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मेट्रो और डीटीसी बस में सफर कर सीएम का संदेश, Delhi Metro से ईंधन बचाने की अपील

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार के ‘मेट्रो मंडे’ अभियान के तहत सोमवार को अपने दफ्तर जाने के लिए मेट्रो और डीटीसी बस में सफर किया। साथ ही उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और अधिकारियों ने भी सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल किया। दिल्ली सरकार ने कब की थी इसकी घोषणा दिल्ली सरकार ने पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए पिछले हफ्ते 90 दिवसीय ‘मेरा भारत मेरा योगदान’ अभियान की घोषणा की थी और कहा था कि हर सोमवार को मंत्री व अधिकारी ‘मेट्रो मंडे’ मनाएंगे और दफ्तर आने-जाने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करेंगे। इसी अभियान के तहत सोमवार को कई मंत्रियों और अधिकारियों ने दफ्तर पहुंचने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया। सीएम ने आईटीओ तक मेट्रो में किया सफर एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, सीएम रेखा गुप्ता राज निवास मार्ग पर स्थित अपने सरकारी आवास ‘जन सेवा सदन’ से लोक निवास में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के लिए पैदल पहुंचीं और इसके बाद मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक कार के माध्यम से कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन तक यात्रा की और वहां से आईटीओ मेट्रो स्टेशन तक दिल्ली मेट्रो सेवा का उपयोग किया। सीएम ने मेट्रो के बाद बस में किया सफर आईटीओ मेट्रो स्टेशन पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय स्थित अपने कार्यालय जाने के लिए डीटीसी की फीडर बस सेवा का उपयोग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री प्रवेश सिंह और रविन्द्र इंद्राज भी मौजूद थे। सीएम ने दिल्ली के लोगों से किया आग्रह सीएम रेखा गुप्ता ने आईटीओ मेट्रो स्टेशन पर पत्रकारों से कहा, “मैं दिल्ली के सभी निवासियों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आग्रह करती हूं जिससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि प्रदूषण और यातायात जाम से निपटने में भी मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और अंतिम छोर तक ‘कनेक्टिविटी’ की समस्याओं को दूर करने के लिए काम कर रही है।” मेट्रो मंडे पहल पर बोलीं सीएम रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री ने कहा, “‘मेट्रो मंडे’ के अंतर्गत जो आह्वान किया गया था, उसके तहत मैं, मेरे सभी साथी मंत्री, विधायक और अधिकारियों ने प्रयास किया है कि आज मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। इसी क्रम में आज हम भी मेट्रो से यहां पहुंचे हैं। यह देखकर प्रसन्नता हो रही है कि दिल्ली के बहुत सारे लोगों ने भी आज मेट्रो के माध्यम से यात्रा करने का निर्णय लिया है।” मंत्रियों ने मेट्रो में किया सफर उनके अलावा मंत्री आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा और पंकज सिंह ने भी अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने 'मेट्रो मंडे' के तहत दिल्ली मेट्रो से रामकृष्ण आश्रम मार्ग स्टेशन तक यात्रा की।  

40 डिग्री से अधिक तापमान में भी कलेसर बना वन्य जीवों का ठिकाना, पानी में ठंडक ढूंढ रहे हाथी

 छछरौली भीषण गर्मी के बीच कलेसर नेशनल पार्क वन्य जीवों के लिए राहत का बड़ा केंद्र बना हुआ है। 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के बीच जंगल में हाथियों के झुंड तालाबों और कीचड़ में घंटों अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। घने पेड़ों की छाया और प्राकृतिक जल स्रोतों के कारण कलेसर का वातावरण मैदानी क्षेत्रों की तुलना में ठंडा बना हुआ है। वन विभाग के अनुसार यहां का तापमान आसपास के इलाकों से करीब पांच डिग्री तक कम रहता है। हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमाओं से सटा कलेसर नेशनल पार्क करीब 25 हजार एकड़ क्षेत्र में फैला है। घने जंगल और हरियाली से भरपूर यह क्षेत्र हाथियों, तेंदुओं, हिरणों और कई अन्य वन्य जीवों का सुरक्षित आश्रय माना जाता है। जंगल में शाकाहारी जीवों के लिए हरी घास और वनस्पति पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जबकि मांसाहारी जीवों को भी यहां आसानी से शिकार मिल जाता है। जंगल में कई छायादार वृक्ष मौजूद जंगल में देवदार, शीशम, खैर, नीम, पीपल, बरगद और सागवान जैसे बड़े छायादार वृक्ष मौजूद हैं। लाल तालाब, बरसाती नदियां और प्राकृतिक पोखर गर्मी में वन्य जीवों के लिए सहारा बने हुए हैं। जानवर दिनभर यहां पानी पीने और शरीर को ठंडा रखने पहुंचते हैं। गर्मी के दिनों में हाथियों की गतिविधियां सबसे ज्यादा आकर्षित कर रही हैं। हाथी पानी में लंबे समय तक रहने के साथ अपने शरीर पर कीचड़ भी लगाते हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कीचड़ हाथियों को गर्मी और कीड़ों से बचाने में मदद करती है। कलेसर के पास स्थित हाथी पुनर्वास केंद्र में भी इन दिनों विशेष प्रबंध किए गए हैं। यहां लक्ष्मी वन, लक्ष्मी टू और चंचल नामक मादा हाथी दिनभर तालाबों में समय बिताकर गर्मी से राहत पा रही हैं। हाथियों को गन्ना, तरबूज, केला, ज्वार और शक्कर का शर्बत दिया जा रहा है ताकि उनके शरीर में पानी और ऊर्जा की कमी न हो। विभाग के कर्मचारी लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं। जंगल क्षेत्र में करीब 50 तेंदुओं की मौजूदगी भी बताई जाती है। कई बार तेंदुए जंगल से सटे खेतों और आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ानी पड़ती है। वहीं गर्मी बढ़ने पर विशालकाय अजगर भी यमुना नदी के किनारे मैदानी क्षेत्रों तक दिखाई देने लगते हैं। कलेसर पक्षियों और छोटे जीव-जंतुओं का भी बड़ा आवास है। यहां मोर, तीतर, जंगली मुर्गा, तोता, मैना और सारस जैसे पक्षी बड़ी संख्या में दिखाई देते हैं। जंगल के बाहरी हिस्सों में बंदर और भीतर के क्षेत्रों में लंगूरों के समूह देखे जा सकते हैं। वातावरण वन्य जीवों के लिए काफी सहायक वन एवं वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक लीलू राम ने बताया कि गर्मी के मौसम में जंगल के जल स्रोत और ठंडा वातावरण वन्य जीवों के लिए काफी सहायक साबित हो रहे हैं। कलेसर का प्राकृतिक ढांचा वन्य जीवन को सुरक्षित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।  

रेल कनेक्टिविटी को बढ़ावा, बगहा-पाटलिपुत्र इंटरसिटी में जोड़े गए चार अतिरिक्त कोच

पश्चिम चंपारण पश्चिम चम्पारणवासियों के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब क्षेत्र को दो नई ट्रेनों की सौगात मिली। नरकटियागंज जंक्शन से दरभंगा जंक्शन तथा सिकटा से मुजफ्फरपुर जंक्शन के लिए नई ट्रेनों का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, सांसद सुनील कुमार एवं सिकटा विधायक समृद्ध वर्मा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर ट्रेनों को रवाना किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि, रेल अधिकारी एवं रेल यात्री मौजूद रहे। नई ट्रेन सेवा शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी और उत्साह का माहौल देखा गया। सिकटा क्षेत्र को मिली बेहतर कनेक्टिविटी सिकटा विधायक समृद्ध वर्मा ने कहा कि सिकटा विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से बेहतर रेल कनेक्टिविटी से वंचित था। आज का दिन क्षेत्रवासियों के लिए बेहद खुशी और गौरव का दिन है। अगर यह ट्रेन सेवा पटना तक विस्तारित हो जाती, तो क्षेत्र के लोगों को और अधिक सुविधा मिलती, क्योंकि सिकटा विधानसभा क्षेत्र से पटना के लिए अब तक कोई सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने इस सौगात के लिए प्रधानमंत्री एवं रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया बगहा-पाटलिपुत्र इंटरसिटी में बढ़े चार कोच केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि नरकटियागंज से दरभंगा और सिकटा से मुजफ्फरपुर के लिए शुरू की गई ट्रेनें चम्पारणवासियों के लिए बड़ी सौगात हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बगहा से पाटलिपुत्र जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस में चार अतिरिक्त कोच भी जोड़े गए हैं। नरकटियागंज में बनेगा वाशिंग पिट केंद्रीय राज्य मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि नरकटियागंज में बहुत जल्द वाशिंग पिट का निर्माण कार्य शुरू होगा। रेलवे ने इसे वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वाशिंग पिट तैयार होने के बाद नरकटियागंज से दूर-दराज के शहरों के लिए नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता खुल जाएगा। शाम की ट्रेन सेवा शुरू कराने का आश्वासन नरकटियागंज से मुजफ्फरपुर के लिए शाम के समय कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं होने के कारण यात्रियों को हो रही परेशानी के सवाल पर मंत्री ने कहा कि रेलवे इस दिशा में भी प्रयास करेगा, ताकि शाम के समय भी पटना एवं मुजफ्फरपुर के लिए ट्रेन सेवा शुरू की जा सके। नई ट्रेन सेवाओं के शुभारंभ से चम्पारण क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।  

बिचौलियों की भूमिका खत्म, बिहार में 17.37 करोड़ लाभार्थियों को मिला डीबीटी का लाभ

 पटना  हर नई व्यवस्था को लेकर हीला-हुज्जत का एक दौर-सा चलता है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के साथ भी कुछ ऐसी ही स्थिति रही थी। चूंकि सरकार का स्पष्ट निर्देश था, लिहाजा कोताहियों के लिए गुंजाइश ही नहीं बची। अब नकदी अंतरण की इस व्यवस्था का प्रत्यक्ष लाभ दिखने लगा है। इसने बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त-सी कर दी है। परिणामस्वरूप अब जन-कल्याणकारी योजनाओं की पूरी रकम लाभुकों को मिल रही। पूर्वी चंपारण के बाद समस्तीपुर और मधुबनी मेंं सर्वाधिक राशि का वितरण रुपये में 85 पैसे इधर-उधर बंट जाने की नौबत ही नहीं रही। पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) में डीबीटी के जरिये बिहार के लिए केंद्र से 49622.73 करोड़ रुपये जारी हुए और सारी रकम लाभुकों के खाते में सीधे पहुंची। बिहार में डीबीटी लाभार्थियों की कुल संख्या 17.37 करोड़ है, जिनमें सर्वाधिक 87 लाख पूर्वी चंपारण जिला से हैं। डीबीटी मोदी सरकार की बेहतरीन उपलब्धियों मेंं से एक है। सत्ता के शुरुआती वर्षों में ही उन्होंने इस परिकल्पना को साकार किया था। 49622.73 करोड़ रुपये मिले बिहार को पिछले वित्तीय वर्ष में हालांकि, बिहार में उससे लगभग सात-आठ वर्ष पहले से कुछ योजनाओं में डीबीटी जैसी व्यवस्था थी। इंदिरा आवास, साइकिल और पोशाक योजना आदि की राशि सीधे लाभुकों के खाते मेंं भेजी जा रही थी। उसका क्रांतिकारी परिणाम सामने आया। बाद में यह व्यवस्था सर्वव्यापी हो गई और अब अनुदान या आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए इसे ही सर्वोत्तम उपाय माना जा रहा है। दरअसल, इसके कारण बिचौलियों के समाप्त होने से पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर रोक लगी है। मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है, लिहाजा धन का रिसाव बंद हुआ है। पूरे देश में बंटे 6.17 लाख करोड़ पहले योजनाओं की राशि नकद या चेक से बंटती थी, जिसमें धांधली की गुंजाइश रहती थी। अब डिजिटल माध्यम से पूरा पैसा तय समय पर सीधे लाभार्थी तक पहुंचता है। सरकारी योजनाओं का सटीक लाभ उठाने के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बैंक खाता आधार से लिंक हो। 328 योजनाओं में डीबीटी : अभी कुल 328 योजनाओं में केंद्र द्वारा डीबीटी की व्यवस्था है। इनके अंतर्गत 2025-26 में पूरे देश में 6.17 लाख करोड़ रुपये डीबीटी के जरिये लाभुकों के बैंक खाते में सीधे गए। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को बिहार से अधिक राशि मिली। इसका एक कारण लाभार्थियों की संख्या रही। दूसरा कारण, योजनाओं के लिए देय राशि में अंतर रहा। बिहार में सर्वाधिक राशि क्रमश: पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर और मधुबनी के लाभुकों को मिली है। देश में प्रमुख राज्यवार डीबीटी स्थिति राज्य     लाभार्थी (करोड़ में)     डीबीटी निधि (करोड़ रुपये में) बिहार        17.37                       49,622.73 मध्य प्रदेश     14.33              53,480.83 महाराष्ट्र         18.14              63,731.69 उत्तर प्रदेश     32.78             88,353.49 बिहार के प्रमुख जिलों का ब्योरा जिला       लाभार्थी (लाख में)     डीबीटी निधि (करोड़ रुपये में) पूर्वी चंपारण     87                             2,672.50 पटना            84                           1,985.86 मुजफ्फरपुर     81                          1,972.82 मधुबनी            78                           2,016.01 समस्तीपुर     75                          2,017.57 गया          68                         1,890.14 पश्चिम चंपारण 67                        1,893.59 दरभंगा            67                        1,546.75 वैशाली          60                        1,762.82 सारण         62                        1,789.18

गीडा क्षेत्र और बरहुआं चौराहे पर महीनों से जमा कचरा हटाया गया, सीएम के संज्ञान के बाद तेज हुई कार्रवाई

गोरखपुर यूपी के गोरखपुर में रविवार को हेलीकॉप्टर से जा रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नजर रविवार को कालेसर जीरो प्वाइंट चौराहा और गीडा क्षेत्र के बरहुआं चौराहे के पास महीनों से गिराए गए नगर निगम के कचरे के ढेर पर पड़ गई। मुख्यमंत्री ने इसका कड़ा संज्ञान लिया। उसके बाद नगर निगम ने छह बड़ी जेसीबी, तीन डीसीएम और छह डम्पर की मदद से बरहुआं चौराहे के आस-पास से कचरा जमुआड़ प्लाट पर निस्तारण के लिए भिजवाया। रविवार को मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी भाजपा के जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन के लिए पहुंचे। कार्यक्रम खत्म कर सड़क मार्ग से कालेसर जीरो प्वाइंट होते हुए गीडा ऑफिस के पास बने हैलीपेड से हेलिकॉप्टर से रवाना हुए। इस दौरान उनकी नजर कालेसर और बरहुआ सड़क किनारे पड़े कचरे के ढेर पर पड़ी। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उनकी नाराजगी के बाद वहां तुरंत डंपर भेजकर सफाई करवाई गई। मौके पर पहुंचे अपर नगर आयुक्त नगर आयुक्त अजय जैन के निर्देश पर अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार बरहुआं चौराहे पर पहुंचे और कचरा उठा कर तत्काल जमुआड़ प्लाट पर निस्तारण के लिए भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने हिन्दुस्तान को बताया कि सारा डम्प कचरा हटाया जा रहा है। मौके पर उपस्थित सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आनंद कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद कचरा हटा कर जमुआड़ भेजा जा रहा है। उधर मौके पर उपस्थित ग्राम प्रधान नागेंद्र कुमार यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया कि उनके निर्देश पर तीन माह से दिक्कत झेल रहे नागरिकों को राहत मिली है। नगर निगम का कचरा फ्रेश वेस्ट बायो ट्रामल प्लांट जमुआड में निस्तारित किया जाता है। लेकिन कुछ वाहन चालक इस कचरा को वहां ले जाने के बजाए बरहुआ पॉवर हाउस के आसपास सड़क के किनारे खाली गढ्ढों में पिछले तीन माह से डाल रहे थे। ग्राम प्रधान नागेंद्र कुमार यादव ने बताया कि शिकायत के बाद भी निगम ने कोई सुनवाई नहीं की। लेकिन रविवार को जब अचानक कचरा उठाने निगम की गाड़ियां पहुंचीं तो सभी हैरान रह गए। सीएम की सख्ती के बाद नगर निगम के इस कदम से स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली। सभी ने सीएम का आभार व्यक्त किया है। महापौर, डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने बरहुआं और कालेसर जीरो प्वाइंट पर गंदगी का स्वत: संज्ञान लिया था। कड़ी नाराजगी व्यक्त की। तत्काल दोनों स्थानों पर साफ सफाई कराई गई है। आगे ईधर-उधर कचरा न डाला जाए, इसका ध्यान रखा जाएगा।

रांची में ईंधन की भारी किल्लत: लंबी कतारें, सीमित पेट्रोल-डीजल और बढ़ी कालाबाजारी

 रांची शहर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत अब गंभीर रूप लेती जा रही है। रविवार को शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिली, जबकि करीब 60 प्रतिशत पेट्रोल पंप बंद रहे। हालात ऐसे हो गए कि कई पंपों पर उपभोक्ताओं को केवल 200 रुपये तक का पेट्रोल और अधिकतम 2000 रुपये तक का डीजल ही दिया गया। इससे आम लोगों के साथ-साथ व्यावसायिक वाहनों के चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं पेट्रोल पंप बंद होने के कारण शहर में बढ़ते पेट्रोल-डीज की कीमतों को लोगों में असर नहीं पड़ रहा है। लोग बढ़े हुए कीमत पर चर्चा तक नहीं कर रहे है पेट्रोल पंप संचालकों की बड़ी भूमिका वहीं ब्लैक में पेट्रोल चौक-चौराहों पर लगभग 115 से 120 रुपये लीटर बिक रहा है, जबकि रांची में पेट्रोल की कीमत 100.86 रुपये है। वहीं डीजल की कालाबाजारी औद्योगिक क्षेत्रों में जारी है, शहर में पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी को बढ़ावा देने में सबसे बड़ी भूमिका पेट्रोल पंप संचालकों की है। शहर के पेट्रोल पंप संचालक ही दलालों को डब्बा व गैलन में पेट्रोल-डीजल भर-भर कर दे रहे है। चौक-चौराहों पर खुलेआम ब्लैक में बिक रहा पेट्रोल शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर बोतलों और गैलनों में पेट्रोल-डीजल खुलेआम ब्लैक में बिकता नजर आया। कई जगहों पर सामान्य कीमत से अधिक दर पर ईंधन बेचा जा रहा है। ईंधन संकट का फायदा उठाकर कई लोग पेट्रोल और डीजल को पहले से जमा कर अब अधिक कीमत पर बेच रहे हैं। सामान्य दिनों में जहां पेट्रोल निर्धारित दर पर मिलता है, वहीं संकट के बीच बोतल में भरकर 20 से 40 रुपये प्रति लीटर तक अतिरिक्त वसूली की जा रही है। मजबूरी में लोग अधिक कीमत देकर भी पेट्रोल खरीदने को विवश हैं। इधर पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने बताया कि पेट्रोल डिपो से नहीं मिलने के कारण शहर में तेजी से अधिकांश पेट्रोल पंप ड्राई हो रहे है। दोपहर बाद सूने पड़ गए कई पेट्रोल पंप सुबह के समय शहर के कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ रही, लेकिन दोपहर बाद अधिकांश पंपों में या तो स्टॉक खत्म हो गया या फिर भीड़ कम हो गई। शाम होते-होते कई पंप निर्धारित समय से पहले ही बंद कर दिए गए। इससे देर शाम यात्रा करने वाले लोगों को और अधिक परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय दुकानदारों और वाहन चालकों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते कालाबाजारी पर रोक नहीं लगाता है तो स्थिति और बिगड़ सकती है। लोगों ने जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग से मांग की है कि पेट्रोल-डीजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।  

सुनील यादव का अलग अंदाज, घोड़े पर सवार होकर पहुंचे दफ्तर, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

 साहिबगंज पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट के बीच पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर अब छोटे शहरों और कस्बों तक दिखाई देने लगा है. झारखंड के साहिबगंज में सोमवार को एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली, जब जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव घोड़े पर सवार होकर सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे. उनके इस अलग अंदाज को देखकर कार्यालय परिसर में मौजूद लोग हैरान रह गए. देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई और हर कोई इस अनोखी पहल की चर्चा करने लगा. लग्जरी गाड़ियों के शौकीन हैं सुनील यादव जिला परिषद उपाध्यक्ष सुनील यादव जिले में अपने अलग और आकर्षक अंदाज के लिए पहले से चर्चित रहे हैं. आमतौर पर वे लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ नजर आते हैं. बताया जाता है कि उनके पास कई महंगी गाड़ियां हैं और वे अक्सर थार वाहन से चलते हैं. लेकिन सोमवार को उन्होंने पूरी तरह अलग संदेश देने की कोशिश की. चारपहिया या दोपहिया वाहन के बजाय वे घोड़े पर सवार होकर ब्लॉक कार्यालय पहुंचे. लोगों के लिए यह दृश्य बिल्कुल नया था, इसलिए आसपास के लोग मोबाइल निकालकर वीडियो और तस्वीरें बनाने लगे. पीएम मोदी की अपील से हुए प्रेरित सुनील यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल की बचत और ऊर्जा संरक्षण को लेकर दिए गए संदेश से प्रेरित होकर उन्होंने यह कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि देशहित में ईंधन की बचत करना आज समय की जरूरत बन गई है. लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल खपत न केवल आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है. देशहित की शुरुआत खुद से करनी होगी: सुनील यादव ब्लॉक परिसर में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सुनील यादव ने कहा कि अगर समाज में बदलाव लाना है तो उसकी शुरुआत खुद से करनी होगी. उन्होंने कहा कि उनका घोड़े पर सवार होकर कार्यालय पहुंचना केवल दिखावा नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी पहल मिलकर बड़े बदलाव का रास्ता तैयार करती हैं. यदि लोग अनावश्यक वाहन उपयोग कम करें और वैकल्पिक उपाय अपनाएं, तो इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी. सोशल मीडिया पर भी छाया मामला सुनील यादव ने अपनी इस पहल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किए. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि “जब देशहित की बात हो, तो पहल खुद से शुरू करनी चाहिए.” उनकी पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. कई लोगों ने इसे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में सकारात्मक कदम बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे अलग अंदाज में प्रचार पाने की कोशिश भी कहा. इलाके में चर्चा का विषय बनी पहल साहिबगंज में इस पहल की चर्चा सिर्फ प्रशासनिक हलकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम लोगों के बीच भी यह बड़ा विषय बन गया. जिले के कई लोग इसे एक प्रतीकात्मक संदेश मान रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा यदि इस तरह के संदेश दिए जाएं तो आम लोगों में भी जागरूकता बढ़ेगी. खासकर ऐसे समय में, जब ऊर्जा संकट और पर्यावरण संरक्षण वैश्विक मुद्दे बन चुके हैं. पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश सुनील यादव ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए अब हर व्यक्ति को जिम्मेदारी समझनी होगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां संभव हो, वहां सार्वजनिक परिवहन, साइकिल या अन्य वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें. उन्होंने कहा कि यदि आज से ही ईंधन बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की आदत विकसित की जाए, तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित भविष्य दिया जा सकता है. झारखंड और बिहार में भी हो रही चर्चा जिला परिषद उपाध्यक्ष की यह पहल अब साहिबगंज से निकलकर झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में चर्चा का विषय बन चुकी है. लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं, लेकिन इतना तय है कि इस कदम ने ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है.

झारखंड में बड़ी कार्रवाई, 220 लंबित वारंटों का हुआ निष्पादन

 रांची रांची पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत बीते दो दिनों में जिलेभर में व्यापक अभियान चलाकर 100 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 220 से ज्यादा लंबित वारंटों का निष्पादन किया गया। इसे रांची पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक माना जा रहा है। यह अभियान एसएसपी राकेश रंजन निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर, यातायात और ग्रामीण के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराध नियंत्रण, लंबित वारंटों के निष्पादन और संगठित अपराध पर प्रभावी कार्रवाई करना था। इसके लिए विशेष रणनीति तैयार की गई थी। देर रात तक चले इस अभियान में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने लगातार छापेमारी की। इस दौरान फरार अपराधियों, वारंटियों और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। कई ऐसे आरोपित भी पुलिस के हत्थे चढ़े, जो लंबे समय से फरार चल रहे थे और लगातार पुलिस को चकमा दे रहे थे। अपराधियों के संभावित ठिकानों पर एक साथ दबिश ऑपरेशन प्रहार में जिले के सभी पुलिस अधीक्षक, उपाधीक्षक, थाना प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभियान के दौरान कई संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई तथा अपराधियों के संभावित ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। रांची पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध और संगठित गिरोहों के खिलाफ आगे भी इसी तरह का अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि जिले में कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम हो सके।

पेट्रोल-डीजल खपत घटाने की मुहिम, पुलिस मुख्यालय ने जारी किए नए निर्देश

 नई दिल्ली  पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत और सरकारी खर्चों में कटौती को लेकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर कार्यालय की ओर से पेट्रोल-डीजल की कम खपत के लिए आदेश जारी किया गया है। जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में ईरान युद्ध के चलते मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और प्रधानमंत्री की ओर से ईंधन बचत की अपील का हवाला दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस की सभी यूनिट्स और कार्यालय की ओर से तुरंत ऐसे कदम उठाए जाएं, जिससे सरकारी वाहनों के अनावश्यक इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सके। आदेश में कहा गया है कि केवल जरूरी कार्यों में ही वाहन का इस्तेमाल करें। बाइक और सरकारी वाहनों की पूलिंग पर जोर दिल्ली पुलिस ने बाइक पूलिंग का निर्देश दिया है। इनका उपयोग भी केवल आवश्यक कार्यों तक सीमित रहे। इसके अलावा, एक ही कोर्ट, कार्यालय या गंतव्य तक जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से कारपूलिंग अपनाने के लिए कहा गया है। वर्चुअल मीटिंग और मेट्रो के इस्तेमाल को बढ़ावा आदेश में कहा गया है कि नियमित बैठकों, समन्वय बैठकों और समीक्षा कार्यक्रमों को अधिक से अधिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित किया जाए। जिन कार्यालयों के पास मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध है, वहां तैनात कर्मचारियों सार्वजनिक परिवहन का ही इस्तेमाल करें और ईंधन की बचत करें। VIP मूवमेंट और ईंधन खपत की निगरानी दिल्ली पुलिस ने VIP/VVIP काफिलों में वाहनों की संख्या कम से कम रखने को कहा है, ताकि सुरक्षा से समझौता किए बिना ईंधन की बचत हो सके। साथ ही सभी जिला DCP और यूनिट हेड्स को ईंधन खपत, वाहन लॉगबुक और उपयोग की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। असामान्य ईंधन खपत पाए जाने पर तुरंत जांच के लिए कहा गया है। वाहन मेंटेनेंस और खर्चों में कटौती पर फोकस आदेश में वाहनों की समय पर सर्विसिंग, टायर प्रेशर की जांच और ईंधन दक्षता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा घरेलू यात्रा खर्चों में कटौती, अनधिकृत या फालतू यात्राओं पर रोक और अलग-अलग कार्यों को एक ही दौरे में पूरा करने की सलाह दी गई है। मेड इन इंडिया और बिजली बचत पर भी निर्देश दिल्ली पुलिस ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी खरीद और निजी उपयोग में मेड इन इंडिया उत्पादों को प्राथमिकता देने को कहा है। वहीं बिजली बचत के तहत अतिरिक्त लाइट, पंखे और अन्य उपकरण बंद रखने तथा एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने के निर्देश दिए गए हैं यह आदेश डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) आलाप पटेल ने जारी किया गया है। सभी स्पेशल CP, जिला DCP और यूनिट प्रमुखों को निर्देशों का तात्काल पालन करने का आदेश दिया गया है।

राम चरण की ‘पेद्दी’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, 4 जून 2026 को होगी वर्ल्डवाइड रिलीज

बुची बाबू सना के निर्देशन में बनी 'पेद्दी' को 'वृद्दि सिनेमाज', 'माइथ्री मूवी मेकर्स' और 'आईवीवाई एंटरटेनमेंट' ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में राम चरण और जान्हवी कपूर लीड रोल में नजर आएंगे। फिल्म का ट्रेलर आखिरकार रिलीज कर दिया गया है। 'पेद्दी' का ग्रैंड प्रीमियर 3 जून को रखा गया है, जिसके बाद फिल्म 4 जून 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। 'पेद्दी' इस वक्त इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी और मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक बनी हुई है। फिल्म में राम चरण लीड रोल में नजर आएंगे, जबकि जान्हवी कपूर और जगपति बाबू भी अहम किरदारों में दिखाई देंगे। जैसे ही फिल्म के गाने, पोस्टर्स और ग्लिम्प्स सामने आए, वैसे ही 'पेद्दी' को लेकर जबरदस्त बज बन गया। अब मेकर्स ने मुंबई में एक ग्रैंड इवेंट के दौरान फिल्म का पावर-पैक्ड ट्रेलर लॉन्च कर दिया है, जिसने एक्साइटमेंट को और भी बढ़ा दिया है। 'पेद्दी' का ट्रेलर एक बड़े सिनेमैटिक स्पेक्टेकल की झलक देता है। इसमें इमोशन्स, एक्शन और देसी मिट्टी से जुड़ी कहानी देखने को मिलती है, जहां खेल लोगों की जिंदगी और कल्चर का अहम हिस्सा हैं। इससे पहले मेकर्स राम चरण के पेड्डी पहलवान और क्रिकेटर वाले लुक को रिवील कर चुके थे, लेकिन ट्रेलर में दर्शकों को उनका बिल्कुल नया अंदाज़ देखने मिला। ट्रेलर में राम चरण तीन अलग-अलग स्पोर्ट्स और तीन पूरी तरह अलग अवतारों में नजर आ रहे हैं, जिसने फैंस की एक्साइटमेंट को अगले लेवल पर पहुंचा दिया है एक्शन, इमोशन्स और दमदार मोमेंट्स से भरपूर पेड्डी का ट्रेलर एक जबरदस्त सिनेमैटिक रोलरकोस्टर का वादा करता है। जान्हवी कपूर, जगपति बाबू, दिव्येंदु शर्मा और सपोर्टिंग कास्ट ने भी अपने शानदार परफॉर्मेंस से गहरी छाप छोड़ी है। थिएट्रिकल रिलीज से पहले ही पेड्डी ने जबरदस्त असर दिखाना शुरू कर दिया है और हर मार्केट में फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट तेजी से बढ़ती नजर आ रही है। ओवरसीज में फिल्म का क्रेज साफ देखने मिल रहा है, जहां रिपोर्ट्स के मुताबिक, नॉर्थ अमेरिका में एडवांस बुकिंग खुलने के कुछ ही घंटों के अंदर 100K डॉलर का आंकड़ा पार हो गया, जो ऑडियंस के बीच बढ़ती डिमांड और एक्साइटमेंट को दिखाता है। फिल्म से सामने आए राम चरण के दमदार ट्रांसफॉर्मेशन्स भी फैंस के बीच बड़ा चर्चा का विषय बने हुए हैं। गांव के सिंपल क्रिकेटर से लेकर खतरनाक और दबंग 'पेद्दी' पहलवान तक, उनके अलग-अलग अवतार उनकी जबरदस्त वर्सेटिलिटी दिखाते हैं। वहीं ए.आर. रहमान का म्यूजिक भी फिल्म के क्रेज को अगले लेवल पर ले गया है। 'चिकिरी चिकिरी' ने 200 मिलियन व्यूज का शानदार आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि 'राई राई रा रा' को भी जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है और यह गाना यूट्यूब पर 68 मिलियन से ज्यादा व्यूज हासिल कर चुका है। हर नए अपडेट के साथ पेड्डी को लेकर एक्साइटमेंट लगातार बढ़ती जा रही है और फिल्म धीरे-धीरे साल के सबसे मोस्ट अवेटेड सिनेमैटिक इवेंट्स में शामिल होती नजर आ रही है। 'पेद्दी' को बुची बाबू सना ने लिखा और डायरेक्ट किया है। फिल्म में राम चरण लीड रोल में नजर आएंगे, जबकि शिवा राजकुमार, जान्हवी कपूर, दिव्येंदु शर्मा और जगपति बाबू भी अहम किरदार निभा रहे हैं। दमदार स्टारकास्ट फिल्म के स्केल और इम्पैक्ट को और बड़ा बनाती है। फिल्म को वेंकट सतीश किलारू ने वृद्दि सिनेमाज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है, वहीं माइथ्री मूवी मेकर्स, सुकुमार राइटिंग्स और आईवीवाई एंटरटेनमेंट इसके साथ जुड़े हैं। ईशान सक्सेना फिल्म के को-प्रोड्यूसर हैं। आईवीवाई एंटरटेनमेंट ने साल 2020 में शुरुआत की थी और कम समय में भारत की पॉपुलर प्रोडक्शन हाउस और फिल्म राइट्स एक्वायर्स में अपनी मजबूत पहचान बना ली है। कंपनी लगातार प्रीमियम आईपी और फिल्म राइट्स का बड़ा पोर्टफोलियो तैयार कर रही है और क्रिएटिव प्रोडक्शन हाउसेस के साथ मिलकर ऐसी फिल्में बना रही है जो दुनियाभर के दर्शकों से कनेक्ट करें। फिल्म की टेक्निकल टीम भी बेहद दमदार है। ए. आर. रहमान ने म्यूजिक दिया है, जबकि सिनेमैटोग्राफी आर. रत्नवेलु ने संभाली है। प्रोडक्शन डिजाइन अविनाश कोल्ला का है, एडिटिंग नवीन नूली ने की है और वी. वाई. प्रवीण कुमार एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। पेड्डी को नॉर्थ इंडिया में जियो स्टूडियोज रिलीज करेगा। धुरंधर, धुरंधर द रिवेंज और राजा शिवाजी की शानदार सफलता के बाद अब इस फिल्म को लेकर भी जबरदस्त उम्मीदें हैं। फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 3 जून 2026 को होगा, जबकि 4 जून 2026 को यह दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।