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गैंगस्टर नेटवर्क में टर्किश हथियारों की बढ़ती पैठ, जिगाना और PX-5 पिस्टल पर एजेंसियों की नजर

कुरुक्षेत्र  गांव रतनगढ़ के पास एसटीएफ द्वारा मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों से बरामद हथियार एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय हथियार नेटवर्क की ओर गंभीर संकेत दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि आरोपितों के कब्जे से पीएक्स-5 टर्किश पिस्टल बरामद की गई हैं। पिछले कुछ समय से भारत में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क में टर्किश हथियारों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। जानकारी के अनुसार, जोराकी, रेटे और जिगाना जैसी टर्किश पिस्टल्स अब अलग-अलग राज्यों में अपराधियों के बीच लगातार देखी जा रही हैं। हथियारों के प्रवेश के लिए एक संगठित सप्लाई चेन सक्रिय सूत्रों के अनुसार, ये टर्किश पिस्टल्स मूल रूप से तुर्किये में स्पोर्ट्स शूटिंग और सेल्फ-डिफेंस के लिए वैध रूप से तैयार की जाती हैं, लेकिन बाद में इनका बड़ा हिस्सा अवैध तस्करी नेटवर्क के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच जाता है। यहां से यह हथियार यूरोप, पश्चिम एशिया और बाल्कन देशों के रास्ते होते हुए दक्षिण एशिया तक लाए जाते हैं। भारत में इन हथियारों के प्रवेश के लिए एक संगठित सप्लाई चेन सक्रिय है, जिसमें हथियारों को छोटे-छोटे खेपों में अलग-अलग देशों के डीलरों तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद इन्हें सीमा पार तस्करी, कोरियर नेटवर्क, फर्जी बिलिंग और छिपे हुए लाजिस्टिक चैनलों के जरिए भारत लाया जाता है। कई मामलों में इन्हें पार्ट्स में अलग-अलग भेजकर बाद में असेंबल करने की भी बात सामने आई है। गैंगस्टरों की पसंद बनी टर्की मेड जिगाना पिस्टल जिगाना पिस्टल, जिसे तुर्किये की ड्यूरेबल और हाई-रिलायबिलिटी सेमी-आटोमैटिक पिस्टल माना जाता है और हाल के वर्षों में गैंगस्टर नेटवर्क में खास तौर पर चर्चित रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन टर्किश हथियारों का बढ़ता उपयोग संगठित अपराध के बदलते स्वरूप और अंतरराष्ट्रीय हथियार सप्लाई नेटवर्क की सक्रियता को दर्शाता है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी हैं कि आखिर ये आधुनिक टर्किश हथियार किन अंतरराष्ट्रीय रास्तों से भारत में प्रवेश कर रहे हैं और किन स्थानीय संपर्कों के जरिए गैंगस्टरों तक पहुंच रहे हैं। टीटी-30 और ग्लाक इससे पहले थी मनपसंद विदेशी हथियारों के मामले में इससे पहले गैंगस्टरों के बीच टीटी-30 और ग्लाक पिस्टल सबसे ज्यादा लोकप्रिय मानी जाती थीं। लंबे समय तक रूस के टीटी-30 (स्टार-30 के नाम से भी जाना जाता) के चाइनीज माडल भारत के गैंग नेटवर्क में खूब इस्तेमाल हुए। वहीं पिछले कुछ सालों से आस्ट्रिया मेड ग्लाक गैंगस्टरों के बीच काफी लोकप्रिय थी। हालांकि अब पुराने टीटी और ग्लाक की जगह अब टर्की मेड पिस्टल्स जैसे जिगाना और अन्य हाई-एंड माडल तेजी से ले रहे हैं।

रांची में साइंस, एआई और रोबोटिक्स पर फोकस, राज्य में शुरू होंगी तीन नई योजनाएं

रांची  राज्य में रोबोटिक्स, इंटरनेट आफ थिंग्स, ब्लाक चेन, बायोटेक्नोलाजी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष तीन बड़ी योजनाएं शुरू होंगी। इनमें रोबोटिक्स फेस्टिवल तथा साइंस एंड टेक्नोलाजी क्विज के आयोजन से लेकर राष्ट्रीय गणित दिवस तथा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना सम्मिलित हैं। इन तीनों योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी झारखंड काउंसिल आफ साइंस टेक्नेालाजी एंड इनोवेशन (जेसीएसटीआई) को दी गई है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इन तीनों योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर संकल्प एवं दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। साइंस एंड टेक्नोलाजी क्विज का आयोजन तीन श्रेणियों के विद्यार्थियों के बीच होगा। पहली श्रेणी में आठवीं से 10वीं कक्षा के स्कूली विद्यार्थी, दूसरी श्रेणी में 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थी के साथ आइटीआइ के विद्यार्थी तथा तीसरी श्रेणी के क्विज में पालीटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थी सम्मिलित होंगे। ऑनलाइन जीतें हजारों के पुरस्कार पहले चरण में ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता होगी, जबकि दूसरे एवं अंतिम चरण में में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता लिखित होगी। अंतिम चरण में प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 30 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। जिला स्तर पर प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। इसी तरह, प्रत्येक वर्ष 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस तथा 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के आयोजन के लिए ''सर जैनेंद्र चंद्र घोष स्कीम फार साइंस एंड टेनोलाजी इंपारटेंस योजना'' शुरू होगी। 24 अंगीभूत कालेजों, 15 तकनीकी संस्थानों तथा 34 पालीटेक्निक में इन दोनों दिवसों के आयोजन के लिए एक-एक लाख रुपये सभी चयनित संस्थानों को अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बाद में केंद्र से भी अनुदान मिल सकता है। इसी तरह, राज्य स्तर पर पहली बार रोबोटिक्स फेस्टिवल भी आयोजित किया जाएगा। इसमें भी पुरस्कार से लेकर तकनीकी सहायता के प्रविधान योजना में किए गए हैं। तीनों योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए निदेशक, तकनीकी शिक्षा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। किस योजना पर कितनी राशि होगी खर्च     साइंस एंड टेक्नोलाजी क्विज : 30 लाख     राष्ट्रीय गणित दिवस तथा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन : 3.21 करोड़     रोबोटिक्स फेस्टिवल : 1.54 करोड़  

राजस्थान पुलिस की चेतावनी: एक लापरवाही से हैक हो सकता है बैंकिंग डेटा और पर्सनल चैट

जयपुर आज के डिजिटल दौर में वॉट्सऐप (WhatsApp) हमारी जिंदगी का एक बेहद जरूरी हिस्सा बन चुका है. लेकिन इसी के साथ वॉट्सऐप पर डिजिटल फ्रॉड और हैकिंग का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है. इसे देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने आम नागरिकों को ठगी से बचाने के लिए एक बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है. हैकर्स उड़ा सकते हैं आपकी पर्सनल फोटो और बैंकिंग डेटा साइबर क्राइम ADG वी.के. सिंह ने शुक्रवार को बताया कि हमारी एक छोटी सी लापरवाही या अवेयरनेस की कमी का फायदा उठाकर हैकर्स पर्सनल चैट, प्राइवेट तस्वीरें, वीडियो और बैंक अकाउंट की खुफिया डिटेल्स चोरी कर सकते हैं. साइबर ठगों के इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने वॉट्सऐप पर कुछ खास प्राइवेसी और सिक्योरिटी सेटिंग्स को तुरंत चालू करने की सलाह दी है. साइबर पुलिस की इन गाइडलाइंस का तुरंत करें पालन सबसे पहले वॉट्सऐप के Settings > Account > Two-Step Verification में जाकर एक सीक्रेट पिन (PIN) जरूर सेट करें. इससे अगर कोई आपका सिम कार्ड क्लोन भी कर लेगा, तो भी बिना पिन के आपका व्हाट्सएप नहीं खोल पाएगा. फ्रॉड करने वाले लोग अक्सर वॉट्सऐप पर वायरस या मालवेयर वाली APK और PDF फाइलें भेजते हैं. अगर फोन में मीडिया ऑटो-डाउनलोड चालू है, तो ये फाइलें खुद डाउनलोड होकर बैकग्राउंड में आपका बैंकिंग डेटा चुरा सकती हैं. इसलिए Storage and Data सेटिंग्स में जाकर ऑटो-डाउनलोड को पूरी तरह बंद कर दें. अपनी प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन, स्टेटस और ग्रुप सेटिंग्स को हमेशा केवल 'My Contacts' पर ही सेट रखें. इससे कोई अनजान व्यक्ति आपकी फोटो का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा और न ही आपको किसी फ्रॉड ग्रुप में जोड़ सकेगा. वॉट्सऐप की प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर 'Silence Unknown Callers' फीचर को ऑन करें ताकि इंटरनेशनल स्कैम कॉल्स और स्पैम कॉल्स से बचा जा सके. इसके अलावा 'Protect IP Address in Calls' को भी ऑन रखें, जिससे आपकी सही लोकेशन किसी को पता नहीं चलेगी.  समय-समय पर अपने वॉट्सऐप में जाकर चेक करें कि आपका अकाउंट किसी अनजान कंप्यूटर या लैपटॉप पर तो नहीं चल रहा है. कोई भी संदिग्ध डिवाइस दिखने पर तुरंत लॉगआउट करें. फ्रॉड होने पर यहां करें शिकायत अगर आपके साथ किसी भी तरह की डिजिटल ठगी या साइबर फ्रॉड हो जाता है, तो बिना देर किए अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराएं. इसके अलावा आप सरकार के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर जाकर या तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

करनाल: खट्टर का गांवों का दौरा, 10 गांवों में योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा

करनाल करनाल में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नीलोखेड़ी विधानसभा क्षेत्र के तहत कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक भी की। मंत्री ने बताया कि उनका यह दौरा 10 गांवों को कवर करने के लिए तय किया गया है, जिसमें यह देखा जा रहा है कि क्षेत्र में विकास योजनाएं किस तरह आगे बढ़ रही हैं, कहां दिक्कतें हैं और किन जगहों पर सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हर बार करनाल आने पर वे इसी तरह जमीनी स्तर पर कामकाज की समीक्षा करते हैं। आरक्षण और सुप्रीम कोर्ट टिप्पणी पर प्रतिक्रिया IAS अधिकारियों के बच्चों को आरक्षण से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि आरक्षण का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों को ही मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नीतियों का उद्देश्य कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना है, न कि पहले से सक्षम वर्गों को अतिरिक्त लाभ देना। पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर विपक्ष को जवाब पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह मुद्दा वैश्विक परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, आपूर्ति श्रृंखला और भू-राजनीतिक तनावों का असर तेल की कीमतों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान जैसे वैश्विक हालात और सप्लाई बाधाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर केवल आलोचना करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई देशों में ईंधन कीमतें भारत से कहीं अधिक बढ़ी हैं। सरकार की योजनाओं पर जोर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित कई सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार लगातार विकास और गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रही है।

राशन कार्ड आवंटन में घूसखोरी का खुलासा, CBI ट्रैप में रंगे हाथ पकड़ा गया अधिकारी

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक असिस्टेंट कमिश्नर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी अधिकारी एशियन मार्केट, पुष्प विहार, नई दिल्ली स्थित फूड एंड सप्लाई विभाग में तैनात था। सीबीआई की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस मामले में 20 मई को केस दर्ज किया गया था। जांच एजेंसी को शिकायत मिली थी कि आरोपी अधिकारी राशन कार्ड ों के आवंटन और वितरण के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था। आरोप था कि वह प्रत्येक राशन कार्ड पर 100 रुपए की अवैध रकम मांग रहा था। क्या है पूरा मामला बताया गया कि कुल 475 राशन कार्ड अलग-अलग नजदीकी दुकानों को आवंटित किए जाने थे। इनमें शिकायतकर्ता की दुकान को भी करीब 120 राशन कार्ड मिलने थे। इसी आधार पर आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता से लगभग 12 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की और फिर जाल बिछाकर कार्रवाई की। 21 मई को सीबीआई की टीम ने ट्रैप ऑपरेशन चलाया। इस दौरान आरोपी असिस्टेंट कमिश्नर को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई का बयान आया सामने सीबीआई ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सीबीआई ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत मांगता है या भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई जानकारी हो, तो उसकी शिकायत तुरंत करें। इसके लिए लोग सीबीआई एसीबी दिल्ली कार्यालय, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली में संपर्क कर सकते हैं। साथ ही 011-24367887 और मोबाइल नंबर 9650394847 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

शादी के 27 दिन बाद उजड़ा परिवार, पत्नी की मौत के बाद पति ने भी दी जान

ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नवविवाहित जोड़े की आत्महत्या ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. एक महीने पहले जिन दो परिवारों में शादी की खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है. सिद्धार्थ कांदिल और मेघा उर्फ ज्योति की शादी 25 अप्रैल को हुई थी, लेकिन शादी के 27 दिन बाद ही दोनों की मौत हो गई।  जानकारी के मुताबिक, शादी के कुछ दिन बाद मेघा अपने मायके मुरार चली गई थी. बताया जा रहा है कि 1 मई को वह मायके पहुंची थी. इसके बाद 20 मई को उसने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. नवविवाहिता की मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया।  पत्नी की मौत से सिद्धार्थ पूरी तरह टूट गया था. बताया जा रहा है कि वह गहरे सदमे में चला गया था. पत्नी की मौत के दो दिन बाद 22 मई को सिद्धार्थ ने भी पिंटो पार्क स्थित अपने घर के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।  पुलिस जांच में जुटी, मोबाइल रिकॉर्डिंग खंगाल रही टीम घटना के बाद इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है. जिन घरों में कुछ दिन पहले शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां अब सिर्फ आंसू और मातम दिखाई दे रहा है. नवविवाहित जोड़े की लगातार दो मौतों ने सभी को हैरान कर दिया है।  मामले में पुलिस ने दोनों घटनाओं को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल रिकॉर्डिंग की मदद से आत्महत्या की वजह तलाशने में जुटी हुई है. फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है।  सीएसपी अतुल सोनी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और मोबाइल रिकॉर्डिंग समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके। 

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला: पानी-सीवर इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्ज घटा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में अब घर बनाना सस्ता हो जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घर बनाने के दौरान पानी और सीवर पर लगने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्ज (IFC) को 70 प्रतिशत तक घटाने का शुक्रवार को फैसला किया। यह चार्ज सिर्फ घर के निर्माण वाले हिस्से और पानी की वास्तविक मांग पर लिया जाएगा। पहले IFC चार्ज प्लॉट के आकार पर लगता था। इसमें पार्किंग जैसी खुली जगह (नॉन FAR) भी शामिल की जाती थी। यानी प्लॉट बड़ा तो यह चार्ज ज्यादा देना पड़ता था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि IFC चार्ज अब नई निर्माण परियोजनाओं या किसी संपत्ति में अतिरिक्त निर्माण पर ही लागू होगा। जिन रिडिवेलपमेंट प्रोजेक्ट्स में पानी की मांग नहीं बढ़ती, उन पर यह चार्ज नहीं लगेगा। सीएम ने कहा कि A-B कैटिगरी की कॉलोनियों में इन्फ्रा चार्ज में 59% की कमी की गई है। ई, एफ कैटिगरी में 50% और G-H कैटिगरी में 70% की कमी की गई है। दिल्ली में घर बनाने की मुख्य बातें अब प्लॉट के आकार के हिसाब से नहीं देना होगा चार्ज जितने में कंस्ट्रक्शन, उतने पर ही IFC लगेगा इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज क्या होता है?  घर, फ्लैट, या व्यावसायिक इमारत बनाने (या खरीदने) पर बिल्डर/अथॉरिटी द्वारा एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज ( EDC ) और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट चार्ज (IDC) वसूला जाता है इसका उपयोग कॉलोनी या क्षेत्र में बाहर की मुख्य सड़कें, पार्क, और सीवरेज सिस्टम जैसी सुविधाएं देने के लिए किया जाता है।  जब आप किसी नए या बड़े प्लॉट पर पानी और सीवर का नया कनेक्शन लेते हैं, तो संबंधित जल बोर्ड (जैसे दिल्ली जल बोर्ड) द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर शुल्क लगाया जाता है। इसके अलावा, सार्वजनिक या निजी स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा (चार्जिंग स्टेशन का सेटअप) से जुड़े शुल्क को भी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्ज कहा जाता है।  

वनडे क्रिकेट में कोच को मिल सकती है मैदान में एंट्री, ICC की बैठक में होगा फैसला

 नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) खेल के नियमों में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। ये फैसला 30 मई को अहमदाबाद में होने वाली आईसीसी की बैठक के बाद लिया जा सकता है। आईसीसी समय-समय पर क्रिकेट के नियमों में बदलाव करती है और ऐसे में अब वनडे और टी20 क्रिकेट के नियम में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। सबसे बड़ा बदलाव ये हो सकता है कि एक ही फॉर्मेट में अलग-अलग रंग की गेंदों का इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल इन सभी नियमों को लेकर विचार चल रहा है और इस पर विस्तृत चर्चा के बाद ही इसे लागू किया जाएगा। वनडे क्रिकेट में हेड कोच को लेकर भी कुछ नियम बदले जा सकते हैं, जबकि टी20 में पारी के ब्रेक के समय में भी कटौती की जा सकती है। हेड कोच को लेकर नियमों में हो सकते हैं बदलाव क्रिकबज की एक रिपोर्ट के मुताबिक हेड कोच को लेकर वनडे क्रिकेट में नए नियम बनाए जा सकते हैं। मौजूदा नियमों के मुताबिक मुख्य कोच को ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान में जाने की अनुमति नहीं होती है। सब्सीट्यूट प्लेयर्स को ही मैदान में जाने दिया जाता है। अब इसमें बदलाव किया जा सकता है और रणनीति बनाने के लिहाज से कोच को मैदान में एंट्री की अनुमति दी जा सकती है। अभी तक के रूल के हिसाब से जब कोई खिलाड़ी ड्रिंक लेकर मैदान में आता है, तो उसे एक खास तरह की जर्सी पहननी होती है। हालांकि, अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि कोच को भी ऐसा करना होगा या नहीं। वनडे क्रिकेट में एक पारी के दौरान दो बार ड्रिंक्स ब्रेक की अनुमति होती है। प्रत्येक ब्रेक 1 घंटे 10 मिनट के अंतराल पर लिए जाते हैं। अब कोच को इस दौरान मैदान पर जाने की अनुमति दी जा सकती है। वहीं टी20 क्रिकेट में ये अनुमति पहले से ही है और ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान रणनीति बनाने के लिए मैदान के अंदर जाते हैं। टी20 के नियमों में भी हो सकते हैं बदलाव टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के नियमों में भी बदलाव हो सकते हैं। इस समय टी20 में एक पारी के बाद 20 मिनट का ब्रेक होता है। अब इसे बदलने पर आईसीसी विचार कर रहा है। इसको 20 से घटाकर 15 मिनट किया जा सकता है।  

एआई कैमरों के जिक्र से लेकर अपराध पर सख्त संदेश तक, सम्राट चौधरी का संबोधन चर्चा में

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में आयोजित एआई समिट 2026 के उद्घाटन सत्र के दौरान एक ऐसी बात कही कि माहौल हल्का हो गया। कार्यक्रम में मौजूद लोग मु्स्कुराते हुए ताली बजाने लगे। उन्होंने हरा गमछा रखने वालों का उदाहरण देते हुए कहा कि एआई से एक बार कह दिया जाए तो तुरंत सभी हरा गमछा वालों को पकड़ लेगा। हालांकि, सीएम ने सफाई भी दी कि किसी खास व्यक्ति या व्यक्तियों की ओर मेरा इशारा नहीं है। राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता और नेता हरे गमछा का इस्तेमाल करते हैं। अब गमछे का स्थान हरी टोपी ले रही है। शनिवार को पटना के उर्जा भवन में सूचना प्रवैद्यिकी डिपार्टमेंट(आईटी) की ओर से एआई समिट 2026 का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसका उद्घाटन किया जबकि विभागीय मंत्री नीतीश मिश्रा ने होस्ट किया। सीएम ने इस मौके पर बिहार के विकास में एआई की भूमिका को रेखांकित किया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि पटना में करीब चार हजार एआई कैमरे लगे हुए हैं। अगर एक बार एआई से कह दिया जाए कि हरा गमछा वालों को खोजो तो क्या होगा। तुरंत सभी हरा गमछा वालों को पकड़ लेगा। यह कहते हुए सीएम के चेहरे पर हल्की मुस्कान फूट रही थी। हालांकि, उन्होंने तुरंत सफाई दी और कहा कि मैं किसी की तरफ इशारा नहीं कर रहा। लगे हाथ मुख्यमंत्री बिहार में अपराधियों की जाति के मसले पर स्वीच कर गए। उन्होंने कहा कि मेरे लिए किसी अपराधी की कोई जाति नहीं है। हम पूछना चाहते हैं कि पुलिस अब अपराधी की जाति पूछ कर गोली मारेगी क्या? ऐसा करना सही होगा क्या? हमारी पुलिस को पूरी छूट है कि अपराधी को अपराधी की तरह ट्रीट करना है। अपराधी चाहे किसी जाति का या धर्म का हो, उसके साथ केवल अपराधियों जैसा व्यवहार करना है। अगर कोई भी आदमी बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था से कोई छेड़छाड़ करता है तो उसके लिए कोई जात और धर्म का अड़चन नहीं है। सभी लोग एकदम स्पष्ट रहिए कि राज्य में कानून का राज स्थापित करना है।

देवरिया में विकास की सौगात: 172 करोड़ की सड़क परियोजना पर जल्द काम शुरू होने के संकेत

देवरिया  जिले में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोनूघाट-बरहज मार्ग का कार्य शीघ्र ही शुरू हो जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दे दिया गया है। यह सुनकर उमड़ी जनता ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका जोरदार स्वागत किया। सीएम के आश्वासन के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि अब जल्द ही इस मार्ग का निर्माण शुरू होगा। दरअसल, सोनूघाट-बरहज फोरलेन निर्माण की स्वीकृति शासन से कई माह पहले ही मिल चुकी थी। शासन ने इसके निर्माण के लिए 172 करोड़ 25 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की थी। साथ ही पहली किस्त के रूप में 10 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए गए थे। लोक निर्माण विभाग ने टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी कर ली थी, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। सूत्रों के अनुसार, सड़क निर्माण के लिए मिली 10 करोड़ की पहली किस्त को बिजली विभाग को देकर विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराई गई, जिससे सड़क का काम लटक गया। बरहज से सोनूघाट के बीच की दूरी 21.750 किलोमीटर है। वर्तमान में इसकी चौड़ाई सात मीटर है। अब इसे फोरलेन बनाया जाएगा। प्रत्येक लेन की चौड़ाई सात मीटर होगी और दोनों लेन के बीच दो मीटर का डिवाइडर बनाया जाएगा। क्षेत्रवासी लंबे समय से इस मार्ग के चौड़ीकरण की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद अब क्षेत्र की जनता ने राहत की सांस ली है। लोगों को भरोसा है कि जल्द ही इस मार्ग का निर्माण शुरू होगा और आवागमन सुगम हो जाएगा जब-जब योगी आए देवरिया को मिली अरबों रुपये की सौगात मुख्यमंत्री ने पिछली बार 29 अप्रैल को देसही ब्लाक के पड़ियापार में आयोजित लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में 501 परियोजनाओं पर करीब सात अरब रुपये की सौगात दी थी। इसके एक साथ बाद ही शुक्रवार को पथरदेवा, रामपुर कारखाना व सदर ब्लाक में 19 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिस पर 655.45 करोड़ रुपये लागत आई है। मुख्यमंत्री ने सात विधानसभा में केवल तीन विधानसभा से जुड़े कार्य होने पर उन्होंने लोगों को जरूरत के हिसाब से आवश्यक कार्यों को पूरा करने का विश्वास दिलाया। जिसमें सोनूघाट-बरहज की सड़क का भी जल्द निर्माण कार्य कराए जाने की बात दोहराई। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने देवरिया से काफी अधिक लगाव होने की बात कही। मुख्यमंत्री के भाषण के पूर्व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी जी इसके पहले 29 अप्रैल को देवरिया आए तो सात अरब का सौगात दे गए। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्ति का इस धरती पर बारंबार स्वागत है। वे ऐसे ही सौगात लेकर बार-बार आए ताकि क्षेत्र व जनपद का विकास हो सके।