेगा. 4. वीरब्रह्मेंद्र स्वामी (आंध्र प्रदेश) इनकी भविष्यवाणियां कालज्ञानम नामक ग्रंथ में मिलती हैं. उन्होंने बहुत पहले ही आधुनिक चीजों का संकेत दिया था जैसे बिना बैल के चलने वाले वाहन (कार), लोहे के घोड़े (ट्रेन), इंसान का आकाश में उड़ना (हवाई जहाज). और उन्होंने बड़े युद्धों और महामारियों के बारे में भी चेतावनी दी थी. जिनका जिक्र आज भी दक्षिण भारत में आज भी किया जाता है. 5. गुरु गोविंद सिंह जी सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी से जुड़ी सौ साखी में भविष्य के संकेत मिलते हैं. इसमें कलियुग के अंत, बड़े संघर्षों और खालसा शक्ति के पुनः उभरने की बात कही गई है. कुछ मान्यताओं के अनुसार इसमें आने वाले युद्धों के संकेत भी दिए गए हैं. 6. संत देवत अयात (गुजरात-राजस्थान क्षेत्र) इन्हें त्रिकालज्ञ माना जाता है. इनकी वाणी में भविष्य के समाज का सटीक चित्रण मिलता है. उन्होंने कहा था कि एक समय ऐसा आएगा जब धर्म केवल दिखावा बन जाएगा और सच्चे साधु कम हो जाएंगे. साथ ही उन्होंने आधुनिक तकनीक की ओर इशारा करते हुए कहा- हवा में बातें होंगी यानी संचार के नए साधन विकसित होंगे. 7. संत मावजी महाराज (गुजरात) मावजी महाराज ने अपने ग्रंथों में भविष्य की कई घटनाओं का उल्लेख किया. कहा जाता है कि उन्होंने लाखों भविष्यवाणियां लिखीं, जिन्हें चौपड़ा कहा जाता है. इन ग्रंथों में आधुनिक युग की तकनीक, बड़े युद्ध और सामाजिक बदलावों का जिक्र मिलता है. आज भी ये ग्रंथ विशेष अवसरों पर ही दर्शन के लिए निकाले जाते हैं. भविष्य पुराण में कलयुग की भविष्यवाणियां- स्वामी शिवानंद के अनुसार, आज दुनिया में जो भी घटनाएं हो रही हैं, वे अचानक नहीं हैं, बल्कि शास्त्रों में उनका पहले से ही उल्लेख मिलता है. भविष्य पुराण में वेद व्यास जी ने आने वाले समय के बारे में विस्तार से संकेत दिए हैं. बताया जाता है कि कलियुग के हजारों वर्ष बीतने के बाद भारत में अलग-अलग प्रकार के शासन देखने को मिलेंगे. एक समय ऐसा भी आएगा जब बौद्ध प्रभाव बढ़ेगा. इसके बाद आदि शंकराचार्य के प्रकट होने से वैदिक परंपराओं का फिर से विस्तार होगा और धर्म के आधार पर शासन चलाया जाएगा. इसके बाद कई शताब्दियों तक अलग-अलग शक्तियों का प्रभाव रहेगा, जिनमें विदेशी शासन भी शामिल होगा. फिर धीरे-धीरे लोकतांत्रिक व्यवस्था का दौर शुरू होगा, जहां जनता के मत से सरकारें बनेंगी. आगे चलकर ऐसा समय भी आएगा जब किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा. इस दौरान महंगाई, भ्रष्टाचार और सामाजिक समस्याएं बढ़ सकती हैं. समाज में बड़े-बुजुर्गों, संतों और विद्वानों का सम्मान कम होने लगेगा. इन परिस्थितियों के बाद बड़े बदलाव का समय आएगा, जिसमें संघर्ष और अशांति भी संभव है. लेकिन अंततः भारत फिर से मजबूत होकर उभरेगा और दुनिया में अपना महत्वपूर्ण स्थान हासिल करेगा. भविष्य में एक बार फिर परंपराओं और मूल्यों के आधार पर व्यवस्था स्थापित होने की बात कही गई है.

15 जून 2026 को सूर्य का मिथुन राशि में गोचर, 4 राशियों के लिए बनेंगे शुभ योग

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य का स्थान सर्वोपरि है. सूर्य का राशि परिवर्तन न केवल मौसम में बदलाव लाता है, बल्कि मानव जीवन की दिशा और दशा को भी प्रभावित करता है.  पंचांग के अनुसार, आगामी 15 जून 2026 को सूर्य देव अपनी वर्तमान स्थिति को छोड़कर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य का यह गोचर अगले एक महीने तक सभी 12 राशियों पर अपना गहरा प्रभाव डालेगा, लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार 4 ऐसी राशियां हैं जिनके लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होने वाला है. इन राशियों के लिए चमकेंगे सितारे मेष राशि: इस राशि के जातकों के लिए यह समय साहस और पराक्रम में वृद्धि लेकर आएगा.  कार्यक्षेत्र में आपके नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी. यदि आप किसी नए व्यापार की शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह अवधि बहुत ही अनुकूल है. परिवार में भी सुख-शांति का माहौल बना रहेगा. मिथुन राशि: चूँकि सूर्य आपकी ही राशि में प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए आपको इसका सीधा लाभ मिलेगा. आपका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होगा, समाज में आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी. कार्यस्थल पर आपको पदोन्नति या कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. सिंह राशि: सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं, अतः इस गोचर से आपकी आय में जबरदस्त उछाल आने की संभावना है. आपको अचानक धन लाभ हो सकता है. यदि आपका कोई पुराना निवेश फंसा हुआ है, तो वहां से आपको आर्थिक लाभ मिलने के योग बन रहे हैं. कुंभ राशि: आपकी कुंडली के अनुसार सूर्य का यह गोचर सुख-साधन में वृद्धि कराएगा.  शिक्षा या करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे.  विदेश यात्रा के योग भी बन रहे हैं. प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी . अविवाहित लोगों के लिए विवाह के सुंदर प्रस्ताव आ सकते हैं. सकारात्मक ऊर्जा के लिए सरल उपाय सूर्य की शुभता को बनाए रखने के लिए इस दौरान कुछ उपाय करना विशेष लाभकारी हो सकता है: प्रतिदिन सुबह सूर्योदय के समय स्नान करके तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य दें. अर्घ्य देते समय जल में थोड़ा लाल चंदन, अक्षत और रोली अवश्य डालें. 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का नियमित पाठ करें. रविवार के दिन जरूरतमंदों को गुड़ या गेहूं का दान करना भी बहुत शुभ माना गया है.

चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन: भारत ने सफलतापूर्वक टेस्ट किया एडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम

नई दिल्ली डिफेंस सेक्टर में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसी कड़ी में आज सुबह-सुबह एक बड़ी खबर तब सामने आई, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर बताया कि DRDO ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और मध्यम दूरी की एंटी-शिप क्षमता के खिलाफ मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा का प्रदर्शन करने के लिए लगातार तीन फ्लाइट टेस्ट सफलतापूर्वक किए गए. रक्षा मंत्री ने इस पोस्ट के साथ तीन मिसाइलों के परीक्षण की तस्वीरें भी साझा की है. रक्षा मंत्री के पोस्ट ने पोस्ट में यह भी लिखा कि DRDO के इस सफल परीक्षण से भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जिसके पास इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) को रोकने की क्षमता है. रक्षा मंत्री ने इस सफलता के लिए डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को बधाई दी है।  डीआरडीओ को मिली यह सफलता पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान की टेंशन बढ़ाने वाला है. इन दोनों देशों के साथ भारत के सीमा सहित कई मुद्दों पर विवाद लंबे समय से है. ऐसे में डीआरडीओ को मिली यह सफलता न केवल दुश्मनों के ठिकानों को तबाह करने वाला है. बल्कि दुश्मन देशों की ओर से होने वाले खतरनाक हमलों को भी रोकने वाला है।  भारत की रक्षा अनुसंधान एंव विकास संगठन (DRDO) को मिली इस सफलता के बारे में एक्स पोस्ट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा- DRDO ने देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने वाली कई अहम तकनीकों का सफलतापूर्वक टेस्ट किया है, जो दुश्मन के अलग-अलग तरह के खतरों से निपटने में मदद करेंगी।  उन्होंने आगे लिखा लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और मध्यम दूरी की एंटी-शिप क्षमता के खिलाफ मल्टी-लेयर्ड डिफेंस वाले तीन फ़्लाइटों का टेस्ट सफलतापूर्वक पूरे किए गए।  रक्षा मंत्री ने लिखा कि इस टेस्ट में मल्टी-लेयर्ड BMD क्षमता का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया. इंटरसेप्टर ने अपने-अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया. इन सिस्टम को नई मिसाइल चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकों से डिजाइन और विकसित किया गया है।  चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हुआ भारत इन सफल परीक्षणों ने भारत को उन चुनिंदा देशों में ला खड़ा किया है जिनके पास ICBM (इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल) तक की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की क्षमता है. 'नेवल एंटी-शिप मिसाइल-मीडियम रेंज' के पहले फ़्लाइट-टेस्ट के दौरान मध्यम दूरी की एंटी-शिप सुरक्षा का प्रदर्शन किया गया. इन अहम तकनीकों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन करने के लिए DRDO को बधाई।