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महाभारत के 5 महान योद्धा जिन्हें सीधे युद्ध में नहीं हराया जा सका

इसमें कोई शक नहीं कि महाभारत काल में पृथ्वी पर ऐसे-ऐसे योद्धा मौजूद थे, जिनकी ताकत देवताओं से भी अधिक मानी जाती थी. जब महाभारत का युद्ध शुरू हुआ, तो कौरव और पांडव, दोनों पक्षों के लिए इन महारथियों को हराना लगभग नामुमकिन था. यही वजह थी कि धर्म की जीत सुनिश्चित करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण को कई बार रणनीति, छल और युक्ति का सहारा लेना पड़ा. अगर ऐसा नहीं किया जाता, तो भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे योद्धाओं को हराना संभव नहीं था और शायद पांडव कभी जीत ही नहीं पाते. आज हम आपको महाभारत के उन 5 योद्धाओं के बारे में बताएंगे, जिन्हें सीधे युद्ध में नहीं, बल्कि रणनीति और छल से मारा गया. भीष्म पितामह भीष्म पितामह महाभारत के सबसे अनुभवी और शक्तिशाली योद्धाओं में से एक थे. उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत लिया था और उन्हें इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था. युद्ध में वे कौरवों के सेनापति थे और लगातार 10 दिनों तक पांडवों की सेना का भारी विनाश करते रहे. उन्हें हराना लगभग असंभव था. तब श्रीकृष्ण की योजना के अनुसार अर्जुन ने शिखंडी को अपने रथ के आगे खड़ा किया. भीष्म ने शिखंडी को स्त्री मानते हुए उस पर हथियार उठाने से इंकार कर दिया. उसी क्षण अर्जुन ने तीरों की वर्षा कर दी और भीष्म को शरशैया पर लिटा दिया. द्रोणाचार्य गीता के मुताबिक, द्रोणाचार्य, कौरव-पांडव दोनों के गुरु थे और अत्यंत शक्तिशाली योद्धा भी. जब तक वे युद्ध में थे, पांडवों की सेना को भारी नुकसान हो रहा था. उन्हें हराने का एक ही तरीका था, उन्हें मानसिक रूप से तोड़ना. श्रीकृष्ण की योजना के तहत भीम ने अश्वत्थामा नाम के हाथी को मार दिया और यह खबर फैलाई गई कि अश्वत्थामा मारा गया. जब युधिष्ठिर ने यह बात कही, तो द्रोणाचार्य को विश्वास हो गया कि उनका पुत्र मर चुका है. दुख में उन्होंने हथियार छोड़ दिए, और उसी समय धृष्टद्युम्न ने उनका वध कर दिया. जयद्रथ जयद्रथ, दुर्योधन का बहनोई था और अभिमन्यु की मृत्यु में उसकी बड़ी भूमिका थी. इससे क्रोधित होकर अर्जुन ने प्रतिज्ञा ली कि वह अगले दिन सूर्यास्त से पहले जयद्रथ का वध करेंगे, अन्यथा अग्नि में प्रवेश कर लेंगे. कौरवों ने जयद्रथ की कड़ी सुरक्षा कर दी, जिससे अर्जुन के लिए उसे मारना लगभग असंभव हो गया. तब श्रीकृष्ण ने अपनी माया से सूर्य को ढक दिया, जिससे अंधेरा हो गया. जयद्रथ को लगा कि सूर्यास्त हो चुका है और वह बाहर आ गया. तभी श्रीकृष्ण ने माया हटाई और अर्जुन ने तुरंत उसका वध कर दिया. कर्ण कर्ण महाभारत के सबसे वीर और दानवीर योद्धाओं में से एक था. उसके पास जन्म से मिले कवच और कुंडल थे, जो उसे लगभग अजेय बनाते थे. श्रीकृष्ण की योजना के तहत इंद्र ने ब्राह्मण का रूप लेकर कर्ण से उसके कवच-कुंडल दान में मांग लिए. दानवीर कर्ण ने बिना सोचे-समझे उन्हें दे दिया. युद्ध के दौरान कर्ण का रथ कीचड़ में फंस गया. जब वह उसे निकालने के लिए नीचे उतरा, तब श्रीकृष्ण के कहने पर अर्जुन ने निहत्थे कर्ण पर वार कर दिया और उसका वध कर दिया. दुर्योधन दुर्योधन अत्यंत बलशाली योद्धा था. उसकी मां गांधारी के वरदान के कारण उसका शरीर लगभग अजेय हो गया था. जब भीम और दुर्योधन के बीच गदा युद्ध हुआ, तो भीम उसे हरा नहीं पा रहे थे. तभी श्रीकृष्ण ने इशारे से बताया कि दुर्योधन की जांघ (कमर के नीचे का हिस्सा) कमजोर है. गदा युद्ध के नियमों के विरुद्ध जाकर भीम ने दुर्योधन की जांघ पर वार किया, जिससे उसकी मृत्यु हुई.

‘राधे-राधे’ के जयकारों के बीच CM भजनलाल ने पूरी की गिरिराज परिक्रमा

जयपुर  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार रात पत्नी गीता शर्मा के साथ गिरिराज महाराज की सात कोसीय परिक्रमा पूर्ण की. पूंछरी स्थित श्रीनाथजी मंदिर से CM दंपति ने सात दंडवत कर परिक्रमा की शुरुआत की. परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह CM का भव्य स्वागत हुआ. श्रद्धालु 'राधे-राधे' के जयकारों के साथ उनकी एक झलक पाने को परिक्रमा मार्ग के किनारे खड़े रहे. कई श्रद्धालुओं ने मोबाइल में CM की तस्वीरें कैद कीं. राधा कुंड में दीपदान की CM भजनलाल शर्मा ने परिक्रमा के दौरान दानघाटी मंदिर में दर्शन-पूजन किया. इसके बाद राधाकुंड पहुंचकर दीपदान किया. खास बात ये रही कि राधाकुंड में CM ने स्थानीय चाय की थड़ी पर रुककर चाय का आनंद भी लिया. श्रद्धालुओं से की बातचीत परिक्रमा के दौरान CM ने दंडवत कर रहे श्रद्धालुओं से रुककर बातचीत की. श्रद्धालुओं का हालचाल जाना और अभिवादन स्वीकार किया. परिक्रमा पूरी करने से पहले वह अपनी पूंछरी स्थित प्याऊ पर 5 मिनट बैठकर व्यवस्थाओं को देखा. CM के आगे-आगे भजन-कीर्तन करती मंडली चल रही थी. पूरा माहौल भक्तिमय हो गया. 200 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे. उत्तर प्रदेश के मथुरा और राजस्थान के डीग जिले के करीब 200 पुलिसकर्मी CM की सुरक्षा में तैनात रहे. CM ने करीब 7 घंटे में सप्त कोशीय परिक्रमा पूर्ण की. परिक्रमा का समापन भी पूंछरी स्थित श्रीनाथजी मंदिर में ही किया गया. CM ने कहा कि गिरिराज महाराज की कृपा से ही परिक्रमा निर्विघ्न पूरी हुई. ब्रज की परंपरा और आस्था को नमन किया देश प्रदेश की खुशहाली की कामना की

वास्तु नियम: रोटी परोसते समय इन बातों का रखें ध्यान, बढ़ेगी बरकत

 वास्तु शास्त्र में रसोई घर (Kitchen) और भोजन करने के तरीकों को लेकर कई महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं. ऐसा माना जाता है कि रसोई में मां अन्नपूर्णा का वास होता है. वास्तु शास्त्र के मुताबिक, भोजन परोसने का तरीका घर की आर्थिक स्थिति, सुख-समृद्धि और सदस्यों के आपसी संबंधों को सीधे प्रभावित करता है. रोटी परोसते समय वास्तु शास्त्र के अनुसार निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. 1. थाली में कभी न परोसें तीन रोटियां वास्तु और हिंदू संस्कृति में थाली में एक साथ तीन रोटियां परोसना बेहद अशुभ माना जाता है. दरअसल, 3 नंबर को पूजा-पाठ या शुभ कार्यों में वर्जित माना जाता है. इसके अलावा, पारंपरिक रूप से मृतक के श्राद्ध या त्रयोदशी संस्कार के समय ही थाली में तीन रोटियां रखी जाती हैं. ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और परिवार के सदस्यों के बीच आपसी कलह या मानसिक तनाव हो सकता है. यदि किसी को तीन रोटियां खानी भी हैं, तो पहले दो परोसें, उसके बाद एक और दे सकते हैं. 2. हाथ में लेकर न दें रोटी अक्सर लोग जल्दबाजी में तवे से रोटी उतारकर सीधे हाथ में लेकर किसी को दे देते हैं. वास्तु के अनुसार यह बहुत बड़ी गलती है. नियम: रोटी हमेशा किसी प्लेट, थाली या केंटर (रोटी रखने के बर्तन) में रखकर ही सम्मानपूर्वक परोसनी चाहिए. प्रभाव: हाथ में रोटी देना दरिद्रता को आमंत्रण देने जैसा माना जाता है. इससे घर की बरकत चली जाती है और कमाया हुआ धन व्यर्थ के कामों में खर्च होने लगता है. 3. मेहमान को या खाने वाले को बैठकर ही परोसें खाना खाने वाले व्यक्ति का आसन सही होना जरूरी है, साथ ही परोसने वाले को भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. दिशा का महत्व: भोजन करने वाले का मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए. दक्षिण दिशा की ओर मुख करके भोजन करना पितरों का मार्ग माना जाता है, जो सामान्य परिस्थितियों में वर्जित है. परोसने का तरीका: हमेशा आदर और शांत मन से भोजन परोसें. गुस्से या चिड़चिड़ेपन में परोसा गया भोजन खाने वाले के शरीर और मन पर नकारात्मक असर डालता है. 4. बासी आटे की रोटी न बनाएं आजकल फ्रिज में गूंथा हुआ आटा रखकर अगले दिन उसकी रोटियां बनाना आम बात हो गई है, लेकिन वास्तु और स्वास्थ्य दोनों के लिहाज से यह गलत है. प्रभाव: वास्तु शास्त्र के अनुसार, बासी आटे का संबंध राहु और केतु से होता है. ऐसे आटे की रोटी घर में बीमारी, आलस्य और नकारात्मक ऊर्जा लेकर आती है. हमेशा ताजा आटा गूंथकर ही रोटियां बनानी चाहिए. 5. पहली और आखिरी रोटी का नियम वास्तु शास्त्र के मुताबिक, किचन में रोटियां बनाते समय पहली और आखिरी रोटी का एक विशेष नियम होता है. पहली रोटी (गौ ग्रास): तवे पर बनने वाली पहली रोटी हमेशा गाय के लिए निकालनी चाहिए. इससे घर के सभी देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और पितृदोष से मुक्ति मिलती है. आखिरी रोटी: सबसे आखिरी में बनने वाली रोटी कुत्ते या किसी अन्य जानवर के लिए निकालनी चाहिए. इससे राहु-केतु और शनि शांत रहते हैं.

11 जून 2026 को बुध का नक्षत्र परिवर्तन, सभी राशियों पर पड़ेगा असर

 ज्योतिष शास्त्र में बुद्धि, तर्क, संवाद और व्यापार के कारक ग्रह बुध का नक्षत्र परिवर्तन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 जून 2026 को बुध देव अपनी चाल बदलते हुए एक खास नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिसका असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा. कब और किस नक्षत्र में होगा प्रवेश? बुध देव राहु के आर्द्रा नक्षत्र से निकलकर पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. पुनर्वसु आकाश मंडल का सातवां नक्षत्र है और इसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं. गुरु के नक्षत्र में बुध का आना बौद्धिक क्षमता और ज्ञान में वृद्धि कराता है. पंचांग के मुताबिक, 11 जून 2026, गुरुवार को सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर बुध का यह गोचर होगा. इस बार बुध देव इस नक्षत्र में लंबे समय तक रहने वाले हैं. वे 8 अगस्त 2026 तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे (इस दौरान बुध की स्थिति में वक्री और मार्गी चाल का चक्र भी शामिल रहेगा). इन राशियों को होगा जबरदस्त लाभ वृषभ राशि (Taurus) धन की आवक: आर्थिक रूप से यह समय शानदार रहेगा. आसानी से धन की उपलब्धता बनी रहेगी और कई नए अवसर सामने आएंगे. पारिवारिक यात्रा: परिवार के साथ किसी मनोरंजक या धार्मिक यात्रा पर जाने का प्लान बन सकता है. पैतृक संपत्ति से भी लाभ होने के आसार हैं. मिथुन राशि (Gemini) करियर में उन्नति: नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों और बॉस का पूरा सहयोग मिलेगा. प्रमोशन या वेतन वृद्धि के योग बन रहे हैं. आर्थिक स्थिति: व्यापार के क्षेत्र में मुनाफे की अच्छी संभावनाएं हैं. अटका हुआ धन वापस मिल सकता है. व्यक्तिगत जीवन: आपकी वाणी में मधुरता आएगी, जिससे सामाजिक दायरा बढ़ेगा और व्यक्तित्व में निखार आएगा. संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है. सिंह राशि (Leo) आर्थिक लाभ: धन कमाने के एक से अधिक माध्यम तैयार होंगे. निवेश से भी अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है. पारिवारिक जीवन: घर के सदस्यों का भरपूर सहयोग मिलेगा. पुराने बिगड़े हुए रिश्ते और आपसी तालमेल में सुधार होगा. प्रेम जीवन में खुशियां आएंगी. करियर: कार्यस्थल पर चल रहे पुराने विवाद या राजनीति से मुक्ति मिलेगी. कन्या राशि (Virgo) व्यापार और नया काम: नया बिजनेस शुरू करने या किसी नई योजना पर काम करने के लिए यह समय बेहद अनुकूल है. प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने के योग भी बन रहे हैं. सकारात्मक बदलाव: रचनात्मक क्षमता और आत्मविश्वास में भारी बढ़ोतरी होगी. बैंकिंग, शिक्षा और लेखन से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिलेगी. पारिवारिक सहयोग: अटके हुए सरकारी काम बड़ों के आशीर्वाद से पूरे होंगे और परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ेगी.

सीतामढ़ी में दर्दनाक हादसा: आंधी में घर पर गिरा पीपल का पेड़, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत

पटना पूरे बिहार में मौसम का मिजाज बिहारियों को खूब छका रहा है। कई जिलों में भीषण गर्मी का प्रकोप है तो कई जगहों पर आंधी-बारिश ने लोगों को हैरान कर रखा है। सीतामढ़ी जिले में आंधी-बारिश की वजह से बड़ा हादसा भी हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यहां तेज आंधी के बाद एक घर पर पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने की वजह से एक ही परिवार के 5 सदस्यों की मौत हो गई है। घटना सोमवर की रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यहां एक कच्चे मकान पर पीपल का पेड़ गिर पड़ा। अचानक मकान पर पेड़ गिरने की वजह से मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। रात के वक्त घर के अंदर सो रहे लोग मकान के मलबे में दब गए। हालांकि, गांव वालों ने मौके पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और लोगों को मलबे के नीचे से निकालने की कोशिश शुरू की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक स्थानीय लोगों ने बताया है कि यह पीपल का पेड़ काफी पुराना था। पेड़ की जड़ें कमजोर हो चुकी थीं। अचानक तेज हवा चलने की वजह से पेड़ मकान पर आ गिरा जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। इधर इस घटना की सूचना मिलने के बाद सदर एसडीपीओ राजीव कुमार भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया। मृतकों में सिकंदर सहनी की 28 वर्षीय पत्नी पूजा देवी, 7 साल का उनका बेटा राजकुमार, 5 साल की बेटी शिवानी, 2 साल के बेटे वीरभद्र कुमार और महीने के बेटे लाइगर कुमार शामिल हैं। इस हादसे में वीरभद्र घायल हो गया था जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान वीरभद्र ने दम तोड़ दिया। आंधी से कई जगह गिरे पेड़ जिले में सोमवार को दिनभर भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान रहे। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। हालांकि शाम होते-होते मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ कई इलाकों में बारिश हुई। जिससे लोगों को काफी राहत मिली। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई। बारिश शुरू होने के साथ तापमान में गिरावट आई और वातावरण सुहावना हो गया। दिनभर की गर्मी से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ और पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। जिससे कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। बाईपास रोड स्थित चक महिला के राजकीय मध्य विद्यालय के समीप एक बड़ा पेड़ बिजली के तार पर गिर पड़ा। घटना के बाद गौशाला और डुमरा की ओर जाने वाले मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क पर पेड़ गिरने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। आगे कैसा रहेगा मौसम इधर सीतामढ़ी जिले में मौसम को लेकर विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि अगले कुछ दिनों तक जिले में गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है। हालांकि, कहीं-कहीं हल्के बादल छाने की संभावना है। लेकिन इससे तापमान में विशेष कमी आने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। लगातार बनी गर्मी ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है और हर किसी को अब मानसून की बारिश का इंतजार है।

परमा एकादशी 2026: 11 जून को रखा जाएगा दुर्लभ व्रत

एक साल में कुल 24 एकादशी आती हैं, यानी हर महीने दो एकादशी होती हैं, यह बात हम सभी जानते हैं. लेकिन, इन सभी एकादशियों में एक ऐसी भी एकादशी होती है, जो हर साल नहीं आती है. यह है परमा एकादशी, जो केवल अधिक मास के दौरान और वह भी लगभग 3 साल में एक बार ही पड़ती है. यही कारण है कि इसे बेहद विशिष्ट और दुर्लभ एकादशी माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, जब अधिकमास लगता है, तभी कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी कहा जाता है. यह बाकी 24 एकादशियों से अलग है क्योंकि इसका आगमन केवल विशेष संयोग में ही होता है. इसलिए इसका महत्व भी कई गुना अधिक माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सभी एकादशियों पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है और पापों से मुक्ति व पुण्य की प्राप्ति की कामना की जाती है. लेकिन परमा एकादशी को परम यानी सर्वोच्च एकादशी कहा गया है, क्योंकि यह मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाती है. परमा एकादशी की तिथि और समय इस बार परमा एकादशी को लेकर लोगों में तारीख को लेकर थोड़ा भ्रम है, लेकिन स्पष्ट रूप से यह व्रत 11 जून 2026 को रखा जाएगा. एकादशी तिथि इस बार 10 जून की रात 12 बजकर 57 मिनट से शुरू होते ही 11 जून की रात 10 बजकर 36 मिनट पर समाप्त होगी. इसलिए व्रत 11 जून को ही किया जाएगा. विशेष योग इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग बन रहे हैं, जो बेहद शुभ माने जाते हैं. इस दिन किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है, खासकर व्यापार और करियर से जुड़े कामों में. परमा एकादशी का पौराणिक महत्व पुराणों में वर्णन मिलता है कि धन के देवता कुबेर ने भी परमा एकादशी का व्रत किया था, जिसके प्रभाव से उन्हें धनाध्यक्ष का पद प्राप्त हुआ था. वहीं सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र, जिन्होंने अपना राज्य, परिवार और सब कुछ खो दिया था, उन्होंने भी इस व्रत का पालन किया था. इसके प्रभाव से उन्हें अपना खोया हुआ राज्य, परिवार और वैभव पुनः प्राप्त हुआ था. इन उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि यह एकादशी जीवन में सुख, समृद्धि और पुनःस्थापना का मार्ग खोलने वाली मानी जाती है. अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि परमा एकादशी का व्रत रखने और भगवान विष्णु का पूजन करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा था कि जो व्यक्ति इस दिन श्रद्धा से व्रत और पूजा करता है, उसे वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। परमा एकादशी व्रत विधि व्रत से एक दिन पहले (10 जून) रात में भारी भोजन न करें. सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें. घर के मंदिर की सफाई कर दीपक जलाएं. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. पीले पुष्प विष्णु जी को और लाल पुष्प लक्ष्मी जी को अर्पित करें. गंगाजल से स्नान, तिलक और अक्षत अर्पित करें. फल, मिष्ठान और तुलसी दल के साथ भोग लगाएं आरती करें. मंत्र जाप: ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बार जाप करें. शाम को पुनः पूजा करें, भजन-कीर्तन करें और भगवान से अपनी मनोकामना प्रार्थना करें. व्रत के लाभ परमा एकादशी का व्रत रखने से मानसिक शांति और स्थिरता मिलती है. जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है. धन और समृद्धि के मार्ग खुलते हैं. कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं आध्यात्मिक उन्नति होती है.

नारनौल में बारिश से राहत, बाकी हरियाणा में जारी रही भीषण लू

हिसार  प्रदेश में सोमवार शाम को अचानक से मौसम में बदलाव हुआ। राजस्थान सीमा के साथ लगते नारनौल में वर्षा हुई। प्रदेश के बाकी सभी जिलों में मौसम साफ होने के साथ ही सोमवार को लू चली। मंगलवार को भी राजस्थान सीमा के साथ लगते 14 जिलों में लू का यलो अलर्ट जारी किया गया है। यह स्थिति आगामी तीन दिनों तक बनी रह सकती है। 11 जून की रात से मौसम में बदलाव हो सकता और तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को भीषण लू चलने के कारण रोहतक सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां का अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं रविवार देर शाम को आंधी चली। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार सोमवार सुबह से ही प्रदेश में धूप खिलने के कारण लू चल रही थी। शाम को नारनौल में अचानक से मौसम में बदलाव हुआ और हवाओं के साथ वर्षा हुई। इससे वहां पर गर्मी से राहत मिली। वहीं राजस्थान सीमा के साथ लगते बाकी जिलों में लू चलने के कारण गर्मी अधिक रही। इसके चलते रोहतक सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा हिसार का तापमान 43.6 डिग्री तो अंबाला, करनाल और सिरसा का तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया है। 11 जून तक भीषण लू चलने के कारण तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। क्यों अचानक बढ़ा तापमान? मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल ही में सक्रिय रहा पश्चिमी विक्षोभ अब आगे बढ़ चुका है। मैदानी इलाकों पर बना इसका प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी अब कमजोर पड़ गया है। वहीं, पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा उत्तर की ओर खिसक गई है। इसके चलते निचले स्तर की हवाओं की दिशा बदलकर गर्म पछुआ (पश्चिमी) हो गई है। शुष्क और गर्म हवाओं के सीधे प्रभाव के कारण करनाल में सोमवार से बुधवार के बीच अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है, जिससे दोपहर के समय लू का प्रकोप रहेगा।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, अधिकारी मैदान में बढ़ाएं सक्रियता: अरुण साव

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, अधिकारी फील्ड में दिखाएं ज्यादा सक्रियता : अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों, शहरी व्यवस्थाओं, जल जीवन मिशन और खेल सुविधाओं की समीक्षा की विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश, गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने सुकमा जिले में विकास कार्यों और विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुकमा जिला मुख्यालय में आयोजित बैठक में कहा कि प्रभावी कार्यशैली, नई तकनीकों के उपयोग और नियमित फील्ड मॉनिटरिंग से ही जनसमस्याओं का त्वरित समाधान संभव है। उप मुख्यमंत्री साव ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली संभावित बाधाओं का पूर्व आकलन कर समय रहते उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा में उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने, ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा पेयजल योजनाओं का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल स्रोतों के क्लोरीनेशन, पानी टंकियों की साफ-सफाई और नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन-संधारण पर विशेष जोर दिया। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा के दौरान साव ने वर्षा ऋतु से पहले नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई पूर्ण करने, पेयजल गुणवत्ता की नियमित जांच तथा स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जल संरक्षण और शहरी निकायों में नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने  बैठक में अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय, जवाबदेही और टीम भावना के साथ कार्य करें तथा फील्ड में सक्रिय रहकर विकास कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करें। सुकमा के कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

ढाई वर्ष के दौरान निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत

उद्योग मंत्री ने किया 40 लाख रूपए के सड़क डामरीकरण कार्य का शुभारंभ ढाई वर्ष के दौरान निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत रायपुर,   प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्रीलखनलाल देवंागन ने आज नगर कोरबा के दर्री जोनांतर्गत वार्ड क्र. 54 में 40 लाख रूपये की लागत से किये जाने वाले सड़क डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन व शुभारंभ किया। उन्होने कार्य का शुभारंभ करते हुये पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य संपादन करने एवं शीघ्र कार्य को पूरा किये जाने के निर्देश अधिकारियांे को दिये।  नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा लगातार किये जा रहे विकास कार्याे की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में दर्री जोनांतर्गत वार्ड क्र. 54 में कुमगरी मुख्य चौक से पण्डाल होते हुये प्राथमिक शाला कुमगरी तक 40 लाख रूपये से सड़क डामरीकरण का कार्य किया जाना हैं। आज उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने उक्त महत्वपूर्ण विकास कार्य का भूमिपूजन किया, शिलान्यास पट्टिका का अनावरण व नारियल तोड़कर का कार्य शुभारंभ कराया। इस अवसर पर पार्षद नरेन्द्र देवंागन, वार्ड पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, फिरतराम साहू, चन्द्रलोक सिंह, किशन केंवट आदि सहित अन्य लोग उपस्थित थे।  ढाई वर्ष के दौरान निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत  उद्योग मंत्री देवांगन ने इस मौके पर अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आशीर्वाद से विगत ढाई वर्ष के दौरान नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रंातर्गत विभिन्न मदों के अंतर्गत लगभग 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत किये गये हैं, जिसमें अनेकों कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, अनेक प्रगति पर हैं तथा शेष कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होने जा रहे हैं। उन्होने वार्ड क्र. 54 में विकास कार्याे का उल्लेख करते हुये कहा कि इस वार्ड में 93 लाख रूपये के विकास कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, वहीं साढे़ 03 करोड़ रूपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं।  उद्योग मंत्री देवंागन ने अपने उद्बोधन में कहा कि निगम क्षेत्र में 15 करोड़ रूपये के सड़क डामरीकरण कार्य कराये जाने हैं, जैसे-जैसे डामर की उपलब्धता होती जायेगी, यह कार्य संपादित होंगे। उन्होेने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का तेजी से विकास हो रहा है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार की दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य की विभिन्न योजनाओं से प्रदेश व देश के करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होने कहा कि 15 वर्षाे तक डॉ. रमन सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, उन्होने राज्य का ऐतिहासिक विकास किया तथा विकास पुरूष की छबि अर्जित की, अब पुनः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में विकास को तेज गति व सही दिशा दी जा रही है।  उद्योग मंत्री ने जो वायदा किया था, वह पूरा किया  इस अवसर पर वार्ड क्र. 54 के पार्षद मुकुंद सिंह कंवर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान उद्योग मंत्री लाखनलाल देवंागन इस बस्ती में आये हुये थे, यहॉं की सड़क अत्यंत जर्जर थी, उन्होने वायदा किया था कि इस सड़क का डामरीकरण व जीर्णाेद्धार का कार्य किया जायेगा, आज हम सब बस्तीवासियों के लिये अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि देवंागन ने अपना वह वायदा पूरा किया, और आज बस्ती की सड़क का डामरीकरण व जीर्णाेद्धार का कार्य शुरू हो चुका है। उन्होने कहा कि मेरे वार्ड में अन्य वार्डाे की तरह ही व्यापक रूप से विकास कार्य कराये गये हैं, जिसके लिये मैं उद्योग मंत्री लखनलाल देवंागन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत को धन्यवाद देता हूॅं। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान पार्षद नरेन्द्र देवंागन, वार्ड पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, फिरतराम साहू, चन्द्रलोक सिंह, किशन केंवट, रतन सिंह कंवर, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, मण्डल अध्यक्ष मनोज लहरे, पूर्व मण्डल अध्यक्ष ईश्वर सिंह साहू व नारायण सिंह ठाकुर, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, अनिल यादव, जोन कमिश्नर लीलाधर पटेल, यशवंत जोगी, रितेश सिंह, चंदन दास, अजय कुर्रे, कृष्णा यादव, प्रकाश यादव, अभय कुर्रे, गणेश दास, अजय भट्ट, भागवत प्रसाद, रामप्रसाद केंवट, सरवन यादव, दुर्गा महंत, विक्की तिवारी, विक्रांत कुर्रे, सरस्वती केंवट, नगीना महंत, प्रीति पटेल, दुलारी श्रीवास, बहारन सिंह, बोधन दास, मीना आदित्य, आदि साथ अन्य लोग उपस्थित थे।

टॉस जीतकर इंडिया A की बल्लेबाजी, वैभव सूर्यवंशी सस्ते में आउट

दांबुला रीलंका A और इंडिया A के बीच त्रिकोणीय वनडे सीरीज 2026 का पहला मुकाबला आज (9 जून) दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. दोनों टीमों के लिए यह सीरीज का पहला मैच है. भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है. अभी त‍िलक वर्मा और ऋतुराज गायकवाड़ क्रीज पर मौजूद हैं. इस मुकाबले के लाइव स्कोर और मैच से जुड़े अपडेट को हम लगातार एड ऑन कर रहे हैं. भारत ए की पारी की हाइलाट्स इस मुकाबले में भारत ए की शुरुआत खराब रही, आईपीएल में अपने बल्ले से गदर काटने वाले वैभव सूर्यवंशी सबसे पहले आउट हुए. उन्होंने 12 गेंदों पर 14 रन बनाए. इसके बाद प्रभस‍िमरन सिंह (2) पर आउट हुए. इस तरह टीम का स्कोर 16/2 हो गया. इसके बाद प्रि‍यांश आर्य (32) और ऋतुराज गायकवाड़ के बीच 53 रनों की पार्टनरश‍िप हुई. लेकिन आर्य रन आउट हो गए. यह मुकाबला ट्राई नेशन A सीरीज इन श्रीलंका 2026 के तहत खेला जा रहा है. टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों के युवा और उभरते खिलाड़ियों पर चयनकर्ताओं की नजरें हैं. ऐसे खिलाड़ियों के लिए यह मंच भविष्य में सीनियर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है. भारत A और श्रीलंका A के बीच होने वाला यह मैच सीरीज के शुरुआती समीकरण तय कर सकता है. दोनों टीमों के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है और दांबुला की परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम को शुरुआती बढ़त मिल सकती है. इंडिया ए प्लेइंग इलेवन: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेट कीपर), प्रियांश आर्य, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, अनुकूल रॉय, सूर्यांश शेडगे, अंशुल कंबोज, अरशद खान, विप्रज निगम श्रीलंका ए प्लेइंग इलेवन: निरोशन डिकवेला (विकेट कीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवान‍िदु फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), चमिका करुणारत्ने, रविन्दु फर्नांडो, वानुजा सहान, विजयकांत व्यासकांथ, मोहम्मद शिराज, गरुका संकेथ कहां हो रहा लाइव प्रसारण श्रीलंका में 9 से 21 जून तक होने वाली भारत A, श्रीलंका A और अफगानिस्तान A की त्रिकोणीय सीरीज का लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स और सोनी ल‍िव पर होगा. इंडिया A स्कॉड: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, रुतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, अनुकूल रॉय, सूर्यांश शेडगे, अंशुल कंबोज, अरशद खान, विप्रज निगम श्रीलंका  A स्कॉड: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवानिदु फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, साहन अराचिगे (कप्तान), चमिका करुणारत्ने, रविंदु फर्नांडो, वनुजा साहन, विजयकांत व्यासकांत, मोहम्मद शिराज, गरुका संकेथ ट्राई सीरीज का फुल शेड्यूल 9 जून 2026- इंड‍िया A vs श्रीलंका A 11 जून 2026- इंड‍िया A vs अफगानिस्तान A 13 जून 2026- अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 15 जून 2026- इंड‍िया A vs श्रीलंका A 17 जून 2026- इंड‍िया A vs अफगानिस्तान A 19 जून 2026- अफगानिस्तान A vs श्रीलंका A 21 जून 2026- फाइनल मुकाबला