samacharsecretary.com

जलाशयों में सर्वे के बाद मछुआरों को आधुनिक मत्स्य शिकार तकनीक देने की तैयारी

रांची  मत्स्य शिकार (मछली पकड़ने) की आधुनिक और सही तकनीक से राज्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा। यहां मत्स्य उत्पादन की पर्याप्त संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि इससे जुड़े लोगों तथा मछुआरों को मछली पकड़ने की सही तकनीक का प्रशिक्षण मिले इस उद्देश्य से राज्य में मत्स्य उत्पादन की वर्तमान स्थिति, मछुआरों द्वारा उपयोग की जा रही पारंपरिक मछली पकड़ने की तकनीक तथा भविष्य में उन्नत मत्स्य प्रौद्योगिकी के उपयोग की संभावनाओं के आकलन के लिए राज्य के जलाशयों में तीन दिनों तक क्षेत्रीय सर्वेक्षण किया गया। यह सर्वेक्षण केंद्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई के वैज्ञानिक डॉ. श्रवण कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने किया। सर्वेक्षण के लिए गेतलसूद, तेनुघाट, कांके, हटिया, मैथन एवं पंचेत जलाशयों का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान जलाशयों में उपलब्ध मत्स्य संसाधनों, मछली पकड़ने की वर्तमान पद्धति, उपयोग किए जा रहे मत्स्य जालों, नावों, मत्स्य शिकार की चुनौतियों तथा स्थानीय मछुआरों की प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं का अध्ययन किया गया। विभिन्न स्थलों पर मछुआरों, मत्स्य सहकारी समितियों तथा स्थानीय हितधारकों से चर्चा कर जलाशय आधारित मात्स्यिकी की व्यावहारिक समस्याओं और संभावित तकनीकी समाधानों की जानकारी प्राप्त की गई। सर्वेक्षण में यह पाया गया कि झारखंड के जलाशयों में मत्स्य उत्पादन की पर्याप्त संभावनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन उन्नत एवं वैज्ञानिक मत्स्य शिकार तकनीक, उपयुक्त मत्स्य जालों, सुरक्षित एवं ऊर्जा दक्ष नावों तथा आधुनिक प्रशिक्षण की आवश्यकता है। जलाशयों की भौगोलिक स्थिति, जल की गहराई और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए क्षेत्र विशेष के अनुरूप मत्स्य शिकार तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता महसूस की गई। इस सर्वेक्षण के आधार पर मछुआरों के लिए उन्नत एवं आधुनिक मत्स्य प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने की योजना बनाई जाएगी। प्रशिक्षण में वैज्ञानिक तरीके से मछली पकड़ने की तकनीक, बेहतर एवं चयनात्मक मत्स्य जालों के उपयोग, जलाशय मात्स्यिकी के लिए उपयुक्त नावों का संचालन तथा पर्यावरण अनुकूल विद्युत एवं सौर ऊर्जा आधारित मछली पकड़ने वाली नावों की जानकारी, मछली पकड़ने के दौरान सुरक्षा उपाय तथा मत्स्य संसाधनों के उपयोग पर विशेष जोर दिया जाएगा भविष्य में झारखंड के चयनित जलाशयों में उन्नत मत्स्य जालों, आधुनिक मत्स्य शिकार तकनीकों तथा विद्युत एवं सौर ऊर्जा आधारित मछली पकड़ने वाली नावों के प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाने का प्रस्ताव है। वैज्ञानिक तरीकों से मत्स्य उत्पादन मछुआरों की समृद्धि में सहायक : निदेशक मस्त्य निदेशक अमरेंद्र कुमार ने बताया कि झारखंड के जलाशयों में वैज्ञानिक तरीकों, उपयुक्त प्रशिक्षण और उन्नत मत्स्य उपकरणों के माध्यम से मत्स्य उत्पादन एवं मछुआरों की आजीविका में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा बेहतर मत्स्य प्रौद्योगिकी के प्रसार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा।

फर्जी दस्तावेजों से बनाई गई कंपनी, जमीन और बिजली बिल का हुआ दुरुपयोग

 नई दिल्ली जीएसटी फर्जीवाड़े का एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक कारोबारी की जानकारी के बिना उसके पते, बिजली बिल और कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर फर्जी फर्म खड़ी कर दी गई। इसके बाद उसी फर्म के जरिए करोड़ों रुपये की बोगस बिलिंग कर जीएसटी लाभ हासिल करने का खेल खेला गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने शिकायतकर्ता के बयान पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता रवि कुमार ने आरोप लगाया है कि सोनिया विहार स्थित उनकी संपत्ति के पते का दुरुपयोग कर एक नाम से जीएसटी फर्म रजिस्टर कराई गई। उन्हें जानकारी तब मिली, जब जीएसटी विभाग ने पूछताछ के लिए बुलाया। वहां अधिकारियों ने एक रेंट अग्रीमेंट दिखाया, जिसके आधार पर फर्म का रजिस्ट्रेशन कराया गया था। कभी रेंट एग्रीमेंट पर साइन नहीं किया रवि कुमार का कहना है कि उन्होंने कभी अपनी संपत्ति किसी कपिल नामक व्यक्ति को किराये पर नहीं दी। न ही किसी रेंट एग्रीमेंट पर साइन किए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, दस्तावेज पर मौजूद हस्ताक्षर फर्जी हैं और जालसाजी कर तैयार किए गए शुरुआती जांच में सामने आया कि फर्म के जरिए करीब 34.28 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग की गई हैं। जांच में यह भी सामने आया कि फर्म के जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए उनके घर का बिजली बिल इस्तेमाल किया गया। रवि का दावा है कि उन्होंने कभी किसी को अपना बिजली बिल उपलब्ध नहीं कराया। यह भी आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित फर्म के नाम से बैंक खाता भी खुलवाया गया। इसी खाते से कथित तौर पर फर्जी कारोबारी लेन-देन किए गए और टैक्स लाभ लेने की कोशिश की गई। बोगस बिलिंग का आरोप शिकायतकर्ता का कहना है कि उनकी पहचान और संपत्ति का इस्तेमाल किया गया, जबकि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी। शुरुआती जाच में सामने आया कि फर्म के जरिए करीब 34.28 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग की गई। आरोप है कि इसके माध्यम से करीब 6.17 करोड रुपये का अनुचित जीएसटी लाभ लेने का अनुचित प्रयास किया गया। जाच के दौरान धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल, आपराधिक विश्वासघात और साजिश सही पाए गए। EOW ने 21 मई को केस दर्ज किया। पुलिस अब कथित मास्टरमाइंड कपिल, और पूरे नेटवर्क की जाच कर रही है।  

पेरिस में इगा स्वियातेक का दबदबा जारी, मार्ता कोस्त्युक से होगी अगली टक्कर

 पेरिस  चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक और यूक्रेन की मार्ता कोस्त्युक ने शुक्रवार को फ्रेंच ओपन के चौथे दौर में जगह बनाई। पांच बार की ग्रैंडस्लैम विजेता स्वियातेक ने हमवतन पोलिश खिलाड़ी मैग्डा लिनेट को 6-4, 6-4 से शिकस्त दी जबकि मार्ता ने विक्टोरिया गोलुबिच को 6-4, 6-3 से हराकर दूसरी बार चौथे दौर में प्रवेश किया। मार्ता का सामना अब अगले दौर में स्वियातेक से होगा। 15वीं रैंकिंग पर काबिज मार्ता इस समय बेहतरीन फॉर्म में है और उन्होंने क्ले कोर्ट पर अपनी जीत का सिलसिला लगातार 15 मैचों तक पहुंचा दिया है। रोलां गैरो से पहले उन्होंने मैड्रिड में अपने करियर का सबसे बड़ा खिताब जीता था। इससे पहले उन्होंने फ्रांस के रूएन में भी क्ले कोर्ट पर एक और खिताब अपने नाम किया था। वह 2021 में भी पेरिस में चौथे दौर तक पहुंची थीं जहां उन्हें स्वियातेक के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। चौथे दौर में पहुंचने वाली एक और खिलाड़ी चीन की वांग शियू हैं, जिन्होंने यूक्रेन की यूलिया स्टारोडुब्त्सेवा को 6-3, 7-5 से हराया। चीन की इस क्वालीफायर ने अब तक अपने अभियान में एक भी सेट नहीं गंवाया है। सिनर के बाहर होने इन खिलाड़ियों के लिए मौका दो बार के चैंपियन स्पेन के कार्लोस अलकराज की गैर मौजूदगी और अब गत उपविजेता इटली के जानिक सिनर के दूसरे राउंड में ही उलटफेर का शिकार होने के बाद फ्रेंच ओपन में पुरुषों के ड्रॉ में मुकाबला पूरी तरह से खुल गया है। ऐसे में 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब का काफी समय से इंतजार कर रहे नोवाक जोकाविक सहित एलेक्जेंडर ज्वेरेव और फेलिक्स आगर के पास यह खिताब जीतने का बड़ा मौका है। तीन बार के फ्रेंच ओपन चैंपियन सर्बिया के नोवाक जोकोविक अब सभी दावेदारों में सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। वह अपने रिकॉर्ड 25वें मेजर खिताब की तलाश में हैं और अगर वह जीतते हैं तो 2023 यूएस ओपन के बाद यह उनका पहला मेजर खिताब होगा। 39 साल के जोकोविक इस टूर्नामेंट में अपनी फॉर्म को लेकर सवालों के घेरे में थे। जोकोविक और ज्वरेव के पास मौका हालांकि टूर्नामेंट के पहले राउंड में फ्रांसीसी खिलाड़ी प्रीचर्ड और फिर दूसरे राउंड में रोयर को मैराथन मुकाबले में हराकर वह अपनी फिटनेस साबित कर चुके है। नोवाक के बाद खिताब के अगर सबसे बड़े दावेदार हैं तो वह 2024 के उपविजेता एलेक्जेंडर ज्वेरेव हैं। वह अपने पहले मेजर खिताब की तलाश में हैं। 29 वर्ष का यह जर्मन खिलाड़ी बेहतरीन फॉर्म में हैं। इसके अलावा कनाडाई खिलाड़ी फेलिक्स आगर, स्पेन के नए उभरते सितारे राफेल जोडर, फ्रांस के किशोर खिलाड़ी मोइज कौमे और नार्वे के कैस्पर रूड के पास भी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने का मौका बन गया है।  

चंडीगढ़िया मोहल्ले में पुलिस की छापेमारी, 5.71 लाख रुपये बरामद

सिरसा  सीआईए ऐलनाबाद पुलिस टीम ने शहर के चंडीगढ़िया मोहल्ला क्षेत्र में एक मकान पर दबिश देकर बड़े स्तर पर चल रहे जुए के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से मकान मालिक सहित 25 लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5 लाख 71 हजार 105 रुपये की नकद राशि तथा ताश के पत्ते बरामद किए हैं। पुलिस प्रवक्ता एएसआई राजपाल ने बताया कि सीआईए ऐलनाबाद की पुलिस टीम बीती रात गश्त के दौरान आइटीआइ चौक क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि चंडीगढ़िया मोहल्ला निवासी दीपक उर्फ काका अपने घर में कई लोगों को इकट्ठा कर बड़े स्तर पर जुआ खिलवा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बताए गए मकान पर दबिश दी। पुलिस को देखकर मौके पर मौजूद लोग भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सभी को मौके पर ही काबू कर लिया। तलाशी लेने पर आरोपितों के कब्जे से 5 लाख 71 हजार 105 रुपये की नकदी और ताश के पत्ते बरामद किए गए। गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान हिसार निवासी महेंद्र, ललित कुमार, बलजिंद्र, चंद्रगोपाल, सुनील, अनिल, शसन, मुकेश, सुरेंद्र, राकेश, राजेश, कालांवाली निवासी गुरदित्ता तथा सिरसा निवासी पवन कुमार, मनोज कुमार, अमन, प्रिंस, सज्जन कुमार, दीपक, योगेश और सौरभ चावला सहित अन्य के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ थाना शहर सिरसा में जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

चाणक्य नीति की 3 सीख जो कठिन समय में देती हैं सही दिशा और मानसिक मजबूती

आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी जीवन को सही दिशा देने में बेहद उपयोगी मानी जाती हैं। उनके विचार कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने का रास्ता दिखाते हैं। जब जीवन में चारों ओर संकट दिखाई दे, तब चाणक्य नीति की ये सीखें मानसिक मजबूती और सही निर्णय लेने में मदद कर सकती हैं। यहां जानिए चाणक्य नीति में बताई गई वो 3 जरूरी सीख, जो व्यक्ति को उसके मुश्किल समय में साहस देती है और उनका सामना करना सिखाती है। शत्रुओं से निपटने की सही रणनीति खलानां कण्टकानां च द्विविधैव प्रतिक्रिया। उपानन्मुखभंगो वा दूरतो वा विसर्जनम्॥ चाणक्य नीति में बताया गया है कि दुष्ट और शत्रु स्वभाव के लोगों से निपटने के केवल दो ही रास्ते हैं—या तो उन्हें पूरी तरह नियंत्रित कर लिया जाए या फिर उनसे दूरी बना ली जाए। अनावश्यक विवाद में पड़ने के बजाय समझदारी इसी में है कि ऐसे लोगों को नजरअंदाज किया जाए, ताकि वे आपके जीवन में बाधा न बन सकें। घर में सुख-समृद्धि का रहस्य मूर्खाः यत्र न पूज्यन्ते धान्यं यत्र सुसंचितम् । दाम्पत्योः कलहो नास्ति तत्र श्री स्वयमागता॥ चाणक्य नीति के अनुसार जहां घर में ज्ञान का सम्मान होता है, अन्न और धन का सही प्रबंधन किया जाता है और पति-पत्नी के बीच कलह नहीं होती, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे घरों में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और जीवन में स्थिरता व समृद्धि बढ़ती जाती है। गलत संगति से तुरंत दूरी दुराचारी च दुर्दृष्टिर्दुराऽऽवासी च दुर्जनः । यन्मैत्री क्रियते पुम्भिर्नरः शीघ्र विनश्यति ।। चाणक्य कहते हैं कि दुराचारी और गलत सोच वाले लोगों की संगति व्यक्ति के जीवन को धीरे-धीरे बर्बादी की ओर ले जाती है। ऐसे लोगों के साथ संबंध रखने से मान-सम्मान और मानसिक शांति दोनों प्रभावित होते हैं। इसलिए बुद्धिमानी इसी में है कि बुरी संगति से तुरंत दूरी बना ली जाए।

ई-चालान सिस्टम हुआ और स्मार्ट, 1500 नई हैंडहेल्ड मशीनें तैनात

नई दिल्ली  दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपने चालान और यातायात प्रबंधन सिस्टम में एक बड़ा तकनीकी बदलाव शुरू किया है, जिसका उद्देश्य यातायात नियमें के उल्लंघन को अधिक पारदर्शी, नागरिक अनुकूल, प्रभावी और डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है। लोग मौके पर ही भर सकेंगे चालान इस पहल के तहत अब यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लोग मौके पर ही UPI, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड जैसी विभिन्न डिजिटल भुगतान सुविधाओं से अपने चालान का भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए फील्ड में तैनात ट्रैफिक पुलिस अधिकारी हैंडहेल्ड डिवाइस का उपयोग करेंगे। मामले में क्या बोले ट्रैफिक के अडिशनल पुलिस कमिश्नर ई चालान मशीनों से फिलहाल चालान के साथ-साथ पुराने चालानों का भी डिजिटल भुगतान सड़क पर तैनात ट्रैफिक कर्मियों की सहायता से किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को होने वाली असुविधा तो कम होगी ही साथ ही कैश रहित लेनदेन को भी बढ़ावा मिलेगा। अडिशनल पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) विजयंता गोयल आर्या ने बताया कि चालान का भुगतान डिजिटल रूप में करने की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दिल्लीभर में फील्ड अधिकारियों को लगभग 1,500 नई ई-चालान मशीनें बांटी की जा रही है। कई आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं खास मशीन ट्रैफिक पुलिस मुख्यालय टोडापुर में कुछ ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ये मशीनों बांटकर इस मुहिम की शुरूआत की गई है। इन हैंडहेल्ड डिवाइस के माध्यम से तेज चालान जेनरेशन, तुरंत भुगतान प्रक्रिया, गाड़ी और उल्लंघनकर्ता की फोटो कैप्चर करने, गाड़ी को टो किए जाने की सूचना गाड़ी मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजने और बेहतर डेटा और रेकॉर्ड प्रबंधन जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। भारत बिल पेमेंट सिस्टम से जुड़ चुकी ई चालान प्रणाली जनसुविधा को और बेहतर बनाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ई-चालान प्रणाली को अब भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) से भी जोड़ दिया गया है। इससे कोई भी व्यक्ति किसी भी UPI मोबाइल ऐप्लीकेशन से वर्तमान और पुराने दोनों प्रकार के कंपाउंडेबल चालानों का सुरक्षित, सरल और सहज भुगतान कर सकेंगे। ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई नई मशीनों और डिजिटल भुगतान के बारे में बताने के लिए सभी फील्ड अधिकारियों, जिनमे सर्किल ट्रैफिक इंस्पेक्टर भी शामिल है, उनको ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई। इसमें ई-चालान प्रणाली के संचालन, डिजिटल भुगतान प्रक्रिया और शिकायत निवारण संबंधी प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस आधुनिक तकनीक और स्मार्ट प्रवर्तन समाधानो के माध्यम से यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने, चालान भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, नागरिको को सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है

पटना: कम पूंजी वाले उद्योगों के लिए नई नीति से वित्तीय मदद का रास्ता साफ

पटना बिहार में कम पूंजी से उद्योग लगाने वालों के लिए खुशखबरी है। राज्य में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के दिन बहुरने वाले हैं। इन्हें प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार नई एमएसएमई नीति ला रही है। नई नीति आने के बाद कम पूंजी वाली छोटी इकाइयों को वित्तीय मदद मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। तकनीकी मदद मिलने से इन इकाइयों के उत्पाद निर्यात हो सकेंगे। इससे राज्य में रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य में करीब आठ लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम औद्योगिक इकाइयां हैं। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत भी हर वर्ष नौ हजार से अधिक लघु उद्यमी तैयार किए जा रहे हैं। राज्य में कृषि आधारित, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र, वस्त्र, हस्तकरघा, डेयरी आदि क्षेत्र की इकाइयां ज्यादा हैं। इनमें वस्त्र एवं चर्म उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए नीति बनी हुई है। अन्य इकाइयों के प्रोत्साहन के लिए कोई खास नीति नहीं है। इस कारण इन्हें सरकार से वित्तीय मदद लेने में पापड़ बेलने पड़ते हैं। पूंजी के अभाव में कई इकाइयां प्रतिस्पर्धी बाजार का सामना नहीं कर पाती हैं। तकनीकी रूप से उन्नत नहीं होने के चलते इनके उत्पाद निर्यात के मानक पर खरा नहीं उतर पाते हैं। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए उद्योग विभाग ने एमएसएमई नीति बनाने का निर्णय लिया है। इस पर काम शुरू कर दिया गया है। उद्योग विभाग का मकसद केंद्र सरकार की नीति के लिए दिए जा रहे प्रोत्साहन का भी लाभ उठाना है। केंद्रीय नीति के तहत पूंजीगत अनुदान और रियायती दरों पर लोन दिये जा रहे हैं। इसके बाद दिल्ली, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों ने अपनी एमएसएमई नीति बना ली है। इसके चलते इन राज्यों की एमएसएमई इकाइयों को केंद्रीय सहायता और बैंक लोन आसानी से मिल जाता है। इन इकाइयों को मिलेगी मदद ● खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां (आटा, बेसन, सत्तू, मसाला मिल, बेकरी) ● पशु आहाद, मुर्गी दाना आदि कृषि आधारित उत्पाद, हस्तशिल्प क्षेत्र ● वस्त्र क्षेत्र (कपड़े और रेडिमेड परिधान), हस्तकरघा (पावरलूम) क्षेत्र ● चप्पल-जूते निर्माण, खिलौने, फर्नीचर के अलावा सेवा क्षेत्र की इकाइयां विशेषताएं ● असंगठित रोजगार कर रहे हस्तकरघा, सेवा क्षेत्र लोगों को फायदा ● उत्पादों को वैश्वि बाजार लायक तैयार करने के लिए सहायता मिलेगी ● केंद्रीय नीति के तहत पूंजीगत अनुदान और रियायती दरों पर लोन दिये जा रह हैं ● पूंजीगत अनुदान, तकनीकी मदद मिलेगी ● ऊर्जा और अन्य राजस्व शुल्क में राहत ● उत्पाद को बाजार, निर्यात की सुविधा ● वैश्विक बाजार तक उत्पाद पहुंच सकेगा ● एकीकृत क्लस्टर में इकाइयों को जगह

टॉम हॉलैंड ने स्पाइडर-मैन छोड़ने के दिए संकेत, ‘ब्रांड न्यू डे’ बन सकती है आखिरी फिल्म

फिल्म ‘स्पाइडर मैन- ब्रांड न्यू डे' का फैंस को बेसब्री से इंतजार है। यह फिल्म किसी न किसी वजह से सुर्खियों में बनी ही रहती है। अब इसके मुख्य अभिनेता टॉम हॉलैंड को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जो फैंस के लिए चौंकाने वाली है।   पीटर के किरदार को कहेंगे अलविदा? अभिनेता टॉम हॉलैंड स्पाइडर मैन सीरीज की चार फिल्मों का हिस्सा रहे हैं। मगर हाल ही में एम्पायर मैगजीन से हुई बातचीत में उन्होंने कहा, 'अगला किरदार चाहे माइल्स मोरालेस हो, स्पाइडर-ग्वेन हो, स्पाइडर-वुमन हो या ऐसा ही कोई और, मैं उसके अगले अध्याय की नींव रखने में अपना योगदान देना चाहूंगा। मैं नहीं जानता कि किस तरह मैं इसमें शामिल रहूंगा। मगर स्पाइडर मैन के किरदार को किसी और को सौंपने के बारे में सोच रहा हूं।' आखिरी बार निभाएंगे स्पाइडर मैन के किरदार? इसके साथ ही ‘स्पाइडर मैन- ब्रांड न्यू डे' की रिलीज अब टॉम हॉलैंड और स्पाइडर मैन फ्रेंचाइजी के फैंस के लिए खास हो गई है। टॉम के इस बयान से फैंस अंदाजा लगा रहे हैं कि इस फिल्म में वो आखिरी बार स्पाइडर मैन और पीटर पार्कर के रूप में दिखाई देगें। टॉम ने साल 2016 में 'कैप्टन अमेरिका' से मार्वल की दुनिया में कदम रखा था। अब तक उन्हेंने तीन बार स्पाइडर-मैन फिल्मों में अभिनय किया है। जुलाई में रिलीज होगी फिल्म ‘स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे’ जल्द सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म का ट्रेलर मार्च में रिलीज किया गया था। फिल्म में टॉम हॉलैंड के अलावा जेंडाया और मार्क रफ्लो भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। इसका निर्देशन डेस्टिन डेनियल क्रेटन ने किया है। इस बार फिल्म की कहानी इसी नाम की एक कॉमिक से प्रेरित होगी। इसके साथ ही ये स्पाइडर मैन सीरीज की पिछली फिल्म 'नो वे होम' से आगे की कहानी बयां करेगी। यह 31 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

आधी रात जारी हुआ आदेश, कुचामन तहसीलदार का ट्रांसफर

जयपुर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के कुचामन दौरे के दौरान हुए बवाल का असर अब प्रशासनिक अधिकारियों पर दिखना शुरू हो गया है. मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने और विरोध प्रदर्शन करने वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं की जमानत याचिका मंजूर करने वाले कुचामन सिटी के तहसीलदार कैलाश ईनाणियां का राज्य सरकार ने आधी रात को तबादला कर दिया है. इसे राजनीतिक हलकों में एक बड़ी 'पनिश्ड पोस्टिंग' के रूप में देखा जा रहा है. देर रात 1 बजे आया ट्रांसफर ऑर्डर जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार ने शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे एक प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए कुचामन सिटी के तहसीलदार कैलाश ईनाणियां का तबादला सीधे बांसवाड़ा जिले के गांगड़ तलाई में कर दिया. सरकार का रुख इस मामले में कितना सख्त था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आदेश आते ही डीडवाना जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया. कलेक्टर ने उन्हें तुरंत नए पद पर जॉइन करने के निर्देश दिए हैं और कुचामन तहसीलदार का अतिरिक्त कार्यभार नावां तहसीलदार को सौंप दिया है. जमानत देने का भुगतना पड़ा 'खामियाजा'? भले ही प्रशासनिक स्तर पर इसे एक नियमित प्रक्रिया बताया जा रहा हो, लेकिन डीडवाना-कुचामन के राजनीतिक गलियारों में चर्चा गर्म है कि तहसीलदार को आरएलपी कार्यकर्ताओं को राहत देने का खामियाजा भुगतना पड़ा है. दरअसल, मदन राठौड़ के घेराव के मामले में पुलिस ने जिन आरएलपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था, उनकी जमानत याचिका तहसीलदार कैलाश ईनाणियां की कोर्ट में पेश हुई थी. तहसीलदार ने कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी जमानत मंजूर कर ली थी. माना जा रहा है कि सत्ता पक्ष इस फैसले से नाराज था, जिसके बाद यह आधी रात वाला एक्शन हुआ. RLP नेता रामनिवास पोषक फिर गिरफ्तार इस पूरे घटनाक्रम के बीच कुचामन में राजनीतिक पारा और चढ़ गया है. शुक्रवार की देर रात पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए आरएलपी के कद्दावर नेता रामनिवास पोषक सहित कुछ अन्य कार्यकर्ताओं को एक दूसरे मामले में पुनः गिरफ्तार कर लिया है. कार्यकर्ताओं की रिहाई के बाद इस दोबारा हुई गिरफ्तारी से हनुमान बेनीवाल की पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है.

लाल किले हमले के बाद अलर्ट, दिल्ली पुलिस ने हथियारों संग आतंकी मॉड्यूल पकड़ा

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को फिर से दहलाने की साजिश रची जा रही थी। लेकिन समय से पहले एक्शन लेते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी आईएसआई-मुंबई अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के इशारे पर काम करने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें दिल्ली में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने का काम सौंपा गया था। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के अनुसार, इनके पास से हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं। पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में थे सभी आरोपी दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के मुताबिक ये सभी आरोपी पाकिस्तानी आईएसआई हैंडलर के इशारे पर काम कर रहे थे। उन्हें दिल्ली के हॉटस्पॉट इलाकों में हमला करने का काम सौंपा गया था। इतना ही नहीं सुरक्षाकर्मियों पर भी हमला करने की प्लानिंग थी। इनके पास से कई खतरनाक हथियार और विस्फोटक बरामद हुए हैं। लाल किले हमले के बाद यह गिरफ्तारियां अहम मानी जा रही बता दें कि दिल्ली के लाल किले पर हमले के बाद यह गिरफ्तारियां अहम मानी जा रही हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में, पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा ने जमीनी स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने और उभरते खतरों की पहचान करने के लिए राजधानी के प्रत्येक पुलिस स्टेशन में समर्पित आतंकवाद-विरोधी इकाइयों (सीटीयू) के गठन का आदेश दिया था। सीटीयू को दी गई थी ये जिम्मेदोरी इन इकाइयों को संवेदनशील स्थानों की निगरानी करने, कट्टरपंथी व्यक्तियों का पता लगाने, अस्थाई आबादी की पुष्टि करने और आतंकी गतिविधियों से जुड़े संदिग्धों, गैंगस्टरों और हवाला संचालकों पर नजर रखने का काम सौंपा गया है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह कदम खुफिया जानकारी के आधार पर उठाया गया है, जिसमें संकेत मिले हैं कि विदेशों से संचालित आतंकी सरगना भारत में अपने गुर्गों की भर्ती, उन्हें कट्टरपंथी बनाने और मार्गदर्शन करने के लिए एन्क्रिप्टेड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और स्थानीय स्लीपर नेटवर्क का तेजी से उपयोग कर रहे हैं।