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आसाराम को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने 3 अगस्त के पैरोल आदेश की पालना के दिए निर्देश

जोधपुर  नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से पैरोल के मामले में बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पूर्व में जारी आदेश की पालना करते हुए आसाराम को 20 दिन की पैरोल पर रिहा करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने सरकार से इस आदेश की अनुपालना रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट की जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष हुई। आसाराम की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि कोर्ट ने अगस्त में 20 दिन की पैरोल मंजूर की थी, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार ने उन्हें रिहा नहीं किया। 3 अगस्त के आदेश की पालना के निर्देश सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि 3 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट ने 20 दिन की पैरोल मंजूर की थी, आदेश के बावजूद पैरोल लागू नहीं की गई। इस पर खंडपीठ ने राज्य सरकार को पूर्व में जारी आदेश की पालना करने के निर्देश दिए। गुजरात कोर्ट का दिया गया हवाला राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता बीएल भाटी ने दलील दी कि आसाराम को गुजरात के गांधीनगर की अदालत भी एक अन्य मामले में दोषी ठहरा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात हाईकोर्ट ने उस मामले में आसाराम की पैरोल याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि, राजस्थान हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा कोई कानूनी आधार नहीं बता सकी, जिससे 3 अगस्त 2026 के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त या निलंबित माना जा सके। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि गुजरात हाईकोर्ट द्वारा आपातकालीन पैरोल खारिज किए जाने के आदेश का राजस्थान हाईकोर्ट के पहले के आदेश पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नहीं दी चुनौती सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने सरकार के अधिवक्ता से यह भी पूछा कि क्या 3 अगस्त के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस पर अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बताया कि सरकार की ओर से ऐसा कोई मामला सुप्रीम कोर्ट में दायर नहीं किया गया है। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में 3 अगस्त को जारी आदेश की पालना की जानी चाहिए।2018 में सुनाई गई थी उम्रकैद आसाराम को वर्ष 2018 में जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह जेल में सजा काट रहे हैं। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्हें समय-समय पर अस्पताल जाने की अनुमति भी मिलती रही है। गांधीनगर का अलग मामला इसके अलावा सूरत की दो बहनों से जुड़े यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले में गांधीनगर की अदालत ने जनवरी 2023 में आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसी मामले का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट में पैरोल को लेकर अपनी दलील रखी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।  

जापान से निवेश की डील के लिए यूपी सरकार की बड़ी पहल, 19 अक्टूबर से शुरू होगा दौरा

 लखनऊ राज्य में विदेशी निवेश को आमंत्रित करने के लिए राज्य सरकार का प्रतिनिधिमंडल 19 अक्टूबर को जापान जाएगा। चार दिवसीय दौरे में ग्रीनहाईड्रोजन, इलेक्ट्रानिक्स और वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) के क्षेत्र में निवेश को लेकर विभिन्न जापानी कंपनियों के साथ करार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 से 26 फरवरी तक सिंगापुर व जापान की यात्रा की थी। इस यात्रा में जापान के यामानाशी प्रांत के 200 निवेशकों को उन्होंने राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया था। मुख्यमंत्री की इस यात्रा से पहले जनवरी में जापानी निवेशकों का दल उत्तर प्रदेश के दौरे पर आया था। इसके बाद से जापानी निवेशकों के दो दौरे उत्तर प्रदेश में हो चुके हैं। औद्योगिक विकास विभाग ने जापानी निवेशकों को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सेक्टर पांच-ए में स्थापित की जा रही जापानी सिटी का भी दौरा कराया था। साथ ही लखनऊ और अन्य जिलों में उपलब्ध भूमि, सड़क, हवाई व रेल की कनेक्टिविटी की जानकारी दी थी। जापान की कनाडेविया कंपनी के प्रतिनिधियों ने ग्रीन हाईड्रोजन के क्षेत्र में निवेश में रुचि दिखाई है। इन्वेस्ट यूपी के अधिकारी होंगे शामिल इसी सिलसिले में राज्य सरकार का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी के नेतृत्व में जापान के यामानाशी प्रांत के दौरे पर जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में औद्योगिक विकास विभाग, उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा), आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग और इन्वेस्ट यूपी के अधिकारी शामिल होंगे। जापानी कंपनी कनाडेविया के साथ आइआइटी कानपुर व बीएचयू में स्थापित हो रहे ग्रीन हाईड्रोजन के एक्सीलेंस सेंटरों की स्थापना में तकनीकी सहयोग प्रदान करने को लेकर पहले ही एमओयू हो चुका है।  

राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी सुविधा, बिहार में घर बैठे बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड; जानें तरीका

पटना  बिहार सरकार (Bihar Government) ने स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाते हुए राज्य के करोड़ों राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत दी है। सरकार की बीते दिनों की गई घोषणा के अनुसार, अब राज्य के सभी राशन कार्ड धारकों को 'मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना' और 'आयुष्मान भारत योजना' के तहत प्रति परिवार हर साल 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। अगर आपके पास भी राशन कार्ड है और आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आयुष्मान कार्ड (गोल्डन कार्ड) बनवाना अनिवार्य है। आइए जानते हैं कि आप घर बैठे या अपने नजदीकी सेंटर्स के माध्यम से यह कार्ड कैसे बनवा सकते हैं। सबसे पहला काम: लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें? कार्ड बनवाने से पहले आपको यह चेक करना होगा कि आपका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं। इसके लिए आप मोबाइल या कंप्यूटर का इस्तेमाल कर सकते हैं।     PMJAY के आधिकारिक पोर्टल beneficiary.nha.gov.in पर जाएं या मोबाइल में 'Ayushman App' डाउनलोड करें।     होमपेज पर 'Beneficiary' (लाभार्थी) ऑप्शन चुनें और अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP से लॉग-इन करें।     इसके बाद अपना राज्य (Bihar), स्कीम (PMJAY/MMJAY), जिला और सर्च का तरीका चुनें।     आप 'Family ID' का विकल्प चुनकर अपना राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर दर्ज कर सकते हैं।     सर्च करते ही आपके परिवार के सभी सदस्यों के नाम स्क्रीन पर आ जाएंगे। घर बैठे ऑनलाइन तरीका: लिस्ट में नाम दिखने पर उसके आगे 'Action' या 'e-KYC' का ऑप्शन मिलेगा। इस पर क्लिक करें और आधार OTP, फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए अपनी पहचान वेरिफिकेशन करें। e-KYC प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही समय बाद आपका आयुष्मान कार्ड जनरेट हो जाएगा, जिसे आप वहीं से डाउनलोड कर सकते हैं। ऑफलाइन तरीका: अगर आप ऑनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं, तो आप CSC या PDS डीलर के पास जाकर मुफ्त में कार्ड बनवा सकते हैं। नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर): अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाएं। PDS डीलर (राशन की दुकान): जहां से आप राशन लेते हैं, वे जन वितरण प्रणाली (PDS) डीलर भी ई-केवाईसी कर कार्ड बना रहे हैं। सरकारी अस्पताल: आप अपने स्थानीय सिविल सर्जन कार्यालय या किसी भी सरकारी अस्पताल के आयुष्मान मित्र से संपर्क कर सकते हैं। ऑफलाइन केंद्र पर जाते समय अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड साथ जरूर ले जाएं। योजना से जुड़े प्राइवेट अस्पताल कैसे खोजें? आयुष्मान कार्ड का लाभ केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि कई बड़े प्राइवेट अस्पतालों में भी मिलता है। आपके आसपास कौन से अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं, यह जानने के लिए सबसे पहले बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा समिति की वेबसाइट shs.bihar.gov.in या PMJAY पोर्टल पर जाएं। यहां 'Find Empanelled Hospitals' (अस्पताल खोजें) सेक्शन पर क्लिक करें। अपना राज्य, जिला, अस्पताल का प्रकार (Public/Private) और बीमारी का विभाग (Specialty) चुनें। सर्च करते ही योजना से जुड़े सभी अस्पतालों की लिस्ट आपके सामने आ जाएगी।

राजस्थान सरकार की बड़ी बैठक, बजट घोषणाओं और केंद्र की योजनाओं को जल्द जमीन पर उतारने का प्लान

जयपुर  मुख्य सचिव  वी. निवास ने सरकारी व्यय की गुणवत्ता सुधारने और बजट राशि के बेहतर उपयोग से प्रदेश के विकास को गति देने पर जोर दिया। मंगलवार को शासन सचिवालय में वित्त व्यय विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने नीति आयोग की राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक संबंधी रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यय को तर्कसंगत बनाने के प्रयास और मजबूत किए जाएं। उपलब्ध संसाधनों का उपयोग प्राथमिकता वाले कार्यों में किया जाए, ताकि योजनाओं का बेहतर लाभ आमजन तक पहुंचे। मुख्य सचिव ने बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन घोषणाओं के प्रस्ताव वित्त विभाग को प्राप्त नहीं हुए हैं, उनकी संबंधित विभागों के शासन सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए। प्रस्ताव शीघ्र भिजवाए जाएं और प्रगति से अवगत कराया जाए। उन्होंने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं की लंबित केंद्रीय सहायता और आगामी किस्तों की स्वीकृति के लिए संबंधित अतिरिक्त मुख्य सचिवों एवं प्रमुख शासन सचिवों को केंद्रीय मंत्रालयों से प्रभावी समन्वय करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन, विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए धनराशि प्राप्त करने के प्रयास तेज करने को कहा। इन योजनाओं से संबंधित राज्य स्तरीय समितियों की बैठकें भी समय पर आयोजित करने के निर्देश दिए।  निवास ने आर्थिक विकास को गति देने वाली प्रमुख परियोजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने जल संसाधन, सार्वजनिक निर्माण और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की प्रमुख परियोजनाओं को चिह्नित कर राज उन्नति पर सूचीबद्ध करने तथा उनकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा कर परियोजनाओं को निर्धारित अवधि में पूरा किया जाए। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, विद्युत अनुदान और कर्मचारी हितलाभों से संबंधित प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान मुख्य सचिव ने पेंशन भुगतान से जुड़ी समस्याओं और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के लंबित भुगतान के मामलों के समाधान पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को वित्त विभाग के साथ समन्वय और स्पष्ट संवाद रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रमुख शासन सचिव, वित्त  वैभव गालरिया ने बताया कि योजनाओं के बजट के उपयोग में पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ोतरी हुई है। 30 सितंबर, 2026 तक राज्य निधि और केंद्रीय सहायता सहित योजनाओं के कुल बजट का 41.16 प्रतिशत उपयोग किया गया है। शासन सचिव, वित्त (व्यय) डॉ. टीना सोनी एवं विशिष्ट शासन सचिव, वित्त (बजट) मती शिवांगी स्वर्णकार ने बजट घोषणाओं पर विभागों द्वारा की गई कार्रवाई और वित्तीय स्वीकृतियों की स्थिति प्रस्तुत की। बैठक में केंद्र प्रवर्तित योजनाओं में केंद्रीय सहायता की स्वीकृति तथा आगामी किस्तें प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जानकारी भी दी गयी। प्रस्तुतीकरण में राज्य की आय, योजनाओं एवं सेवाओं पर व्यय, बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूंजीगत व्यय और वेतन-पेंशन सहित प्रमुख व्यय मदों का विवरण रखा गया। बैठक में संयुक्त शासन सचिव, वित्त (व्यय-1) डॉ. भारती दीक्षित सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

बेतिया-गोरखपुर-कुशीनगर कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, गंडक पर बनेगा बिहार का सबसे बड़ा पुल

पटना बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा पर 2000 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा पुल बनाने का रास्ता जल्द ही साफ होने वाला है। गंडक नदी पर बनने वाले इस पुल की लागत लगभग 2000 करोड़ रुपये होगी। यह ब्रिज दोनों राज्यों को आपस में जोड़ेगा। इससे बिहार के बेतिया से यूपी के गोरखपुर एवं कुशीनगर की दूरी भी घट जाएगी। यह पुल नेशनल हाईवे (NH) 727 एए पर बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की वित्तीय स्वीकृति पिछले साल ही हे दी गई थी। अब केंद्रीय कैबिनेट से जल्द इसके निर्माण कार्य की मंजूरी मिलने की संभावना है। कैबिनेट मंजूरी का बीते एक साल से इंतजार किया जा रहा है। इस लंबित परियोजना को जल्द मंजूरी देने को लेकर बिहार के पथ निर्माण विभाग और केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय बीच बातचीत हुई है। इसकी वित्तीय स्वीकृति अक्टूबर 2025 में मिली थी। केंद्रीय कैबिनेट की मुहर लगने के बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बिहार का सबसे लंबा पुल होगा बेतिया में गंडक नदी पर बनने वाला यह पुल बिहार का सबसे लंबा ब्रिज होगा। इस पुल की लंबआई 12 किलोमीटर होगी। वहीं, अप्रोज रोड को जोड़कर इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 29.5 किलोमीटर होगी। सड़क सह पुल के निर्माण कार्य पर लगभग दो हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हैम मोड में होगा निर्माण इस पुल का निर्माण हैम मोड मॉडल (हाईब्रिड एन्युइटी मोड) में होना है। इसके तहत चयनित एजेंसी कुल लागत का 60 फीसदी खर्च खुद वहन करेगी, जबकि 40 प्रतिशत फंड केंद्र सरकार देगी। निर्माण एजेंसी को 15 सालों तक इस पुल और सड़क का रखरखाव भी करना होगा। निर्माण एजेंसी टोल टैक्स के जरिए अपनी लागत वसूलेगी। यूपी-बिहार के बीच आवागमन सुगम होगा इस पुल के बन जाने से उत्तर बिहार और यूपी के पूर्वांचल के बीच आवागमन सुगम हो जाएगा। बेतिया से गोरखपुर और कुशीनगर की दूरी भी घट जाएगी। पश्चिम चंपारण एवं पूर्वी चंपारण जिले के लोग यूपी तक आसानी से आवागमन कर सकेंगे। गोरखपुर, कुशीनगर, तमकुही राज और सेवराही जैसे इलाकों में आना-जाना आसान होगा। यह पुल बेतिया के मनुआपुल और कुशीनगर के तिवारीपट्टी सेवराही के बीच बनाया जाएगा।

बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन, 8-9 अक्टूबर को जगदलपुर में जुटेंगे देशभर के अधिकारी

बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन, 8 और 9 अक्टूबर को जगदलपुर में जुटेंगे देशभर के वरिष्ठ अधिकारी एम-पैक्स समितियों के गठन, डिजिटल सेवाओं, भंडारण और सहकारी बैंकिंग पर होगा मंथन उर्वरक वितरण और बहुराज्यीय सहकारिता पर भी चर्चा, छत्तीसगढ़ साझा करेगा अपनी उपलब्धियां रायपुर, बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा 8 और 9 अक्टूबर को जगदलपुर में आयोजित सम्मेलन में देशभर के वरिष्ठ अधिकारी ‘सहकार से समृद्धि’ की कार्ययोजना पर मंथन करेंगे। सम्मेलन भारत सरकार के सहकारिता विभाग के सचिव आशीष कुमार भूटानी की अध्यक्षता में होगा। इसमें अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के प्रबंध संचालक पंकज बंसल तथा भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव सिद्धार्थ जैन भी शामिल होंगे। सम्मेलन में मल्टीपर्पस प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (एम-पैक्स) और दुग्ध समितियों के गठन, एम-पैक्स कंप्यूटरीकरण, सहकारिता में डिजिटल तकनीक के उपयोग, भंडारण क्षमता के विस्तार और सहकारी बैंकिंग के सशक्तिकरण पर विशेष चर्चा होगी। एम-पैक्स से उर्वरक वितरण और बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं से समन्वय पर भी विचार कर अगले तीन महीनों की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। छत्तीसगढ़ के सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने बताया कि सम्मेलन में 15 राज्यों के सचिव और 14 राज्यों के सहकारी समितियों के पंजीयक भाग लेंगे। सम्मेलन में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों की आय और स्थानीय रोजगार को मजबूती देने पर जोर रहेगा। पहले दिन सहकारिता मंत्रालय की प्रमुख पहलों की समीक्षा की जाएगी। विभिन्न राज्य एम-पैक्स व दुग्ध समितियों के गठन, सदस्यता विस्तार, डिजिटल सेवाओं और ऋण उपलब्धता के अनुभव साझा करेंगे। विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना, कारोबार के विविधीकरण तथा प्राथमिक समितियों को राष्ट्रीय निर्यात, जैविक और बीज सहकारी संस्थाओं से जोड़ने पर भी चर्चा होगी। दूसरे दिन नाबार्ड और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम आगामी पांच वर्षों के वित्तीय सहयोग तथा राज्यवार लक्ष्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे। एम-पैक्स से उर्वरक व अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता और जिला स्तर के सफल सहकारी मॉडल साझा किए जाएंगे। अधिकारी बस्तर की एम-पैक्स, लघु वनोपज और जनजातीय सहकारी समितियों का भ्रमण भी करेंगे। नई समितियों और डिजिटल सेवाओं से बढ़ी पहुंच सचिव डॉ. प्रसन्ना ने बताया कि ‘सहकार से समृद्धि’ के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में 515 नए एम-पैक्स, 356 मत्स्य, 364 दुग्ध, 153 लघु वनोपज और 63 महिला बहुउद्देशीय सहकारी समितियां गठित की गई हैं। ‘सहकारिताओं में सहकार’ अभियान के तहत जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में 3.18 लाख नए कृषकों के खाते खोले गए हैं। एम-पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में परिवर्तित किया गया है। राज्य के 2,058 एम-पैक्स में उपलब्ध माइक्रो एटीएम से अब तक 324 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन हुए हैं। गोदाम निर्माण से बढ़ रही भंडारण क्षमता राज्य में एम-पैक्स के लिए 200 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाए जा रहे हैं। आरआईडीएफ योजना 2022 के तहत 725 एम-पैक्स में गोदामों का निर्माण किया गया है। वर्ष 2025 में जर्जर गोदाम वाले अथवा गोदाम विहीन 100 एम-पैक्स में गोदाम निर्माण की योजना स्वीकृत कर निर्माण एजेंसियां चयनित की गई हैं। नवगठित 515 एम-पैक्स में भी गोदाम निर्माण प्रस्तावित है। विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना के तहत राज्य के 46 एम-पैक्स चयनित हैं। इनमें 20 के लिए ऋण स्वीकृत हो चुका है, नौ को एएमआई सब्सिडी मिली है और छह में निर्माण शुरू हो गया है। राष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़ाव राज्य शासन ने उपार्जन के लिए एनसीसीएफ को 14 और नाफेड को 15 जिलों में एजेंसी नियुक्त किया है। एनसीसीएफ में राज्य के 2,058 और नाफेड में 412 एम-पैक्स का पंजीयन हुआ है। वहीं, 1,681 एम-पैक्स को राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति, 1,633 को राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति और 1,746 को भारतीय बीज सहकारी समिति की सदस्यता मिली है। एथेनॉल संयंत्रों से मूल्य संवर्धन और रोजगार को बढ़ावा कोंडागांव में 80 केएलपीडी क्षमता के एथेनॉल संयंत्र से स्थानीय मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन और रोजगार सृजन हो रहा है। भोरमदेव में पीपीपी मॉडल पर संचालित 80 केएलपीडी संयंत्र सहकारी शक्कर कारखाने को नियमित और बढ़ती आय प्रदान कर रहा है। पंडरिया, अंबिकापुर और बालोद में तीन और एथेनॉल संयंत्रों की स्थापना की प्रक्रिया जारी है। इनसे कृषि उपज के मूल्य संवर्धन, रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन में इन अनुभवों के आधार पर सहकारी समितियों की पहुंच, सेवाओं और कारोबार के विस्तार की आगामी दिशा पर विचार किया जाएगा।

राजस्थान के इन इलाकों में बरसेंगे बादल, बीकानेर-जोधपुर संभाग के लिए मौसम विभाग का अपडेट

जयपुर राजस्थान में मानसून की विदाई के बाद अक्टूबर में गर्मी बढ़ गई है। गर्मी के दौर के बीच मौसम विभाग ने फिर बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार 11 अक्टूबर को प्रदेश के बीकानेर और जोधपुर संभाग में हल्की बरसात की संभावना है। इससे पहले राजस्थान में पारे में वृद्धि देखी जा रही है। सोमवार 5 अक्टूबर को भी प्रदेश में ज्यादातर स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किए गए। अभी अधिकतम तापमान आगामी दिनों में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस और बढ़ने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। हालांकि कुछ स्थानों पर रात का यानि न्यूनतम तापमान सामान्य या उसके आस-पास रहने से रात के समय हल्की ठंडक का अहसास हुआ। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहेगा। बात करें अधिकतम तापमान की तो राजस्थान में 5 अक्टूबर को 8 स्थानों का अधिकतम तापमान 38 डिग्री से भी ऊपर दर्ज किया गया है। प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर का 39.7 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से भी 3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। वहीं चूरू का अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। बीकानेर 38.8, वनस्थली 38.6, जैसलमेर 38.5, फलोदी 38.4, बाड़मेर 38.1 और कोटा का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं फतेहपुर का 37.7, लूणकरनसर और अलवर का 37.6, जोधपुर शहर का 37.5, चित्तौड़गढ़ और संगरिया का 37.4, जयपुर और झुंझुनूं का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। राजस्थान के हिल स्टेशन माउंटआबू का भी अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। माउंट आबू का रहा सबसे कम न्यूनतम तापमान मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम ही नहीं न्यूनतम तापमान में भी वृद्धि देखी जा रही है। 5 अक्टूबर को प्रदेश में सबसे अधिक न्यूनतम तापमान फलोदी का 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस अधिक है। श्रीगंगानगर का 25.8, जोधपुर शहर और जालौर का 25.2, जयपुर का 25.1 और बीकानेर का 25 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस माउंटआबू का और इसके बाद 17.6 डिग्री सेल्सियस डबोक का रहा मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर का अपडेट मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार आज से राज्य में मौसम ड्राई रहेगा और धूप रहेगी। हालांकि तापमान में कोई खास परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा। दिन में अधिकांश शहरों का तापमान 30 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हो सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 25 डिग्री के बीच दर्ज होने की संभावना है।

एशियन गेम्स के गोल्ड से ICC अवॉर्ड तक चमके भारतीय सितारे, प्लेयर ऑफ द मंथ की लिस्ट में 4 नाम

नई दिल्ली एशियन गेम्स 2026 में भारत को गोल्ड मेडल दिलाने वाले खिलाड़ी आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीतने के प्रबल दावेदार बने हैं। भारत की महिला और पुरुष दोनों टीमों ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। इस दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंच अवॉर्ड की रेस में हैं। भारत के शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, श्री चरणी और शेफाली वर्मा इस अवॉर्ड को जीतने की रेस में शामिल हैं। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा और श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू भी इस अवॉर्ड को जीत सकती हैं। महिलाओं की शॉर्टलिस्ट में एशिया कप और एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन को शामिल किया गया है। अटापट्टू ने बल्ले और गेंद दोनों से असर डाला, जबकि शेफाली ने टॉप ऑर्डर में शानदार प्रदर्शन किया और विमेंस एशिया कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं। इस बीच, चरणी आईसीसी विमेंस टी20 बॉलिंग रैंकिंग में अब तक के सबसे ज्यादा रेटिंग पॉइंट्स तक पहुंचीं। पुरुषों में अभिषेक शर्मा ने चार टी20 में 229 रन बनाए, जिसमें अफगानिस्तान के खिलाफ रिकॉर्ड 30 गेंदों में सेंचुरी शामिल है, जबकि गिल ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ दो वनडे में 333 रन बनाए, जिसमें उनकी दूसरी डबल सेंचुरी भी शामिल है। रजा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिम्बाब्वे की घरेलू वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। अभिषेक शर्मा अभिषेक ने पिछले साल सितंबर में यह अवॉर्ड जीता था। उन्होंने भारत के किसी भी बैटर की तरफ से सबसे तेज टी20 सेंचुरी लगाई, जिससे उन्होंने 2017 में श्रीलंका के खिलाफ रोहित शर्मा के 35 गेंदों में शतक के रिकॉर्ड को बेहतर किया। फिरोजशाह कोटला में अफगानिस्तान के खिलाफ शर्मा की पारी आईसीसी के किसी भी फुल-मेंबर देश के किसी भी बैटर की सबसे तेज सेंचुरी भी थी। बाएं हाथ के इस ओपनर ने सीरीज के तीसरे मैच में 34 गेंदों में 108 रन बनाए। श्री चरणी चरणी को जून में भी इस अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था। उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और सितंबर महीने में सात टी20 मैचों में 3.30 के शानदार इकॉनमी रेट के साथ 18 विकेट लिए। एशियन गेम्स के फाइनल में 13 रन देकर दो विकेट लेने के बाद, उन्होंने आईसीसी विमेंस टी20 बॉलिंग रैंकिंग में अब तक के सबसे ज्यादा रेटिंग पॉइंट्स हासिल किए, जो 817 पॉइंट्स तक पहुंचे। शुभमन गिल इंडिया के कप्तान अपने पांचवें आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड के लिए लाइन में हैं। उन्होंने तिरुवनंतपुरम में वेस्ट इंडीज के खिलाफ पहले वनडे में 110 रन बनाए और फिर वनडे में अब तक का सबसे तेज दोहरा शतक लगाया। उनकी तूफानी 223 रन की पारी सिर्फ 133 गेंदों पर आई और उनकी टीम ने 8 विकेट बाकी रहते और 39 गेंदें बाकी रहते 406 रन का बड़ा टारगेट हासिल किया। शेफाली वर्मा इस ओपनर ने 184.61 के स्ट्राइक-रेट से कुल 360 रन बनाए और विमेंस एशिया कप में भारत के सफल कैंपेन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थीं। इस दौरान उन्होंने 6 विकेट भी लिए, जिससे भारत ने एशियन गेम्स में गोल्ड जीता, जहां उन्होंने सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 100 और श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 48 रन बनाए।

हाइवे पर ओवरस्पीडिंग करने वालों की बढ़ेगी मुश्किल, कैमरे-स्पीड गन से होगी निगरानी

बक्सर  जिले की सड़कों पर वाहन चलाने वाले लोगों के लिए यातायात नियमों की अनदेखी अब आसान नहीं होगी। खासकर खाली दिखने वाली सड़क पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों पर अब पुलिस की सीधी नजर रहेगी। जिले में पहली बार नियमित रूप से इस्तेमाल होने वाले प्रमुख मार्गों पर स्पीड गन से लैस तीन हाइवे पेट्रोलिंग वाहन तैनात किए गए हैं। इनकी मदद से वाहन को रोके बिना ही उसकी गति और अन्य यातायात नियमों की निगरानी की जा सकेगी और उल्लंघन मिलने पर चालान सीधे मोबाइल पर भेजा जा सकेगा। जिले के लोगों के लिए यह नया अनुभव होगा। एक स्पीड गन जिले में पहले से भी है, लेकिन उसका इस्तेमाल जिले की बाहरी सीमा से गुजरने वाले आरा-मोहनिया हाइवे पर होता है। अब जिले से गुजरने वाले सभी चार नेशनल हाइवे पर स्पीड गन की निगरानी होगी। इन वाहनों को डुमरांव-मलियाबाग पथ, बक्सर-आरा एनएच-922 और चौसा-मोहनिया उच्च पथ पर तैनात किया गया है। इससे इन मार्गों से रोजाना आवागमन करने वाले जिले के आम वाहन चालकों को अब गति सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा। अभी तक जिले में एक स्पीड गन उपलब्ध थी, लेकिन उसकी तैनाती आरा-मोहनिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिले की बाहरी सीमा के सीमित हिस्से में होती थी। नए वाहनों की तैनाती से पहली बार जिले के प्रमुख और नियमित रूप से इस्तेमाल होने वाले मार्गों पर स्पीड निगरानी का दायरा बढ़ेगा। खाली सड़क देखकर बढ़ाई रफ्तार, तो मोबाइल पर आएगा चालान हाइवे पर अधिकतम अनुमत गति कई हिस्सों में 80 या 100 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है, लेकिन बस्तियों, विद्यालयों, बाजारों और आरओबी के आसपास निर्धारित गति इससे काफी कम रहती है। ऐसे स्थानों पर 30, 40, 50 या 60 किमी प्रति घंटा की सीमा का पालन करना होता है। अक्सर सड़क खाली देखकर चालक इन संवेदनशील स्थानों पर भी रफ्तार बढ़ा देते हैं। अब स्पीड गन ऐसे वाहनों को चिह्नित कर सकेगी। यातायात डीएसपी संतोष कुमार के अनुसार, तीनों वाहनों में स्पीड गन के साथ जीपीएस और अन्य उपकरण लगे हैं। इनकी निगरानी जिला मुख्यालय के साथ यातायात मुख्यालय पटना से भी की जाएगी। कैमरे की जद में आने वाले वाहन की निगरानी के बाद नियम उल्लंघन पर चालान किया जा सकेगा। वाहन चालकों को चाहिए कि सड़क पर चलते समय गति सीमा वाले बोर्ड पर लगातार ध्यान रखें। हेलमेट-सीट बेल्ट और कागजात की भी होगी निगरानी नए वाहनों की निगरानी सिर्फ ओवरस्पीड तक सीमित नहीं रहेगी। बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और सही कागजात के वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यानी सड़क पर पुलिसकर्मी को देखकर ही हेलमेट या सीट बेल्ट लगाने की आदत अब काम नहीं आएगी। एनएच-922 पर तैनात वाहन बक्सर गोलंबर से आरा सीमा तक निगरानी करेगा। वाहनों में दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए स्ट्रेचर और आपात उपकरण भी उपलब्ध हैं। यातायात पुलिस को उम्मीद है कि नियमों के पालन से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और हेलमेट-सीट बेल्ट के इस्तेमाल से हादसों में जान जाने का जोखिम भी कम होगा।

PCB को लगा कमाई का झटका, घरेलू इंटरनेशनल मैचों के राइट्स के लिए मिली आधी कीमत

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट के लिए मैदान के बाहर से भी बुरी खबर आई है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को अपने घरेलू इंटरनेशनल मैचों के ब्रॉडकास्टिंग राइट्स रिजर्व प्राइस से करीब आधी कीमत में बेचने पड़े हैं. 60 करोड़ पाकिस्तानी रुपये के रिजर्व प्राइस के मुकाबले सिर्फ 35 करोड़ रुपये की बोली आई और राज्य प्रसारक पाकिस्तान टेलीविजन कॉरपोरेशन (PTV) अकेला बोलीदाता रहा. PCB ने हाल ही में 25 घरेलू इंटरनेशनल मैचों के ब्रॉडकास्टिंग राइट्स के लिए टेंडर जारी किया था. बोर्ड ने इन राइट्स के लिए 600 मिलियन पाकिस्तानी रुपये का रिजर्व प्राइस तय किया था, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में किसी कंसोर्टियम को बोली लगाने की इजाजत नहीं दी गई. नतीजा यह रहा कि बाजार में मौजूद संभावित खरीदारों की संख्या बेहद सीमित रह गई. 60 करोड़ की उम्मीद, 35 करोड़ में सौदा एक विश्वसनीय सूत्र के मुताबिक PTV ने 350 मिलियन पाकिस्तानी रुपये की बोली लगाई, जो PCB के तय रिजर्व प्राइस से काफी कम थी. इसके बावजूद PTV अकेला बोलीदाता होने के कारण राइट्स हासिल करने में सफल रहा. इस समझौते में पाकिस्तान के 25 घरेलू इंटरनेशनल मैच शामिल हैं. इनमें पांच टेस्ट, 14 वनडे और छह टी20 इंटरनेशनल मुकाबले हैं. पाकिस्तान को इस महीने श्रीलंका के खिलाफ तीन टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने हैं. इसके बाद इंग्लैंड के साथ सात मैचों की त्रिकोणीय वनडे सीरीज प्रस्तावित है. अगले महीने श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैच भी खेले जाने हैं. ब्रॉडकास्टर्स क्यों हुए दूर? PCB के सामने सबसे बड़ी परेशानी सिर्फ कम बोली नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम के हालिया प्रदर्शन ने भी ब्रॉडकास्टिंग बाजार को प्रभावित किया है. सूत्र का कहना है कि टीम के प्रदर्शन के उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने से स्पॉन्सर्स और विज्ञापनदाता फिलहाल पाकिस्तान क्रिकेट से दूरी बनाए हुए हैं. यानी मैदान पर खराब प्रदर्शन का असर अब सीधे क्रिकेट की कमाई पर दिखाई देने लगा है. इसके अलावा पुराने ब्रॉडकास्टिंग सौदों का बकाया भी PCB के लिए बड़ी समस्या बन गया है.कम से कम तीन ब्रॉडकास्टर्स पर पिछले समझौतों का पैसा अभी बाकी बताया जा रहा है.ये कंपनियां पहले कंसोर्टियम के जरिए पाकिस्तान क्रिकेट के राइट्स हासिल करती रही हैं. दिलचस्प बात यह है कि इन कंपनियों को इस बार बोली प्रक्रिया से बाहर नहीं किया गया था.उन्होंने खुद ही टेंडर में हिस्सा नहीं लिया.पाकिस्तान क्रिकेट के राइट्स खरीदने वाली एक प्रमुख कंपनी ने भी इस बार कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. PSL में भी नहीं मिला था मनमाफिक रिस्पॉन्स PCB के लिए परेशानी सिर्फ इंटरनेशनल क्रिकेट तक सीमित नहीं है.इस साल पाकिस्तान सुपर लीग के 11वें सीजन के ब्रॉडकास्टिंग राइट्स को लेकर भी बोर्ड को उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी. PSL में दो नई टीमों के जुड़ने के बावजूद ब्रॉडकास्टिंग राइट्स के लिए बाजार में वैसा उत्साह नहीं दिखा, जिसकी PCB को उम्मीद थी.पिछले साल के PSL राइट्स खरीदने वाला एक ब्रॉडकास्टर अब भी बोर्ड का अरबों पाकिस्तानी रुपये बकाया है. अगले राइट्स पर भी सवाल मौजूदा समझौते में जनवरी 2027 में आयरलैंड के खिलाफ तीन टी20 इंटरनेशनल और उसके बाद आयरलैंड तथा जिम्बाब्वे के साथ सात मैचों की त्रिकोणीय सीरीज भी शामिल है. हालांकि जिम्बाब्वे ने अपने क्रिकेट बोर्ड से जुड़े अंदरूनी मसलों के कारण पाकिस्तान दौरे पर जाने में असमर्थता जताई है. ऐसे में PCB के सामने चुनौती सिर्फ राइट्स बेचने की नहीं, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट के लिए ब्रॉडकास्टर्स, स्पॉन्सर्स और विज्ञापनदाताओं का भरोसा दोबारा हासिल करने की भी है. 60 करोड़ का रिजर्व प्राइस और सिर्फ 35 करोड़ की बोली का यह अंतर पाकिस्तान क्रिकेट के मौजूदा कमर्शियल हालात की तस्वीर जरूर दिखाता है.