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राजेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधाएं

 आगरा आगरा के राजपुर चुंगी स्थित प्राचीन राजेश्वर महादेव मंदिर में प्रदेश सरकार 1.42 करोड़ रुपये की लागत से काम कराएगी। इसमें मुख्य मार्ग पर भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण होने के साथ मंदिर परिसर में फ्लोरिंग और स्टोन क्लैडिंग का काम किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेंच, पानी की सुविधाएं होंगी तथा मंदिर परिसर में ड्रेनेज की व्यवस्था की जाएगी। राजेश्वर महादेव मंदिर शहर के चार प्रमुख शिवालयों में से एक माना जाता है। यहां सावन में और महाशिवरात्रि पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। सौंदर्यीकरण के तहत मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंच, दिशा-निर्देश के लिए साइनेज, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, विश्राम स्थल और बेहतर प्रकाश व्यवस्था की जा रही है, ताकि दर्शनार्थियों को कोई परेशानी न हो। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि राजेश्वर महादेव मंदिर का पर्यटन विकास क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देगा। जो काम होंगे, उससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रदेश सरकार का उद्देश्य धार्मिक स्थलों को केवल आस्था तक सीमित न रखकर उन्हें स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार से भी जोड़ना है। इससे स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प, छोटे व्यवसाय और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। दिन में तीन बार रंग बदलता है शिवलिंग राजेश्वर मंदिर के बारे में मान्यता है कि शिवलिंग दिन में तीन बार अपना रंग बदलता है। सुबह मंगला आरती के दौरान सफेद रंग, दोपहर की आरती के दौरान हल्का नीला और शाम की आरती के दौरान गुलाबी नजर आता है। 900 साल पुराने मंदिर की स्थापना के बारे मेंं किंवदंती प्रचलित है, जिसके अनुसार राजाखेड़ा निवासी सेठ नर्मदा नदी के पास से बैलगाड़ी से शिवलिंग स्थापित करने के लिए ले जा रहे थे। मंदिर के नजदीक ही एक कुआं था, आराम करने के दौरान सेठ को शिवजी ने स्वप्न दिया कि शिवलिंग को यहीं स्थापित कर दिया जाए। सेठ ने इसकी अनदेखी की और शिवलिंग को ले जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन शिवलिंग वहीं स्थिर हो गया। तभी से यहां शिवलिंग स्थापित है।  

ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर झांसा, युवक से करीब 2 लाख की साइबर ठगी

 रांची  शहर में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक मामले में लिंक ओपन करते ही युवक के दो बैंक खातों से 1.93 लाख रुपये की निकासी कर ली गई, जबकि दूसरे मामले में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करीब दो लाख रुपये की ठगी कर ली गई। दोनों मामलों में साइबर अपराध थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पहला मामला ओरमांझी निवासी बबन वर्मा से जुड़ा है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर आरटीओ के नाम से एक लिंक आया था। गलती से लिंक ओपन करते ही उनके एक्सिस बैंक और पंजाब नेशनल बैंक खाते से कुल 1 लाख 93 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। वहीं दूसरा मामला गुमला निवासी चंदन कुमार से संबंधित है, जो वर्तमान में सीआरपीएफ झारखंड सेक्टर कार्यालय, धुर्वा में कार्यरत हैं। चंदन कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्हें टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेडिंग का ऑफर दिया गया था। इसके बाद उन्हें एक व्हाट्सएप नंबर से जोड़कर मोटे मुनाफे का लालच दिया गया। पीड़ित के अनुसार उन्होंने पहले 50 हजार रुपये भेजे। बाद में अधिक मुनाफा दिखाकर अलग-अलग चरणों में 70 हजार और फिर 80 हजार रुपये जमा कराए गए। आरोपितों ने ट्रेडिंग फीस और प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर रुपये लिए, लेकिन रकम वापस नहीं की। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं।

बिहार पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने का मंत्री का संकल्प

पटना बिहार सरकार के नवनियुक्त पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने शुक्रवार को मुख्य सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में पर्यटन विभाग का कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने बिहार को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन राज्यों में शामिल करने की प्रतिबद्धता जताई। इस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यभार ग्रहण समारोह में पर्यटन विभाग के सचिव (अतिरिक्त प्रभार) अभय कुमार सिंह, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंद किशोर, पर्यटन निदेशक उदयन मिश्रा, संयुक्त सचिव इंदु कुमारी, संयुक्त निदेशक राजेश रौशन समेत विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। बिहार की सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर लाने की बात पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि यह उनके जीवन का बेहद महत्वपूर्ण और भावुक क्षण है। उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालना केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की सेवा का बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि बिहार भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का केंद्र रहा है। भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति, गुरु गोविंद सिंह का जन्म, भगवान महावीर की तपोभूमि और माता जानकी की पावन स्मृतियां बिहार को विशेष पहचान देती हैं। बिहार की मिट्टी में इतिहास, संस्कृति और अध्यात्म की ऐसी शक्ति है, जो दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करती है। पर्यटन स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण पर जोर पर्यटन मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में राज्य के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों का व्यापक विकास कराया जाएगा। प्रमुख पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण के साथ वहां आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सड़क, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगा प्रचार-प्रसार उन्होंने कहा कि बिहार के पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक देशी और विदेशी पर्यटक बिहार आएं। सरकार का उद्देश्य है कि बिहार की पहचान केवल इतिहास तक सीमित न रहे, बल्कि आधुनिक पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य नई मिसाल कायम करे। पर्यटन से रोजगार और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार, व्यापार और आर्थिक विकास का मजबूत आधार भी है। पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। साथ ही स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्प से जुड़े लोगों, संस्कृतिकर्मियों और छोटे व्यापारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। अधिकारियों से टीम भावना के साथ काम करने की अपील मंत्री ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को पूरी प्रतिबद्धता के साथ बिहार के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए काम करना होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पर्यटन विभाग जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करेगा और हर निर्णय में जनता का हित सर्वोपरि रखा जाएगा।

तीन साल बाद रांची में जल शुल्क विवादों पर सुनवाई की प्रक्रिया फिर शुरू

रांची  तीन साल के लंबे इंतजार के बाद रांची नगर निगम अब सप्लाई पानी बिल से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई करने जा रहा है। नगर निगम की जलापूर्ति शाखा ने वार्ड संख्या 1 से 53 तक के उन उपभोक्ताओं के लिए आम सूचना जारी की है, जिनके पास निगम से स्वीकृत जल संयोजन है। निगम ने कहा है कि जल शुल्क से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उपभोक्ता अगले सात दिनों के भीतर आवेदन जमा कर सकते हैं। जारी सूचना के अनुसार, उपभोक्ताओं को जलापूर्ति शाखा में जल शुल्क विपत्र, जल संयोजन स्वीकृति पत्र एवं अन्य संबंधित दस्तावेजों के साथ आवेदन देना होगा। निगम प्रशासन का कहना है कि प्राप्त आवेदनों पर यथाशीघ्र कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समाधान किया जाएगा। वेबर्स कमेटी नहीं बनने से तीन साल तक अटकी रही सुनवाई दरअसल, रांची नगर निगम चुनाव नहीं होने के कारण पिछले तीन वर्षों से वेबर्स कमेटी का गठन नहीं हो पा रहा था। इस कमेटी में नगर आयुक्त, मेयर, पार्षद और जलापूर्ति शाखा के इंजीनियर सदस्य होते हैं। मेयर और पार्षद नहीं रहने से कमेटी के गठन के लिए आवश्यक कोरम पूरा नहीं हो पा रहा था। इसी वजह से पानी बिल, नए जल कनेक्शन और अन्य शिकायतों से जुड़े सैकड़ों मामलों की सुनवाई लंबित पड़ी रही। लोगों द्वारा आवेदन देने के बावजूद मामलों का निपटारा नहीं हो सका। बिना कनेक्शन के भेजा जा रहा था पानी बिल नगर निगम में सबसे अधिक शिकायतें उन उपभोक्ताओं की हैं, जिनका कहना है कि उनके घरों में पानी का कनेक्शन ही नहीं है, इसके बावजूद हर महीने पानी का बिल भेजा जा रहा है। वहीं कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उनके यहां वर्षों पुराना कनेक्शन तो है, लेकिन आज तक सप्लाई पानी नहीं पहुंचा। इसके बावजूद नियमित रूप से जलशुल्क वसूला जा रहा है। अब घर-घर जाकर होगी जांच जलापूर्ति शाखा में आने वाली शिकायतों की जांच के लिए नगर निगम की इंजीनियरों की टीम संबंधित उपभोक्ताओं के घर-घर जाएगी। जांच के दौरान संबंधित वार्ड के पार्षद भी मौजूद रहेंगे। शिकायतों की जांच रिपोर्ट तैयार कर वेबर्स कमेटी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद कमेटी मामले की सुनवाई कर अंतिम निर्णय लेगी।  

Ajay Devgn और Ranbir Kapoor फिर साथ आ सकते हैं, Luv Ranjan की एक्शन-थ्रिलर पर चर्चा तेज

Ajay Devgn और Ranbir Kapoor. 15 साल पहले Prakash Jha की Rajneeti में दोनों ने नाम साथ काम किया था. उसके बाद ये दोनों कभी एक फिल्म में नहीं आए. मगर अब ख़बर है कि इन दोनों को लेकर एक ज़बरदस्त Action Drama Thriller आकार ले रही है. इसे Pyaar ka Punchnama फेम Luv Ranjan बना रहे हैं. इस फिल्म की ख़बर ही नहीं, इसकी थीम भी चर्चा में है. ऑलवेज़ बॉलीवुड नाम के X हैंडल के मुताबिक दोनों एक्टर्स अपने-अपने रनिंग प्रोजेक्ट्स खत्म करके इस फिल्म पर जुटेंगे. रणबीर कपूर फिलहाल Nitesh Tiwari की Ramayana शूट कर रहे हैं. और अजय देवगन Rohit Shetty की Golmaal 5 में बिज़ी हैं. अब इस फिल्म पर आते हैं. असल में ये फिल्म नई नहीं है. साल 2018-19 में भी इसकी चर्चा हुई थी. IANS से बातचीत में ख़ुद लव रंजन ये फिल्म कन्फर्म की थी. ट्रेड एनलिस्ट तरण आदर्श ने भी सोशल मीडिया पर इस फिल्म के बारे में लिखा था. फिर ये ठंडे बस्ते में चली गई. साल 2025 में इसके रिवाइवल की ख़बरें आईं, मगर नतीजा सिफ़र ही रहा. मगर अब एक बार फिर इसके बनने के आसार नज़र आ रहे हैं.  दो भाइयों की दुश्मनी है फिल्म का प्लॉट सोशल मीडिया पर फिल्म का प्लॉट भी खुल गया है. इस पोस्ट के मुताबिक कहानी दो चचेरे भाइयों की है, जिनके पिता कुछ ग़लतफ़हमियों के चलते दूर हो गए. रिश्तों में कड़वाहट इतनी बढ़ गई, कि अब ये दोनों भाई एक-दूसरे के दुश्मन बन गए हैं. लेकिन एक सेकेंड… ये कहानी तो देखी-सुनी सी मालूम होती है. संदीप रेड्डी वांगी की ‘एनिमल’ का प्लॉट भी तो कुछ ऐसा ही था. अनिल कपूर यानी बलबीर सिंह और उसके चाचा के परिवार के बीच कुछ ग़लतफ़हमी हुई और इन दोनों के बेटे एक-दूसरे के ख़ून के प्यासे हो गए. चूंकि अभी मेकर्स की तरफ़ से इस फिल्म या इसकी बारे में कोई स्टेटमेंट नहीं आया है. इसलिए अभी ये नहीं कहा जा सकता कि फिल्म का प्लॉट यही है. या फिर कुछ और. या फिर मेकर्स इसमें तब्दीली कर रहे हैं. मगर यदि कहानी ऐसी ही है, तो ‘एनिमल’ से मिलती-जुलती है. इन बातों में कितनी सच्चाई है ये तो मेकर्स के अनाउंसमेंट के बाद ही पता चलेगा. मगर यदि ये फिल्म बनती है, तो रणबीर कपूर और अजय देवगन को दोबारा स्क्रीन पर देखना दिलचस्प होगा. अजय ने पिछले काफ़ी समय से इस जॉनर की फिल्म नहीं की है. जब‍कि इंटेंस रोल्स में पब्लिक ने उन्हें हमेश पसंद किया है. रही रणबीर की बात, तो उनके लाइन-अप में अभी हिंदी सिनेमा के दिग्गजों की मेगाबजट फिल्में हैं. इनमें ‘रामायण’ के दोनों पार्ट, संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’, संदीप रेड्डी वांगा की ‘एनिमल पार्क’, अयान मुखर्जी की ‘ब्रह्मास्त्र 2’ और यशराज फिल्म्स की ‘धूम 4’ शामिल है. इनमें से ‘ब्रह्मास्त्र 2’ और ‘धूम 4’ तो अभी दूर की कौड़ी हैं, और इनके बारे में कोई घोषणा नहीं हुई है. मगर बाकी फिल्में तो ऑफिशियली अनाउंस हो चुकी हैं. बल्कि ‘रामायण’ और ‘लव एंड वॉर’ की तो आधी से ज्यादा शूटिंग भी हो चुकी है. ऐसे में यदि लव रंजन की ये कथित फिल्म धरातल पर आ भी गई, तो रणबीर इसे अगले दो-तीन साल तो वक्त नहीं दे पाएंगे.

वैदेही चौधरी और जील देसाई क्वार्टर फाइनल में, भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन

कर्नाटक सभी शीर्ष वरीय खिलाड़ियों के गुरुवार को अपने सिंगल्स मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचने से तुमकुरु ओपन आईटीएफ डब्ल्यू35 में रोमांचक मुकाबलों के लिए मंच तैयार हो गया। लिथुआनिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त जस्टिना मिकुलस्काइट ने पोलैंड की जुजाना कोलोनस के विरुद्ध पहला सेट गंवाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए 0-6, 6-3, 6-1 से जीत दर्ज की। दूसरी वरीयता प्राप्त जुजाना पावलिकोवस्का ने भी भारत की सोनल पाटिल पर सीधे सेट में जीत दर्ज की जबकि तीसरी वरीयता प्राप्त वैदेही चौधरी और चौथी वरीयता प्राप्त जील देसाई ने अपने मुकाबले जीतकर अंतिम आठ में भारत की मजबूत मौजूदगी सुनिश्चित की। वैदेही और जील की आसान जीत वैदेही हमवतन मधुरिमा सावंत पर 6-2, 6-2 की जीत के दौरान पूरी तरह से नियंत्रण में दिखीं जबकि जील ने जेनिफर लुइखाम को 6-2, 6-3 से हराया। डबल्स में श्राव्या शिवानी चिलकलापुडी और जील ने लक्ष्मीसिरी दंडू और चेविका रेड्डी सामा की हमवतन भारतीय जोड़ी पर सीधे सेट में जीत के साथ सेमीफाइनल में प्रवेश किया। आकांक्षा दिलीप निटुरे और मिचिका ओजेकी की भारत-जापान की जोड़ी ने पहला सेट गंवाने के बाद दीवा भाटिया और जेनिफर लुइखाम को हराया। यह वीडियो भी देखें वैदेही और जुजाना की भी जीत शीर्ष वरीयता प्राप्त वैदेही और जुजाना पावलिकोवस्का ने भी सोहा सादिक और मधुरिमा सावंत की भारत की जोड़ी पर शानदार जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई जबकि जेनिया लास्कुतोवा और एलिना नेप्लि ने भारत की ऐश्वर्या जाधव और आकृति नारायण सोनकुसारे को हराया।  

‘धुरंधर’ यूनिवर्स अभी खत्म नहीं! ज्योति देशपांडे के बयान से ‘धुरंधर 3’ की चर्चा तेज

Aditya Dhar की Dhurandhar और Dhurandhar: The Revenge हिंदी सिनेमा के लिए गेम चेंजर साबित हुई. इन दोनों फिल्मों ने मिलकर दुनियाभर से 3100 करोड़ रुपए से ज़्यादा की कमाई की. 'धुरंधर' एक ही फिल्म होने वाली थी. मगर फिल्म लंबाई को देखते हुए मेकर्स ने इसे दो पार्ट में तोड़ने का फैसला किया. पब्लिक को लगा कि दोनों पार्ट्स आ चुके हैं. अब ये कहानी खत्म हो गई. मगर इस फिल्म की प्रोड्यूसर Jyoti Deshpande ने अचानक एक बड़ा खुलासा कर दिया. उनका कहना है कि ये कहानी अभी खत्म नहीं हुई. बॉलीवुड हंगामा से हुई हालिया बातचीत में जियो स्टूडियोज की ज्योति देशपांडे ने 'धुरंधर' फ्रैंचाइज़ के बारे में बात करते हुए कहा, "धुरंधर के साथ अभी हमारा काम खत्म नहीं हुआ है. उम्मीद है कि इस साल के अंत तक दर्शकों के लिए हमारे पास एक सरप्राइज़ होगा. कुछ खास चीज़ है हमारे पास." ज्योति देशपांडे ने ये तो नहीं बताया कि वो सरप्राइज़ क्या है. मगर इस चीज़ ने दर्शकों को काफी उत्साहित कर दिया है. 'धुरंधर 2' की रिलीज़ के बाद से ऐसी रिपोर्ट्स आ रही थीं कि प्रोड्यूसर्स ने आदित्य धर से इस फ्रैंचाइज़ का तीसरा पार्ट बनाने की बात की है. अब ये आदित्य का फैसला होगा कि वो इस कहानी को आगे बढ़ाना चाहते हैं. या इससे आगे बढ़ना चाहते हैं.   मगर ज्योति के इस बयान ने 'धुरंधर 3' की खबरों को एक बार फिर हवा दे दी है. हालांकि पुख्ता तौर पर ये कह पाना कि वो जिस सरप्राइज़ की बात कर रही हैं, वो 'धुरंधर 3' ही हो, ये ज़रूरी नहीं है. हो सकता है मेकर्स फिल्म के किसी किरदार पर स्पिन-ऑफ फिल्म बना रहे हों. या फिल्म के उन हिस्सों को रिलीज़ करना चाहते हों, जिन्हें दोनों में से किसी फिल्म में जगह नहीं मिल पाई. मगर एक बात तो तय है कि ये जो कुछ भी है 'धुरंधर' यूनिवर्स का ही हिस्सा है. 'धुरंधर' फिल्म सीरीज ने हिंदी सिनेमा को कई मायनों में रिवॉल्यूशनाइज़ किया है. चाहे वो क्राफ्ट के लेवल पर हो, बॉक्स ऑफिस की बात हो, या फिर एक्टर्स की परफॉर्समेंस ही क्यों न हो. 'धुरंधर' ने देसी स्पाय फिल्मों का तो पूरा सिस्टम ही बदलकर धर दिया. इसी का नतीजा रहा कि इन दोनों फिल्मों ने दुनियाभर से 3100 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया. 'धुरंधर' ने देशभर से 840 करोड़ रुपए कमाए. वहीं 'धुरंधर 2' का इंडिया कलेक्शन 1100 करोड़ रुपए के पार रहा. 'धुरंधर 2' वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस के मामले में 'दंगल' के बाद भारत की दूसरी सबसे कमाऊ हिंदी फिल्म है. 'धुरंधर' फिल्म फ्रैंचाइज़ में रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी, सारा अर्जुन, गौरव गेरा, दानिश पंडोर जैसे एक्टर्स ने काम किया है. इन दोनों फिल्मों को आदित्य धर ने डायरेक्ट किया है.

भदवासिया में गोवंश जलने की घटना, CCTV से सच तलाश रही पुलिस

जोधपुर  राजस्थान के जोधपुर जिले के भदवासिया 80 फीट रोड पर गुरुवार शाम को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्थानीय लोगों ने एक जला हुआ गोवंश देखा. घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में तनाव फैल गया और बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए. सूचना पर पहुंची पुलिस ने संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत गोवंश को कब्जे में लिया और रात को ही पशु चिकित्सालय भिजवाया. पुलिस प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए रात में ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करवाई. थाने पर हंगामा, रात में हुआ पोस्टमार्टम पोस्टमार्टम के बाद जब गोवंश को दोबारा माता का थान थाना लाया गया, तो वहां मौजूद गोभक्तों का गुस्सा फूट पड़ा. गोभक्त और पुलिस के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक और बहस होती रही. गोभक्तों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए जांच की मांग की. पुलिस अधिकारियों की समझाइश और काफी मशक्कत के बाद मामला शांत हुआ. इसके बाद पुलिस की भारी मौजूदगी में गोवंश का विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार करवाया गया. CCTV फुटेज में छिपा है सच पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच हर एंगल से कर रही है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि गोवंश जला कैसे? पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह किसी शॉर्ट सर्किट या कूड़े में लगी आग की वजह से हुआ कोई हादसा था, या फिर किसी शरारती तत्व ने शहर का माहौल बिगाड़ने के लिए जानबूझकर इस वारदात को अंजाम दिया है. फिलहाल माता का थान थाना पुलिस ने इलाके में लगे आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है. पुलिस ने की शांति बनाए रखने की अपील पुलिस का कहना है कि फुटेज के जरिए गोवंश के जलने के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है. अधिकारियों ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

SBI हड़ताल: 16 मांगों को लेकर बैंक कर्मचारी 25-26 मई को विरोध में

 रांची  स्टेट बैंक आफ इंडिया के ग्राहक अलर्ट हो जायें। क्योंकि पूरे देश के बैंक कर्मचारी 25 और 26 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। जिसके कारण केवल दो दिन नहीं बल्कि पांच दिन तक बैंक के कामकाज प्रभावित होंगे। 23 मई को चौथा शनिवार है, 24 को रविवार। 25 और 26 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल और 27 मई बुधवार को बकरीद की छुट्टी है। आल इंडिया स्टेट बैंक आफ इंडिया फेडरेशन ने बैंक प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों के हितों की अनदेखी और 16 लंबित मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया है। फेडरेशन के महासचिव एल चंद्रशेखर ने कहा कि प्रबंधन के साथ बार-बार चर्चा के बाद भी कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान नहीं हुआ, जिसके कारण हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को होने वाली असुविधा के लिए हम क्षमाप्रार्थी हैं, लेकिन हम यह कदम कर्मचारियों के न्यायपूर्ण अधिकार के लिए अनिवार्य है। यह वीडियो भी देखें कर्मचारियों के हड़ताल की मुख्य मांगे     एनपीएस में सुधार-नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत फंड मैनेजर बदलने का विकल्प देना     भर्ती पर रोक-पिछले तीन दशकों से मैसेंजर और कुछ वर्षों से सशस्त्र गार्ड की भर्ती न होने का विरोध     नई बहाली-कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए नई बहाली सुनिश्चित हो     वेतन समानता- 12वें द्विपक्षीय समझौते के बाद वेतन विसंगति और स्पेशल पे मुद्दा     आउटसोर्सिंग का विरोध- स्थायी नौकरियों के आउटसोर्सिंग का विरोध     सुरक्षा और कामकाजी स्थितियां-बैंक में सुरक्षा की कमी और कर्मचारी विरोधी नीतियों का विरोध     एचआरएमएस की खामियों को दुरूस्त करने की मांग     क्रास सेलिंग के नाम पर मिस सेलिंग बंद करने की मांग क्यों प्रभावित रहेगा 5 दिन काम?     23 मई: चौथा शनिवार (बैंक अवकाश)    24 मई: रविवार (साप्ताहिक अवकाश) 25 मई: राष्ट्रव्यापी हड़ताल 26 मई: राष्ट्रव्यापी हड़ताल 27 मई: बकरीद (सार्वजनिक अवकाश)  

सीकर के जाजोद गांव में मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, स्कूल में शुरू होगा विज्ञान संकाय

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का “गांव चली सरकार” अभियान के तहत शुक्रवार (7 मई) को सीकर जिले के जाजोद गांव में पहुंचे. गुरुवार (6 मई) देर रात तक ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाने के बाद मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह सूरज निकलते ही गांव की गलियों में पहुंच गए. ग्रामीण जब अपने घरों से बाहर निकले तो उन्होंने मुख्यमंत्री को गांव की सड़कों और गलियों में पैदल घूमते हुए पाया. इसी दौरान उन्होंने गांव की छात्राओं की उस मांग को भी पूरा कर दिया, जो रात्रि चौपाल में उनके सामने रखी गई थी. सरकार की योजनाओं का लिया फीडबैक सीएम ने बिना औपचारिकता के गांव के बुजुर्गों, महिलाओं,  किसानों, पशुपालकों, फल-सब्जी विक्रेताओं और युवाओं से आत्मीय संवाद किया. उन्होंने ग्रामीणों से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लिया और गांव की मूलभूत समस्याओं की जानकारी भी जुटाई. छात्राओं ने साझा की थी पीड़ा गुरुवार को रात्रि चौपाल के दौरान छात्राओं ने सीएम से कहा था कि सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विज्ञान संकाय की सुविधा नहीं है. जिसके कारण उन्हें या तो मजबूरी में अन्य विषयों से पढ़ाई करनी पड़ती है या फिर विज्ञान पढ़ने के लिए घर से काफी दूर जाना पड़ता है. छात्राओं की बात सुनते ही सुनकर मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनके स्कूल में विज्ञान संकाय अवश्य खोला जाएगा. रात को ही उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दे दिए. इसी सत्र से पढ़ाई शुरू शुक्रवार सुबह जब बालिकाएं स्कूल जाते समय मुख्यमंत्री से एक बार फिर मिलीं और अपनी मांग दोहराई. मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए बताया कि जाजोद के स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू हो चुका है. राज्य सरकार की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं. अब इस विद्यालय में आप गणित और जीव विज्ञान, दोनों में से अपनी रुचि अनुसार विषय चुनकर इसी साल से पढ़ाई कर सकती हैं. मुख्यमंत्री के मुंह से खुशखबरी सुनकर बच्चियों के चेहरे खिल उठे. उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया. उनका कहना था कि उन्हें यकीन ही नहीं हो पा रहा कि उनकी मांग इतनी जल्दी पूरी होगी.