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राजामौली की ‘वाराणसी’ में राम-कुंभकर्ण का 30 मिनट का महायुद्ध, बड़ा खुलासा

दिग्गज फिल्ममेकर एस.एस. राजामौली की आने वाली फिल्म 'वाराणसी' (Varanasi) को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज बना हुआ है. इस फिल्म से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट फैंस की धड़कनें बढ़ा देती है. अब इस मेगा-बजट फिल्म को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल राजामौली के पिता और फेमस राइटर के.वी. विजयेन्द्र प्रसाद ने कन्फर्म किया है कि फिल्म में रामायण के काल से जुड़ा भगवान श्रीराम और महाबली कुंभकर्ण के बीच का एक भयंकर युद्ध देखने को मिलेगा.  यह कोई छोटा-मोटा सीन नहीं, बल्कि पूरे 30 मिनट का एक सीक्वेंस होने वाला है, जो सिनेमाघरों में फैंस के रोंगटे खड़े कर देगा.  फिल्म में सुपरस्टार महेश बाबू भगवान राम के किरदार में नजर आएंगे. अनजाने में खोल दिया फिल्म का बड़ा राज हाल ही में 'फिल्मी फोकस' के एक इवेंट के दौरान राजामौली के पिता विजयेन्द्र प्रसाद से इस 30 मिनट के जादुई सीन के बारे में सवाल किया गया. जब उनसे पूछा गया कि यह सीन पौराणिक पृष्ठभूमि पर आधारित है या फिर इसका कोई पॉलिटिकल कनेक्शन है, तो उन्होंने खुलकर बात रखी. राइटर ने कहा, 'यह असल में राम और कुंभकर्ण के बीच की लड़ाई का सीन है… आपने ट्रेलर में भी इस बात को नोटिस किया होगा, है ना? वहां राम और कुंभकर्ण दिखाई देते हैं. इसके साथ ही भगवान हनुमान की पूंछ और उस पर एक रथ भी नजर आता है. मैं उसी विजुअल की बात कर रहा हूं… वह सच में मंत्रमुग्ध कर देने वाला है.' हालांकि, बातचीत के दौरान उन्हें जल्द ही इस बात का अहसास हो गया कि उन्होंने फिल्म के सस्पेंस को लेकर कुछ ज्यादा ही जानकारी दे दी है. इसके बाद जब उनसे फिल्म के टाइम जोन और इस अनोखे आइडिया के बारे में और कुरेदने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए बात को टाल दिया और कहा, 'हमें इस विषय पर अब और ज्यादा बात नहीं करनी चाहिए.' महेश बाबू को देख राजामौली के खड़े हो गए थे रोंगटे डायरेक्टर एस.एस. राजामौली पहले ही इस बात पर मुहर लगा चुके हैं कि महेश बाबू फिल्म में 'राम' की भूमिका निभा रहे हैं. पिछले साल एक कार्यक्रम के दौरान राजामौली ने महेश बाबू के लुक को लेकर अपना एक्सपीरियंस शेयक किया था. उन्होंने बताया, 'शूटिंग के पहले दिन जब महेश फोटोशूट के लिए भगवान राम के पूरे गेटअप में तैयार होकर मेरे सामने आए, तो उन्हें देखकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे. एक पल के लिए तो मैं खुद उलझन में पड़ गया था. महेश के चेहरे पर जहां एक तरफ भगवान कृष्ण जैसा जादुई आकर्षण है, वहीं दूसरी तरफ श्रीराम जैसी असीम शांति और सौम्यता भी है. उनके इस लुक को देखकर मेरा भरोसा दोगुना हो गया. मैंने उस तस्वीर को अपने फोन का वॉलपेपर भी बना लिया था, लेकिन बाद में इस डर से हटा दिया कि कहीं कोई और इसे देख न ले.' 60 दिनों में शूट हुआ यादगार सीक्वेंस इस महायुद्ध के सीन को फिल्माना राजामौली और उनकी पूरी टीम के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था. राजामौली ने बताया कि इस पूरे सीक्वेंस को कैमरे में कैद करने के लिए उन्हें पूरे 60 दिनों तक लगातार शूटिंग करनी पड़ी, जिसे हाल ही में पूरा किया गया है. उन्होंने कहा, 'शूटिंग का हर एक दिन हमारे लिए एक नई चुनौती लेकर आता था. इस सीक्वेंस का हर एक एपिसोड और सब-एपिसोड अपने आप में एक पूरी फिल्म की तरह भारी-भरकम था; हमें हर एक फ्रेम को नए सिरे से सोचना और प्लान करना पड़ता था. मुझे पूरा विश्वास है कि यह सीन मेरे और महेश बाबू, दोनों के फिल्मी करियर के सबसे यादगार और ऐतिहासिक दृश्यों में से एक साबित होगा.' जब यह सीक्वेंस पहली बार रिलीज हुआ, तो फैंस ने अंदाजा लगाया कि फिल्म टाइम ट्रैवल पर आधारित है. राइटर के अपडेट के बाद इस फिल्म को लेकर उत्साह अब अपने चरम पर है. महेश और पृथ्वीराज के अलावा, इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा भी हैं और यह इंडियन सिनेमा में उनकी वापसी है. यह फिल्म 2027 में रिलीज होने वाली है.

अवैध खनिज ढुलाई पर रोक की तैयारी, बिहार में ट्रांजिट पास सिस्टम लागू

छपरा  बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने राज्य में अन्य राज्यों से लघु खनिज लेकर प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। विभाग के अनुसार 10 जून से बाहरी राज्यों से बालू, पत्थर तथा अन्य लघु खनिज लेकर बिहार आने वाले सभी वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) लेना अनिवार्य होगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य खनिज परिवहन को पारदर्शी बनाना, अवैध ढुलाई पर रोक लगाना तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित करना है। विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यदि परिवहन चालान में खनिज की मात्रा वजन के रूप में दर्ज है तो ट्रांजिट पास के लिए 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन तथा मात्रा आयतन के रूप में अंकित होने पर 85 रुपये प्रति घनमीटर की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से एक ही चालान का बार-बार उपयोग कर खनिज ढुलाई की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। साथ ही बिहार में आयातित खनिजों का सटीक आंकड़ा भी उपलब्ध हो सकेगा। पोर्टल पर कराना होगा रजिस्ट्रेशन खनिज विकास पदाधिकारी सर्वेश कुमार संभव ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित वाहन मालिकों को आईएसटीपी पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के बाद प्राप्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से वाहन मालिक पोर्टल पर लॉगिन कर सकेंगे। अन्य राज्यों से खनिज स्रोत पर परिवहन चालान जारी होने के छह घंटे के भीतर वाहन पर लदे खनिज की मात्रा के अनुसार ऑनलाइन ट्रांजिट पास प्राप्त करना आवश्यक होगा। ट्रांजिट पास का भुगतान भी पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। विभाग ने यह भी बताया है कि आईएसटीपी की वैधता मूल खनिज परिवहन चालान की वैधता के अनुरूप होगी। परिवहन के दौरान वाहन चालक के पास ट्रांजिट पास के साथ-साथ संबंधित राज्य द्वारा निर्गत वैध खनिज परिवहन चालान भी होना जरूरी है। जांच के दौरान दोनों में से कोई एक दस्तावेज नहीं मिलने पर बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2019, यथा संशोधित 2026 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनिज परिवहन में जब्त किए गए वाहनों को निर्धारित जुर्माना जमा करने के बाद ही छोड़ा जाएगा। सारण के खनिज विकास पदाधिकारी ने सभी वाहन मालिकों और परिवहनकर्ताओं से नए नियमों का पूर्ण अनुपालन करने की अपील की है।  

अय्यर को कप्तानी, तिलक बने उपकप्तान; एशियन गेम्स और सीरीज के लिए टीम घोषित

नई दिल्ली आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के अलावा एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम का सेलेक्शन 6 जून (शनिवार) को हुआ. चयनकर्ताओं ने जो टीम चुनी है, उससे बड़े मैसेज निकलकर सामने आए हैं. आईसीसी मेन्स टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैम्पियन बनाने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव को ना सिर्फ कप्तानी से हटाया गया, बल्कि टी20 टीम से भी बाहर कर दिया गया. उनकी जगह श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपी गई है. सबसे बड़ी चर्चा 15 वर्षीय बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी को लेकर है, जिन्हें पहली बार भारतीय सीनियर टीम में मौका मिला है. आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में अपने तूफानी प्रदर्शन से सुर्खियां बटोरने वाले वैभव अब टीम इंडिया की जर्सी में नजर आएंगे. पिछले कुछ दिनों से श्रेयस अय्यर के कप्तान बनने की खबरें सामने आ रही थीं और अब भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने इस पर आधिकारिक मुहर लगा दी. श्रेयस ने आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 2023 में खेला था, लेकिन घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार शानदार प्रदर्शन ने उन्हें फिर से टीम में जगह दिला दी. आईपीएल 2026 में श्रेयस अय्यर ने 14 मैचों में 498 रन बनाए थे. कप्तान के रूप में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है. उन्होंने 2024 के सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को खिताब जिताया, जबकि 2025 में पंजाब किंग्स (PBKS) को फाइनल तक पहुंचाया. इससे पहले 2020 के सीजन में उनकी कप्तानी में दिल्ली कैपिटल्स (DC) फाइनल तक पहुंची थी. चयनकर्ताओं ने इसी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें टी20 टीम की कमान सौंपी है. सिर्फ कप्तानी ही नहीं बदली है, बल्कि उप-कप्तान भी नया चुना गया है. अक्षर पटेल की जगह युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को उप-कप्तान बनाया गया है. यह फैसला साफ संकेत देता है कि भारतीय टीम प्रबंधन लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 और अगले टी20 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए युवा नेतृत्व तैयार करना चाहता है. आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा चर्चा जिस खिलाड़ी की हुई, वो थे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी. राजस्थान रॉयल्स (RR) के इस युवा बल्लेबाज ने 16 मैचों में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप जीता था. उन्होंने पूरे सीजन में 72 छक्के जड़े और क्रिस गेल का एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. वैभव ने सिर्फ आईपीएल में ही नहीं, बल्कि अंडर-19 विश्व कप में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था. फाइनल में शतक लगाकर उन्होंने भारत को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी. अब उन्हें शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला है. हार्दिक-रिंकू भी टीम का हिस्सा नहीं टीम चयन में एक और बड़ा फैसला हार्दिक पंड्या को लेकर सामने आया है. इस स्टार ऑलराउंडर को आयरलैंड, इंग्लैंड और एशियन गेम्स तीनों स्क्वॉड से बाहर रखा गया है. माना जा रहा है कि चयनकर्ता अब उन्हें वनडे क्रिकेट और 2027 विश्व कप की तैयारियों पर फोकस करने देना चाहते हैं. आईपीएल 2026 के दौरान हार्दिक को पीठ में चोट भी लगी थी, जिसके बाद वह कुछ मुकाबलों से बाहर रहे थे. हालांकि अब उन्हें फिटनेस क्लियरेंस मिल चुका है. वहीं मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज रिंकू सिंह को भी टीम में जगह नहीं मिली है, जिनकी हालिया फॉर्म उतनी संतोषजनक नहीं रही थी. प्रिंस यादव की भी एंट्री जसप्रीत बुमराह को आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज से आराम दिया गया है. हालांकि वह एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम का हिस्सा होंगे. चयनकर्ताओं ने यह फैसला उनके वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए लिया है. वहीं आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को पहली बार भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है. लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में 16 विकेट लिए थे | आईपीएलस 2026 में 28 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन करने वाले अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को एक बार फिर नजरअंदाज किया गया है. शानदार सीजन के बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम में जगह नहीं दी, जिससे साफ हो गया है कि फिलहाल उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी की संभावना कम है. आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी. एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती और वैभव सूर्यवंशी.

“राम नाम पर पहले पाबंदी थी” – गोंडा में विपक्ष पर जमकर बरसे सीएम योगी

गोंडा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोंडा को 515.6 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उपहार दिया। उन्होंने इस मौके पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले यहां पर भगवान श्रीराम का नाम लेने पर प्रतिबंध था। भगवान का नाम लेने वाले श्रद्धालुओं पर डंडे बरसते थे। अब ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब अगर कोई उत्सव के रंग में भंग डालने का काम करेगा तो उसका भविष्य स्वाहा हो जाएगा। सीएम योगी ने गोंडा में परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित किया। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद गोंडा का विकास तुष्टीकरण, अराजकता, भाई-भतीजावाद और जातिवाद की भेंट चढ़ गया था। उसी का खामियाजा गोंडा को भुगतना पढ़ा। जहां सरयू मैया की असीम कृपा रहनी चाहिए थी। जहां फसले लहलहाते हुए देश के पेट को भरने का कार्य करती। वह जनपद पिछड़ता गया। सीएम योगी ने कहा कि महाराज सुहेलदेव हमारे लिए प्रेरणा है। आक्रांताओं को दहलाने वाला शौर्य कैसा होना चाहिए, महाराज सुहेलदेव उसके प्रतीक हैं। विदेशी आक्रांताओं के साथ कैसा व्यवहार होना चाहिए, विदेशी आक्रांताओं का मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए इसकी प्रेरणा महराज सुहेलदेव ने हम सबको एक हजार वर्ष पहले दी थी। देश की आजादी में कैसे त्याग और बलिदान होना चाहिए गोंडा उसका प्रतीक है। आज गोंडा के पास अपना इंजीनियरिंग और एग्रीकल्चर कॉलेज है। कम्पोजिट विद्यालय और अस्पताल बन रहे हैं। गोंडा में जहां जो चाहिए वो विकास किया जा रहा है। विकास के कार्य, गरीब कल्याणकारी कार्य, विरासत से जुड़े हुए कार्य, नौजवानों के लिए नौकरी और निवेश के माध्यम से रोजगार हो। यह तब संभव हो पा रहा है, जब आपने कमल का बटन दबाया। अच्छी सरकार चुनोगे तो अच्छे परिणाम आएंगे। सीएम योगी ने कहा कि अब तो श्री अयोध्या धाम में राम भक्त के अलावा कोई 'रामद्रोही' घुस ही नहीं सकता है। ऐसी व्यवस्था कर दी गई है। आज अयोध्या चमक रही है। एक नई अयोध्या का मॉडल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि 2015-16 में भी दुर्गा पूजा के समय गोंडा में दंगे का प्रयास किया गया था। मां दुर्गा की पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन नहीं किया जाता था। उत्सव के पहले उपद्रव होता था। उन्होंने कहा कि बेटी सुरक्षित नहीं। व्यापारी सुरक्षित नहीं। और सत्ता में बैठे लोग 2017 के पहले इन दंगाई और पेशेवर गुंडो के सामने नतमस्तक होते थे। प्रदेश में कर्फ्यू रहता था। अब उत्सव के रंग में किसी ने भंग डालने का काम किया तो उसका वर्तमान तो जाएगा ही, उसका भविष्य भी स्वाहा हो जाएगा। 500 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है। अब उत्तर प्रदेश में कानून का राज है और कोई भी अपराधियों के रंग में भंग नहीं डाल सकता। अयोध्या में अब रामभक्तों के अलावा कोई रामद्रोही कदम भी नहीं रख सकता।

रणथंभौर टाइगर रिजर्व: शावकों संग बाघिन रिद्धि का खूबसूरत वीडियो हुआ वायरल

 रणथंभौर राजस्थान के सबसे बड़े और मशहूर रणथंभौर टाइगर रिजर्व (Ranthambore Tiger Reserve) से एक बेहद ही मनमोहक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो ने वन्यजीव प्रेमियों का दिल जीत लिया है. 'बाघों की नर्सरी' कहे जाने वाले इस रिजर्व में बाघिन टी-124 (RBT-124 Riddhi) अपने शावकों पर मां का प्यार लुटाती और उनकी नटखट अठखेलियों का आनंद लेती नजर आ रही है. वायरल वीडियो में क्या दिखा? 40 सेकंड के इस वीडियो में बाघिन रिद्धि जमीन पर आराम से लेटी हुई अपने दो शावकों को दूध पिलाती नजर आ रही है. तभी पीछे झाड़ियों में से एक और नन्हा शावक अठखेलियां करता हुआ निकलता है और सीधे अपनी मां के पेट पर आकर खड़ा हो जाता है. जब वह नटखट शावक नीचे उतरता है, तो बाघिन अपनी एक टांग हवा में उठाकर उसे भी दूध पीने का इशारा करती है. मां का इशारा पाते ही वह शावक भी अपने बाकी भाई-बहनों के साथ दूध पीने में मग्न हो जाता है. डीएफओ का अंदेशा हुआ सच इससे पहले रणथंभौर के नाल घाटी वन क्षेत्र में वन विभाग की नियमित गश्त के दौरान बाघिन रिद्धि को सिर्फ एक नन्हें शावक के साथ देखा गया था. तब उस शावक की उम्र करीब 2 से 3 महीने आंकी गई थी. रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने उस वक्त बताया था कि अभी बाघिन के साथ एक ही शावक नजर आया है, लेकिन संभवतया उसने और भी शावकों को जन्म दिया होगा. इस नए वायरल वीडियो ने वन विभाग के उस अंदेशे पर मुहर लगा दी है. शावकों को सुरक्षित और अठखेलियां करते देखना बाघ संरक्षण प्रयासों की एक बड़ी सफलता है. बाघिन रिद्धि और उसके शावकों को किसी तरह का व्यवधान न हो, इसके लिए वन विभाग द्वारा नाल घाटी क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. वन विभाग की टीम लगातार इनकी निगरानी कर रही है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. रणथंभौर में कुल कितने बाघ हैं? रणथंभौर में लगातार बढ़ती बाघों की संख्या वन प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक सुखद अहसास है. यहां के बाघों की वजह से न सिर्फ रणथंभौर बल्कि प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व भी आबाद हो रहे हैं. रणथंभौर में बाघों का वर्तमान कुनबा 77 तक पहुंच चुका है. इसमें 25 बाघ हैं, 23 बाघिन और 29 शावक हैं.

चीनी एक्टर जिन जे का 33 साल की उम्र में निधन, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में शोक

 चीनी एक्टर जिन जे का 33 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनके निधन से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में शोक की लहर है। उनकी टैलेंट एजेंसी, शेंगशी गुआंगनियन कल्चर कंपनी लिमिटेड ने आज 6 जून को इस दुखद खबर की पुष्टि की। एजेंसी के मुताबिक जिन जे का निधन 4 जून को चीन के हांग्जो में उनके घर पर हुआ। हालांकि मौत की वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। एजेंसी का बयान एजेंसी ने एक सार्वजनिक बयान में इस दुखद खबर की आधिकारिक पुष्टि करते हुए लिखा, 'हम बहुत दुख के साथ यह एलान कर रहे हैं कि हमारे साथ काम करने वाले एक्टर जिन जे (झांग जियावेई) का 4 जून, 2026 को हांग्जो में उनके घर पर निधन हो गया।' कंपनी ने उन्हें एक बेहतरीन युवा एक्टर और मॉडल बताते हुए उनके परिवार और करीबियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। एजेंसी ने की गुजारिश ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी ने इस कठिन समय में परिवार की निजता का सम्मान करने की भी अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स और न्यूज आउटलेट्स से गुजारिश की कि वे बिना पुष्टि वाली अफवाहें न फैलाएं। न ही ऑनलाइन अटकलें लगाएं, ताकि उनके करीबी लोग शांति से उनके अंतिम संस्कार की तैयारियों पर पूरा ध्यान दे सकें। फैंस और साथी हुए दुखी जिन जे के अचानक निधन की खबर चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल गई। इस दुखद घटना के बाद, फैंस और साथी एक्टर्स की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। सभी उन्हें एक समर्पित, मेहनती कलाकार, सच्चे, मिलनसार और विनम्र व्यक्ति के रूप में याद कर रहे हैं।      जिन जे का करियर 30 जनवरी 1993 को शेडोंग प्रांत के वेइहाई में जन्मे जिन जे ने सबसे पहले एक फैशन मॉडल के तौर पर पहचान बनाई। बाद में उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा और मेनस्ट्रीम टीवी सीरीज के साथ-साथ कामयाबी हासिल की। उन्होंने 'हेलो जोआन', 'फॉरगेट यू रिमेंबर लव', 'बिगन अगेन', 'लीगली रोमांस', 'ब्यूटी रीबॉर्न' और 'डोंट नेगोशिएट विद योर बॉस' जैसे कई रोमांटिक शो में अपने काम से दर्शकों का दिल जीता।  

शिल्पा शिंदे ने कबूला झूठा आरोप, ‘भाबीजी घर पर हैं’ विवाद फिर भड़का

मशहूर टीवी शो 'भाबीजी घर पर हैं' की पूर्व अंगूरी भाभी यानी शिल्पा शिंदे इस समय एक बहुत बड़े विवाद में फंस गई हैं. हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में यह कबूल किया है कि उन्होंने शो के प्रोड्यूसर पर यौन उत्पीड़न (सेक्शुअल हैरेसमेंट) के झूठे आरोप लगाए थे. इस बीच ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिल्पा शिंदे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है. हालांकि, इस चौतरफा आलोचना और कानूनी शिकंजे के डर के बावजूद शिल्पा के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर बेहद आक्रामक अंदाज में पोस्ट शेयर कर अपने आलोचकों को 'जो उखाड़ना है उखाड़ लो' की खुली चुनौती दे डाली है. शिल्पा शिंदे का पोस्ट वायरल चारों तरफ से घिरने के बाद भी शिल्पा शिंदे बैकफुट पर आने को तैयार नहीं हैं. शनिवार को उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक रील और कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए खुद का बचाव किया और एक बेहद बेबाक नोट लिखा. उन्होंने अपनी तस्वीरों के साथ लिखा, 'एक महिला बनो! और हमेशा 'जो उखाड़ना है उखाड़ लो' कहने के लिए तैयार रहो.' इस पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए आगे लिखा, 'जलने वालों जलते रहो, अपना खून किसी जरूरतमंद को मत दो, जला-जलाकर खत्म कर दो.' सेक्शुअल हैरेसमेंट को लेकर पोस्ट इस पोस्ट के बाद शिल्पा ने एक और पोस्ट शेयर किया. जिसमें उन्होंने लिखा, 'अपना PR का काम करते रहिए.लेकिन इस मामले के बारे में झूठी बातें फैलाना बंद कीजिए. यौन उत्पीड़न (सेक्शुअल हैरेसमेंट) का मतलब है – कोई भी ऐसा अनचाहा यौन व्यवहार जिससे किसी व्यक्ति को असहज, डरा हुआ, अपमानित या बुरा महसूस हो. बिना मर्जी के शारीरिक संपर्क, यौन टिप्पणी या मजाक, गलत मैसेज या तस्वीरें, बार-बार अनचाही कोशिशें, यौन भावना जगाने वाले इशारे… इसलिए अपनी मनगढ़ंत थ्योरी फैलाना बंद कीजिए. जागो ग्राहक जागो.' AICWA ने जताई गहरी चिंता दूसरी तरफ, शुक्रवार को ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने इस पूरे मामले पर एक कड़ा आधिकारिक बयान जारी किया. एसोसिएशन ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि 'भाबीजी घर पर हैं' के प्रोड्यूसर संजय कोहली पर पब्लिसिटी या विवाद सुलझाने के लिए यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाना पूरी बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के लिए बेहद चिंताजनक विषय है. 2016 में क्या था विवाद, क्यों लगाए थे झूठे आरोप? इस विवाद की जड़ें साल 2016 से जुड़ी हुई हैं. उस वक्त शिल्पा शिंदे ने अचानक इस बेहद पॉपुलर कॉमेडी शो को छोड़ दिया था और प्रोड्यूसर्स पर मानसिक प्रताड़ना, बकाया पैसे न देने और सेट पर खराब माहौल बनाने के साथ-साथ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगा दिए थे. हालांकि, बाद में यह मामला आपसी समझौते के साथ खत्म हो गया था.  भारती और हर्ष के साथ बातचीत में शिल्पा ने याद किया कि जब उन्होंने ये आरोप लगाए थे, तब उनके दोस्तों ने उन्हें आगाह किया था कि वे क्या कर रही हैं. इस पर शिल्पा ने अब सफाई देते हुए कहा कि कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े उस विवाद को सुलझाने के लिए उनके पास कोई और रास्ता नहीं बचा था और शो छोड़ने के बाद अपने करियर को बचाने के लिए उन्होंने मजबूरी में यह कदम उठाया था.

फीफा वर्ल्ड कप के बीच याद आया भारतीय फुटबॉल का गोल्डन दौर

नई दिल्‍ली  फीफा विश्व कप 2026 का काउंड डाउन जारी है। 11 जून (भारतीय समयानुसार 12 जून) 2026 से फुटबॉल के इस महाकुंभ की शुरुआत होगी और फाइनल 19 जुलाई को खेला जाएगा। टूर्नामेंट की मेजबानी संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको संयुक्त रूप से कर रहे हैं। फीफा विश्व कप 2026 में 48 टीमों के बीच 104 मैच खेले जाएंगे। इन टीमों को 4-4 के 12 ग्रुप में बांटा गया है। 11 जून से 27 जून तक ग्रुप स्‍टेज के मैच होंगे। 28 जून से 3 जुलाई तक राउंड ऑफ 32, 4 से 7 जुलाई तक राउंड ऑफ 16 के मुकाबले खेले जाएंगे। क्वार्टर फाइनल 9 से 11 जुलाई तक होगा। इसके बाद सेमीफाइनल 14 और 15 जुलाई, तीसरे स्थान का मैच 18 जुलाई को होगा। बिना जूतों के उतरी भारतीय टीम आइए इस बीच आपको भारतीय मेंस फुटबॉल टीम के एक ब्लैक एंड व्हाइट दौर में ले चलते हैं। भारतीय फुटबॉल टीम ने 1948 के लंदन ओलंपिक (London Olympics 1948) में डेब्‍यू किया। यह टीम फ्रांस के खिलाफ मैच के लिए नंगे पैर मैदान पर उतरी थी। ऐसे में कई बार सोशल मीडिया पर दावे किए जाते हैं कि प्‍लेयर्स के पास जूते खरीदने के पैसे नहीं थे। सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता भी बहुत कम थी। इस मैच में भारत को 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। स्वतंत्र भारत की ओर से पहला इंटरनेशनल फुटबॉल गोल सरंगापानी रमन ने इसी मैच में किया था। तब भारत के कोच बलेदास चटर्जी थे। अपनी मर्जी से नहीं पहले जूते ओलंपिक की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित 'ओलंपिक में भारतीय फुटबॉल' के बारे में एक डिटेल्‍ड ब्रीफिंग में यह उल्लेख किया गया है कि 31 जुलाई, 1948 को आयोजित मैच के दौरान भारतीय टीम के 11 में से 8 प्‍लेयर्स ने अपनी मर्जी से जूते नहीं पहने थे। हम भारत में फुटबॉल खेलते हैं भारतीय टीम के तब के कप्तान तालीमेरेन एओ (Talimeren Ao) ने अपनी टीम के नंगे पैर खेलने के बारे में कहा, "हम भारत में फुटबॉल खेलते हैं, जबकि आप लोग बूटबॉल खेलते हैं।" माना जाता है कि 8 खिलाड़ियों ने पूर्वी लंदन के क्रिकलफील्ड स्टेडियम के गीले और फिसलन भरे मैदान पर बिना जूते के खेलना पसंद किया। 1953 तक फीफा जैसे कई इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में मैचों के दौरान जूते पहनने के बारे में कोई नियम नहीं थे। भारतीय फुटबॉल का गोल्‍डन एज भारत ने इसके बाद लगातार तीन ओलंपिक खेले। इनमें हेल्सिंकी 1952, मेलबर्न 1956 और रोम 1960 शामिल हैं। मेलबर्न में भारतीय फुटबॉल टीम ने इतिहास रचते हुए सेमीफाइनल का टिकट कटाया और सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली एशियाई टीम बनी। इंडिया ने क्वार्टरफाइनल में मेजबान ऑस्ट्रेलिया को शिकस्‍त दी थी। इसके बाद सेमीफाइनल में भारत को यूगोस्लाविया से हार मिली। साथ ही कांस्य पदक मैच में बुल्गारिया से हारने के कारण सैमार बनर्जी की अगुवाई वाली भारतीय टीम मेडल जीतने से चूक गई। 1948 से 1960 के बीच का दौर भारतीय फुटबॉल के स्वर्ण युग के रूप में माना जाता है।  

ऑनलाइन सीट बुकिंग कर स्टेज कैरिज की तरह चल रहीं बसों पर होगी सख्त कार्रवाई

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश में अखिल भारतीय पर्यटक परमिट (AITP) के तहत संचालित उन बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीटवार बुकिंग कर स्टेज कैरिज की तरह संचालन कर रही हैं। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 9 से 11 जून तक प्रदेशव्यापी विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण ने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश के प्रमुख मार्गों, एक्सप्रेस-वे और टोल प्लाजाओं पर 24 घंटे प्रवर्तन दल तैनात रहेंगे। विशेष रूप से यमुना एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सघन जांच अभियान चलाया जाएगा, ताकि नियमों के विपरीत संचालित हो रही बसों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। अवैध यात्री परिवहन पर रहेगी विशेष नजर परिवहन विभाग के अनुसार, कुछ पर्यटक परमिट धारक बसें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अलग-अलग यात्रियों को सीटवार टिकट बेचकर स्टेज कैरिज की तरह संचालन कर रही हैं, जो परिवहन नियमों के अनुरूप नहीं है। ऐसे मामलों पर रोक लगाने और अवैध यात्री परिवहन को नियंत्रित करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। संयुक्त टीमें करेंगी कार्रवाई डॉ. उदित नारायण ने बताया कि अभियान के दौरान परिवहन विभाग, यात्रीकर अधिकारियों और रोडवेज अधिकारियों की संयुक्त टीमें विभिन्न स्थानों पर जांच करेंगी। चेकिंग के दौरान दस्तावेजों, परमिट की शर्तों और संचालन प्रणाली की गहन पड़ताल की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर चालान, जुर्माना और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गौतमबुद्ध नगर में पहले से जारी है कार्रवाई उन्होंने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में प्रवर्तन विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। मई माह के दौरान 242 बसों की जांच की गई, जिनके खिलाफ विभिन्न मामलों में कार्रवाई करते हुए करीब एक लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा वाहनों पर बकाया 67 लाख रुपये का कर भी जमा कराया गया। यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के पालन पर जोर परिवहन विभाग का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध यात्री परिवहन पर प्रभावी रोक लगाना, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और परिवहन नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराना है। विभाग को उम्मीद है कि विशेष चेकिंग अभियान के माध्यम से नियमों के विरुद्ध संचालित हो रही बसों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।  

बिजली से वंचित टोलों पर प्रशासन का फोकस, DC ने दिए सख्त निर्देश

लोहरदगा झारखंड के लोहरदगा जिले में अब बिजली से वंचित टोलों और गांवों तक भी बिजली सुविधा पहुंचाने की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है. जिले के उपायुक्त संदीप कुमार मीणा की अध्यक्षता में जिला विद्युत समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न बिजली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना तथा संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत चल रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन टोलों और गांवों में अब तक विद्युतीकरण नहीं हो सका है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए. उपायुक्त ने कहा कि जिन क्षेत्रों तक पहुंच पथ उपलब्ध है, वहां जुलाई माह तक हर हाल में विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि ग्रामीणों को बिजली की सुविधा मिल सके. सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लिए अपनाए जाएंगे तकनीकी विकल्प बैठक के दौरान उपायुक्त संदीप कुमार मीणा ने कहा कि जिन दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क या पहुंच पथ उपलब्ध नहीं है, वहां विशेष प्रकार के पोल और अन्य तकनीकी उपायों का इस्तेमाल किया जाए. इसके लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक अनुमति प्राप्त कर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि तकनीकी चुनौतियों के कारण किसी भी गांव या टोले को बिजली सुविधा से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा. नए चिन्हित गांवों का होगा भौतिक सत्यापन उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं को निर्देश दिया कि हाल में चिह्नित किए गए गांवों और टोलों का भौतिक सत्यापन किया जाए. सत्यापन के बाद वहां बिजली आपूर्ति की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं. उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके. कोई भी परिवार बिजली से वंचित नहीं रहेगा उपायुक्त संदीप कुमार मीणा ने स्पष्ट कहा कि जिले का कोई भी परिवार बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित नहीं रहना चाहिए. इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी और अभियंता जिम्मेदारी के साथ कार्य करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर योजनाओं को धरातल पर उतारना सुनिश्चित करें. बैठक में विद्युत विभाग के अधिकारियों और संबंधित पदाधिकारियों ने भी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्यों को पूरा करने का भरोसा दिलाया.