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दशहरा 2026 की तारीख हुई तय, जानें रावण दहन और विजय मुहूर्त का शुभ समय

Dussehra 2026: हिंदू धर्म में दशहरा यानी विजयादशमी को बेहद शुभ पर्व माना जाता है. यह दिन सिर्फ रावण दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है. देश के अलग-अलग हिस्सों में इस दिन रामलीला, रावण दहन, शस्त्र पूजा और विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं. साल 2026 में दशहरा किस दिन मनाया जाएगा और इस दिन कौन से शुभ मुहूर्त रहेंगे, आइए जानते हैं।  दशहरा 2026 कब है? पंचांग के अनुसार, साल 2026 में विजयादशमी यानी दशहरा 20 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा.  आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे शुरू होगी और 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे समाप्त होगी. इसी वजह से उदया तिथि के अनुसार 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।  दशहरा 2026 का विजय मुहूर्त विजयादशमी के दिन पूजा और शुभ कार्यों के लिए विजय मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है. 20 अक्टूबर 2026 को विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक रहेगा. वहीं अपराह्न पूजा का समय दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक बताया गया है. इन समयों में पूजा, शस्त्र पूजन और अन्य शुभ धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं।  रावण दहन कब किया जाएगा? दशहरे पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन करने की परंपरा है. आमतौर पर रावण दहन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में किया जाता है. हालांकि, रावण दहन का स्थानीय समय शहर और आयोजन स्थल के अनुसार अलग-अलग हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग या आयोजन की जानकारी देखना बेहतर रहेगा।  दशहरा क्यों मनाया जाता है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयादशमी के दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध किया था. राम और रावण के बीच युद्ध के बाद श्रीराम की विजय को धर्म की अधर्म पर जीत के रूप में देखा जाता है. इसी घटना की याद में देशभर में रामलीला का आयोजन और रावण दहन किया जाता है।  दशहरा की एक अन्य प्रमुख धार्मिक मान्यता देवी दुर्गा से जुड़ी है. कई परंपराओं में इस दिन को मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध और बुराई पर शक्ति की विजय से भी जोड़ा जाता है. इस तरह विजयादशमी दो प्रमुख धार्मिक कथाओं के जरिए अच्छाई और धर्म की स्थापना का संदेश देती है।  रावण के दस सिर किसका प्रतीक हैं? रावण के दस सिरों को कई धार्मिक व्याख्याओं में मनुष्य के भीतर मौजूद नकारात्मक प्रवृत्तियों का प्रतीक माना जाता है. इनमें काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष और अन्य बुरी प्रवृत्तियों को शामिल किया जाता है।  रावण दहन का संदेश केवल किसी पुतले को जलाने तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि इसे अपने भीतर की नकारात्मकता और बुरी आदतों को खत्म करने के संकल्प से भी जोड़ा जाता है।  2026 में दशहरा क्यों खास है? साल 2026 में दशहरा के दिन श्रवण नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है. पंचांग के अनुसार यह नक्षत्र 19 अक्टूबर की दोपहर से शुरू होकर 20 अक्टूबर की शाम तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं में श्रवण नक्षत्र को शुभ माना जाता है.इसलिए विजयादशमी का दिन पूजा-पाठ, शस्त्र पूजन और सकारात्मक कार्यों के लिए विशेष माना जा रहा है। 

सफलता के लिए सिर्फ मेहनत नहीं, ये 4 स्तंभ भी जरूरी; जानें ज्योतिष की खास सीख

कुछ लोग जब जी-तोड़ मेहनत, कर्म करके थक जाते हैं, तब ज्योतिषी मार्गदर्शकों के पास आते हैं, ताकि वे कुछ उपाय बताकर उनके लिए सफलता का मार्ग प्रशस्त करें। ज्योतिषी उपाय बताते हैं, सफलता के लिए, परन्तु यदि व्यक्ति के अन्दर विपरीत आदतें, अनुशासन की कमी या मनोवांछित पद-प्रतिष्ठा आदि प्राप्ति के लिए योग्यता का अभाव हो, तो सफलता पर प्रश्नचिन्ह लग जाता है, क्योंकि पूर्ण सफलता कभी भी किसी एक कारक का परिणाम नहीं होती। सफलता के लिए पहला स्तम्भ व्यक्ति की योग्यता है, दूसरा स्तम्भ व्यक्ति की आदतें और अनुशासन, तीसरा स्तम्भ है भाग्य और सही समय तथा चौथा स्तम्भ है ईश्वरीय कृपा और प्रभु का आशीर्वाद। जब जीवन में उपरोक्त चार मुख्य स्तंभ एक साथ सही दिशा में आते हैं, तभी व्यक्ति सफलता के उच्चतम शिखर को छूता है। पहला स्तंभ, योग्यता बिना योग्यता के यदि भाग्य से कोई बड़ा अवसर मिल भी जाए, तो व्यक्ति उसे लंबे समय तक संभाल नहीं सकता, योग्यता आपको अवसर को भुनाने के काबिल बनाती है। दूसरा स्तंभ, आदत और अनुशासन योग्यता होना एक बात है, लेकिन उसे रोज़मर्रा की दिनचर्या में लागू करना आपकी आदतों पर निर्भर करता है। अनुशासित आदतें आपकी योग्यता को बेकार नहीं होने देतीं और आपको सही ट्रैक पर रखकर सफलता दिलाती हैं। तीसरा स्तंभ, भाग्य और सही समय भाग्य वह द्वार है जो सही समय पर आपके लिए नए अवसर खोलता है। इसे आप सही परिस्थिति, सही समय पर सही लोगों से मुलाकात या अनुकूल वातावरण के रूप में देख सकते हैं। चौथा स्तंभ, ईश्वरीय कृपा और आशीर्वाद चाहे इसे ईश्वर की कृपा कहें, प्रकृति का संतुलन, या अपनों की शुभकामनाएं, जीवन में कृपा वह अदृश्य सुरक्षा कवच है जो आपको कठिन से कठिन दौर में टूटने नहीं देता। कई बार सब कुछ सही होते हुए भी स्थितियाँ बिगड़ जाती हैं, ऐसे समय में कृपा ही व्यक्ति को संकट से बाहर निकालती है, इसलिए एक इष्ट बनाऐं और नियमित रूप से सफलता के लिए उनका पूजन करें।

जनसेवा के 25 साल पूरे, PM मोदी ने गिनाईं उपलब्धियां; महंगाई पर भी कसा तंज

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री मोदी ने जनसेवा में 25 साल पूरे कर लिए हैं. इस मौके पर उन्होंने विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित किया. पीएम मोदी ने 2014 से पहले के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लोग महंगाई को गॉन केस कहते थे. उन्होंने कहा कि देश को नए उत्साह और नई ऊर्जा की जरूरत थी।  पीएम मोदी ने कहा कि जब उन्होंने सेवा की शुरुआत की, तब संकल्प लिया कि हम करके रहेंगे. आज देश की तस्वीर बदल गई है. उन्होंने कहा कि पहले कोई संकट आता था तो भारत की अर्थव्यवस्था हिल जाती थी लेकिन आज संकट के समय भारत के सामर्थ्य की चर्चा होती है।  उन्होंने कहा कि पहले पॉलिसी पैरालिसिस की चर्चा होती थी, जबकि आज रिफॉर्म एक्सप्रेस की बात होती है. पहले देश में इम्पोर्ट बढ़ाने के रास्ते बनाए जाते थे, लेकिन आ भारत चीज़ों को एक्सपोर्ट कर रहा है।  पीएम मोदी ने खेती में आए बदलाव का भी उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से अब तक 2015 से 2025 तक का दशक क खेती की ग्रोथ के कई रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा है. उन्होंने कहा कि यह तभी संभव होता है जब नीयत साफ हो और नीति स्पष्ट हो. पीएम मोदी ने सबका साथ, सबका विकास को सुशासन का आधार बताया और कहा कि देश को लंबे समय तक राजनीति के हिसाब से बांटा गया।  'भारत अब रुकने वाला नहीं' उन्होंने कहा कि भारत अब रुकने वाला नहीं है. पीएम मोदी ने भारत के प्राचीन गौरव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कभी भारत दुनिया की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करता था, लेकिन गुलामी के दौर में लुटेरों ने देशो को लूटा. जो भारत दुनिया को दिशा दिखाता था, उसके पुस्तकालय तक जला दिए गए. पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि 'एक दिन एक महान भारत का जन्म होगा।  गौरतलब है कि पीएम मोदी ने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे कर लिए हैं. उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. इसके बाद 26 मई 2014 को उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. इस तरह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर उन्हें जनसेवा में 25 साल पूरे हो गए हैं। 

‘दूसरों के वोट डलते थे, मतपेटियां लूटी जाती थीं’, शिवराज ने कांग्रेस पर साधा निशाना

भोपाल   मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एसआइआर पर अब चौतरफा घिरे नजर आ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की है। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की भी मांग की है। इस मुद्दे पर अब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी दलों पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने बैलेट पेपर पर चुनाव कराने की मांग को हास्यास्पद बताया। शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को घेरते हुए कहा कि जब 80-90 के दशक में बिहार और यूपी में मतपेटियां लूटी जाती थीं, दूसरों के नाम पर वोट पड़ते थे, क्या उसी दौर को वापस लाना चाहते हैं? उन्होंने विपक्षा दलों की मांगों को सिरे से खारिज कर दिया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विपक्षी दलों को लोकतंत्र की चिंता नहीं है। इन्हें हार की खीज है। उन्होंने कांग्रेस सहित विरोधी दलों पर जनादेश का अपमान करने का भी आरोप लगाया है। न मशीन चलेगी, न मतदाता सूची की सफ़ाई विपक्षी दलों के मार्च पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसते सोशल मीडिया पर लिखा: सोचिए 19 दल, 3 किलोमीटर का मार्च, और माँग क्या? कि देश को बैलेट पेपर के ज़माने में वापस ले चलो। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भी केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घेरा। उन्होंने अपने एक्स हेंडल पर लिखा: खड़गे जी की तीन 'नॉन-नेगोशिएबल' माँगें, जरा आप सुनिए… "ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR को रद्द करना और बैलट पेपर पर चुनाव कराना।" मतलब वही दौर, जब 80-90 के दशक में बिहार और यूपी में मतपेटियाँ लूटी जाती थीं, दूसरों के नाम पर वोट पड़ते थे। उसी दौर को वापस लाना है? फ़र्ज़ी वोट रोकने के लिए चुनाव व्यवस्था में लगातार सुधार चुनाव आयोग द्वारा फ़र्ज़ी वोट रोकने के लिए चुनाव व्यवस्था में लगातार सुधार की शिवराज​ सिंह चौहान ने प्रशंसा की। उन्होंने EVM से चुनाव की वकालत करते हुए कहा कि इसने बूथ लूट पर लगाम लगाई और फ़ोटो वोटर आईडी व सूची की जांच ने फ़र्ज़ी मतदाताओं पर रोका। S.I.R. को भी शिवराज सिंह चौहान सुधार की इसी कड़ी का हिस्सा बताया। उन्होंने साफ कहा कि इससे मृत, डुप्लिकेट और जगह छोड़ चुके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान सवाल किया कि जब मतदाता सूची ही साफ़ नहीं होगी, तो साफ़ चुनाव कैसे होगा? विपक्षी दलों की SIR रद्द करने की मांग के औचित्य पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि इसका मतलब क्या है, गड़बड़ सूची पर ही चुनाव होते रहें? कांग्रेस का दोहरा रवैया कांग्रेस पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा: तेलंगाना, हिमाचल और झारखंड में सरकारें बनीं। जीतें तो जनादेश, हारें तो मशीन और सूची में खोट? यह दोहरा रवैया नहीं तो क्या है? जनादेश का सम्मान कीजिए विपक्षी दलों और कांग्रेस से केंद्रीय मंत्री शिवराज​ सिंह चौहान ने जनादेश का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुधार का रास्ता आगे जाता है, पीछे नहीं। जनादेश का सम्मान कीजिए, सुधार का विरोध नहीं।

‘अंतिम व्यक्ति का उत्थान ही हमारी प्राथमिकता’, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने दोहराई प्रतिबद्धता

अंतिम व्यक्ति का उत्थान और सर्वसमावेशी विकास ही हमारी प्रतिबद्धता: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा सुशासन और सर्वव्यापी विकास का नया दौर योजनाओं का मिला लाभ, तो संवर गया जीवन  मोहला-मानपुर में मंत्री टंक राम वर्मा ने जाना योजनाओं का जमीनी असर ​रायपुर,         ​मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक पहुँचकर आम जनता के जीवन में अभूतपूर्व सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की इसी कड़ी में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने आज सुबह जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच पहुँचकर जमीनी स्तर पर शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और हितग्राहियों से सीधा संवाद कर उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली।        ​मंत्री वर्मा ने भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत माड़िंग पिड़िंग भूर्सा जनपद पंचायत मोहला में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना के लाभार्थी इन्द्र कुमार पिता मदन लाल के निर्माणाधीन घर का अवलोकन किया, वर्ष 2025-26 के तहत स्वीकृत इस पक्के आवास हेतु 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है, साथ ही परिवार को 90 दिनों का मनरेगा रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।   ​बहुआयामी विकास का केंद्र बनीं सरकारी योजनाएं        लाभार्थी परिवार की श्रीमती हेमेश्वरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की विकासपरक नीतियों के प्रति गहरा आभार जताया। उन्होंने बताया कि सरकार की एकीकृत कल्याणकारी सोच से उनके परिवार की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।      ​श्रीमती हेमेश्वरी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से हमें न केवल सुरक्षित और पक्का घर मिला है, बल्कि इसके साथ उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन मिलने से धुएँ से मुक्ति मिली है। जल जीवन मिशन (नल-जल योजना) के माध्यम से अब हमारे घर के भीतर ही स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध हो रहा है। इसके अलावा, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'महतारी वंदन योजना' से हर महीने मिलने वाली वित्तीय सहायता महिलाओं के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का बड़ा आधार बन चुकी है। इस राशि का उपयोग हम घर की आवश्यक दैनिक जरूरतों और बच्चों की देखभाल में सहूलियत के साथ कर पा रहे हैं।           ​हितग्राहियों के सुखद अनुभवों को सुनकर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के मूलमंत्र पर कार्य कर रही है। ​        हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का प्रकाश पहुँचाना है। जब एक ग्रामीण परिवार को अपना पक्का मकान मिलता है, बहन-बेटियों को रसोई गैस और घर पर ही शुद्ध जल की सुविधा मिलती है, तथा महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति का आर्थिक सशक्तिकरण होता है, तब सही मायनों में रामराज्य और सुशासन की संकल्पना साकार होती है। राज्य सरकार हर पात्र नागरिक को उसका हक और सम्मान दिलाने के लिए पूर्ण पारदर्शिता तथा संवेदनशीलता के साथ निरंतर प्रयासरत है।         ​इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारी तथा ग्रामीणों की मौजूदगी रही।

MP में फर्जी पासपोर्ट का बड़ा खेल, बौद्ध मठों के पते पर बांग्लादेशियों को भारतीय पासपोर्ट

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में जाली दस्तावेजों के जरिये बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने के मामले में राजफाश हुआ है। बंगाल और असम के रास्ते भारत में प्रवेश करने के बाद ये बांग्लादेशी बिहार के बोधगया स्थित मुख्य बौद्ध मठ पर पहुंचे थे। यहां से ही देशभर के बौद्ध मठों के भंते के संपर्क में आए, फिर अलग-अलग जगह स्थित बौद्ध मठ में पहुंचे। जहां-जहां ये बांग्लादेशी रहे आधार कार्ड में पते अपडेट करवाए। पुलिस के अनुसार, इस पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क का सरगना रियाल चौधरी असम के रास्ते भारत आया। इसके बाद बोधगया गया, वहां बौद्ध मठ में रुका। यहां का कनेक्शन बांग्लादेश के ढाका स्थित बौद्ध मठ से जुड़वाया गया। यहां के बाद वह मध्य प्रदेश के बैतूल पहुंचा। बैतूल में उसने आमला स्थित बौद्ध मठ में संपर्क बनाया। यही से पूरा नेटवर्क आपरेट कराया। इसके बाद उसने अपने अन्य साथियों को भी बुलाया। अपने साथियों के पासपोर्ट जाली दस्तावेज से बनवा लिए। बता दें कि मध्य प्रदेश में अब 56 बांग्लादेशियों द्वारा बौद्ध मठों के पते से पासपोर्ट बनवाने के मामले जांच के दायरे में हैं। ग्वालियर के अलावा भोपाल और बालाघाट जिले के बौद्ध मठों के पते पर पासपोर्ट बनाए गए थे। मामले में इस नेटवर्क का सरगना रियाल चौधरी समेत चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, जितने लोगों के पासपोर्ट बनवाए गए, वे दूसरे देशों में चले गए। महाराष्ट्र से भी इस नेटवर्क का कनेक्शन सामने आ चुका है।

BCCI ने एक दिन में लिए 6 बड़े फैसले, महिला टीम को मिला नया कप्तान; कई टीमों का ऐलान

मुंबई  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने  एक के बाद एक कई बड़े फैसले लिए। धड़ाधड़ लिए गए इन फैसलों में टीम का सिलेक्शन, नए चयनकर्ता के लिए आवेदन, हरमनप्रीत कौर का कप्तानी से इस्तीफा, महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान का ऐलान और सिलेक्शन कमिटी में मीटिंग में एक अहम सदस्य की एंट्री की पुष्टि शामिल है। हरमनप्रीत कौर का इस्तीफा मंगलवार की शाम को सबसे पहला ऐलान सिलेक्शन कमिटी की मीटिंग के बाद हरमनप्रीत कौर की और से आया, जिन्होंने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से हटने का फैसला किया। जाहिर है कि यह उनका कम और मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स का फैसला ज्यादा था। भारत के लिए सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच महिला क्रिकेट में जीतने वाली हरमनप्रीत देश की इकलौती कप्तान हैं, जिन्होंने महिला वर्ल्ड कप जीता है। नए सिलेक्टर के लिए आवेदन बीसीसीआई की ओर से दिन का दूसरा फैसला सिलेक्टर के सिलेक्शन को लेकर आया। बीसीसीआई ने करीब 7 बजे इस बात का ऐलान किया है कि सीनियर सिलेक्शन कमिटी में एक सिलेक्टर की जरूरत है। अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म हो चुका है। ऐसे में उनके रिप्लेसमेंट के तौर बीसीसीआई ने सिलेक्टर्स के लिए आवेदन मांगे हैं। न्यूजीलैंड टूर के लिए टीम का ऐलान बोर्ड ने इसके बाद न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत की टी20 टीम का ऐलान किया, जबकि इंडिया ए स्क्वॉड भी घोषित की। इस दौरान भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी देखने को मिली, जबकि श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टी20 टीम में ज्यादातर वही नाम हैं, जो काफी समय से खेलते आ रहे हैं। इंडिया ए टीम में कई टेस्ट क्रिकेटरों को जगह दी गई है। भारत की T20I टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव इंडिया A टीम: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ऋषभ पंत (विकेटकीपर)*, ध्रुव जुरेल (कप्तान और विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, औकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़, मुकेश कुमार महिला टीम की नई कप्तान की घोषणा बीसीसीआई की ओर से चौथा ऐलान इस बात का किया गया कि सिलेक्टर्स ने हरमनप्रीत कौर के बाद भारत की महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी स्मृति मंधाना को सौंपी, जबकि टी20 टीम की वाइस कैप्टन शेफाली वर्मा को बनाया गया और दीप्ति शर्मा को वनडे टीम की उपकप्तानी दी गई। भारत की T20I टीम: स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा (उपकप्तान), निकी प्रसाद, हरमनप्रीत कौर, अनुष्का शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, जिंतीमानी कलिता, मिन्नू मणि भारत की ODI टीम: स्मृति मंधाना (कप्तान), शैफाली वर्मा, प्रतीक रावल, हरमनप्रीत कौर, हरलीन देओल, तेजल हसबनीस, दीप्ति शर्मा (उपकप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), यस्तिका भाटिया (विकेटकीपर), वैष्णवी शर्मा, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, क्रांति गौड़, सायाली सतघरे, रेणुका ठाकुर महिला क्रिकेट टीम का ऐलान इतना ही नहीं, करीब सवा 9 बजे एक और ऐलान बीसीसीआई की ओर से किया गया, जो भारत की महिला क्रिकेट टीम से जुड़ा था। बीसीसीआई ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऐलान किया। हरमनप्रीत कौर भी टीम में शामिल हैं, लेकिन वे मंधाना की कप्तानी में खेलेंगी। सिलेक्शन कमिटी में सीओई की एंट्री इसके अलावा दिन का छठा और एक और अहम फैसला बीसीसीआई ने वीवीएस लक्ष्मण को लेकर किया। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया है कि अब से सीनियर सिलेक्शन कमिटी की मीटिंग में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण भी बैठेंगे, ताकि संवाद की कमी नहीं हो।

झारखंड में 3 दिन बिगड़ा रहेगा मौसम, IND-WI T20 मैच पर संकट के बादल

रांची  झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए स्टेडियम में 9 अक्टूबर को होने वाले भारत-वेस्टइंडीज टी 20 मैच में बारिश और आंधी-तूफान से बाधा आ सकती है। मौसम विभाग ने झारखंड के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश का अनुमान लगाया है। रांची समेत आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार की शाम ओलावृष्टि के साथ कई जगहों पर झमाझम बारिश हुई। कांके में भारी बारिश हुई। यहां 40.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। राजधानी समेत राज्य में बुधवार और गुरुवार को भी बारिश होने का अनुमान है। राज्य में कहीं-कहीं तेज हवा के साथ वज्रपात होने की भी आशंका है। 9 अक्टूबर को हल्के बादल छाए रह सकते हैं। इस दिन कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके बाद राज्य के ऊपर से बादल हटेंगे और मौसम साफ होगा। राज्य के आधे हिस्से से लौट चुका है मॉनसून रांची में कोकर क्षेत्र और आसपास में ओलावृष्टि भी हुई। इससे राजधानी आसपास के क्षेत्रों में सब्जियों और धान की फसलों को नुकसान पहुंचा। राजधानी धुर्वा क्षेत्र में लगातार मुसलाधार बारिश हुई। राज्य के अंदर भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। राज्य में सोमवार से लेकर मंगलवार की सुबह तक सिमडेगा में 55.0 मिमी बारिश हुई। बोकारो, गुमला, देवघर आदि जिलों में हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के करीबन आधे हिस्से से मॉनसून लौट चुका है। वहीं, राज्य के आधे हिस्सों पर यह कायम है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले 24 घंटों के बाद अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी आएगी। लेकिन, न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को रांची में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और आंधी-तूफान की संभावना के साथ-साथ राज्य के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। यह अनुमान ऐसे समय में आया है जब 6 से 9 अक्टूबर तक पूरे झारखंड में मौसम के हालात अस्थिर रहने की उम्मीद है और कुछ जगहों पर आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना है। तापमान में आएगी कमी मौसम विभाग के मुताबिक, 7 और 8 अक्टूबर को भी झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि ये हालात सक्रिय मौसम प्रणालियों से जुड़े हैं, जिनमें दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से बंगाल की खाड़ी तक फैले ट्रफ (कम दबाव का क्षेत्र) और रांची से होकर गुजरने वाली दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी रेखा शामिल है। अनुमान के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टी 20 मैच 9 अक्टूबर को जेएससीए स्टेडियम में खेला जाना है।

भोपाल के वर्ल्ड क्लास स्टेशन का हैरान करने वाला वीडियो, प्लेटफॉर्म पर घूमती दिखीं भैंसें

भोपाल वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति रेलवे स्टेशन लगातार बदहाली को लेकर सुर्खियों में है। अब जो तस्वीरें सामने आएंगी, उसे देखकर आपको घिन आएगी। एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के लिए पहचान रखने वाले स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर भैंसें टहल रही हैं। यही नहीं प्लेटफॉर्म पर गोबर भी फैला हुआ है। प्लेटफॉर्म पर है भैंसें घूम रहीं दरअसल, रानी कमलापति स्टेशन मध्य प्रदेश की सबसे आधुनिक रेलवे स्टेशन है। मगर अपनी सुविधाओं से ज्यादा इस स्टेशन की चर्चा अब बदहाली को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में स्टेशन के फ्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर भैंसें की दिख रही हैं। इस दौरान वहां से ट्रेनें भी गुजरती दिख रही हैं। गोबर भी फैला हुआ स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर गोबर भी फैला हुआ दिख रहा है। इसके बाद साफ-सफाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस स्टेशन के मेंटेंनेंस की जिम्मेदारी निजी हाथों में है। हर सुविधा के नाम पर यात्रियों से पैसे वसूलती है लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। टॉयलेट के लिए लगता है चार्ज कथित आधुनिक सुविधाओं के नाम पर स्टेशन पर यात्रियों से टॉयलेट के लिए भी शुल्क वसूला जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि यात्री जब स्टेशन पर आएंगे तो टॉयलेट के लिए कहां जाएंगे। इससे पहले स्टेशन पर पेयजल की सुविधा को लेकर भी सवाल उठे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था उद्घाटन गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्टेशन का उद्घाटन किया था। पहले यह हबीबगंज के नाम से जाना जाता था। इसे निजी हाथों में देकर विकसित किया गया। इसके बाद नाम बदलकर रानी कमलापति स्टेशन कर दिया गया है। रेलवे बोला- मामले को दिखवा रहे हैं  मामले को लेकर जनसंपर्क अधिकारी शिव शंकर शाह ने कहा कि वह पूरे मामले को दिखवाएंगे. उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे और बंसल के पास है. सुरक्षा में कहीं कोई चूक सामने आती है तो रेलवे, बंसल के साथ मिलकर उसे सुधारने का काम करता है।  उन्होंने यह भी बताया कि कई बार आउटर की तरफ का हिस्सा खुला रह जाता है, जिसकी वजह से जानवर स्टेशन परिसर में प्रवेश कर सकते हैं. इसके अलावा रेलवे पटरी के आसपास लोग खाने-पीने का सामान भी फेंक देते हैं. खाने की तलाश में जानवर रेलवे ट्रैक और स्टेशन की तरफ आ जाते हैं।  यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल हालांकि रेलवे का तर्क अपनी जगह है, लेकिन सवाल यह है कि अगर एक भैंस प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकती है तो सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है? प्लेटफॉर्म पर ट्रेनें लगातार आती-जाती हैं और बड़ी संख्या में यात्री मौजूद रहते हैं. ऐसे में किसी आवारा पशु के अचानक ट्रेन की चपेट में आने या यात्रियों से टकराने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है।  फिलहाल रेलवे ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराने की बात कही है. अब देखना होगा कि भैंसें स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचीं और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए रेलवे और स्टेशन प्रबंधन क्या कदम उठाता है।   

केतु के नक्षत्र परिवर्तन से इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, 5 दिसंबर तक मिलेंगे शुभ संकेत

केतु ने 3 अक्टूबर को मघा नक्षत्र के प्रथम पद में गोचर किया था. ज्योतिषविदों के अनुसार, मघा नक्षत्र के स्वामी केतु ग्रह हैं और इसके आधिपत्य देवता पितृगण माने जाते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, मघा नक्षत्र में केतु 5 दिसंबर तक रहने वाले हैं. यह नक्षत्र परिवर्तन तीन राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है. ज्योतिषविदों का कहना है कि मघा नक्षत्र के प्रथम पद में बैठा केतु दिसंबर तक तीन राशियों पर अपनी शुभ दृष्टि रखेगा. मिथुन राशि मिथुन राशि के जातकों के लिए केतु का मघा नक्षत्र के प्रथम पद में गोचर लाभदायक माना जा रहा है. करियर में लंबे समय से आ रही दिक्कतों के समाप्त होने के संकेत हैं. नौकरी और कामकाज से जुड़े मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं. केतु का यह नक्षत्र गोचर आपके लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते भी खोल सकता है. धन की स्थिति बेहतर होती जाएगी. कर्ज, उधार का भार आपके सिर से कम होगा. कुल मिलाकर 5 दिसंबर तक का समय मिथुन राशि के लिए सकारात्मक रहने की संभावना बताई गई है. तुला राशि तुला राशि के जातकों के लिए भी केतु का यह गोचर शुभ माना जा रहा है. इस अवधि में घर-परिवार के सदस्यों का भरपूर साथ मिल सकता है. परिवार के साथ संबंधों में सहयोग और अपनापन देखने को मिल सकता है. इस दौरान पूजा-पाठ में आपका मन अधिक लग सकता है. धार्मिक कार्यों के प्रति रुचि बढ़ने की बात कही गई है. इसके अलावा, आपको कोई गुड न्यूज भी मिल सकती है. भवन, वाहन या कोई नई प्रॉपर्टी खरीदने का सपना पूरा हो सकता है. 5 दिसंबर तक केतु का यह गोचर तुला राशि के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है. धनु राशि धनु राशि के जातकों के लिए मघा नक्षत्र के प्रथम पद में केतु का प्रवेश पॉजिटिव माना जा रहा है. इस अवधि में धन लाभ होने की संभावना है. आर्थिक मामलों में आपके लिए यह समय अच्छे संकेत लेकर आ सकता है. केतु का यह गोचर 5 दिसंबर की शाम तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान धनु राशि के जातकों को लाभ मिलने की संभावना बताई गई है. ऐसे में केतु का नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए खास माना जा रहा है.