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MP में फर्जी पासपोर्ट का बड़ा खेल, बौद्ध मठों के पते पर बांग्लादेशियों को भारतीय पासपोर्ट

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में जाली दस्तावेजों के जरिये बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने के मामले में राजफाश हुआ है। बंगाल और असम के रास्ते भारत में प्रवेश करने के बाद ये बांग्लादेशी बिहार के बोधगया स्थित मुख्य बौद्ध मठ पर पहुंचे थे। यहां से ही देशभर के बौद्ध मठों के भंते के संपर्क में आए, फिर अलग-अलग जगह स्थित बौद्ध मठ में पहुंचे। जहां-जहां ये बांग्लादेशी रहे आधार कार्ड में पते अपडेट करवाए। पुलिस के अनुसार, इस पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क का सरगना रियाल चौधरी असम के रास्ते भारत आया। इसके बाद बोधगया गया, वहां बौद्ध मठ में रुका। यहां का कनेक्शन बांग्लादेश के ढाका स्थित बौद्ध मठ से जुड़वाया गया। यहां के बाद वह मध्य प्रदेश के बैतूल पहुंचा। बैतूल में उसने आमला स्थित बौद्ध मठ में संपर्क बनाया। यही से पूरा नेटवर्क आपरेट कराया। इसके बाद उसने अपने अन्य साथियों को भी बुलाया। अपने साथियों के पासपोर्ट जाली दस्तावेज से बनवा लिए। बता दें कि मध्य प्रदेश में अब 56 बांग्लादेशियों द्वारा बौद्ध मठों के पते से पासपोर्ट बनवाने के मामले जांच के दायरे में हैं। ग्वालियर के अलावा भोपाल और बालाघाट जिले के बौद्ध मठों के पते पर पासपोर्ट बनाए गए थे। मामले में इस नेटवर्क का सरगना रियाल चौधरी समेत चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, जितने लोगों के पासपोर्ट बनवाए गए, वे दूसरे देशों में चले गए। महाराष्ट्र से भी इस नेटवर्क का कनेक्शन सामने आ चुका है।

BCCI ने एक दिन में लिए 6 बड़े फैसले, महिला टीम को मिला नया कप्तान; कई टीमों का ऐलान

मुंबई  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने  एक के बाद एक कई बड़े फैसले लिए। धड़ाधड़ लिए गए इन फैसलों में टीम का सिलेक्शन, नए चयनकर्ता के लिए आवेदन, हरमनप्रीत कौर का कप्तानी से इस्तीफा, महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान का ऐलान और सिलेक्शन कमिटी में मीटिंग में एक अहम सदस्य की एंट्री की पुष्टि शामिल है। हरमनप्रीत कौर का इस्तीफा मंगलवार की शाम को सबसे पहला ऐलान सिलेक्शन कमिटी की मीटिंग के बाद हरमनप्रीत कौर की और से आया, जिन्होंने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से हटने का फैसला किया। जाहिर है कि यह उनका कम और मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स का फैसला ज्यादा था। भारत के लिए सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच महिला क्रिकेट में जीतने वाली हरमनप्रीत देश की इकलौती कप्तान हैं, जिन्होंने महिला वर्ल्ड कप जीता है। नए सिलेक्टर के लिए आवेदन बीसीसीआई की ओर से दिन का दूसरा फैसला सिलेक्टर के सिलेक्शन को लेकर आया। बीसीसीआई ने करीब 7 बजे इस बात का ऐलान किया है कि सीनियर सिलेक्शन कमिटी में एक सिलेक्टर की जरूरत है। अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म हो चुका है। ऐसे में उनके रिप्लेसमेंट के तौर बीसीसीआई ने सिलेक्टर्स के लिए आवेदन मांगे हैं। न्यूजीलैंड टूर के लिए टीम का ऐलान बोर्ड ने इसके बाद न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत की टी20 टीम का ऐलान किया, जबकि इंडिया ए स्क्वॉड भी घोषित की। इस दौरान भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी देखने को मिली, जबकि श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टी20 टीम में ज्यादातर वही नाम हैं, जो काफी समय से खेलते आ रहे हैं। इंडिया ए टीम में कई टेस्ट क्रिकेटरों को जगह दी गई है। भारत की T20I टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव इंडिया A टीम: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ऋषभ पंत (विकेटकीपर)*, ध्रुव जुरेल (कप्तान और विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, औकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़, मुकेश कुमार महिला टीम की नई कप्तान की घोषणा बीसीसीआई की ओर से चौथा ऐलान इस बात का किया गया कि सिलेक्टर्स ने हरमनप्रीत कौर के बाद भारत की महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी स्मृति मंधाना को सौंपी, जबकि टी20 टीम की वाइस कैप्टन शेफाली वर्मा को बनाया गया और दीप्ति शर्मा को वनडे टीम की उपकप्तानी दी गई। भारत की T20I टीम: स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा (उपकप्तान), निकी प्रसाद, हरमनप्रीत कौर, अनुष्का शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, जिंतीमानी कलिता, मिन्नू मणि भारत की ODI टीम: स्मृति मंधाना (कप्तान), शैफाली वर्मा, प्रतीक रावल, हरमनप्रीत कौर, हरलीन देओल, तेजल हसबनीस, दीप्ति शर्मा (उपकप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), यस्तिका भाटिया (विकेटकीपर), वैष्णवी शर्मा, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, क्रांति गौड़, सायाली सतघरे, रेणुका ठाकुर महिला क्रिकेट टीम का ऐलान इतना ही नहीं, करीब सवा 9 बजे एक और ऐलान बीसीसीआई की ओर से किया गया, जो भारत की महिला क्रिकेट टीम से जुड़ा था। बीसीसीआई ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम का ऐलान किया। हरमनप्रीत कौर भी टीम में शामिल हैं, लेकिन वे मंधाना की कप्तानी में खेलेंगी। सिलेक्शन कमिटी में सीओई की एंट्री इसके अलावा दिन का छठा और एक और अहम फैसला बीसीसीआई ने वीवीएस लक्ष्मण को लेकर किया। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया है कि अब से सीनियर सिलेक्शन कमिटी की मीटिंग में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण भी बैठेंगे, ताकि संवाद की कमी नहीं हो।

झारखंड में 3 दिन बिगड़ा रहेगा मौसम, IND-WI T20 मैच पर संकट के बादल

रांची  झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए स्टेडियम में 9 अक्टूबर को होने वाले भारत-वेस्टइंडीज टी 20 मैच में बारिश और आंधी-तूफान से बाधा आ सकती है। मौसम विभाग ने झारखंड के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश का अनुमान लगाया है। रांची समेत आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार की शाम ओलावृष्टि के साथ कई जगहों पर झमाझम बारिश हुई। कांके में भारी बारिश हुई। यहां 40.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। राजधानी समेत राज्य में बुधवार और गुरुवार को भी बारिश होने का अनुमान है। राज्य में कहीं-कहीं तेज हवा के साथ वज्रपात होने की भी आशंका है। 9 अक्टूबर को हल्के बादल छाए रह सकते हैं। इस दिन कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके बाद राज्य के ऊपर से बादल हटेंगे और मौसम साफ होगा। राज्य के आधे हिस्से से लौट चुका है मॉनसून रांची में कोकर क्षेत्र और आसपास में ओलावृष्टि भी हुई। इससे राजधानी आसपास के क्षेत्रों में सब्जियों और धान की फसलों को नुकसान पहुंचा। राजधानी धुर्वा क्षेत्र में लगातार मुसलाधार बारिश हुई। राज्य के अंदर भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई। राज्य में सोमवार से लेकर मंगलवार की सुबह तक सिमडेगा में 55.0 मिमी बारिश हुई। बोकारो, गुमला, देवघर आदि जिलों में हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के करीबन आधे हिस्से से मॉनसून लौट चुका है। वहीं, राज्य के आधे हिस्सों पर यह कायम है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले 24 घंटों के बाद अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी आएगी। लेकिन, न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को रांची में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और आंधी-तूफान की संभावना के साथ-साथ राज्य के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। यह अनुमान ऐसे समय में आया है जब 6 से 9 अक्टूबर तक पूरे झारखंड में मौसम के हालात अस्थिर रहने की उम्मीद है और कुछ जगहों पर आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना है। तापमान में आएगी कमी मौसम विभाग के मुताबिक, 7 और 8 अक्टूबर को भी झारखंड के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि ये हालात सक्रिय मौसम प्रणालियों से जुड़े हैं, जिनमें दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से बंगाल की खाड़ी तक फैले ट्रफ (कम दबाव का क्षेत्र) और रांची से होकर गुजरने वाली दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी रेखा शामिल है। अनुमान के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टी 20 मैच 9 अक्टूबर को जेएससीए स्टेडियम में खेला जाना है।

भोपाल के वर्ल्ड क्लास स्टेशन का हैरान करने वाला वीडियो, प्लेटफॉर्म पर घूमती दिखीं भैंसें

भोपाल वर्ल्ड क्लास रानी कमलापति रेलवे स्टेशन लगातार बदहाली को लेकर सुर्खियों में है। अब जो तस्वीरें सामने आएंगी, उसे देखकर आपको घिन आएगी। एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के लिए पहचान रखने वाले स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर भैंसें टहल रही हैं। यही नहीं प्लेटफॉर्म पर गोबर भी फैला हुआ है। प्लेटफॉर्म पर है भैंसें घूम रहीं दरअसल, रानी कमलापति स्टेशन मध्य प्रदेश की सबसे आधुनिक रेलवे स्टेशन है। मगर अपनी सुविधाओं से ज्यादा इस स्टेशन की चर्चा अब बदहाली को लेकर हो रही है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में स्टेशन के फ्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर भैंसें की दिख रही हैं। इस दौरान वहां से ट्रेनें भी गुजरती दिख रही हैं। गोबर भी फैला हुआ स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर गोबर भी फैला हुआ दिख रहा है। इसके बाद साफ-सफाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस स्टेशन के मेंटेंनेंस की जिम्मेदारी निजी हाथों में है। हर सुविधा के नाम पर यात्रियों से पैसे वसूलती है लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। टॉयलेट के लिए लगता है चार्ज कथित आधुनिक सुविधाओं के नाम पर स्टेशन पर यात्रियों से टॉयलेट के लिए भी शुल्क वसूला जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि यात्री जब स्टेशन पर आएंगे तो टॉयलेट के लिए कहां जाएंगे। इससे पहले स्टेशन पर पेयजल की सुविधा को लेकर भी सवाल उठे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था उद्घाटन गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्टेशन का उद्घाटन किया था। पहले यह हबीबगंज के नाम से जाना जाता था। इसे निजी हाथों में देकर विकसित किया गया। इसके बाद नाम बदलकर रानी कमलापति स्टेशन कर दिया गया है। रेलवे बोला- मामले को दिखवा रहे हैं  मामले को लेकर जनसंपर्क अधिकारी शिव शंकर शाह ने कहा कि वह पूरे मामले को दिखवाएंगे. उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे और बंसल के पास है. सुरक्षा में कहीं कोई चूक सामने आती है तो रेलवे, बंसल के साथ मिलकर उसे सुधारने का काम करता है।  उन्होंने यह भी बताया कि कई बार आउटर की तरफ का हिस्सा खुला रह जाता है, जिसकी वजह से जानवर स्टेशन परिसर में प्रवेश कर सकते हैं. इसके अलावा रेलवे पटरी के आसपास लोग खाने-पीने का सामान भी फेंक देते हैं. खाने की तलाश में जानवर रेलवे ट्रैक और स्टेशन की तरफ आ जाते हैं।  यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल हालांकि रेलवे का तर्क अपनी जगह है, लेकिन सवाल यह है कि अगर एक भैंस प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकती है तो सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है? प्लेटफॉर्म पर ट्रेनें लगातार आती-जाती हैं और बड़ी संख्या में यात्री मौजूद रहते हैं. ऐसे में किसी आवारा पशु के अचानक ट्रेन की चपेट में आने या यात्रियों से टकराने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है।  फिलहाल रेलवे ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराने की बात कही है. अब देखना होगा कि भैंसें स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचीं और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए रेलवे और स्टेशन प्रबंधन क्या कदम उठाता है।   

केतु के नक्षत्र परिवर्तन से इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, 5 दिसंबर तक मिलेंगे शुभ संकेत

केतु ने 3 अक्टूबर को मघा नक्षत्र के प्रथम पद में गोचर किया था. ज्योतिषविदों के अनुसार, मघा नक्षत्र के स्वामी केतु ग्रह हैं और इसके आधिपत्य देवता पितृगण माने जाते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, मघा नक्षत्र में केतु 5 दिसंबर तक रहने वाले हैं. यह नक्षत्र परिवर्तन तीन राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है. ज्योतिषविदों का कहना है कि मघा नक्षत्र के प्रथम पद में बैठा केतु दिसंबर तक तीन राशियों पर अपनी शुभ दृष्टि रखेगा. मिथुन राशि मिथुन राशि के जातकों के लिए केतु का मघा नक्षत्र के प्रथम पद में गोचर लाभदायक माना जा रहा है. करियर में लंबे समय से आ रही दिक्कतों के समाप्त होने के संकेत हैं. नौकरी और कामकाज से जुड़े मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं. केतु का यह नक्षत्र गोचर आपके लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते भी खोल सकता है. धन की स्थिति बेहतर होती जाएगी. कर्ज, उधार का भार आपके सिर से कम होगा. कुल मिलाकर 5 दिसंबर तक का समय मिथुन राशि के लिए सकारात्मक रहने की संभावना बताई गई है. तुला राशि तुला राशि के जातकों के लिए भी केतु का यह गोचर शुभ माना जा रहा है. इस अवधि में घर-परिवार के सदस्यों का भरपूर साथ मिल सकता है. परिवार के साथ संबंधों में सहयोग और अपनापन देखने को मिल सकता है. इस दौरान पूजा-पाठ में आपका मन अधिक लग सकता है. धार्मिक कार्यों के प्रति रुचि बढ़ने की बात कही गई है. इसके अलावा, आपको कोई गुड न्यूज भी मिल सकती है. भवन, वाहन या कोई नई प्रॉपर्टी खरीदने का सपना पूरा हो सकता है. 5 दिसंबर तक केतु का यह गोचर तुला राशि के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है. धनु राशि धनु राशि के जातकों के लिए मघा नक्षत्र के प्रथम पद में केतु का प्रवेश पॉजिटिव माना जा रहा है. इस अवधि में धन लाभ होने की संभावना है. आर्थिक मामलों में आपके लिए यह समय अच्छे संकेत लेकर आ सकता है. केतु का यह गोचर 5 दिसंबर की शाम तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान धनु राशि के जातकों को लाभ मिलने की संभावना बताई गई है. ऐसे में केतु का नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए खास माना जा रहा है.

सेना दिवस को लेकर भोपाल में तैयारियां तेज, CM यादव से सैन्य अधिकारियों ने की मुलाकात

भोपाल में सेना दिवस पर होंगे भव्य और आकर्षक आयोजन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आगमन भी प्रस्तावित मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भेंट कर दी तैयारियों की जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुख्यमंत्री निवास (समत्व भवन) में ले. जनरल अरविंद चौहान और मेजर जनरल विकास लाल सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सेना दिवस 15 जनवरी 2027 का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर "आर्मी डे परेड- 2027 आपकी सेना आपके पास" की अवधारणा की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया गया कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस आयोजन में आने की संभावना है। इसके अलावा अन्य विशिष्ट अतिथि भी भोपाल में हो रहे सेना दिवस कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सेना दिवस के अवसर पर होने वाले प्रस्तावित कार्यक्रमों और विविध गतिविधियों और इस संबंध में की जा रही तैयारियों के बारे में भी अवगत करवाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेना दिवस के अवसर पर आयोजनों को गरिमामय बनाने के लिए राज्य शासन द्वारा आवश्यक सहयोग किया जाएगा। विभिन्न आयोजनों में राज्य शासन के विभाग सहभागी होंगे। वर्ष 2027 प्रदेश में युवा वर्ष होगा। इसमें युवाओं की भागीदारी के समुचित प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रमों की रूपरेखा वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि सेना दिवस के अंतर्गत 1 नवम्बर 2026 को संकल्प वृक्ष आयोजन में शौर्य स्मारक परिसर में पौध-रोपण किया जाएगा। माह जनवरी 2027 में सैन्य प्रदर्शनी और एकीकृत युद्ध प्रदर्शन प्रस्तावित है। भोपाल के भेल क्षेत्र में कालीबाड़ी मार्ग पर आर्मी डे मुख्य परेड का आयोजन 15 जनवरी को होगा। साथ ही तात्या टोपे नगर स्टेडियम में 15 जनवरी की शाम देशभक्ति से और ओतप्रोत शौर्य संध्या, रण हुंकार का आयोजन किया जाएगा। भेल के जंबूरी मैदान में भारतीय सेना के अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों के प्रदर्शन और भोजताल स्थित वीआईपी बोट क्लब क्षेत्र में सेना के शौर्य, सामरिक क्षमता और रणनीतिक कौशल पर आधारित इंटीग्रेटेड कॉम्बैट डिस्प्ले भी किया जाएगा। मुख्य परेड एवं उससे जुड़े कार्यक्रमों में लगभग 50 हजार प्रतिनिधियों के मौजूद रहने की संभावना है। इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। युवा शक्ति और नागरिक सहभागिता के प्रयास किए जा रहे हैं।  

‘मेरी कटोरी, मेरा पोषण’ से 4.5 लाख तक पहुंचा संदेश, स्वस्थ बचपन की ओर योगी सरकार की बड़ी पहल

मेरी कटोरी, मेरा पोषण से 4.5 लाख तक पहुंचा संदेश, योगी सरकार में स्वस्थ बचपन की दिशा में मजबूत पहल राज्य स्तरीय पोषण पाठशाला में 1,03,467 डिवाइस से जुड़े प्रतिभागी सही ऊपरी आहार से मजबूत होगी बच्चों के स्वस्थ विकास की नींव: अपर मुख्य सचिव लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बच्चों के बेहतर पोषण और स्वस्थ विकास को लेकर लगातार प्रभावी प्रयास कर रही है। इसी क्रम में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश की ओर से राज्य स्तरीय पोषण पाठशाला का आयोजन किया गया। मेरी कटोरी, मेरा पोषण संदेश के साथ आयोजित इस डिजिटल कार्यक्रम का लाइव वेबकास्ट एनआईसी के माध्यम से किया गया। प्रदेशभर में 1,03,467 डिवाइस के जरिए प्रतिभागियों ने इसमें सहभागिता की। एक डिवाइस से एक से अधिक प्रतिभागियों के जुड़ने के कारण पोषण पाठशाला के माध्यम से करीब 4.5 लाख लाभार्थियों एवं प्रतिभागियों तक पोषण संबंधी महत्वपूर्ण संदेश पहुंचा। छह माह बाद सही ऊपरी आहार पर फोकस पोषण पाठशाला का मुख्य उद्देश्य छह माह की आयु पूरी करने के बाद बच्चों को सही समय पर उचित एवं पौष्टिक ऊपरी आहार देने को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय को बताया गया कि बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए छह माह के बाद ऊपरी आहार की शुरुआत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही ऊपरी आहार की आवश्यकता, उसके महत्व और बाल विकास में इसकी भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी साझा की गई। यूट्यूब पर उपलब्ध कराए गए पोषण के वीडियो पोषण पाठशाला में विमोचित ऊपरी आहार एवं बाल पोषण से जुड़े सभी वीडियो विभागीय यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड कर दिए गए हैं। इससे अभिभावक और आमजन इन महत्वपूर्ण पोषण संदेशों को आसानी से देख सकेंगे और इन्हें अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा सकेंगे। 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत हुई यह पहल बच्चों के बेहतर पोषण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही। कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि छह माह के बाद सही समय पर सही ऊपरी आहार बच्चों के स्वस्थ विकास की मजबूत नींव है। सही ऊपरी आहार से मजबूत होगी बच्चों के स्वस्थ विकास की नींव अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास लीना जौहरी ने कहा कि बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए छह माह की आयु पूरी होने के बाद सही समय पर उचित एवं पौष्टिक ऊपरी आहार देना बेहद जरूरी है। मेरी कटोरी, मेरा पोषण संदेश के जरिए अभिभावकों और समुदाय को बाल पोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं पोषण संबंधी सही जानकारी को घर-घर तक पहुंचाकर बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर उपनिदेशक आईसीडीएस अनुपमा शांडिल्य, सुरेश कुमार पाल, यूनिसेफ के पोषण विशेषज्ञ डॉ. रवि नारायण परही, यूपी टीएसयू से डॉ. वंदना नायडू एवं डॉ. आनंद और पोषण अभियान के संयुक्त परियोजना समन्वयक अभिषेक दुबे समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

कुल्हाड़ी के हमले में घायल कैप्टन स्मित की हालत में नहीं हुआ पूरा सुधार, खोपड़ी टूटी; जल्द उड़ान भरना चाहते हैं

मुंबई  फ्लाईदुबई की तेल अवीव जा रही उड़ान में को-पायलट के हमले में घायल भारतीय कप्तान स्मित मच्छर की हालत को लेकर नया अपडेट सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, हमले में उनकी खोपड़ी टूट गई थी और चोट का असर उनकी नजर के साथ-साथ तंत्रिका तंत्र पर भी पड़ा है. सऊदी अरब में डॉक्टरों ने उनकी खोपड़ी की सर्जरी की, जिसके बाद उन्हें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ले जाया गया. अब UAE में डॉक्टर उनकी नजर और न्यूरोलॉजिकल स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं. फिलहाल, उनकी हालत स्थिर है।  स्मित मच्छर की हालत कैसी है? सूत्रों के मुताबिक, कॉकपिट में कुल्हाड़ी से हुए हमले में कप्तान स्मित मच्छर की खोपड़ी टूट गई थी. चोट की वजह से उनकी नजर प्रभावित हुई और उन्हें तंत्रिका तंत्र में भी नुकसान हुआ. सऊदी अरब में डॉक्टरों ने उनकी खोपड़ी की सर्जरी की. इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए यूएई भेजा गया. वहां डॉक्टर उनकी नजर और न्यूरोलॉजिकल स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।  सूत्रों ने कहा कि भारतीय पायलट स्मित मच्छर को लगातार तेज सिरदर्द की समस्या भी हो रही है. सूत्रों के मुताबिक, दर्द से राहत देने के लिए उन्हें हेवी डोज वाली और नींद की दवाएं दी जा रही हैं. हालांकि, इस मुश्किल स्थिति के बीच स्मित का हौसला बना हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, वह सकारात्मक हैं और बार-बार कह चुके हैं कि वह दोबारा विमान उड़ाना चाहते हैं।  जांच एजेंसियों ने दर्ज किया स्मित का बयान सूत्रों ने बताया कि स्मित का बयान जांच एजेंसियां दर्ज कर चुकी हैं. उनकी मेडिकल स्थिति को देखते हुए यह बयान घटना की पूरी तस्वीर समझने में अहम हो सकता है. जांच का मुख्य सवाल यही है कि उड़ान के दौरान कॉकपिट में आखिर क्या हुआ।  नेतन्याहू ने की फोन पर बात इससे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से शनिवार को फोन पर स्मित से बातचीत की थी. इस दौरान कैप्टन स्मित मच्छर ने बताया कि हमले से पहले सह-पायलट ने प्रार्थना करने की इच्छा जताई थी और उसका सम्मान करते हुए वह दूसरी ओर मुड़ गए थे. मच्छर ने बताया कि कुछ मिनट बाद उन्हें सिर के पीछे जोरदार प्रहार महसूस हुआ और इसके बाद उन पर लगातार हमले किए गए।  नेतन्याहू ने उनसे कहा कि इतनी कठिन परिस्थितियों में उनके साहस और संयम बनाए रखने की क्षमता से वह हैरान हैं. उन्होंने कहा, ‘आपने इतनी सारी जानें बचाईं… आपने दुनिया की आत्मा को बचाया.’ विमान को सऊदी अरब में आपात स्थिति में उतारा गया था।  कॉकपिट में क्या हुआ था? दरअसल, यह घटना 30 सितंबर 2026 की है. फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी. करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छर पर पीछे से हमला कर दिया. हमले में मच्छर गंभीर रूप से घायल हुए और विमान तेजी से नीचे गिरने लगा. उन्होंने पहले कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन को-पायलट ने उसे बंद कर दिया. इसके बाद घायल मच्छर ने आखिरी ताकत लगाकर अंदर से दरवाजा घुमा कर खोल दिया. यात्री अंदर पहुंचे और हमलावर को काबू किया। 

‘नए उत्तर प्रदेश’ की तस्वीर सामने रखी CM योगी ने, 24,000+ स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न की गिनाई उपलब्धियां

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को उप्र की प्रगति से साक्षात्कार कराया। उन्होंने 2017 के बाद प्रदेश की उड़ान को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। वहीं पूर्ववर्ती सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा? पूर्ववर्ती सरकारों ने अनलिमिटेड पोटेंशियल का नहीं किया उपयोग मुख्यमंत्री ने लिखा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे 'बीमारू' ही बनाए रखा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया, डबल इंजन सरकार ने उसे उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है। मोबाइल से मॉड्यूल और माइक्रोचिप तक पहुंच रही विकास यात्रा मुख्यमंत्री ने बताया कि आज साढ़े 9 वर्ष के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है। जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही है, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व8 यूनिकॉर्न हैं। यानी यात्रा मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है। 2017 से पहले सैफई महोत्सव ही था सांस्कृतिक उत्थान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की तस्वीर भी दिखाई। कहाकि आज के परिदृश्य से अलग पहले सिर्फ घोषणाएं होती थीं, पर परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं। क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था। भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा उप्र मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने प्राथमिकता बदली। परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी पर जोर दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स बढ़ा तो डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी और डेटा बढ़ा तो आज उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है। तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने बताया कि एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम भी युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बना रहा है। कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, आज उसका निर्माता बन रहा है। असेंबली से एआई तक यह यात्रा केवल तकनीक की नहीं, हमारे युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है। 'नए उत्तर प्रदेश' की दिख रही नई उड़ान सीएम ने बताया कि इसी कड़ी में आज (मंगलवार) लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करूंगा। इस अवसर पर HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी होगा। 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई उड़ान है।

ऊर्जा मंत्री तोमर का बड़ा ऐलान, MP ट्रांसको ने HTLS कंडक्टर से बढ़ाई ट्रांसमिशन क्षमता

एमपी ट्रांसको ने शुरू किया एचटीएलएस कंडक्टर से क्षमता उन्नयन: ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि ग्वालियर शहर और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती विद्युत मांग तथा ट्रांसमिशन नेटवर्क पर बढ़ते पावर फ्लो को देखते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने ग्वालियर के महत्वपूर्ण 132 केवी पारेषण नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने का कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत मौजूदा ट्रांसमिशन लाइनों में लगे एसीएसआर पैंथर कंडक्टरों को अत्याधुनिक हाई टेम्परेचर लो सैग (एचटीएलएस) कंडक्टरों से बदला जा रहा है। कार्य पूर्ण होने पर इन लाइनों की विद्युत पारेषण क्षमता करीब तीन गुना तक बढ़ सकेगी। 39.8 सर्किट किलोमीटर लाइन में शुरू हुआ क्षमता उन्नयन कार्य ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत 220 केवी महलगांव सबस्टेशन से जुड़े 132 केवी डीसीडीएस महलगांव-तिघरा तथा महलगांव-मोतीझील सर्किटों में कंडक्टर बदलने का कार्य शुरू हो गया है। कुल लगभग 39.8 सर्किट किलोमीटर लाइन में मौजूदा एसीएसआर पैंथर कंडक्टरों के स्थान पर पैंथर समतुल्य एचटीएलएस कंडक्टर लगाए जा रहे हैं। इससे इन महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइनों की करंट वहन क्षमता बढ़ेगी और मौजूदा नेटवर्क से अधिक विद्युत शक्ति का पारेषण संभव हो सकेगा। सबस्टेशनों मे भी होगा अपरेटिंग का कार्य कंडक्टर बदलने के साथ संबंधित सबस्टेशनों के फीडर बे और उपकरणों की क्षमता का भी उन्नयन किया जा रहा है। इसके तहत 220 केवी महलगांव सबस्टेशन में दो 132 केवी फीडर बे, 132 केवी मोतीझील सबस्टेशन में एक तथा 132 केवी तिघरा सबस्टेशन में एक फीडर बे के अपरेटिंग का कार्य भी शुरू किया गया है। इससे लाइन और सबस्टेशन उपकरणों की क्षमता में आवश्यक सामंजस्य स्थापित होगा।  मौजूदा कॉरिडोर से ही बढ़ेगी  तीन गुना पारेषण क्षमता एचटीएलएस कंडक्टरों की करंट वहन क्षमता पारंपरिक एसीएसआर कंडक्टरों की तुलना में काफी अधिक होती है। इसके कारण मौजूदा ट्रांसमिशन लाइन के उसी कॉरिडोर में करीब तीन गुना अधिक पावर का पारेषण किया जा सकेगा। इस तकनीक के माध्यम से बिना नया ट्रांसमिशन कॉरिडोर विकसित किए मौजूदा नेटवर्क की क्षमता बढ़ाई जा रही है। बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर किया जा रहा उन्नयन ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि ग्वालियर में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार और बढ़ती निर्माण एवं औद्योगिक गतिविधियों के कारण विद्युत मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। वहीं नए ट्रांसमिशन कॉरिडोर के लिए राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) उपलब्ध कराना भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में मौजूदा ट्रांसमिशन कॉरिडोर में ही क्षमता बढ़ाना महत्वपूर्ण तकनीकी विकल्प है। पावर फ्लो का बेहतर प्रबंधन होगा संभव एचटीएलएस कंडक्टरों के माध्यम से महत्वपूर्ण 132 केवी लाइनों की क्षमता बढ़ने से पावर फ्लो का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा और इन लाइनों पर अतिरिक्त ऑपरेशनल मार्जिन उपलब्ध होगा। संबंधित स्विचयार्ड और फीडर बे उपकरणों के उन्नयन से बढ़ी हुई पारेषण क्षमता का प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित होगा। ग्वालियर शहर के बढ़ते लोड को पूरा करने में होगा सहायक  ट्रांसमिशन लाइन की इस क्षमता उन्नयन से ग्वालियर शहर और आसपास के क्षेत्रों की बढ़ती विद्युत आवश्यकताओं के अनुरूप पारेषण नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। साथ ही मौजूदा ट्रांसमिशन कॉरिडोर और उससे जुड़े स्विचयार्ड एवं फीडर बे इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा। ज्यादा लोड वहन करने व अधिक तापमान पर कार्य करने में सक्षम उल्लेखनीय है कि एचटीएलएस कंडक्टर पारंपरिक एसीएसआर कंडक्टरों की तुलना में अधिक तापमान पर कार्य करने में सक्षम होते हैं और उच्च तापमान पर भी इनका सैग अपेक्षाकृत कम रहता है। कंडक्टर की अधिक थर्मल करंट वहन क्षमता के कारण मौजूदा ट्रांसमिशन नेटवर्क से अधिक पावर का पारेषण किया जा सकता है।