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‘नए उत्तर प्रदेश’ की तस्वीर सामने रखी CM योगी ने, 24,000+ स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न की गिनाई उपलब्धियां

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को उप्र की प्रगति से साक्षात्कार कराया। उन्होंने 2017 के बाद प्रदेश की उड़ान को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। वहीं पूर्ववर्ती सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा? पूर्ववर्ती सरकारों ने अनलिमिटेड पोटेंशियल का नहीं किया उपयोग मुख्यमंत्री ने लिखा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे 'बीमारू' ही बनाए रखा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया, डबल इंजन सरकार ने उसे उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है। मोबाइल से मॉड्यूल और माइक्रोचिप तक पहुंच रही विकास यात्रा मुख्यमंत्री ने बताया कि आज साढ़े 9 वर्ष के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है। जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही है, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व8 यूनिकॉर्न हैं। यानी यात्रा मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है। 2017 से पहले सैफई महोत्सव ही था सांस्कृतिक उत्थान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की तस्वीर भी दिखाई। कहाकि आज के परिदृश्य से अलग पहले सिर्फ घोषणाएं होती थीं, पर परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं। क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था। भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा उप्र मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने प्राथमिकता बदली। परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी पर जोर दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स बढ़ा तो डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी और डेटा बढ़ा तो आज उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है। तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ने बताया कि एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम भी युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बना रहा है। कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, आज उसका निर्माता बन रहा है। असेंबली से एआई तक यह यात्रा केवल तकनीक की नहीं, हमारे युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है। 'नए उत्तर प्रदेश' की दिख रही नई उड़ान सीएम ने बताया कि इसी कड़ी में आज (मंगलवार) लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करूंगा। इस अवसर पर HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी होगा। 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई उड़ान है।

ऊर्जा मंत्री तोमर का बड़ा ऐलान, MP ट्रांसको ने HTLS कंडक्टर से बढ़ाई ट्रांसमिशन क्षमता

एमपी ट्रांसको ने शुरू किया एचटीएलएस कंडक्टर से क्षमता उन्नयन: ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि ग्वालियर शहर और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती विद्युत मांग तथा ट्रांसमिशन नेटवर्क पर बढ़ते पावर फ्लो को देखते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने ग्वालियर के महत्वपूर्ण 132 केवी पारेषण नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने का कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत मौजूदा ट्रांसमिशन लाइनों में लगे एसीएसआर पैंथर कंडक्टरों को अत्याधुनिक हाई टेम्परेचर लो सैग (एचटीएलएस) कंडक्टरों से बदला जा रहा है। कार्य पूर्ण होने पर इन लाइनों की विद्युत पारेषण क्षमता करीब तीन गुना तक बढ़ सकेगी। 39.8 सर्किट किलोमीटर लाइन में शुरू हुआ क्षमता उन्नयन कार्य ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत 220 केवी महलगांव सबस्टेशन से जुड़े 132 केवी डीसीडीएस महलगांव-तिघरा तथा महलगांव-मोतीझील सर्किटों में कंडक्टर बदलने का कार्य शुरू हो गया है। कुल लगभग 39.8 सर्किट किलोमीटर लाइन में मौजूदा एसीएसआर पैंथर कंडक्टरों के स्थान पर पैंथर समतुल्य एचटीएलएस कंडक्टर लगाए जा रहे हैं। इससे इन महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइनों की करंट वहन क्षमता बढ़ेगी और मौजूदा नेटवर्क से अधिक विद्युत शक्ति का पारेषण संभव हो सकेगा। सबस्टेशनों मे भी होगा अपरेटिंग का कार्य कंडक्टर बदलने के साथ संबंधित सबस्टेशनों के फीडर बे और उपकरणों की क्षमता का भी उन्नयन किया जा रहा है। इसके तहत 220 केवी महलगांव सबस्टेशन में दो 132 केवी फीडर बे, 132 केवी मोतीझील सबस्टेशन में एक तथा 132 केवी तिघरा सबस्टेशन में एक फीडर बे के अपरेटिंग का कार्य भी शुरू किया गया है। इससे लाइन और सबस्टेशन उपकरणों की क्षमता में आवश्यक सामंजस्य स्थापित होगा।  मौजूदा कॉरिडोर से ही बढ़ेगी  तीन गुना पारेषण क्षमता एचटीएलएस कंडक्टरों की करंट वहन क्षमता पारंपरिक एसीएसआर कंडक्टरों की तुलना में काफी अधिक होती है। इसके कारण मौजूदा ट्रांसमिशन लाइन के उसी कॉरिडोर में करीब तीन गुना अधिक पावर का पारेषण किया जा सकेगा। इस तकनीक के माध्यम से बिना नया ट्रांसमिशन कॉरिडोर विकसित किए मौजूदा नेटवर्क की क्षमता बढ़ाई जा रही है। बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर किया जा रहा उन्नयन ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि ग्वालियर में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार और बढ़ती निर्माण एवं औद्योगिक गतिविधियों के कारण विद्युत मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। वहीं नए ट्रांसमिशन कॉरिडोर के लिए राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) उपलब्ध कराना भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में मौजूदा ट्रांसमिशन कॉरिडोर में ही क्षमता बढ़ाना महत्वपूर्ण तकनीकी विकल्प है। पावर फ्लो का बेहतर प्रबंधन होगा संभव एचटीएलएस कंडक्टरों के माध्यम से महत्वपूर्ण 132 केवी लाइनों की क्षमता बढ़ने से पावर फ्लो का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा और इन लाइनों पर अतिरिक्त ऑपरेशनल मार्जिन उपलब्ध होगा। संबंधित स्विचयार्ड और फीडर बे उपकरणों के उन्नयन से बढ़ी हुई पारेषण क्षमता का प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित होगा। ग्वालियर शहर के बढ़ते लोड को पूरा करने में होगा सहायक  ट्रांसमिशन लाइन की इस क्षमता उन्नयन से ग्वालियर शहर और आसपास के क्षेत्रों की बढ़ती विद्युत आवश्यकताओं के अनुरूप पारेषण नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। साथ ही मौजूदा ट्रांसमिशन कॉरिडोर और उससे जुड़े स्विचयार्ड एवं फीडर बे इंफ्रास्ट्रक्चर का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा। ज्यादा लोड वहन करने व अधिक तापमान पर कार्य करने में सक्षम उल्लेखनीय है कि एचटीएलएस कंडक्टर पारंपरिक एसीएसआर कंडक्टरों की तुलना में अधिक तापमान पर कार्य करने में सक्षम होते हैं और उच्च तापमान पर भी इनका सैग अपेक्षाकृत कम रहता है। कंडक्टर की अधिक थर्मल करंट वहन क्षमता के कारण मौजूदा ट्रांसमिशन नेटवर्क से अधिक पावर का पारेषण किया जा सकता है।  

आज का राशिफल 7 अक्टूबर: इन राशियों की चमकेगी किस्मत, धन और करियर में बनेंगे लाभ के योग

मेष आज के दिन आपका लक आपका साथ देगा। करियर के नए अवसर आपके सामने आएंगे। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं, जो लाभदायक रहेगी। आज आपको तारीफ भी मिल सकती है। इंकम बढ़ने के भी योग हैं। वृषभ आज के दिन कॉन्फिडेंस में आपके कमी आ सकती है। नौकरी में बदलाव की भी बड़ी संभावना है। संतुलित डाइट और एक्सरसाइज को शामिल करके अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें। जीवन में संतुलन बनाए रखें। मिथुन आज प्रमोशन पाने के लिए आपको पूरे लगन के साथ ऑफिस के टास्क कंप्लीट करने चाहिए। व्यापार अच्छा चलेगा और आप अच्छे मुनाफे की भी उम्मीद कर सकते हैं। आर्थिक रूप से यह एक अच्छा दिन है। कर्क आज के दिन लाइफ पार्टनर के साथ बॉन्ड को स्ट्रांग बनाने के लिए आप डेट प्लान कर सकते हैं। हो सकता है कि आपके दोस्त सहयोगात्मक न हों। धैर्य रखने की कोशिश करें और कठोर शब्दों का प्रयोग न करें। सिंह आज के दिन हिम्मत न हारें और पॉजिटिव रहने की कोशिश करें। दफ्तर में टिके रहने के लिए बहुत कड़ी मेहनत करनी होगी। आर्थिक रूप से, अपने भविष्य को सुरक्षित करने पर फोकस करें। कन्या आज बदलाव के लिए खुले रहने से आपको अच्छे नतीजे मिल सकते हैं। हर पहलू में संतुलन बनाए रखें। प्यार में शांत रहें। काम पर टीमवर्क पर ध्यान दें। वित्त का समझदारी से प्रबंधन करें और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। तुला आज कारोबार से जुड़े लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। काम का प्रेशर ज्यादा महसूस होगा। व्यवसायी लोग अपना कार्यक्षेत्र बदलना चाह रहे होंगे। लाइफ में प्रॉब्लम आना नॉर्मल है। धन का मामला उम्मीद से कम रहेगा। वृश्चिक आज कुछ अप्रत्याशित समस्याएं सामने आ सकती हैं, जिससे आपकी प्लानिंग पूरी होने में देरी हो सकती है। हेल्थ आज अच्छी रहेगी। दिन की शुरुआत में अपने करियर को लेकर आप स्ट्रगल करेंगे। धनु आज आपको अपनी मेंटल हेल्थ का खास ख्याल रखना चाहिए। आपको अपने सहकर्मियों से कही गई बातों में सावधानी बरतने की जरूरत है। काम में सहयोग और बातचीत की आवश्यकता होती है। मकर आज पर्सनल और प्रोफेशनल कनेक्शन को मजबूत करने का अवसर है। करीबियों के साथ अपने कनेक्शन को मजबूत करने के अवसरों की तलाश करें। काम पर नई चुनौतियों से न कतराएं। कुंभ आज वित्तीय मामलों पर पूरा ध्यान दें। सोच-समझकर प्लानिंग के डिसीजन लें। सेहत के लिहाज से, अपनी फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए संतुलित दृष्टिकोण अपनाने के लिए यह एक अच्छा दिन है। मीन प्रोडक्टिविटी आज रोज के मुकाबले नॉर्मल से स्लो रहेगी। यह आपको बेचैन कर देगी। आपको अपने जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए मोटिवेट किया जाता है। रोमांटिक रिश्तों में धैर्य की आवश्यकता हो सकती है।

युवा प्रतिभाओं को बेहतर मंच देने पर जोर, राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता में बोले सीएम भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति और ऋषियों की अनमोल धरोहर है, जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ, संयमित और संतुलित जीवन जीने की कला सिखाई है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे नशे की लत को छोड़ें और योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाते हुए विकसित भारत-विकसित राजस्थान के निर्माण में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री मंगलवार को अलंकार पीजी कॉलेज में 51वीं सब जूनियर एवं जूनियर राष्ट्रीय योगासन स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होेंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी प्रयासों और वैश्विक कूटनीति की बदौलत संयुक्त राष्ट्र ने हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। आज योग, ध्यान और प्राणायाम विश्व के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। यह ज्ञान परंपरा मानव कल्याण का वैश्विक माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि एकाग्रता को बढ़ाने में, निर्णय क्षमता को मजबूत करने और जीवन में सकारात्मकता लाने में योग की अहम भूमिका है। आज जब पूरी दुनिया बदलती जीवनशैली और अनेक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में योग स्वस्थ मन और तन के लिए सबसे सरल, सहज और प्रभावी माध्यम है। अटल ज्ञान केन्द्र में ऑनलाइन क्लास, ई-लाइब्रेरी सुविधाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। इनकी ऊर्जा से ही हम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। इन युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार गांव में अटल ज्ञान केन्द्र खोल रही है। जिन्हें ऑनलाइन क्लास, ई-लाइब्रेरी सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, हर पंचायत में खेल मैदान भी विकसित किए जा रहे हैं। 1 लाख 93 हजार पदों पर नियुक्तियां, निजी क्षेत्र में 5 लाख युवाओं को रोजगार उन्होंने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने अब तक 1 लाख 93 हजार पदों पर नियुक्तियां दी हैं। 1 लाख 18 हजार पदों पर भर्ती की जा रही है। सवा लाख पदों के लिए भर्ती कलैंडर जारी किया जा चुका है। निजी क्षेत्र में हमने 5 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है। वहीं, युवाओं के विदेश में नौकरी के सपने को पूरा करने के लिए जयपुर में पांच देशों की भाषा का सेंटर भी शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय में पेपरलीक की घटनाएं होती रहती थी। वहीं, हमारे कार्यकाल में अब तक एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे मेहनत करें, परीक्षा की तैयारी करें, राज्य सरकार उनके सपनों को नहीं टूटने देगी। ओलम्पिक की तैयारी के लिए राजस्थान टॉप्स योजना लागू उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के लिए राजस्थान युवा नीति-2025 जारी की है। खेलों के बेहतर बुनियादी ढांचे और युवा प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है ताकि हमारा प्रदेश खेल के मैदान में देश-दुनिया में अग्रणी बने। प्रदेश के खिलाड़ियों को ओलम्पिक खेलों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से राजस्थान टॉप्स योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 17 नए खेलो इंडिया केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। वहीं, 1 हजार 786 खिलाड़ियों को 40 करोड़ 12 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने योगासन चैम्पियनशिप के विजेता पश्चिम बंगाल, द्वितीय स्थान पर रहे हरियाणा और तृतीय स्थान पर रहे महाराष्ट्र को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इस दौरान राजस्थान की टीम ने संगीतमय योगासन की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सांसद राव राजेंद्र सिंह, अलंकार पीजी कॉलेज के चेयरमैन लालचंद कटारिया, पद्मश्री गुलाबो सपेरा, एशियन योग फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न योग फेडरेशन के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में देशभर से आए प्रतिभागी उपस्थित रहे।

RIICO ने खोले औद्योगिक प्लॉट के रास्ते, भीलवाड़ा में 300+ भूखंडों का आवंटन शुरू

भीलवाड़ा  जिले में औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) ने प्रत्यक्ष भूखंड आवंटन के 14वें चरण का आगाज कर दिया है। योजना के तहत जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में कुल 289 औद्योगिक भूखंड और नवीन टेक्सटाइल पार्क रूपाहेली में 14 भूखंड आवंटन के लिए उपलब्ध कराए गए है। राइजिंग राजस्थान के तहत ईएमडी की अंतिम तिथि तक एमओयू करने वाले निवेशक भी इस योजना में भूखंड पाने के पात्र होंगे। योजना के तहत जिले की विभिन्न तहसीलों में औद्योगिक भूखंडों की योजना बनाई है। इसमें और वेयरहाउस इकाइयों के लिए शाहपुरा के फतेहपुरा-समेलिया में 195 औद्योगिक और 2 वेयरहाउस भूखंड। मांडलगढ़ के करणपुरा में 37 भूखंड। जहाजपुर के पंडेर में 17 व पीपलूंद में 6 भूखंड। मांडल के धुवालां में 10 भूखंड। करेड़ा के किडीमाल में 7 भूखंड। अंटाली के उखलिया में 3 भूखंड शामिल हैं। हुरड़ा तहसील के नवीन औद्योगिक क्षेत्र टेक्सटाइल पार्क रूपाहेली में उपलब्ध 14 भूखंडों के लिए राजस्थान टेक्सटाइल एंड अपैरल पॉलिसी 2025 के तहत आने वाले उद्योग एवं टेक्सटाइल संबंधित इकाइयां आवेदन कर सकती है। रीको के वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक एसके. नेनावटी ने बताया कि टेक्सटाइल पार्क रूपाहेली सहित फतेहपुरा-समेलिया, पंडेर, पीपलूंद, धुवालां और किडीमाल को 'फ्लेक्सिबल लीज पॉलिसी के दायरे में रखा गया है। इसके तहत निवेशकों को भारी राहत देते हुए आरक्षित दर के मात्र 60 प्रतिशत मूल्य पर 33 वर्ष की लीज अवधि के लिए भूखंड आवंटित किए जाएंगे। आवंटन और भुगतान के नियम अंतिम तिथिः निवेशकों को रीको के ऑनलाइन पोर्टल पर कुल देय प्रीमियम की 5 प्रतिशत अमानत राशि 12 अक्टूबर सायं 6 बजे तक जमा करानी होगी। ई-लॉटरीः यदि किसी भूखंड पर एक ही आवेदन आता है तो उसका सीधा आवंटन कर दिया जाएगा, जबकि एक से अधिक दावेदार होने पर फैसला ई-लॉटरी से होगा। 25 प्रतिशत पर मिलेगा कब्जाः सुविधा के लिए 25 प्रतिशत राशि जमा उद्यमियों की कब्जा और कराते ही भूखंड का आवंटन पत्र सौंप दिया जाएगा। किश्तों की सुविधाः शेष 75 प्रतिशत राशि या तो 120 दिनों के भीतर ब्याज रहित जमा कराई जा सकती है, या फिर 8.50 प्रतिशत ब्याज के साथ 19 त्रैमासिक किश्तों में चुकाने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। योजना में भूखंड देखने और ऑनलाइन आवेदन करने के इच्छुक निवेशक रीको की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।  

दिल्ली से पटना का सफर होगा आसान, छठ पर प्रस्तावित वंदे भारत के टाइमिंग-किराए और स्टॉपेज की पूरी डिटेल

पटना दीपावली और छठ महापर्व के दौरान दिल्ली से बिहार आने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। उत्तर रेलवे ने नई दिल्ली-पटना के बीच वंदे भारत स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। करीब 994 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह ट्रेन लगभग 13 घंटे में सफर पूरा करेगी। प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो त्योहार के दौरान दिल्ली से बिहार आने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है। सोशल मीडिया की स्लीपर ट्रेन से अलग है यह प्रस्ताव नई दिल्ली-पटना वंदे भारत स्लीपर को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में रेलवे की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल उत्तर रेलवे की ओर से भेजा गया प्रस्ताव वंदे भारत स्पेशल ट्रेन का है, जिसमें एसी चेयर कार और एग्जीक्यूटिव चेयर कार की व्यवस्था होगी। इसलिए स्लीपर वंदे भारत की चर्चा को इस प्रस्तावित ट्रेन से अलग समझना जरूरी है। कहां-कहां रुकेगी ट्रेन? छह स्टेशनों पर ठहराव का प्रस्ताव प्रस्तावित वंदे भारत स्पेशल नई दिल्ली से पटना के बीच चलेगी। रास्ते में अलीगढ़, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा स्टेशनों पर इसका ठहराव प्रस्तावित है। करीब 994 किलोमीटर के इस सफर में यात्रियों को तेज और अपेक्षाकृत सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। 21 अक्टूबर से 25 नवंबर तक पहली जोड़ी चलाने की तैयारी पहली जोड़ी 02252/02251 को नई दिल्ली से 21 अक्टूबर से 25 नवंबर तक सोमवार, बुधवार और शनिवार को चलाने का प्रस्ताव है। वापसी में पटना से 22 अक्टूबर से 26 नवंबर तक मंगलवार, गुरुवार और रविवार को ट्रेन चलाने की योजना है। इस दौरान कुल 16 फेरे लगाए जाने का प्रस्ताव है। दूसरी जोड़ी भी चलेगी, जानें किस दिन मिलेगी ट्रेन दूसरी जोड़ी 02253/02254 पटना से 24 अक्टूबर से 28 नवंबर तक शनिवार, सोमवार और बुधवार को चलाने का प्रस्ताव है। वहीं नई दिल्ली से यह ट्रेन 22 अक्टूबर से 26 नवंबर तक रविवार, मंगलवार और गुरुवार को संचालित की जाएगी। यानी त्योहारों के दौरान दिल्ली-पटना रूट पर अतिरिक्त फेरे उपलब्ध कराने की तैयारी है। सुबह दिल्ली से रवाना, रात में पहुंचेगी पटना प्रस्ताव के मुताबिक नई दिल्ली से ट्रेन सुबह 8:35 बजे रवाना होगी और दोपहर पौने तीन बजे प्रयागराज पहुंचेगी। इसके बाद रात करीब 9:30 बजे पटना पहुंचने का समय प्रस्तावित है। वापसी में पटना से ट्रेन सुबह 10 बजे चलकर दोपहर 3:35 बजे प्रयागराज और रात 11:30 बजे नई दिल्ली पहुंच सकती है। कितना होगा किराया? चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास का प्रस्ताव नई दिल्ली से पटना के बीच एसी चेयर कार का किराया भोजन समेत करीब 2,575 से 2,600 रुपये और एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया करीब 4,650 से 4,680 रुपये रहने का प्रस्ताव है। हालांकि अंतिम किराया रेलवे बोर्ड की मंजूरी और आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद शुरू होगी टिकट बुकिंग सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिलने के बाद आइआरसीटीसी पर आरक्षण शुरू किया जाएगा। ऐसे में यात्रियों को फिलहाल आधिकारिक घोषणा और बुकिंग खुलने का इंतजार करना होगा। दिवाली और छठ के दौरान बिहार आने वाले यात्रियों के लिए यह अतिरिक्त ट्रेन अहम विकल्प बन सकती है। क्या दिल्ली-पटना के बीच स्लीपर वंदे भारत भी आएगी? नई दिल्ली-पटना के बीच वंदे भारत स्लीपर चलाने की योजना को लेकर चर्चा जरूर है, लेकिन अभी इसका समय और शेड्यूल आधिकारिक रूप से तय नहीं है। सोशल मीडिया पर 2 अक्टूबर से ट्रेन चलने और ट्रायल जैसी चर्चाएं सामने आई हैं, लेकिन रेलवे की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल त्योहारों के लिए सामने आया ठोस प्रस्ताव वंदे भारत स्पेशल ट्रेन का ही है।  

पुलिस की गश्त से लेकर निगरानी तक सब होगा स्मार्ट, राजस्थान के 9 जिलों में नई बीट व्यवस्था शुरू

जयपुर राजस्थान में बीट पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह, जनोन्मुखी एवं तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D), गृह मंत्रालय, भारत सरकार के मध्य सोमवार को पुलिस मुख्यालय, जयपुर में महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू डीजीपी/आईजीपी कॉन्फ्रेंस 2025 की सिफारिशों के अनुरूप बीट स्तर की पुलिसिंग को सुदृढ़ करने के लिए तैयार एक वर्षीय एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पुलिस मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान पुलिस के महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और BPR&D के महानिदेशक आलोक मित्तल की मौजूदगी में राजस्थान पुलिस की ओर से उप महानिरीक्षक (अपराध) दीपक भार्गव और ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट की ओर से उप महानिरीक्षक, नेशनल पुलिस मिशन, BPR&D, डॉ. किरण कंग सिद्धू ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। पुलिसिंग में बीट ही बेसिक है : आलोक मित्तल एमओयू पर हस्ताक्षर के पश्चात BPR&D के महानिदेशक आलोक मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिसिंग में बीट ही बेसिक है। बीट पुलिसिंग की महत्ता को महसूस करते हुए डीजीपी/आईजीपी कॉन्फ्रेंस 2025 की सिफारिशों में एक वर्षीय एक्शन प्लान तैयार करने के माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों की अनुपालना में गोवा के बाद राजस्थान पुलिस का यह दूसरा एमओयू है। उन्होंने कहा कि एमओयू के तहत BPR&D द्वारा राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। इस प्रकार के एमओयू से एक-दूसरे के राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज से सीखने को मिलेगा। उन्होंने राजस्थान पुलिस के बीट क्लस्टर कॉन्सेप्ट की भी सराहना की। धरातल पर दिखेगा बदलाव : राजीव कुमार शर्मा इससे पहले महानिदेशक पुलिस, राजस्थान राजीव कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में बीट पुलिसिंग को पुलिस एवं आमजन के बीच सबसे महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु बताते हुए इसे और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बीट पुलिसिंग के परंपरागत कार्यों से हटकर अब तकनीक के सहयोग से धरातल पर बेहतर परिणाम दिखाई देंगे। उन्होंने चंडीगढ़ की बीट बुक प्रैक्टिस की सराहना की और इसे अपनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि यह एमओयू बीट पुलिसिंग को अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह, जनसहभागी, सूचना आधारित एवं तकनीक-सक्षम बनाने के साथ-साथ अपराध की रोकथाम, पुलिस-जन संवाद और स्थानीय स्तर पर पुलिस की प्रभावशीलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस दौरान उन्होंने नवीन विधिक संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्थान के प्रयासों के बारे में बताया और इसी प्रकार की उपलब्धियों के लिए टीम राजस्थान पुलिस को तैयार रहने की बात कही। राजस्थान की बीट पुलिसिंग पर हुआ प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम की शुरुआत में डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने डीजी BPR&D आलोक मित्तल तथा डीआईजी डॉ. किरण कंग सिद्धू का डीआईजी राशि डोगरा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद महानिदेशक पुलिस, कानून एवं व्यवस्था, संजय अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए राजस्थान पुलिस की बेस्ट प्रैक्टिसेज के बारे में जानकारी दी। उप महानिरीक्षक पुलिस, क्राइम ब्रांच, दीपक भार्गव ने राजस्थान में वर्तमान बीट पुलिसिंग व्यवस्था एवं इसकी कार्यप्रणाली पर प्रस्तुतीकरण दिया। इसके पश्चात उप महानिरीक्षक, नेशनल पुलिस मिशन, BPR&D की डॉ. किरण कंग सिद्धू ने बीट पुलिसिंग को सुदृढ़ करने के लिए BPR&D की ओर से तैयार कार्ययोजना एवं सहयोग के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। नौ जिलों का प्रथम चरण में चयन एमओयू के तहत कार्ययोजना के प्रथम चरण में प्रत्येक रेंज से एक-एक, कुल नौ जिलों का चयन करते हुए नवीन बीट प्रणाली को लागू किया गया है। इसमें सीकर, जयपुर उत्तर, धौलपुर, डीडवाना-कुचामन, कोटा शहर, डूंगरपुर, चूरू, जैसलमेर एवं जोधपुर पश्चिम को शामिल किया गया है। प्रथम चरण के अनुभवों, उपलब्धियों एवं अच्छे नवाचारों के आधार पर इसके बाद प्रदेशभर के शेष जिलों में नवीन बीट प्रणाली लागू की जाएगी। इस पहल के तहत बीट संरचना को जनसंख्या, अपराध की स्थिति, भौगोलिक परिस्थितियों तथा शहरी-ग्रामीण स्वरूप के आधार पर युक्तिसंगत बनाया जाएगा। बीट स्तर पर हॉटस्पॉट, संवेदनशील स्थानों, महत्वपूर्ण संस्थानों एवं अन्य स्थानीय आवश्यकताओं की पहचान करते हुए जियो-मैप्ड बीट प्रोफाइल तैयार किए जाएंगे। सामुदायिक सहभागिता और स्थानीय सूचना तंत्र होगा मजबूत बीट पुलिसिंग को जनसहभागिता से जोड़ते हुए कम्युनिटी लाइजन ग्रुप (CLG), पुलिस मित्र एवं अन्य सामुदायिक माध्यमों को मजबूत किया जाएगा। 'नो योर बीट ऑफिसर' जैसी पहल के माध्यम से पुलिस एवं आमजन के बीच नियमित संवाद को संस्थागत स्वरूप दिया जाएगा। विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों तथा कमजोर एवं संवेदनशील वर्गों के साथ लक्षित संवाद पर भी विशेष जोर रहेगा। बीट बुक, विलेज क्राइम नोट बुक, डिजिटल बीट प्रोफाइल एवं अपराध/हॉटस्पॉट मैपिंग के माध्यम से स्थानीय सूचनाओं के कानूनसम्मत संग्रह, सत्यापन एवं उपयोग की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। राजकॉप ई-बीट बुक को किया जाएगा और सशक्त बीट पुलिसिंग में तकनीक के प्रभावी उपयोग के लिए राजकॉप ई-बीट बुक की क्षमताओं को और विकसित किया जाएगा। जीपीएस, जियो-टैगिंग, क्यूआर आधारित सुविधाएं, डिजिटल दस्तावेजीकरण एवं डैशबोर्ड जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं का आवश्यकता के अनुरूप उपयोग किया जाएगा। इससे बीट स्तर की गतिविधियों की निगरानी, सूचना का अद्यतन एवं पर्यवेक्षण अधिक प्रभावी हो सकेगा। केपीआई आधारित होगी बीट पुलिसिंग की समीक्षा कार्ययोजना के तहत की-परफॉर्मेंस इंडिकेटर (KPI) के आधार पर बीट पुलिसिंग की प्रभावशीलता की समीक्षा की जाएगी। बीट, पुलिस थाना, जिला/कमिश्नरेट एवं राज्य स्तर पर संरचित रिपोर्टिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी तथा अच्छे कार्यों एवं नवाचारों का दस्तावेजीकरण किया जाएगा। प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पर विशेष जोर बीट अधिकारियों एवं पर्यवेक्षण अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रारंभिक एवं रिफ्रेशर प्रशिक्षण, ट्रेनर्स की ट्रेनिंग तथा कैस्केड ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर को नोडल प्रशिक्षण संस्थान के रूप में नामित किया गया है। अकादमी द्वारा सॉफ्ट स्किल्स एवं ट्रेनर्स की ट्रेनिंग से संबंधित प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाएगी। BPR&D देगा विशेषज्ञ मार्गदर्शन, राजस्थान पुलिस करेगी परिचालन क्रियान्वयन एमओयू के तहत BPR&D द्वारा सामान्य क्रियान्वयन ढांचा, प्रशिक्षण सामग्री, मॉडल प्रारूप, समीक्षा उपकरण एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं बीट पुलिसिंग की मैदानी एवं परिचालन व्यवस्था, स्थानीय स्तर पर आवश्यक आदेश, मानव संसाधन, लॉजिस्टिक्स, प्रशिक्षण व्यवस्था, तकनीक एवं अन्य परियोजना संबंधी आवश्यकताओं की जिम्मेदारी राजस्थान पुलिस की रहेगी। इस मौके पर महानिदेशक पुलिस, कानून एवं व्यवस्था, संजय अग्रवाल, महानिदेशक पुलिस, यातायात, मालिनी अग्रवाल सहित पुलिस मुख्यालय के समस्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। 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आसाराम को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने 3 अगस्त के पैरोल आदेश की पालना के दिए निर्देश

जोधपुर  नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से पैरोल के मामले में बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पूर्व में जारी आदेश की पालना करते हुए आसाराम को 20 दिन की पैरोल पर रिहा करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने सरकार से इस आदेश की अनुपालना रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट की जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष हुई। आसाराम की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि कोर्ट ने अगस्त में 20 दिन की पैरोल मंजूर की थी, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार ने उन्हें रिहा नहीं किया। 3 अगस्त के आदेश की पालना के निर्देश सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि 3 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट ने 20 दिन की पैरोल मंजूर की थी, आदेश के बावजूद पैरोल लागू नहीं की गई। इस पर खंडपीठ ने राज्य सरकार को पूर्व में जारी आदेश की पालना करने के निर्देश दिए। गुजरात कोर्ट का दिया गया हवाला राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता बीएल भाटी ने दलील दी कि आसाराम को गुजरात के गांधीनगर की अदालत भी एक अन्य मामले में दोषी ठहरा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात हाईकोर्ट ने उस मामले में आसाराम की पैरोल याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि, राजस्थान हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा कोई कानूनी आधार नहीं बता सकी, जिससे 3 अगस्त 2026 के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त या निलंबित माना जा सके। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि गुजरात हाईकोर्ट द्वारा आपातकालीन पैरोल खारिज किए जाने के आदेश का राजस्थान हाईकोर्ट के पहले के आदेश पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नहीं दी चुनौती सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सरकार के अधिवक्ता से यह भी पूछा कि क्या 3 अगस्त के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस पर अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि सरकार की ओर से ऐसा कोई मामला सुप्रीम कोर्ट में दायर नहीं किया गया है। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में 3 अगस्त को जारी आदेश की पालना की जानी चाहिए।2018 में सुनाई गई थी उम्रकैद आसाराम को वर्ष 2018 में जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह जेल में सजा काट रहे हैं। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्हें समय-समय पर अस्पताल जाने की अनुमति भी मिलती रही है। गांधीनगर का अलग मामला इसके अलावा सूरत की दो बहनों से जुड़े यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले में गांधीनगर की अदालत ने जनवरी 2023 में आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसी मामले का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट में पैरोल को लेकर अपनी दलील रखी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।  

जापान से निवेश की डील के लिए यूपी सरकार की बड़ी पहल, 19 अक्टूबर से शुरू होगा दौरा

 लखनऊ राज्य में विदेशी निवेश को आमंत्रित करने के लिए राज्य सरकार का प्रतिनिधिमंडल 19 अक्टूबर को जापान जाएगा। चार दिवसीय दौरे में ग्रीनहाईड्रोजन, इलेक्ट्रानिक्स और वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) के क्षेत्र में निवेश को लेकर विभिन्न जापानी कंपनियों के साथ करार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 से 26 फरवरी तक सिंगापुर व जापान की यात्रा की थी। इस यात्रा में जापान के यामानाशी प्रांत के 200 निवेशकों को उन्होंने राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया था। मुख्यमंत्री की इस यात्रा से पहले जनवरी में जापानी निवेशकों का दल उत्तर प्रदेश के दौरे पर आया था। इसके बाद से जापानी निवेशकों के दो दौरे उत्तर प्रदेश में हो चुके हैं। औद्योगिक विकास विभाग ने जापानी निवेशकों को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सेक्टर पांच-ए में स्थापित की जा रही जापानी सिटी का भी दौरा कराया था। साथ ही लखनऊ और अन्य जिलों में उपलब्ध भूमि, सड़क, हवाई व रेल की कनेक्टिविटी की जानकारी दी थी। जापान की कनाडेविया कंपनी के प्रतिनिधियों ने ग्रीन हाईड्रोजन के क्षेत्र में निवेश में रुचि दिखाई है। इन्वेस्ट यूपी के अधिकारी होंगे शामिल इसी सिलसिले में राज्य सरकार का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी के नेतृत्व में जापान के यामानाशी प्रांत के दौरे पर जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में औद्योगिक विकास विभाग, उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा), आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग और इन्वेस्ट यूपी के अधिकारी शामिल होंगे। जापानी कंपनी कनाडेविया के साथ आइआइटी कानपुर व बीएचयू में स्थापित हो रहे ग्रीन हाईड्रोजन के एक्सीलेंस सेंटरों की स्थापना में तकनीकी सहयोग प्रदान करने को लेकर पहले ही एमओयू हो चुका है।  

राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी सुविधा, बिहार में घर बैठे बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड; जानें तरीका

पटना  बिहार सरकार (Bihar Government) ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाते हुए राज्य के करोड़ों राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत दी है। सरकार की बीते दिनों की गई घोषणा के अनुसार, अब राज्य के सभी राशन कार्ड धारकों को 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना' और 'आयुष्मान भारत योजना' के तहत प्रति परिवार हर साल 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। अगर आपके पास भी राशन कार्ड है और आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आयुष्मान कार्ड (गोल्डन कार्ड) बनवाना अनिवार्य है। आइए जानते हैं कि आप घर बैठे या अपने नजदीकी सेंटर्स के माध्यम से यह कार्ड कैसे बनवा सकते हैं। सबसे पहला काम: लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें? कार्ड बनवाने से पहले आपको यह चेक करना होगा कि आपका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं। इसके लिए आप मोबाइल या कंप्यूटर का इस्तेमाल कर सकते हैं।     PMJAY के आधिकारिक पोर्टल beneficiary.nha.gov.in पर जाएं या मोबाइल में 'Ayushman App' डाउनलोड करें।     होमपेज पर 'Beneficiary' (लाभार्थी) ऑप्शन चुनें और अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP से लॉग-इन करें।     इसके बाद अपना राज्य (Bihar), स्कीम (PMJAY/MMJAY), जिला और सर्च का तरीका चुनें।     आप 'Family ID' का विकल्प चुनकर अपना राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर दर्ज कर सकते हैं।     सर्च करते ही आपके परिवार के सभी सदस्यों के नाम स्क्रीन पर आ जाएंगे। घर बैठे ऑनलाइन तरीका: लिस्ट में नाम दिखने पर उसके आगे 'Action' या 'e-KYC' का ऑप्शन मिलेगा। इस पर क्लिक करें और आधार OTP, फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए अपनी पहचान वेरिफिकेशन करें। e-KYC प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही समय बाद आपका आयुष्मान कार्ड जनरेट हो जाएगा, जिसे आप वहीं से डाउनलोड कर सकते हैं। ऑफलाइन तरीका: अगर आप ऑनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं, तो आप CSC या PDS डीलर के पास जाकर मुफ्त में कार्ड बनवा सकते हैं। नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर): अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाएं। PDS डीलर (राशन की दुकान): जहां से आप राशन लेते हैं, वे जन वितरण प्रणाली (PDS) डीलर भी ई-केवाईसी कर कार्ड बना रहे हैं। सरकारी अस्पताल: आप अपने स्थानीय सिविल सर्जन कार्यालय या किसी भी सरकारी अस्पताल के आयुष्मान मित्र से संपर्क कर सकते हैं। ऑफलाइन केंद्र पर जाते समय अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड साथ जरूर ले जाएं। योजना से जुड़े प्राइवेट अस्पताल कैसे खोजें? आयुष्मान कार्ड का लाभ केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि कई बड़े प्राइवेट अस्पतालों में भी मिलता है। आपके आसपास कौन से अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं, यह जानने के लिए सबसे पहले बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति की वेबसाइट shs.bihar.gov.in या PMJAY पोर्टल पर जाएं। यहां 'Find Empanelled Hospitals' (अस्पताल खोजें) सेक्शन पर क्लिक करें। अपना राज्य, जिला, अस्पताल का प्रकार (Public/Private) और बीमारी का विभाग (Specialty) चुनें। सर्च करते ही योजना से जुड़े सभी अस्पतालों की लिस्ट आपके सामने आ जाएगी।