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शहरों की तर्ज पर अब गांवों में टैक्स व्यवस्था, कैबिनेट की मंजूरी के बाद होगा लागू

पटना  बिहार में शहरों क्षेत्र की तर्ज पर अब गांवों में भी टैक्स की वसूली होगी। सभी ग्राम पंचायतें हरेक घर से साल भर में औसतन 1200 रुपये टैक्स लेगी। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अनुशंसा पर ग्रामीणों को भी नगर निगम की तर्ज पर होल्डिंग सहित अन्य टैक्स देना होगा। इस संबंध में पंचायती राज विभाग के प्रस्ताव को वित्त विभाग की हरी झंडी मिल गई है। अब सम्राट चौधरी कैबिनेट से सहमति मिलने के बाद यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। दरअसल, 16वें केंद्रीय वित्त आयोग ने देशभर की पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की अनुशंसा की है। इससे आगे के वर्षों में वित्त आयोग से मिलने वाली अनुदान राशि में कटौती संभव है। गांवों में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर करने के लिए टैक्स लगेगा। स्ट्रीट लाइट और पेयजल आपूर्ति पर भी कर का प्रावधान होगा। नई व्यवस्था में हर घर नल का जल आपूर्ति के लिए अनिवार्य रूप से शुल्क वसूलने का प्रावधान किया जा रहा है। आवासीय भवनों पर व्यावसायिक भवनों की तुलना में कम टैक्स लगेगा। व्यावसायिक भवनों का टैक्स आकार बाजार और व्यावसाय के हिसाब से तय होगा। मुख्य सड़क और गली स्थित भवनों के लिए भी कर में अंतर हो सकता है। ग्राम पंचायतों के तहत आने वाले बाजार क्षेत्र में भी आवासीय भवनों पर कर सुदूर गांवों के घरों की तुलना में अधिक कर लगेगा। भवनों के व्यावसायिक उपयोग पर अधिक कर देना होगा। बिहार में सरकार ग्रामीण इलाकों में शहरों जैसी सुविधाएं बहाल करने के लिए काम कर रही हैं। ग्राम पंचायतों के विकास के लिए सरकार समय समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है।पंचायतों को और समृद्ध बनाने के लिए आय के श्रोतों की तलाश की जा रही है। पंचायतों में अपने संसाधन और सैरात विकसित किए जा रहे हैं जिनसे राजस्व की प्राप्ति हो। गांवों विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और नागरिकों को जरूरी सुविधाएं सुचारू रखने के लिए नगर क्षेत्र की तर्ज पर गांवों में होल्डिंग टैक्स के अलावे पानी, बिजली, सफाई जैसी सुविधाओं पर टैक्स का संकलन किया जाए। इसी उद्येश्य से सरकार के स्तर पर यह निर्णय लिया गया है। बताया जा रहा है कि आगामी कैबिनेट में इस प्रस्ताव को पास कराया जाएगा उसके बाद इसे लागू किया जाएगा।

कोरबा में विकास को मिलेगी रफ्तार, 37.28 करोड़ रुपये से 116 परियोजनाएं स्वीकृत

रायपुर : कोरबा को मिली 37.28 करोड़ रूपए की ऐतिहासिक सौगात, 15वें वित्त आयोग अंतर्गत 116 विकास कार्यों को स्वीकृति उद्योग मंत्री का प्रयास रंग ला रहा, सभी वार्ड को मिली स्वीकृति रायपुर हर गली पक्की बने, कहीं जलभराव न हो और कोरबा एक सुव्यवस्थित एवं विकसित शहर बनेकृ इसी संकल्प को साकार करते हुए नगर विधायक एवं प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के सतत प्रयासों से नगर पालिक निगम कोरबा को 15वें वित्त आयोग अंतर्गत 37 करोड़ 28 लाख रूपए से अधिक राशि के 116 विकास कार्यों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा अप्रैल 2026 में विभिन्न निर्माण कार्यों की स्वीकृति हेतु राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। इन प्रस्तावों की शीघ्र स्वीकृति के लिए मंत्री लखन लाल देवांगन ने गुरुवार को उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव से भेंट कर तत्काल स्वीकृति का आग्रह किया। उनके विशेष प्रयासों के परिणामस्वरूप सभी प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्री देवांगन के नेतृत्व में कोरबा नगर के विकास के लिए लगातार विभिन्न योजनाओं एवं मदों से राशि स्वीकृत हो रही है। अब तक कोरबा शहर के लिए लगभग 1000 करोड़ रूपए के विकास कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, जिनका लाभ अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इस स्वीकृति के अंतर्गत शहर के सभी वार्डों में सीसी सड़क, आरसीसी नाली, जल निकासी, पेयजल प्रबंधन, सड़क निर्माण तथा अन्य मूलभूत अधोसंरचना से जुड़े 116 विकास कार्यों को स्वीकृति मिली है। इनमें वार्डवार गली-गली तक सड़क एवं नाली निर्माण के कार्य शामिल हैं, जिससे वर्षों से चली आ रही जलभराव एवं आवागमन की समस्याओं का स्थायी समाधान होगा। स्वीकृत सूची में वार्ड क्रमांक 1 से लेकर सभी वार्डों तक सड़क एवं नाली निर्माण, तालाबों के आसपास जल निकासी व्यवस्था, प्रमुख मार्गों का उन्नयन तथा मोहल्लों की आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं। यह स्वीकृति कोरबा नगर के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी। मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि डबल इंजन नहीं, अब ट्रिपल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से बड़े-बड़े अधोसंरचनात्मक कार्यों के साथ-साथ गली-मोहल्लों की छोटी-छोटी समस्याओं का भी तेजी से समाधान किया जा रहा है। उनका लक्ष्य है कि कोरबा का कोई भी वार्ड विकास से अछूता न रहे और प्रत्येक नागरिक को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से कोरबा तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। आने वाले समय में भी शहर के सर्वांगीण विकास के लिए इसी प्रकार निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।        15वें वित्त आयोग अंतर्गत नगर पालिक निगम कोरबा में स्वीकृत विकास कार्य वार्ड क्र. 01 रामसागर में तुलसी घर के आगे सड़क निर्माण कार्य –  20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 01 अंतर्गत गीता ज्वेलर्स से स्वर्ण भूमि तक आर.सी.सी. नाली का निर्माण कार्य –  38.13 लाख रूपए, वार्ड क्र. 01 अंतर्गत रामसागर तालाब बस्ती साइड में आर.सी.सी. नाला निर्माण कार्य –  15.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 03 प्राथमिक स्कूल के पीछे तुलसी नगर में आर.सी.सी. नाली एवं सी.सी. रोड निर्माण कार्य –  15.80 लाख रूपए, वार्ड क्र. 04 गृहणी अनाज से पोषण किराना दुकान तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य –  40.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 05 देवांगन पारा अंतर्गत कोरबा फाटक से गणेश स्टोर गोकुल चंद लालूमल की दुकान के सामने से होते हुए गांधी चौक तक नाली निर्माण कार्य –  10.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 05 देवांगन पारा अंतर्गत लवली केयर स्कूल से कदम पेड़ नाला तक नाला निर्माण कार्य – 10.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 06 अंतर्गत गुरुघासी से लेकर कृपाल सिंह के घर तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य –  20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 07 धनुहार मोहल्ला में जवरीहिन सनवाल के घर से लेकर तारा चंद्र श्रीवास के घर तक रोड निर्माण –  7.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 08 अंतर्गत मोतीसागर पारा पूर्व पार्षद बेरी महिलाओं के घर के आगे वाली गली, वृद्ध आश्रम एवं प्राथमिक शाला जाने के मुख्य मार्ग/गली निर्माण कार्य –  8.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 09 इमलीडुग्गू अंतर्गत पोखरी पारा स्थित तालाब के चारों ओर नाली निर्माण कार्य –  15.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 10 मिलाई खुर्द अंतर्गत बरबसपुर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मंदिर के समीप सी.सी. रोड निर्माण कार्य –  20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 11 अंतर्गत मोनू सारथी के घर से राजकुमारी महंत एवं बबलू के घर से महेश दास के घर तक सी.सी. रोड एवं नाली निर्माण कार्य –   20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12 बंटी स्टोर के सामने गुप्ता गली में रोड एवं नाली निर्माण कार्य –  18.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12 सिटी कोतवाली के सामने से अशोका भवन की ओर मनोकामना मंदिर तक जाने वाली रोड एवं नाली निर्माण कार्य – 15.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 13 शारदा विहार अंतर्गत पानी टंकी मोहल्ले में नाला निर्माण कार्य –  20.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 14 अंतर्गत न्यू अमरैयापारा में खान घर से विनोद श्रीवास के घर तक सी.सी. रोड एवं आर.सी.सी. नाली निर्माण कार्य –  18.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 14 अंतर्गत शारदा विहार रेलवे फाटक से चिमनी भट्ठा तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य –  26.74 लाख रूपए, वार्ड क्र. 15 इंदिरा नगर स्कूल के पीछे इन्द्रापारा एवं 15 ब्लॉक में आर.सी.सी. नाली एवं सी.सी. रोड निर्माण कार्य –  19.63 लाख रूपए, वार्ड क्र. 16 पंप हाउस अंतर्गत आत्मानंद स्कूल के पीछे इमरी मोहल्ला में सी.सी. रोड एवं नाली निर्माण कार्य –  17.68 लाख रूपए, वार्ड क्र. 17 घाटघोरा रोड से प्रेम खटाल तक सी.सी. रोड एवं नाली निर्माण कार्य –  25.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 18 भवानी मंदिर के पास निर्मित पूर्वांचल शेड से भवन तक जाने हेतु रोड एवं नाली निर्माण कार्य –  26.30 लाख रूपए, वार्ड क्र. 19 अंतर्गत गिरिराजचंद्र घर के पास से रविशंकर दिवाकर घर तक, महंत घर से कॉलोनी तक, नीलगिरी बस्ती से श्रीवास्तव घर से दिलीप दिवान घर तक आर.सी.सी. नाली एवं सी.सी. रोड निर्माण कार्य –  10.41 लाख रूपए, वार्ड क्र. 20 नीलगिरी बस्ती में आंगनबाड़ी- 1 से आश्रम के पीछे तक नाली निर्माण कार्य –  15.00 लाख रूपए, वार्ड … Read more

मध्यप्रदेश पर्यटन क्विज 2026: 25 जुलाई तक करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, जानें प्रदेश की समृद्ध विरासत

मध्यप्रदेश पर्यटन क्विज-2026 के लिए ऑनलाइन पंजीयन 25 जुलाई 2026 तक: विद्यार्थियों को जानने को मिलेगी प्रदेश की समृद्धशाली विरासत "बूझो जानो फिर देखो अपना प्रदेश"की जिला स्तरीय क्विज 07 अगस्त को होगी आयोजित मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की ओर से विजेता और उपविजेता टीमों को मिलेगा पर्यटन का आकर्षक उपहार साल 2025 में 24489 विद्यार्थियों ने लिया था उत्साहपूर्वक हिस्सा, 8163 विद्यालयों ने द्वारा कराया गया था पंजीयन भोपाल  मध्यप्रदेश के समृद्धशाली इतिहास, परंपराओं, ऐतिहासिक धरोहरों, सांस्कृतिक विविधताओं, कला, प्राकृतिक संपदा और पर्यटन की असीम संभावनाओं से विद्यार्थियों को अवगत कराने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा 'पर्यटन क्विज-2026' का आयोजन किया जा रहा है। जिला स्तरीय इस क्विज में भाग लेने के लिए विद्यालयों द्वारा ऑनलाइन पंजीयन 1 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक शाम 5:30 बजे तक आधिकारिक वेबसाइट    https://www.mptourism.com/tourismquiz2026/schools/ के माध्यम से किया जा सकता है। विद्यार्थियों में पर्यटन के माध्यम से सीखने की प्रवृत्ति को विकसित करने, मध्यप्रदेश पर्यटन की संभावनाओं से जुड़े ज्ञान का संचार करने के उद्देश्स से आयोजित हो रहे इस क्विज में प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय, सी.बी.एस.ई. (CBSE) एवं केंद्रीय विद्यालयों के कक्षा 9वीं से 12वीं के अध्ययनरत छात्र-छात्राएं सहभागिता कर सकते हैं। 7 अगस्त को"बूझो जानो फिर देखो अपना प्रदेश" की जिला स्तरीय क्विज मध्य प्रदेश पर्यटन क्विज-2026 "बूझो जानो फिर देखो अपना प्रदेश" का जिला स्तरीय आयोजन आगामी 07 अगस्त 2026 को प्रदेश के समस्त जिलों में एक साथ किया जाएगा। पर्यटन क्विज-2026 क्विज में पूछे जाने वाले प्रश्न मध्य प्रदेश के पर्यटन, कला, संस्कृति, धार्मिक, प्राकृतिक परिवेश और ऐतिहासिक संवर्धन पर आधारित होंगे। जिला स्तर पर प्रतियोगिता दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण की लिखित परीक्षा के आधार पर चयनित शीर्ष 06 टीमों के मध्य द्वितीय चरण में 'ऑडियो-विजुअल/मल्टीमीडिया' आधारित क्विज का आयोजन किया जाएगा। जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली विद्यालयीन टीम राज्य स्तरीय क्विज में जिले का प्रतिनिधित्व करेगी। साल 2025 में 24,489 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लिया था हिस्सा मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा वर्ष 2016 से (कोविड महामारी के कारण वर्ष 2020-21 को छोड़कर) प्रतिवर्ष पर्यटन क्विज का सफल आयोजन किया जा रहा है। वर्ष 2025 में आयोजित पर्यटन क्विज को विद्यार्थियों का अभूतपूर्व उत्साह प्राप्त हुआ, जिसमें 24,489 विद्यार्थियों ने भागीदारी की तथा 8,163 विद्यालयों ने अपने विद्यार्थियों का पंजीयन कराया। यह उल्लेखनीय सहभागिता विद्यार्थियों में प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है। पर्यटन क्विज-2026 का ध्येय भी विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों से परिचित कराना, उनमें पर्यटन के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा अपने गौरवशाली प्रदेश की विरासत और पर्यटन संभावनाओं से जोड़ना है, ताकि भावी पीढ़ी प्रदेश की अनमोल धरोहरों से परिचित हो सके।  मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की ओर से विजेता टीमों को मिलेगा निःशुल्क पर्यटन भ्रमण का उपहार मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा विद्यार्थियों को पर्यटन के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक जिले की प्रथम तीन विजेता टीमों को मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (MPSTDC) के होटलों में 2 रात्रि एवं 3 दिवस के निःशुल्क पर्यटन भ्रमण का कूपन प्रदान किया जाएगा। वहीं, अगली तीन उपविजेता टीमों को 1 रात्रि एवं 2 दिवस के निःशुल्क पर्यटन भ्रमण का कूपन दिया जाएगा।इन कूपनों के अंतर्गत विद्यार्थियों के आने-जाने, आवास, भोजन तथा स्थानीय भ्रमण का संपूर्ण व्यय मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हो सके।  

भीषण बस हादसे से दहला पाकिस्तान, ओवरलोडेड बस खाई में गिरी; 40 यात्रियों की जान गई

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है. यहां यात्रियों से भरी एक बस गहरी खाई में गिर गई. अधिकारियों के मुताबिक हादसा उस समय हुआ जब बस बलूचिस्तान के शेरानी जिले के दाना सर इलाके से निकलकर खैबर पख्तूनख्वा में प्रवेश कर रही थी. मिल रही जानकारी के मुताबिक घटना में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई, जबकि अब तक 8 लोगों के जख्मी होने की खबर है।  बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने घटना के बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए कहा कि हादसे में जख्मी हुए लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. दुर्घटना के तुरंत बाद इलाके में बचाव अभियान शुरू कर दिया गया. बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने भी राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाया जा सके. ट्रिब्यून एक्सप्रेस के मुताबिक बस क्वेटा से रवाना हुई थी, जिसके खराब होने के बाद यात्रियों को दूसरी बस में बिठाया गया, जिससे वो ओवरलोड हुई और हादसा हुआ।  घटना की जांच जारी शेरानी के डिप्टी कमिश्नर हजरत वाली काकर ने बताया- ‘घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया जा रहा है. मरने वालों की लाशों को निकालने और शिफ्ट करने का काम जारी है.’ डिप्टी कमिश्नर ने आगे बताया कि बस क्वेटा से 36 यात्रियों के साथ रवाना हुई थी, लेकिन रास्ते में एक दूसरी बस खराब हो जाने के कारण कुछ और यात्री इस बस में सवार हो गए थे. इससे बस पर सवारियों की संख्या बढ़ गई थी. प्रशासन ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस की तेज रफ्तार या सड़क की खराब स्थिति हादसे की वजह हो सकती है. बलूचिस्तान की पहाड़ी सड़कें अक्सर खतरनाक होती हैं और यहां बस व ट्रक दुर्घटनाएं आम हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा रात के समय हुआ, जिससे बचाव कार्य में दिक्कत आई।  घायलों को इलाज के लिए क्वेटा और अन्य नजदीकी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है. पाकिस्तान में सड़क सुरक्षा एक बड़ी समस्या बनी हुई है. हर साल सैकड़ों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं। खराब सड़कें, ओवरलोडेड वाहन, ड्राइवरों की लापरवाही और खराब मौसम अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनते हैं. अभी गुरुवार इसी इलाके में मौजूद एक पर्यटन स्थल पर नाव पलट जाने की वजह से एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई। 

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित, बढ़ाया उत्साह

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान समर्पण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य एवं जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद, उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएं रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सक्ती जिला कार्यालय में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में राज्य एवं जिला स्तर पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं का सम्मान किया। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके भविष्य के लक्ष्य, करियर की योजनाओं और रुचियों की जानकारी ली। विद्यार्थियों ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने की इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने उनके आत्मविश्वास और ऊँचे सपनों की सराहना करते हुए कहा कि समर्पण, अनुशासन, निरंतर अध्ययन और कठिन परिश्रम ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी बड़े लक्ष्य निर्धारित करते हैं और पूरी निष्ठा से उन्हें प्राप्त करने का प्रयास करते हैं, सफलता स्वयं उनके कदम चूमती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़े और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रसेवा की भावना को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज सम्मानित हुए विद्यार्थी केवल अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी और उत्कृष्टता की नई संस्कृति को आगे बढ़ाएगी। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

पति ने तलाक के साथ भेजीं पत्नी की प्राइवेट तस्वीरें, हाई कोर्ट की टिप्पणी से छिड़ी बहस

नई दिल्ली  दिल्ली हाई कोर्ट में एक अजीब मामला सामने आया है। एक शख्स ने दिल्ली हाई कोर्ट में तलाक की अर्जी के साथ पत्नी की प्राइवेट तस्वीरें भी भेज दी। अदालत ने व्यक्ति के इस कदम पर हैरानी जताई। हालांकिइसके बावजूद पति और उसके वकील के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने से इनकार कर दिया। हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह कृत्य गंभीर चूक की श्रेणी में आता है। लेकिन प्रतिवादी पति व वकील ने माफी मांग ली है। इसलिए उनके खिलाफ अवमानना कार्रवाई उचित नहीं है। हाई कोर्ट यह भी कहा कि इस तरह से संवेदनशील दस्तावेजों को सीलबंद लिफाफे में सबमिट करना चाहिए। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने की। अदालत ने अपने फैसले में माना कि हालांकि इस तरह के कृत्य को खुली मंजूरी नहीं दी जा सकती। लेकिन इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि वैवाहिक विवाद के मामलों में इस तरह की गलतियां अकसर हो जाती हैं। इन्हें सुधारा जाना चाहिए। इस मामले में वर्ष 2015 के दिल्ली हाई कोर्ट के एक पूर्व फैसले के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। अदालत ने कहा- दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में पेश होने चाहिए उस फैसले में निर्देश दिया गया था कि संवेदनशील या निजी प्रकृति के दस्तावेजों को पहले अदालत की अनुमति लेकर सीलबंद लिफाफे में पेश किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता महिला का तर्क था कि प्रतिवादियों ने फैमिली कोर्ट में दायर तलाक की अर्जी के साथ बिना किसी बदलाव के निजी तस्वीरें लगाकर उन निर्देशों का उल्लंघन किया। हालांकि हाई कोर्ट की पीठ ने गौर किया कि प्रतिवादियों का दावा है कि उन्हें उन निर्देशों की जानकारी नहीं थी। पीठ ने कहा कि इसके अलावा जब प्रतिवादी पति व उसके वकीलों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपने कार्यों को सही ठहराने की कोशिश नहीं की, बल्कि बिना शर्त माफी मांगी है। उन्होंने फैमिली कोर्ट में उन तस्वीरों को सीलबंद लिफाफे में रखने के लिए एक अर्जी दाखिल की है। पीठ ने कहा कि इसे गंभीर चूक माना जा सकता है। लेकिन अवमानना की कार्रवाई शुरु करना उचित नहीं है। अदालत ने पति को चेतावनी दी पीठ ने साथ ही यह चेतावनी भी दी कि महिला से संबंधित मामलों में इस तरह की भविष्य में गलती नहीं होनी चाहिए। अवमानना ​​याचिका का निपटारा करते हुए पीठ ने याचिकाकर्ता महिला को अपनी पहचान छिपाने व संबंधित सामग्री की सुरक्षा के लिए फैमिली कोर्ट में जाने की छूट दी। कोर्ट ने फैमिली कोर्ट से यह भी अनुरोध किया कि वे तस्वीरों को खुले रिकॉर्ड से हटा दें। उन्हें सीलबंद लिफाफे में रखें।

Haryana Education: सरकारी स्कूलों में शुरू होगी रोबोटिक्स और AI शिक्षा, 391 लैब बनकर तैयार

 यमुनानगर  सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान की पढ़ाई किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। वे रोबोट बनाएंगे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) पर काम करेंगे, 3-डी प्रिंटर से माडल तैयार करेंगे और अपने आइडिया को तकनीक के जरिए हकीकत में बदलना सीखेंगे। क्योंकि प्रदेश के 391 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में इसी माह अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) शुरू हो रही है। इसके लिए स्कूलों में सामान पहुंच चुका है, वहीं मई में शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल खुलते ही यह लैब क्रियान्वित की जा रही हैं। इससे सरकारी स्कूलों के हजारों विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और नवाचार का मंच मिल सकेगा। अटल टिंकरिंग लैब की शुरुआत वर्ष 2018 में नीति आयोग ने अटल इनोवेशन मिशन के तहत की थी। उस समय निर्धारित मानकों के आधार पर प्रदेश के ज्यादातर निजी स्कूलों मं ही यह सुविधा मिल सकी थी, जबकि अधिकांश सरकारी स्कूल इससे वंचित रह गए थे। नीति आयोग की तर्ज पर हरियाणा सरकार ने अपने संसाधनों से 391 सरकारी स्कूलों में 2026-27 के शैक्षणिक सत्र में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने का निर्णय लिया। इसके लिए फरवरी से स्कूलों में लैब का सामान भेजना शुरू कर दिया गया था, जो अब लगभग सभी स्कूलों में पहुंच चुका है। साथ ही मई में शिक्षकों को लैब से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया। हिसार में सबसे ज्यादा 29 लैब, रोहतक में सबसे कम पांच सबसे ज्यादा हिसार के 29 स्कूलों में लैब स्थापित हो रही हैं। इसके बाद जींद व सिरसा में 26-26, यमुनानगर में 23, अंबाला, भिवानी व फतेहाबाद में 22-22, करनाल में 21, कैथल में 20, पानीपत व सोनीपत में 19-19, कुरुक्षेत्र, नूंह व पलवल में 17-17, महेंद्रगढ़ में 16 और गुरुग्राम में 15 लैब स्थापित होंगी। चरखी दादरी, पंचकूला व रेवाड़ी में 11-11, फरीदाबाद में 10 व झज्जर में नौ लैब हैं। सबसे कम पांच लैब रोहतक में हैं। नवाचार, वैज्ञानिक सोच व तकनीकी कौशल का होगा विकास जिला विज्ञान विशेषज्ञ विशाल सिंघल ने बताया कि जुलाई में लैब शुरू कराने का प्रयास है। इनमें छात्र-छात्राएं रोबोटिक्स, एआइ, 3-डी प्रिंटिंग, इलेक्ट्रानिक्स, सेंसर, माइक्रोकंट्रोलर व कोडिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यात्री छात्र केवल सिद्धांत नहीं पढ़ेंगे, बल्कि मॉडल तैयार करेंगे, प्रोटोटाइप बनाएंगे व दैनिक जीवन की समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने का अभ्यास भी करेंगे। इससे विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच व तकनीकी कौशल का विकास होगा।

Employment Report: रोजगार के मामले में लुधियाना सबसे आगे, 63 फीसदी कर्मचारी नियमित वेतनभोगी

लुधियाना पंजाब में रोजगार के मामले में लुधियाना सबसे आगे है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों पर आधारित नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार लुधियाना का श्रमिक जनसंख्या अनुपात 57 प्रतिशत है, जो दिल्ली (41.2 प्रतिशत) और फरीदाबाद (44 प्रतिशत) से बेहतर है। नियमित वेतनभोगियों की हिस्सेदारी भी 63 प्रतिशत है, जो कई बड़े शहरों के बराबर या उनसे बेहतर है। रिपोर्ट के अनुसार लुधियाना में औद्योगिक गतिविधियां तेज होने से रोजगार के अवसर बढ़े हैं। विनिर्माण, ऑटोमोबाइल और कपड़ा उद्योगों में कुशल श्रमिकों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी जरूरत को देखते हुए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं। लुधियाना में स्वरोजगार करने वालों का प्रतिशत 34.7 है जबकि आकस्मिक श्रमिक (कैजुअल लेबर) 2.3 प्रतिशत हैं। शहर की बेरोजगारी दर 3.5 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो फरीदाबाद (4.9 प्रतिशत) और दिल्ली (5.3 प्रतिशत) से कम है। हालांकि महिलाओं की श्रम भागीदारी अब भी चिंता का विषय है। महिलाओं का श्रमिक जनसंख्या अनुपात केवल 22.8 प्रतिशत है। महिलाओं में बेरोजगारी दर 3.8 प्रतिशत जबकि पुरुषों में 3.4 प्रतिशत है। दिल्ली में महिलाओं की बेरोजगारी 8.4 प्रतिशत और पुरुषों की 4.7 प्रतिशत दर्ज की गई है। अमृतसर में रोजगार की तस्वीर कमजोर रिपोर्ट के अनुसार अमृतसर में रोजगार की स्थिति लुधियाना के मुकाबले कमजोर है। यहां श्रमिक जनसंख्या अनुपात 45.8 प्रतिशत है जबकि पुरुषों में यह 69 प्रतिशत और महिलाओं में केवल 21.2 प्रतिशत है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण सरकार रोजगार बढ़ाने के प्रयास कर रही है, लेकिन अपेक्षित परिणाम अभी नहीं मिल पाए हैं। महिलाओं की श्रम भागीदारी यहां भी काफी कम बनी हुई है।  बेरोजगारी दर 8.7%, महिलाओं पर ज्यादा असर अमृतसर की कुल बेरोजगारी दर 8.7 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो लुधियाना से काफी अधिक है। पुरुषों में यह 7.6 प्रतिशत और महिलाओं में 12.3 प्रतिशत है। शहर में स्वरोजगार का प्रतिशत 43.9 है। स्वरोजगार में 49.2 प्रतिशत पुरुष और 25.9 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। वहीं आकस्मिक श्रमिकों की हिस्सेदारी 11.3 प्रतिशत है। रिपोर्ट बताती है कि महिलाओं की रोजगार भागीदारी बढ़ी है, लेकिन यह अब भी संतोषजनक स्तर से काफी नीचे है।

Aaj Ka Rashifal 3 July 2026: शुक्रवार का दिन किन राशियों के लिए रहेगा शुभ? जानें करियर, धन और प्रेम का हाल

मेष प्रेमी के साथ क्वालिटी टाइम बिताने की आपकी इच्छा आज पूरी होगी। अच्छे अवसर जल्द ही आपकी पहुंच में आ सकते हैं। आपकी ईमानदारी लव लाइफ और नौकरी दोनों में काम आएगी। सकारात्मक परिणाम देखें। आज छोटी-मोटी मेडिकल और फाइनेंशियल समस्या भी होगी। वृषभ आप सही कदम उठाना जानते हैं। आज प्रेम जीवन को रोमांटिक बनाने पर फोकस रखें। आज बड़ी रकम इन्वेस्ट करने से बचें। कोई बड़ी पैसों को प्रॉब्लम नहीं होगी। आज आपका स्वास्थ्य भी नॉर्मल है। सेल्फ लव पर ध्यान दें। मिथुन आज काम के प्रति समर्पित रहें। आपका दिन पॉजिटिव रहने वाला है। बिजनेस की शुरुआत करने वालों के लिए बेहतर कमाई के ऑपशन्स जल्द ही मिलेंगे। परिवर्तन से आपको लाभ होगा। कर्क आज कोई भी जोखिम आपके लिए खतरा साबित नहीं होगा। लव और प्रोफेशनल जीवन में पॉजिटिव रहें। मौकों की तलाश करें। धन का आगमन होगा और धनी बने रहने के लिए खर्च पर कंट्रोल करें। आज आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। सिंह किसी ऐसे व्यक्ति के साथ डेट पर जा सकते हैं, जिसे आप पसंद करते हैं। आज का दिन शानदार रहने वाला है। आज सफल पेशेवर जीवन के साथ-साथ खुशहाल लव लाइफ का आनंद लें। समझदारी से पैसों का इंवेस्टमेंट करें। कन्या जहां पेशेवर लोग सफलता का स्वाद चखेंगे, वहीं उद्यमी भी नए उद्यम शुरू कर सकते हैं। अपने बॉस का खास बनने की आपकी कोशिश में थोड़ा समय लगेगा। धन और स्वास्थ्य दोनों पॉजिटिव रहने वाले हैं। तुला अपने प्रेम जीवन में सकारात्मक रहें। ऑफिस में अपना बेस्ट देने की कोशिश करें। अपनी स्किल्स साबित करने के लिए नए टास्क लें। स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत नहीं होगी। आपकी ईमानदारी की आपकी खासियत है। वृश्चिक अपने प्रेमी के साथ खुश रहें। कोशिश करें कि आप पेशेवर आवश्यकताओं को पूरा करें। नई जिम्मेदारियां आपको व्यस्त रखेंगी लेकिन वित्तीय समृद्धि बनी रहेगी। पैसों को स्मार्ट तरीके से करें मैनेज करें। ऑफिस रोमांस से बचें। धनु कोई बड़ी बीमारी आपको परेशान नहीं करेगी। आपका पॉजिटिव रवैया आपकी सभी मुश्किलें सॉल्व करेगा। आज का दिन हलचल से भरपूर रहने वाला है। आज चीजें आपके हाथ से बाहर हो सकती हैं। कोई भी जरूरी डीसीजन आज न लें। मकर अपने लव रिलेशन में परेशानियों को दूर रखें। ऑफिस में शांत रहें। अपनी योग्यता साबित करने के लिए नई जिम्मेदारियां लें। आपका इंट्यूशन कभी आपको गलत फीलिंग नहीं देगा। वित्तीय मामलें में समृद्धि आपके पक्ष में है। कुंभ दोस्तों के आने से आप अच्छा फील करेंगे। प्रोफेशनल तौर पर मौकों पर नजर रखें। मेंटल हेल्थ बिगड़ सकती है। आज सेहत चिंता का विषय रहेगी। लोगों का आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है। मीन लव के मामले में पार्टनर के साथ छोटी-छोटी बातों पर बहस न करें। कोई बड़ी प्रोफेशनल चुनौती नहीं आएगी। आज आपको भारी मात्रा में धन लाभ हो सकता है। हेल्थ के मामले में भी दिन पॉजिटिव है।

सरकारी कर्मचारियों की वेतन समस्याओं के समाधान के लिए झारखंड सरकार ने समिति बनाई

रांची  झारखंड सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनकी वेतन विसंगतियों, एमएसीपी (MACP) योजना से जुड़े विवादों और विभिन्न सेवाओं की सेवा शर्तों में एकरूपता लाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस 7 सदस्यीय समिति का गठन राज्य के विभिन्न सेवा संघों (इम्पलॉइज यूनियंस) द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांगों के स्थायी समाधान के लिए किया गया है। यह समिति समय-समय पर राज्य सरकार को अपनी महत्वपूर्ण सिफारिशें और सुझाव सौंपेगी। राजस्व पर्षद के अध्यक्ष करेंगे अगुवाई, ये होंगे सदस्य वित्त विभाग द्वारा गठित इस उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता सदस्य, राजस्व पर्षद करेंगे। निष्पक्ष और अनुभवी फैसले के लिए समिति में विभिन्न सरकारी सेवाओं के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है।     अविनाश कुमार सिंह – भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS-सेवानिवृत्त)     ओम प्रकाश साह – राज्य प्रशासनिक सेवा (सेवानिवृत्त)     राज नारायण सिंह – राज्य पुलिस सेवा (सेवानिवृत्त)     जयंत कुमार मिश्रा – राज्य शिक्षा सेवा (सेवानिवृत्त)     उमेश मेहता – राज्य अभियंत्रण सेवा (सेवानिवृत्त) समिति के कार्य राज्य की विभिन्न सेवा संघों द्वारा उठाई गई वेतन विसंगतियों का निराकरण यह समिति करेगी। इसके साथ ही विभिन्न सेवाओं की सेवा शर्तों में एकरूपता लाने को लेकर प्रयास करेगी। समिति एमएसीपी से संबंधित मामलों का निराकरण करेगी। झारखंड में कर्मचारियों की वेतन विसंगतियाें से जुड़े मामले लंबे समय से विवादों का केंद्र रहे हैं। इससे पहले झारखंड उच्च न्यायालय ने कई मामलों में कर्मचारियों को एसीपी का लाभ देने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में, पुलिस कर्मियों को एसीपी/एमएसीपी के लिए उच्च योग्यता की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। वहीं, राज्य के कर्मचारी संगठन लंबे समय से 7वें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने और ग्रेड-पे तय करने की मांग करते रहे हैं। हाल ही में सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (डीए) में तीन प्रतिशत की वृद्धि की है, जिससे लगभग तीन लाख कर्मचारी-पेंशनभोगी लाभान्वित हुए हैं।