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पंचायत चुनाव से पहले OBC आरक्षण पर होगा ट्रिपल टेस्ट, आयोग गठन की तैयारी तेज

लखनऊ यूपी में पंचायत चुनाव समय पर न होने से ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा। ऐसे में प्रशासक समिति के माध्यम से ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। पंचायती राज विभाग की ओर से शासन को प्रशासक समिति के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को ही बागडोर सौंपने का प्रस्ताव भेजा गया है। ग्राम प्रधान के साथ ही ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल भी प्रशासक समिति के माध्यम से बढ़ाया जाएगा। प्रधानों और अध्यक्षों कार्यकाल बढ़ाकर भाजपा सरकार की कोशिश उनकी हमदर्दी हासिल करने की है। माना जा रहा है कि अब पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद ही होंगे। ऐसे में कार्यकाल बढ़ाए गए प्रधान और अध्यक्ष विधानसभा चुनाव में भाजपा के काम आ सकते हैं। हालांकि प्रधानी की तैयारी में लगे लोगों को इस फैसले से झटका भी लगेगा। ऐसे में यह लोग नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। पहली बार ट्रिपल टेस्ट से ओबीसी आरक्षण होगा तय वहीं, पंचायत चुनावों में पहली बार समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग गठित कर ट्रिपल टेस्ट के आधार पर ओबीसी का आरक्षण तय किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वर्ष 2023 में नगर निकाय चुनावों में पहली बार इसे लागू कर आयोग गठित किया गया था। वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में रैपिड सर्वे से आरक्षण तय किया गया था। समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यकाल छह महीने का तय किया गया है। अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया इस महीने के अंत तक या जून के प्रथम सप्ताह में होने की उम्मीद है। यह आयोग पिछड़नेपन की प्रकृति व प्रभावों की समकालीन, सतत व अनुभवजन्य जांच और अध्ययन, पिछड़ा वर्ग के आंकड़े न होने पर सर्वे और फिर आरक्षण तय करेगा। वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव रैपिड सर्वे से हुआ था और वर्ष 2015 के ओबीसी आंकड़े भी रखे गए थे। क्योंकि उत्तराखंड, मध्य प्रदेश व राजस्थान की तर्ज पर यूपी में भी पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने की मांग जोर-शोर से उठाई जा रही है। वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव चार चरणों में अप्रैल-मई में हुए थे। दूसरी ओर अब राज्य निर्वाचन आयोग भी अपना काम तेजी से करेगा। लगातार पांचवीं बार अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख बढ़ाकर 10 जून की गई है। अब 10 जून को पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी होने की उम्मीदें हैं। विस चुनाव से पहले पंचायत चुनाव की संभावना कम विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव होना आसान नहीं होगा। क्योंकि समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यकाल जून से अगर शुरू हुआ तो यह नवंबर तक रहेगा। वहीं आयोग ने रिपोर्ट देने में समय लगाया तो शासन इसका कार्यकाल बढ़ा सकता है। फिलहाल, सत्तापक्ष ही नहीं विपक्षी दल भी पंचायत चुनाव समय पर कराए जाने को लेकर शांत हैं। ऐसे में ज्यादा उम्मीदें विधानसभा चुनाव के बाद हों। मामला न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में वहां से जो दिशा-निर्देश मिलेंगे उसका सरकार पालन करेगी।

27 जुलाई 2026 को शनि होंगे वक्री, वृषभ से वृश्चिक तक इन राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय, कर्म और अनुशासन का देवता माना जाता है. शनिग्रह का किसी भी राशि में मार्गी या वक्री (उल्टी चाल) होना देश-दुनिया और सभी 12 राशियों के जीवन पर गहरा और दूरगामी प्रभाव डालता है. साल 2026 में न्याय के देवता शनि एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहे हैं. 27 जुलाई 2026 को शनिदेव गुरु की राशि मीन में वक्री होने जा रहे हैं. सामान्यतः शनि की उल्टी चाल या वक्री अवस्था को कष्टकारी माना जाता है, लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार जब क्रूर या पापी ग्रह वक्री होते हैं, तो वे चेष्टा बल प्राप्त कर लेते हैं. ऐसे में कुछ विशेष राशियों के लिए शनि की यह वक्री अवस्था भारी नुकसान के बजाय अप्रत्याशित लाभ और बड़ी सफलता के रास्ते खोलने वाली साबित होगी. आइए जानते हैं कि 27 जुलाई से शनिदेव की उल्टी चाल किन 4 राशियों के लिए सबसे ज्यादा लाभकारी रहने वाली है. 1. वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि के जातकों के लिए शनिदेव का वक्री होना किसी वरदान से कम नहीं रहेगा. शनि आपकी राशि के लिए राजयोग कारक ग्रह माने जाते हैं. इस अवधि में आपके लिए आय के नए और मजबूत स्रोत बनेंगे. लंबे समय से अटका हुआ या डूबा हुआ पैसा अचानक वापस मिल सकता है. नौकरीपेशा लोगों को मनमुताबिक इंक्रीमेंट या प्रमोशन मिल सकता है. जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें बड़े पैकेज का ऑफर मिल सकता है. आपकी रुकी हुई योजनाएं दोबारा गति पकड़ेंगी और आपकी बड़ी महत्वाकांक्षाएं इस दौरान पूरी हो सकती हैं. 2. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के जातकों के लिए शनिदेव का मीन राशि में वक्री होना आपके दशम भाव यानी कर्म और बिजनेस के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगा. यदि आप कोई नया स्टार्टअप या व्यापार शुरू करना चाहते हैं, तो यह समय बहुत अनुकूल है. मार्केट में आपकी साख बढ़ेगी और प्रतिद्वंद्वी शांत रहेंगे. इस दौरान आपको पैतृक संपत्ति से कोई बड़ा लाभ हो सकता है. जमीन, मकान या वाहन खरीदने के योग बेहद मजबूत हैं. कार्यस्थल पर आपकी पुरानी मेहनत का फल अब आपको बोनस या सम्मान के रूप में मिलने लगेगा. 3. तुला राशि (Libra) तुला राशि के स्वामी शुक्र देव हैं, जो शनिदेव के परम मित्र हैं. इसलिए शनि की उल्टी चाल आपके लिए कोर्ट-कचहरी और स्वास्थ्य के मामलों में राहत लेकर आएगी. ऑफिस या सामाजिक जीवन में आपके गुप्त शत्रु आपके सामने टिक नहीं पाएंगे. कोर्ट-कचहरी के किसी पुराने मामले में फैसला आपके पक्ष में आ सकता है. यदि आप पिछले काफी समय से किसी पुरानी या पुरानी बीमारी से परेशान थे, तो 27 जुलाई के बाद आपकी सेहत में तेजी से सुधार होने लगेगा. यदि आपके सिर पर कोई पुराना कर्ज या लोन था, तो इस अवधि में आप उसे चुकाने की स्थिति में आ जाएंगे, जिससे मानसिक तनाव दूर होगा. 4. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शनि की वक्री चाल पंचम और नवम भाव से जुड़े शुभ फलों को बढ़ाने वाली साबित होगी. प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) या उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को इस दौरान अपनी मेहनत के बेहतरीन परिणाम मिलेंगे. एकाग्रता में वृद्धि होगी. जो लोग शिक्षा या नौकरी के सिलसिले में लंबे समय से विदेश जाने का प्रयास कर रहे हैं, उनके वीजा और यात्रा से जुड़ी रुकावटें दूर होंगी. आपका रुझान धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों की तरफ बढ़ेगा, जिससे आपको आंतरिक शांति और मानसिक संतुष्टि का अनुभव होगा. शनिदेव के अशुभ प्रभावों से बचने और शुभता बढ़ाने के उपाय शनि की वक्री अवधि के दौरान शुभ फलों को और अधिक मजबूत करने के लिए शनिवार के दिन शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इसके अलावा, गरीब व जरूरतमंद लोगों को काली उड़द की दाल, काले तिल या छतरी का दान करें. हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करना भी इस समय आपके भाग्य को बल देगा.  

छिपकली गिरने के संकेत: शरीर के अलग-अलग अंगों पर मिलते हैं शुभ-अशुभ फल

 जब भी घर में छिपकली दिख जाए तो हर इंसान डरने लगता है. लेकिन, अगर वहीं छिपकली किसी शरीर के अंग पर गिर जाए तो मन में ओर ज्यादा खौंफ पैदा हो जाता है. लेकिन, कई लोग शरीर के अंग पर छिपकली गिरने को अच्छा मानते हैं. शरीर के अंग पर छिपकली गिरने से जुड़े तथ्य का जिक्र सामुद्रिक शास्त्र में मिलता है. दरअसल, सामुद्रिक शास्त्र में अलग-अलग अंगों पर छिपकली गिरने के अलग-अलग फल बताए गए हैं. किसी अंग पर छिपकली का गिरना धन, सफलता और शुभ समाचार देता है. तो कहीं इसे सावधानी या बाधाओं से जोड़कर देखा जाता है. तो आइए जानते हैं कि शरीर के किस छिपकली का गिरना शुभ और अशुभ कहलाता है. 1. सिर पर छिपकली गिरना इसे बहुत शुभ माना जाता है. माना जाता है कि व्यक्ति को धन, सम्मान या किसी बड़े अवसर की प्राप्ति हो सकती है. 2. माथे पर छिपकली गिरना यह संकेत देता है कि जल्द ही किसी रिश्तेदार या पुराने दोस्त से मुलाकात हो सकती है. यह समाज में मान-सम्मान भी दिला सकता है. 3. नाक पर छिपकली गिरना इसे सेहत से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि कोई पुरानी बीमारी ठीक हो सकती है या राहत मिल सकती है. 4. कान पर छिपकली गिरना यह शुभ समाचार या लाभ मिलने का संकेत माना जाता है. कहीं से अच्छी खबर मिलने की संभावना जताई जाती है. 5. आंख पर छिपकली गिरना इसे मानसिक सेहत से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि व्यक्ति किसी बंधन या तनाव से मुक्त हो सकता है. 6. होंठ पर छिपकली गिरना ऊपर के होंठ पर छिपकली का गिरना आर्थिक नुकसान का संकेत माना जाता है. नीचे के होंठ पर छिपकली का गिरना धन लाभ या फायदा होने की संभावना बताई जाती है. 7. हाथ पर छिपकली गिरना दाहिने हाथ पर: सम्मान और सफलता मिलने का संकेत. बाएं हाथ पर: नुकसान या सावधानी बरतने का संकेत. 8. गला और कंधा गले पर गिरना: शत्रुओं से छुटकारा या बाधाओं का अंत. कंधे पर गिरना: किसी काम में सफलता मिलने का संकेत. 9. पेट और नाभि क्षेत्र इसे सुख, समृद्धि और संतान से जुड़ा शुभ संकेत माना जाता है. 10. पीठ पर छिपकली गिरना इसे आमतौर पर अशुभ माना जाता है और यह किसी परेशानी या रुकावट का संकेत हो सकता है. 11. पैर से जुड़े संकेत जांघ, घुटने या पिंडली पर गिरना यात्रा, वाहन सुख या स्थान परिवर्तन का संकेत माना जाता है. 

बिहार में शुरू हुआ सहयोग शिविर, पंचायत स्तर पर सुनी जाएंगी जनता की समस्याएं

पटना  सम्राट चौधरी ने मंगलवार को सारण जिले के डुमरी बुजुर्ग में सहयोग शिविर का शुभारंभ किया। सरकार की प्राथम‍िकताएं ग‍िनाईं। अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि जनता की शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी स्वत: निलंबित माने जाएंगे। दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में सहयोग शिविर की शुरुआत की जा रही है। 31 वें दिन स्‍वत: सस्‍पेंड होंगे अधिकारी इसके माध्यम से आम लोग सीधे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे और उनकी मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी। उन्होंने बताया कि 11 मई को सरकार ने सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया था। अब पंचायत स्तर पर हर महीने दूसरे और चौथे मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। जहां अंचल, ब्लॉक, शिक्षा, थाना समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदन मिलने के 10 दिनों के भीतर संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस जारी किया जाएगा। 20 दिन पूरे होने पर दूसरा नोटिस और 25वें दिन तीसरा नोटिस भेजा जाएगा। इसके बावजूद 30 दिनों में समस्या का समाधान नहीं होने पर 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वत: निलंबित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को समृद्ध बनाने का सपना देख रहे हैं। सहयोग शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सोनपुर में होंगे विकास के कई कार्य मुख्यमंत्री ने सारण के विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले इस क्षेत्र को गोद लेने की घोषणा की गई थी और अब यहां एयरपोर्ट तथा टाउनशिप का निर्माण किया जा रहा है। बाबा हरिहरनाथ के नाम पर टाउनशिप विकसित होगी। उन्होंने कहा कि पटना के मरीन ड्राइव की तर्ज पर छपरा में गंगा-अंबिका पथ का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही नोएडा की तर्ज पर आधुनिक शहर बसाने की योजना पर भी काम चल रहा है। राज्य में 211 स्थानों पर डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। स्वास्थ्य व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमंडल अस्पतालों के डॉक्टर सामान्य बीमारी में मरीजों को रेफर कर देते हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक रेफर करने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 15 अगस्त तक जिला और अनुमंडल अस्पतालों में बेहतर इलाज की व्यवस्था उपलब्ध करा दी जाएगी।  

कैंसर इलाज में उम्मीद की नई किरण, IIT प्रोफेसर बुशरा अतीक का अहम रिसर्च

कानपुर  आईआईटी के बायोलाजिकल साइंस और बायोइंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर बुशरा अतीक और उनकी शोध टीम को कैंसर अनुसंधान में बड़ी कामयाबी मिली है। प्रो. अतीक ने कोलोरेक्टल कैंसर (आंत का कैंसर) को शरीर में तेजी से फैलाने वाले और इसके इलाज को बेअसर करने वाले एक खास प्रोटीन डीकेसी -1 की पहचान की है। चिकित्सा जगत में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही यह खोज प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल 'नेचर कम्युनिकेशंस' ने 18 मई को ही प्रकाशित की है। इस खोज से भविष्य में आंत के कैंसर का अधिक सटीक और प्रभावी इलाज संभव हो सकेगा। प्रो. बुशरा अतीक के शोध के मुताबिक शरीर में डीकेसी-1 प्रोटीन का स्तर बढ़ने से कैंसर कोशिकाएं न सिर्फ बेहद आक्रामक हो जाती हैं, बल्कि उन पर दवाओं का असर भी खत्म होने लगता है। शोध के अनुसार यह प्रोटीन शरीर में स्फिंगोलिपिड नामक फैट के निर्माण की प्रक्रिया को बाधित करता है। स्फिंगोलिपिड आमतौर पर कोशिकाओं की बनावट और उनकी प्राकृतिक मृत्यु (अपोप्टोसिस) को नियंत्रित करते हैं। जब डीकेसी-1 का स्तर बढ़ता है तो शरीर में ऐसे लिपिड ज्यादा बनने लगते हैं जो कैंसर कोशिकाओं को सुरक्षा कवच देते हैं। यही वजह है कि कई गंभीर मरीजों में कीमोथेरेपी और अन्य दवाएं बेअसर हो जाती हैं। शोध अध्ययन में सामने आया है कि जिन मरीजों में इस प्रोटीन का स्तर ज्यादा था, उनमें कैंसर बेहद उन्नत (एडवांस्ड) स्टेज में पहुंच चुका था। इस आधार पर जब शोधकर्ताओं ने लैब के भीतर आरएनए इंटरफेरेंस तकनीक के जरिए जब डीकेसी-1 प्रोटीन के स्तर को कम किया तो इसके चौंकाने वाले और सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। ऐसा करने से कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने की रफ्तार काफी धीमी हो गई। कैंसर कोशिकाएं दवाओं और कीमोथेरेपी के प्रति अधिक संवेदनशील हो गईं, यानी उन पर दवाओं ने दोबारा काम करना शुरू कर दिया। प्रो. बुशरा अतीक के अनुसार कैंसर सिर्फ जीन या कोशिकाओं की खराबी नहीं है, बल्कि यह शरीर के मेटाबालिज्म (उपापचय) से भी गहराई से जुड़ा है। अब शोधकर्ता डीकेसी-1 और स्फिंगोलिपिड मेटाबालिज्म को टारगेट करने वाली नई दवाएं विकसित कर सकेंगे, जो कैंसर के मरीजों के लिए एक नई जीवनदायिनी साबित हो सकती हैं।  

लू का ऑरेंज अलर्ट, राजस्थान के कई जिलों में तापमान 45 से 46 डिग्री के बीच

राजयपुर जस्थान भीषण गर्मी की चपेट में है. पिलानी और चित्तौड़गढ़ में तापमान 46 डिग्री पार हो गया है. इन दोनों जिलों में पारा 46.2 डिग्री दर्ज किया गया. राज्य के लगभग सभी शहरों में सोमवार (18 मई) को अधिकतम तापमान 41 डिग्री से ऊपर रहा. राजधानी जयपुर में भी 43.6 डिग्री दर्ज किया गया. हीटवेव के अलर्ट को देखते हुए अगले 4-5 दिन लोगों की परेशानी बढ़ सकती है. मंगलवार (19 मई) के लिए 7 जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है. जबकि 5 जिलों में हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट है. इन जिलों में भी तापमान 45 के पार मौसम विभाग के अनुसार, श्रीगंगानगर में तापमान 46.1 डिग्री  बना हुआ है. बीकानेर में पारा 46, वनस्थली में 45.6, फतेहपुर में 45.5, कोटा में 45.3, बाड़मेर और चूरू में 45.1 डिग्री दर्ज किया गया. बारां, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, बालोतरा, जोधपुर और श्रीगंगानगर में येलो अलर्ट है. वहीं, चित्तौड़गढ़, बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर और फलोदी में लू का ऑरेंज अलर्ट है.    हीट वेव को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी! तेज़ गर्मी और लू सिर्फ थकान ही नहीं, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है। इस भीषण गर्मी में खुद का और अपने परिवार का विशेष ध्यान रखें। धूलभरी आंधी भी बढ़ाएगी परेशानी इस सप्ताह राज्यभर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में लू जैसी स्थिति रहने का अनुमान है. अगले चार से 5 दिनों तक पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में 20–30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने का पूर्वानुमान जताया है. लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले दिनों में तापमान के अधिक रहने की संभावना है.

बेअदबी मामले को लेकर सड़कों पर उतरे सिख संगठन, कपूरथला चौक पर जोरदार प्रदर्शन

जालंधर  जालंधर के बस्ती पीर दाद रोड इलाके में  देर रात श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन अंगों की बेअदबी की घटना सामने आई है। इसके बाद पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक संस्थाओं और संगत के सदस्य बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। बेअदबी की खबर फैलते ही लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। घटना को लेकर संगत ने प्रशासनिक रवैये पर नाराजगी जताते हुए रात करीब साढ़े 10 बजे बस्ती बाबा खेल क्षेत्र के मुख्य पुल पर चक्का जाम कर पक्का धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली इस घटना पर पुलिस और प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की।  हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट हो गया। बाद में देर रात करीब 12 बजे प्रदर्शनकारी कपूरथला चौक पहुंच गए, जहां धरना और विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी आतिश भाटिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की। पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।  प्रदर्शन कर रहे सिख संगठनों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक इस मामले के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका धरना जारी रहेगा, चाहे उन्हें पूरी रात सड़कों पर क्यों न बैठना पड़े। वहीं बस्ती बावा खेल पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने और माहौल खराब करने की धाराओं के तहत अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद पूरे शहर में तनाव और रोष का माहौल बना हुआ है। एडीसीपी सुखविंदर सिंह ने कहा कि बेअदबी के मामले में बीएनएस की धारा 299 और जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। 

आजीविका मिशन को लेकर मंत्री पटेल सख्त, बोले- योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन में लाएं सुधार

आजीविका मिशन अंतर्गत योजनाओं का वित्तीय प्रबंधन करें बेहतर : मंत्री पटेल संविदा कर्मियों के लिए समान कार्य-समान वेतन का हो निर्धारण, पदों का करे युक्तियुक्तकरण राज्य आजीविका मिशन फोरम की शासी निकाय की बैठक में मंत्री पटेल ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन फोरम की शासी निकाय की बैठक ली और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विगत बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए मंत्री पटेल ने आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों के एचआर मैनुअल पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग में 'समान कार्य के लिए समान वेतन' का निर्धारण किया जाए और आवश्यकतानुसार पदों का युक्तियुक्तकरण भी किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने योजनाओं के बेहतर वित्तीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की बात कही, जिससे क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध रहे और विभाग की देयताएं (लायबिलिटी) कम हो सकें। बैठक में मंत्री पटेल ने जनोपयोगी सुविधाओं के लिए वन भूमि के उपयोग की अनुमति देने वाले नए वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप एफआरए लैंड डायवर्शन' की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पारदर्शी, सुगम और त्वरित प्रक्रिया से वन भूमि पर रहने वाले अनुसूचित जनजाति के कृषकों और मजदूरों को बड़ी सुगमता होगी। इसके साथ ही, प्रदेश के 52 जिलों में स्थापित 85 आजीविका पुस्तकालयों की समीक्षा करते हुए उन्होंने इन केंद्रों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से स्किल ट्रेनिंग देने पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें अंग्रेजी भाषा और अन्य आवश्यक कौशलों में प्रशिक्षित करने के लिए केंद्रीकृत वीसी के माध्यम से प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। मंत्री पटेल ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना 2.0 के तहत वर्तमान बाजार की मांग के अनुसार स्किल्स की पहचान करने और स्किल गैप एनालिसिस के आधार पर ही नवीन परियोजनाओं के मूल्यांकन के लिए नई टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना की सफलता की कहानियों को बुकलेट, फ्लेक्स और फिल्मों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एमपीएसईडीसी के माध्यम से फंड फ्लो की डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए बनाए जा रहे पोर्टल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए त्वरित कार्य करें। 5 हेक्टेयर से ऊपर के तालाबों की सूची तैयार करें और आवश्यकता के आधार पर अधूरे कार्यों को पूरा करें। 1 जुलाई से विकसित भारत – जी-राम-जी के तहत सभी निर्माण कार्य होने हैं इसलिए पूर्व से कार्य योजना तैयार रखें।इसमें विस्थापन के कारण शिफ्ट हुए परिवारों का विशेष ध्यान रखें और उन्हें इस योजना का लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मिथुन राशि में बना दुर्लभ त्रिग्रही राजयोग, कई राशियों के लिए शुभ संकेत

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति और उनका मिलन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 18 मई यानी कल मिथुन राशि में शुक्र, गुरु और चंद्रमा की युति से त्रिग्रही राजयोग का निर्माण हो चुका है. ग्रहों का यह शुभ संयोग जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव लाने वाला माना जा रहा है. क्या है त्रिग्रही राजयोग? जब तीन शक्तिशाली ग्रह एक ही राशि में एक साथ आते हैं, तो उसे त्रिग्रही योग कहा जाता है. मिथुन राशि में देवताओं के गुरु 'बृहस्पति', सुख-वैभव के कारक 'शुक्र' और मन के स्वामी 'चंद्रमा' का एक साथ आना एक दुर्लभ स्थिति मानी जाती है. यह योग विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जो अपनी वाणी, व्यापार और रचनात्मक कार्यों से जुड़े हैं. 18 मई 2026 को मिथुन राशि में बनने वाले त्रिग्रही राजयोग का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ा, लेकिन मिथुन राशि सहित कुछ अन्य राशियों के लिए यह विशेष रूप से फलदायी माना जा रहा है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस अद्भुत संयोग का लाभ कुछ राशियों को प्राप्त हो सकता है. मेष राशि (Aries) मेष राशि के लोगों के लिए यह राजयोग पराक्रम और साहस में वृद्धि का संकेत है. व्यापारिक मामलों में नई सफलताएं मिल सकती हैं. मिथुन राशि (Gemini) चूंकि यह युति इसी राशि में बन रही है, इसलिए मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास और रचनात्मकता में वृद्धि लेकर आएगा. करियर और निजी जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों को इस योग के प्रभाव से आर्थिक लाभ होने की संभावना है. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और रुके हुए कार्य पूर्ण हो सकते हैं. तुला राशि (Libra) तुला राशि के जातकों के लिए यह समय सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी और पारिवारिक शांति का कारक बनेगा. आय के नए स्रोत बन सकते हैं. कुंभ राशि (Aquarius) कुंभ राशि के लिए यह त्रिग्रही योग करियर के क्षेत्र में उन्नति के नए द्वार खोल सकता है. लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है.

रियान पराग की टीम के लिए करो या मरो का मुकाबला, आज लखनऊ से भिड़ंत

जयपुर राजस्थान रॉयल्स को अगर प्लेऑफ में पहुंचने की अपनी धुंधली उम्मीदों को बरकरार रखना है तो उसे लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खिलाफ मंगलवार को होने वाले आईपीएल के मैच में खेल के हर विभाग में सुधार करना होगा। रॉयल्स ने अपने घरेलू मैदान सवाई मानसिंह स्टेडियम में अभी तक एक भी मैच नहीं जीता है और यहां होने वाला अंतिम मैच घरेलू टीम के लिए करो या मरो जैसा बन गया है। रॉयल्स इसके बाद लीग चरण के अपने अंतिम मैच में मुंबई इंडियंस का सामना करेगा।रायल्स को रविवार को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ निचले क्रम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों की खराब प्रदर्शन के कारण हार का सामना करना पड़ा।  RR vs LSG: राजस्थान का आज लखनऊ से घर पर सामना इसके अलावा उसकी फील्डिंग भी अच्छी नहीं रही थी। रॉयल्स (Rajasthan Royals) की टीम अच्छी शुरुआत के लिए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी(Vaibhav Suryavanshi) पर काफी हद तक निर्भर रही है, लेकिन इस युवा खिलाड़ी को दूसरे छोर से यशस्वी जायसवाल से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला है। ध्रुव जुरैल ने कुछ शानदार पारियां खेली हैं, लेकिन पिछले मैच में उन्होंने कुछ धीमी पारी खेली जबकि दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे कप्तान रियान पराग (Riyan Parag) ने हाल के मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है। वह चाहेंगे कि उनकी टीम आखिरी पांच ओवरों में बल्लेबाजी में और अधिक सटीक प्रदर्शन करे। आईपीएल के मौजूदा सत्र में अधिकतर टीम की फील्डिंग अच्छी नहीं रही है और उन्होंने कई कैच छोड़े हैं। राजस्थान भी इन टीमों में शामिल है जिसने कुछ अच्छे मौके गंवाए हैं। दिल्ली कैपिटल्स से मिली हार के बाद पराग ने टूर्नामेंट के अंतिम चरण में टीम के अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाने पर निराशा व्यक्त की थी। प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है एलएसजी एलएसजी की टीम पहले ही प्लेऑफ (IPL 2026 Playoff) की दौड़ से बाहर हो चुकी है। वह अब बिना किसी दबाव के खेल रही है जिसका नमूना पिछले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के खिलाफ मिली जीत में देखने को मिला। उसे राजस्थान रॉयल्स के बाद अपने आखिरी लीग मैच में पंजाब किंग्स का सामना करना है। उसकी टीम इन दोनों टीमों के समीकरण बिगाड़ने के लिए प्रतिबद्ध होगी। बल्लेबाजी एलएसजी की सबसे कमजोर कड़ी रही है, लेकिन मिशेल मार्श ने सीएसके के विरुद्ध शानदार प्रदर्शन किया जिससे टीम जीत हासिल करने में सफल रही। वह अपना इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखकर इस सत्र का सकारात्मक अंत करना चाहेगी। RR vs LSG Squads: इस प्रकार हैं टीम- राजस्थान रॉयल्स: रियान पराग (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, शुभम दुबे, शिमरोन हेटमायर, यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरैल, लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, क्वेना मफाका, संदीप शर्मा, रवि बिश्नोई, सुशांत मिश्रा, अमन राव पेराला, एडम मिल्ने, कुलदीप सेन, दासुन शनाका, युद्धवीर चरक, रवि ¨सह, विग्नेश पुथुर, ब्रिजेश शर्मा। लखनऊ सुपर जायंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान), अब्दुल समद, आयुष बडोनी, मैथ्यू ब्रीट्जके, हिम्मत सिंह, एडेन मार्करैम, निकोलस पूरन, अर्शिन कुलकर्णी, मिचेल मार्श, शाहबाज अहमद, आवेश खान, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव, दिग्वेश सिंह राठी, मयंक प्रभु यादव, वानिंदु हसरंगा, एनरिक नोत्र्जे, जोश इंग्लिस, मोहसिन खान, नमन तिवारी, आकाश महाराज सिंह, मुकुल चौधरी, मणिमारन सिद्धार्थ, अर्जुन सचिन तेंदुलकर, अक्षत रघुवंशी।