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रमा निषाद बनीं बिहार सरकार की सबसे अमीर मंत्री, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

पटना बिहार सरकार के 10 मंत्री मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अधिक अमीर हैं। सीएम सहित 35 मंत्रियों में 32 करोड़पति हैं। केवल तीन ही मंत्री लखपति हैं। सबसे अधिक धनी भाजपा कोटे की पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद हैं जबकि सबसे कम संपत्ति वाले लोजपा आर कोटे के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास 6.38 करोड़ की संपत्ति है। महिला मंत्रियों की औसत संपत्ति पुरुष मंत्रियों से तीन गुना अधिक है। सरकार में पांच महिला मंत्री हैं। इनकी औसत संपत्ति 16 करोड़ से अधिक है। वहीं पुरुष मंत्रियों की औसत संपत्ति 4.68 करोड़ है। आंकड़ों के अनुसार, शीर्ष पांच स्थान पर रहे मंत्रियों के पास मंत्रिमंडल की कुल संपत्ति का 46 फीसदी है। सभी मंत्रियों की कुल संपत्ति 220.89 करोड़ है। पांच शीर्ष मंत्रियों के पास 102 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। जबकि पांच सबसे गरीब मंत्रियों के पास सिर्फ 3 करोड़ 63 लाख की संपत्ति है। रमा सबसे अमीर, श्वेता दूसरे स्थान पर सबसे अधिक अमीर मंत्री रमा निषाद के पास 31.86 करोड़ की संपत्ति है। दूसरे स्थान पर डॉ. श्वेता गुप्ता हैं, जिनके पास 29.24 करोड़ की संपत्ति है। तीसरे स्थान पर अशोक चौधरी हैं, जिनके पास 22.39 करोड़ की संपत्ति है। अन्य मंत्रियों में शीला कुमारी के पास 9.50 करोड़, डॉ. दिलीप जायसवाल के पास 9.33 करोड़, शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल के पास 9.25 करोड़, विजय कुमार सिन्हा के पास 8.81 करोड़, श्रेयसी सिंह की 7.62 करोड़ तो दामदोर रावत के पास 6.70 करोड़ की संपत्ति है। कुमार शैलेन्द्र के पास 6.68 करोड़ संपत्ति है।

कनाडा भेजे जा रहे थे 89 हथियार, अमेरिकी एजेंसियों ने पकड़ा बड़ा तस्करी नेटवर्क

नई दिल्ली संयुक्त राज्य अमेरिका से कनाडा में 89 हथियार की तस्करी के प्रयास में एक पाकिस्तानी नागरिक सहित तीन लोगों पर अमेरिका में आरोप तय किए गए हैं। इन बरामद हथियारों में से कम से कम 17 हथियार चोरी के बताए जा रहे हैं। दक्षिणी न्यूयॉर्क जिले के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के अटॉर्नी कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, यह गिरफ्तारियां गुरुवार को स्टेट रूट 90 पर न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस द्वारा की गई एक वाहन चेकिंग के दौरान हुईं। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान वाहन में सवार लोगों के असंगत और गोलमोल जवाबों से पुलिस को शक हुआ, जिसके बाद वाहन की तलाशी ली गई। अधिकारियों ने हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया, जिसमें कार की पिछली सीट के नीचे छिपाए गए कई अतिरिक्त हथियार भी शामिल थे। फर्जी दस्तावेज वाले आरोपियों की पहचान आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय कनाडाई नागरिक मलिक ब्रोमफील्ड, 25 वर्षीय पाकिस्तानी नागरिक फैजान अली और 22 वर्षीय कमाल सलमान के रूप में हुई है। तीनों को बाद में व्हाइट प्लेन्स में संघीय मजिस्ट्रेट जज के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि फैजान अली के पास किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी किया गया एक एक्सपायर पाकिस्तानी राष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट मौजूद था। 15 साल तक की हो सकती है जेल आरोपियों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें अमेरिका से हथियारों की तस्करी, हथियारों का बिना लाइसेंस व्यापार, चोरी के हथियारों का अंतरराज्यीय परिवहन और आग्नेयास्त्रों को अवैध रूप से अपने पास रखना शामिल है। इसके अलावा, मलिक ब्रोमफील्ड पर एक विदेशी नागरिक द्वारा अवैध रूप से हथियार रखने का अतिरिक्त आरोप भी लगाया गया है। अभियोजकों के अनुसार, इन आरोपों के तहत 5 से 15 साल तक की अधिकतम वैधानिक जेल की सजा का प्रावधान है, हालांकि अंतिम सजा का निर्धारण अदालत द्वारा किया जाएगा। इन गिरफ्तारियों की आधिकारिक घोषणा अमेरिकी अटॉर्नी जे क्लेटन, एफबीआई के असिस्टेंट डायरेक्टर इन चार्ज जेम्स सी. बार्नकल जूनियर और एटीएफ (ATF) के स्पेशल एजेंट इन चार्ज ब्रायन डिगिरोलामो ने की। क्या है पूरा मामला? अमेरिकी अटॉर्नी क्लेटन ने कहा कि जैसा कि आरोप है, प्रतिवादियों को देश से बाहर तस्करी करने के लिए 80 से अधिक बंदूकों को ले जाते हुए पकड़ा गया है, जिनमें शॉर्ट-बैरल राइफलें और चोरी के हथियार शामिल हैं। वहीं, बार्नकल ने कहा कि दो विदेशी नागरिकों सहित इन आरोपियों ने कथित तौर पर हथियारों को कनाडा ले जाने का प्रयास करके सार्वजनिक सुरक्षा को भारी खतरे में डाला है। डिगिरोलामो ने अवैध हथियारों की तस्करी से पैदा होने वाले खतरों के बारे में भी कड़ी चेतावनी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस जांच में एनवाईएसपी ट्रूप एफ कम्युनिटी स्टेबिलाइजेशन यूनिट, एफबीआई की न्यूयॉर्क हडसन वैली सेफ स्ट्रीट्स टास्क फोर्स और शराब, तंबाकू, आग्नेयास्त्र व विस्फोटक ब्यूरो का संयुक्त प्रयास शामिल था।

तमिलनाडु में नए दौर की शुरुआत: विजय का पहला आदेश बना चर्चा का केंद्र

तमिलनाडु  तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में रविवार को शपथ लेने के बाद विजय ने अपने पहले आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस आदेश में 200 यूनिट मुफ्त बिजली, नशीली दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे अहम फैसले शामिल हैं। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले आधिकारिक आदेश में (टीवीके) के प्रमुख विजय ने राज्य में 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की। इसके साथ ही, नशीली दवाओं के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक हेल्पलाइन के साथ विशेष बल के गठन का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पूरा ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य और पानी जैसे बुनियादी मुद्दों पर रहेगा। विजय ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसानों और मछुआरों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। सब कुछ अच्छा होगा। भाषण से जीता जनता का दिल विजय ने अपने जोशीले और भावुक भाषण की शुरुआत अपने चिर-परिचित तमिल वाक्यांश एन नेंजिल कुदियिरुक्कुम से की। वह अपने अभिनय करियर के दौरान भी अक्सर प्रशंसकों को संबोधित करने के लिए इस वाक्य का इस्तेमाल करते रहे हैं। यह वीडियो भी देखें अपने संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने कहा कि एक सहायक निर्देशक का बेटा अब मुख्यमंत्री बन गया है। मैं गरीबी और भूख को करीब से जानता हूं, मैं किसी शाही परिवार से नहीं आता। मैंने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया है और कई लोगों ने मुझे अपमानित भी किया। मैं आपके बेटे, आपके भाई जैसा हूं। आपने मुझे अपने दिल में जगह दी है और मुझे स्वीकार किया है। विपक्ष पर साधा निशाना जनता से झूठे वादे न करने का आश्वासन देते हुए विजय ने पिछली सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि DMK सरकार ने राज्य का खजाना पूरी तरह खाली कर दिया है और हमने 10 लाख करोड़ रुपये के भारी कर्ज के साथ सत्ता संभाली है। हम जनता के पैसे से एक फूटी कौड़ी भी नहीं लेंगे और न ही किसी को राज्य को लूटने की इजाजत देंगे। राज्य में वास्तविक, धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय के एक नए युग की शुरुआत का वादा करते हुए, मुख्यमंत्री विजय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रवीण चक्रवर्ती, वामपंथी नेता एम.ए. बेबी सहित अपने सभी राजनीतिक सहयोगियों का उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

जमात नुसरत अल-इस्लाम वल मुस्लिमीन ने ली हमलों की जिम्मेदारी, राजधानी बामको पर भी मंडराया खतरा

नई दिल्ली माली से जिहादी हमलों की खबर सामने आ रही है। पिछले कुछ दिनों में हुए अलग-अलग हमलों में कम से कम 70 लोग मारे गए हैं। हालांकि, कुछ स्थानीय अधिकारियों का अनुमान है कि मरने वालों की संख्या 80 से अधिक हो सकती है। इन हमलों की जिम्मेदारी अल-कायदा से जुड़े संगठन जमात नुसरत अल-इस्लाम वल मुस्लिमीन (JNIM) ने ली है। संगठन ने शुक्रवार को कई हमले किए। इससे पहले बुधवार को गांवों पर हुए छापों में कम से कम 30 लोगों की जान चली गई थी। माली के सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, JNIM उन गांवों को निशाना बना रहा है जिन्होंने स्थानीय समझौतों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। इस त्रासदी के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। समाचार एजेंसी एएफपी (AFP) के अनुसार, एक स्थानीय युवा नेता ने सेना पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "हमारे दिलों से खून बह रहा है। पास में सेना की टुकड़ियों के होने और बार-बार मदद की गुहार लगाने के बावजूद उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया।" जेल पर हमला यह हिंसा उस घटना के बाद और तेज हुई है, जिसमें हथियारबंद लड़ाकों ने राजधानी बामको से लगभग 60 किमी दूर स्थित केनीरोबा सेंट्रल जेल पर हमला बोल दिया था। यह एक नवनिर्मित जेल है जिसमें लगभग 2,500 कैदी बंद हैं। इनमें कम से कम 72 ऐसे कैदी शामिल हैं जिन्हें माली अधिकारियों ने अत्यधिक खतरनाक श्रेणी में रखा है। बामको की घेराबंदी की धमकी हालात तब और चिंताजनक हो गए जब JNIM ने पिछले हफ्ते घोषणा की कि वह राजधानी बामको की ओर जाने वाली सड़कों पर चेकपॉइंट स्थापित कर शहर की पूर्ण घेराबंदी करने का इरादा रखता है। सैन्य स्थिति और गठबंधन माली की सेना के कमांडर जिब्रिला मैगा ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि खतरा अभी भी मौजूद है। 25-26 अप्रैल से हमलों में तेजी आई है, जब JNIM ने कथित तौर पर तुआरेग-बहुल अजावाद लिबरेशन फ्रंट (FLA) के साथ हाथ मिला लिया। अप्रैल में हुए बड़े हमलों में माली के रक्षा मंत्री सादियो कैमारा मारे गए थे और इसके बाद माली के नेतृत्व के साथ खड़े रूसी सैनिकों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तरी शहर किडल से पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा था। फिलहाल, माली की सेना का दावा है कि वह विद्रोहियों की गतिविधियों को बाधित करने के लिए सक्रिय रूप से अभियान चला रही है, लेकिन जमीनी हकीकत और बढ़ती मौतें सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं।

C S K vs L S G: हार मतलब लगभग खत्म हो सकती है एलएसजी की उम्मीद

चन्नई  चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के बीच रविवार को एमए चिदंबरम स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का 53वां मैच खेला जाएगा, जिसमें सीएसके का मकसद जीत दर्ज करते हुए प्लेऑफ की दौड़ में बने रहना होगा। प्लेऑफ की रेस में बने रहने पर सीएसके की नजरें पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स फिलहाल प्वाइंट्स टेबल में छठे पायदान पर मौजूद है। इस टीम ने अब तक 10 में से 5 मैच जीते हैं, जबकि इतने ही मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा। सीएसके ने अपने पिछले दो मुकाबलों में मुंबई इंडियंस (एमआई) और दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के खिलाफ 8-8 विकेट से मैच जीतकर शानदार फॉर्म हासिल की है। चेन्नई सुपर किंग्स का लक्ष्य अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए इस सीजन की अपनी छठी जीत दर्ज करना होगा ताकि वे प्लेऑफ में जगह बनाने के और करीब पहुंच सके। 10 में से 7 हार लखनऊ के नाम दूसरी तरफ, लखनऊ सुपर जायंट्स 10 में से 7 हार झेलकर प्वाइंट्स टेबल में सबसे निचले पायदान पर मौजूद है। हालांकि, लगातार 6 हार के बाद टीम ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के विरुद्ध अपना पिछला मुकाला 9 रन से जीता था। भले ही एलएसजी के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावनाएं बेहद कम हैं, लेकिन यह टीम शेष मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज करते हुए दौड़ में बने रहने के साथ अन्य टीमों का समीकरण बिगाड़ सकती है। इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में अब तक दोनों टीमों के बीच 6 मैच खेले गए हैं, जिसमें लखनऊ सुपर जायंट्स ने तीन मैच जीते, जबकि चेन्नई सुपर किंग्स दो बार विजयी रही है। एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला। ऐसी हैं दोनों टीमें: चेन्नई सुपर किंग्स की टीम: ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), एमएस धोनी (विकेटकीपर), डेवोन कॉनवे, राहुल त्रिपाठी, शेख रशीद, वंश बेदी (विकेटकीपर), आंद्रे सिद्धार्थ, रचिन रवींद्र, रविचंद्रन अश्विन, विजय शंकर, सैम कुरेन, अंशुल कंबोज, दीपक हुडा, जेमी ओवरटन, कमलेश नागरकोटी, रामकृष्ण घोष, रवींद्र जडेजा, शिवम दुबे, खलील अहमद, नूर अहमद, मुकेश चौधरी, डेवाल्ड ब्रेविस, नाथन एलिस, श्रेयस गोपाल, मथीशा पथिराना। लखनऊ सुपर जाइंट्स की टीम: ऋषभ पंत (कप्तान), एडेन मार्करम, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीत्जके, मुकुल चौधरी, अक्षत रघुवंशी, जोश इंग्लिस, मिशेल मार्श, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, अर्शिन कुलकर्णी, वानिंदु हसरंगा, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, अवेश खान, एम. सिद्धार्थ, दिग्वेश सिंह, आकाश सिंह, प्रिंस यादव, अर्जुन तेंदुलकर, एनरिक नॉर्टजे, नमन तिवारी, मयंक यादव, और मोहसिन खान।  

GT ने 77 रन से मचाया तहलका,र्कब और Punjab Kings को मिला बड़ा फायदा

नई दिल्ली आईपीएल 2026 के ताजा मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को 77 रनों के विशाल अंतर से करारी शिकस्त दी है। इस एक नतीजे ने पॉइंट्स टेबल के समीकरणों को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। गुजरात की टीम, जो इस मैच से पहले 5वें पायदान पर संघर्ष कर रही थी अब एक लंबी छलांग लगाकर सीधे दूसरे नंबर पर पहुंच गई है। वहीं टूर्नामेंट में अब तक दबदबा बनाए रखने वाली राजस्थान की टीम को तगड़ा झटका लगा है। गुजरात को हुआ तगड़ा फायदा गुजरात को हुआ तगड़ा फायदा गुजरात टाइटंस के लिए यह जीत संजीवनी की तरह रही है। 11 मैचों में 7 जीत और 4 हार के साथ गुजरात के अब 14 अंक हो गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि टेबल के टॉप पर मौजूद सनराइजर्स हैदराबाद के भी 14 ही अंक हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट (+0.737) के कारण हैदराबाद पहले स्थान पर बरकरार है। गुजरात का रन रेट अब सुधरकर +0.228 हो गया है जो उन्हें टॉप-2 में बनाए रखने के लिए काफी है। राजस्थान रॉयल्स को लगा बड़ा झटका राजस्थान रॉयल्स के लिए यह हार किसी बुरे सपने से कम नहीं है। इस सीजन में यह पहली बार हुआ है जब राजस्थान को टॉप-4 से बाहर होना पड़ा है। 11 मैचों में 6 जीत और 5 हार के साथ रॉयल्स के 12 अंक हैं। भारी अंतर से हारने के कारण उनका नेट रन रेट गिरकर +0.082 रह गया है जिसकी वजह से वे अब सीधे 5वें स्थान पर खिसक गए हैं। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए अब राजस्थान को अपने बचे हुए मैचों में न केवल जीतना होगा बल्कि बड़े अंतर की जरूरत भी पड़ सकती है। आरसीबी और पंजाब की स्थिति इस उलटफेर का असर मिड-टेबल की अन्य टीमों पर भी पड़ा है। पंजाब किंग्स फिलहाल 10 मैचों में 13 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है और उनकी स्थिति काफी सुरक्षित दिख रही है। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 10 मैचों में 12 अंकों और शानदार नेट रन रेट (+1.234) के साथ चौथे स्थान पर बनी हुई है। राजस्थान की हार ने इन दोनों टीमों के लिए टॉप-4 की राह को थोड़ा और आसान बना दिया है। चेन्नई और कोलकाता के लिए बढ़ी मुश्किल पॉइंट्स टेबल के निचले हिस्से की बात करें तो चेन्नई सुपर किंग्स 10 मैचों में 10 अंकों के साथ छठे स्थान पर है। कोलकाता नाइट राइडर्स 9 अंकों के साथ सातवें नंबर पर है। गुजरात की इस बड़ी जीत ने इन टीमों के लिए प्लेऑफ के दरवाजे थोड़े तंग कर दिए हैं। अब इन टीमों को टॉप-4 में जगह बनाने के लिए लगातार मैच जीतने होंगे और उम्मीद करनी होगी कि टॉप पर बैठी टीमें अपने मुकाबले हारें। निचले क्रम की टीमें लगभग बाहर टेबल के सबसे निचले पायदानों पर दिल्ली कैपिटल्स, मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपरजायंट्स संघर्ष कर रही हैं। दिल्ली के पास 11 मैचों में सिर्फ 8 अंक हैं जबकि मुंबई और लखनऊ के 6-6 अंक हैं। गणितीय रूप से ये टीमें अभी भी रेस में दिख सकती हैं लेकिन असलियत में इनके लिए अब वापसी करना नामुमकिन जैसा लग रहा है।

मध्यप्रदेश को बड़ी रेल सौगात, नई लाइन से गुजरात की दूरी होगी कम

झाबुआ मध्य प्रदेश में जून महीने तक नई रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। सांसद अनिता चौहान की अध्यक्षता में हुई झाबुआ जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक में जिले के विकास को नई रफ्तार देने पर चर्चा की गई। बैठक का मुख्य आकर्षण इंदौर-दाहोद रेल परियोजना रही। इसके तहत रेलवे अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि गुजरात के कतवारा से झाबुआ के मध्य रेल लाइन (Katwara-Jhabua railway line) निर्माण का कार्य जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इंदौर-दाहोद परियोजना का हिस्सा है ये रेल लाइन बता दें कि, गुजरात के कतवारा से मध्य प्रदेश के झाबुआ तक बन रही रेल लाइन महत्वाकांक्षी इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट ( Indore-Dahod railway line project) का हिस्सा। इस परियोजना के तहत 204.76 किलोमीटर तक ब्रॉडगेज रेलवे लाइन का निर्माण किया जाना है। इस परियोजना की कुल लागत 1873 करोड़ रुपए है जिसके अंतर्गत प्रदेश के धार और झाबुआ जैसे अन्य आदिवासी जिलों में पहली बार रेल नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इससे गुजरात तक की दूरी कम होगी। बैठक में शामिल वरिष्ठ अधिकारी और जन प्रतिनिधि कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम घरसट की मौजूदगी में हुई बैठक में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। ताकि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंच सके। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सोनल जसवंत भाबोर, भाजपा जिलाध्यक्ष भानू भूरिया, थांदला विधायक वीरसिंह भूरिया, एएसपी प्रतिपाल सिंह महोबिया सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इन मुद्दों पर विशेष रूप से फोकस किया जल संरक्षणः जिले में गहराते जल संकट के स्थायी समाधान पर चर्चा करते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग की समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ जितेन्द्रसिंह चौहान ने बताया स्वीकृत 1233 खेत तालाबौ में से 260 पूर्ण हो चुके हैं, शेष 30 मई तक पूरे होंगे। डगवेल रिचार्ज के 4071 कार्यों में से 2244 पूर्ण हो चुके है, शेष 15 मई तक पूरे करने का लक्ष्य है। जिले के 147 पुराने अमृत सरोवरी मैं से 112 लबालब है। अमृत 2.0 के तहत 14 नए तालाबों का निर्माण जारी वाले 1,748 हैंडपंपों के पास अनिवार्य रूप से रिचार्ज पिट बनाए जाएं ताकि भूजल स्तर सुधारा जा सके। कृषि एवं तकनीक: कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उप संचालक एनएस रावत ने आगामी खरीफ सीजन के लिए बीज और उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता का भरोसा दिलाया। किसानों को ई-विकास प्रणाली से जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष सोनल जसवंत भाबीर ने किसानों की सहायता के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी करने का सुझाव दिया। सांसद ने जल संकट को देखते हुए कम पानी वाली और सूखा प्रतिरोधी फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बुनियादी ढांचा और बिजली व्यवस्थाः प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मजरा-टोला योजना में 181 सड़कों की डीपीआर तैयार की जा रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत क्षतिग्रस्त ग्वाली ब्रिज का मुद्दा विधायक वीरसिह भूरिया ने उठाया, जिस पर अधिकारियों ने बताया कि पुराने ठेकेदार का अनुबंध निरस्त कर नई निविदा प्रक्रिया शुरू सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत जिले में 435 घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। सांसद ने इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। शिक्षा और स्वास्थ्यः टीबी मुक्त झाबुआ का संकल्प : सांसद ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए एक भावुक अपील की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से निक्षय मित्र बनने और टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें फूड बास्केट उपलब्ध कराने का आग्रह किया। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया जिले के विद्यार्थियों को 5,933 साइकिलें वितरित की जा चुकी हैं और 'अपार आईडी' निर्माण का कार्य प्रगति पर है। महिला विकासः प्रधानमंत्री मातृ वंदना और लाड़ली लक्ष्मी योजना के माध्यम से 350 से अधिक नए हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। पारदर्शी भुगतान और उपार्जनः जिला आपूर्ति अधिकारी ने जानकारी दी कि अब तक 19,368 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है, जिसका 31.52 करोड़ रुपए का भुगतान सीधे किसानों के खातों में पीएम-किसान हितग्राहियों की ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

सर्वे में खुलासा: ऑफिस रोमांस में 40% लोग बेवफाई करते हैं

  नई दिल्ली ऑफिस रोमांस अब सिर्फ फिल्मों की कहानी नहीं रह गया है. एक ऐसी जगह, जहां हर शख्स अपने दिन के करीब 9 घंटे बिताता है, वहां किसी से लगाव होना आम बात मानी जाती है. लेकिन हाल ही में सामने आया एक सर्वे वाकई चौंकाने वाला है।  फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 60 फीसदी से ज्यादा लोग अपने वर्कप्लेस पर किसी न किसी रोमांटिक रिश्ते में रह चुके हैं. लंबे ऑफिस घंटे, रोजाना साथ काम करना और प्रोफेशनल प्रेशर को समझने वाला साथी मिलने की वजह से कई लोग अपने ही ऑफिस में पार्टनर ढूंढ लेते हैं. फोर्ब्स का ये सर्वे वायरल है, लोग इस पर अपना-अपना अनुभव भी बता रहे हैं।  सर्वे के मुताबिक, 65 फीसदी लोगों ने कहा कि 'कंफर्टेबल फील' होना ऑफिस रिलेशनशिप की सबसे बड़ी वजह है. वहीं 61 फीसदी लोगों का कहना था कि ऑफिस के बाहर नए लोगों से मिलने का समय ही नहीं मिलता. दिलचस्प बात यह रही कि सिर्फ 38 फीसदी लोगों ने माना कि ऑफिस रोमांस से काम मजेदार बनता है, यानी ज्यादातर लोगों के लिए भावनात्मक समझ ज्यादा अहम है।  सबसे ज्यादा ब्रेकअप का डर हालांकि, इन रिश्तों का असर सिर्फ पर्सनल लाइफ तक सीमित नहीं रहता. कई लोगों ने माना कि ब्रेकअप का डर ऑफिस रिलेशनशिप में ज्यादा होता है, क्योंकि रोजाना उसी व्यक्ति का सामना करना पड़ सकता है. लगभग 54 फीसदी लोगों ने कहा कि ऑफिस में डेटिंग से उनका वर्क-लाइफ बैलेंस प्रभावित हुआ।  सर्वे में यह भी सामने आया कि ऑफिस रोमांस जल्दी छिप नहीं पाता. आधे से ज्यादा लोगों ने कहा कि रिलेशनशिप सामने आने के बाद सहकर्मियों का व्यवहार बदल गया. करीब 60 फीसदी लोगों ने माना कि ऑफिस अफेयर अक्सर गॉसिप का विषय बन जाते हैं।  ऑफिस रिलेशनशिप में 40 फीसदी लोगों ने पार्टनर को दिया धोखा रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा यह था कि ऑफिस में रिलेशनशिप रखने वाले 40 फीसदी लोगों ने माना कि उन्होंने अपने पार्टनर को किसी सहकर्मी के साथ चीट किया. वहीं 43 फीसदी लोग ऐसे भी थे जिन्होंने आखिरकार अपने ऑफिस पार्टनर से शादी कर ली।  सर्वे के अनुसार, कई कंपनियां अब ऑफिस रोमांस को पूरी तरह गलत मानने के बजाय उसे मैनेज करने की कोशिश कर रही हैं. करीब 62 फीसदी लोगों ने बताया कि उन्होंने अपने रिश्ते की जानकारी HR को दी थी। 

15 जून से शुरू होंगी इंडिगो की उड़ानें, लेकिन किराया सुनकर यात्रियों के उड़े होश

नोएडा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से कमर्शियल उड़ानों का आगाज़ 15 जून 2026 से होने जा रहा है। इंडिगो (IndiGo) इस नए एविएशन हब से अपनी सेवाएं शुरू करने वाली पहली एयरलाइन होगी। हालांकि, परिचालन शुरू होने से पहले ही यह एयरपोर्ट एक चौंकाने वाली वजह से चर्चा में है। जेवर एयरपोर्ट से कई प्रमुख रूटों का हवाई किराया दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट की तुलना में काफी अधिक पाया गया है। शुरुआत में इस एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों के लिए एक किफायती विकल्प के रूप में प्रचारित किया गया था, लेकिन मौजूदा कीमतों ने यात्रियों को हैरान कर दिया है। किराये में बड़ा अंतर: लखनऊ रूट सबसे महंगा इंडिगो के बुकिंग प्लेटफॉर्म के अनुसार, जेवर से कई घरेलू रूटों का किराया दिल्ली के मुकाबले काफी ज्यादा है: लखनऊ: जेवर से लखनऊ का टिकट लगभग 5,401 रुपये है, जबकि IGI एयरपोर्ट से यह केवल 3,394 रुपये में उपलब्ध है (2,000 रुपये से ज्यादा का अंतर)। कोलकाता: जेवर से किराया 7,123 रुपये है, जबकि IGI से यह 5,894 रुपये और हिंडन से 5,930 रुपये के करीब है। नवी मुंबई: जेवर से 7,256 रुपये बनाम IGI से 6,760 रुपये। बेंगलुरु: जेवर से 8,979 रुपये बनाम IGI से 8,910 रुपये। हैदराबाद: जेवर से 6,198 रुपये बनाम IGI से 6,129 रुपये। टैक्सी का खर्च भी बढ़ाएगा बोझ     जेवर एयरपोर्ट की दूरी दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों से अधिक होने के कारण यात्रियों पर टैक्सी के किराये का अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा।     नोएडा सेक्टर-18 से जेवर: लगभग 834 रुपये।     नोएडा सेक्टर-18 से IGI दिल्ली: लगभग 625 रुपये।     ग्रेटर नोएडा (परी चौक) से जेवर: लगभग 559 रुपये।     कई यात्रियों का मानना है कि वर्तमान में IGI एयरपोर्ट पहुंचना न केवल सस्ता है बल्कि अधिक सुविधाजनक भी है।     सरकार ने दी थी टैक्स में भारी छूट     हवाई किराये को कम रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कई कदम उठाए थे:     हवाई ईंधन (ATF) पर वैट (VAT) को 25% से घटाकर मात्र 1% कर दिया गया।     शुरुआती तीन महीनों के लिए यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) में 25% तक की कटौती की गई।     इन भारी रियायतों के बावजूद, एयरलाइंस की ओर से अभी तक शुरुआती किराये में कोई बड़ी कटौती नहीं देखी गई है। दो चरणों में शुरू होंगी उड़ानें इंडिगो अपनी सेवाओं को चरणों में विस्तार देगी- पहला चरण (15 जून): बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, मुंबई, गोवा, लखनऊ, पटना, कोलकाता, चेन्नई, वाराणसी, जयपुर, देहरादून और चंडीगढ़ जैसे शहरों के लिए उड़ानें शुरू होंगी। दूसरा चरण (1 जुलाई): उड़ानों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाएगी और सुबह से देर शाम तक सेवाएं उपलब्ध होंगी। चुनौतियां: विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सड़क और सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी में सुधार नहीं होता और किराया प्रतिस्पर्धी नहीं बनता, तब तक यात्रियों को दिल्ली के बजाय जेवर एयरपोर्ट की ओर आकर्षित करना एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी

तेंदूपत्ता संग्राहक के बेटे अजय गुप्ता बने भारतीय वन सेवा के अधिकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ के जंगलों से निकली एक प्रतिभा ने आज देश की सर्वाेच्च सेवाओं में अपनी जगह बनाकर प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है। रायगढ जिले के सम्बलपुरी ग्राम के एक साधारण तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के सुपुत्र अजय गुप्ता ने अपने अटूट संकल्प से भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की नहीं, बल्कि कड़े संघर्ष और सही मार्गदर्शन की मोहताज होती है।           रायगढ़ के संबलपुरी गांव में तेंदूपत्ता और महुआ बीनने वाला अजय गुप्ता अब IFS अधिकारी बन गया है। कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हुए अजय ने पूरे देश में 91वीं रैंक हासिल की। अब वही जंगल, जो कभी परिवार की रोजी-रोटी था, उसकी जिम्मेदारी बनने जा रहा है। अजय गुप्ता ने 12वीं कक्षा में भी शानदार प्रदर्शन किया और इसके बाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में प्रवेश मिला। एनआईटी में पढ़ाई के दौरान भी उन्हें तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति मिलती रही। अजय कहते हैं कि पहले सपने बहुत बड़े नहीं थे। लगता था कि हमारी दुनिया बस गांव तक सीमित है, लेकिन एनआईटी में एडमिशन लेने के बाद नजरिया बदल गया। पहली बार लगा कि मैं भी कुछ बड़ा कर सकता हूं। अजय कहते हैं कि जंगल उनके बचपन से ही जिंदगी का हिस्सा रहा है। जंगल ने उन्हें सिर्फ रोजगार नहीं दिया, बल्कि जीवन की दिशा भी दी। वह कहते हैं बचपन से मेरा जुड़ाव जंगल से रहा है। जंगल ने मुझे बहुत कुछ दिया है, बस्तर में काम करने के दौरान भी जंगल से रिश्ता और मजबूत हुआ। संघर्ष की जमीन से सफलता के आसमान तक          अजय का बचपन जंगलों के बीच वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी करते हुए बीता। संघर्ष के दिनों को याद करते हुए अजय बताते हैं। माता-पिता अधिक शिक्षित नहीं थे, लेकिन उन्होंने बच्चों की शिक्षा को ही अपना लक्ष्य माना। छुट्टियों के दौरान अजय स्वयं जंगलों में जाकर तेंदूपत्ता और महुआ इकट्ठा करने में माता-पिता की मदद करते थे। अभावों के बीच भी उन्होंने 10वीं में 92.66 प्रतिशत और 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी योग्यता का परिचय दिया था। सरकारी योजनाओं ने पंखों को दी मजबूती अजय की इस लंबी उड़ान में छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं ने 'कैशलेस सपोर्ट' और आर्थिक संबल प्रदान किया। लघु वनोपज संघ की छात्रवृत्ति ने स्कूल से कॉलेज तक की पढ़ाई के दौरान इस छात्रवृत्ति ने आर्थिक बोझ को कम किया। राज्य शासन की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से उन्हें निरंतर वित्तीय सहायता मिली, जिससे वे अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सके। अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के अटूट विश्वास की जीत है – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय              मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रायगढ़ जिले के अजय गुप्ता को भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होने पर बधाई देते हुए कहा कि अजय ने न केवल अपने माता-पिता का मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।            मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि एक ऐसा युवा जिसने स्वयं जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रहित किया, आज उन्हीं वनों के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है। हमारी सरकार की 'लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति' और 'पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति' जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की राह आसान की है। अजय की उपलब्धि यह दर्शाती है कि सही अवसर मिलने पर हमारे ग्रामीण अंचल के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपना स्थान सुनिश्चित कर सकते हैं। वन मंत्री ने जताया गौरव, हजारों परिवारों के सपनों का प्रतीक         वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने अजय गुप्ता को फोन कर बधाई दी और उनकी उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। मंत्री जी ने कहा कि अजय की सफलता छत्तीसगढ़ के उन हजारों वनाश्रित परिवारों की जीत है जो जंगलों के बीच रहकर बड़े सपने देखते हैं। यह साबित करता है कि हमारी योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि ऐसे ही सशक्त भविष्य का निर्माण करना है। युवाओं के लिए नया आदर्श          अजय गुप्ता आज उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं जो सीमित संसाधनों में IFS जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि मेहनत सच्ची हो और शासन का साथ मिले, तो वनांचल का कोई भी युवा देश के शीर्ष पद तक पहुँच सकता है।