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सरकारी योजना ने दिलाई नई पहचान, झाबुआ के अर्पित अब हर महीने कमा रहे 25 हजार रुपए

सफलता की कहानी भगवान बिरसा मुण्डा योजना से झाबुआ के अर्पित बने आत्मनिर्भर  शुरू किया अमूल पार्लर अब हर माह कमा रहे 25 हजार रुपए भोपाल  जिंदगी में अपने पैरों पर खड़े होने की इच्छा हर इंसान के मन में होती है। हर व्यक्ति आर्थिक एवं सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहता है, लेकिन सफलता उसी को मिलती है जो अपने लक्ष्य को ध्यान में रखकर निरंतर मेहनत करता है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है झाबुआ के वार्ड क्रमांक 16, मेघनगर नाका, के अर्पित पिता पारसिंह मचार की। उन्होंने स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सतत् प्रयास किया। अर्पित ने स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद निजी क्षेत्र में कार्य किया, लेकिन वे अपने कार्य से पूर्णतः संतुष्ट नहीं थे। उनके मन में स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने की इच्छा थी। इसी उद्देश्य से उन्होंने अमूल पार्लर (मिल्क पार्लर) प्रारंभ करने का निर्णय लिया। व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता होने पर उन्होंने शासन की “भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना” के अंतर्गत ऋण प्राप्त करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने आदिवासी वित्त एवं विकास निगम, झाबुआ कार्यालय में संपर्क किया। 5 लाख के ऋण से शुरू किया अमूल पार्लर, अब हर माह हो रही 25 हजार रूपये की आय मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम, झाबुआ द्वारा भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना अंतर्गत ऋण प्रकरण एम.पी. ऑनलाइन के माध्यम से भारतीय स्टेट बैंक, राजवाड़ा शाखा, झाबुआ को प्रेषित किया गया। बैंक द्वारा प्रकरण का परीक्षण करने के उपरांत अर्पित को 5 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। ऋण स्वीकृति प्राप्त होने के तुरंत बाद अर्पित ने अमूल पार्लर प्रारंभ कर अपना व्यवसाय शुरू किया। आज वे अपने व्यवसाय से प्रतिमाह लगभग 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने अपनी इकाई में एक अन्य व्यक्ति को सहायक के रूप में रोजगार भी प्रदान किया है। रोजगार की तलाश से आत्मनिर्भरता तक, अर्पित ने युवाओं को दिया प्रेरणा का संदेश  अर्पित का कहना है कि पहले वे रोजगार की तलाश में भटकते थे, लेकिन आज स्वयं का व्यवसाय संचालित कर आत्मनिर्भर बन चुके हैं। वे अपनी सफलता का श्रेय मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना को देते हैं। उनका मानना है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प और मेहनत करने का जज्बा हो तो सफलता अवश्य मिलती है। शासन की योजनाओं का लाभ लेकर युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं। ''भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार'' योजना के बारे में जानकारी मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से “भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना” संचालित की जा रही है। योजना के तहत पात्र युवाओं को स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। योजना के अंतर्गत विनिर्माण इकाई स्थापित करने हेतु 1 लाख रुपये से 50 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही हितग्राहियों को 7 वर्षों तक 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाता है तथा गारंटी फीस का भुगतान मध्यप्रदेश शासन द्वारा किया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को अनुसूचित जनजाति वर्ग का सदस्य होना अनिवार्य है। आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही आवेदक के पास अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र, वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम होने का प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, कक्षा 8वीं उत्तीर्ण की अंकसूची, बैंक पासबुक की छायाप्रति, आधार कार्ड, पैन कार्ड, समग्र आईडी, राशन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो एवं मोबाइल नंबर होना आवश्यक है। इस योजना में सेवा इकाई एवं खुदरा व्यवसाय के लिए भी 1 लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक की परियोजनाओं को शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत ब्यूटी पार्लर, वाहन मरम्मत, साइकिल रिपेयरिंग, किराना दुकान, फोटोकॉपी, फोटोग्राफी, ऑफसेट प्रिंटिंग प्रेस, मोटरसाइकिल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिकल कार्य, टेंट हाउस, ढाबा, होटल आदि व्यवसाय शुरू किए जा सकते हैं। वाहन संबंधी योजनाओं के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य रहेगा। पात्र युवक-युवतियां एमपी ऑनलाइन के माध्यम से अथवा अपने जिले के आदिवासी वित्त विकास निगम कार्यालय में संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। 

हादसे में दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल, मौके पर मची अफरा-तफरी

उमरिया जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत तिवनी गांव के पास शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पुलिया पर पलट गई। हादसे में 5 लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब दो दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जा रहे थे धार्मिक कार्यक्रम में जानकारी के अनुसार पाली से लगे ग्राम गिंजरी के ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर बिजौरा गांव में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान तिवनी गांव स्थित शनिधाम के पास पुलिया पर ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया और ट्रॉली पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना तेज था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। हालांकि संयोग से ट्रैक्टर पुलिया के नीचे नहीं गिरा, अन्यथा दुर्घटना और भी भयावह हो सकती थी।  

किसानों से अब तक 1.4 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश ने गेहूं उपार्जन में नया रिकॉर्ड बनाया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों से अब तक 1.4 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 हजार करोड़ रुपये का किसानों को किया जा चुका है भुगतान प्रदेश में सबसे लम्बे समय तक गेहूं खरीद की व्यवस्था की गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन पर वीडियो संदेश के माध्यम से दी जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने इस वर्ष गेहूं उपार्जन में अपने सभी लक्ष्य हासिल करते हुए नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। प्रदेश में किसानों से अब तक रिकॉर्ड 1.4 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को 2585 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य और प्रति क्विंटल 40 रुपए बोनस का लाभ दिया है। किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का भुगतान किया। अब तक किसानों को गेहूं उपार्जन की 24 हजार करोड़ राशि दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में आज वीडियो संदेश के माध्यम से ये जानकारी दी। किसानों की संख्या के मामले में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं खरीदने के लिए किसानों की संख्या के मामले में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश में इस वर्ष गेहूं की पैदावार बढ़ी है। देश में सर्वाधिक गेहूं उत्पादन वाले राज्यों में पंजाब के बाद मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश सर्वाधिक लंबे समय तक गेहूं खरीद की व्यवस्था लागू करने वाला एकमात्र राज्य है। सरकारी खरीद के लिए पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं गोदामों तक पहुंच चुका है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटे और मध्यम श्रेणी के किसानों से पहले गेहूं खरीदा गया। यह व्यवस्था प्रदेश में पहली बार लागू की गई। छोटे किसानों से अब तक लगभग 32.72 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इसके बाद बड़े किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिला। अब तक लगभग पौने 14 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन कर लिया गया है। सरकारी खरीद के लिए पंजीयन कराने वाले सभी किसान भाई-बहनों का गेहूं गोदाम तक पहुंच चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति और विश्व में उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा है। इस कठिन दौर में भी रिकॉर्ड गेहूं खरीदी की गई है। राज्य सरकार किसानों के लिए अनेक जन हितैषी निर्णय ले रही है। अन्नदाता भाई-बहनों की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने यह पूरा वर्ष कृषक कल्याण को समर्पित किया है। प्रदेश का हर किसान समृद्ध और खुशहाल हो, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, फसल उत्पादन और फूड प्रोसेसिंग से किसानों की आय में वृद्धि हो, यह हमारी प्रतिबद्धता है।

निपुण भारत मिशन को रफ्तार देगी योगी सरकार, जिला समन्वयकों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

निपुण भारत मिशन को मिलेगी नई गति, योगी सरकार जिला समन्वयकों को देगी विशेष ट्रेनिंग – 1 और 2 जून को लखनऊ में होगा राज्य स्तरीय प्रशिक्षण, प्रदेश के सभी जिलों से पहुंचेंगे जिला समन्वयक – निपुण भारत मिशन और गुणवत्ता शिक्षा संवर्धन गतिविधियों की जमीनी मॉनिटरिंग को मिलेगा नया आधार – प्रशिक्षण के जरिए स्कूल शिक्षा में सीखने के परिणामों और अकादमिक गुणवत्ता सुधार पर रहेगा फोकस – राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), लखनऊ में होगा प्रशिक्षण लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार अब निपुण भारत मिशन और गुणवत्ता शिक्षा अभियान को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसी क्रम में राज्य स्तर पर कार्यरत जिला समन्वयक (निपुण भारत मिशन) एवं जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) के लिए 1 और 2 जून को राज्य स्तरीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को संबंधित जिला समन्वयकों की प्रशिक्षण में अनिवार्य सहभागिता सुनिश्चित कराए जाने संबंधी निर्देश दिए गए हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), लखनऊ में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 75 जनपदों से जिला समन्वयक प्रतिभाग करेंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य निपुण भारत मिशन और गुणवत्ता शिक्षा संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुश्रवण और मूल्यांकन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है। निपुण भारत मिशन एक शैक्षिक कार्यक्रम के साथ-साथ बच्चों की सीखने की बुनियादी  क्षमता को सुदृढ़ करने का व्यापक अभियान है। योगी सरकार ने पिछले एक दशक में परिषदीय शिक्षा के ढांचे, तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था और शिक्षण पद्धतियों में व्यापक सुधार किए हैं। ऑपरेशन कायाकल्प, स्मार्ट क्लास, डिजिटल मॉनिटरिंग, ई-कंटेंट और निपुण भारत मिशन जैसे अभियानों के माध्यम से परिषदीय शिक्षा व्यवस्था में बड़े परिवर्तन लाए गए हैं। अब जिला समन्वयकों के विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से इन सुधारों को विद्यालय स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने और शिक्षा व्यवस्था को अधिक परिणाममुखी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दो बैचों में होगा प्रशिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया जाएगा। पहले बैच का प्रशिक्षण 1 जून को होगा, जिसमें आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, देवीपाटन, गोरखपुर और चित्रकूट मंडल के जिलों के प्रतिभागी शामिल होंगे। वहीं दूसरे बैच का आयोजन 2 जून को किया जाएगा, जिसमें झांसी, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर और वाराणसी मंडल के जिला समन्वयक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। अकादमिक अनुश्रवण और सीखने के परिणामों पर रहेगा विशेष फोकस प्रदेश सरकार का मानना है कि जब जिला स्तर पर अकादमिक मॉनिटरिंग और प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी, तभी विद्यालयों में सीखने के परिणामों में वास्तविक सुधार दिखाई देगा। इसी सोच के तहत प्रशिक्षण के माध्यम से जिला समन्वयकों को अकादमिक एवं प्रशासनिक अनुश्रवण, डेटा आधारित योजना एवं निर्णय निर्माण, प्रभावी समीक्षा प्रक्रियाओं, शिक्षक सहयोग तंत्र तथा सीखने के परिणामों (एसएलओज) में सुधार हेतु आवश्यक प्रक्रियाओं और प्रणालियों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही जिला समन्वयकों को निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों, आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन), गुणवत्ता मूल्यांकन, शिक्षकों के क्षमता संवर्धन, गतिविधि आधारित शिक्षण तथा विद्यालयों में गुणवत्ता शिक्षा संवर्धन से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा और जिला स्तर पर बेहतर योजना, प्रभावी अनुश्रवण और शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण सीखने को बढ़ावा दिया जायेगा।

बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल दुर्घटना को मुख्यमंत्री ने बताया हृदय विदारक, राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश

हमीरपुर हादसे पर सीएम योगी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल दुर्घटना को मुख्यमंत्री ने बताया हृदय विदारक, राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश प्रदेश के कई जिलों में आंधी-तूफान, बारिश व आकाशीय बिजली से हुए नुकसान का भी सीएम ने लिया संज्ञान सभी जिलाधिकारियों को तत्काल सर्वे कर नुकसान का आकलन करने और राहत राशि शीघ्र जारी करने के निर्देश सीएम की आमजन से अपील- खराब मौसम में रखें विशेष सतर्कता और अनावश्यक यात्रा से बचें लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमीरपुर जिले में बेतवा नदी के निर्माणाधीन पुल पर हुई दर्दनाक दुर्घटना में श्रमिकों की मौत पर गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने हादसे को अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। सीएम ने मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने गुरुवार देर रात कई जिलों में तेज आंधी-तूफान, बारिश और आकाशीय बिजली से भारी तबाही का भी संज्ञान लेते हुए सभी जिलाधिकारियों को बचाव कार्य तेज करने, नुकसान का आकलन करने और राहत राशि जल्द जारी करने के निर्देश दिए हैं। हमीरपुर हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल इसका संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को एसडीआरएफ के साथ मिलकर राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों को तत्काल बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद सुनिश्चित करने को कहा है। प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। गुरुवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान, बारिश व आकाशीय बिजली से प्रदेश के कई जिलों में भारी नुकसान तथा जनजीवन प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तत्काल फील्ड में जाकर सर्वे कर नुकसान का आकलन करने और राहत राशि शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और हर तीन घंटे में स्थिति की अद्यतन रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मुआवजा वितरण, राहत शिविरों, बचाव अभियान और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करने को भी कहा गया है, ताकि आमजन तक सही और समयबद्ध सूचना पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

अचानक बाजार में बड़ी गिरावट, Sensex 1100 अंक टूटा; निवेशकों के डूबे लाखों करोड़

मुंबई  बाजार बंद के दौरान,शुक्रवार को अचानक स्‍टॉक मार्केट में भारी गिरावट आई. सेंसेक्‍स-निफ्टी सभी इंडेक्‍स दबाव में रहे. दोपहर 3 बजे निफ्टी करीब 400 अंक टूटकर 23,500 पर पहुंच गया. वहीं सेंसेक्‍स 1150 अंक टूटकर 74,800 के ऊपर था. सबसे ज्‍यादा दबाव मिडकैप और स्‍मॉलकैप में दिखाई दिया, जहां सबसे ज्‍यादा मुनाफावसूली हुई।  BSE टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 4 शेयर ही मामूली तेजी पर कारोबार कर रहे थे, बाकी सभी 26 शेयर बिखर गए हैं. सबसे ज्‍यादा गिरावट इंडिगो, टाटा स्‍टील और पावरग्रिड जैसे शेयरों में आई है।  हालांकि कारोबार बंद होने तक, निफ्टी 360 अंक या 1.50 फीसदी गिरकर 23,547 पर था और सेंसेक्‍स 1092 अंक या 1.45 फीसदी गिरकर 74775 पर था. बैंक निफ्टी में भी 600 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट आई।  5.56 लाख करोड़ का नुकसान बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से देखें तो बुधवार को बीएसई का मार्केट कैप 470.75 लाख करोड़ रुपये था, जो आज 5.56 लाख करोड़ रुपये गिरकर 45.19 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. इसका मतलब है कि निवेशकों की वैल्‍यूवेशन 5.56 लाख करोड़ कम हुई है।  क्‍यों गिरा शेयर बाजार?  अमेरिका ईरान जंग: अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है. रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान गुरुवार को अपने युद्धविराम को बढ़ाने और होर्मुज से होकर गुजरने वाले जहाजों पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के लिए एक समझौते पर पहुंच गए हैं, हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं किया है, और ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा है कि इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है।  वीआईएक्‍स में तेजी: इंडिया VIX में तगड़ी बढ़ोतरी हो गई है, जो 6% बढ़कर 15.91 पर पहुंच गया है. यह एक बड़े गिरावट का संकेत देता है।  FII की सेलिंग: भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं. सबसे जयादा बिकवाली साल 2026 में देखी जा रही है, जो अभी तक 2.20 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की है. बुधवार को 1040 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए थे।  मुनाफावसूली: सबसे बड़ा कारण दो दिनों की छुट्टी के कारण बाजार में अचानक से मुनाफावसूली मानी जा रही है. ग्‍लोबल इम्‍पैक्‍ट के कारण गिरावट के साथ ज्‍यादातर सेक्‍टर में बिकवाली देखने को मिली. ऑटो से लेकर फाइनेंशियल, मेटल, ऑयल एंड गैस सेक्‍टर में 2 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट रही. हालांकि, आईटी और कंज्‍यूमर गूड्स ने थोड़ा सपोर्ट देने का प्रयास किया, लेकिन यह बड़ी गिरावट को रोकने में नाकाम रहे।  मानसून देरी से आने का अनुमान  बाजार में गिरावट की एक और बड़ी वजह मानी जा रही है, वह मानसून के देरी से आने का अनुमान है. देश के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी की लहरें जारी रहने के बावजूद, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूर्वानुमान को दीर्घकालिक औसत के 92% से घटाकर 90% कर दिया, जो इस बात का संकेत है कि जून से सितंबर के दौरान भारत में सामान्य से कम वर्षा होने का खतरा है।  हैवीवेट शेयरों में बड़ी गिरावट मार्केट में हैबीवेटज रखने वाले स्‍टॉक रिलायंस के शेयरों में करीब 2 फीसदी की गिरावट रही. टीसीएस में भी 1 फीसदी से ज्‍यादा गिरावट रही. बजाज फाइनेंस के शेयर 2.45 फीसदी, सन फार्मा के शेयर 2 फीसदी और पावरग्रिड के शेयर 4 फीसदी तक गिरे, जिसने सेंसेक्‍स को बड़ी गिरावट में बड़ा योगदान दिया। 

नियद नेल्लानार 2.0 से बदलेगी बस्तर की तस्वीर, सुदूर इलाकों को 45 योजनाओं का सीधा लाभ

नियद नेल्लानार 2.0 बस्तर के सुदूर अंचलों में 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ मुख्य सचिव विकासशील ने की समीक्षा रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्ला नार योजना 2.0 के माध्यम से माओवादी प्रभावित और सुदूर अंचलों के ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू होने जा रहा है। इस नई कार्ययोजना के तहत वामपंथ उग्रवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ (संतृप्तिकरण) सुनिश्चित किया जाएगा।            आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और सुघ्घर छत्तीसगढ़ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। नियद नेल्लानार 1.0 की सफलता के बाद अगला कदम             बैठक में बताया गया कि योजना के पहले चरण (1.0) के तहत बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जिले के सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में 25 हितग्राही मूलक और 14 सामुदायिक सुविधाएं पहुंचाई गई थीं। अब इसके दूसरे चरण (नियद नेल्ला नार 2.0) का दायरा बढ़ाते हुए 31 व्यक्तिगत हितग्राही मूलक योजनाएं, 14 सामुदायिक योजनाएं और 10 वांछित सेवाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएंगी। गांव-गांव पहुंचेंगी ये प्रमुख 31 व्यक्तिगत योजनाएं           इस विशेष अभियान के तहत हर पात्र ग्रामीण का डेटा तैयार कर उन्हें योजनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा। मनरेगा जॉब कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांगता पेंशन। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड और मुफ्त राशन वितरण योजना, आयुष्मान कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण, जननी सुरक्षा योजना और मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण, महिला एवं बाल विकास की प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना और महतारी वंदन योजना से जोडा जाएगा। इसी प्रकार पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (ज्ञब्ब्), मृदा स्वास्थ्य कार्ड और प्रधानमंत्री जनधन योजना, समग्र शिक्षा के तहत स्कूली बच्चों को निःशुल्क गणवेश व पाठ्यपुस्तकें और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, सभी पात्र हितग्राहियों के आधार कार्ड बनेंगे। श्रम कार्ड, वोटर आईडी, व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र सहित जाति, जन्म, निवास, मृत्यु और ई-डब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनेंगे। 14 सामुदायिक सुविधाओं से सुदृढ़ होगा इंफ्रास्ट्रक्चर          सुदूर वनांचलों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए गांवों में ये 14 सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं, उचित मूल्य की राशन दुकानें, सड़क व मोबाइल कनेक्टिविटी, डाकघर, वन धन विकास केंद्र, सामान्य सेवा केंद्र , पंचायत भवन, बैंक और ब्लॉक स्तर पर नए कॉलेजों की स्थापना की जाएगी।          इस सघन संतृप्तिकरण अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए आयोजित इस बैठक मेंबैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचाा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय-सीमा के भीतर इन योजनाओं को धरातल पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए।

‘देवास का पानी बाहर क्यों?’ शिप्रा डैम से मांगलिया पंचायत को पानी देने पर मचा बवाल

देवास  शिप्रा डैम से मांगलिया पंचायत को पानी देने के मामले में देवास नगर निगम के जिम्मेदार घिरे हुए हैं। नेता सत्तापक्ष के विरोध के बाद अब चौतरफा विरोध हो रहा। पूर्व महापौरों ने मोर्चा संभालकर प्रतिक्रियाएं देना शुरू की हैं और देवास में जलसंकट की आशंका जताई है। सांसद ने भी एमआईसी के निर्णय को गलत बताया है। पूरी निगम परिषद बैकफुट पर है। विधायक की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या जल संसाधन मंत्री के दबाव में यह सब किया जा रहा है। बता दें कि गत दिनों एमआइसी की बैठक में यह प्रस्ताव पारित हुआ था। इसके तहत शिप्रा डैम से 2.20 एमएलडी पानी मांगलिया पंचायत को दिया जाएगा। महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने बताया था कि एनवीडीए और मांगलिया पंचायत के बीच यह करार हुआ है। देवास के हिस्से का पानी नहीं दिया जाएगा। एनवीडीए अलग से पानी देगा, जो मांगलिया तक जाएगा। यह देवासवासियों के साथ अन्याय है देवास का काम बस ये रहेगा कि शिप्रा डैम में पानी स्टोर करना है। बदले में मांगलिया पंचायत से मेंटेनेंस शुल्क लिया जाएगा। इस निर्णय के बाद भाजपा नेता ही विरोध में आए। सबसे पहले नेता सत्तापक्ष मनीष सेन ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताई और कहा कि यह देवासवासियों के साथ अन्याय है। इस पर पुनर्विचार किया जाए। हालांकि अगले ही दिन सेन ने इंटरनेट मीडिया में वीडियो प्रसारित कर बात पलट दी और कहा कि मुझे विषय की पूरी जानकारी थी, इसलिए पत्र लिखा था। अब लोग कह रहे कि इस वीडियो जारी करने के पीछे राजनीतिक दबाव है या स्वेच्छा, क्योंकि यदि एेसा था तो पहले पत्र क्यों लिखा। पूर्व महापौर ने लिखा पत्र  पूर्व महापौर सुभाष शर्मा ने निगमायुक्त दलीप कुमार व महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल के नाम पत्र लिखा है। हालांकि पत्र में तारीख तो ठीक है,लेकिन 2025 लिख दिया। इस पर ट्रोल भी हुए। पत्र में उल्लेख किया कि शिप्रा डेम से इंदौर के अन्य क्षेत्रों को पानी देने की योजना पर काम हो रहा है। इसके बाबद देवास नगर निगम से एनओसी या अनुमति मांगी गई है। बढ़ते हुए देवास शहर को पेयजल देने के साथ ही इंडस्ट्रीज में भी शिप्रा डेम में वाटर सप्लाय होता है। पहले भी आसपास के कई गांवों से मांग आई थी कि हमें पानी दिया जाए, लेकिन डेम की क्षमता देखते हुए ज्यादा पानी स्टोर नहीं किया जा सकता। इसलिए डेम से दूसरे स्थानों को पानी देने से सारी व्यवस्था चौपट हो जाएगी। इंदौर जिले के गांवों में इंदौर नगर निगम या नर्मदा माइक्रो से पानी दिया जा सकता है। पूर्व महापौर शरद पाचुनकर ने भी फेसबुक पर पोस्ट लिखी इंदौर निगम की सीमा देवास नाका तक है, जो मांगलिया से दो किमी दूर ही है। इसलिए इस प्रस्ताव को निरस्त किया जाए। एमआईसी प्रस्ताव पास करती है तो विशेष सम्मेलन बुलाकर पक्ष-विपक्ष से विचार-विमर्श कर ही निर्णय लें। पूर्व महापौर शरद पाचुनकर ने भी फेसबुक पर पोस्ट लिखी। कहा कि चालीस-पचास सालों के संघर्ष के बाद हमारे कार्यकाल में शिप्रा डेम की सौगात मिली थी। इसके जल का उपयोग स्थानीय लोगों के लिए करना होगा, दूसरे शहर या गांवों के लिए नहीं। वरना जनता को परेशान होना पड़ेगा। नेता प्रतिपक्ष अहिल्या पंवार ने भी उक्त निर्णय के विरोध में पत्र लिखा है। विधायक को संज्ञान में लेना चाहिए सांसद महेंद्रसिंह सोलंकी ने कहा कि मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है क्योंकि महापौर से मेरी बात ही नहीं हो पाती है। यदि ऐसा हो रहा है तो विधायक को संज्ञान में लेना चाहिए। देवास में खुद ही जलसंकट है, एेसे में यहां का पानी कहीं और देना देवास की जनता के साथ अन्याय होगा। एेसा निर्णय होता है तो मैं विरोध करूंगा। देवास की जनता के साथ खडा़ हूं। फिलहाल आधिकारिक रूप से मुझे इसकी जानकारी नहीं है। कांग्रेस ने चलाया हस्ताक्षर अभियान घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को हस्ताक्षर अभियान चलाया। कांग्रेस नेता पं. रितेश त्रिपाठी के नेतृत्व में खेड़ापति मंदिर के बाहर कांग्रेसजन एकत्र हुए। यहां एमआइसी के निर्णय के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया। पत्र पर हस्ताक्षर किए। यह अभियान निरंतर चलेगा। त्रिपाठी ने बताया कि एमआइसी ने गलत निर्णय लिया है। देवास के हिस्से का पानी दूसरे जिले के गांवों को देना गलत है।

गर्मी से राहत लेकिन खतरा भी! पंजाब-चंडीगढ़ में आज आंधी, ओलावृष्टि और तेज बारिश का अलर्ट

पटियाला पंजाब में भीषण गर्मी से लोगों को आज राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी कर कहा है कि पंजाब में 80 किलोमीटर की रफ्तार से तूफान, ओले और भारी बारिश होगी।  इससे पहले गुरुवार को बठिंडा में कोर्ट में पेशी पर आए एक युवक की लू लगने से मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग अलग-अलग जगहों पर बेहोश होकर गिर पड़े।  मृतक की पहचान वरिंदर सिंह (24) निवासी गांव महिमा सरजा के रूप में हुई है। वह कोर्ट में पेशी पर आया था। वहीं माल रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति अधिक कैप्सूल खाने के बाद गर्मी से बेहोश हो गया, जबकि रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी दो यात्री चक्कर खाकर गिर पड़े। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पंजाब में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। प्रदेश में 70 से 80 किलोमीटर की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान आएगा, गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग के मुताबिक शनिवार को ऑरेंज अलर्ट रहेगा और 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलेंगी।  फरीदकोट 45.4 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि बठिंडा में 45.0, फाजिल्का में 43.0 और फिरोजपुर में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के असर से पंजाब के तापमान में 2.1 डिग्री की गिरावट आई है, लेकिन रेड अलर्ट के चलते प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।  मौसम विभाग ने ओलावृष्टि से फसलों, वाहनों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें, जबकि आम लोगों से कहा गया है कि वे पेड़ों और बिजली लाइनों से दूर रहें और ओलावृष्टि होने पर सिर की रक्षा करें। चंडीगढ़ में भी अलर्ट भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे ट्राइसिटी के लोगों को अगले 48 घंटों में राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 29 और 30 मई को तेज आंधी, गरज के साथ बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं जबकि कुछ स्थानों पर हवाओं की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। वीरवार को शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 29 मई को आंशिक बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 30 मई को मौसम और सुहावना हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 31 मई और 1 जून को भी राहत बनी रहेगी। इन दिनों अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जो सामान्य से काफी कम होगा। हालांकि 2 जून से मौसम साफ होने के साथ तापमान दोबारा बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इधर, तेज हवाओं और धूल भरी आंधी का असर शहर की हवा की गुणवत्ता पर भी दिखाई देने लगा है। लंबे समय बाद चंडीगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खराब श्रेणी में पहुंच गया। चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी के अनुसार वीरवार को शहर का औसत एक्यूआई 131 दर्ज किया गया। मई माह में पहली बार एक्यूआई 100 के पार पहुंचा है। शहर के सेक्टर-22 में सबसे अधिक 154 एक्यूआई दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-25 में यह 108 रिकॉर्ड हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवाओं के साथ वातावरण में धूल के महीन कण फैलने से प्रदूषण स्तर बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्थमा, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से सुबह और शाम के समय बाहर कम निकलने और मास्क का उपयोग करने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से कूड़ा और सूखी पत्तियां न जलाने की अपील की है ताकि प्रदूषण का स्तर और न बढ़े। मौसम विभाग का कहना है कि यदि धूल भरी हवाओं का असर जारी रहा तो आने वाले दिनों में एक्यूआई में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।  

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव! ईरान ने US फाइटर जेट गिराने का दावा किया, गाजा पर इजरायल का बड़ा प्लान

तेहरान  पश्चिम एशिया में हालात ऐसे हैं कि एक हाथ में बंदूक है और दूसरे में शांति समझौते का ड्राफ्ट. ईरान ने अमेरिकी जेट गिराने का दावा किया है. इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में गुरुवार को ईरान ने चार जहाजों पर चेतावनी फायरिंग करने का दावा किया, जबकि कुछ घंटे बाद ही अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के संघर्षविराम विस्तार को लेकर शुरुआती समझौते की खबर सामने आ गई. इसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों में जल्द शांति हो सकती है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने कहा कि चार जहाज बिना पूर्व इजाजत और समन्वय के होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे थे. इसी वजह से चेतावनी फायरिंग की गईं. IRGC के मुताबिक, इसी ‘फायर एक्सचेंज’ की वजह से धमाकों की आवाजें सुनी गईं. वहीं ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि दक्षिणी हिस्से से कुछ ‘निर्धारित लक्ष्यों’ पर मिसाइलें दागी गईं. हालांकि इन लक्ष्यों की पहचान नहीं बताई गई. अमेरिका-ईरान डील पर बड़ा अपडेट तनाव के बीच अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान 60 दिन तक संघर्षविराम बढ़ाने और युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत शुरू करने पर एक शुरुआती MoU तक पहुंच गए हैं. हालांकि यह समझौता अभी अंतिम नहीं है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी का इंतजार कर रहा है. ईरान ने किया इनकार इसी बीच ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने अमेरिकी दावों पर सवाल उठाए हैं. वार्ता से जुड़े एक सूत्र के हवाले से एजेंसी ने कहा, ‘अगर समझौता वास्तव में अंतिम रूप ले चुका है तो ईरान खुद इसकी जानकारी पाकिस्तानी मध्यस्थ और अपने लोगों को देगा. उससे पहले पश्चिमी स्रोतों की कोई भी कहानी मान्य नहीं है.’ ईरान का अमेरिकी जेट गिराने का दावा इस बीच ईरान ने एक बड़ा दावा किया है. ईरान ने कहा कि गुरुवार की बुशेहर प्रांस में एयर डिफेंस ने उसके हवाई क्षेत्र में घुसे एक विमान को मार गिराया. हालांकि अमेरिका का इस दावे पर कुछ और ही कहना है. अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन दावों पर तुरंत रिएक्शन दिया है. कमांड ने कगा कहा कि उसका कोई भी फाइटर जेट नहीं गिरा है.  भारत के लिए राहत, तेल लेकर आ रहा टैंकर होर्मुज पार कर निकला  भारत के लिए पेट्रोलियम लेकर आ रहा एक बड़ा तेल टैंकर सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और अब विशाखापत्तनम की ओर बढ़ रहा है. समुद्री ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला टैंकर ‘निसोस केरोस’ 21 मई को शारजाह से रवाना हुआ था और शुक्रवार सुबह भारत के पश्चिमी तट के पास उत्तरी अरब सागर में देखा गया. रिपोर्ट के अनुसार, यह टैंकर 3 जून को विशाखापत्तनम पहुंच सकता है. ऐसे समय में इसकी सुरक्षित आवाजाही को अहम माना जा रहा है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है और दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल और गैस सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है. इस बीच ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में IRGC नौसेना ने औपचारिक समन्वय के बाद 23 वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी.  अमेरिका में आज रुबियो-डार की अहम मुलाकात  अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो आज वॉशिंगटन डीसी में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से मुलाकात करेंगे. अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, यह बैठक स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे (14:00 GMT) शुरू होगी. यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ रही हैं. पाकिस्तान पिछले कई हफ्तों से वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. हाल के दिनों में पाकिस्तान के कई वरिष्ठ अधिकारी ईरान का दौरा भी कर चुके हैं और दोनों पक्षों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.  न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी ने युद्ध पर उठाए सवाल, बोले- अब इसे खत्म होना चाहिए न्यूयॉर्क सिटी के मेयर Zohran Mamdani ने ईरान के खिलाफ जारी युद्ध की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि यह संघर्ष अब खत्म होना चाहिए. सोशल मीडिया पर जारी बयान में ममदानी ने कहा कि तीन महीने पहले शुरू हुए इस युद्ध के लिए जनता ने कोई वोट नहीं दिया था, लेकिन इसकी कीमत आम लोगों को चुकानी पड़ रही है. ममदानी ने कहा, ‘हजारों नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं और 13 अमेरिकी सैनिक कभी अपने परिवारों के पास नहीं लौट पाएंगे.’ उन्होंने आरोप लगाया कि इस युद्ध का आर्थिक बोझ भी आम लोगों पर पड़ा है. उनके मुताबिक, अमेरिका में पेट्रोल और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे कामकाजी परिवारों के बजट पर दबाव बढ़ा है.  भारत के लिए नेतन्याहू का बड़ा बयान, बोले- यहां मेरे सबसे ज्यादा फॉलोअर्स  इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत की खुलकर तारीफ करते हुए कहा है कि दुनिया के कई हिस्सों में आलोचना झेल रहे इजरायल को भारत में जबरदस्त समर्थन मिलता है. वेस्ट बैंक में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में हमें वैधता पर सवालों का सामना करना पड़ता है, लेकिन भारत में नहीं. नेतन्याहू ने कहा कि भारत में इजरायल के प्रति लोगों का प्यार बिलकुल पागलपन की हद तक है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, मुझे लगता है कि भारत से मेरे फॉलोअर्स दुनिया के किसी भी दूसरे देश से ज्यादा हैं.  समझौते की उम्मीद से तेल हुआ सस्ता, लेकिन पूरी राहत नहीं  अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को आगे बढ़ाने को लेकर चल रही बातचीत के बीच अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है. बाजार को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच किसी समझौते का रास्ता निकल सकता है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी चिंता कम होगी. हालांकि गिरावट सीमित रही, क्योंकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि दोनों पक्ष समझौते के करीब जरूर पहुंचे हैं, लेकिन अभी अंतिम डील नहीं हुई है. शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड जुलाई डिलीवरी के लिए 35 सेंट यानी 0.37 फीसदी गिरकर 93.36 डॉलर प्रति बैरल … Read more