samacharsecretary.com

वर्ल्ड हेरिटेज रूट पर नई तकनीक: 1927 की रेल कार में लगा एयर ब्रेक सिस्टम

कालका (पंचकूला)  वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल कालका शिमला रेल मार्ग पर चलने वाली रेल मोटर कार का सफर और सुहाना और सुरक्षित होने जा रहा हैं। इंग्लैंड से 1927 में आई रेल कार में लगने वाले वैक्यूम ब्रेक सिस्टम को रेलवे ने कहा बाय-बाय कह दिया है। अब एयर ब्रेक सिस्टम का प्रयोग किया है। इसके ट्रायल भी सफल हो गए हैं। बस अब इस रेल कार को चलाने के लिए रेल मंत्रालय की ओर से हरी झंडी का इंतजार हैं। पुराना ब्रेक सिस्टम आपात स्थिति में ज्यादा प्रभावी नहीं माना जाता था। रेलवे को नए प्रयोग की आवश्यता महसूस हुई। लंबे परीक्षण के बाद रेल कार में एयर ब्रेक सिस्टम को लगाया गया है, जोकि आपात स्थिति में ज्यादा प्रभारी होगी। इससे सैलानियों का सफर ज्यादा सुहाना होगा और सुरक्षित होगा। कालका-शिमला रेल मार्ग पर टाॅय ट्रेन की शुरुआत वर्ष 1903 में हुई थी और उस वक्त स्टीम इंजन इस ट्रेक पर चलते थे। टाॅय ट्रेन से शिमला तक पहुंचने में करीब साढ़े पांच घंटों का समय लगता है। अंग्रेजों ने इस मार्ग पर रेल सेवा को ज्यादा आरामदायक बनाने और समय की बचत के लिए वर्ष 1927 में रेल कार सेवा का प्रारंभ की थी। समय के साथ नैरो गेज पटरी पर रेल कार सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने लगी,जिससे रेल कार ने कम ही समय में देश और विदेशों में अपनी खास पहचान बनाई,जिसके चलते सैलानियों में रेल मोटर कार का जादू सिर चढ़कर बोलने लगा। रेल कार-टाॅय ट्रेन में अंतर टाॅय ट्रेन में छह डब्बे होते हैं। वर्तमान में रोजाना छह टाॅय ट्रेन कालका से शिमला जा रही है और उतनी ही वापस आ रही है। टाॅय ट्रेन शिमला तक जाने में 5.30 घंटे का समय लेती है। रेल कार में एक ही डिब्बा होता हैं। यानी ट्रेन ड्राइवर और यात्री एक साथ बैठते हैं। इसमें 12 व्यक्ति बैठ सकते हैं। ऑन डिमांड चलने वाली रेल कार चार घंटे में शिमला का सफर तय करती हैं। डेढ़ घंटे का समय बचता है। चार रेल मोटर कार वर्ष 1927 में शुरू हुई रेल कार सेवा अपनी तरह की एक खास सेवा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षो से यह रेलवे विभाग के लिए मानो मुसीबत भी बनी हुई है। रेल कार की रिपेयर के लिए पार्ट उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। तकनीकी खामियों के चलते रेल कार कार को ट्रैक पर चलाए रखना विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती है। रेलवे विभाग के पास फिलहाल चार रेल मोटर कार है, जिसमें दो की हालत ज्यादा ठीक नहीं मानी जा सकती है, जिससे रेल कार को रेगुलर चलाने की बजाय आन डिमांड ही चलाया जा रहा है।

बस्तर के विकास कार्यों में तेजी लाने की तैयारी, सड़क-पुल परियोजनाओं पर हुई अहम बैठक

बस्तर में सड़कों और पुलों के काम में आएगी तेजी, लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अधिकारियों व ठेकेदारों की ली बैठक  प्रगतिरत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश कहा ठेकेदारों को हर महीने करें भुगतान, गुणवत्ता सुनिश्चित करने कार्यों का बारीकी से निरीक्षण भी करें  रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज कोंडागांव में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर बीजापुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव में सड़कों और पुलों के निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इन कार्यों में तेजी लाते हुए दी गई समय-सीमा में काम पूरा करने को कहा। उन्होंने बरसात में सड़क संपर्क से कट जाने वाले गांवों के लिए बारहमासी सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए प्राथमिकता से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए। कोंडागांव की कलेक्टर सुनुपुर राशि पन्ना, वन मंडलाधिकारी श्रीमती दिव्या गौतम, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता भी एम.एल. उरांव और ज्ञानेश्वर कश्यप तथा अधीक्षण अभियंता संजय सूर्यवंशी सहित तीनों जिलों के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी और उप अभियंता भी बैठक में मौजूद थे। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने तीनों जिलों के विभागीय अधिकारियों को किसी भी ठेकेदार का भुगतान लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर हर महीने भुगतान करने को कहा। बंसल ने ठेकेदारों से कार्यस्थलों पर आ रही समस्याओं की जानकारी अधिकारियों से साझा करने को कहा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इन समस्याओं का त्वरित समाधान कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश ठेकेदारों को दिए। विभागीय सचिव ने बैठक में लोगों की जरूरतों और उपयोगिता के आधार पर नई सड़कों और पुलों के निर्माण के प्रस्ताव प्राथमिकता से भेजने के निर्देश दिए। बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद दूरस्थ और पहुंच विहीन गांवों में सड़कों व पुल-पुलियों के निर्माण तेजी से होने चाहिए। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल द्रुतगामी सड़कों के निर्माण के लिए 15 अगस्त तक इस्टीमेट भेजने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सभी अधिकारियों को भवन, सड़क एवं पुल के कार्यों और उनकी प्रगति की पूरी जानकारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए भवनों में अच्छी गुणवत्ता के खिड़की, दरवाजे, टाइल्स, सेनेटरी, नल और पेंट्स का उपयोग करने को कहा। उन्होंने केशकाल घाटी बायपास सड़क के कार्यों में तेजी लाने वन मंडलाधिकारी को जल्द से जल्द पेड़ों की कटाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  बंसल ने काम में ढिलाई बरतने वाले तथा गुणवत्ताहीन काम करने वाले ठेकेदारों के प्रति सख्ती करने को कहा। उन्होंने ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने, डिग्रेड करने तथा टर्मिनेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने मुख्यालयों में रहने, फील्ड का नियमित दौरा कर कार्यों का बारीकी से निरीक्षण करने तथा न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर शासन का जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने सर्किट हाउसों और विश्राम गृहों का अच्छा रखरखाव सुनिश्चित करने भी कहा। निर्माणाधीन खड़कघाट पुल के कार्यों का किया निरीक्षण लोक निर्माण विभाग के सचिव बंसल ने कोंडागांव में बैठक के बाद जगदलपुर में इंद्रावती नदी पर बन रहे खड़कघाट पुल के कार्यों का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 44 करोड़ से अधिक की लागत से इस उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है। बंसल ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और ठेकेदार को पुल का काम पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने को कहा। उन्होंने कार्यस्थल पर मशीनरी और मेन-पॉवर बढ़ाते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा।

मीटर पूरा, टंकी आधी! राजस्थान में पेट्रोल पंपों पर ‘साइलेंट स्कैम’ का खुलासा

जयपुर  अगर आप भी अपनी गाड़ी में ईंधन भरवाते समय केवल पेट्रोल पंप के मीटर पर '0' देखकर संतुष्ट हो जाते हैं, तो यह खबर आपकी आंखें खोलने के लिए काफी है। राजस्थान में एक ऐसे शातिर 'साइलेंट स्कैम' का भंडाफोड़ हुआ है, जहां स्क्रीन पर मीटर तो पूरा चल रहा था, लेकिन आपकी गाड़ी की टंकी में तेल कम भर रहा था। उपभोक्ता मामले विभाग की औचक छापेमारी में प्रदेश के 7 शहरों में चल रहे इस बड़े खेल का खुलासा हुआ है। विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश भर के 25 पेट्रोल पंपों के कुल 43 नोजल को तुरंत प्रभाव से जब्त कर सील कर दिया है। जानिए कैसे कट रही थी आपकी जेब? जांच में सामने आया कि ये पेट्रोल पंप संचालक आधुनिक तकनीक और नोजल में हेरफेर कर हर 5 लीटर की खरीद पर 30 से 60 मिलीलीटर तक कम ईंधन दे रहे थे। दिखने में 50 ML की यह मात्रा बहुत छोटी लगती है और आम जनता को इसका अहसास भी नहीं होता, लेकिन जब दिनभर में हजारों वाहन इन पंपों पर तेल भरवाते हैं, तो यह बूंद-बूंद की चोरी हर महीने लाखों रुपये के 'महा-डाके' में बदल जाती है। विभागीय आकलन के अनुसार, सिर्फ इन चिन्हित 25 पंपों के जरिए ही जनता की जेब से हर महीने करीब 4 लाख रुपये अतिरिक्त ऐंठे जा रहे थे। इन 7 शहरों के पेट्रोल पंप पर गिरी गाज सिरोही: यहां के 7 पेट्रोल पंपों (रामपीर, पवन, करणी, देवनगरी, पार्वती दरिया, सुरेन्द्र जितेन्द्र और भगवती फिलिंग) पर 40 से 50 ML की शॉर्ट डिलीवरी मिली। यहां जनता को हर महीने 1.14 लाख रुपये का चूना लग रहा था। नागौर (11 नोजल जब्त): 4 पेट्रोल पंपों (नंदलाल राजेश कुमार, गुलाबदास आत्माराम, मारवाड़ और आर एल सिहाग) पर हर महीने करीब 378 लीटर तक तेल कम देकर 97 हजार की चपत लगाई जा रही थी। अलवर (5 नोजल बंद): सिंघल और चौधरी सर्विस स्टेशन पर हर महीने 648 लीटर तक कम ईंधन तौला जा रहा था, जिससे 91 हजार रुपये से अधिक की धोखाधड़ी सामने आई है  पाली (5 नोजल बंद): मा आई जी, पूजा एचपी, पार्श्व एनर्जी और कछवा बस सर्विसेज पर जनता को 55 हजार रुपये से अधिक की चपत लग रही थी।  सीकर (4 नोजल बंद): सीएसआरबी फिलिंग स्टेशन (नायरा) पर हर महीने 216 लीटर तक शॉर्ट डिलीवरी पकड़ी गई। भीलवाड़ा (4 नोजल सील): दीपक पेट्रोलियम, शिव इंडियन ऑयल एवं श्री श्याम फिलिंग स्टेशन पर भी तेल कम देने का खेल पकड़ा गया। धोखाधड़ी करने वालों को मंत्री की सीधी चेतावनी इस बंपर कार्रवाई के बाद उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के अधिकारों और उनकी गाढ़ी कमाई के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि पेट्रोल पंपों पर यह औचक निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि जनता को इस धोखाधड़ी से पूरी तरह बचाया जा सके।

तलाक के बाद मौनी रॉय और सूरज नांबियार ने दी सफाई, एलिमनी और अफवाहें खारिज

मौनी रॉय और सूरज नांबियार की शादी टूट चुकी है. दोनों ने अपने तलाक को कंफर्म कर दिया है. लेकिन फिर भी उनके रिश्ते को लेकर अटकलें बंद नहीं हो रही हैं. कभी एलिमनी को लेकर बातें बन रही हैं. तो कभी दिशा पाटनी संग मौनी का नाम जोड़ा जा रहा है. इन अटकलों से तंग आकर मौनी और सूरज ने हेटर्स को करारा जवाब दिया है. सूरज-मौनी की सफाई एक्स कपल ने इंस्टा स्टोरी पर जॉइंट स्टेटमेंट शेयर कर लिखा- हमारे सेपरेशन को लेकर उड़ रहीं बेबुनियाद रिपोर्ट्स गलत हैं. ये मनगढ़ंत बातें हैं. इसे गलत इरादे के साथ सर्कुलेट किया जा रहा है. इसलिए इन सभी बातों पर विराम लगाने के लिए हम हमेशा के लिए फैक्ट्स सामने रख रहे हैं. हमारे बीच कोई एलिमनी नहीं शेयर की गई है. हमारे बीच कोई झगड़ा नहीं है. हमारी शादी टूटने के पीछे कोई तीसरी पार्टी इंवॉल्व नहीं है. ''मौनी और मैंने आपसी सहमती और रिस्पेक्ट के साथ अलग होने का फैसला किया है. इस फैसले में एक दूसरे की भलाई का ध्यान रखा गया है. बस यही सच है. इसके अलावा जो भी रिपोर्ट्स में शेयर किया जा रहा है वो फिक्शन है. दो लोगों का बदनाम करने के लिए ये सब जानबूझकर किया जा रहा है. जबकि हमने कुछ नहीं किया, बस अकेले छोड़ देने की अपील की. '' सूरज ने पोस्ट में बताया कि उन्हें और मौनी को लेकर हुआ कोई भी दावा सच नहीं है. तीसरे शख्स को लेकर कही गई बातें भी झूठी हैं. तीसरे इंसान को उनके रिश्ते के बीच लाना कूल नहीं है. उनके निर्दोष दोस्तों को इस केस में घसीटा जा रहा है. उन्होंने उनके तलाक की कवरेज करने वाली रिपोर्ट्स से मर्यादा बरतने की अपील की है. सूरज ने मीडिया कंपनियों से कहा कि वो बिना वैरिफाई किए कोई न्यूज ना पब्लिश करें. उन्होंने मौनी और अपने लिए प्राइवेसी मांगी. एक्स कपल ने 27 जनवरी 2022 को गोवा में ग्रैंड वेडिंग की थी. उनकी ये शादी बंगाली और मलयाली रीति-रिवाजों से हुई थी. मगर ये रिश्ता बस 4 साल ही चला. सूरज पेशे से बिजनेसमैन हैं. उनकी जोड़ी फैंस के बीच हिट थी. दोनों के तलाक की न्यूज ने फैंस को सबसे ज्यादा हैरान किया है.

मझिआंव मोड़ पर गंदगी फैलाने वालों पर सख्ती, एसडीएम ने शुरू की कार्रवाई

गढ़वा झारखंड में गढ़वा शहर के व्यस्त मझिआंव मोड़ क्षेत्र में सड़क किनारे खुले में मुर्गा काटने और गंदगी फैलाने वाले कारोबारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा हंटर चलाया है. सार्वजनिक स्थलों पर मांस, खून, हड्डी और पंख बिखेरकर स्वच्छता को प्रभावित करने संबंधी लगातार मिल रही जनशिकायतों के बाद, सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने सख्त रुख अख्तियार किया है. अवैध मांस दुकानों पर प्रशासन का एक्शन एसडीएम ने मझिआंव मोड़ पर अवैध रूप से दुकान चलाने वाले पांच दुकान मालिकों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 के तहत ‘पब्लिक न्यूसेंस’ (जनता को परेशानी पहुंचाना) की कार्रवाई शुरू कर दी है. इसके साथ ही इस मामले में ढिलाई बरतने को लेकर गढ़वा नगर परिषद से भी शो-कॉज की गई है. एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि इन अवैध मांस कारोबारियों को पूर्व में भी कई बार हिदायत और चेतावनी दी जा चुकी थी. इसके अलावा, नगर परिषद को भी लिखित रूप से आदेश दिया गया था कि वे नियमित निगरानी रखें और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित कराएं. इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और आम जनता की परेशानियां बढ़ती गईं, जिसके बाद प्रशासन को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा. पांच दुकानदारों को नोटिस, अन्य इलाकों में भी होगी कार्रवाई बताया गया कि पहले चरण में मझिआंव मोड़ के पास नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले जिन पांच दुकानदारों/मालिकों को नोटिस जारी कर पक्षकार बनाया गया है, उसमें अजय सिंह (पिता- सूर्यदेव सिंह),अनुरुल हक (पिता- ताजुद्दीन खां),फैजान खान (पिता- लुहू तारीक),इब्राहिम खान (पिता- उस्मान खान),कमलेश अग्रवाल का नाम शामिल हैं . एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि पशु-पक्षियों का वध करना और उनके अपशिष्ट को ऐसे ही फेंक देना आम लोगों के स्वास्थ्य और स्वच्छता के साथ खिलवाड़ है. वहां से गुजरने वाले राहगीरों को भयंकर बदबू और असहजता का सामना करना पड़ता है, जो सीधे तौर पर ‘पब्लिक न्यूसेंस’ का गंभीर मामला है. ऐसी ही सख्त कार्रवाई अनुमंडल के अन्य इलाकों में भी चलाई जाएगी. गंदगी और बदबू पर एसडीएम सख्त एसडीएम ने कहा कि शहर में स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल देना प्रशासन की प्राथमिकता है. अब न केवल मुर्गा, मछली और मांस के व्यवसायियों को निर्धारित मानकों और स्वच्छता नियमों का सख्ती से पालन करना होगा, बल्कि नगर निकाय (नगर परिषद) जैसी संस्थाओं को भी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी, वरना उनपर भी गाज गिरेगी.

फर्जी जॉइनिंग लेटर और ट्रेनिंग का खेल! BCCL भर्ती घोटाले में बड़ा खुलासा

डकरा  कोल इंडिया की सबसे पुरानी सब्सिडियरी बीसीसीएल धनबाद में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. डकरा, खलारी, पिपरवार, टंडवा, भुरकुंडा, हजारीबाग और बड़कागांव समेत कई इलाकों में सक्रिय एक संगठित गिरोह पर करीब 200 लोगों से लगभग 20 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है. मामले में खलारी थाना में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुटी है, जबकि आरोपियों ने अपने मोबाइल बंद कर लिए हैं. कांग्रेस नेत्री से 24 लाख की ठगी डकरा निवासी कांग्रेस नेत्री इंदिरा देवी ने 12 मई को खलारी थाना में लिखित शिकायत देकर बताया कि उनके बेटे मनीष कुमार, कुणाल कुमार और भतीजा कौशल प्रसाद को बीसीसीएल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 24 लाख रुपये ठग लिए गए. इंदिरा देवी के अनुसार, चूरी उत्तरी के पूर्व मुखिया संजय आइंद की पत्नी मीनाक्षी आइंद ने उन्हें बताया था कि उसकी दोनों बेटियां साक्षी और श्रेया बीसीसीएल में नौकरी कर रही हैं. यह नौकरी केडी खलारी निवासी और अशोका, पिपरवार में कार्यरत सीसीएल कर्मचारी अजय कुमार सिन्हा और दरहाटांड़ राय निवासी पवन कुमार ने लगवाई है. फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और मेडिकल जांच का खेल इंदिरा देवी ने बताया कि पवन कुमार ने खुद को बीसीसीएल में सेटिंग से नौकरी पाने वाला बताते हुए अपना कथित ज्वाइनिंग लेटर भी दिखाया. राजनीतिक परिवार से संबंध होने के कारण उन्होंने उस पर भरोसा कर लिया. पहले चेक के माध्यम से भुगतान करने की कोशिश हुई, लेकिन तकनीकी कारणों से पैसा नहीं निकल सका. इसके बाद पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी स्थित रॉयल पार्क अपार्टमेंट निवासी सागर चक्रवर्ती के शानवी इंटरप्राइजेज बैंक खाते में 24 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए. पैसा ट्रांसफर होने के बाद एक बॉन्ड पेपर तैयार किया गया, जिस पर संबंधित लोगों के हस्ताक्षर भी कराए गए. इसके बाद युवकों को धनबाद बुलाकर होटल में ठहराया गया और पीएमसीएच में रवि राय और मुकेश महतो द्वारा मेडिकल जांच कराई गई. उस समय वहां कई दूसरे युवकों की भी जांच चल रही थी. बायोमीट्रिक और ट्रेनिंग के नाम पर ठगी थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, दूसरी बार धनबाद बुलाकर लोदना एरिया के रेलवे साइडिंग में अनुप सरकार, विशाल सिंह और रवि राय द्वारा बायोमीट्रिक हस्ताक्षर और बीटीसी ट्रेनिंग की प्रक्रिया पूरी कराई गई. इसके बाद युवकों को एक सूची दिखाई गई, जिसमें लगभग 200 अभ्यर्थियों के नाम अलग-अलग एरिया में पोस्टिंग के साथ दर्ज थे. इसमें इंदिरा देवी के तीनों बच्चों के नाम भी शामिल थे. हालांकि, इसके बाद किसी को ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला और आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया. नेटवर्क मार्केटिंग की तरह चलाया गया गिरोह जांच में सामने आया है कि गिरोह ने पूरी ठगी को नेटवर्क मार्केटिंग मॉडल की तरह संचालित किया. इसके अलग-अलग चैनल बनाए गए थे. बताया जा रहा है कि एक चैनल सागर चक्रवर्ती और दूसरा मुस्तकीम अंसारी चला रहा था. सागर चक्रवर्ती के शानवी इंटरप्राइजेज बैंक खाते और मुस्तकीम के धनबाद स्थित एक टायर दुकान के खाते में पैसे जमा कराए गए. गिरोह में शामिल लोगों को पहले खुद नौकरी का लालच दिया गया. बाद में उनसे कहा गया कि वे नए कैंडिडेट जोड़ें, ताकि उनका काम बिना पैसे दिए हो जाए. इसी लालच में कई लोग खुद भी एजेंट बन गए. वे अपने रिश्तेदारों और परिचितों को फंसाने लगे. करोड़ों रुपये का हुआ लेनदेन सूत्रों के मुताबिक, पिपरवार के एक व्यक्ति ने विभिन्न लोगों से पैसे जुटाकर करीब पांच करोड़ रुपये गिरोह तक पहुंचाए. वहीं डकरा के एक सीसीएल कर्मचारी ने अपने रिश्तेदारों से 75 लाख रुपये इकट्ठा कर दिए. अब पैसे गंवाने वाले कई लोग मानसिक तनाव में हैं और सामाजिक बदनामी के डर से खुलकर सामने भी नहीं आ रहे हैं. धनबाद के सिजुआ से जुड़ रहे तार पीड़ितों के अनुसार, मुस्तकीम अंसारी धनबाद के सिजुआ का रहने वाला है. वह खुद को कांग्रेस और ट्रेड यूनियन नेता बताता था. वहीं, सागर चक्रवर्ती अपने आपको टीएमसी नेता बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था. मामले में संतोष सिंह, छोटेलाल राम, मुकेश महतो, विशाल कुमार, राजेश करमाली और करमा नामक लोगों की भी चर्चा हो रही है. पुलिस बोली- संपर्क से बाहर हैं आरोपी मामले की जांच कर रहे खलारी थाना के एसआई शंकर राम ने बताया कि पुलिस शुरुआती स्तर पर जांच कर रही है. कुछ लोगों को नोटिस भेजा गया है, लेकिन फिलहाल किसी आरोपी से संपर्क नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि इंदिरा देवी द्वारा भुगतान किए गए पैसों का सत्यापन कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.

बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक या बड़ा दांव? राजस्थान में तीन राज्यसभा सीटों पर सियासी घमासान

जयपुर राजस्थान की सियासत में एक बार फिर बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिल सकता है। आगामी जून महीने में होने वाले राज्यसभा की तीन सीटों के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने ऐसी बिसात बिछाई है, जिसने कांग्रेस खेमे में हलचल तेज कर दी है। शनिवार देर रात तक चली बीजेपी कोर कमेटी की मैराथन बैठक से छनकर जो खबर आ रही है, उसके मुताबिक बीजेपी विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल न होने के बावजूद तीनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। राज्यसभा में खाली हो रही इन नेताओं की सीटें गणित के हिसाब से बीजेपी केवल दो सीटें आसानी से जीत सकती है, लेकिन तीसरी सीट पर दांव खेलकर वह विपक्ष की घेराबंदी करने के मूड में है। हालांकि, आखिरी फैसला दिल्ली में बैठा आलाकमान ही करेगा। बता दें कि भाजपा सांसद राजेंद्र गहलोत और रवनीत सिंह बिट्टू का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। कांग्रेस सांसद नीरज डांगी की सीट पर भी चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। 'नारी शक्ति' को आगे कर मास्टरस्ट्रोक खेलने की तैयारी बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर लंबी माथापच्ची हुई। अंदरखाने से खबर है कि पार्टी इस बार 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का बड़ा संदेश देने के लिए किसी महिला चेहरे को राज्यसभा भेज सकती है। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने संकेत दिया कि राजस्थान से अब तक केवल नजमा हेप्तुल्ला ही बीजेपी की तरफ से राज्यसभा पहुंची हैं, ऐसे में इस बार किसी महिला को मौका मिलने की उम्मीद बेहद ज्यादा है। 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' पर भी मंथन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंत्रियों को आने वाले दिनों में जिला स्तर पर 'प्रवास' करने और संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, बीजेपी 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' के ढांचे के तहत आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को कराने की रणनीति पर भी विचार कर रही है। चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारी नितिन नवीन का भी जल्द ही राजस्थान का अचानक दौरा हो सकता है। साफ है कि बीजेपी इस बार राज्यसभा चुनाव को केवल औपचारिकता न मानकर, इसे एक बड़े सियासी रण की तरह लड़ रही है। NEET पेपर लीक और अपराध के आंकड़ों पर भी बनी रणनीति इस हाई-प्रोफाइल बैठक में सिर्फ चुनाव ही नहीं, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और हालिया विवादों पर भी गंभीर चर्चा हुई। बैठक में हाल ही की NCRB रिपोर्ट को लेकर चिंता जताई गई, जिसमें कथित तौर पर जयपुर को रेप केसों में शीर्ष पर बताया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे इस मुद्दे पर आक्रामक रहें और जनता के बीच जाकर कानून-व्यवस्था दुरुस्त करने का भरोसा दें। कांग्रेस को घेरने का प्लान देश भर में गरमाए NEET पेपर लीक मामले के राजनीतिक नफा-नुकसान पर भी मंथन हुआ। बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया विंग और नेताओं को साफ निर्देश दिए हैं कि वे विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय हुए पेपर लीक के मामलों को आक्रामक तरीके से उठाएं।  

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, मीरजापुर में सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी स्थापना को हरी झंडी

मीरजापुर में सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी की स्थापना को मिली मंजूरी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के अंतर्गत निजी क्षेत्र में “सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी, मीरजापुर” की स्थापना हेतु उसकी प्रायोजक संस्था को आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि वाराणसी स्थित एपेक्स वेलफेयर ट्रस्ट, जो बड़े अस्पतालों का संचालन करता है, अब शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रवेश कर रहा है। ट्रस्ट द्वारा मीरजापुर में सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया था, जिसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। इसी क्रम में कैबिनेट ने संस्थान को आशय पत्र जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रस्ताव के अनुसार मीरजापुर जनपद की चुनार तहसील के ग्राम समसपुर में लगभग 50.45 एकड़ भूमि पर इस निजी विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। यह विश्वविद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा। मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश में उच्च शिक्षा का तेजी से विस्तार होने के साथ उसकी गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अंग्रेजों के समय से लेकर वर्ष 2017 तक प्रदेश में केवल 14 सरकारी विश्वविद्यालय थे, जबकि वर्ष 2017 के बाद अब तक आठ नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं। इसी प्रकार निजी विश्वविद्यालयों की संख्या, जो लंबे समय तक 29 पर स्थिर थी, अब बढ़कर 52 हो गई है। मंत्री ने बताया कि आठ संस्थानों को लेटर ऑफ इंटेंट यानी आशय पत्र भी जारी किए जा चुके हैं।

ऑफिस के तनाव से हैं परेशान? अपनाएं ये आसान आदतें और रखें मेंटल हेल्थ फिट

 आज की इस बिजी लाइफस्टाइल में पर्सनल लाइफ के अलावा ऑफिस का स्ट्रेस होना भी सबसे बड़ी प्रॉब्लम्स में से एक बन गया है. हर समय काम का प्रेशर, समय पर अपने सारे टार्गेट्स अचीव करने की टेंशन और घंटों तक स्क्रीन की तरफ ही देखते रहना आपको मेंटली और फिजिकली दोनों ही तरीके से थका देता है. ऐसे में यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप इस स्ट्रेस को जितना जल्दी हो सके कम करने की कोशिश करें. अगर आप समय रहते इसे कम नहीं करते हैं, तो इसका सीधा असर आपके हेल्थ, नींद और रिश्तों पर पड़ता है. आज की इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी आसान आदतों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप काफी आसानी से ऑफिस के स्ट्रेस को कम कर सकते हैं. तो चलिए इन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं ताकि आपका मेंटल और फिजिकल हेल्थ एक बार फिर से सही ट्रैक पर वापस आ जाए. काम के बीच लें छोटे-छोटे ब्रेक जब आप घंटों तक एक ही जगह पर बैठकर एक ही तरह का काम करते रहते हैं, तो आपका दिमाग थकना शुरू हो जाता है और स्ट्रेस भी बढ़ने लगता है. अगर आप ऑफिस में बैठकर लगातार काम कर रहे हैं तो हर एक से दो घंटे के बीच एक बार कम से कम 10 मिनट का ब्रेक जरूर लें. इस समय अपनी सीट से उठ जाएं और थोड़ी देर टहलें, पानी पीएं या फिर खिड़की के पास खड़े होकर फ्रेश ऑक्सीजन लें. जब आप ऐसा करते हैं तो आपका दिमाग रिलैक्स हो जाता है और साथ ही दोबारा काम करने में आपका मन लगने लगता है. अपनी डेली रूटीन को रखें व्यवस्थित अक्सर हमारी यह आदत होती है कि हम एक ही समय में कई काम करने की कोशिश करते हैं. आपकी इस आदत की वजह से भी स्ट्रेस काफी ज्यादा बढ़ सकता है. स्ट्रेस से बचने के लिए सुबह सोकर उठते ही अपने सभी जरूरी कामों की लिस्ट तैयार कर लें और उन्हें प्रायोरिटी के हिसाब से सेट करके पूरा कर लें. जब सारे काम व्यवस्थित तरीके से होने लगते हैं, तो आपके दिमाग पर प्रेशर काफी कम पड़ता है और साथ ही आपकी समय भी बेकार की चीजों में बर्बाद नहीं होता है. हेल्दी डाइट और हाइड्रेशन का रखें ख्याल जब आप स्ट्रेस में होते हैं तो इसका काफी गहरा असर आपके खाने-पीने की आदत पर भी पड़ता है. कई लोग स्ट्रेस में होने की वजह से जंक फूड्स खाना शुरू कर देते हैं. इसकी वजह से आपका शरीर और भी ज्यादा सुस्त महसूस करने लगता है. जब आप ऑफिस में काम कर रहे हों तो हमेशा एक हेल्दी और लाइट डाइट ही लें. इसके अलावा फलों, ड्राई फ्रूट्स और सही मात्रा में पानी पीने की आदत को भी अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं. जब आपका शरीर हाइड्रेटेड रहेगा तो आपका दिमाग काफी ज्यादा बेहतर तरीके से काम करने लग जाएगा. स्मार्टफोन और स्क्रीन से बनाएं थोड़ी दूरी अगर आप ऑफिस के कामों को खत्म करने के बाद भी लगातार स्मार्टफोन और लैपटॉप में ही घुसे हुए रहते हैं, तो इसकी वजह से आपके दिमाग को आराम करने का बिलकुल भी समय नहीं मिलता है. कोशिश करें कि जब भी आपका काम खत्म हो जाए, तो कुछ देर के लिए स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसी चीजों से दूर रहें. आपके लिए बेहतर होगा कि आप अपने परिवार के साथ समयबिताएं , इस समय कोई किताब पढ़ें या फिर अपनी पसंद का कोई काम ही कर लें. जब आप ऐसा करते हैं तो आपका मेंटल स्ट्रेस देखते ही देखते खत्म होने लग जाता है. योगा और मेडिटेशन की ले सकते हैं मदद अगर आप वाकई में ऑफिस में होने वाली स्ट्रेस को कंट्रोल में रखना चाहते हैं, तो अपनी डेली रूटीन में योगा और मेडिटेशन को जरूर शामिल कर लें. जब आप हर दिन कम से कम 15 मिनट मेडिटेशन करना, गहरी सांसें लेना और एक्सरसाइज करना शुरू कर देंगे तो आपका मन काफी ज्यादा शांत रहने लग जाएगा. इससे आपका स्ट्रेस भी कम होगा और साथ ही गुस्सा भी कंट्रोल में रहने लगेगा. यह छोटा सा उपाय आपके कामों को करने की कैपसिटी को भी बढ़ा देता है.

IPL 2026: राजस्थान रॉयल्स का प्लेऑफ सफर मुश्किल में, LSG के खिलाफ जीत जरूरी

जयपुर राजस्थान रॉयल्स को अगर आईपीएल 2026 के प्लेऑफ में पहुंचने की अपनी धुंधली उम्मीदों को बरकरार रखना है तो उसे अपने दोनों आखिरी मुकाबले जीतने होंगे। टीम अपने पिछले तीनों मुकाबले हार चुकी है। अब उसका अगला मुकाबला मंगलवार को अपने होम ग्राउंड जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में लखनऊ सुपर जॉइंट्स के खिलाफ है। इस करो या मरो मैच में जीत हासिल करने के लिए उसे खेल के हर विभाग में सुधार करना होगा राजस्थान रॉयल्स इस सीजन में घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने में पूरी तरह नाकाम रही है। इस सीजन में उसने अपने होमग्राउंड में एक भी मैच नहीं जीता है। अब आईपीएल 2026 में जयपुर में होने वाला उसका आखिरी मैच उसके लिए करो या मरो जैसा बन गया है। राजस्थान रॉयल्स इसके बाद लीग चरण के अपने अंतिम मैच में 24 मई को मुंबई इंडियंस का सामना करेगी। राजस्थान रॉयल्स को रविवार यानी 17 मई को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ निचले क्रम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा उसकी फील्डिंग भी अच्छी नहीं रही थी। रॉयल्स की टीम अच्छी शुरुआत के लिए 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर काफी हद तक निर्भर रही है, लेकिन इस युवा खिलाड़ी को दूसरे छोर से यशस्वी जायसवाल से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला है। ध्रुव जुरेल ने कुछ शानदार पारियां खेली हैं, लेकिन पिछले मैच में उन्होंने कुछ धीमी पारी खेली जबकि दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे। कप्तान रियान पराग ने हाल के मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है। वह चाहेंगे कि उनकी टीम आखिरी पांच ओवरों में बल्लेबाजी में और अधिक सटीक प्रदर्शन करे। आईपीएल के मौजूदा सत्र में अधिकतर टीम की फील्डिंग अच्छी नहीं रही है और उन्होंने कई कैच छोड़े हैं। राजस्थान रॉयल्स भी इन टीमों में शामिल है जिसने कुछ अच्छे मौके गंवाए हैं। दिल्ली कैपिटल्स से मिली हार के बाद पराग ने टूर्नामेंट के अंतिम चरण में टीम के अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाने पर निराशा व्यक्त की थी। पराग ने कहा, ‘फील्डिंग खराब थी। अगर हम इसी तरह खेलते रहे तो हमें शीर्ष चार में जगह बनाने की दौड़ में नहीं होना चाहिए। अब अगर हम क्वालीफाई नहीं कर पाते हैं तो यह हमारी गलती होगी किसी और की नहीं।’ एलएसजी की टीम पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। वह अब बिना किसी दबाव के खेल रही है जिसका नमूना पिछले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के खिलाफ मिली जीत में देखने को मिला। उसे राजस्थान रॉयल्स के बाद अपने आखिरी लीग मैच में पंजाब किंग्स का सामना करना है। उसकी टीम इन दोनों टीमों के समीकरण बिगाड़ने के लिए प्रतिबद्ध होगी। बल्लेबाजी एलएसजी की सबसे कमजोर कड़ी रही है, लेकिन मिचेल मार्श ने सीएसके के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया जिससे टीम जीत हासिल करने में सफल रही। वह अपना इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखकर इस सत्र का सकारात्मक अंत करना चाहेगी। टीम इस प्रकार हैं: राजस्थान रॉयल्स: शुभम दुबे, शिमरोन हेटमायर, यशस्वी जयसवाल, ध्रुव जुरेल, लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, रियान पराग (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, क्वेना मफाका, संदीप शर्मा, रवि बिश्नोई, सुशांत मिश्रा, अमन राव पेराला, एडम मिल्ने, कुलदीप सेन, दासुन शनाका, युध्दवीर चरक, रवि सिंह, विग्नेश पुथुर, ब्रिजेश शर्मा। लखनऊ सुपर जॉइंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान), अब्दुल समद, आयुष बडोनी, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, हिम्मत सिंह, एडेन मार्क्रम, निकोलस पूरन, अर्शिन कुलकर्णी, मिचेल मार्श, शाहबाज़ अहमद, अवेश खान, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव, दिग्वेश सिंह राठी, मयंक प्रभु यादव, वानिंदु हसरंगा, एनरिक नोर्किया, जोश इंग्लिस, मोहसिन खान, नमन तिवारी, आकाश महाराज सिंह, मुकुल चौधरी, मणिमारन सिद्धार्थ, अर्जुन सचिन तेंदुलकर, अक्षत रघुवंशी। समय: मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा।