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आजीविका मिशन को लेकर मंत्री पटेल सख्त, बोले- योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन में लाएं सुधार

आजीविका मिशन अंतर्गत योजनाओं का वित्तीय प्रबंधन करें बेहतर : मंत्री पटेल संविदा कर्मियों के लिए समान कार्य-समान वेतन का हो निर्धारण, पदों का करे युक्तियुक्तकरण राज्य आजीविका मिशन फोरम की शासी निकाय की बैठक में मंत्री पटेल ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन फोरम की शासी निकाय की बैठक ली और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विगत बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए मंत्री पटेल ने आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों के एचआर मैनुअल पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग में 'समान कार्य के लिए समान वेतन' का निर्धारण किया जाए और आवश्यकतानुसार पदों का युक्तियुक्तकरण भी किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने योजनाओं के बेहतर वित्तीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की बात कही, जिससे क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध रहे और विभाग की देयताएं (लायबिलिटी) कम हो सकें। बैठक में मंत्री पटेल ने जनोपयोगी सुविधाओं के लिए वन भूमि के उपयोग की अनुमति देने वाले नए वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप एफआरए लैंड डायवर्शन' की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पारदर्शी, सुगम और त्वरित प्रक्रिया से वन भूमि पर रहने वाले अनुसूचित जनजाति के कृषकों और मजदूरों को बड़ी सुगमता होगी। इसके साथ ही, प्रदेश के 52 जिलों में स्थापित 85 आजीविका पुस्तकालयों की समीक्षा करते हुए उन्होंने इन केंद्रों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से स्किल ट्रेनिंग देने पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें अंग्रेजी भाषा और अन्य आवश्यक कौशलों में प्रशिक्षित करने के लिए केंद्रीकृत वीसी के माध्यम से प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। मंत्री पटेल ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना 2.0 के तहत वर्तमान बाजार की मांग के अनुसार स्किल्स की पहचान करने और स्किल गैप एनालिसिस के आधार पर ही नवीन परियोजनाओं के मूल्यांकन के लिए नई टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना की सफलता की कहानियों को बुकलेट, फ्लेक्स और फिल्मों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एमपीएसईडीसी के माध्यम से फंड फ्लो की डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए बनाए जा रहे पोर्टल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए त्वरित कार्य करें। 5 हेक्टेयर से ऊपर के तालाबों की सूची तैयार करें और आवश्यकता के आधार पर अधूरे कार्यों को पूरा करें। 1 जुलाई से विकसित भारत – जी-राम-जी के तहत सभी निर्माण कार्य होने हैं इसलिए पूर्व से कार्य योजना तैयार रखें।इसमें विस्थापन के कारण शिफ्ट हुए परिवारों का विशेष ध्यान रखें और उन्हें इस योजना का लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मिथुन राशि में बना दुर्लभ त्रिग्रही राजयोग, कई राशियों के लिए शुभ संकेत

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति और उनका मिलन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 18 मई यानी कल मिथुन राशि में शुक्र, गुरु और चंद्रमा की युति से त्रिग्रही राजयोग का निर्माण हो चुका है. ग्रहों का यह शुभ संयोग जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना जा रहा है. क्या है त्रिग्रही राजयोग? जब तीन शक्तिशाली ग्रह एक ही राशि में एक साथ आते हैं, तो उसे त्रिग्रही योग कहा जाता है. मिथुन राशि में देवताओं के गुरु 'बृहस्पति', सुख-वैभव के कारक 'शुक्र' और मन के स्वामी 'चंद्रमा' का एक साथ आना एक दुर्लभ स्थिति मानी जाती है. यह योग विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो अपनी वाणी, व्यापार और रचनात्मक कार्यों से जुड़े हैं. 18 मई 2026 को मिथुन राशि में बनने वाले त्रिग्रही राजयोग का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ा, लेकिन मिथुन राशि सहित कुछ अन्य राशियों के लिए यह विशेष रूप से फलदायी माना जा रहा है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस अद्भुत संयोग का लाभ कुछ राशियों को प्राप्त हो सकता है. मेष राशि (Aries) मेष राशि के लोगों के लिए यह राजयोग पराक्रम और साहस में वृद्धि का संकेत है. व्यापारिक मामलों में नई सफलताएं मिल सकती हैं. मिथुन राशि (Gemini) चूंकि यह युति इसी राशि में बन रही है, इसलिए मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास और रचनात्मकता में वृद्धि लेकर आएगा. करियर और निजी जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों को इस योग के प्रभाव से आर्थिक लाभ होने की संभावना है. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और रुके हुए कार्य पूर्ण हो सकते हैं. तुला राशि (Libra) तुला राशि के जातकों के लिए यह समय सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी और पारिवारिक शांति का कारक बनेगा. आय के नए स्रोत बन सकते हैं. कुंभ राशि (Aquarius) कुंभ राशि के लिए यह त्रिग्रही योग करियर के क्षेत्र में उन्नति के नए द्वार खोल सकता है. लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है.

रियान पराग की टीम के लिए करो या मरो का मुकाबला, आज लखनऊ से भिड़ंत

जयपुर राजस्थान रॉयल्स को अगर प्लेऑफ में पहुंचने की अपनी धुंधली उम्मीदों को बरकरार रखना है तो उसे लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खिलाफ मंगलवार को होने वाले आईपीएल के मैच में खेल के हर विभाग में सुधार करना होगा। रॉयल्स ने अपने घरेलू मैदान सवाई मानसिंह स्टेडियम में अभी तक एक भी मैच नहीं जीता है और यहां होने वाला अंतिम मैच घरेलू टीम के लिए करो या मरो जैसा बन गया है। रॉयल्स इसके बाद लीग चरण के अपने अंतिम मैच में मुंबई इंडियंस का सामना करेगा।रायल्स को रविवार को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ निचले क्रम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों की खराब प्रदर्शन के कारण हार का सामना करना पड़ा।  RR vs LSG: राजस्थान का आज लखनऊ से घर पर सामना इसके अलावा उसकी फील्डिंग भी अच्छी नहीं रही थी। रॉयल्स (Rajasthan Royals) की टीम अच्छी शुरुआत के लिए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी(Vaibhav Suryavanshi) पर काफी हद तक निर्भर रही है, लेकिन इस युवा खिलाड़ी को दूसरे छोर से यशस्वी जायसवाल से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला है। ध्रुव जुरैल ने कुछ शानदार पारियां खेली हैं, लेकिन पिछले मैच में उन्होंने कुछ धीमी पारी खेली जबकि दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे कप्तान रियान पराग (Riyan Parag) ने हाल के मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है। वह चाहेंगे कि उनकी टीम आखिरी पांच ओवरों में बल्लेबाजी में और अधिक सटीक प्रदर्शन करे। आईपीएल के मौजूदा सत्र में अधिकतर टीम की फील्डिंग अच्छी नहीं रही है और उन्होंने कई कैच छोड़े हैं। राजस्थान भी इन टीमों में शामिल है जिसने कुछ अच्छे मौके गंवाए हैं। दिल्ली कैपिटल्स से मिली हार के बाद पराग ने टूर्नामेंट के अंतिम चरण में टीम के अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाने पर निराशा व्यक्त की थी। प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है एलएसजी एलएसजी की टीम पहले ही प्लेऑफ (IPL 2026 Playoff) की दौड़ से बाहर हो चुकी है। वह अब बिना किसी दबाव के खेल रही है जिसका नमूना पिछले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के खिलाफ मिली जीत में देखने को मिला। उसे राजस्थान रॉयल्स के बाद अपने आखिरी लीग मैच में पंजाब किंग्स का सामना करना है। उसकी टीम इन दोनों टीमों के समीकरण बिगाड़ने के लिए प्रतिबद्ध होगी। बल्लेबाजी एलएसजी की सबसे कमजोर कड़ी रही है, लेकिन मिशेल मार्श ने सीएसके के विरुद्ध शानदार प्रदर्शन किया जिससे टीम जीत हासिल करने में सफल रही। वह अपना इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखकर इस सत्र का सकारात्मक अंत करना चाहेगी। RR vs LSG Squads: इस प्रकार हैं टीम- राजस्थान रॉयल्स: रियान पराग (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, शुभम दुबे, शिमरोन हेटमायर, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरैल, लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, क्वेना मफाका, संदीप शर्मा, रवि बिश्नोई, सुशांत मिश्रा, अमन राव पेराला, एडम मिल्ने, कुलदीप सेन, दासुन शनाका, युद्धवीर चरक, रवि ¨सह, विग्नेश पुथुर, ब्रिजेश शर्मा। लखनऊ सुपर जायंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान), अब्दुल समद, आयुष बडोनी, मैथ्यू ब्रीट्जके, हिम्मत सिंह, एडेन मार्करैम, निकोलस पूरन, अर्शिन कुलकर्णी, मिचेल मार्श, शाहबाज अहमद, आवेश खान, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव, दिग्वेश सिंह राठी, मयंक प्रभु यादव, वानिंदु हसरंगा, एनरिक नोत्र्जे, जोश इंग्लिस, मोहसिन खान, नमन तिवारी, आकाश महाराज सिंह, मुकुल चौधरी, मणिमारन सिद्धार्थ, अर्जुन सचिन तेंदुलकर, अक्षत रघुवंशी।

3-D उन्मूलन मिशन पर बड़वानी पुलिस, जनजातीय समाज में जागरूकता की नई पहल

जनजातीय अंचल में 3-D उन्मूलन के लिये बड़वानी पुलिस की पहल दारू, दहेज और डीजे मुक्त विवाह के लिये चलेगा अभियान बड़वानी जनजाति अंचल में पनप रही कुरीतियों के खिलाफ एक अनोखी पहल देखने को मिली, जब बड़वानी में पुलिस अधीक्षक स्वयं विवाह समारोह में पहुँचे। इस अवसर पर उन्होंने “3D” अर्थात दारू, दहेज और डीजे जैसी सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन का संकल्प दिलाया। यह विवाह केवल दो परिवारों का मिलन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की मिसाल बन गया। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी ने लोगों को यह संदेश दिया कि समाज सुधार केवल कानून से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और जागरूकता से संभव है। समारोह में उपस्थित लोगों ने भी 3D मुक्त विवाह का समर्थन करते हुए सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। पुलिस अधीक्षक बडवानी पद्म विलोचन शुक्ल के नेतृत्व में विगत माह से जिला पुलिस बडवानी द्वारा जिले में विवाह समारोह में दहेज, डीजे एवं दारू का उपयोग नही करने हेतु 3-डी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस विभाग की अभिनव पहल से प्रेरित होकर गत 4 मई को ग्राम धवली में पुलिस विभाग व्दारा आयोजित जनसंवाद में ग्राम जुनापानी के रामा नरगावे द्वारा अपने तीनों बच्चो के विवाह समारोह में दहेज, डीजे एवं दारू का उपयोग नही करने का संकल्प लिया था। रामा नरगावे द्वारा 17 मई को अपने पुत्र कृष्णा नरगावे, पुत्री रंजिता नरगावे एवं दिना नरगावे का विवाह समारोह बिना दहेज, डीजे एवं दारू के संपन्न किया गया। रामा नरगावे व्दारा पुलिस अधीक्षक बडवानी पद्म विलोचन शुक्ल को अपने बच्चों के विवाह समारोह में आमंत्रित करने पर पुलिस अधीक्षक द्वारा ग्राम जुनापानी विवाह समारोह में सम्मिलित हुए। उन्‍होंने दुल्हा-दुल्हनों को शुमकामना संदेश एवं उपहार देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। शुक्‍ल ने नरगावे दंपति को शॉल-श्रीफल देकर उनकी साहसिक पहल के लिये सम्मानित किया। विवाह समारोह में सम्मिलित जनजातीय समाज के लोगो ने भी सालों से चली आ रही सभी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का संकल्‍प लिया। भविष्य में बिना दहेज, डीजे एवं दारू के विवाह समारोह सम्पन्न कराने तथा दहेज नही लेने व देने की कुरीति को पूर्ण रूप से बंद करने का संकल्‍प दिलाया गया। विवाह समारोह में थाना वरला का पुलिस स्टाफ तथा वन मंडल अधिकारी सेंधवा इंदुसिंह गडरिया एवं गायत्री परिवार के सदस्य खुमसिंह तथा ग्राम सरपंच पटेल भी शामिल हुए।

इंदौर के चर्चित मर्डर केस की कहानी अब बड़े पर्दे पर, फर्स्ट लुक ने बढ़ाई उत्सुकता

इंदौर इंदौर से जुड़े चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस (Raja Raghuvanshi Case) की गूंज अब बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया तक पहुंच गई है। इस हाई प्रोफाइल केस से प्रेरित बताई जा रही फिल्म सुंदर पूनम का फर्स्ट लुक सामने आ चुका है। खास बात ये है कि यह फिल्म देश की बड़ी प्रोडक्शन कंपनी Tips Industries के बैनर तले बनाई जा रही है। फिल्म का निर्देशन जाने माने डायरेक्टर पुलकित कर रहे हैं, जो पहले भी सच्ची घटनाओं पर आधारित एक गंभीर फिल्म 'भक्षक' का निर्देशन कर चुके हैं। फिल्म (Sundar Poonam) के फर्स्ट लुक सामने आने के बाद कहानी की शुरुआती डीटेल्स ने लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है। उनके बीच चर्चा है कि सुंदर पूनम फिल्म इंदौर के रौंगटे खड़े कर देने वाले राजा रघुवंशी केस (Raja Raghuvanshi Case) जैसी सच्ची घटनाओं पर आधारित है। फिल्म में दिखेगी ये कहानी अब तक मिल रही जानकारी के मुताबिक फिल्म सुंदर पूनम में बताया गया है कि एक नवविवाहित कपल कश्मीर में हनीमून मनाने गया था, जो रहस्यमयी तरीके से अचानक लापता हो जाता है। इसके बाद दुल्हन पूनम से जुड़ा एक खौफनाक सच सामने आने लगता है, जो हर किसी को चौंकाकर रख देता (Raja Raghuvanshi Case) है। कहानी में उसके जुनूनी प्रेम, धोखा और अतीत के राज और हत्या जैसे कई सस्पेंस भरे मोड़ दिखाई देंगे, जो उसके आसपास के हर व्यक्ति को एक जानलेवा भंवर में खींच लेते हैं। इंदौर का खौफनाक राजा रघुवंशी केस सुंदर-पूनम फिल्म का प्लॉट सामने आने के बाद चर्चा है कि यह फिल्म इंदौर के खौफनाक राजा रघुवंशी केस पर आधारित है। वह केस जिसने देशभर में सनसनी मचाकर रख दी थी। पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ मेघालय के शिलॉन्ग में हनीमून ट्रिप पर गए इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की संदिग्ध मौत (Raja Raghuvanshi Case) और उसके बाद सामने आए रिश्तों के उलझे सच ने देशभर के लोगों को झकझोर कर रख दिया था। सूत्रों का कहना है कि उसी तरह की घटनाओं से प्रेरणा लेकर इस फिल्म की कहानी तैयार की गई है। बता दें कि राजा रघुवंशी की तरह ही एमपी में अब तक ऐसे नये और कई केस भी सामने आ चुके हैं, जो बार-बार राजा रघुवंशी मर्डर केस से मिलते-जुलते रहे और इसी केस की यादें ताजा करते रहे हैं। क्राइम थ्रिलर और रियल लाइफ केस पर मिलता है जबरदस्त रेस्पॉन्स क्राइम थ्रिलर और रियल लाइफ केस पर आधारित कंटेट को ओटीटी पर लगातार जबरदस्त रेस्पॉन्स मिल रहा है। यही वजह है कि सुंदर पूनम को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। चूंकि अब इसका फर्स्ट लुक सामने आ चुका है, तो सोशल मीडिया पर लोग इसकी रिलीज डेट और स्टारकास्ट के साथ ही ट्रेलर को लेकर भी सवाल करते नजर आ रहे हैं। कब रिलीज होगी फिल्म? हालांकि डायरेक्टर ने अभी सिर्फ इस कहानी की झलक ही शेयर की है। फिल्म (Raja Raghuvanshi Case) कब रिलीज होगी, ओटीटी पर आएगी या डायरेक्ट थियेटर में इस पर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है। लेकिन इतना तय है कि फिल्म आने वाले समय की सबसे चर्चित क्राइम थ्रिलर प्रोजेक्ट्स में शामिल हो सकती है। सुंदर पूनम स्टार कास्ट में सान्या मल्होत्रा मुख्य भूमिका में सुंदर पूनम फिल्म के स्टार कास्ट की बात करें तो दमदार अभिनय के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री सान्या मल्होत्रा मुख्य भूमिका में नजर आ रही हैं। उनके साथ अभिनेता आदित्य रावल और विक्रम मल्होत्रा भी फिल्म में अहम भूमिका निभाते फिल्म में नजर आएंगे। बता दें कि डायरेक्टर पुलकित को ट्रू या रियल लाइफ स्टोरी बेस्ड और सेंसिटिव आपराधिक मामलों को पर्दे पर बारीकी और गहराई के साथ उतारने के लिए जाना जाता है। ऐसे में क्राइम थ्रिलर जॉनर के शौकीनों के लिए यह फिल्म (Raja Raghuvanshi Case) बेहद खास होने वाली है। हनीमून इन शिलॉन्ग भी रही थी चर्चा में बता दें कि इससे पहले भी एक फिल्म हनीमून इन शिलॉन्ग (Raja Raghuvanshi Case) बनाए जाने की खबरें भी सामने आ चुकी हैं। बताया गया था कि राजा रघुवंशी के परिवार ने इस प्रोजेक्ट को सहमति भी दी थी। बता दें कि तब राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन का बयान भी सामने आया था, उन्होंने कहा था कि हमने हत्या के इस मामले पर बनने वाली आगामी फिल्म के लिए अपनी सहमति दे दी है। हमारा मानना ​​है कि अगर हम अपने भाई की हत्या की कहानी बड़े पर्दे पर नहीं लाते, तो लोगों को यह पता नहीं चल पाएगा कि कौन सही था और कौन गलत? इसके बाद सामने यह भी आया था कि फिल्म के ज्यादातर हिस्से की शूटिंग इंदौर और मेघालय में की गई थी। हालांकि अब इस बारे में कोई अपडेट नहीं है। अब लोगों को सुंदर पूनम का इंतजार अब चर्चा सुंदर पूनम को लेकर है। Amazon Prime Video पर इसका (Sundar Poonam)फर्स्ट लुक जारी किया गया है।लोगों को इस फिल्म की आधिकारिक घोषणा, रिलीज डेट और ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार है। लेकिन इतना तय है कि फिल्म बड़े पर्दे पर भी चर्चा का विषय बनेगी।

वेटरनरी स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी, सरकार ने बढ़ाया इंटर्नशिप स्टाइपेंड

पशु चिकित्सा छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता तीन गुना बढ़ा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में अध्ययनरत पशु चिकित्सा के छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते को 4,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के पशु चिकित्सा छात्रों को बड़ा आर्थिक सहारा मिलेगा और उनका मनोबल भी बढ़ेगा। दुग्ध विकास एवं पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश विशाल जनसंख्या, बड़ी पशुधन संख्या और विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र वाला राज्य है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पशुधन की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण, विभिन्न पशु महामारियों के नियंत्रण और उन्मूलन तथा उन्नत नस्लों के संवर्धन में पशु चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार उत्तर प्रदेश पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, आचार्य नरेंद्र देव यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी तथा सरदार वल्लभभाई पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी में अध्ययनरत पशु चिकित्सा छात्रों को अब बढ़ा हुआ इंटर्नशिप भत्ता मिलेगा। सरकार के अनुसार वर्तमान में इन छात्रों को 4,000 रुपये प्रतिमाह इंटर्नशिप भत्ता दिया जा रहा था, जिसे अब बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है। इस निर्णय से तीनों विश्वविद्यालयों में अनुमोदित 300 छात्रों को लाभ मिलेगा। पशुपालन मंत्री ने कहा कि हरियाणा, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में अधिक इंटर्नशिप भत्ता दिए जाने का अध्ययन करने के बाद यह फैसला लिया गया है। प्रस्ताव लागू होने पर सरकार पर लगभग 4.20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा, जिसकी व्यवस्था विश्वविद्यालयों को दिए जाने वाले शासकीय अनुदान के गैर-वेतन मद से की जाएगी। इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा, शिक्षा के प्रति रुचि और कार्य के प्रति उत्साह बढ़ेगा तथा समानता के सिद्धांत को भी मजबूती मिलेगी। मंत्री धर्मपाल सिंह ने इसे “समानता के सिद्धांत” के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा: केंद्र सरकार ने 4800 नए EV चार्जिंग स्टेशन को दी मंजूरी

लखनऊ पेट्रोल-डीजल, सीएनजी के महंगे होते जाने के बीच इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) वालों के लिए गुड न्यूज है। सफर के दौरान बैटरी खत्म होने का उनका तनाव कम करने की दिशा में केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश समेत आठ राज्यों में 4800 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने की मंजूरी दे दी है। ये नए चार्जिंग स्टेशन हाईवे, एक्सप्रेसवे, पेट्रोल पंप और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश को केंद्र सरकार ने 714 चार्जिंग स्टेशन दिया है और इसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। इन्हें लगाने का काम अगले छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण के लिए पहले चरण में 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही केंद्र ने अगले चरण के लिए भी राज्यों से प्रस्ताव मांगे हैं। यूपी में पहले से मौजूद चार्जिंग स्टेशन के जाल को इस चरण के पूरा होने के बाद बढ़ती मांग और लंबे सफर की जरूरतों के लिए हिसाब से मजबूती मिलेगी। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने के साथ ही वाहनों के होने वाले प्रदूषण में कमी लाने के लिए इलेक्ट्रानिक वेहकिल (EV) को बढ़ावा देने की लगातार कोशिश कर रही है। लेकिन इस बदलाव में रेंज एंजाइटी यानी इलेक्ट्रानिक व्हीकल में सफर करने वालों का वह डर एक बड़ी बाधा है, जो उन्हें गाड़ी की बैटरी खत्म होने और बीच रास्ते में फंस जाने की आशंका के चलते डराता है। अब जब ईरान-अमरीका-इजराइल युद्ध के चलते दुनिया एक नए तरह के संकट से जूझ रही है, सरकार ने एक बार फिर ईवी को बढ़ावा देने की नीति पर जोर दिया है। इस नीति के तहत रास्तों पर पर्याप्त चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था करने की कोशिश प्रमुख है। इसी कोशिश के तहत केद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश समेत आठ राज्यों और पीएसयू को कुल 4800 नए चार्जिंग स्टेशन बनाने की मंजूरी दी। इनमें उत्तर प्रदेश में 714 चार्जिंग स्टेशन खुलेंगे। जिनके लिए 61.33 करोड़ रुपए स्वीकृ़त किए गए हैं। इसी तरह राजस्थान में 591 चार्जिंग स्टेशन खुलेंगे। 81.12 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। आंध्र प्रदेश में 577 चार्जिंग स्टेशन खुलेंगे। इनके लिए 39.79 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। गुजरात में 56 चार्जिंग स्टेशनों के लिए 1.74 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। केरल में 335 चार्जिंग स्टेशनों के लिए 63.12 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। तेलंगाना में 169 चार्जिंग स्टेशनों के लिए 10.24 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। सबसे ज्यादा चार्जिंग स्टेशन कर्नाटक में बनेंगे। यहां 1243 चार्जिंग स्टेशनों के लिए 123.26 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। तमिलनाडु में 498 चार्जिंग स्टेशनों के लिए 34.61 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस तरह कुल 4800 नए चार्जिं

गर्मी की जगह बारिश और ठंडी हवाओं का असर, झारखंड में तापमान सामान्य से नीचे

रांची झारखंड में भी क्लाइमेट चेंज का प्रभाव साफ दिख रहा है. 1 मार्च से अब तक मौसम का असामान्य पैटर्न देखने को मिल रहा है. जिस मई महीने में तेज गर्मी पड़नी चाहिए थी, उस समय पांच जिलों को छोड़कर 19 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है. इससे तापमान सामान्य से कम बना हुआ है और लोगों को गर्मी का एहसास नहीं हो रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल के शुरुआती दिनों में जबरदस्त गर्मी पड़ी थी और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया था, लेकिन इसके बाद मौसम में बदलाव आ गया है. मई के महीने में दो-तीन जिलों को छोड़कर किसी भी जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक नहीं रहा. राज्य में औसत तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है. जिलों में बारिश का हाल 6 जिलों बोकारो, हजारीबाग, लातेहार, रामगढ़, रांची और सिमडेगा जिलों में सामान्य से 100 प्रतिशत से अधिक बारिश दर्ज की गई है. वहीं चतरा, गढ़वा, लोहरदगा और साहिबगंज में सामान्य से कम बारिश हुई है. मई के अंतिम सप्ताह तक बदला रहेगा मौसम मौसम केंद्र ने पूर्वानुमान जारी किया है कि मई महीने के अंतिम सप्ताह तक मौसम बदला रहेगा. 23 मई तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवा, बारिश और गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना बनी रहेगी. 19 और 20 मई को संताल परगना वाले इलाके के साथ-साथ मध्य झारखंड सहित राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. मौसम विशेषज्ञ के अनुसार वरीय मौसम वैज्ञानिक (रांची केंद्र) अभिषेक आनंद के अनुसार, झारखंड में बदलता मौसम क्लाइमेट चेंज का असर है, हालांकि इसके पीछे कई अन्य कारण भी हैं. इसी वजह से पूरे राज्य में एक जैसा मौसम नहीं दिख रहा है. पहले बारिश सामान्य होती थी और उसमें खतरा कम रहता था, लेकिन अब तेज हवा, भारी बारिश और वज्रपात जैसी घटनाएं बढ़ गई हैं. सुबह में तेज धूप और गर्मी रह रही है. अभिषेक आनंद ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होते ही सतर्क रहें, सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और वज्रपात के दौरान मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करने तथा सेल्फी लेने जैसी गतिविधियों से बचें.

जयपुर में ‘अमृत महोत्सव उद्घोष’ के दौरान विधानसभा का नया प्रतीक चिह्न हुआ जारी

जयपुर राजस्थान विधानसभा ने अपने 75वें स्थापना वर्ष के ऐतिहासिक मौके पर अपनी एक नई और अनूठी पहचान दुनिया के सामने पेश की है। जयपुर में आयोजित 'अमृत महोत्सव उद्घोष' कार्यक्रम के दौरान विधानसभा के नवनिर्मित आधिकारिक प्रतीक चिह्न का विमोचन किया गया और साथ ही विधानसभा परिसर के विभिन्न ऐतिहासिक द्वारों का नामकरण भी किया गया। इस समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। नए लोगो में खेजड़ी और ऊंट को मिला स्थान राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की कल्पना से तैयार इस नए प्रतीक चिह्न में राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। नए लोगो में दो सबसे खास तत्वों को शामिल किया गया है, जो पूरे मरुस्थल का सम्मान हैं। राजस्थान के कल्पवृक्ष खेजड़ी को लोगो में किया शामिल राज्य वृक्ष 'खेजड़ी' कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी हरा-भरा रहने और जीवन को बनाए रखने की क्षमता का प्रतीक है। ग्रामीण जीवन और पर्यावरण संतुलन की रीढ़ माने जाने वाले इस वृक्ष को लोगो में शामिल कर राज्य की पर्यावरणीय विरासत को सलाम किया गया है। रेगिस्तान का जहाज ऊंट भी लोगो में शामिल राज्य पशु ऊंट मरुधरा की जीवटता, अटूट धैर्य और मजबूती से आगे बढ़ने के स्वभाव को दर्शाता है। यह राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान का सबसे मजबूत स्तंभ है। ऊंट सदियों से राजस्थान के शूरवीरों और राजा-महाराजाओं का न केवल युद्ध के मैदान में विश्वसनीय साथी रहा है, बल्कि मरुधरा के व्यापारिक कारवानों की मुख्य जीवनरेखा भी रहा है। बीकानेर रियासत के महाराजा गंगा सिंह ने विश्व प्रसिद्ध 'गंगा रिसाला' का गठन किया था, जिसने प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वैश्विक स्तर पर अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया। 1913 का इतिहास और नेहरू की 'डिस्कवरी ऑफ इंडिया' का जिक्र समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने राजस्थान की प्राचीन लोकतांत्रिक जड़ों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत में लोकतंत्र नया नहीं है। पंडित जवाहरलाल नेहरू की प्रसिद्ध किताब 'The Discovery of India' का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में प्राचीन काल से ही लोकतांत्रिक परंपराएं मौजूद रही हैं। राज्यपाल ने एक बेहद दिलचस्प ऐतिहासिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि आजादी से बहुत पहले, साल 1913 में ही बीकानेर रियासत में 'प्रतिनिधि सभा' हुआ करती थी, जहां बाकायदा बैलेट पेपर के जरिए मतदान कराया जाता था।