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सरगुजा के किसान देवानंद बने मिसाल, मनरेगा डबरियों से खेती और रोजगार को मिला नया सहारा

मनरेगा की आजीविका डबरियां बन रहीं ग्रामीण समृद्धि का आधार जल संरक्षण, मछली पालन और सिंचाई से किसानों की बढ़ रही आय, सरगुजा के किसान देवानंद बने सफलता की मिसाल रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास और आजीविका संवर्धन की दिशा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) बहुआयामी परिवर्तन का माध्यम बन रही है। योजना के तहत निर्मित ‘आजीविका डबरियां’ जल संरक्षण के साथ किसानों की आय बढ़ाने, भू-जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम अडची के किसान देवानंद इसकी जीवंत मिसाल बनकर उभरे हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति मनरेगा से निर्मित एक डबरी ने बदल दी है। जनपद पंचायत अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत अडची निवासी किसान देवानंद ने वर्ष 2025-26 में अपने खेत में आजीविका डबरी निर्माण का प्रस्ताव रखा था। ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा के अंतर्गत 2 लाख रुपये की लागत से 17×19 मीटर आकार की डबरी का निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य के दौरान ग्रामीण मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला, वहीं देवानंद को खेती और अतिरिक्त आय के नए अवसर प्राप्त हुए। आज यह डबरी वर्षा जल से भरकर उनके खेत की सबसे बड़ी ताकत बन गई है। डबरी के जल से वे अपनी फसलों और सब्जियों की समय पर सिंचाई कर रहे हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि हुई है। साथ ही उन्होंने डबरी में मछली पालन भी शुरू किया है। आगामी छह महीनों में पहली मछली फसल से उन्हें 15 से 20 हजार रुपये की अतिरिक्त आय मिलने की उम्मीद है। इस प्रकार एक ही परिसंपत्ति से सिंचाई और मत्स्य पालन दोनों के माध्यम से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। देवानंद की डबरी केवल एक जल संरचना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक आजीविका का मजबूत आधार बन चुकी है। मात्र 2 लाख रुपये के शासकीय निवेश से निर्मित यह परिसंपत्ति आगामी दो दशकों तक उनके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करेगी। उनकी सफलता से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान भी मनरेगा के माध्यम से डबरी निर्माण और मत्स्य पालन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। सरगुजा जिले में किसानों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से डबरी निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में अब तक 487 आजीविका डबरियां स्वीकृत की जा चुकी हैं, जिनमें से 422 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन डबरियों के माध्यम से वर्षा जल का संचयन हो रहा है, भू-जल स्तर में सुधार आ रहा है, खेतों में नमी बनी रह रही है तथा किसानों को सिंचाई और मत्स्य पालन जैसे अतिरिक्त आजीविका साधन उपलब्ध हो रहे हैं। मनरेगा के अंतर्गत निर्मित आजीविका डबरियां आज ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही हैं। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि जल सुरक्षा और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

दिल्ली अग्निकांड अपडेट: बेसमेंट का दरवाजा बंद होने से बढ़ी तबाही, 37 लोगों को बचाया गया

नई दिल्ली  राजधानी के भीषण अग्निकांड में अब तक 21 लोगों को मौत हो चुकी है। मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में लगी आग के मामले में 37 लोगों को बचाया जा चुका है। जैसे-जैसे रेस्क्यू और जांच आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे एक से हैरान कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग में आग लगी, उसके बेसमेंट का मुख्य दरवाजा बंद था। आग लगने के शायद इसी हड़बड़ी में कई लोग तीसरी मंजिल से नीचे कूद गए। अब सवाल उठ रहा है कि 21 जान लेने वाली इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है? घायलों को लगीं तीन तरह की चोटें अग्निकांड में घायल लोगों को दो-तीन तरह की चोटें आई हैं। घायलों में से कुछ लोगों को स्मॉग की वजह से लंग्स में इंजरी हुई है। वहीं, दूसरी तरफ कुछ लोग बर्निंग का शिकार हुए हैं। जो लोग तीसरी मंजिल से कूदे हैं, उन्हें हड्डी की चोट आई है। कूदने वाले लोगों को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दा भी बिछाया था। जिन 21 लोगों की मौत हुई है, उसमें 9 महिलाएं और 9 पुरुषों की पुष्टि हो चुकी है। बाकी की पहचान की जा रही है। मरने वालों में ज्यादा अफ्रीकी नागरिक आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि आज सुबहमेरे विधानसभा क्षेत्र हौजरानी में एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। मरने वालों में ज्यादा अफ्रीकी नागरिक हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद रेस्टोरेंट में धुआं भर गया, जिसकी वजह से कई लोग बेहोश हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस, दमकल विभाग और एंबुलेंस कर्मियों ने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। तीन लोगों को बेसमेंट से निकाला गया बताया जा रहा है कि दमकल विभाग को सुबह करीब 8.50 बजे मालवीय नगर के 'लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट' में आग लगने की सूचना मिली थी। आग बुझाने के लिए दमकल की 10 गाड़ियां और आपातकालीन वाहन मौके पर भेजे गए। बेसमेंट से 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया था। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। फिलहाल आग लगने का स्पष्ट कारण नहीं पता चल सका है।  

ENG vs NZ: जो रूट 2000 रन और 14,000 टेस्ट रन के करीब, सचिन के रिकॉर्ड पर भी नजर

इंग्लैंड इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट एक बार फिर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने के बेहद करीब हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ 4 जून से लॉर्ड्स में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच में रूट के पास दो बड़े कीर्तिमान हासिल करने का सुनहरा मौका होगा. 35 वर्षीय रूट को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 2000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 75 रन की जरूरत है. अगर वह यह आंकड़ा छू लेते हैं तो टेस्ट इतिहास में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे. फिलहाल रूट ने ब्लैककैप्स के खिलाफ 21 टेस्ट मैचों में 1925 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका औसत 53.47 का रहा है, जबकि उन्होंने 6 शतक और 9 अर्धशतक लगाए हैं. रूट पहले से ही न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. उन्होंने पाकिस्तान के महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद को पीछे छोड़ रखा है. मियांदाद के नाम न्यूजीलैंड के खिलाफ 1919 रन दर्ज हैं, जबकि रूट 1925 रन तक पहुंच चुके हैं. इतना ही नहीं, रूट टेस्ट क्रिकेट में 14,000 रन पूरे करने से भी सिर्फ 57 रन दूर हैं. यदि वह यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं तो भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बाद इस मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे. क्या रूट तोड़ देंगे सच‍िन तेंदुलकर का ऑलटाइम रनों का र‍िकॉर्ड? सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक 15,921 रन दर्ज हैं. रूट फिलहाल इस रिकॉर्ड से 1,979 रन दूर हैं. क्रिकेट जगत के कई विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा फॉर्म और फिटनेस को देखते हुए रूट भविष्य में सचिन के इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं. हाल ही में रूट ने भी स्वीकार किया था कि अब उनके लिए सचिन के रिकॉर्ड को लेकर होने वाली चर्चाओं को नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया है. उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर की उपलब्धियां अविश्वसनीय हैं और उनके साथ तुलना होना ही अपने आप में सम्मान की बात है. रूट ने सचिन की लंबी क्रिकेट यात्रा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बनाए गए 100 शतकों की भी जमकर सराहना की. WTC में है जो रूट का दबदबा वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप चैं(WTC) के इतिहास में भी रूट का दबदबा कायम है. वह WTC शुरू होने के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. रूट ने 74 टेस्ट मैचों में 6480 रन बनाए हैं, जो दूसरे स्थान पर मौजूद ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ से करीब 2000 रन ज्यादा हैं. ऐसे में लॉर्ड्स टेस्ट सिर्फ इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला नहीं होगा, बल्कि जो रूट के लिए कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम करने का भी शानदार अवसर होगा. इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज का शेड्यूल पहला टेस्ट: 4 जून से 8 जून, लॉर्ड्स (लंदन) दूसरा टेस्ट: 17 जून से 21 जून, द ओवल (लंदन) तीसरा टेस्ट: 25 जून से 29 जून, नॉटिंघम

यूपी पंचायत चुनाव मामला: ग्राम प्रधानों की नियुक्ति पर हाईकोर्ट सख्त, ओबीसी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

इलाहाबाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में ग्राम प्रधानों को प्रदेश में पंचायत चुनाव होने और नए प्रधान चुने जाने तक प्रशासक नियुक्त करने संबधी राज्य सरकार के आदेश को चुनौती दी गई। ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के मामले में बुधवार हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई हुई। याची अमरेंद्र नाथ ने बताया कि सुनवाई के दौरान सरकार से सवाल किया कि उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव कब कराए जाएंगे। कोर्ट ने राज्य सरकार से उत्तर पनिर्वाचन आयोग को आदेश दिया कि अगली सुनवाई 10 जुलाई तक पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावित डेट बताएं। इसके साथ ही सुनवाई के दौरान ओबीसी आयोग की रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ व न्यायमूर्ति एके चौधरी की अवकाशकालीन पीठ ने स्थानीय अधिवक्ता ओम प्रकाश प्रजापति की ओर से दाखिल याचिका पर पारित किया है। याचिका में ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने संबधी राज्य सरकार के 25 मई के आदेश को चुनौती दी गई है। कहा गया है कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 12 के तहत प्रधानों का कार्यकाल उनके शपथ लेने के पश्चात से सिर्फ पांच वर्ष का ही हो सकता है। सरकार ने समय पर पंचायत चुनाव न करा के मौजूदा प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त कर दिया। इस प्रकार से उनका कार्यकाल अनिश्चितकाल तक के लिए बढ़ा दिया गया है जो कि विधि विरूद्ध है। याचिका में मांग की गई कि पूर्व व्यवस्था के तहत यदि पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पा रहे तो एडीओ पंचायत या किसी अन्य अधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया जाय। प्रधानों ने प्रशासक के रूप में 27 मई से काम संभाला है यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव न हो पाने पर पहली बार 57694 निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद अब उनके काम के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। प्रशासक की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब नए काम वो डीएम की अनुमति से ही करा सकेंगे। ग्राम पंचायतों के निवर्तमान प्रधानों ने प्रशासक के रूप में 27 मई से काम संभाला है। ऐसे में अब इस तिथि से वह कोई भी नया काम कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से डीएम को प्रस्ताव भेजेंगे। फिर डीएम की अनुमति से ही वह कोई नया काम करा सकेंगे। सिर्फ ग्राम पंचायतों के प्रशासक नियुक्त किए जाने से पूर्व की तिथि से स्वीकृत व अनुमोदित दैनिक, निर्माणाधीन, मरम्मत कार्य और पूर्ण हो चुके कामों का भौतिक व तकनीकी मूल्यांकन कराते हुए भुगतान प्रशासक पूर्व की भांति कर सकेंगे।

राजस्थान हाईकोर्ट में आसाराम मामला: अंतरिम जमानत और जेल सुविधाओं पर सवाल

जोधपुर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद आसाराम के स्वास्थ्य और उसे मिलने वाली सुविधाओं को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. इस मामले में आज सुनवाई रही अधूरी कल फिर इस मामले की होगी सुनवाई होगी. अंतरिम जमानत पर लगाई थी रोक हाल ही में अदालत ने स्वास्थ्य कारणों के आधार पर दी गई उनकी अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाने से इनकार करते हुए राहत समाप्त कर दी. करीब 2 साल से लगातार बढ़ाई जा रही अंतरिम जमानत पर अब रोक लगने के बाद आसाराम को फिर से न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा. राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता के अधिकारों और न्याय की भावना को प्रमुखता देते हुए कहा कि यौन अपराधों के मामलों में पीड़ित पक्ष की चिंताओं और उसके जीवन पर पड़े प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. अदालत ने अपने आदेश में टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में न्याय केवल आरोपी के अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़िता के सम्मान, सुरक्षा और न्याय की अपेक्षाओं की भी रक्षा की जानी चाहिए. अदालत के निर्देशों की पालना पर सवाल मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जानना चाहा है कि पूर्व में मुख्य न्यायाधीश द्वारा आसाराम के संबंध में दिए गए आदेशों का कितना पालन हुआ है. बता दें कि पूर्व में कोर्ट ने आसाराम को जेल में उनकी बीमारी के मद्देनजर उचित समय पर उपचार और दवाइयां मुहैया कराने के निर्देश दिए थे. साथ ही स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए उन्हें घर से बना एक समय का भोजन उपलब्ध कराने की भी अनुमति दी गई थी. अब कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि क्या प्रशासन इन निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहा है या नहीं. अस्पताल में भर्ती हुए आसाराम राज्य सरकार की ओर से कोर्ट से इन निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए कुछ समय की मांग की गई है. इस बीच खबर है कि मंगलवार शाम को जेल में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद आसाराम को उपचार के लिए जोधपुर के आरोग्यं अस्पताल लाया गया. फिलहाल मामले की अगली सुनवाई गुरुवार (4 जून) होनी है, जिसमें सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी.

बरेली विकास प्राधिकरण की बड़ी योजना: आवासीय और औद्योगिक टाउनशिप से बदलेगा शहर का नक्शा

बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में दो नई और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम में तेजी आ गई है। इस शहर के विस्तार और भविष्य की आवश्यकताओं के मद्देनजर बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) के अधिकारियों इसे लेकर मंगलवार को एक बैठक की। बैठक में दोनों योजनाओं के लिए अब तक 445.27 करोड़ रुपए खर्च कर 88 हेक्टेयर भूमि खरीद पर चर्चा की है। अधिकारियों ने दोनों परियोजनाओं के लिए बाकी जमीन के अधिग्रहण और पुनर्ग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया। बीडीए उपाध्यक्ष डा. ए मनिकंडन का कहना है कि दिल्ली-लखनऊ बड़े बाईपास और बरेली-पीलीभीत राजमार्ग से सटे नौ गांवों की 267.19 हेक्टेयर भूमि पर नई आवासीय टाउनशिप विकसित की जाएगी। बीडीए अब तक 424.36 करोड़ रुपए खर्च कर 78 हेक्टेयर भूमि खरीद चुका है। योजना में 45 मीटर और 30 मीटर चौड़ी जोनल सड़कें प्रस्तावित हैं, जबकि सभी आंतरिक सड़कें 18 मीटर चौड़ी होंगी। 132 केवी विद्युत उपकेंद्र, एम्यूजमेंट पार्क, कम्युनिटी सेंटर विकसित की जाएंगी। दोनों परियोजनाओं में शामिल 38 हेक्टेयर ग्राम समाज और शासकीय भूमि के पुनर्ग्रहण की कार्रवाई भी जारी है। बीडीए अधिकारियों का मानना है कि योजनाएं पूरी होने के बाद बरेली में नियोजित शहरी विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। दिल्ली रोड पर बनेगा रोजगार का नया केंद्र दूसरी परियोजना दिल्ली रोड से सटी 126.30 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित औद्योगिक टाउनशिप है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप यहां सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन विकसित किया जाएगा। इसके लिए बीडीए 20.91 करोड़ रुपए खर्च कर 10 हेक्टेयर भूमि खरीद चुका है। इस इंडस्ट्रियल हब में उद्योगों के लिए चौड़ी सड़कें, भूमिगत बिजली नेटवर्क, जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, हरित क्षेत्र, ई-चार्जिंग स्टेशन, गैस लाइन, कॉमन पार्किंग, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और फायर स्टेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी

चित्तौड़गढ़: मेवाड़ विश्वविद्यालय में अनियमितताओं पर सरकार का सख्त कदम, एडमिशन बंद

जयपुर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय में चल रही गंभीर अनियमितताओं और फर्जी डिग्री जारी करने के आरोपों को देखते हुए सभी पाठ्यक्रमों में नए प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों की शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने उदयपुर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया था. इस समिति की रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. विभाग ने इन तथ्यों को आधार बनाकर मेवाड़ विश्वविद्यालय चित्तौड़गढ़ अधिनियम-2009 की धारा 44(1) के तहत यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. एसओजी की कार्रवाई बनी आधार इस मामले में केवल विभाग ही नहीं बल्कि एसओजी (SOG) पुलिस भी सक्रिय है. विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के विरुद्ध एसओजी द्वारा की गई गिरफ्तारियों का मामला विभाग के संज्ञान में आने के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है. उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. मुकेश कुमार शर्मा के हस्ताक्षरों से जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छात्रों के भविष्य, उच्च शिक्षा की साख और जनहित को सुरक्षित रखने के लिए यह निर्णय लेना अनिवार्य हो गया था. अगले आदेश तक प्रवेश प्रक्रिया ठप फिलहाल सरकार ने विश्वविद्यालय के सभी कोर्सों में नए छात्रों के दाखिले को अगले आदेशों तक पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है. प्रशासन ने शैक्षणिक व्यवस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है. जब तक सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती, तब तक विश्वविद्यालय में कोई भी नया छात्र प्रवेश नहीं ले पाएगा.

बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: ‘ऑब्सेशन’ ने पांचवें दिन भी पकड़ी रफ्तार, बाकी फिल्मों पर भारी

 सिनेमाघरों में कई बॉलीवुड फिल्में लगी हैं। इनमें ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’, 'चांद मेरा दिल' और 'पति पत्नी और वो दो' शामिल हैं। इन सभी फिल्मों पर हॉलीवुड फिल्म 'ऑब्सेशन' भारी पड़ रही है। साउथ की फिल्म 'दृश्यम' का कलेक्शन 100 करोड़ से ज्यादा हो गया है। वहीं 'करुप्पु' 200 करोड़ क्लब के करीब है। आइए जानते हैं मंगलवार को सभी फिल्मों ने कितना कलेक्शन किया है। ऑब्सेशन हॉलीवुड की हॉरर फिल्म 'ऑब्सेशन' को भारतीय दर्शक प्यार दे रहे हैं। पांचवें दिन इसने 2.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। सोमवार को इस फिल्म ने भारत में दो करोड़ रुपये कमाए थे। पांच दिनों में इस फिल्म का कुल कलेक्शन 12.50 करोड़ रुपये हो गया है। भारत में यह फिल्म 29 मई को रिलीज हुई थी। दुनियाभर में यह 15 मई को रिलीज हुई थी चांद मेरा दिल लक्ष्य और अनन्या पांडे की अदाकारी वाली फिल्म 'चांद मेरा दिल' का कलेक्शन भी काफी घट गया है। दूसरे मंगलवार को इसने एक करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। सोमवार को इसने एक करोड़ रुपये कमाए थे। फिल्म का टोटल कलेक्शन 26.30 करोड़ रुपये हो गया है। सिनेमाघरों में यह फिल्म 22 मई को रिलीज हुई थी। दृश्यम 3 मलयालम फिल्म 'दृश्यम 3' रिलीज के बाद से ही बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। दूसरे वीकएंड के बाद इसके कलेक्शन में गिरावट आई है। दूसरे मंगलवार को इसने 1.55 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। सोमवार को इसने 2.20 करोड़ रुपये कमाए थे। फिल्म का टोटल कलेक्शन 100.45 करोड़ रुपये हो गया है। करुप्पु सूर्या की अदाकारी वाली फिल्म 'करुप्पु' की कमाई तीसरे वीकएंड के बाद घटी है। तीसरे मंगलवार को इसने 2.05 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। सोमवार को इसने 2.40 करोड़ रुपये कमाए थे। 19 दिनों में फिल्म का टोटल कलेक्शन 186.90 करोड़ रुपये हो गया है। यह फिल्म 14 मई को रिलीज हुई थी।  

दुश्मन को हराना है तो अपनाएं चाणक्य की ये 7 रणनीतियां, बिना बोले भी जीत सकते हैं हर लड़ाई

जरा सोचिए, आप कुछ नहीं बोलते हैं. आप ना गुस्सा दिखाते हैं, ना सफाई देते हैं, ना जवाब देते हैं. लेकिन, सामने वाला अंदर ही अंदर टूटने लगता है. क्यों? दरअसल, इस विषय में चाणक्य कहते हैं कि सबसे खतरनाक हथियार तलवार नहीं, चुप्पी होती है. आज की दुनिया में जो ज्यादा बोलता है, वो जल्दी पकड़ा जाता है. और जो चुप रहता है, वही खेल पलट देता है. आइए चाणक्य नीति से जानते हैं उन 7 ट्रिक्स के बारे में दुश्मन को हराने में आपकी मदद करेगी. चाणक्य नीति के मुताबिक, इन तरीकों से दुश्मन खुद अपनी हार का कारण बनता है और उसे पता भी नहीं चलता है. 1. चुप्पी- सबसे बड़ा डर चाणक्य कहते हैं कि अज्ञात सबसे बड़ा भय है. क्योंकि ऐसी स्थिति में व्यक्ति जल्दी रिएक्ट करता है, जल्दी सफाई देने लगता है और खुद को साबित करने लगता है. और यहीं से आप हारने लगते हैं. क्योंकि जब आप हर बात का जवाब देते हैं, तो आप सामने वाले को अपनी कमी बता देते हैं कि आपकी सोच और आपकी प्रतिक्रिया क्या है. लेकिन जब आप चुप रहते हैं तो सामने वाला कंफ्यूज हो जाता है. ऐसे में वो सोचता है कि ये बोल क्यों नहीं रहा है? क्या इसे कुछ पता है? या ये मुझसे एक कदम आगे है? यहीं से उसके मन में डर शुरू होता है. 2. ऑफिस या लाइफ का असली सीन कोई आपको नीचा दिखाने की कोशिश करता है. अगर आप तुरंत जवाब देते हैं तो वह जीत जाता है. क्योंकि उसे वही मिला जो वह चाहता था, आपकी प्रतिक्रिया. लेकिन, अगर आप शांत रहते हैं,  आत्मविश्वास के साथ. तो ऐसे में बिना बोले ही खेल पलट जाता है. अब लोग आपको नहीं, उसे देखने लगते हैं. 3. धैर्य चाणक्य कहते हैं कि, 'जो प्रतीक्षा कर सकता है, वही शासन करता है.' जब आप रिएक्ट नहीं करते हैं तो दुश्मन बेचैन हो जाता है. वो ज्यादा बोलता है और ज्यादा गलतियां करता है. याद रखिए कि जो ज्यादा बोलता है, वो खुद अपना सबूत बन जाता है. 4. बॉडी लैंग्वेज यानी बिना बोले वार चुप रहना मतलब सिर्फ मौन नहीं होता है बल्कि दुश्मन पर बड़ा वार होता है. 5. दुश्मन खुद टूटता है चाणक्य नीति के मुताबिक, जब सामने वाला बार-बार कोशिश करता है और आप नहीं टूटते हैं तो वह खुद टूटने लगता है. वो उकसाएगा, गॉसिप फैलाएगा, झूठ बोलेगा, लेकिन आप शांत रहते हैं. धीरे-धीरे लोग समझ जाते हैं कि समस्या आप नहीं, वो है. 6. आखिरी वार: मौन चाणक्य कहते हैं कि, मौन तभी तोड़ो जब शब्द तीर बन जाए.' आप लंबे समय तक चुप रहते हैं, सब कुछ देखते हैं, समझते हैं और फिर सही समय पर तथ्य के साथ बस एक वाक्य बोलते हैं. ना गुस्सा, ना बहस और वही एक वाक्य पूरा खेल खत्म कर देता है. अब वो रिएक्ट करता है और आप शांत रहते हैं.

मतदाता सूची सुधार अभियान: धनबाद के 2372 बूथों पर रोज 3 घंटे मिलेंगी सेवाएं

धनबाद  झारखंड में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले की तैयारी की प्रक्रिया चल रही है। 30 जून से एसआइआर होना है। मतदाताओं की सुविधा और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियों को लेकर धनबाद जिला निर्वाचन विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। चार जून से धनबाद जिले के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) प्रतिदिन सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे। इस संबंध में उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी आदित्य रंजन जल्द ही औपचारिक आदेश जारी करेंगे। जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, बीएलओ की बूथ पर नियमित उपस्थिति से मतदाताओं को विभिन्न कार्यों के लिए कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। निर्धारित समय के दौरान अनमैप्ड मतदाताओं की मैपिंग, मतदाता सूची से संबंधित त्रुटियों का सुधार, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, पता परिवर्तन तथा अन्य निर्वाचन संबंधी कार्य किए जा सकेंगे। धनबाद में कुल 2,372 मतदान केंद्र वर्तमान में जिले में 2,372 मतदान केंद्र हैं, जहां बीएलओ प्रतिदिन तीन घंटे उपलब्ध रहेंगे। हालांकि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 2,484 हो जाएगी। जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी कालिदास मुंडा ने बताया कि प्रत्येक बीएलओ को प्रतिदिन तीन घंटे अपने संबंधित बूथ पर रहना अनिवार्य होगा। इससे आम मतदाताओं को सीधे बूथ स्तर पर सेवाएं मिल सकेंगी और अनमैप्ड मतदाताओं की पहचान व मैपिंग का कार्य भी तेजी से पूरा होगा। मदताता सूची को अद्यतन बनाने में मिलेगी मदद उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से एसआईआर अभियान को भी गति मिलेगी और मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं अद्यतन बनाने में सहायता मिलेगी। निर्वाचन विभाग को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से मतदाताओं की भागीदारी बढ़ेगी और चुनावी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा सकेगा।