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डब्ल्यूएफआई विवाद के बीच विनेश फोगाट मामला कोर्ट में, नोटिस पर 6 जुलाई तक फैसला

 नई दिल्ली  दिल्ली हाईकोर्ट ने एशियन गेम्स चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की मांग को लेकर पहलवान विनेश फोगाट को तुरंत शामिल होने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने कहा कि दूसरे पक्ष (डब्ल्यूएफआई) को सुने बिना उन्हें 30 और 31 मई को होने वाले ट्रायल में भाग लेने की अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती। न्यायमूर्ति ने मामले की सुनवाई करते हुए डब्ल्यूएफआई और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। डब्ल्यूएफआई को मिले निर्देश अदालत ने डब्ल्यूएफआई को निर्देश दिया कि विनेश को जारी कारण बताओ नोटिस पर छह जुलाई तक निर्णय लेकर उसे रिकार्ड पर पेश किया जाए। कोर्ट ने विनेश को कारण बताओ नोटिस का विस्तृत जवाब दाखिल करने की भी अनुमति दी। सुनवाई के दौरान विनेश की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मातृत्व अवकाश पर गई महिला खिलाड़ियों की रैंकिंग और स्थिति सुरक्षित रखी जाती है, लेकिन डब्ल्यूएफआई की नई नीति के तहत उन्हें ट्रायल से बाहर कर दिया गया। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि विनेश को एशियन गेम्स ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी जाए। इस पर अदालत ने कहा कि आपको पहले ही अयोग्य घोषित किया जा चुका है। दूसरे पक्ष को सुने बिना अदालत ऐसी राहत कैसे दे सकती है, मामले में प्रतिस्पर्धी हित हैं। एक तरफ आपका पक्ष है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय हित भी जुड़ा हुआ है। जो दिख रहा है उससे कहीं अधिक है विनेश की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि नौ मई को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और अगले ही दिन गोंडा में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेने से रोक दिया गया। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि मामले में जो दिख रहा है, उससे कहीं अधिक है। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई छह जुलाई को तय की है। डब्ल्यूएफआई ने विनेश फोगाट को 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया है। डब्ल्यूएफआई का कहना है कि संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ियों पर एंटी-डोपिंग नियमों के तहत छह माह की अनिवार्य नोटिस अवधि लागू होती है। हालांकि, प्रतिबंध के बावजूद विनेश गोंडा में आयोजित नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में पहुंची थीं।

Moto Buds 2 भारत में लॉन्च: 2999 रुपये में 48 घंटे बैटरी और दमदार ANC फीचर्स

Motorola ने भारत में अपने नए TWS earbuds Moto Buds 2 लॉन्च कर दिए हैं. कंपनी ने इन्हें तीन आकर्षक Pantone-curated कलर ऑप्शंस में पेश किया है. Moto Buds 2 को भारत में Flipkart के जरिए खरीदा जा सकेगा. बैटरी की बात करें तो चार्जिंग केस के साथ ये कुल 48 घंटे तक का प्लेबैक देने का दावा करते हैं. वहीं, हर ईयरबड में 62mAh की बैटरी दी गई है, जो अकेले एक बार चार्ज पर करीब 11 घंटे तक चल सकती है. आइए इसके अन्य फीचर्स और कीमत पर एक नजर डालते हैं. Moto Buds 2 की कीमत और उपलब्धता भारत में इसकी कीमत 2,999 रुपये रखी गई है. हालांकि यह लॉन्च के समय मिलने वाली प्रभावी (नेट इफेक्टिव) कीमत है. यानी असली रिटेल प्राइस इससे थोड़ा ज्यादा भी हो सकता है. ये नए ईयरबड्स 25 मई से बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे. आप इन्हें Flipkart के साथ-साथ Motorola India की ऑफिसियल वेबसाइट पर खरीद सकेंगे. कंपनी ने इन्हें तीन आकर्षक रंगों (Pantone Carbon, Pantone Gray Mist और Pantone Violet Ice) में पेश किया है. Moto Buds 2 के फीचर्स इनमें ड्यूल 11mm डायनामिक ड्राइवर्स दिए गए हैं, जिनके बारे में कंपनी का दावा है कि ये गहरा बास और ज्यादा क्लियर हाई नोट्स देते हैं. सिर्फ साउंड ही नहीं, ये TWS IP54 रेटिंग के साथ आते हैं, जिससे धूल और हल्की पानी की छींटों से भी सेफ्टी मिलती है. कनेक्टिविटी की बात करें, तो Moto Buds 2 में Bluetooth 6.0 सपोर्ट मिलता है. साथ ही ड्यूल कनेक्शन और ऑटो स्विचिंग फीचर भी है, यानी आप एक साथ दो डिवाइस से कनेक्ट कर सकते हैं और बिना झंझट के उनके बीच स्विच कर सकते हैं. इसके अलावा AAC, SBC, LHDC5 और LHDC4 जैसे ऑडियो कोडेक्स के साथ Hi-Res ऑडियो सपोर्ट भी मिलता है. इन ईयरबड्स में जेस्चर कंट्रोल मिलता है. यानी सिर्फ हल्के से टच या मूवमेंट से आप म्यूजिक प्ले या पॉज कर सकते हैं. खास बात यह है कि ये Moto AI सपोर्ट के साथ आते हैं, जो मोटोरोला के चुनिंदा डिवाइसेज के साथ मिलकर स्मार्ट एक्सपीरियंस देता है. कॉलिंग के लिए इसमें 6 माइक्रोफोन का सेटअप दिया गया है, जो High SNR के साथ आवाज को ज्यादा साफ रखने में मदद करता है. इसके अलावा, Dynamic Active Noise Cancellation (ANC) फीचर भी मौजूद है, जो कंपनी के मुताबिक आसपास के शोर को 55dB तक कम कर सकता है. हर ईयरबड में 62mAh की बैटरी दी गई है, जिसे लेकर कंपनी का दावा है कि एक बार फुल चार्ज करने पर ये करीब 11 घंटे तक चल सकते हैं. कंपनी के मुताबिक, केस के साथ मिलाकर Moto Buds 2 कुल 48 घंटे तक का इस्तेमाल ऑफर करते हैं. आसान शब्दों में कहें तो एक बार चार्ज करके कई दिनों तक आराम से काम चल सकता है.

Motorola ने लॉन्च किए Moto G37 और G37 Power: 20 हजार से कम में 5G स्मार्टफोन

अगर आप 20 हजार से कम बजट में लंबी बैटरी लाइफ और 5G कनेक्टिविटी वाला नया स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो Motorola ने भारतीय बाजार में अपने दो नए बजट मॉडल्स Moto G37 और Moto G37 Power लॉन्च कर दिए हैं.खासियत की बात करें, तो Moto G37 Power में बड़ी बैटरी दी गई है, जो लंबे समय तक इस्तेमाल का दावा करती है. वहीं दोनों फोन लेटेस्ट Android 16, 120Hz डिस्प्ले और MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर जैसे फीचर्स के साथ आते हैं. कंपनी ने इन स्मार्टफोन्स को खासतौर पर एंट्री-लेवल और बजट 5G यूजर्स को ध्यान में रखकर पेश किया है. Moto G37 सीरीज की कीमत Moto G37 को एक ही 4GB RAM + 64GB स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया गया है, जिसकी कीमत 13,999 रुपये है. Moto G37 Power दो वेरिएंट में लॉन्च हुआ है, जिसमें 4GB + 128GB वेरिएंट की कीमत 15,999 रुपये और 8GB + 128GB वेरिएंट की कीमत 18,999 रुपये है. दोनों मॉडल्स की बिक्री 25 मई दोपहर 12 बजे से शुरू होगी. ग्राहक इसे Flipkart से खरीद सकेंगे. डिस्प्ले और कलर ऑप्शन Motorola ने खासतौर पर पंच-होल डिस्प्ले पर जोर दिया है, क्योंकि इस प्राइस रेंज में कई स्मार्टफोन्स अब भी पुराने वॉटरड्रॉप नॉच डिजाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं. दोनों फोन में 6.6 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. साथ ही इसमें 1050 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस, 120Hz टच सैंपलिंग रेट और Corning Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन भी दिया गया है. इसके साथ Dolby Atmos सपोर्ट वाले स्टीरियो स्पीकर्स दिए गए हैं, जिससे वीडियो और गेमिंग का एक्सपीरियंस बेहतर होता है. Moto G37 और G37 Power को तीन कलर ऑप्शन Impenetrable Black, Capri Blue और Nautical Blue में पेश किया गया है. Capri Blue और Nautical Blue वेरिएंट्स में वीगन लेदर फिनिश मिलेगा, जबकि Impenetrable Black कलर PMMA फिनिश के साथ आता है, जो ज्यादा मजबूत माना जाता है. मजबूत बिल्ड और परफॉर्मेंस फोन IP64 रेटिंग और MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन के साथ आता है, जिससे यह हल्के झटकों, धूल और पानी की छींटों से सुरक्षित रहता है. परफॉर्मेंस के लिए, दोनों मॉडल्स में MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर दिया गया है. यह चिपसेट रोजमर्रा के इस्तेमाल और हल्की गेमिंग के लिए अच्छा माना जाता है. Moto G37 में 4GB LPDDR4x RAM और 64GB UFS 2.2 स्टोरेज मिलता है, जबकि Moto G37 Power में 8GB तक RAM और 128GB तक स्टोरेज दिया गया है. दोनों फोन RAM Boost फीचर के जरिए 12GB तक वर्चुअल RAM सपोर्ट करते हैं. साथ ही microSD कार्ड की मदद से स्टोरेज को 1TB तक बढ़ाया जा सकता है. दोनों मॉडल्स Android 16 पर काम करेंगे और कंपनी ने Android 17 अपडेट देने का वादा किया है. इसके अलावा तीन साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स भी मिलेंगे. कैमरा फीचर्स फोटोग्राफी के लिए, दोनों फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. इसमें 50MP प्राइमरी कैमरा और 2-in-1 लाइट सेंसर शामिल है. सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. बेहतर फोटोग्राफी के लिए इसमें Shot Optimisation और Auto Smile Capture जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं. बैटरी और चार्जिंग Moto G37 में 20W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 5200mAh की बैटरी दी गई है, जबकि Moto G37 Power की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7000mAh बैटरी है, जो 30W फास्ट चार्जिंग के साथ आती है. दोनों फोन 6W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग भी सपोर्ट करते हैं. कनेक्टिविटी फीचर्स दोनों स्मार्टफोन में 5G, 4G LTE, Wi-Fi 5, Bluetooth 5.4, GPS, USB Type-C पोर्ट और 3.5mm हेडफोन जैक जैसे फीचर्स मिलते हैं. सिक्योरिटी के लिए फोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है.

राजस्थानी खोबा रोटी: देसी घी से भरपूर कुरकुरी और हेल्दी पारंपरिक रेसिपी

रोटी भारतीय खाने का अहम हिस्सा है जो हर घर में लगभग रोज बनाई जाती है. आमतौर पर लोग गेहूं की नॉर्मल रोटी खाते है. लेकिन भारत में रोटियों की कई ऐसी अनगिनत वैराइटी हैं जो अपने स्वाद के लिए जानी जाती हैं. इन्हीं में से एक है राजस्थान की मशहूर खोबा रोटी जो खाने में टेस्टी होने के साथ-साथ काफी हेल्दी भी होती है. यह रोटी नॉर्मल रोटी से थोड़ी मोटी होती है और इसके ऊपर बने खूबसूरत डिजाइन इसे खास बनाते हैं. खास बात यह है कि इसे घर पर भी बहुत आसानी से बनाया जा सकता है. आइए जानते हैं कि घर पर आसानी से राजस्थानी खोबा रोटी कैसे बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 4 कप गेहूं का आटा ½ छोटा चम्मच सौंफ पाउडर ½ छोटा चम्मच अजवाइन ¼ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर ¼ कप घी (मोयन के लिए) नमक स्वादानुसार शुद्ध देसी घी (रोटी में भरने और सेकने के लिए) पानी जरूरत के मुताबिक खोबा रोटी बनाते कैसे हैं? खोबा रोटी बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में 4 कप गेहूं का आटा लें. इसमें सौंफ पाउडर, अजवाइन, नमक और हल्दी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें 1/4 कप घी का मोयन डालें और हाथों से अच्छे से मिक्स करें, ताकि घी आटे में अच्छी तरह मिल जाए.  इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम और लचीला आटा गूंथ लें. ध्यान रखें कि आटा न ज्यादा सख्त हो और न ही ज्यादा नरम. आटा तैयार होने के बाद इसे 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें, ताकि मसाले और घी अच्छी तरह सेट हो जाएं. अब आटे की एक बड़ी लोई लें और इसे मोटा बेलें. इसकी मोटाई लगभग आधा इंच रखें. बेलने के बाद चाकू या कांटे की मदद से रोटी पर हल्के-हल्के छेद कर दें. इससे रोटी अंदर तक अच्छी तरह पकती है और कुरकुरी बनती है.  अब तवे पर थोड़ा सा घी लगाकर रोटी डालें. जब रोटी एक तरफ से हल्की पक जाए तो इसे पलट दें. इसके बाद गैस कम कर दें और उंगलियों या चिमटा की मदद से रोटी की ऊपरी सतह पर छोटे-छोटे पिंच बनाते हुए पारंपरिक खोबा डिजाइन तैयार करें. ये डिजाइन रोटी को खास लुक देने के साथ घी को अंदर तक सोखने में भी मदद करती है. अब रोटी को दोनों तरफ से धीमी आंच पर सुनहरा और खस्ता होने तक सेंकें. चाहें तो पारंपरिक स्वाद के लिए इसे तवे से उतारकर सीधे गैस पर भी हल्का सा सेंक सकते हैं. रोटी तैयार होने के बाद इसके खोबों में ऊपर से देसी घी डालें, ताकि घी पूरी तरह अंदर तक चला जाए. अब गरमागरम खोबा रोटी तैयार है. इसे पंचमेल दाल, गट्टे की सब्जी, लहसुन की चटनी या फिर गुड़ और घी के साथ परोसें. इसका कुरकुरा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को बेहद पसंद आएगा.  

कोर कमेटी बैठक में MLC चुनाव पर मंथन, भाजपा ने 60-70 नामों पर की चर्चा

 पटना अगले महीने खाली हो रही विधान पार्षद की सीटों में से भाजपा की झोली में कम से कम चार आएंगी। इन सीटों पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर सोमवार को बिहार भाजपा की कोर कमेटी की बैठक हुई। प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। लगभग घंटे भर चली बैठक में सांगठनिक गतिविधियों पर चर्चा हुई। हर दो महीने पर होने वाली कोर कमेटी की बैठक में विधान पार्षद के संभावित उम्मीदवारों पर मंथन हुआ। बैठक में यह बात आई कि रिक्त हो रही नौ विप सीटों में भाजपा को चार, जदयू को तीन, लोजपाआर को एक और विपक्ष के हिस्से में एक सीट आएगी। भाजपा के खाते में आने वाली चार सीटों पर पार्टी नेताओं ने लगभग 60-70 नामों पर मंथन किया। हालांकि किसी भी नाम पर अंतिम सहमति नहीं बनी। पार्टी की परिपाटी के अनुसार एक सीट के लिए तीन उम्मीदवारों के नाम भेजे जाएंगे। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व के स्तर पर ही लिया जाएगा। वहीं प्रदेश भाजपा कमेटी का गठन होना है। कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश कमेटी में शामिल होने वाले पदाधिकारियों के नामों पर भी मंथन हुआ। पीएम नरेन्द्र मोदी को देश की गद्दी संभाले हुए 12 साल होने को है। पार्टी की ओर से इस उपलक्ष्य में राज्यव्यापी कार्यक्रम चलाए जाएंगे। आने वाले दिनों में योग दिवस का भी आयोजन होना है। इस कार्यक्रम को लेकर भी पार्टी की ओर से जल्द ही कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर पार्टी का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। इसे मंडल स्तर तक किया जाना है। बैठक में प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी मंथन हुआ। बैठक में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल, सांसद राधामोहन सिंह, डॉ. संजय जायसवाल, पूर्व मंत्री मंगल पांडेय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र, प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, बिहार भाजपा सह प्रभारी दीपक प्रकाश मौजूद थे।

‘डॉक्टर’ बनकर चला रहा था फर्जीवाड़ा का धंधा, 12वीं पास आरोपी गिरफ्तार

कानपूर उत्तर प्रदेश के कानपुर में फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट तैयार करने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद जांच में एक के बाद एक चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं. फरवरी में पुलिस ने शहर में फर्जी मार्कशीट तैयार करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया था. अब इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस ने ऐसे सरगना को गिरफ्तार किया है, जो हैदराबाद से बैठकर बड़े पैमाने पर इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था. 12वीं पास था 'डॉक्टर मनीष कुमार' पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीष कुमार के रूप में हुई है, जो खुद को 'डॉक्टर मनीष कुमार' बताता था, जबकि जांच में सामने आया कि उसकी शैक्षणिक योग्यता केवल 12वीं तक है. आरोप है कि वह 'ग्लोबल बुक ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड यूके लंदन' नाम से देश के अलग-अलग शहरों में कार्यक्रम आयोजित कर खुद की अलग पहचान बना रहा था. वह मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों में कई कार्यक्रम कर चुका था, जहां समाजसेवियों और अन्य लोगों को सम्मानित करने के नाम पर अपनी पहुंच और प्रभाव बढ़ा रहा था. फर्जी मार्कशीट गिरोह से संपर्क पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के मुताबिक, मनीष मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला था. बाद में वह बिहार में रहा और फिर हैदराबाद जाकर कंपनी और कॉल सेंटर संचालित करने लगा. जांच में पता चला कि उसका संपर्क कानपुर में पकड़े गए फर्जी मार्कशीट गिरोह से था. पुलिस के अनुसार, मनीष ने 80 से अधिक फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट तैयार कर लोगों तक पहुंचाए थे. बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए दस्तावेज तैयार करने के बदले 80 से 90 हजार रुपये तक वसूले जाते थे. पुलिस का दावा है कि यह पूरा काम व्हाट्सएप के माध्यम से संचालित किया जाता था, जहां लोगों से डिटेल लेकर नकली दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते थे. देश के कई राज्यों तक फैला नेटवर्क जांच में यह भी सामने आया कि उन्नाव में अर्जुन यादव नाम के युवक को फ्रेंचाइजी दी गई थी, जो कोचिंग सेंटर संचालित करता था. पुलिस ने मनीष कुमार और अर्जुन यादव को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ के दौरान कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं. पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों तक फैला हुआ था और जांच अभी जारी है.

गर्मी में राहत देगा प्याज का ठंडा रायता, 5 मिनट में बनकर होगा तैयार

मई की इस झुलसाने वाली गर्मी और कड़कती धूप में दोपहर के वक्त कुछ भी भारी या मसालेदार खाने का मन नहीं करता. भारी खाना गैस की समस्या को भी दावत दे सकता है. ऐसे में दोपहर के लंच में सादे दाल-चावल या दाल-रोटी के साथ अगर कुछ ठंडा-ठंडा मिल जाए तो खाने का स्वाद और बढ़ जाता है. गर्मियों के इस हैवी लंच को लाइट और रिफ्रेशिंग बनाने का सबसे बेस्ट तरीका है प्याज का ठंडा-ठंडा रायता. दही की ठंडी तासीर पेट को अंदर से राहत देती है और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होने के कारण खाने को आसानी से पचाती है. वहीं दूसरी ओर प्याज को आयुर्वेद में लू से बचने का अच्छा तरीका माना जाता है. ऐसे में यहां हम आपको सिर्फ 5 मिनट में तैयार होने वाले इस प्याज के रायते की बेहद आसान और टेस्टी रेसिपी बता रहे हैं जो इस समर सीजन में आपको लू और डिहाइड्रेशन से कोसों दूर रखेगी. प्याज का रायता बनाने की सामग्री ताजा गाढ़ा दही – 2 कप प्याज – 1 बड़ा (बारीक कटा हुआ) हरी मिर्च – 1-2 (बारीक कटी हुई) पुदीने के पत्ते – 8-10 (बारीक कटे हुए) बारीक कटा हरा धनिया – 1 बड़ा चम्मच भुना जीरा पाउडर – 1 छोटा चम्मच काला नमक – आधा छोटा चम्मच सादा नमक – स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर या चाट मसाला – एक चुटकी (सजाने के लिए) बनाने का तरीका सबसे पहले एक बड़े मिक्सिंग बाउल में ताजा और गाढ़ा दही लें. व्हिस्कर या मथनी की मदद से दही को तब तक अच्छी तरह फेंटें जब तक कि वह एकदम स्मूद और मलाईदार न हो जाए. अगर दही बहुत ज्यादा गाढ़ा हो तो आप इसमें 2-3 चम्मच ठंडा पानी भी मिला सकते हैं. अब फेंटे हुए दही में बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया और पुदीने के पत्ते डालें. पुदीना डालने से रायते का स्वाद और इसकी कूलिंग प्रॉपर्टीज दोनों बढ़ जाती हैं. इसके बाद बाउल में भुना जीरा पाउडर, काला नमक और सादा नमक डालकर सभी चीजों को चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिक्स कर लें. तैयार रायते को कम से कम 15-20 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें ताकि यह एकदम चिल्ड हो जाए. सर्व करते समय ऊपर से एक चुटकी भुना जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर या चाट मसाला और पुदीने की पत्ती से गार्निश करें. इसे दोपहर के लंच में गरमा-गरम दाल-रोटी या बिरयानी के साथ ठंडा-ठंडा परोसें.

प्याज की बदबू से पाएं छुटकारा, सेब से लेकर नींबू तक ये तरीके आएंगे काम

 खाने में प्याज का इस्तेमाल स्वाद को दोगुना कर देता है. दूसरे मौसमों की अपेक्षा गर्मी के मौसम में प्याज की खपत अधिक होती है क्योंकि ये नेचुरल तरीके से शरीर को अंदर से ठंडा करने में मदद करती है. लेकिन प्याज खाने या काटने की सबसे बड़ी समस्या ये है कि उसमें काफी तेज बदबू आती है. दरअसल, प्याज काटने और खाने के बाद उसमें मौजूद सल्फर कंपाउंड्स मुंह के जरिए फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं, जिससे सांसों से लंबे समय तक स्मेल आती रहती है. हाथों से प्याज काटते वक्त यह स्मेल स्किन में समा जाती है जो साधारण साबुन से नहीं जाती. इसे दूर करने के लिए कुछ साइंटिफिक और घरेलू तरीके बेहद कारगर हैं.   सेब का कमाल हेल्थलाइन के मुताबिक, प्याज खाने के बाद अगर आप एक सेब खाते हैं तो यह काफी मददगार होता है. सेब में मौजूद नेचुरल एंजाइम्स प्याज के सल्फर कंपाउंड्स को ब्रेक करने का काम करते हैं. यदि आप प्याज खाने की थोड़ी देर बाद सेब जैसे फल का सेवन करते हैं तो सांसों की दुर्गंध को कम करने में मदद मिल सकती है. नींबू और साइट्रस फ्रूट्स केयर फ्री डेंटल के मुताबिक, हाथों की बदबू दूर करने के लिए नींबू का रस एक बेहतरीन ऑपशन है. नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड न केवल बैक्टीरिया को मारता है बल्कि प्याज की स्मेल को भी खत्म करता है. नींबू पानी से कुल्ला करना या हाथों पर इसे रगड़ना बदबू को तुरंत कम कर सकता है. ग्रीन टी का सेवन Vinmec Health की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीन टी में पॉलीफेनोल्स नाम के पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. ये कंपाउंड प्याज में मिलने वाले गंध पैदा करने वाले कंपाउंड्स को खत्म करने में मदद करते हैं. इसलिए खाने के बाद 1 कप गर्म ग्रीन टी पीने से मुंह की ताजगी बनी रहती है और बैक्टीरिया का असर कम होता है. स्टेनलेस स्टील और नमक क्या आप जानते हैं कि हाथों को स्टेनलेस स्टील पर रगड़ने से प्याज की गंध गायब हो जाती है. इसका कारण है कि स्टील के मॉलिक्यूल्स प्याज के सल्फर के साथ बाइंड होकर उसे स्किन से हटा देते हैं. साथ ही हाथों पर थोड़ा नमक रगड़कर धोने से भी स्मेल काफी हद तक कम हो जाती है. बेकिंग सोडा और विनेगर मुंह की स्मेल के लिए एप्पल साइडर विनेगर या बेकिंग सोडा का पानी से कुल्ला करना एक अच्छा उपाय है. यह मुंह के pH लेवल को बैलेंस करता है जिससे बैक्टीरिया नहीं पनपते. WebMD के मुताबिक, बेकिंग सोडा ओरल हाइजीन बनाए रखने और बदबू को कंट्रोल करने में काफी प्रभावी हो सकते हैं.

जिंदगी में बड़े बदलाव के संकेत: जब सब कुछ बिखरता लगे तो समझें कुछ अच्छा होने वाला है

 क्या आपको भी आजकल अपनी जिंदगी में सब कुछ बदला-बदला सा लग रहा है? कभी-कभी हमें लगता है कि चीजें बिगड़ रही हैं, लेकिन असल में वो एक बेहतर भविष्य की तैयारी होती है. अगर आप भी कुछ ऐसे ही संकेतों से गुजर रहे हैं, तो समझिए कि आपकी जिंदगी में जल्द ही कुछ बहुत बड़ा और अच्छा होने वाला है. यहां आसान संकेत दिए गए हैं जिनसे आप समझ सकते हैं कि आपकी जिंदगी में कुछ बड़ा होने वाला है. 1. पुरानी चीजों में मन न लगना कभी-कभी अचानक ऐसा लगता है कि जिन दोस्तों या आदतों के साथ आप खुश थे, अब उनके साथ आपका तालमेल नहीं बैठ रहा. इसका मतलब यह नहीं कि आप बुरे हो गए हैं, बल्कि इसका मतलब है कि आप अंदर से आगे बढ़ चुके हैं और अब आप कुछ नए की तलाश में हैं. 2. सब कुछ बिगड़ता हुआ दिखना जब आपको लगे कि आपके काम, रिश्ते या पैसा- सब कुछ बिखर रहा है, तो घबराएं नहीं. कभी-कभी पुरानी चीजें इसलिए खत्म हो जाती हैं ताकि उनकी जगह पर आप कुछ नया और बेहतर बना सकें. 3. अचानक बहुत अकेलापन महसूस होना जब आपको भीड़ में भी शांति या अकेलापन महसूस हो, तो समझ लें कि आप खुद को जानने की कोशिश कर रहे हैं. यह अकेलापन आपको कमजोर नहीं, बल्कि अंदर से मजबूत बनाने के लिए है, ताकि आप अपनी आवाज सुन सकें. 4. पुरानी गलतियां याद आना अचानक बीते समय की गलतियां बार-बार याद आने लगें, तो परेशान न हों. आपका दिमाग पुरानी बातों को साफ कर रहा है ताकि आप भविष्य में वे गलतियां न करें. यह आपको तैयार करने का एक तरीका है. 5. बिना किसी कारण घबराहट होना कभी-कभी सब कुछ ठीक होने के बावजूद मन बेचैन रहता है. यह इस बात का संकेत है कि आपकी जिंदगी में बदलाव की हवाएं चल रही हैं. जैसे तूफान से पहले शांति भंग होती है, वैसे ही बड़े बदलाव से पहले मन का बेचैन होना आम बात है.

वास्तु टिप्स: घर में लगाएं 7 दौड़ते घोड़ों की पेंटिंग, बदल सकती है किस्मत

हर कोई चाहता है कि उसका घर सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि से महकता रहे. इसके लिए लोग घर की सजावट से लेकर वास्तु के नियमों का खास ख्याल रखते हैं.  वास्तु शास्त्र में कई ऐसी चीजों का जिक्र है, जिन्हें घर में रखने या लगाने से सोई हुई किस्मत भी जाग उठती है. इन्हीं में से एक है—दौड़ते हुए 7 घोड़ों की पेंटिंग. वास्तु में घोड़ों को गति, शक्ति, सफलता और वफादारी का प्रतीक माना गया है.  वहीं, अंक ज्योतिष में 7 की संख्या को बेहद शुभ और सार्वभौमिक (Universal) माना जाता है (जैसे इंद्रधनुष के 7 रंग, सप्तऋषि और शादी के 7 फेरे).  मान्यता है कि घर या कार्यस्थल पर सही दिशा में लगी सात घोड़ों की तस्वीर आपकी रुकी हुई तरक्की को रफ्तार देती है.  आइए जानते हैं इस पेंटिंग को लगाने के अचूक फायदे, सही दिशा और कुछ जरूरी नियम. 1. जीवन में आती है रफ्तार और सकारात्मकता वास्तु विज्ञान के अनुसार, दौड़ते हुए घोड़े जीवन में गतिशीलता और प्रगति लाते हैं.  अगर आपके बनते हुए काम बिगड़ रहे हैं या करियर में ठहराव आ गया है, तो यह पेंटिंग घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को दूर कर सकारात्मकता का प्रवाह बढ़ाती है. यह आपके भीतर छिपे आलस्य को दूर कर लक्ष्यों के करीब लाता है. 2. पेंटिंग चुनते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान बाजार से कोई भी तस्वीर उठाने से पहले वास्तु के इन बारीक नियमों को नोट कर लें: घोड़ों का भाव: घोड़ों के चेहरे शांत और सौम्य दिखने चाहिए. कभी भी गुस्से में या आक्रामक रूप से दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर न लाएं. रंग का चुनाव: वास्तु में सफेद रंग के घोड़ों की पेंटिंग को सबसे उत्तम माना गया है.  सफेद रंग शांति, शुद्धता और मानसिक स्पष्टता का प्रतीक है. बैकग्राउंड : पेंटिंग के बैकग्राउंड में उगता हुआ सूर्य, शांत समंदर या खुला मैदान होना शुभ माना जाता है. कभी भी धूल, आंधी, तूफान या उजड़े हुए पहाड़ों वाले बैकग्राउंड की तस्वीर न खरीदें. छवि: ध्यान रहे कि तस्वीर में सभी 7 घोड़े पूरी तरह साफ दिखाई दे रहे हों. किसी भी घोड़े की पैर या पूंछ कटी हुई नहीं होनी चाहिए. 3. किस दिशा में लगाने से चमकेगी किस्मत? तस्वीर का पूरा लाभ तभी मिलता है जब उसे सही दीवार पर टांगा जाए: दक्षिण दिशा (South Wall): यदि आप समाज में नाम, शोहरत, प्रसिद्धि और करियर में सफलता चाहते हैं, तो इस पेंटिंग को दक्षिण दिशा की दीवार पर लगाएं. वास्तु में इसे सफलता की दिशा माना गया है. उत्तर दिशा (North Wall): अगर आप व्यापार में उन्नति, नई नौकरियों के अवसर और धन लाभ चाहते हैं, तो उत्तर दिशा की दीवार पर इसे लगाना अच्छा रहेगा. पूर्व दिशा (East Wall): जीवन में नई शुरुआत, मान-सम्मान और बच्चों की प्रगति के लिए इसे पूर्व दिशा की दीवार पर लगाया जा सकता है. दौड़ का रुख: सबसे जरूरी बात यह है कि घोड़ों के दौड़ने का रुख हमेशा घर के अंदर की तरफ होना चाहिए, बाहर की तरफ नहीं. अगर घोड़े बाहर की तरफ दौड़ते दिखेंगे, तो घर की लक्ष्मी और समृद्धि बाहर जा सकती है. 4. भूलकर भी इन जगहों पर न लगाएं तस्वीर इस पेंटिंग को कभी भी अपने शयनकक्ष (Bedroom) में न लगाएं. घोड़ों की तीव्र ऊर्जा से आपकी नींद प्रभावित हो सकती है और वैवाहिक जीवन में तनाव आ सकता है. घर के मुख्य द्वार (Main Gate) के ठीक सामने या खिड़की के पास इसे लगाने से बचें. पूजा घर (Temple), रसोई (Kitchen) और शौचालय (Bathroom) की दीवारों पर भी इस पेंटिंग को लगाना वर्जित माना गया है. फेंगशुई और चीनी वास्तु से कनेक्शन भारतीय वास्तु शास्त्र की तरह ही चीनी वास्तु विज्ञान यानी फेंगशुई (Feng Shui) में भी घोड़ों का बहुत बड़ा महत्व है. फेंगशुई के मुताबिक, घोड़े यांग (Yang) ऊर्जा यानी सक्रियता और अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं. चीनी मान्यता के अनुसार, 7 घोड़ों की तस्वीर को मुख्य रूप से लिविंग रूम या ऑफिस के रिसेप्शन पर लगाने से यांग ऊर्जा सक्रिय होती है, जिससे बिजनेस में आ रहे वित्तीय जोखिम (Financial Risks) कम होते हैं और टीम वर्क में मजबूती आती है.