samacharsecretary.com

‘आज बंगाल का स्वतंत्रता दिवस है’, बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी का बयान चर्चा में

ढाका पूर्व केंद्रीय मंत्री और बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन को ‘बंगाल का स्वतंत्रता दिवस’ करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्यभर की महिलाओं ने खुशी जाहिर की है और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को अपना आशीर्वाद दिया है। कोलकाता में ANI से बातचीत करते हुए दिनेश त्रिवेदी ने कहा, 'आज बंगाल का स्वतंत्रता दिवस है। महिलाओं की आंखों में खुशी के आंसू इस बात का संकेत हैं कि उन्हें आजादी मिल गई है। उनका विशेष आशीर्वाद हमारे साथ है।'   उन्होंने आगे कहा, जब भारत आजाद हुआ था, तब श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जिस तरह की आजादी की कल्पना की थी, सही मायनों में आज बंगाल को वही आजादी मिली है। यही कारण है कि आज भारी संख्या में लोग सड़कों पर निकले हैं। यह भाजपा कार्यकर्ताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कड़ी मेहनत का परिणाम है।' इससे पहले, सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 वर्षों के शासन का अंत हो गया। भाजपा के पांच नेताओं दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली। पीएम मोदी के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री रहे उपस्थित शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहे। इसके अलावा त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी सहित कई अन्य नेता समारोह में शामिल हुए। समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के दिवंगत कार्यकर्ताओं देबासिस मंडल, सौमित्र घोषाल और आनंद पॉल के परिजनों से भी मुलाकात की। शुभेन्दु अधिकारी ने कोलकाता में आयोजित भव्य समारोह में पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 207 सीटें हासिल कीं और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया। वहीं, टीएमसी को 80 सीटों पर जीत मिली। सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15 हजार से अधिक वोटों से हराया, साथ ही नंदीग्राम विधानसभा सीट भी बरकरार रखी।

व्यापार में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में वित्तीय अपराधों एवं आमजन से धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कटनी जिले की एनकेजे थाना पुलिस को व्यापार में निवेश के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। कार्रवाही के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 36 लाख 30 हजार रुपये नगद एवं घटना में प्रयुक्त एक लग्जरी वाहन सहित 76 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी से आरोपी द्वारा स्वयं को रेलवे का कॉन्ट्रेक्टर बताते हुए रेलवे से संबंधित कार्य में निवेश कराने का झांसा दिया गया। आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से विश्वास में लेकर रेलवे ठेका दिलाने एवं उसमें लाभ दिलाने का प्रलोभन दिया तथा छलपूर्वक 36 लाख 30 हजार रुपये की राशि प्राप्त कर ली। बाद में फरियादी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास होने पर थाना एनकेजे में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। तकनीकी साक्ष्यों, साइबर इनपुट एवं सतत निगरानी के आधार पर पुलिस टीम द्वारा आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। इसके पश्चात जिला पन्ना क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने धोखाधड़ी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई प्रदेश में वित्तीय अपराधों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।

WFI ने विनेश फोगाट को थमाया कारण बताओ नोटिस, अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई

नई दिल्ली पहलवान विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के बीच विवाद और गहरा गया है। शनिवार को WFI ने विनेश को शो-कॉज नोटिस जारी कर दिया। उन पर अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही उन्हें 26 जून 2026 तक किसी भी घरेलू इवेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि विनेश ने रिटायरमेंट से वापसी के लिए यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत अनिवार्य छह महीने का नोटिस पीरियड पूरा नहीं किया। WFI का कहना है कि पेरिस ओलंपिक में विनेश के बर्ताव से भारतीय कुश्ती की बदनामी हुई है। महासंघ ने आरोप लगाया है कि उन्होंने WFI संविधान, UWW के अंतरराष्ट्रीय नियमों और एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन किया। इस नोटिस के बाद विनेश की कॉम्पिटिटिव रिंग में वापसी की राह और मुश्किल हो गई है। रविवार से गोंडा में शुरू हो रहे नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में अब वे हिस्सा नहीं ले पाएंगी, जबकि यही उनका वापसी का पहला मौका था। WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने PTI को बताया, “हमें देखना होगा कि WADA के नियमों का सही तरीके से पालन हुआ है या नहीं। अभी यह साबित नहीं हुआ है कि उन्होंने रिटायरमेंट से वापसी की सभी शर्तें पूरी की हैं। छह महीने का अनिवार्य नोटिस पीरियड पूरा करना जरूरी है।”   क्या-क्या आरोप लगाए गए? WFI ने विनेश से कई मुद्दों पर जवाब मांगा है। इनमें शामिल हैं:     मार्च 2024 के सिलेक्शन ट्रायल में दो अलग-अलग वेट कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा करना     2024 पेरिस ओलंपिक में वेट कट न कर पाने के कारण डिसक्वालीफाई होना     एंटी-डोपिंग नियमों के तहत ठिकाने की जानकारी न देना डोपिंग टेस्ट और नोटिस पीरियड का मुद्दा WFI ने इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) के 4 मई 2026 के कम्युनिकेशन का हवाला दिया है, जिसमें 18 दिसंबर 2025 को विनेश पर “मिस्ड टेस्ट” दर्ज किया गया था। UWW एंटी-डोपिंग नियमों के आर्टिकल 5.7 के अनुसार, रिटायरमेंट से वापसी करने वाले एथलीट को कम से कम छह महीने पहले सूचना देनी होती है और इस दौरान टेस्टिंग के लिए उपलब्ध रहना पड़ता है। WFI का दावा है कि विनेश ने यह शर्त पूरी नहीं की। महासंघ ने कहा कि विनेश ने 14 दिसंबर 2024 को UWW को ईमेल भेजकर अगस्त 2025 तक सबैटिकल की जानकारी दी थी। लेकिन बाद में 12 दिसंबर 2025 को SAI, WFI और TOPS को लिखे पत्र में उन्होंने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक का लक्ष्य रखते हुए ट्रेनिंग शुरू करने की बात कही। WFI इसे रिटर्न फ्रॉम रिटायरमेंट मानता है, लेकिन छह महीने का नोटिस पीरियड पूरा नहीं हुआ है। इसी के छह दिन बाद 18 दिसंबर को डोपिंग अधिकारी उन्हें नहीं ढूंढ पाए, जिसे मिस्ड टेस्ट माना गया। इसके अलावा, WFI ने सितंबर 2024 का NADA whereabouts failure भी याद दिलाया, जब सोनीपत स्थित उनके घर पर टेस्टिंग अधिकारी नहीं पहुंच पाए थे। अब देखना होगा कि विनेश इस शो-कॉज नोटिस का क्या जवाब देती हैं। फिलहाल इस विवाद ने उनकी 2028 ओलंपिक की तैयारी को और बड़ा झटका दिया है।

भारत की बढ़ी परमाणु ताकत: MIRV क्षमता वाली अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण

नई दिल्ली भारत ने अपनी रक्षा क्षमता में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हीकल) प्रणाली से लैस उन्नत अग्नि मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया। परीक्षण 8 मई 2026 को ओडिशा के डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) से किया गया। इस मिसाइल ने सभी निर्धारित मापदंडों को पूरा किया और हिंद महासागर क्षेत्र में विस्तृत भौगोलिक दायरे में अलग-अलग लक्ष्यों को सटीक रूप से निशाना बनाने की अपनी क्षमता साबित की। एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने की क्षमता रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित इस उन्नत अग्नि मिसाइल का परीक्षण स्ट्रैटजिक फोर्सेज कमांड (SFC) के सहयोग से किया गया। मिसाइल कई पेलोड्स (वारहेड्स) से लैस थी, जिन्हें स्वतंत्र रूप से विभिन्न दिशाओं और दूरी पर स्थित लक्ष्यों की ओर निर्देशित किया गया। एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने की यह क्षमता भारत को विश्व के चुनिंदा देशों (अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन) की पंक्ति में खड़ा करती है। राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और सेना को दी बधाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, भारतीय सेना और संबंधित उद्योग जगत को बधाई देते हुए कहा कि इस सफल परीक्षण से बढ़ते खतरों के प्रति देश की रक्षा तैयारियों में अभूतपूर्व क्षमता जुड़ गई है। यह ‘क्रेडिबल मिनिमम डिटरेंस’ को और मजबूत बनाएगा। उन्होंने वैज्ञानिकों की मेहनत की सराहना की और कहा कि यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करती है। MIRV तकनीक का महत्व MIRV प्रणाली एक मिसाइल को एक साथ कई स्वतंत्र वारहेड्स ले जाने और उन्हें अलग-अलग लक्ष्यों पर मार्गदर्शन करने की क्षमता देती है। इससे दुश्मन के मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देना आसान हो जाता है। अग्नि सीरीज की यह उन्नत संस्करण 5,000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक सटीक हमला कर सकती है, जो चीन के अधिकांश हिस्सों और पाकिस्तान के पूरे क्षेत्र को कवर करती है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे अग्नि-5 Mk2 या उन्नत वेरिएंट बताया जा रहा है, जिसमें हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) जैसी अतिरिक्त क्षमताएं भी शामिल हो सकती हैं। चीन-पाक की उड़ी नींद! यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब भारत की रणनीतिक चुनौतियां बढ़ रही हैं। चीन की आक्रामक नीतियां और पाकिस्तान की सैन्य आधुनिकीकरण की कोशिशें देखते हुए यह सफलता सामरिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण साबित होगी। विश्लेषकों का मानना है कि MIRV-सक्षम अग्नि मिसाइल से भारत की न्यूक्लियर ट्रायड और मजबूत होगी तथा क्षेत्रीय स्थिरता में नया संदेश जाएगा। DRDO के वैज्ञानिकों ने टेलीमेट्री, रडार और शिप-बेस्ड स्टेशनों से प्राप्त डेटा के आधार पर पुष्टि की कि मिशन के सभी उद्देश्य पूरे हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्रालय ने भी इस उपलब्धि पर DRDO की तारीफ की। यह सफल परीक्षण ‘मिशन दिव्यास्त्र’ (2024) के बाद MIRV तकनीक को और परिपक्व बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे भारतीय सेना की मारक क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और देश की सुरक्षा ढाल और मजबूत बनेगी।

तमिलनाडु की इस विधायक की संपत्ति ने सबको चौंकाया, थलापति विजय से भी कई गुना ज्यादा दौलत

तमिलनाडु   तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। वजह चुनावी जीत नहीं, बल्कि हजारों करोड़ रुपये की दौलत है। AIADMK की विधायक लीमा रोज मार्टिन को राज्य का सबसे अमीर विधायक बताया गया है। उनकी घोषित कुल संपत्ति इतनी ज्यादा है कि बड़े-बड़े उद्योगपति भी पीछे छूट जाएं। ADR यानी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लीमा रोज मार्टिन ने चुनावी हलफनामे में करीब 5,863 करोड़ रुपये की नेटवर्थ घोषित की है। वह तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले की ललगुड़ी सीट से AIADMK के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार विधायक बनी हैं। लीमा रोज ने इस चुनाव में करीब 60 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए और अपने प्रतिद्वंद्वी को 2739 वोटों से हराया। दिलचस्प बात यह है कि यह उनका पहला चुनाव था और पहली ही बार में वह राज्य की सबसे चर्चित नेताओं में शामिल हो गईं। कौन हैं लीमा रोज मार्टिन? लीमा रोज तमिलनाडु के कोयंबटूर की रहने वाली हैं। उनके पति सैंटियागो मार्टिन देशभर में “लॉटरी किंग” के नाम से मशहूर हैं। परिवार की संपत्ति का बड़ा हिस्सा उनके कारोबारी साम्राज्य से जुड़ा हुआ बताया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, लीमा रोज की घोषित संपत्ति अभिनेता विजय से भी करीब 9 गुना ज्यादा है। विजय की पार्टी TVK ने इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन संपत्ति के मामले में लीमा रोज उनसे काफी आगे निकल गईं। विजय ने अपनी कुल संपत्ति करीब 648 करोड़ रुपये बताई है।   परिवार के पास कितनी संपत्ति? हलफनामे के मुताबिक, लीमा रोज के नाम पर करीब 139 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और लगभग 910 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। वहीं, उनके पति सैंटियागो मार्टिन ने 3262 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 887 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित की है। उनके बेटे जोस डेसन मार्टिन के पास भी सैकड़ों करोड़ की संपत्ति है। बेटे ने करीब 225 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 439 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित की है। सोना, चांदी और हीरे का बड़ा कलेक्शन लीमा रोज के पास भारी मात्रा में सोना, चांदी और हीरे भी हैं। हलफनामे के अनुसार, उनके पास 19 हजार ग्राम से ज्यादा सोना, 1.31 लाख ग्राम से ज्यादा चांदी और 1217 कैरेट हीरे हैं। इसके अलावा प्लैटिनम भी घोषित किया गया है। परिवार के पास लग्जरी गाड़ियों का भी बड़ा बेड़ा है। लीमा रोज ने अपने नाम पर 10 गाड़ियां बताई हैं, जबकि उनके पति के पास BMW, Lexus जैसी महंगी गाड़ियों समेत कई वाहन हैं। सिर्फ छठी पास हैं लीमा रोज सबसे दिलचस्प बात यह है कि करोड़ों-अरबों की मालकिन लीमा रोज की शैक्षणिक योग्यता सिर्फ छठी पास बताई गई है। चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी शिक्षा Class 6 तक बताई है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने इस बार राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है। अभिनेता विजय की पार्टी TVK पहली बार चुनाव लड़कर सबसे बड़ी पार्टी बन गई, लेकिन बहुमत से अभी दूर है। ऐसे माहौल में लीमा रोज मार्टिन की संपत्ति ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है।

‘झारभूमि लाइवस्टॉक’ के गठन से ग्रामीण आजीविका और पशुपालन को मिलेगी नई ताकत

 पिपरवार सीसीएल के पिपरवार सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन और कृषि आधारित आजीविका को संगठित स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 300 किसानों और महिला पशुपालकों की नई उत्पादक कंपनी “झारभूमि लाइवस्टॉक फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड” का विधिवत गठन कर लिया गया है। कंपनी का पंजीकरण शुक्रवार को पूरा होने के साथ ही क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों में उत्साह का माहौल है। कंपनी गठन से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य छोटे और मध्यम किसानों, दुग्ध उत्पादकों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, ताकि पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, चारा प्रबंधन और कृषि उत्पादों के विपणन को संगठित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। बताया गया कि कंपनी के गठन से किसानों को बाजार तक सीधी पहुंच, उचित मूल्य, तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ एकीकृत रूप से मिल सकेगा। विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और स्वरोजगार को मजबूती देने पर भी कंपनी का फोकस रहेगा। कंपनी के गठन के साथ ही उसका निगमित प्रमाण पत्र, स्थायी खाता संख्या और कर कटौती खाता संख्या भी जारी कर दी गई है। संस्था से जुड़े पदाधिकारियों ने सभी सदस्य किसानों और महिला पशुपालकों को नई यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और पशुपालन आधारित रोजगार को मजबूती प्राप्त होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की सामूहिक भागीदारी से बनी इस कंपनी को आत्मनिर्भर कृषि और पशुपालन मॉडल की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

शहजाद भट्टी नेटवर्क का भंडाफोड़, टारगेट किलिंग और पीओके ट्रेनिंग का लालच

लखनऊ यूपी से पकड़े गए आईएसआई और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के लिए काम करने वाले कृष्णा मिश्रा और दानियाल अशरफ को आईएसआईएस कैंप में ट्रेनिंग कराने और पीओके में कमांडर बनाने का लालच दिया गया था। इन्हें पुलिसकर्मियों और सेना के जवानों की टारगेट किलिंग के बाद वीडियो बनाकर शहजाद भट्टी को भेजनी थी, जिसके बाद इन्हें दुबई बुलाने का वादा किया गया था, साथ ही बड़ी रकम भी देनी थी। इसलिए ही दोनों ने भिवंडी थाना और यूपी के कुछ थानों की रेकी की थी। गजरौला में एक दरोगा की हत्या की कोशिश भी की थी, लेकिन ऐन मौके पर गोली नहीं चली। इससे पूर्व शहजाद भट्टी के माड्यूल से जुड़े 25 से ज्यादा लोगों को एसटीएफ वेसटयूपी से गिरफ्तार कर चुकी है। यूपी एटीएस और खुफिया एजेंसियों समेत स्पेशल सेल ने 5 मई को बाराबंकी के संदिग्ध आतंकी दानियाल अशरफ और कुशीनगर के कृष्णा मिश्रा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों को शहजाद भट्टी ने हीं स्लीपर मॉड्यूल की तरह अपने नेटवर्क में शामिल किया था और देश में पुलिस और सेना के जवानों की टारगेट किलिंग का काम दिया था। दोनों को लालच दिया था कि जैसे ही काम पूरा होगा, इन्हें तुरंत दुबई भेजा जाएगा। वहां से आईएसआईएस के ट्रेनिंग कैंप में प्रशिक्षित कराने के बाद पीओके यानी पाक अधिकृत कश्मीर में कमांडर बनाया जाएगा। बेशुमार पैसा देने का भी वादा किया गया था। इन आतंकी ट्रेनिंग कैंप की वीडियो भी कृष्णा और दानियाल को दिखाई गई थी। मॉड्यूल से जुड़े 25 लोग वेस्ट यूपी से हो चुके गिरफ्तार इसी नेटवर्क से जुड़े अजीम राणा को हापुड़ और मेरठ से आजाद अली को पकड़ा गया था। वहीं, कुछ दिन पहले ही एटीएस ने साकिब, अरबाब, लोकेश पंडित और विकास को एटीएस ने दबोचा था। इसके अलावा 23 अप्रैल को ही तुषार उर्फ हिजबुल्लाह और समीर की धरपकड़ हुई थी। इस नेटवर्क को खंगालने के दौरान एटीएस को कृष्णा मिश्रा और दानियाल अशरफ की सूचना मिली थी। इस माड्यूल से जुड़ा बिजनौर का संदिग्ध आतंकी आकिब दुबई में है उसका लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है। एटीएस अफसरों की मानें तो कृष्णा मिश्रा और दानियाल ने गजरौला में एक दरोगा को टारगेट किया था। फ्लाईओवर के नीचे दरोगा की हत्या का प्रयास किया गया था। शुक्र रहा कि इस दौरान गोली नहीं चल। चल पाई। आरोपियों की गोली हथियार में फंस गई थी, इसलिए टारगेट मिस हो गया।

महिला सुरक्षा पर बड़ा कदम, अब कैब-बाइक टैक्सी ड्राइवरों का होगा ऑनलाइन पंजीकरण और वेरिफिकेशन

 लखनऊ  प्रदेशभर में एप से चलने वाले वाहनों की जल्द ही निगरानी शुरू होगी। ओला, उबर, रैपिडो, बाइक टैक्सी व डिलीवरी वाहनों को भी ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। इससे वाहन चलाने वाले ड्राइवरों का मेडिकल, पुलिस वेरिफिकेशन व फिटनेस टेस्ट आदि कराया जाएगा। यात्रियों खासकर महिलाओं की सुरक्षा में यह कदम अहम साबित होगा। परिवहन विभाग को मिले सुझाव व आपत्तियों का जवाब परिवहन विभाग ने शासन को भेज दिया है। अब इस माह के अंत या अगले महीने नई नियमावली लागू होगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 93 में एक जुलाई 2025 को संशोधन किया था। केंद्र सरकार के नियम को उत्तर प्रदेश ने अपनाया है। पहले ओला-उबर आदि पर कोई नियंत्रण नहीं था, लेकिन अब इन्हें भी पंजीकरण कराना पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 10 मार्च को ही कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक व वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली 2026 पर मुहर लगाई थी। पांच अप्रैल तक नई नीति के संबंध में सुझाव व आपत्तियां मांगी गई थी। परिवहन विभाग को करीब डेढ़ दर्जन से अधिक आपत्तियां व सुझाव मिले थे। सुझाव मिला था कि एप आधारित वाहनों के लिए जगह-जगह हाल्ट बनाए जाएं, ताकि वहां पर ड्राइवरों के विश्राम करने की व्यवस्था हो। ड्राइवरों पर उम्र की शर्त न हो बल्कि वे जब तक फिट रहे वाहन चला सकें। राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव सगीर अंसारी ने बताया कि परिवहन विभाग ने पॉलिसी से संबंधित ब्योरा शासन को भेज दिया है। शासन ही इस पर अंतिम निर्णय लेकर नई नियमावली लागू करेगा। वाहनों का पंजीकरण कराने की ऑनलाइन आवेदन की फीस 25 हजार रुपये होगी, वहीं 50 से 100 या इससे अधिक वाहन चलाने वाली कंपनी की लाइसेंसिंग फीस पांच लाख रुपये होगी। नवीनीकरण हर पांच साल में होता रहेगा, इसकी फीस पांच हजार रुपये होगी। इसके लिए परिवहन विभाग एप भी बनाएगा। अब 12 साल पुराने वाहनों का पंजीकरण हो सकेगा, पहले वाहन की आयु आठ वर्ष रखने पर मंथन हुआ था लेकिन, वाहन स्वामियों ने यह कहकर विरोध किया था कि सात वर्ष तक वे बैंक का ऋण ही चुकाते रहते हैं। महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी वाहनों में पैनिक बटन लगे होंगे और वीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस से उन्हें जोड़ा जाएगा। वाहन बुक कराते ही ड्राइवर की पूरी जानकारी मोबाइल पर दिखेगी। यात्रियों व ड्राइवरों का होगा बीमा ओला-उबर या अन्य वाहनों के ड्राइवरों व यात्रियों का पांच-पांच लाख लाख रुपये का बीमा होगा। ड्राइवर का पांच लाख रुपये का हेल्थ व टर्म बीमा 10 लाख रुपये का होगा। शिकायतों की सुनवाई के लिए 24 घंटे ग्रीवांस सेल सक्रिय रहेगी। हर वाहन की रेटिंग होगी, यह रेटिंग यात्रियों के हाथ में रहेगी। उसी के आधार पर ड्राइवरों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।  

गदर 3 में लौटेगी सकीना, बॉक्स ऑफिस पर 500 करोड़ का टारगेट

बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फ्रैंचाइजी 'गदर' के फैंस के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है. फिल्म में 'सकीना' का यादगार किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि कर दी है कि 'गदर 3' जरूर बनेगी. अमीषा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक बेहद जोश भरा नोट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने फिल्म के भविष्य और इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शंस को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने साफ कर दिया है कि आने वाली फिल्म पिछली दोनों पार्ट्स से कहीं ज्यादा भव्य और दमदार कहानी वाली होगी. अमीषा के इस ऐलान ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है. अमीषा पटेल ने क्या किया? अमीषा पटेल ने अपने पोस्ट में लिखा कि 'गदर 3' जब भी आएगी, सिनेमाघरों में तूफान लेकर आएगी. उन्होंने कहा कि दर्शकों के बेशुमार प्यार और भगवान के आशीर्वाद से इस फ्रैंचाइज़ी का कद इतना बड़ा हो चुका है कि इसके लिए बॉक्स ऑफिस पर 500 करोड़ रुपये कमाना कोई बड़ी बात नहीं, बल्कि यह तो महज एक शुरुआती आंकड़ा है. एक्ट्रेस ने फैंस को भरोसा दिलाया कि इस बार फिल्म का पैमाना और इसकी स्क्रिप्ट पहले से कहीं ज्यादा बड़ी और प्रभावशाली होने वाली है, जिसके लिए दर्शकों को तैयार रहना चाहिए. पीआर गेम पर भी दिया रिएक्शन अपनी बात रखते हुए अमीषा ने फिल्म इंडस्ट्री में चल रहे पीआर (PR) स्टंट्स पर भी खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने लिखा कि उनके खाते में 'कहो ना प्यार है', 'गदर 1' और 'गदर 2' जैसी तीन बड़ी सोलो ब्लॉकबस्टर फिल्में हैं, जिन्होंने रिकॉर्ड तोड़ कमाई की. अमीषा ने तंज कसते हुए कहा कि आज भी ये फिल्में उनके को-स्टार्स के करियर की सबसे बड़ी हिट्स में गिनी जाती हैं. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि शायद उनकी पीआर मशीनरी दूसरी एक्ट्रेसेस के मुकाबले थोड़ी कमजोर है, लेकिन उनके पास असली हिट फिल्मों का रिकॉर्ड है. कुछ साल पहले, अमीषा ने 'गदर 3' के बारे में एक फ़ैन के सवाल का जवाब देते हुए X पर लिखा था, 'मुझे सकीना (गदर में उनका किरदार) बहुत पसंद है, और आप सभी का सकीना के प्रति जो प्यार है, मैं उसकी बहुत कद्र करती हूं. लेकिन हां, अगर मुझे 'गदर 3' का ऑफर मिलता है, तो मैं इसे तभी करूंगी, जब मैं इसकी कहानी (script) से पूरी तरह से खुश होऊंगी, ठीक वैसे ही, जैसे मैं 'गदर 1' के समय खुश थी.' 'गदर 2' साल 2023 में रिलीज हुई थी और इसने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त धमाल मचा दिया था. 'गदर 2' के जरिए अमीषा ने कई सालों बाद बड़े पर्दे पर वापसी की थी. लेकिन दर्शकों से उन्हें जो प्यार और तारीफ मिली, उसने उनकी लंबे समय की गैर-मौजूदगी की भरपाई कर दी. सनी देओल के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने खूब पसंद किया.

बिंदोली रोकने और मारपीट के खिलाफ सड़क पर उतरा समाज, भीम आर्मी ने किया समर्थन

 उदयपुर राजस्थान के उदयपुर जिले में एक दुल्हन ने अपनी बिंदोली रोके जाने और मारपीट के विरोध में गुरुवार को कलेक्ट्रेट के बाहर अनूठा प्रदर्शन किया. डबोक के हरियाव गांव की रहने वाली यह दुल्हन समाज के लोगों और भीम आर्मी के सदस्यों के साथ गाजे-बाजे के साथ घोड़ी पर सवार होकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंची. इस दौरान प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई. बिंदोली के दौरान हुआ था विवाद पूरा मामला 29 अप्रैल का है, जब हरियाव गांव में मेघवाल समाज की इस दुल्हन की बिंदोली निकाली जा रही थी. आरोप है कि बिंदोली के दौरान स्वर्ण समाज और मेघवाल समाज के कुछ लोगों के बीच कहासुनी हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि दुल्हन को घोड़ी से नीचे उतार दिया गया और मामला मारपीट तक जा पहुंचा. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज किया था, लेकिन समाज में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश था. भीम आर्मी ने समर्थन में निकला जुलूस इसी घटना के विरोध में आज समाज के लोग और भीम आर्मी के कार्यकर्ता टाउन हॉल में एकत्रित हुए. वहां से दुल्हन को दोबारा घोड़ी पर बिठाया गया और शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट लाया गया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि समाज की परंपराओं और सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. '12 आरोपी थे, सिर्फ 4 को पकड़ा' दुल्हन पूजा मेघवाल और समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि पुलिस ने 12 में से सिर्फ 4 आरोपियों को पकड़ा है. विरोध प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया. इसमें मांग की गई है कि हरियाव गांव की घटना में शामिल शेष आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.