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यूपी में रोजगार और कौशल विकास पर फोकस, मुख्यमंत्री ने श्रम योजनाओं की व्यापक समीक्षा की

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को और व्यापक तथा परिणाममुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने बाल श्रमिक विद्या योजना को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में विस्तारित करने, ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को और प्रभावी बनाने, निर्माण श्रमिकों के लिए बड़े शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित करने तथा रोजगार मिशन को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रमिक केवल उत्पादन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि श्रमिकों, युवाओं और कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध हों। शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जाए और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए। 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के सहयोग से इन बच्चों के कौशल विकास की कार्ययोजना भी तैयार की जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई इस योजना के तहत 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में योजना 20 जनपदों में संचालित है। मुख्यमंत्री ने इसे नए प्रावधानों के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को रोजगार और जनसुविधा का अभिनव मॉडल बताते हुए कहा कि तकनीक आधारित ऐसी व्यवस्थाएं युवाओं और कुशल कामगारों के लिए नए अवसर तैयार करती हैं। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी तथा जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 से संचालित इस व्यवस्था के तहत नागरिक मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल अथवा कॉल सेंटर के माध्यम से घरेलू सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में पोर्टल पर 1097 सेवा प्रदाता, 5049 सेवामित्र और 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में भी आवश्यकता के अनुसार सेवामित्र व्यवस्था के उपयोग के प्रस्ताव को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग में हुए संस्थागत सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि उद्योगों के अनुकूल वातावरण और श्रमिक हितों के बीच संतुलन बनाना सरकार की नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 32,583 कारखाने पंजीकृत हो चुके हैं। मार्च 2017 तक जहां यह संख्या 14,176 थी, वहीं अप्रैल 2017 के बाद 18,407 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4860 कारखानों का पंजीकरण किया गया। विभाग को बीआरएपी सुधारों के क्रियान्वयन में ‘टॉप अचीवर’ के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है तथा उद्योग समागम 2025 में श्रम क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। आवास सुविधा उपलब्ध कराना भी आवश्यक मुख्यमंत्री ने निर्माण श्रमिकों के लिए सभी औद्योगिक शहरों में प्रस्तावित श्रमिक सुविधा केंद्रों यानी ‘लेबर अड्डों’ को व्यवस्थित रूप से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को केवल श्रमिकों के एकत्रीकरण स्थल के रूप में नहीं, बल्कि श्रमिक सहायता एवं सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में दूसरे क्षेत्रों से आने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में प्रस्तावित औद्योगिक श्रमिक प्रशिक्षण संस्थान और छात्रावास योजना को कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना समय की मांग है।  

वानखेड़े में भिड़ंत: मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने

मुंबई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का 69वां मुकाबला मुंबई इंडियंस (MI) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेला जाएगा। MI का इस संस्करण ये आखिरी मुकाबला होगा। वहीं, RR अभी भी प्लेऑफ की दौड़ में बनी हुई है। ऐसे में वह इस मैच को अपने नाम करना चाहेगी। MI को इस सीजन 4 मुकाबलों में जीत मिली है। 9 मैच में टीम ने हार का सामना किया है। RR ने 7 मैच में जीत और 6 में हार झेली है। दोनों टीमों के बीच कांटे की रही है टक्कर IPL के इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक 32 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान MI को 16 मैच में जीत मिली है। RR ने 15 मुकाबले अपने नाम किए हैं। एक मैच में कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। इस सीजन दोनों टीमों के बीच ये दूसरा मुकाबला होगा। पहले मैच में RR को 27 रन से जीत मिली थी। पिछले सीजन दोनों के बीच हुए एकमात्र मैच को MI ने 100 रन से अपने नाम किया था। इस संयोजन के साथ नजर आ सकती है RR RR को पिछले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ 7 विकेट से जीत मिली थी। ऐसे में वह अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बड़ा बदलाव करने को नहीं देखेंगे। वैभव सूर्यवंशी से एक और ताबड़तोड़ पारी की उम्मीद होगी। वह इम्पकैट प्लेयर के रूप में उतर सकते हैं। संभावित एकादश: यशस्वी जयसवाल (कप्तान), लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), डोनोवन फरेरा, शुभम दुबे, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, सुशांत मिश्रा, संदीप शर्मा, बृजेश शर्मा और यश राज पुंजा। इस प्लेइंग इलेवन के साथ नजर आ सकती है MI MI को पिछले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में हार्दिक पांड्या और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और रघु शर्मा बेहतर करना चाहेंगे। संभावित एकादश: रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), रोहित शर्मा, नमन धीर, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या (कप्तान), विल जैक्स, कॉर्बिन बॉश, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह और रघु शर्मा। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर MI: शार्दुल ठाकुर, मयंक रावत, रॉबिन मिंज, कृष भगत और अल्लाह गजनफर। RR: वैभव सूर्यवंशी, युद्धवीर सिंह, अमन राव पेराला, रवि बिश्नोई और रियान पराग। कैसा है वानखेड़े स्टेडियम की पिच का मिजाज? वानखेड़े स्टेडियम को बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग माना जाता है। यहां की पिच उन्हें काफी रास आती है। यहां की सीमा रेखा अन्य स्टेडियम के मुकाबले थोड़ी छोटी है। दूसरी ओर एक गेंदबाज के नजरिये से पिच स्पिनरों को कुछ हद तक सहायता प्रदान करती है, लेकिन ज्यादा उम्मीद रखना बेमानी होगी। तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवर में मदद मिलती है, ऐसे में वह जल्दी विकेट लेना चाहेंगे। हाउस्टेट के मुताबिक, यहां पहली पारी का औसत स्कोर 171 रन है। ऐसा रहेगा मुंबई का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 24 मई को मुंबई का मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 31 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश की कोई संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजर रिकेल्टन ने पिछले 8 मुकाबलों में 193.14 की स्ट्राइक रेट से 338 रन बनाए हैं। तिलक के बल्ले से पिछले 10 मैच में 151.17 की स्ट्राइक रेट से 322 रन निकले हैं। वैभव ने पिछले 10 मैचों में 45.7 की औसत से 457 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में गजनफर ने पिछले 8 मैच में 9.12 की इकॉनमी से 12 विकेट चटकाए हैं। आर्चर ने पिछले 10 मैचों में 9.61 की इकॉनमी से 15 विकेट अपने नाम किए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? MI और RR के बीच यह मुकाबला मुंबई के वानखेड़े क्रिकेट स्टेडियम में 24 मई को दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत बड़ी पहल, जैसलमेर की आर्टिफिशियल झील का जल्द होगा उद्घाटन

जयपुर  भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान केरेगिस्तानी जिले जैसलमेर में कृत्रिम झील (आर्टिफिशियलझील) बनकर तैयार हुई है। इस झील को गड़ीसर झील भी कहा जाता है। सीमावर्ती क्षेत्र के दो जिलों के करीब 50 लाख लोगोंएवं मवेशियां की प्यास बुझाने के लिए 242 करोड़ रूपए की लागत से बनकर तैयार हुई इस कृत्रिम झील का उद्धाटन जुलाई में होने की उम्मीद है। झील जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई है। रेगिस्तान की मिट्टी झील के पानी को सोंख नहीं ले,इसके लिए इसमें नीचे (बेस एरिया में) तीन सौ माइक्रोन कीविशेष प्लास्टिक शीट बिछाई गई है। इस प्लास्टिक पर ढ़ाई फीट मिट्टी की परत बिछाई गई है। सरकारी अधिकारियों का दावा है कि यह एक सौ साल तक खराब नहीं होगी। करीब 28 किलोमीटर लंबी और 33 फीट गहरी झील में 141 करोड़ लीटर पानी का भराव हो सकेगा। कृत्रिम झील इंदिरा गांधी नहर के पानी से भरी जाएगी। दरअसल, प्रतिवर्ष मानसून से पहले इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत के समय आम लोगों एवं मवेशियों को पानी को लेकर होने वाली परेशानी से बचाने के लिए यह नहर तैयार की गई है। इंदिरा गांधी नहर का पानी इस नहर में भरा जाएगा और फिर फिल्टर प्लांट से जैसलमेर एवं बाड़मेर जिलोंके घरों में पहुंचाया जाएगा। इस कारण हुआ नहर का निर्माण जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र में प्रतिवर्ष मानसून से पहले एक माह के लिए इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत की जाती है,जिसे नहरबंदी कहा जाता है। इस दौरान नहर में पंजाब की तरफ से बहकर आने वाले पानी को रोक दिया जाता है। नहरबंदी के दौरान जैसलमेर एवं बाड़मेर जिलों के लोगों को प्रतिवर्ष परेशानी होती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए इस झील का निर्माण हुआ है। नहरबंदी से पहले इंदिरा गांधी नहर से पानी कृत्रिम नहर में भरा जाएगा।जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता रामपाल मूंधियाड़ा ने बताया कि कृत्रिम नहर का निर्माण साल,2024 से शुरू हुआथा,अब बनकर तैयार हुई है। पंजाब से श्रीगंगानगर होते हुए आने वाली इंदिरा गांधी गांधी नहर से इस झील को जोड़ा गया है।उन्होंने बताया कि मानसून के दिनों में जब पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश होती है तो इंदिरा गांधी नहर में क्षमता सेअधिक पानी आ जाता है। बारिश के दिनों में खेतों में भी पानी भर जाता है। ऐसे में किसानों को भी सिंचाई के लिए नहरी पानी की जरूरत नहीं रहती है। इस दौरान नहर के अतिरिक्त बहने वाले पानी को मोड़कर इसमें भरा जाएगा। इसके लिए एकस्क्रेप चैनल बनाया गया है।इसके दो गेट हैं,जिसमें एक गेट इंदिरा गांधी नहर से पानी आने के लिए और दूसरा झील में पानी डालने के लिए खोला जाएगा। इसलिए कहा जाता है कृत्रिम नहर इस झील को कृत्रिम झील इसलिए कहा जाता है,क्योंकि यह प्रकृति द्वारा नहीं बनाई गई,बल्कि यह मानव निर्मित है। उल्लेखनीय है कि 127 किलोमीटर लंबी इंदिरा गांधी नहर पंजाब के हरिके बैराज से शुरू होकर हरियाणा के उत्तर-पश्चिमी भाग से थोड़ी दूरी तक बहती है और पश्चिमी राजस्थान में सीमावर्ती गड़रा रोड़ के पास स्थित रेगिस्तान में समाप्त हो जाती है।  

गिद्ध संरक्षण, जैव-विविधता अभिलेखीकरण, जनभागीदारी आधारित नवाचार सर्पदंश जागरूकता अभियान ने दिलाई पहचान

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस 22 मई 2026 के अवसर पर भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड द्वारा घोषित “राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार 2024 एवं 2025” में दक्षिण पन्ना वनमण्डल को “जैव-विविधता स्वामित्व रखने वाला सर्वश्रेष्ठ विभाग” श्रेणी में सम्मानित किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा जैव-विविधता संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में अनेक अभिनव एवं जनभागीदारी आधारित कार्य किए गए। वनमण्डल द्वारा पक्षियों, तितलियों, औषधीय पौधों, विरासत वृक्षों, प्राकृतिक झिरियों तथा स्थानीय जैविक धरोहरों का व्यापक अभिलेखीकरण एवं दस्तावेजीकरण किया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर जैव-विविधता संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए गए। गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में दक्षिण पन्ना द्वारा “वल्चर फ्रेंडली गौशाला”, सतत मॉनिटरिंग, प्रतिबंधित दवाइयों की रोकथाम एवं ग्रामीण सहयोग आधारित संरक्षण मॉडल विकसित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप दक्षिण पन्ना क्षेत्र में गिद्धों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2021 में जहां गिद्धों की संख्या 614 थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1127 तक पहुँच गई। मानव-सर्प संघर्ष को कम करने एवं सर्पदंश से बचाव के लिये दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा विशेष “सांप-सीढ़ी” आधारित शैक्षणिक खेल विकसित किया गया। इस नवाचार के माध्यम से हजारों बच्चों एवं ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार एवं वैज्ञानिक जानकारी सरल तरीके से उपलब्ध कराई गई। इस पहल से जनजागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा मानव-सर्प संघर्ष संबंधी भ्रांतियों को कम करने में सहायता मिली। व्यक्तिगत (शासकीय) श्रेणी में दक्षिण पन्ना वनमण्डल के वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रथम पुरस्कार एवं वनरक्षक  वीरेंद्र पटेल को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  जगदीश प्रसाद अहिरवार द्वारा दक्षिण पन्ना क्षेत्र में 129 महत्वपूर्ण औषधीय पौधों का अभिलेखीकरण एवं जनजागरूकता कार्य किया गया। वहीं  वीरेंद्र पटेल द्वारा कल्दा क्षेत्र में 97 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण कर पक्षी एवं जैवविविधता संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का उल्लेखनीय कार्य किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल की यह उपलब्धि जनभागीदारी, टीम भावना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार आधारित संरक्षण प्रयासों का परिणाम है। यह सम्मान न केवल दक्षिण पन्ना वन विभाग बल्कि पूरे पन्ना जिले के लिए गौरव का विषय है तथा भविष्य में जैव-विविधता संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में प्रेरणादायक सिद्ध होगा। जैव-विविधता संरक्षण में डिंडोरी वनमण्डल हुआ पुरस्कृत मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा प्रदेश में जैव-विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से प्रारंभ किये गये "राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2024 एवं 2025 अंतर्गत वनमंडल डिंडोरी को पहुंच एवं लाभ प्रभाजन के अधिकतम अनुबंध श्रेष्ठ वनमंडल अतंर्गत वर्ष 2023-24 में प्रथम स्थान एवं वर्ष 2024-25 में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण, चेन्नई के अध्यक्ष  वीरेंद्र आर. तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, भोपाल के निदेशक डॉ. के. रविचंद्रन ने की तथा राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ. बी. बालाजी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव  सुदीप सिंह ने किया। राज्य स्तरीय पुरस्कार दक्षिण पन्ना वनमण्डल की ओर से वनमण्डलाधिकारी अनुपम शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी पवई  नितेश पटेल एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी कल्दा  परिवेश भदौरिया द्वारा प्राप्त किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल के नामांकन की अनुशंसा जिला कलेक्टर मती उषा परमार एवं वनमण्डलाधिकारी द्वारा की गई थी।  

बकरीद पर गांधी मैदान में सख्त सुरक्षा व्यवस्था, अस्थायी थाना और CCTV से निगरानी

 पटना बकरीद पर्व इस वर्ष 28 मई को संभावित है। इसे लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को डीएम त्यागराजन एसएम  एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को संवेदनशील व अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने के साथ अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अधिकारी द्वय ने कहा कि असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के साथ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बंध-पत्र भरवाने, नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने व सभी अनुमंडलों में समय रहते शांति समिति की बैठक आयोजित की जाए। डीएम-एसएसपी ने सभी एसडीओ, एसडीपीओ व पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया मानिटरिंग सेल को सतत सक्रिय रखें और किसी भी अफवाह का तत्काल खंडन करें। जनभावनाओं को प्रभावित करने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। बैठक में सभी पुलिस अधीक्षक, अपर जिला दंडाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, नगर निगम, पीएचईडी, बिजली विभाग तथा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। गांधी मैदान में बनेगा अस्थायी थाना, सीसीटीवी से निगरानी डीएम ने कहा कि 28 मई को संभावित बकरीद पर गांधी मैदान में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचेंगे। इसे देखते हुए गांधी मैदान में प्रवेश व निकास व्यवस्था को सुचारू रखने, पार्किंग, पेयजल, प्रकाश, सफाई और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने का निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के लिए गांधी मैदान में अस्थायी थाना सक्रिय रहेगा व सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा नगर निगम को गांधी मैदान व आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई, हाईमास्ट लाइट चालू रखने और आवारा पशुओं की आवाजाही रोकने का निर्देश दिया गया। पीएचईडी को वाटर टैंकर व वाटर एटीएम की व्यवस्था करने, ट्रैफिक पुलिस को पार्किंग स्थल चिह्नित करने व स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस, डाक्टर और जीवनरक्षक दवाओं के साथ मेडिकल टीम तैनात रखने को कहा गया है। मौके पर फायर दस्ता भी तैनात रहेगा।  

पूर्वी दिल्ली: संजय झील सूखने से मछलियों की बड़ी संख्या में मौत, पाइपलाइन खराबी बताई जा रही वजह

नई दिल्ली पूर्वी दिल्ली की संजय झील में सैकड़ों मछलियों की मौत हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि इसका कारण पानी की आपूर्ति में समस्याओं के चलते झील का सूखना हो सकता है। संजय झील के लिए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा पानी की आपूर्ति की जाती है। इस विशाल जल निकाय का प्रबंधन करने वाले दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘‘झील के जलस्तर को बनाए रखने के लिए उपचारित पानी की आपूर्ति की जिम्मेदारी सरकारी स्वामित्व वाली एक जल आपूर्ति एजेंसी के पास है कोंडली से संजय झील में पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी डीडीए के अनुसार, पास के कोंडली मलजल शोधन संयंत्र (एसटीपी) से उपचारित पानी को संजय झील तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी। घटनाक्रम से अवगत डीजेबी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि पाइपलाइन को हुए नुकसान और उसके बाद किए गए मरम्मत कार्यों के कारण झील में उपचारित पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। मरम्मत कार्यों के कारण 3 महीनों से झील में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही थी अधिकारी ने बताया कि मरम्मत कार्यों के कारण पिछले चार महीनों से झील में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि लगभग चार महीने पहले जलाशय में पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन तब तापमान इतना अधिक नहीं था और स्थिति नियंत्रण में थी। लेकिन अब भीषण गर्मी के कारण झील सूख गई है। जल विशेषज्ञ भीम सिंह रावत के अनुसार, डीजेबी की जल आपूर्ति लाइन में रिसाव के कारण झील के कुछ हिस्से सूख गए, जो बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत का कारण हो सकता है। यमुना एक्टिविस्ट ने क्या कहा यमुना कार्यकर्ता और 'साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर्स एंड पीपल' के सदस्य रावत ने कहा, ‘‘हाल ही में झील की जल आपूर्ति पाइपलाइन में रिसाव हुआ, जिसके कारण झील का जलस्तर काफी कम हो गया है। रिसाव कब हुआ, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। अब तक झील के कुछ हिस्से पूरी तरह सूख चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत हुई है।’’

534 सीएचसी को मिलेगा स्पेशियलिटी अस्पताल का दर्जा, राज्य स्वास्थ्य समिति ने जारी किया निर्देश

 समस्तीपुर सात निश्चय- 3 अंतर्गत सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन के तहत राज्य के 36 जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और 534 प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार ने एक व्यापक और दूरगामी कार्ययोजना तैयार की है। योजना का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भरता से राहत दिलाना है। इन अस्पतालों में हार्मोन रोग, तंत्रिका रोग, हृदय रोग, मूत्र रोग और गुर्दा रोग से संबंधित विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पत्र के बाद समस्तीपुर जिले में तैयारी को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। रिपोर्ट के आधार पर राज्यभर में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर हुए बिना अपने जिले में ही बेहतर इलाज मिल सके। सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि राज्य स्तर से पत्र जारी किया गया है। इस दिशा में रिपोर्ट देने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। रिपोर्टिंग के लिए जारी किया गया दिशा-निर्देश राज्य स्वास्थ्य समिति ने दो अलग-अलग प्रारूप जिलों को भेजे हैं। प्रखंड स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जानकारी में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं, उपलब्ध चिकित्सक, बेड, भवन, उपकरण, जांच सुविधा और जनसंख्या कवरेज शामिल है। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या, आपरेशन थिएटर, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलाजी, आक्सीजन, एंबुलेंस और दवा भंडारण जैसी सुविधाओं का ब्योरा देना अनिवार्य है। जिला अस्पतालों के लिए सुपर स्पेशियलिटी स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सक जैसे मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री रोग, शिशु रोग, फिजियोथेरेपिस्ट, निश्चेतक, नेत्र रोग, हड्डी रोग, आंख-कान-गला रोग, हृदय रोग विशेषज्ञ और नेफ्रोलाजिस्ट की संख्या बताना आवश्यक है। इसके अलावा ब्लड बैंक, आईसीयू, एनआईसीयू, पीकू, ट्रामा सेंटर, माड्यूलर आपरेशन थिएटर, आधुनिक जांच मशीनें और बेड क्षमता का विवरण भी शामिल करना होगा। बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की योजना यह पहल वर्ष 2025-30 के दौरान विकासात्मक और लोक कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुश्रवण को मजबूत करने की दृष्टि से की जा रही है। राज्यभर में रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और आम जनता को अपने जिले में ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की योजना तैयार की जाएगी।  

टेस्ट क्रिकेट में सचिन के सबसे बड़े रिकॉर्ड पर मंडरा रहा खतरा, जो रूट सिर्फ 1979 रन दूर

नई दिल्ली टेस्ट क्रिकेट में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अब खतरे में नजर आने लगा है. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज जो रूट जिस अंदाज में रन बना रहे हैं, उसे देखकर पूरी क्रिकेट दुनिया में एक ही सवाल गूंज रहा है कि क्या वो पूर्व भारतीय कप्तान सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ देंगे? इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट  टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर पहुंच चुके हैं. उनके नाम पर 163 टेस्ट मैचों में 13943 रन दर्ज हैं, जबकि सचिन तेंदुलकर 200 टेस्ट मैचों में 15921 रनों के साथ अब भी नंबर-1 पर काबिज हैं. यानी रूट अब सचिन के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को तोड़ने से सिर्फ 1979 रन दूर हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले जब जो रूट से इस रिकॉर्ड के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी. आमतौर पर इस सवाल से बचने वाले रूट ने इस बार सचिन की जमकर तारीफ की और कहा कि उनके साथ तुलना होना भी अपने आप में बड़ी बात है. 'उनका प्रदर्शन अविश्वसनीय…' जो रूट ने कहा, 'उन्होंने टेस्ट डेब्यू मेरे जन्म से पहले किया था और मेरे टेस्ट डेब्यू तक खेलते रहे. उनका लंबा करियर और लगातार शानदार प्रदर्शन अविश्वसनीय है. सिर्फ टेस्ट क्रिकेट ही नहीं, उन्होंने वनडे में भी 49 शतक लगाए.' जो रूट ने यह भी स्वीकार किया कि इतने लंबे समय तक लगातार प्रदर्शन बनाए रखना आसान नहीं होता. उन्होंने कहा कि वह आज भी अपनी बल्लेबाजी में सुधार करने और नई चीजें जोड़ने की कोशिश करते रहते हैं. जो रूट कहते हैं, 'मैं हमेशा खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता हूं. मैं चाहता हूं कि मैच के दौरान तकनीकी चीजों के बारे में सोचने की जरूरत ही ना पड़े और मैं सिर्फ खेल पर फोकस कर सकूं.' साल 2020 के बाद से जो रूट टेस्ट क्रिकेट में अलग ही स्तर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं. उन्होंने लगातार बड़े स्कोर बनाए हैं. वो विराट कोहली, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन जैसे फैब-4 बल्लेबाजों से टेस्ट क्रिकेट में काफी आगे निकल चुके हैं.

ईडन गार्डन्स में भिड़ंत: कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स

कोलकाता इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 70वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का सामना दिल्ली कैपिटल्स (DC) से होगा। KKR अभी भी प्लेऑफ की दौड़ में बनी हुई है। ऐसे में वह यह मुकाबला अपने नाम करना चाहेगी। वहीं, DC के लिए प्लेऑफ में पहुंचना बेहद कठीन है। उसने इस सीजन 6 मैच में जीत दर्ज की है। KKR को भी 6 मैच में जीत मिली है। ये लीग चरण का आखिरी मुकाबला होगा। DC के खिलाफ KKR का पलड़ा रहा है भारी IPL में दोनों टीमों के बीच 36 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान DC को 15 मैच में जीत मिली है। KKR ने 20 मैच अपने नाम किए हैं। एक मैच में कोई नतीजा नहीं निकला है। इस संस्करण दोनों टीमों के बीच ये दूसरा मैच होगा। पहले मैच में KKR को 8 विकेट से जीत मिली थी। IPL 2025 और 2024 को मिलाकर दोनों ने 3 मैच खेले थे और उन सभी मुकाबलों में KKR को ही जीत मिली थी। इस संयोजन के साथ उतर सकती है DC DC को उसके पिछले मैच में राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ 5 विकेट से जीत मिली थी। ऐसे में वह अपने प्लेइंग इलेवन में बड़ा बदलाव करने को नहीं देखेगी। कप्तान अक्षर पटेल अच्छे फॉर्म में हैं। उनसे एक बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद होगी। केएल राहुल भी एक बड़ी पारी खेलने को देखेंगे। संभावित एकादश: केएल राहुल (विकेटकीपर), अभिषेक पोरेल, साहिल पराख, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, अक्षर पटेल (कप्तान), माधव तिवारी, त्रिपुराना विजय, लुंगी एनगिडी, मिचेल स्टार्क और मुकेश कुमार। इस प्लेइंग इलेवन के साथ नजर आएगी KKR KKR ने पिछला मुकाबला मुंबई इंडियंस (MI) के खिलाफ जीता था। ऐसे में वह भी अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव करने को नहीं देखेंगे। मनीष पांडे का बल्ला MI के खिलाफ चला था। ऐसे में वह अंगकृष रघुवंशी की जगह खेलते नजर आ सकते हैं। गेंदबाजी में सुनील नरेन से उम्मीद होगी। संभावित एकादश: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, मनीष पांडे, कैमरून ग्रीन, रोवमैन पॉवेल, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती और सौरभ दुबे। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर KKR: वैभव अरोड़ा, रमनदीप सिंह, तेजस्वी दहिया, राहुल त्रिपाठी और टिम साइफर्ट। DC: आशुतोष शर्मा, समीर रिजवी, विप्रज निगम, पथुम निसांका और करुण नायर। ऐसा है कोलकाता की पिच का मिजाज ईडन गार्डन स्टेडियम में काली मिट्‌टी की पिच बनाई जाती है। ऐसे में यह बल्लेबाजों को काफी रास आती है। खेल की शुरुआत में यहां तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिलती है। उसके बाद स्पिनर्स हावी होते हैं। इस पिच पर अगर बल्लेबाज की निगाह एक बार जम गई तो आसानी से बड़े-बड़े शॉट्स लगते हैं। यहां की तेज आउटफील्ड भी बल्लेबाजों के पक्ष में जाती है। हाउस्टेट के मुताबिक, IPL में पहली पारी का औसत स्कोर 165 रन है। ऐसा रहेगा कोलकाता का मौसम? एक्यूवेदर के अनुसार, 24 मई को कोलकाता का मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में एक अच्छा मैच देखने मिल सकता है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजर ग्रीन ने पिछले 10 मुकाबलों में 145.09 की स्ट्राइक रेट से 296 रन बनाए हैं। राहुल के बल्ले से पिछले 10 मैच में 173.22 की स्ट्राइक रेट से 440 रन निकले हैं। गेंदबाजी में कार्तिक ने पिछले 10 मैच में 9.03 की इकॉनमी से 16 विकेट चटकाए हैं। नरेन ने 10 मैच में 13 विकेट अपने नाम किए हैं। DC के लिए स्टार्क ने पिछले 5 मैचों में 9 विकेट लिए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? KKR और DC के बीच यह मुकाबला 23 मई को कोलकाता के ईडन गार्डन स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

भीषण गर्मी के बीच झारखंड सरकार सख्त, सार्वजनिक जगहों पर मुफ्त पानी की व्यवस्था अनिवार्य

 रांची झारखंड में भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों सहित पंचायत प्रतिनिधियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने जनहित को सर्वोपरि बताते हुए साफ किया है कि इस संकट की घड़ी में प्रशासन पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम करें, ताकि राज्य के किसी भी नागरिक को पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े. सार्वजनिक जगहों पर मुफ्त पानी की व्यवस्था का निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सभी उपायुक्तों (DC), पुलिस अधीक्षकों (SP), थाना प्रभारियों, अंचलाधिकारियों (CO), प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और पंचायत प्रतिनिधियों को कड़ा निर्देश जारी किया है. इसके तहत सभी सरकारी कार्यालयों के बाहर और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर आम जनता और राहगीरों के लिए पेयजल (पीने के पानी) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि पानी की व्यवस्था वाली जगहों पर स्पष्ट सूचना (साइनबोर्ड) भी प्रदर्शित की जाए, ताकि राहगीरों को इसकी जानकारी आसानी से मिल सके और उन्हें भीषण गर्मी में राहत मिले. जल संकट वाले इलाकों में तुरंत चापाकल मरम्मत के आदेश झारखंड में गहराते जल संकट पर काबू पाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी जिला उपायुक्तों को सीधी जिम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने आदेश दिया है कि जहां कहीं भी पानी की किल्लत या संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है, वहां बिना किसी देरी के तत्काल टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए. इसके साथ ही गांवों और शहरों में खराब पड़े चापाकलों की तुरंत मरम्मत कराने और अन्य वैकल्पिक जल स्रोतों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा- ‘पानी की कमी न हो सोशल मीडिया पर जारी अपने इस महत्वपूर्ण निर्देश में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासनिक संवेदनशीलता पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि झारखंड के किसी भी गांव, टोला या मोहल्ले में पेयजल की कमी के कारण आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए और इसे सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस भीषण गर्मी के दौर में आम जनता के हितों की रक्षा करना और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना ही सरकार और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.