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झारखंड प्रशासन अलर्ट: ड्रग्स नेटवर्क खत्म करने के लिए तेज निगरानी और कार्रवाई का प्लान

 रांची  जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित डिस्ट्रीक्ट एनसीओआरडी कमिटी (नारकोटिक्स कंट्रोल को-ऑर्डिनेशन) की महत्वपूर्ण बैठक में जिले में बढ़ते नशीले पदार्थों के कारोबार, तस्करी और दुरुपयोग पर सख्त रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई की रूपरेखा तय की। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ड्रग हाट स्पाट्स की तत्काल पहचान कर विशेष निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही एनडीपीएस एक्ट के लंबित मामलों की तेज जांच और अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया डी-एडिक्शन सेंटर से जोड़ने का लक्ष्य बैठक में स्कूलों, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नियमित जागरूकता अभियान चलाने तथा नशे की गिरफ्त में आए युवाओं की पहचान कर उन्हें डी-एडिक्शन सेंटर से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया। मेडिकल दुकानों, फार्मेसी और रसायनिक दुकानों की सघन जांच कर प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के निर्देश भी दिए गए। गैर कानूनी रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई उपायुक्त ने सीमावर्ती इलाकों और परिवहन मार्गों पर चेकपोस्ट मजबूत करने तथा इंटर-स्टेट ड्रग तस्करी रोकने के लिए पड़ोसी जिलों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। ड्रग तस्करों की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया तेज करने और उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में जिले में गैर कानूनी रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। वहीं अफीम की खेती रोकने के लिए पंचायत स्तर पर व्यापक अभियान चलाने की योजना बनाई गई, जिसमें मुखिया, प्रधान, समाजसेवी और जेएसएलपीएस को जोड़ा जाएगा। उपायुक्त ने अफीम की खेती से जुड़े लोगों की पहचान कर उनकी पुरानी गतिविधियों के आधार पर निगरानी रखने तथा दोबारा इस अवैध कार्य में शामिल होने से रोकने के निर्देश दिए। साथ ही ड्रग्स बेचने वालों पर कड़ी नजर रखते हुए कठोर कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में गौतम गोस्वामी, कुमार रजत, डॉ. प्रभात कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित थे। नशा मुक्त रांची के लक्ष्य को हासिल करना उद्देश्य उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा, रांची जिला युवा बहुल है। हमारी आने वाली पीढ़ी को नशीले पदार्थों के खतरे से बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन और पुलिस पूर्ण समन्वय के साथ काम कर नशा मुक्त रांची के लक्ष्य को हासिल करेंगे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि ड्रग तस्करी, अवैध ड्रग्स बिक्री, गांजा या अफीम की खेती अथवा किसी भी नशीले पदार्थ से जुड़ी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस, स्थानीय थाना या मादक पदार्थ निषेध सूचना केंद्र के टोल फ्री नंबर 1933 पर सूचना दें। गुमनाम सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

रांची में नई योजन,बिना नक्शा बने मकानों को नियमित करने का मिलेगा मौका

रांची नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के अंदर अपने अवैध बने भवनों को नियमित करने के लिए आवेदन कर दें ताकि समय पर काम पूरा हो सके। वह गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में झारखंड अनधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली, 2026 के तहत ऑनलाइन पोर्टल का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जहां आम लोगों को मौका प्रदान किया जा रहा है कि वे भवनों का नियमितीकरण करा सकेंगे। सरकार ने आम लोगों को राहत प्रदान करने के लिए यह योजना लांच की है। अब लोग घर बैठे पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपना मकान नियमित करा सकेंगे। सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर आम लोगों को राहत देते हुए अनियमित मकानों के नियमितीकरण के लिए यह अवसर प्रदान किया गया है। नगर विकास विभाग ने अथक प्रयासों के बाद इस योजना को मूर्तरूप दिया है। अब आनलाइन पोर्टल का शुभारंभ हो चुका है। लोग अब पोर्टल के माध्यम से अपने मकानों के नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। और अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे। योजना को सफल बनाने के लिए आम लोगों का सहयोग जरूरी है। सरकार की नीतियों के अनुपालन में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। भवन नियमितीकरण का उद्देश्य अनियमितीकरण को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि जो लोग बिना नक्शा और मास्टर प्लान के मकान बना लिए हैं, उन लोगों के लिए एक मौका दिया गया है। सरकार ने इसके लिए नियमावली को बहुत ही सरल बनाया है। नियमित करने में लगने वाली राशि को भी तीन किस्तों में भुगतान का प्रविधान कर लोगों को राहत देने का काम किया है। व्यवस्थित शहरीकरण ही उद्देश्य : सुनील कुमार प्रधान सचिव सुनील कुमार ने कहा कि सरकार नगरीय क्षेत्रों के विकास को गंभीरता से ले रही है । शहर की सूरत बदल रही है। रांची में तीन फ्लाइओवर बन कर तैयार है। सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाइओवर पर भी काम चल रहा है। अरगोड़ा, करमटोली और हरमू में तीन नए फ्लाइओवर की स्वीकृति मिल चुकी है। जमशेदपुर और धनबाद में भी फ्लाईओवर बन रहे हैं। मुख्यमंत्री का निर्देश है कि शहरीकरण अव्यवस्थित ढंग से ना हो। रोड, फुटपाथ, टाउनहाल, नाली आदि व्यवस्थित हों। शहरों में उन्नत बस स्टैंड की दिशा में काम जारी है। निकायों का राजस्व बढ़ाने पर फोकस है। टाउन प्लानर, इंजीनियर आदि की नियुक्ति सरकार ने की है। उन्होंने नियमितीकरण की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि दो माह के अंदर आनलाइन आवेदन करना है और छह माह के अंदर नियमितीकरण का निर्णय ले लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जी 2 और 300 वर्गमीटर से कम में बने मकानों का ही नियमितीकरण होगा। योजना से आम लोगों को राहत सूडा निदेशक सूरज कुमार ने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली -2026 सरकार का ऐतिहासिक कदम है। किसी कारण से लोगों ने अपना मकान बिना नक्शा पास कराए बना लिया है। ऐसे अनधिकृत भवनों के नियमितीकरण का निर्णय सरकार ने लिया है, ताकि झारखंड के नागरिकों को राहत पहुंचाई जाय।इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोग उठाएं। इसके लिए पोर्टल पर जाकर आनलाइन आवेदन करें।उन्होंने पोर्टल आवेदन करने की विधि का लाइव डेमोस्ट्रेशन भी दिया। इस अवसर पर नगर विकास विभाग के विशेष सचिव ज्ञानेंद्र कुमार, अपर सचिव जुल्फिकार अली, धनबाद नगर आयुक्त आशीष सहित नगर विकास एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण के पदाधिकारीगण और फिक्की के पदाधिकारी उपस्थित थे।  

चाणक्य नीति: ये 5 तरह के लोग बन सकते हैं आपके लिए सबसे खतरनाक दुश्मन

आपने कई बार सुना होगा कि अपने दुश्मन को पहचानो, उससे बचो और उसे हराओ. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ दुश्मन ऐसे भी होते हैं, जिन्हें दुश्मन बनाना ही आपकी सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है? ऐसे लोग अगर आपके खिलाफ हो जाएं, तो आपकी शांति, सफलता और खुशियां, सब कुछ खत्म हो सकता है. आचार्य चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने अपने गहरे अनुभव से यह बताया कि कुछ शत्रु ऐसे होते हैं जिनसे टकराना मतलब खुद का नुकसान करना है. चाणक्य के मुताबिक, 'बुद्धिमान व्यक्ति वह नहीं जो दुश्मन को हराए, बल्कि वह है जो समझ जाए कि किसे दुश्मन बनाना ही नहीं है.' आज हम जानेंगे ऐसे ही 5 खतरनाक लोगों के बारे में, जो अक्सर हमारे आस-पास ही होते हैं. 1. ईर्ष्यालु व्यक्ति (जलने वाला इंसान) यह सबसे आम और सबसे खतरनाक शत्रु होता है. यह अक्सर आपके करीब होता है जैसे दोस्त, रिश्तेदार या सहकर्मी. आपकी सफलता देखकर बाहर से मुस्कुराता है, लेकिन अंदर ही अंदर जलता है. सामने से कुछ नहीं कहता, लेकिन पीछे से आपकी छवि खराब करता है. अगर आपने इसे दुश्मन बना लिया, तो यह आपके खिलाफ छुपकर षड्यंत्र करेगा. इसलिए, इसके सामने अपनी सफलता का दिखावा न करें. उससे बहस करने से बचें. 2. विश्वासघाती अपना (परिवार का दुश्मन) यह सबसे दर्दनाक स्थिति होती है. यह आपका अपना होता है, लेकिन आपके पतन की कामना करता है. आपकी हर कमजोरी जानता है. परिवार में आपकी छवि खराब कर सकता है. ऐसे व्यक्ति से दुश्मनी आपको अंदर से तोड़ सकती है. इसलिए उससे दूरी बनाएं, लेकिन दिखावे में रिश्ता बनाए रखें. अपने राज और योजनाएं उससे छुपाएं. 3. बिना सोचे बोलने वाला व्यक्ति यह 'मुंहफट' इंसान बहुत खतरनाक होता है. इसे अपने शब्दों की कीमत नहीं पता है. यह कहीं भी, कभी भी कुछ भी बोल सकता है. आपकी प्रतिष्ठा को एक झटके में खराब कर सकता है. चाणक्य कहते हैं कि ऐसा व्यक्ति अगर दुश्मन बन जाए, तो आपकी इमेज को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए, उससे बहस न करें और उसकी बातों को नजरअंदाज करें. 4. हर बात पर हां करने वाला (चापलूस) यह सबसे छुपा हुआ खतरा है. आपकी हर बात पर सहमत होता है. आपकी गलतियों को भी सही बताता है. धीरे-धीरे आपको कमजोर बना देता है. अगर यह शत्रु बन जाए, तो आपकी सारी कमजोरियों का इस्तेमाल करेगा. इसलिए, उसकी बातों पर आंख बंद करके भरोसा न करें और अपने फैसले खुद लें. 5. सत्ता वाला व्यक्ति यह सबसे खतरनाक शत्रु होता है बॉस, अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति. उसके पास संसाधन और शक्ति होती है. वह कानूनी या सामाजिक तरीके से नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसे व्यक्ति से सीधी टक्कर लेना भारी पड़ सकता है. इसलिए, उनसे सीधे टकराव से बचें. रणनीति और धैर्य से काम लें. सबसे बड़ा सच: असली शत्रु आपके अंदर है चाणक्य की सबसे गहरी बात है कि सबसे बड़ा शत्रु बाहर नहीं, आपके अंदर है. जैसे क्रोध, अहंकार, लालच और भय, अगर आप इन पर काबू पा लेते हैं, तो कोई भी बाहरी दुश्मन आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है.

राजस्थान के मोकलवास में दर्दनाक हादसा: मलबे में दबे मजदूर की तलाश में रेस्क्यू जारी

 जयपुर राजस्थान के नीमकाथाना जिले के मोकलवास में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब झरिंड़ा स्थित एक क्रेशर खदान में भीषण भूस्खलन के कारण पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे आ गिरा. इस हादसे में 4 मजदूर भारी पत्थरों और मशीनों के नीचे दब गए. राहत की बात यह रही कि 3 मजदूरों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 1 मजदूर अब भी करीब 12 घंटों से खान के भीतर फंसा हुआ है. शुक्रवार सुबह होते ही प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरी ताकत झोंक दी है. अंधेरे और मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें मलबे के नीचे दबे चौथे मजदूर दयालचंद का रात भर पता नहीं चल सका. रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती रात का घना अंधेरा और खराब मौसम रहा. संसाधनों की कमी और दोबारा भूस्खलन के खतरे को देखते हुए बचाव कार्य को बीच में रोकना पड़ा, जिसके कारण दयालचंद पूरी रात मलबे के नीचे ही फंसा रहा. प्रतापगढ़ का निवासी है फंसा हुआ मजदूर मलबे में फंसे मजदूर की पहचान प्रतापगढ़ जिले के निवासी के रूप में हुई है. दयालचंद खदान में मशीनरी संचालन का कार्य कर रहा था, तभी अचानक गिरी चट्टानों ने उसे और मशीनों को अपनी चपेट में ले लिया. परिजनों और स्थानीय प्रशासन की सांसें अब शुक्रवार सुबह शुरू हुए इस अंतिम दौर के रेस्क्यू पर टिकी हैं. NDRF की टीम मौके पर पहुंची हादसे की गंभीरता को देखते हुए नीमकाथाना एडीएम (ADM) भागीरथमल साख और एएसपी (ASP) लोकेश मीणा भारी पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर डटे हुए हैं. रेस्क्यू को गति देने के लिए NDRF की टीम भी झरिंड़ा गांव पहुंच चुकी है. आधुनिक कटर और भारी मशीनों की मदद से विशालकाय पत्थरों को हटाने का काम अब युद्धस्तर पर किया जा रहा है.

ईंधन महंगा: मिडिल ईस्ट संकट का असर, राजस्थान के कई शहरों में बढ़े दाम

जयपुर मिडिल ईस्ट संकट का असर अब देशभर में भी दिखने लगा है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. आज (15 मई) सुबह पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी होने के साथ ही आम आदमी को  बड़ा झटका लगा है. राजधानी जयपुर में भी पेट्रोल 104.75 रुपये से बढ़कर 108 रुपये तक पहुंच गया है. जबकि डीजल 3.02 रुपये महंगा होने के चलते 93.26 तक पहुंच गया है, जो पहले 90.24 रुपये प्रति लीटर था. वहीं, सीमावर्ती इलाके श्रीगंगानगर में दाम पहले 106.21 थे, अब 3.25 बढ़कर 109.46 रुपए प्रतिलीटर हुए हैं. डीजल के दाम भी 94.74 रुपए प्रतिलीटर है. वहीं, अजमेर में पेट्रोल के दाम 107.56 और  डीजल 92.86 रुपये तक पहुंच गया है. 4 साल में पहली बार बढ़े दाम पिछले 4 साल में यह पहली बार है, जब तेल की कीमतों में उछाल आया है. साल 2022 से पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए थे. लेकिन अब मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते भाव प्रभावित हुए हैं. इसका असर ट्रांसपोर्टेशन खर्च और सब्जी समेत रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ेगा. गिग वर्कर्स समेत कई लोगों पर सीधा असर इससे पहले, कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो) के दाम 993 रुपए बढ़ाए गए थे. कर्मशियल गैस के बाद पेट्रोल के दामों का असर आम आदमी की जेब पर पड़ना तय है. फिलहाल, घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर बनी हुई है. गिग वर्करों का कहना है कि उनकी आमदनी पर इससे सीधा असर पड़ेगा.   वहीं, रशीद मोहम्मद ने बताया कि इस बढ़ोतरी से फर्क तो पड़ेगा. लेकिन खाड़ी देशों में जो तनाव है, उसके बाद क्या ही कर सकते हैं. खर्चों में कटौती करनी चाहिए. हम घर में भी तो बचत करते हैं.

पुराना AC भी देगा नई जैसी ठंडक, बस अपनाएं ये आसान मेंटेनेंस टिप्स

गर्मी जैसे-जैसे बढ़ती है, पुराने AC का असली टेस्ट शुरू हो जाती है. कई लोगों की शिकायत होती है कि AC चल तो रहा है, लेकिन पहले जैसी ठंडक नहीं दे रहा. कमरे को ठंडा होने में बहुत समय लग रहा है या फिर AC बस हवा फेंक रहा है, ठंडक नहीं. अच्छी बात ये है कि ज्यादातर मामलों में इसका समाधान आसान होता है, बस थोड़ी समझ और सही मेंटेनेंस की जरूरत होती है. कार की तरह AC की भी रेग्यूलर सर्विस सबसे पहले बात करते हैं सर्विसिंग की. अगर आपका AC एक-दो साल पुराना है और आपने हर साल सर्विस नहीं करवाई है, तो ठंडक कम होना लगभग तय है. AC के अंदर धूल, मिट्टी और गंदगी जमा हो जाती है, जिससे एयरफ्लो कम हो जाता है और कूलिंग पर असर पड़ता है. इसलिए हर सीजन की शुरुआत में प्रोफेशनल सर्विस कराना बेहद जरूरी है. सर्विसिंग के दौरान टेक्नीशियन कॉइल्स, फिन्स और ड्रेनेज सिस्टम को साफ करता है, जिससे AC की परफॉर्मेंस वापस बेहतर हो जाती है. फिल्टर क्लीनिंग अब बात आती है फिल्टर की सफाई की, जो आप खुद भी कर सकते हैं. AC का फिल्टर सबसे जल्दी गंदा होता है क्योंकि वही सारी धूल को रोकता है. अगर फिल्टर चोक हो गया, तो हवा ठीक से पास नहीं हो पाएगी और ठंडक कम हो जाएगी. पीक समर में आपको हर 10-15 दिन में फिल्टर निकालकर पानी से धोना चाहिए और पूरी तरह सूखने के बाद ही वापस लगाना चाहिए. ये छोटा सा काम आपके AC की कूलिंग को काफी हद तक सुधार सकता है. गैस की इश्यू कूलिंग कम होने का एक बड़ा कारण गैस भी होता है. AC में जो रेफ्रिजरेंट गैस होती है, वही असल में हवा को ठंडा करती है. अगर गैस कम हो गई है या लीक हो रही है, तो AC चाहे जितना चलाएं, ठंडक नहीं मिलेगी. ऐसे में आपको किसी एक्सपर्ट से गैस चेक करवानी चाहिए. अगर गैस कम है, तो उसे रिफिल किया जाता है, लेकिन उससे पहले ये देखना जरूरी है कि कहीं लीकेज तो नहीं है. अगर लीक है और आपने सिर्फ गैस भरवा ली, तो कुछ ही समय में वही समस्या फिर से आ जाएगी. गैस लीक लीकेज की समस्या को नजरअंदाज करना सबसे बड़ी गलती होती है. पाइप्स या कॉइल्स में छोटी सी दरार भी गैस को धीरे-धीरे बाहर निकाल सकती है. एक अच्छा टेक्नीशियन पहले लीकेज ढूंढेगा, उसे ठीक करेगा और उसके बाद ही गैस भरेगा. इससे आपका AC लंबे समय तक सही कूलिंग देगा. एक और अहम चीज है आउटडोर यूनिट की सफाई. कई लोग सिर्फ इंडोर यूनिट पर ध्यान देते हैं, जबकि आउटडोर यूनिट भी उतनी ही जरूरी है. अगर आउटडोर यूनिट पर धूल या कचरा जमा है या उसके आसपास हवा का सही फ्लो नहीं है, तो हीट बाहर नहीं निकल पाएगी और कूलिंग कमजोर हो जाएगी. कोशिश करें कि आउटडोर यूनिट खुली जगह पर हो और उसके आसपास कोई रुकावट न हो. कमरे की कंडीशन कैसी हो? इसके अलावा, कमरे की कंडीशन भी बहुत मायने रखती है. अगर कमरे में बहुत ज्यादा धूप आती है या दरवाजे-खिड़कियां ठीक से बंद नहीं हैं, तो AC को ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी. मोटे पर्दे इस्तेमाल करें और कोशिश करें कि ठंडी हवा बाहर न जाए. इससे AC की एफिशिएंसी बढ़ती है. डायरेक्ट सनलाइट आती है तो ब्लैकआउट ब्लाइंड का यूज करना बेहतर होगा. पुराने AC में एक और ट्रिक काम आती है, थर्मोस्टेट सेटिंग्स को समझदारी से यूज करना. बहुत लोग AC को 16 डिग्री पर सेट कर देते हैं, ये सोचकर कि जल्दी ठंडा होगा. लेकिन इससे कंप्रेसर पर लोड बढ़ता है और बिजली भी ज्यादा खर्च होती है. 24-26 डिग्री का सेटिंग आमतौर पर सही रहता है, जिससे कूलिंग भी अच्छी मिलती है और AC पर दबाव भी कम रहता है. अगर आपका AC बहुत पुराना है, तो कभी-कभी पार्ट्स की हालत भी खराब हो जाती है, जैसे कंप्रेसर या फैन मोटर. ऐसे में बार-बार छोटी-मोटी रिपेयर कराने से बेहतर है कि एक बार सही से जांच करवा लें कि कौन सा पार्ट बदलने की जरूरत है. ये समझना जरूरी है कि AC मशीन है और उसे सही देखभाल चाहिए. समय पर सर्विसिंग, साफ फिल्टर, सही गैस लेवल और लीकेज फिक्सिंग, इन सब चीजों का ध्यान रखेंगे, तो आपका पुराना AC भी नई जैसी ठंडक दे सकता है. थोड़ी सी मेहनत और सही जानकारी से आप बिना नया AC खरीदे भी इस गर्मी में आराम से ठंडक का मजा ले सकते हैं.

वेलकम टू द जंगल का टीजर रिलीज, अक्षय कुमार की कॉमेडी वापसी

अक्षय कुमार की पिछली कॉमेडी फिल्म भूत बंगला बॉक्स ऑफिस पर हिट हुई थी. अब एक्टर अपने इस सक्सेसफुल रन को आगे कायम रखने के लिए, वो हिट कॉमेडी फ्रेंचायजी वेल्कम का तीसरा पार्ट 'वेल्कम टू द जंगल' लेकर आ रहे हैं. इस फिल्म का एक छोटा सा टीजर जारी हुआ है, जिसमें हमें फिल्म की झलक दिखाई गई है. वेल्कम टू द जंगल में क्या लेकर आए अक्षय? वेल्कम टू द जंगल फिल्म में करीब 36 से ज्यादा बॉलीवुड एक्टर्स ने काम किया है, जो एक ही साथ नजर आने वाले हैं. टीजर के मुताबिक, वो सभी फिल्म के अंदर ही एक नकली फिल्म में काम करेंगे, जो घने जंगलों में शूट होगी. लेकिन इसमें किसी भी जानवर को नहीं इस्तेमाल किया गया, सिवाए कुछ घोड़ों के. टीजर के पहले ही सीन में इंडिया-पाकिस्तान बॉर्डर दिखाया जाता है, जहां से कुछ इंडिया की तरफ आते दिखे. फिर वेल्कम फिल्म का आइकॉनिक थीम सॉन्ग बजता है. आगे हम एक-एक करके फिल्म वेल्कम टू द जंगल की पूरी स्टारकास्ट को देखते हैं. इसमें परेश रावल, राजपाल यादव, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी और बाकी सभी के बीच खूब सारा कंफ्यूजन और कॉमेडी दिखाई जाती है. साथ ही थोड़ा एक्शन भी हमें नजर आता है. फैंस की पुरानी यादें होंगी ताजा फिल्म के टीजर के अंत में हम सुनील शेट्टी और अक्षय कुमार की वो आइकॉनिक जुगलबंदी भी देख सकते हैं, जो काफी समय बाद बड़े पर्दे पर नजर आएगी. खास बात ये भी है कि हम कई सालों के बाद अक्षय और रवीना टंडन को एक साथ देखने वाले हैं. टीजर में कुछ सेकेंड के लिए उनका एक सीन भी दिखाई दिया है, जो उनके फैंस की पुरानी यादें ताजा कर सकती है. दोनों एक्टर्स 20 साल के बाद एक फिल्म में नजर आने वाले हैं. अक्षय कुमार की फिल्म वेल्कम टू द जंगल 26 जून को थिएटर्स में रिलीज होगी. उससे पहले आने वाले सोमवार को मेकर्स फिल्म का टाइटल ट्रैक रिलीज करेंगे. अब टीजर के बाद फैंस को इसके ट्रेलर का इंतजार है. उन्हें अभी तक अक्षय की फिल्म की पहली झलक पसंद आई है. हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इसके वीएफएक्स पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

अब पुल की लंबाई तय करेगी टोल टैक्स: बिहार सरकार ला रही नया फॉर्मूला

पटना  बिहार में अब राज्य के बड़े पुलों और चुनिंदा मुख्य सड़कों पर सफर करने के लिए आपकी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली होने वाली है। राज्य सरकार पहली बार अपनी टोल टैक्स नीति लेकर आ रही है। पथ निर्माण विभाग इस नई नीति को अंतिम रूप देने में जोर-शोर से जुटा हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस नई नीति के तहत पुलों पर टोल टैक्स की राशि उनकी लंबाई के आधार पर तय की जाएगी। विभाग के विशेषज्ञ नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की गाइडलाइंस के आधार पर इसके निर्धारण में जुटे हैं, ताकि सड़कों और पुलों का बेहतर रखरखाव किया जा सके। 10 गुना बढ़ाकर लिया जाएगा टोल इस नई टोल नीति में टैक्स तय करने का जो फॉर्मूला तैयार किया जा रहा है, वह बेहद खास है। विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, पुल के मुख्य हिस्से की जो वास्तविक लंबाई होगी, उसे 10 से गुणा करके टैक्स की राशि तय की जाएगी। आसान भाषा में समझें तो, अगर किसी पुल का मुख्य हिस्सा 5 किलोमीटर लंबा है, तो उस पर 10 गुना बढ़ाकर यानी 50 किलोमीटर के हिसाब से टोल टैक्स वसूला जाएगा। वहीं, एप्रोच रोड की लंबाई पर प्रति किलोमीटर 60 से 65 पैसे का टैक्स लगेगा। अंत में पुल और एप्रोच रोड दोनों की राशि जोड़कर फाइनल टोल तय होगा। कॉमर्शियल वाहनों के लिए अलग दरें निजी चारपहिया वाहनों के लिए जहां प्रति किलोमीटर 60-65 पैसे का प्रस्ताव है, वहीं कॉमर्शियल और भारी वाहनों के लिए टोल टैक्स की दरें अलग-अलग निर्धारित की जाएंगी। हालांकि, पथ निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस फॉर्मूले पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है। आपको बता दें कि राज्य में अब तक अपनी कोई टोल टैक्स नीति नहीं थी, इसलिए यातायात सुविधाओं को बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इस नई नीति में आम जनता की सहूलियत का भी ध्यान रखा गया है। नए मानक लागू होने के बाद, टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को टैक्स से छूट दी जाएगी। वहीं, जो लोग नौकरी या अपने व्यवसाय के सिलसिले में रोज उस मार्ग से सफर करते हैं, उनके लिए मंथली पास का विशेष प्रावधान किया जाएगा।

सिंधू ने डेनमार्क की शूल्ज को हराया, लक्ष्य सेन ने भी दर्ज की आसान जीत

बैंकाक भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू और लक्ष्य सेन थाइलैंड ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और छठी वरीयता प्राप्त सिंधू ने 28 मिनट के भीतर डेनमार्क की अमेली शूल्ज को 21-13, 21-15 से हराया। सातवीं वरीयता प्राप्त सेन ने चीन के झू शुआन चेन को 21-12, 21-13 से मात दी। सिंधू का सामना अब शीर्ष वरीयता प्राप्त तीसरी रैंकिंग वाली जापान की अकाने यामागुची से होगा। वहीं, लक्ष्य चीनी ताइपै के ली चिया हाओ और दूसरी वरीयता प्राप्त थाइलैंड के कुंलावुत वितिदसर्न के बीच होने वाले मैच के विजेता से खेलेंगे। पुरुष डबल्स में सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भी अंतिम आठ में पहुंच गए। उन्होंने मलेशिया के ब्रायन जेरेमी और मुहम्मद हाइकल को 21-12, 21-19 से मात दी। अब उनका सामना छठी वरीयता प्राप्त जापान के ताकुमी नोमूरा और युइची शिमोगामी से होगा। इस साल थाईलैंड मास्टर्स सुपर 300 खिताब जीतने वाली देविका सिहाग को थाईलैंड की पिचामोन ओपात्निपुत ने 23-21, 21-11 से मात दी।

सपा प्रवक्ता के बयान पर बवाल: मायावती बोलीं- ब्राह्मण समाज से तुरंत क्षमा मांगें अखिलेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के एक राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज के खिलाफ की गई टिप्पणी ने प्रदेश का सियासी पारा बढ़ा दिया है। इस मुद्दे पर अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने मोर्चा संभालते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव को कठघरे में खड़ा किया है। मायावती ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अखिलेश यादव को इस अभद्र टिप्पणी के लिए तत्काल ब्राह्मण समाज से माफी मांगनी चाहिए। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि सपा के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा हाल ही में ब्राह्मण समाज को लेकर की गई अभद्र, अशोभनीय एवं आपत्तिजनक टिप्पणी से हर तरफ भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद भी यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है, क्योंकि समाज के स्वाभिमान को गहरी ठेस पहुंची है। अखिलेश की चुप्पी ने मामले को बनाया गंभीर बसपा प्रमुख ने अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली सपा के नेतृत्व की इस मामले पर खामोशी बेहद चिंताजनक है। मायावती के अनुसार, सपा मुखिया की चुप्पी की वजह से यह विवाद और अधिक तूल पकड़ता जा रहा है और सामाजिक स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने सलाह दी कि सपा मुखिया को तत्काल इसका संज्ञान लेकर ब्राह्मण समाज से क्षमा याचना और पश्चाताप कर लेना चाहिए। सपा का चरित्र 'ब्राह्मण विरोधी' मायावती ने सपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इस प्रकरण से एक बार फिर साबित हो गया है कि सपा का चरित्र नहीं बदला है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों, अति-पिछड़ों और मुस्लिम समाज की तरह सपा का 'ब्राह्मण विरोधी' चेहरा भी अब और गहरा होकर सामने आया है। इसके साथ ही उन्होंने वर्तमान सरकार (बीजेपी) पर भी निशाना साधा और कहा कि ब्राह्मण समाज में मौजूदा सरकार के रवैये को लेकर भी जबरदस्त नाराजगी है, जो किसी से छिपी नहीं है। बसपा में 'यूज एंड थ्रो' की राजनीति नहीं ब्राह्मणों को अपनी ओर आकर्षित करते हुए मायावती ने बसपा के शासनकाल की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि बसपा ने हमेशा सर्वसमाज की तरह ब्राह्मण समाज को भी पार्टी और सरकार में भरपूर आदर-सम्मान दिया है। बसपा में 'यूज एंड थ्रो' (इस्तेमाल करो और फेंको) की राजनीति नहीं होती, बल्कि यहाँ सर्वसमाज का हित हमेशा सुरक्षित रहा है। गौरतलब है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में मायावती ने अकेले ही उतरने का ऐलान किया है। 2007 की तरह दलित ब्राह्मण गठजोड़ पर मायावती की नजरें हैं। पिछले दिनों प्रेस कांफ्रेंस कर उन्होंने ब्राह्मण समाज को बसपा से जोड़ने के लिए कई ऐलान भी किए थे।